Author: Sunil Agrawal

  • रामदेव को भेजा गया 1000 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस, दिया अल्‍टीमेटम, जाने किसने भेजा….?

    रामदेव को भेजा गया 1000 करोड़ रुपये का मानहानि नोटिस, दिया अल्‍टीमेटम, जाने किसने भेजा….?

    हरिद्वार। योगगुरु स्वामी रामदेव और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के बीच जारी विवाद थमता नहीं दिख रहा है. डॉक्टरों के खिलाफ विवादित बयान देने को लेकर अब IMA की उत्तराखंड शाखा ने पतंजलि योगपीठ के प्रमुख स्वामी रामदेव को मानहानि का नोटिस भेजा है. इस नोटिस में कहा गया है कि बाबा रामदेव अपने बयान के लिए 15 दिनों के भीतर माफी मांगें, नहीं तो IMA उनके खिलाफ 1000 करोड़ रुपए का दावा ठोकेगा. डॉक्टरों के संगठन ने मांग की है कि रामदेव को इस बयान के खिलाफ लिखित में माफी मांगनी होगी, अन्यथा कानूनी रूप से ये दावा ठोका जाएगा।

    आईएमए ने बाबा रामदेव को भेजे नोटिस में कहा है कि उनके बयान से संगठन से जुड़े डॉक्टरों के प्रति आम लोगों के मन में साख को अप्रत्यक्ष रूप से हानि पहुंची है. कानूनी नोटिस में इसे अपराध बताते हुए सजा और जुर्माने का भी जिक्र किया गया है. IMA ने योगगुरु को साफ-साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर इस पत्र मिलने के 15 दिनों के भीतर वे अपने बयान के लिए माफी मांगें. जिस तरह उनका पहले के बयान का वीडियो मीडिया और सोशल मीडिया पर प्रचारित किया गया, उसी तरह बाबा रामदेव माफी मांगने का वीडियो भी प्रचारित करें. साथ ही लिखित में माफी मांगें, अन्यथा उनके खिलाफ 1000 करोड़ रुपए का दावा ठोका जाएगा।

    IMA ने स्वामी रामदेव की पतंजलि कंपनी के उत्पाद श्वासरि कोरोनिल किट को लेकर भी आपत्ति जताई है. संगठन ने रामदेव से कहा है कि इस सूचना मिलने के 76 घंटों के भीतर वे कोरोनिल किट से जुड़े सभी विज्ञापन भी वापस लें, जिसके बारे में दावा किया गया है कि यह कोविड-19 की वैक्सीन लगने के बाद साइड इफेक्ट के दुष्प्रभाव से बचाती है और कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए भी प्रभावी दवा है. IMA ने रामदेव और उनके सहयोगियों पर कोरोनिल किट के बारे में भ्रामक विज्ञापन प्रसारित-प्रचारित करने का आरोप लगाया है।

  • युद्धवीर ने उमेश पटेल से पूछा, कब मिलेगा हमारे क्षेत्र के लाडले को इंसाफ ?

    युद्धवीर ने उमेश पटेल से पूछा, कब मिलेगा हमारे क्षेत्र के लाडले को इंसाफ ?

    भाजपा के पूर्व विधायक युद्धवीर सिंह जूदेव ने आज अपने फेसबुक पोस्ट में आज प्रदेश सरकार के मंत्री से ही पूछ दिया कि झीरम घाटी कांड के शहीदों को कब न्याय मिलेगा ? आगे उन्होंने यह भी लिखा है कि यदि आपकी सरकार इन्हें न्याय नहीं दे सकती तो आप राजनीति छोड़ दें।

    जैसा कि विदित है कि मंगलवार को प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सबसे बड़े लोमहर्षक कांड झीरम घाटी कांड की बरसी थी। इस जघन्य कांड में कांग्रेस के कई नेता मारे गए थे जिसमें रायगढ़ ही नहीं बल्कि प्रदेश के लोकप्रिय नेता शहीद नंदकुमार पटेल व उनके बेटे दिनेश पटेल भी शामिल थे। इस घटना के भी 8 साल हो गए लेकिन जांच खत्म होने के बाद भी यह पता नहीं चल पाया कि इस घटना में किसका हाथ था।

    कांग्रेस शुरू से ही कहती रही है कि यह घटना राजनीतिक हत्या है और इसके पीछे गहरी साजिश है। कांग्रेस ने यह सवाल उस समय भी उठाया था कि जांच एजेंसीज ने राजनीतिक षड्यंत्र को जांच का बिंदु नहीं बनाया। उनकी मांग थी कि जांच में इसे भी एक बिंदु बनाकर जांच की जाय।

    बहरहाल यह पहली बार है जब भाजपा के किसी नेता ने यह सवाल उठाया हो। हालांकि युद्धवीर ने शुरू से ही शाहिद नंदकुमार पटेल के लिए न्याय की बात की है और भाजपा की ओर से उन्होंने ही इसे षड्यंत्र कहा है।

  • कांग्रेस नेता की पोस्ट पर सोशल मीडिया में बवाल, झीरम घाटी बरसी पर किया पोस्ट…

    कांग्रेस नेता की पोस्ट पर सोशल मीडिया में बवाल, झीरम घाटी बरसी पर किया पोस्ट…

    झीरम घाटी के शहीदों को देश और प्रदेश के लोग श्रद्धांजलि दे रहे थे। कोई समाधि स्थल पहुंचकर तो कहीं कार्यक्रम के द्वारा तो कई लोग सोशल मीडिया पर झीरम के शहीदों को श्रद्धांजलि दे रहे थे। ऐसे में कांग्रेस नेता चौलेश्वर चंद्राकर भी नंदेली पहुंचकर शाहिद स्मारक में श्रद्धांजलि दी और उसका एक पोस्ट भी सोशल मीडिया पर साझा किया। लेकिन उन्होंने झीरम के शहीदों में उमेश पटेल का नाम भी लिख दिया।

    यह पोस्ट सोशल मीडिया में वायरल होने लग गया। लोग कमेंट कर उनसे सवाल पूछने लगे। इसके बाद उन्होंने उस पोस्ट को एडिट कर दिया और उसमें शहीद दिनेश पटेल के नाम का उल्लेख किया। लेकिन तब तक उसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया में वायरल होने लग गया और लोग उसपर तरह तरह के कमेंट करने लग गए।

  • जिला एवं तहसील मुख्यालय में बाढ़ आपदा राहत के लिये कंट्रोल रूम स्थापित,संयुक्त कलेक्टर सुमित अग्रवाल प्रभारी अधिकारी नियुक्त….

    जिला एवं तहसील मुख्यालय में बाढ़ आपदा राहत के लिये कंट्रोल रूम स्थापित,संयुक्त कलेक्टर सुमित अग्रवाल प्रभारी अधिकारी नियुक्त….


    रायगढ़। आगामी मानसून को देखते हुए कलेक्टर भीम सिंह ने बाढ़ आपदा राहत से संबंधित कार्य के लिये जिला एवं तहसीलवार कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए थे। जिस पर कंट्रोल रूम स्थापित करते हुए इमरजेंसी नंबर जारी किए गए। इस कंट्रोल रूम पर बाढ़ राहत सहित निगरानी रखी जाएगी। कलेक्टर सिंह के निर्देशन में 01 जून 2021 से जिला कार्यालय के कक्ष क्रमांक 19 में बाढ़ आपदा राहत कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है। जिसका दूरभाष नंबर 07762-223750 है। जिसमें संयुक्त कलेक्टर सुमित अग्रवाल मोबा.नं. 99079-86830 को बाढ़ आपदा राहत शाखा के प्रभारी अधिकारी बनाये गये है तथा तहसील स्तर पर बने कंट्रोल रूम में नायब तहसीलदार को नोडल अधिकारी नियुक्त किये गये है। साथ ही जिला कार्यालय के कंट्रोल रूम में तीन पालियों में नगर सैनिकों की ड्यूटी लगाई गई है। जिनका मोबाइल नंबर 9165723499-9340958678-9907731703-78998309287-7974539775-6264202736 है।
    तहसीलवार बने बाढ़ नियंत्रण कंट्रोल रूम
    तहसील रायगढ़ के कंट्रोल रूम 07762-222133 में नायब तहसीलदार विक्रांत सिंह राठौर मोबा.91315-80227 को कंट्रोल रूम प्रभारी बनाया गया है। इसी तरह पुसौर-07762-222862 नायब तहसीलदार आयुष तिवारी मोबा.90986-79370, बरमकेला-07768-265041 नायब तहसीलदार श्रीमती प्रेमा किसपोट्टा मोबा.96170-66079, सारंगढ़-07768-233708 नायब तहसीलदार राकी एक्का मोबा.87703-40536, खरसिया-07762-272757 नायब तहसीलदार अरपन कुर्रे मोबा.97542-13789, घरघोड़ा-07767-284861 प्रभारी तहसीलदार हितेश कुमार साहू मोबा.96699-24292, तमनार-07767-281741 नायब तहसीलदार अनुराधा पटेल मोबा.87708-10450, लैलूंगा-07767-274275 नायब तहसीलदार लीलाधर चन्द्रा मोबा.99077-48330 एवं तहसील धरमजयगढ़ के कंट्रोल रूम 07767-266232 में नायब तहसीलदार उमेश्वर बाज मोबा.83499-87189 को कंट्रोल रूम प्रभारी बनाते हुये ड्यूटी लगाई गई है।

  • WhatsApp ने भारत सरकार पर मुकदमा दायर किया…

    WhatsApp ने भारत सरकार पर मुकदमा दायर किया…

    दिल्ली। WhatsApp ने भारत सरकार के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक केस फाइल किया है, जिसमें आज से लागू होने वाले नए आईटी नियमों को रोकने की मांग की गई है।मैंसेंजर ऐप ने कहा कि नए नियमों से यूजर्स का प्राइवेसी टू राइट कमजोर होगा।

    व्हाट्सएप ने भारत सरकार के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में एक केस फाइल किया है,जिसमें आज से लागू होने वाले नए आईटी नियमों को रोकने की मांग की गई है।व्हाट्सएप बनाम भारत सरकार का केस मंगलवार, 25 मई को फाइल किया गया,मैंसेंजर ऐप ने कहा कि नए नियमों से यूजर्स की प्राइवेसी प्रभावित होगी।

    दरअसल, केंद्र सरकार ने 25 फरवरी 2021 को भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय की तरफ से डिजिटल कंटेंट को रेग्यूलेट करने के लिए 3 महीने के भीतर कंप्लायंस अधिकारी, नोडल अधिकारी आदि को नियुक्त करने के निर्देश दिए थे।इन सभी का कार्यक्षेत्र भारत में होना जरूरी है,सरकार द्वारा दिए गए आदेश के तहत कंपनियों को कंप्लायंस अधिकारी को नियुक्त करना होगा और उनका नाम और कॉन्टैक्ट एड्रेस भारत का होना अनिवार्य है।

    चैट को ‘ट्रेस’ करने के लिए कहना फिंगरप्रिंट की जानकारी मांगने जैसा

    व्हाट्सएप की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि सरकार के नए दिशा निर्देशों में चैट ट्रेस करने की बात कही गई है और एक तरह से वैसे ही है जैसे हमारे यूजर्स के फिंगरप्रिंट की जानकारी मांगी जा रही हो। ये एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन को तोड़ देगा और लोगों के निजता के अधिकार को मौलिक रूप से कमजोर कर देगा। व्हाट्सएप की तरफ से कहा गया है कि हम इस मामले पर सिविल सोसाइटी के साथ में है,जो दुनिया भर में व्हाट्सएप इस्तेमाल करने वाले लोगों की निजता की बात करता है।

    व्हाट्सएप ने आग कहा, इस बीच, हम लोगों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से व्यावहारिक समाधानों पर भारत सरकार के साथ जुड़ना भी जारी रखेंगे,जिसमें हमारे पास उपलब्ध जानकारी के लिए वैध कानूनी अनुरोधों का जवाब देना भी शामिल है।

    फेसबुक ने कही थी ये बात
    गौरतलब है कि गूगल और फेसबुक ने मंगलवार को कहा था कि वे नए नियमों का पालन करने की कोशिश कर रहे हैं।फेसबुक ने कहा था कि ‘आईटी नियमों के अनुसार,हम परिचालन प्रक्रियाओं को लागू करने और दक्षता में सुधार करने की ओर काम कर रहे हैं।हम हमारे प्लेटफॉर्म पर लोगों को स्वतंत्र रूप से और सुरक्षित रूप से खुद को व्यक्त करने की क्षमता के लिए प्रतिबद्ध हैं।

  • डॉ रमन ने 3 पेज मे दिया लिखित जवाब और पुलिस के कामकाज पर ही उठा दिए सवाल…

    डॉ रमन ने 3 पेज मे दिया लिखित जवाब और पुलिस के कामकाज पर ही उठा दिए सवाल…

    रायपुर। पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने सिविल लाइन पुलिस की नोटिस का तीन पेज में लिखित जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि मैं एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी का उपाध्यक्ष हूं एवं 15 वर्षों तक छत्तीसगढ़ प्रदेश का मुख्यमंत्री रहा हूं, इस दौरान मैंने छत्तीसगढ़ पुलिस को बहुत ही सजगता एवं स्वच्छ छवि के साथ काम करते देखा है परंतु विगत 2 वर्षों से यह छवि धूमिल होती जा रही है। छत्तीसगढ़ पुलिस विगत वर्षों में अपने राजनीतिक आकाओं को प्रसन्न करने के लिए एक के बाद एक झूठी, राजनीतिक एवं व्यक्तिगत विद्वेष पूर्ण एफआईआर दर्ज कर रही है। जिस पर विभिन्न न्यायालयों द्वारा समय-समय पर हस्तक्षेप कर रोक लगाई गई है।

    मैं एक जिम्मेदार नागरिक हूं एवं राजनीतिक जीवन निर्वहन करने के कारण भी मेरा यह दायित्व है कि राष्ट्रहित एवं जन सामान्य के हितों की रक्षा करूं। वर्तमान समय में जब देश कोविड-19 जैसी आपदा से जूझ रहा है तब कांग्रेस पार्टी ऐसी विपदा को भी अपने स्वार्थ एवं राजनीतिक हित के अवसर के रूप में प्रयोग करते हुए आम जनता को विभिन्न प्रकार से दिग्भ्रमित कर रही है। ऐसी राजनीतिक पार्टी जो 70 वर्षों तक राष्ट्र में सरकार चला रही थी का दायित्व है कि वह राजनीति से ऊपर उठकर जनसामान्य को आपदा से राहत दिलाने के लिए कार्य करें किन्तु इसके सर्वथा विपरीत कांग्रेस पार्टी लोगों को दिग्भ्रमित करने के लिए सुनियोजित षडय़ंत्र कर अपने कार्यकर्ताओं को केन्द्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं एवं कार्यक्रमों को बाधित एवं बदनाम करने के लिए निर्देशित कर रही है।

    उपरोक्त कृत्य अत्यंत दुखी एवं व्यथित होकर मेरे द्वारा आम जनता को सही तथ्य बताने के उद्देश्य से मेरा ट्वीटर मैसेज 18 मई 2021 प्रसारित किया गया। संदेश का उद्देश्य सत्य को सामने लाना एवं जन सामान्य में उत्पन्न भ्रांति को दूर करना था। मेरे द्वारा किया गया ट्वीट राष्ट्र हित को ध्यान रखकर एवं जनता में जागरूकता कराने के उद्देश्य किया गया था जिस पर छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा एक बार फिर से सरकार के दबाव में आधारहीन एफआईआर लिखा गया है। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर से प्रथम दृष्टिया कोई अपराधिक मामला प्रदर्शित नहीं होता है परंतु क्योंकि हम एक विधि को मानने वाले नागरिक हैं, अत: उपरोक्त संदर्भित नोटिस के माध्यम से आपके द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर निम्नानुसार है।

    उत्तर 1-मेरा ऑफिशियल ट्वीटर अकाउंट या हैंडल @drramansingh है।
    उत्तर 2-मेरा ट्वीटर पेट एवं उसमें पोस्ट किए गए मैसेज एवं कमैंट्स सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है एवं उसको आपके द्वारा कहीं से भी पढ़ा एवं देखा जा सकता है।

    मेरा ट्वीटर अकाउंट में व्यक्तिगत जानकारियां हैं, अत: आपके द्वारा मेरे ट्वीटर अकाउंट की चाही गई एक्सेस विधिक एवं संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन में हैं एवं उससे मेरे निजता के मौलिक अधिकारों का हनन होगा।

    उत्तर 3- मेरे ट्वीटर संदेश 18 मई 2021 मेें मेरे व्यक्तिगत विचारों के साथ संलग्र दस्तावेज ट्वीट करने के पूर्व से हैं, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होकर प्रसारित हो रहे थे।
    उत्तर 4- मेरे ट्वीटर संदेश से जुड़े जो भी संचार-संवाद हुए हैं वो सभी मेरे ट्वीटर पेज पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।

    मेरे द्वारा 18 मई 21 को किया गया संदर्भित ट्वीट मेरे विचारों की अभिव्यक्ति है। ऐसे समय में जब राष्ट्र कोविड-19 जैसे गंभीर महामारी से जूझ रहा है तब कांग्रेस पार्टी के माध्यम से सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान चलाकर, जनता को दिग्भ्रमित कर अराजकता फैलाने का दुष्कृत्य कर रही है। आधारहीन एफआईआर के माध्यम से मेरे अभिव्यक्ति के अधिकार और मेरी आवाज को दबाने का जो प्रयास किया जा रहा है वह निहायत ही असंवैधानिक एवं निंदनीय है। पुलिस द्वारा जल्दबाजी में दबाववश शिकायतकर्ता का कथन दर्ज किए बिना एवं उसके शिकायत की सत्यता को परखे बिना ही प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है एवं जिस प्रकार के प्रश्न मुझसे पूछे गए, उससे प्रदर्शित होता है कि यह पूरी कार्यवाही कांग्रेस पार्टी के झूठे साख को बचाने के लिए पुलिस के शक्तियों का दुरूपयोग करके किया गया है। यह एफआईआर मुझे व्यक्तिगत रूप से प्रताडि़त कर डराने एवं मेरी आवाज को दबाकर राजनीतिक द्वेष से मेरी छवि को धूमिल करने के लिए की गई है।

  • थप्पड़कांड पर बिफरा विपक्ष: पूर्व मंत्री अजय चंद्रकर ने CM से कहा- मैं अधिकारियों से मार खाना चाहता हूं

    थप्पड़कांड पर बिफरा विपक्ष: पूर्व मंत्री अजय चंद्रकर ने CM से कहा- मैं अधिकारियों से मार खाना चाहता हूं

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में हुए थप्पड़कांड़ की गूंज देशभर में सुनाई दी है. अब इस थप्पड़कांड़ को लेकर छत्तीसगढ़ की राजनीति में सियासी पारा तेज हो गया है. पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने सरकार की कार्रवाई को लेकर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी मैं अधिकारियों से मार खाना चाहता हूं, आप उनका ट्रांसफर तत्काल करेंगे क्या?

    पूर्व मंत्री अजय चंद्रकर ने CM से किया सवाल

    अजय चंद्राकर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके सीएम भूपेश बघेल से सवाल किया है. उन्होंने लिखा कि मैं अधिकारियों से मार खाना चाहता हूं, आप उनका ट्रांसफर तत्काल करेंगे क्या? छत्तीसगढ़ के निवासियों को ट्रांसफर करवाने के लिए सिर्फ मार खाने की जरूरत पड़ेगी. सारे प्रशासनिक झंझट लेन-देन से मुक्ति. नई प्रशासनिक शैली के लिए आपको बधाई।

    कलेक्टर रणबीर शर्मा पर हुई कार्रवाई

    बता दें कि सूरजपुर कलेक्टर रणबीर शर्मा को युवक को बीच सड़क पर थप्पड़ जड़ने के आरोप में हटा दिया गया है. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटना के बाद कलेक्टर को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए थे. सीएम ने ट्वीट कर बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से सूरजपुर कलेक्टर रणबीर शर्मा द्वारा एक नवयुवक से दुर्व्यवहार का मामला मेरे संज्ञान में आया है. यह बेहद दुखद और निंदनीय है. छत्तीसगढ़ में इस तरह का कोई कृत्य कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. कलेक्टर रणबीर शर्मा को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए हैं।

    सूरजपुर कलेक्टर रणबीर शर्मा को सयुंक्त सचिव मंत्रालय में नियुक्त किया गया है. इसी को लेकर पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाया है।

  • विवादों में घिरे बाबा रामदेव,योग गुरु के सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस बयान से मचा बवाल…

    विवादों में घिरे बाबा रामदेव,योग गुरु के सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस बयान से मचा बवाल…

    क्या कहा था बाबा रामदेव ने….“एलोपैथी ऐसी बेकार साइंस है कि पहले इनकी हाईड्रोऑक्सीक्लोरोक्विन फेल हो गई, फिर रेमडेसिविर फेल हो गई। फिर एंटीबायोटिक्स इनके फेल हो गए, स्टेरॉयड फेल हो गए। प्लाज्मा थेरेपी के ऊपर भी कल बैन लग गया। आइवरमेक्टिन भी फेल हो गई। बुखार के लिए फैबिफ्लू दे रहे हैं, वो भी फेल है।”

    एलोपैथी दवाओ को लेकर हुआ विवाद…

    भारतीय चिकित्सा संघ (आईएमए) ने शनिवार को केन्द्र सरकार से मांग किया कि ‘अज्ञानता भरी’ टिप्पणी करके कथित रूप से लोगों को भ्रमित करने और एलोपैथी दवाओं को ‘मूर्खतापूर्ण विज्ञान’ बताने के लिए योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, वहीं हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ ट्रस्ट ने इस टिप्पणी से इंकार करते हुए इसे ‘गलत’ बताया।

    आईएमए ने आरोप लगाया कि रामदेव स्थिति का फायदा उठाने और व्यापक पैमाने पर लोगों के बीच डर तथा आक्रोश पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। आईएमए ने कहा कि वह ऐसा इसलिए कर रहे हैं। ‘ताकि वह अपनी गैरकानूनी और गैर मान्यता प्राप्त तथाकथित दवाएं बेच सकें और लोगों की जान की कीमत पर पैसा कमा सकें।’

    स्वास्थ्य मंत्री से कही ये बात

    उसने कहा, ‘आईएमए मांग करती है और यह संकल्प लेती है कि अगर मंत्री हर्षवर्धन स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई नहीं कर रहे हैं तो हमें आम आदमी के समक्ष सच्चाई लाने के लिए लोकतांत्रिक माध्यमों का सहारा लेना पड़ेगा और न्याय पाने के लिए न्यायपालिका का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा।’

    वहीं दूसरी ओर बाबा रामदेव के बयान पर दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन ने शनिवार को पुलिस में शिकायत दर्ज करायी है।  पुलिस को दी गई शिकायत के साथ सौंपे गए बयान में डीएमए ने आरोप लगाया है, ‘संकट की इस घड़ी में पूरा देश महामारी के खिलाफ लड़ रहा है, अपना और अपने परिवार की जान जोखिम में डाल रहा है, जो संसाधन हैं, उन्हीं के बल पर मुकाबला कर रहा है। बाबा रामदेव ने निजी हित के लिए मेडिकल साइंस और मेडिकल पेशे की धज्जियां उड़ायी हैं।

    इस act के तहत हो कार्रवाई…

    रामदेव ने आगे कहा, “लोग कह रहे हैं कि यह क्या तमाशा हो रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि आप बॉडी का तापमान उतार देते हो, लेकिन शरीर के अंदर उस वायरस को खत्म नहीं कर रहे हो। जिस कारण बुखार हो रहा है उसका तो निवारण तुम्हारे पास है नहीं। इसलिए मैं जो बात कह रहा हूं, उस पर हो सकता है कि कुछ लोग इस पर बड़ा विवाद करें। लाखों लोगों की मौत एलोपैथी की दवा खाने से हुई है। जितने लोगों की मौत हॉस्पिटल न जाने और ऑक्सीजन न मिलने से हुई है, उससे ज्यादा मौतें एलोपैथी की वजह से हुई है। स्टेरॉयड की वजह से हुई है।”

    एसोसिएशन ने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि झूठी जानकारी फैला रहे इस तरह की वीडियो पर लगाम लगाई जाए। एसोसिएशन ने कहा, ‘रामदेव के खिलाफ महामारी अधिनियम, 1987 की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाना चाहिए। हम उनसे बिना शर्त माफी मांगने की मांग करते हैं. ऐसा न होने पर हम विरोध प्रदर्शन का आह्वान करेंगे।’

    बाबा रामदेव ने एलोपैथी पर दिए विवादित बयान लिया वापस, वाट्सएप मैसेज को दिया दोष…


    योग गुरु बाबा रामदेव ने डॉ. हर्षवर्धन कोगू पत्र लिखकर कहा, ”हम आधुनिक चिकित्सा विज्ञान तथा एलोपैथी के विरोधी नहीं हैं. हम यह मानते हैं कि जीवन रक्षा प्रणाली तथा शल्य चिकित्सा के विज्ञान में एलोपैथी ने बहुत प्रगति की है और मानवता की सेवा की है. मेरा जो बयान कोट किया गया है, वह एक कार्यकर्ता बैठक का है, जिसमें मैंने आए हुए वॉट्सऐप मैसेज को पढ़कर सुनाया था. उससे अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं, तो मुझे खेद है.”

    रामदेव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र को ट्वीट करते हुए कहा, ”माननीय  डॉ. हर्षवर्धन जी, आपका पत्र प्राप्त हुआ. उसके संदर्भ में चिकित्सा पद्दतियों के संघर्ष के इस पूरे विवाद को खेदपूर्वक विराम देते हुए मैं अपना वक्तव्य वापस लेता हूं और यह पत्र आपको संप्रेषित कर रहा हूं.” योग गुरु ने पत्र में आगे कहा है कि यदि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान ने चेचक, पोलियो एवं टीबी आदि गंभीर रोगों का इलाज खोजा है तो योग, आयुर्वेद आदि द्वारा हमने बीपी, शुगर, थायराइड, अर्थराइटिस, लिवर आदि का स्थाई समाधान दिया है. हमने भी आयुर्वेद एवं योग के प्रयोग से करोड़ों लोगों की जान बचाई है, जिसका सम्मान होना चाहिए.”

    रामदेव ने आखिर में लेटर में लिखा है कि आगे भी कोरोना और कोरोना के कॉम्प्लिकेशंस से लड़ने के लिए तथा पूरी मानवता को रोक मुक्ति करने के लिए सब पद्धतियों के समन्वय से मानवता की सेवा करने के हम पक्षधर हैं और हमेशा रहेंगे।

  • जिला पंचायत CEO की गर्भवती पत्नी का कोरोना से निधन, कलेक्ट्रेट में थी पदस्थ, एम्स में ली अंतिम सांस…

    जिला पंचायत CEO की गर्भवती पत्नी का कोरोना से निधन, कलेक्ट्रेट में थी पदस्थ, एम्स में ली अंतिम सांस…

    गरियाबंद। जिला पंचायत सीईओ (CEO) की गर्भवती पत्नी करिश्मा दुबे वर्मा का आज सुबह कोरोना से निधन हो गया. वे जिला कलेक्ट्रेट भू-अभिलेख शाखा में पदस्थ थी. जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी एनआर नवरत्न ने उनके निधन की पुष्टि की है।

    सीएचएमओ नवरत्न ने बताया कि करिश्मा कोरोना से संक्रमित थी और पिछले कई दिनों से रायपुर एम्स में भर्ती थी. आज सुबह उनका निधन हो गया।

    जानकारी के मुताबिक, तहसीलदार करिश्मा दुबे वर्मा चार माह की गर्भवती थी. एक मई को वे कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी. वहीं 6 मई को तबीयत ज्यादा बिगड़ने के बाद उन्हें एम्स में भर्ती किया गया था. वे लगातार डॉक्टरों की निगरानी में थी और आज सुबह साढ़े 6 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. उनका अंतिम संस्कार सारागांव के पास निलजा गांव में किया जाएगा।


    बता दें कि तहसीलदार करिश्मा दुबे वर्मा जिला पंचायत CEO चंद्रकांत वर्मा की पत्नी थी. शिक्षाकर्मी नेता वीरेंद्र दुबे की सगी साली थी. उनके निधन पर कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर सहित कलेक्ट्रेट के अधिकारियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

  • पाकिस्तान के लिए जासूसी करती पकड़ाई दो बहनें,सबसे करती थी राम राम पूछताछ जारी, जांच एजेंसियों का बढ़ता जा रहा है शक…

    पाकिस्तान के लिए जासूसी करती पकड़ाई दो बहनें,सबसे करती थी राम राम पूछताछ जारी, जांच एजेंसियों का बढ़ता जा रहा है शक…

    मध्य प्रदेश में इंदौर के समीप स्थित महू सैन्य छावनी में जासूसी के शक में नजरबंद की गई दो लड़कियों हिना और यास्मीन ने पकड़े जाने के पूर्व ही अपनी वह फेसबुक आइडी डिलीट कर दी थी, जिनसे वह पाकिस्तानियों से चैटिंग करती थीं। दोनों ने पाकिस्तानियों के मोबाइल नंबर लड़कियों के नाम से सेव कर रखे थे। जांच एजेंसियां इस बिंदु पर पड़ताल कर रही हैं। डाटा रिकवर करने के लिए जब्त गैजेट्स को साइबर विशेषज्ञों के पास भोपाल भेजा गया है।


    मध्य प्रदेश के महू सैन्य छावनी से पकड़ी गई दोनों बहनों से आइबी और क्राइम ब्रांच ने की पूछताछ
    चैट करने वाले पाकिस्तानियों की लोकेशन भी ट्रेस की जा रही है। उनकी आइडी कोडवर्ड में बनी थी। आइबी, क्राइम ब्रांच और मिलिट्री इंटेलीजेंस इन्हें डिकोड करने का प्रयास कर रही हैं। हिना और यास्मीन उच्च शिक्षित हैं। सैन्य विज्ञान में पढ़ाई के अलावा दोनों ने हिंदी साहित्य में एमए भी किया है। जांच में शामिल अधिकारी के मुताबिक प्रारंभिक पूछताछ में यास्मीन की भूमिका संदिग्ध मिली है।

    उसका ही संपर्क पाकिस्तानी आइडी पर अधिक बार हुआ है। यास्मीन ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व उसकी एक पाकिस्तानी से दोस्ती हुई थी। फेसबुक आइडी अंग्रेजी के दो शब्दों में बनी थी। कुछ महीनों चैटिंग के बाद वह अचानक गायब हो गया और थोड़े दिनों बाद एक अन्य व्यक्ति की फ्रेंड रिक्वेस्ट आई। फिर वह भी चला गया और इस तरह तीन-चार पाकिस्तानियों से दोस्ती करती गई।


    लड़कियों के नाम से सेव किए थे पाकिस्तानियों के नंबर, कई सैनिक भी जांच की जद में

    इसके बाद से इन पर लगातार नजर रखी जाने लगी। चार दिन पहले भोपाल से इंटेलिजेंस ब्यूरो, एटीएस तथा स्थानीय आर्मी इंटेलिजेंस की टीम ने इनके घर पर गोपनीय तरीके से दबिश दी थी। इसके बाद यहां लगातार कई गाड़ियां आती रहीं और लोगों को शक हुआ। इसके बाद खबर उजागर हुई। अब नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) भी इनसे पूछताछ कर सकती है।
    जानकारी के मुताबिक इन बहनों के नाम यास्मीन कौसर और हिना हैं। दोनों से लगातार पूछताछ की जा रही है। इनके पास से मिले लैपटाप और मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं। बताया जाता है कि इन्हें मारीशस से फंडिंग हो रही थी। इनके पिता सेना में नौकरी कर चुके थे और बाद में इंदौर में एसबीआइ की एक शाखा में सुरक्षाकर्मी भी रहे। उनकी मृत्यु हो चुकी है।

    विभिन्न जगह पर काम कर जुटाती थीं जानकारी

    दोनों बहनें कई जगह नौकरी कर चुकी हैं। वे कहीं भी ज्यादा दिनों तक नहीं रहतीं थीं। हिना महू में बिजली कंपनी में कांट्रेक्ट पर काम करती रही। बिजली कंपनी से मिली सूचना के मुताबिक हिना पिछले छह महीनों से कंप्यूटर आपरेटर के तौर पर प्राइम वन एजेंसी के जरिए काम कर रही थी। बाद में उसे हटा दिया गया। ऐसा बताया जाता है कि ये कई जगहों पर काम करके अलग-अलग जानकारियां एकत्रित करती थीं।

    दरअसल, दोनों बहनों का कहना है कि वो पाकिस्तान में जिन युवकों से बातचीत करती थीं उनसे वो शादी करना चाहती थी. इसके बाद संभावना जताई जा रही है कि दोनों बहनें कहीं आईएसआई की किसी साजिश का शिकार तो नहीं? हालांकि इसके बारे में अबतक कोई खास सबूत सुरक्षा एजेंसियों के हाथ नहीं आए हैं।

    दोनों युवतियों से अबतक पूछताछ में जो तथ्य सामने आए हैं, उसके मुताबिक उनके कॉल रिकार्ड्स से इस बात की पुष्टि तो हो चुकी है कि युवतियां पाकिस्तान के युवकों से बातचीत और चैटिंग करती रहती थीं. एजेंसियां की जांच में फिलहाल ऐसा कोई सबूत नहीं मिला कि इन्होंने गोपनीय दसतावेज या सैन्य ठिकानों की जानकारी पाकिस्तान में बैठे युवकों को भेजे हों. जो सबसे बड़ा सवाल है वो यह कि इनमें से एक युवती ने फेसबुक पर फेक प्रोफाइल क्यों बनाया था और बाद में उसे डिलीट क्यों किया?

    बहरहाल, फिलहाल दोनों बहनों पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है और उनसे घर पर ही पूछताछ की जा रही है. हालांकि जिन पाकिस्तानी युवकों से वो बात करती थीं, पुलिस के मुताबिक उनकी गतिविधियां ज़रूर संदिग्ध रही हैं. इसलिए मामला संजीदा हो जाता है. बता दें कि महू सैन्य छावनी पहले भी आईएसआई के निशाने पर रह चुका है. इससे पहले यहां 2019 में एक जवान को गिरफ्तार किया गया था जो आईएसआई के हनीट्रैप जाल में फंसा हुआ था।