रायपुर। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम की ओर से दूसरे दिन भी IPS GP सिंह के घर में और उनके ठिकानों पर कार्रवाई जारी रही। जीपी सिंह के अलग-अलग ठिकानों से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सहित कई बैंक अकाउंट, शेयर और म्युचुअल फंड में निवेश की जानकारी मिली है।
मिली जानकारी के अनुसार गुरजिंदर पाल सिंह, उनकी धर्मपत्नी और बेटे के नाम पर 75 से भी अधिक बीमा संबंधी दस्तावेज मिले हैं, जिनमें प्रीमियम के रूप में लाखों रूपये भुगतान किया गया। एक से अधिक एफयूएफ एकाउंट बनाए गए हैं, जिनके आय एवं व्यय की गणना अभी की जा रही है। इसी तरह बैंकों और डाकघरों में कई खातों की जानकारी मिली है। जिसकी गणना की जा रही है।
अब तक की जांच में 35 अवसरों पर शेयर और म्युचुअल फंड में बड़ी राशि का निवेश किया गया है। अब तक की गणना में 1.5 करोड़ से अधिक रकम शेयर और म्युचुअल फंड में निवेश किए जाने की जानकारी मिली है।
छत्तीसगढ़ के ताकतवर अफसरों में शुमार आईपीएस अफसर जीपी सिंह के ठिकानों पर ACB के छापों के बाद अब उनको लेकर कई कहानियों के साथ चर्चाओं का बाजार गर्मा रहा है। सरकार के द्वारा इन्हें निलंबित किये जाने की तैयारी की भी चर्चा जोर शोर से की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, जीपी सिंह का पैसा ओडिशा की आयरन ओर (लोह अयस्क) खदानों में लगा है। बड़बिल इलाके की कुछ खदानों में रायपुर के व्यापारियों के माध्यम से यह निवेश करने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि जीपी सिंह के नाम पर या उनके करीबियों के नाम पर कई एकड़ जमीन बस्तर में मिल सकती है।
इसके अलावा, एसीबी की एक टीम ने जीपी सिंह के कंप्यूटर ऑपरेटर मनी भूषण के एसबीआई के पास स्थित मकान में छापा मारा है। वहां से कंप्यूटर ऑपरेटर का पूरा सिस्टम जब्त कर लिया गया है।
बताया जा रहा है कि खुफिया सिस्टम से फोन सुनने के शक के चलते ऐसा किया गया है। वहीं राजनांदगांव में भी सिंह के CA के घर पर कार्रवाई चल रही है। वीआईपी रोड स्थित शगुन फार्म हाउस और प्रीतपाल सिंह के घर पार भी रेड की गई है।
जिले के राईस मिलरों से काँग्रेस पार्टी के द्वारा पैसे की मांग किये जाने का नया मामला सामने आया है । मामले को सामने लाने वाले कोई और नहीं बल्कि विपक्षी पार्टी भाजपा है ।भाजपा की ओर से कहा जा रहा है कि काँग्रेस पार्टी जिले के राईस मिलरो से चंदा वसूल रही है। दरअसल, भाजपा को राईस मिलर्स एशोसिएसन व्हाट्सएप्प ग्रुप में चंदे को लेकर राईस मिलरो के द्वारा आपसी बात चीत का स्क्रीन शॉट हाथ लग रहा है । इस स्क्रीन शॉट में अंग्रेजी में लिखा है -list of Miller’s quantity if if rice for @ 600 0er lot send by reprentetive of Congress party “इसके बाद हिंगलिश में लिखा है ye collection bhi jld se jld karna hai ji ‘bar bar khabar aa rahi hai.
भाजपा नेताओं के हाथ मे स्क्रीन शॉट आने के बाद यह स्क्रीन शॉट जब क्षेत्रीय सांसद गोमती साय को लगा तो उन्होंने पूरी पार्टी को घेरना शुरू कर दिया ।
गोमती साय ने मुनादी डॉट कॉम को बताया कि यह दुर्भाग्यजनक है और इसकी जितनी भी भर्त्सना की जाय कम है ।राईस मिलरो पर राजनीतिक दबाव बनाकर चंदा मांगना इनकी नीयत और नियति को स्पष्ट करता है । 600 प्रति लॉट के हिसाब से लाखों की वसूकी का खेल खुल्लम खुल्ला चल रहा है।जिले में 37 राईस मिल है इससे अनुमान लगाया जा सकता है वसूली का दर क्या होगा।
उन्होंने कहा कि वह इस मामले से पार्टी के बड़े नेताओं को अवगत करा रही है । पार्टी के आला नेताओं से चर्चा करके इस पर रणनीति तैयार की जाएगी ।
इस मामले में जब राईस मिलर्स एशोसिएशन के प्रवीण अग्रवाल से दूरभाष पर सम्पर्क किया गया तो उन्होंने चंदे वाली बात से इंकार किया है ।उन्होंने ज्यादा कुछ तो नही बताया लेकिन इतना जरूर कहा कि इस तरह की कोई बात नही है ।
आपको बता दें कि स्क्रीन शॉट में जिस नम्बर से मैसेज है वो नम्बर प्रवीण अग्रवाल का ही है । बहरहाल , मामले को सामने आने के बाद राईस मिलर्स भले ही चंदे की बात से इनकार कर रहे हों लेकिन भाजपा हाथ आये मुद्दे को शियासी हवा देकर काँग्रेस को अच्छे से घेरने की तैयारी में जरूर जुट गयी है । देखना यह है कि बात कितने दूर तलक जाएगी ।
कोषाध्यक्ष का ये है बयान
इस मामले में काँग्रेस पार्टी के कोषाध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल ने पूछने पर बठाया कि अभी तक तो किसी ने एक रुपये भी नहीं दिए बाद में उन्होंने चंदा सम्बंधित किसी भी मामले से इनकार कर दिया ।उन्होंने कहा किसी से पैसे नहीं मांगे गए हैं।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर पुलिस ने एक शातिर गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। वह बकायदा कोविड-19 में एक अस्पताल कर्मचारी के लिए ड्यूटी कर रहा था। वह कार भी उसी कर्मचारी की है। पुलिस ने उसके खंडहरनुमान मकान से करीब एक करोड़ रुपए का गांजा बरामद किया है। खास बात यह है कि उस मकान के बाहर भी होम्योपैथिक डॉक्टर का बोर्ड लगा था। मामला तखतपुर थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, पुलिस को सूचना मिली कि एक गांजा तस्कर स्विफ्ट कार में घूम रहा है। इसके बाद पुलिस ने पीछा शुरू किया और देवरी खमरिया के पास घेराबंदी कर पकड़ लिया। जांच के दौरान पता चला कि कार चालक मोपका निवासी हरीश साहू गांजा तस्कर है। वह साल 2016 में भी पकड़ा जा चुका था। कार की तलाशी में कुछ नहीं मिला, लेकिन तस्करी से तार पुराने जुड़े होने के कारण पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया।
सुबह मकान में छापा मारा तो मिला गांजे का भंडार
पूछताछ के दौरान जानकारी सामने आने पर पुलिस ने शनिवार सुबह तखतपुर पॉलिटेक्लिक कॉलेज के पास ग्राम खपरी में एक खंडहरनुमान मकान पर छापा मारा। इस मकान से पुलिस को 24 बोरी और अलग-अलग बैग में 9 क्विंटल गांजा बरामद हुआ है। यह मकान आरोपी हरीश साहू का ही है। इसे उसने दो साल पहले खरीदा था। पुलिस का कहना है कि मकान में गांजा होने की सूचना मिली थी, लेकिन किसका था यह स्पष्ट नहीं था।
सब्जी की पिकअप में ओडिशा से लाता था गांजा
तखतपुर SDOP रश्मित कौर चावला ने बताया कि कार के आधार पर अस्पताल प्रबंधन और उसकी बहन से भी पूछताछ की जाएगी। अभी तक पता चला है कि वह ओडिशा से सब्जियों के साथ पिकअप में गांजा लेकर आता था। उन्होंने बताया कि यह क्षेत्र का सबसे बड़ा गांजा डीलर है। इस मकान में गांजा भरा है, इसकी जानकारी थी। यह भी आशंका थी कि मकान हरीश का ही है, लेकिन वह स्वीकार नहीं कर रहा था। फिर पूछताछ के दौरान स्वीकार कर लिया।
भिंड। मध्य प्रदेश में सरकार टीकाकरण में तेजी लाने के लिए तरह तरह के प्रयास कर रही है. इस दौरान वैक्सीनेशन के दौरान स्वास्थकर्मियों की लापरवाही भी सामने आई हैं. जिसका ताजा मामला भिंड से सामने आया है. यहां स्वास्थ्यकर्मी ने महिला को कोरोना वैक्सीन के दो डोज एक साथ लगा दिया. महिला ने नर्स पर मोबाइल में ध्यान होने का आरोप लगाया है. वही स्वास्थ्य विभाग इन आरोप को निराधार बता रहा है।
दरअसल भिंड के विक्रमपुरा वैक्सीनेशन सेंटर पर स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है. यहां टीकाकरण केंद्र पर कोरोना वैक्सीन लगवाने आई एक महिला ने आरोप लगाया है कि नर्स ने लापरवाही पूर्वक उसे एक के बाद एक दो डोज साथ में लगा दिए. इतना ही नहीं बेसुध होकर तीसरा टीका भी लगाने वाली थी. इस पूरे मामले से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया. वहीं स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी इस तरह के किसी भी मामले से इंकार कर रहे हैं।
गलती मानने की जगह बहसबाजी वैक्सीन लगवाकर आई प्रियंका देवी ने बताया कि वह 9 जून को अपनी ननद के साथ पहली बार टीकाकरण के लिए गई थी. अपना नम्बर आने पर वे नर्स के पास पहुंची. जहां नर्स फोन पर बातचीत कर रही थी. उन्होंने बताया कि नर्स ने फोन पर बात करते-करते पहले एक इंजेक्शन लगाया जिसके बाद दूसरा इंजेक्शन लगाया, लेकिन जब फोन पर बात करते करते उसने तीसरा इंजेक्शन भी लगाने का प्रयास किया तो प्रियंका ने उसे पूछा कि तीसरा इंजेक्शन क्यों लगा रही हैं, इस बात पर नर्स यह कहते हुए बहस करने लगी की उसने सिर्फ एक ही डोज लगाया है. जबकि महिला के कंधे पर भी तीन बार सिरिंज के निशान हैं।
मोबाइल पर बात कर रही थी नर्स पीड़ित महिला से पूछने पर उसने बताया की उसे इस बात की जानकारी की वैक्सीन के दो डोज लगते हैं. लेकिन अलग-अलग दिन लगते हैं यह नहीं पता था, इसलिए शुरू में लगे दो डोज के इंजेक्शन पर उसने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी. लेकिन जब तीसरा डोज लगाया जाने लगा तो उसे अजीब लगा और उसने नर्स को टोका था. महिला का आरोप है कि फोन पर बात करने की वजह से ही नर्स का ध्यान भटका हुआ था, लेकिन यह गम्भीर गलती है।
मामूली साइड इफ़ेक्ट के अलावा हालत स्थिर दोनो डोज लगने के बाद पीड़ित महिला कुछ देर टीकाकरण केंद्र पर ही रुकी और उसके बाद वापस घर आ गई. महिला का कहना है कि वैसे तो उसकी तबियत ठीक है, लेकिन वैक्सीन के दोनों डोज लगने के बाद से उसे भूख नहीं लग रही है. लगातार चक्कर आ रहे हैं. और आखें भारी रह रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने आरोपों को नकारा वहीं पूरे मामले पर जब सीएमएचओ डॉक्टर अजीत मिश्रा से मीडिया ने सवाल किया तो, उन्होंने इस आरोप को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि हर टीकाकरण केंद्र पर प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा ही वैक्सिनेशन का काम किया जा रहा है. ऐसे में इतनी बड़ी गलती की गुंजाइश ही नहीं है।
दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 44वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कोविड-19 और ब्लैक फंगस के उपचार से जुड़ी सामग्रियों पर बड़ी कर राहत प्रदान की गई।
इसके पहले 28 मई को हुई काउंसिल की बैठक में कोविड-19 से जुड़ी सामग्रियों को लेकर कर की दर तय करने के लिए मंत्रियों का समूह गठित किया गया था. काउंसिल ने मंत्रियों के समूह की रिपोर्ट पर विचार किया. बैठक में निर्णय लिया गया कि Remdesivir पर जीएसटी 12 से 5 प्रतिशत किया गया है. Tocilizumab और Amphotericin B पर कोई कर नहीं लिया जाएगा. इसके अलावा कोविड-19 से जुड़ी सामग्रियों पर दी जा रही छूट 30 सितंबर तक जारी रहेगी।
इसके अलावा इलेक्ट्रिक फर्नेस और तापमान नापने से उपकरणों पर 5 प्रतिशत और एंबुलेंस पर 12 प्रतिशत जीएसटी लिया जाएगा. मंत्रियों के समूह द्वारा की गई सिफारिशों के तहत यह छूट अगस्त की बजाए सितंबर महीने तक प्रदान की जाएगी. वित्त मंत्री ने बताया कि वैक्सीन पर 5 प्रतिशत जीएसटी जारी रहेगा।
इसके अलावा 75 प्रतिशत केंद्र सरकार खरीदेगी और जीएसटी का भुगतान भी करेगी, लेकिन जीएसटी की 70 प्रतिशत आमदनी राज्यों के साथ साझा किया जाएगा. बैठक में वित्त राज्यमंत्री अनुराग ठाकुर, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
रायगढ। सरकारी ज़मीनों की नीलामी वाली राज्य सरकार की नीति के विरोध में हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से इस नीति के प्रभावी होने के बाद नीलामी और आबंटन से जूड़े सभी रिकॉर्ड तलब किए हैं।यह याचिका सुशांत शुक्ला की ओर से दायर की गई थी। याचिका में राज्य सरकार की इस नीति का इस आधार पर विरोध था कि, राज्य सरकार के विभिन्न कार्यों के लिए ज़मीनों की कमी है।
भविष्य में जब विस्तार होगा तो ज़मीनों की और आवश्यकता पड़ेगी और इस नीति/योजना से नुक़सान है जबकि इस योजना का लाभ प्रभावशाली लोग ले रहे हैं। इस योजना से ग़रीबों को कोई लाभ नहीं है और बाद में राज्य सरकार को ज़मीनों की कमी होगी। इस मसले पर दायर जनहित याचिका पर पर प्रभारी चीफ़ जस्टिस प्रशांत मिश्रा और जस्टिस पी पी साहू की बेंच ने सुनवाई की और राज्य सरकार से प्रदेश के सभी ज़िलों में इस योजना के तहत नीलामी और आबंटन का पूरा ब्यौरा देने का निर्देश राज्य सरकार को दिया है। हाईकोर्ट में अगली सुनवाई चार हफ़्ते बाद होगी।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा के मुंबई स्थित आवास पर छापेमारी की. एंटीलिया बम मामले में प्रदीप शर्मा से पूछताछ की गई. एनआईए अधिकारियों द्वारा प्रदीप शर्मा के आवास की तलाशी भी लगी गई. कई घंटों की पूछताछ के बाद प्रदीप शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया. मुंबई पुलिस के पूर्व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट प्रदीप शर्मा के घर पर सुबह-सुबह एनआईए की टीम पहुंची. एनआईए की टीम जेबी नगर इलाके के अंधेरी स्थित प्रदीप शर्मा के घर पर घंटों तलाशी लेती रही. प्रदीप शर्मा को सचिन वाज़े का मेंटर भी कहा जाता है. उससे पहले एनआईए ने पूछताछ की थी. फिलहाल प्रदीप शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है।
रायपुर। विधानसभा में 21 दिसंबर 2020 को संसदीय सचिवों के कार्य अधिकार को लेकर विपक्ष के सवालों और व्यवस्था के प्रश्न को लेकर विधि मंत्री मोहम्मद अकबर ने हाईकोर्ट के निर्देशों को पढ़ा, इस निर्देश में यह स्पष्ट था कि संसदीय सचिव को कोई भी अधिकार हासिल नहीं है। वे विधानसभा में मंत्री की ओर से जवाब तक नहीं दे सकते, और ना ही कोई विभागीय बैठक ले सकते हैं। इस विस्तृत जवाब के बाद संसदीय सचिव के कार्य अधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई लेकिन सामरी से विधायक चिंतामणि इस मसले पर ऐसी कारआमद कर गुजरे हैं कि विपक्ष के निशाने पर आ गए हैं। दरअसल बीते 24 जून सामरी के विधायक और संसदीय सचिव पद से नवाज़े गए चिंतामणि महाराज ने जशपुर ज़िले के बगीचा में बैठक ले ली जिसमें पुलिस विभाग के साथ साथ ज़िला प्रशासन की मौजुदगी रखी गई। इस बैठक को लेकर यह खबरें आईं कि चिंतामणि महाराज ने इलाक़े में फ़र्ज़ी FIR किए जाने को लेकर चिंता जताई और इस पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। 24 जून को ही इस बैठक को लेकर जारी जनसंपर्क विभाग की प्रेस रिलीज़ में उल्लेखित जानकारी इस निर्देश की पुष्टि करती है। विधानसभा में विधि मंत्री मोहम्मद अकबर ने जो जानकारी दी और संदर्भ के रुप में उच्च न्यायालय के जो आदेश पढ़ें उसके अनुसार चिंतामणि यह बैठक नहीं ले सकते थे, वहीं FIR को लेकर जो उन्होंने निर्देश दिए वह अलग बवाल का सबब बन गया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने ललिता कुमारी प्रकरण में यह व्यवस्था दी कि यदि संज्ञेय अपराध की सूचना दी जाती है तो तत्काल FIR करना होगा। पुलिस विवेचना के दौरान यदि सूचना ग़लत पाती है तो खात्मा खारिजी का अधिकार रखती है। इस मसले को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं, नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने विधानसभा में दी गई जानकारी का हवाला देते हुए बैठक को प्रश्नांकित किया है। वहीं भाजपा प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास ने इस बैठक और बैठक में दिए FIR से संबंधित निर्देश को लेकर कहा है “यह बैठक संसदीय सचिव चिंतामणि महाराज ने आहूत की, जिसकी उन्हें अधिकारिता नहीं है, और FIR को लेकर दिए निर्देश जिसमें यह कहा गया कि झूठी शिकायत कराते हैं पुलिस पहले तस्दीक़ करें तो यह सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की अवमानना है, पुलिस पहले ही आरोपों के घेरे में है कि वह राजनैतिक प्रभाव में अपराध तक दर्ज नहीं करती, वहीं यह भी व्यवस्था है कि FIR ग़लत हो तो खात्मा या खारिजी करे, सीधे कैसे निर्देश दिया जा सकता है, जबकि विधानसभा में विधि मंत्री जानकारी दे चुके हैं और हाईकोर्ट ने इसे लेकर व्यवस्था और दिशा निर्देश जारी किए हैं..यह गंभीर मसला है”
दुर्ग। दुर्ग निगम शहरवासियों को राहत देते हुए प्रॉपर्टी टैक्स में छूट देने जा रहा है. इसके अलावा लॉकडाउन के कारण बंद दुकानों के किराया राशि में पेनाल्टी नहीं वसूली की जाएगी. इस संबंध में मेयर धीरज बाकलीवाल की अध्यक्षता में मेयर इन काउंसिल की बैठक में फैसला लिया गया।
दुर्ग महापौर धीरज बाकलीवाल की अध्यक्षता में हुई मेयर इन काउंसिल की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया. लोगों को प्रॉपर्टी टैक्स में राहत प्रदान करते हुए 30 जून तक 6%, अक्टूबर में 4% और नवंबर में 2% की छूट देने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा दुकानों की अप्रैल-मई मासिक किराया में 10% लगने वाले अधिभार पर भी छूट का ऐलान किया गया है।
महापौर धीरज बाकलीवाल ने बताया कि निगम की मेयर इन काउंसिल की 15 विषयों को लेकर बैठक हुई. कायाकल्प योजना के तहत विगत दस सालों से बंद शहर के मध्य में स्थित चौपाटी का पुनर्निर्माण कराया जाएगा. चौपाटी के पुर्ननिर्माण से शहर और आस पास के नागरिकों के लिए मनोरंजन के लिए बड़े स्थल का उपयोग किया जा सकता. चौपाटी को नए सिरे से विकसित किया जाएगा।