Author: Sunil Agrawal

  • गंगाजल हाथ में लिए शराबबंदी का संकल्प भी नहीं हो सका पारित, विधान सभा में 13 के मुकाबले 58 से गिरा….

    गंगाजल हाथ में लिए शराबबंदी का संकल्प भी नहीं हो सका पारित, विधान सभा में 13 के मुकाबले 58 से गिरा….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानूसत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को 1 जनवरी 2022 से पूर्ण शराबबंदी पर भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा के अशासकीय संकल्प पर जोरदार बहस हुई। इस पहले कि सदन में यह मुद्दा गरमाता विधानसभा अध्यक्ष ने शायराना अंदाज में माहौल को हल्का फुल्का कर दिया। चर्चा के दौरान सत्ता और विपक्ष में जोरदार बहस हुई।

    चर्चा में शिवरतन शर्मा ने कहा कि 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने गंगा जल हाथों में लेकर शपथ लिया था कि राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू होगी।​ जिस पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि शिवरतन शर्मा ने अपनी बात ग़लत कथन के साथ रख रहे हैं, इन्हें ट्रेनिंग ही यही मिली है कि किसी झूठ को सौ बार बोला जाये तो वह सच लगे। ये लोग गिरीश देवांगन के लेटरपैड पर फर्जी दस्तखत कर पत्र वायरल कराया था, जिसके चलते 25 सौ रुपए धान का समर्थन मूल्य देंगे उसके लिए हमारे नेताओं ने गंगाजल की कसम खायी थी।

    चर्चा को आगे बढ़ाते हुए शिवरतन शर्मा ने कहा कि अरबी में शराब का अर्थ है ख़राब पानी, विधायक शिवरतन शर्मा के इस ​कथन को आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने अरबी को हल्बी समझ लिया और कहा कि ग़लत अर्थ बता रहे हैं. ऐसा नहीं है। हल्बी में ऐसा नहीं कहते हैं. मैं वहीं से आता हूँ. हल्बी में ऐसा कोई शब्द नहीं है और ऐसा कोई अर्थ नहीं है, यह अपमान है।

    शिवरतन शर्मा ने आगे कहा कि नशे की वजह से राज्य में अपराध बढ़ा है। कांग्रेस ने जब घोषणा पत्र में पूर्ण शराबबंदी का वादा किया था तब ख़ासकर महिलाओं ने सोचा था कि अब कलह दूर होगी, झगड़े ख़त्म होंगे, आर्थिक कमजोरी दूर होगी। इससे पहले कई राज्यों में दलों ने चुनावी घोषणा पत्र में पूर्ण शराबबंदी का वादा किया था, जनता का समर्थन मिला और सरकार बनते ही वादा पूरा किया।

    भाजपा विधायक ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ढाई साल बीत जाने के बाद भी वादा पूरा किया गया, छत्तीसगढ़ में 898 हत्या के प्रयास हुए हैं, 10 हजार से ज़्यादा आत्महत्या हुई है। हर अपराध की पृष्ठभूमि में नशा है। पूरे प्रदेश में सरकारी संरक्षण में अवैध शराब की सप्लाई की जा रही है।

    विधायक ने कहा, सरकार का लक्ष्य साल में 5200 करोड़ रुपए अर्जित करना है। मेरा आरोप है कि सरकार के वैध-अवैध कमाई का सबसे बड़ा ज़रिया शराब है।

    चर्चा के दौरान मंत्री मो. अकबर ने कहा कि शिवरतन शर्मा ने घोषणा पत्र से बातचीत शुरू की थी, ज़रा अपना घोषणा पत्र भी देख लेते। हर आदिवासी परिवार को गाय और एक नौकरी देने का वादा किया था, पांच हार्स पावर पंप फ़्री, बेरोज़गार युवाओं को भत्ता देंगे।

    इस दौरान, मो. अकबर ने शराबबंदी को लेकर बनाई गई समितियों का ज़िक्र किया। इस पर नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि शराबबंदी को लेकर बनाई गई कमेटी की बैठक तक नहीं हुई।

    इस पर अकबर ने कहा कि राजनीतिक समिति 19 अगस्त 2019 को बैठक हुई थी, प्रशासनिक समिति की बैठक भी हुई थी। राजनीतिक समिति के लिए बीजेपी, जेसीसी और बीएसपी दलों से नाम माँगे गये थे, लेकिन नहीं दिए गए। पिछली सरकार के आबकारी मंत्री अमर अग्रवाल ने कहा था कि पूर्ण शराबबंदी कहीं भी सफल नहीं है।

    मो. अकबर ने कहा कि मणिपुर, केरल, तमिलनाडु में पूर्ण शराबबंदी लागू की गई थी लेकिन, सफल नहीं हुआ। कोरोना के वक़्त सेनिटाइज़र और स्पिरिट पीकर कई लोगों की मौत हो गई थी, राज्य सरकार ने तीन समितियाँ गठित की है। पूर्ण शराबबंदी के लिए अध्ययन किया जा रहा है।

    चर्चा के दौरान विपक्ष ने मतविभाजन की मांग उठा दी। मत विभाजन में अशासकीय संकल्प के पक्ष में जहां 13 वोट पड़े, वहीं विपक्ष में 58 वोट पड़े। इसके साथ ही अशासकीय संकल्प अस्वीकृत होने की घोषणा की गई।

  • शिल्पा शेट्टी की अर्जी पर हाईकोर्ट ने पूछा- आप रोईं थीं, ये खबर मानहानि कैसे हो गई?

    शिल्पा शेट्टी की अर्जी पर हाईकोर्ट ने पूछा- आप रोईं थीं, ये खबर मानहानि कैसे हो गई?

    बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी ने अपने पति राज कुंद्रा की पोर्नोग्राफी मामले में गिरफ्तारी के बाद चल रही खबरों पर रोक के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दी है। शिल्पा ने बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि कई मीडिया हाउस में ऐसी खबरें चल रही हैं, जो उनकी मानहानि कर रही हैं। इस याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई है। मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा शिल्पा के वकील से कहा कि किसी ने पुलिस सूत्रों के हवाले से या शिल्पा शेट्टी के रोने की खबर चलाई तो इसे आप मानाहनि कैसे कह रहे हैं।

    अगली सुनवाई 20 सितंबर को

    मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस जीएस पाटिल ने कहा कि पुलिस सूत्र ने जो कहा है उस पर मीडिया में आई कोई रिपोर्ट कभी भी मानहानि नहीं होती है। कायदे से ऐसा मानने की कोई वजह नहीं है। कोर्ट ने कहा कि आपकी मुवक्किल (शिल्पा शेट्टी) का रोना कैसे एक मानहानि करने वाली खबर है? इस पर शिल्पा शेट्टी के वकील बीरेंद्र सराफ ने अदालत से एक आदेश पारित करने की गुजारिश की।
    इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक अंतरिम आदेश पारित कर दिया।हाईकोर्ट ने जिन लोगों को अपने लेख हटाने के लिए कहा गया है, उनके अलावा अन्य प्रतिवादियों को एक हलफनामा दाखिल करना होगा। अगली सुनवाई 20 सितंबर को होगी।

    राज के केस में दखल से इनकार

    सुनवाई के दौरान अदालत ने शिल्पा के वकील से कहा कि आपकी क्लाइंट के पति के खिलाफ एक मामला चल रहा है। इस केस को मीडिया कवर कर रहा है और मीडिया को इसकी पूरी आजादी है। हाईकोर्ट इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा। आपका क्लाइंट कोई भी हो लेकिन मानहानि को लेकर एक निश्चित कानून है, जिसके तहत अदालत काम करती है।

    मीडिया के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंचीं हैं शिल्पा

    शिल्पा ने बॉम्बे हाईकोर्ट में मानहानि याचिका दायर की है, जिसमें 29 मीडिया हाउस/पत्रकारों का नाम शामिल है। शिल्पा का आरोप है कि जब पुलिस ने राज को गिरफ्तार किया तो कई वेबसाइट, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, चैनल ने उनके खिलाफ झूठी, दुर्भावनापूर्ण, मानहानिकारक जानकारी का प्रकाशन किया। जिस वजह से उनको बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख करना पड़ा। इसमें द न्यू इंडियन एक्सप्रेस, इंडिया टीवी, फ्री प्रेस जर्नल, एनडीटीवी, फेसबुक, इंस्टाग्राम समेत कई को पक्षकार बनाया गया है।
    शिल्पा ने अपनी याचिका में आगे कहा कि आरोपी मीडिया संस्थान खबरों को सनसनीखेज बनाने और पाठकों/दर्शकों की संख्या बढ़ाने के लिए उनकी छवि धूमिल कर रहे हैं। ऐसे में कोर्ट तुंरत उन्हें झूठी या मानहानिकारक सामग्री का प्रकाशन रोकने का आदेश दे। साथ ही पक्षकारों के प्लेटफॉर्म से मानहानिकारक सामग्री को तुरंत हटवाकर उनसे बिना शर्त माफीनामा जारी करने को कहा जाए। इस याचिका में फेसबुक और यूट्यूब का भी नाम शामिल है, क्योंकि राज की गिरफ्तारी के बाद उस पर लगातार शिल्पा के खिलाफ पोस्ट/वीडियो डाले जा रहे हैं। ऐसे में शिल्पा चाहती हैं कि तुरंत वहां से आपत्तिजनक कंटेंट को हटाया जाए।

    19 जुलाई को गिरफ्तार हुए थे शिल्पा के पति राज कुंद्रा

    शिल्पा के पति राज कुंद्रा को मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 19 जुलाई को अश्लील फिल्में बनाने और बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। जिसके बाद राज मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद हैं। राज कुंद्रा को तीन बार कोर्ट में पेश किया जा चुका है और तीनों बार अदालत ने उनकी हिरासत को बढ़ा दिया है। जमानत के लिए राज कुंद्रा ने कोर्ट में अपील की थी लेकिन उनको कामयाबी नहीं मिल सकी।

  • खरसिया क्षेत्र के ग्राम बांसमुड़ा में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के मितानिनों के लिए हुआ 2 दिवसीय गैर आवासीय आयुष प्रशिक्षण का आयोजन…

    खरसिया क्षेत्र के ग्राम बांसमुड़ा में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के मितानिनों के लिए हुआ 2 दिवसीय गैर आवासीय आयुष प्रशिक्षण का आयोजन…

    खरसिया। खरसिया ब्लॉक के ग्राम बांसमुड़ा में ब्लाक के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के सभी मितानिनो का 2 दिवसीय गैर आवासीय आयुष प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान मितानिनों को जड़ी बूटी की जानकारी दी गई ।

    प्रशिक्षण के दौरान ब्लॉक के मास्टर ट्रेनरो द्वारा हमारे आस पास होने वाले जड़ी बूटी के पहचान एवं उनके उपयोग बाताया गया । विभिन्न बीमारियों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं एवं बचाव व उपचार में जड़ी-बूटी के उपयोग एवं जीवनशैली से जुड़ी परामर्श का उपयोग कराना सिखाया गया। योग पर प्रारंभिक जानकारी वह अभ्यास कराना इस प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य था । इसके अलावा स्वस्थ जीवन, आहार, पानी हमारी दिनचर्या, यनिचर्या, ऋतु चर्या आदि के बारे में भी प्रशिक्षण दिया गया ।

    इस प्रशिक्षण में हमारे ब्लाक के सभी आयुर्वेदिक डॉक्टर भी शामिल हुए। हमारे ब्लॉक के मास्टर ट्रेनरो द्वारा बहुत ही सरल एवं सहज तरीकों से मितानिनो का प्रशिक्षण कराया गया ।

    मीडिया से बातचीत में बीसी प्रेमलता महंत ने बताया कि यह पूरा प्रशिक्षण कार्यक्रम D.c.रायगढ़ प्रदीप कुमार डनसेना जी एवं खरसिया
    बीएमओ अभिषेक पटेल जी के आदेशानुसार हमारे ब्लाक के समन्वयक के द्वारा आयोजित किया गया था।
    जिनके लिए मैं उन सभी का आभार व्यक्त करती हूं। साथ ही उन्होंने सभी मितानिनो के कार्यों की प्रशंसा करते हुए उनको बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।
    बीसी प्रेमलता महंत ने मीडिया से बातचीत में आगे बताया कि इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में D.c.रायगढ़ प्रदीप कुमार डनसेना, बीएमओ अभिषेक पटेल, मनोज कुमार त्रिपाठी, डॉक्टर महापात्रे, मृत्युंजय कुमार राठौर, एवं समस्त उपस्थित शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के मितानिनों का विशेष सहयोग रहा ।

  • बिना कार्य ठेकेदार को भुगतान, CMO, सब इंजीनियर, आरआई और लेखापाल सस्पेंड…कलेक्टर को FIR दर्ज कराने का आदेश….

    बिना कार्य ठेकेदार को भुगतान, CMO, सब इंजीनियर, आरआई और लेखापाल सस्पेंड…कलेक्टर को FIR दर्ज कराने का आदेश….

    नगर पालिका परिषद मुंगेली अंतर्गत परमहंस वार्ड में 300 मीटर नाली निर्माण किए बिना ही ठेकेदार को 13 लाख रुपए से अधिक का भुगतान किए जाने के मामले को नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने गंभीरता से लिया है। प्रकरण के संज्ञान में आते ही मंत्री ने नगर पालिका परिषद मुंगेली के मुख्य नगर पालिका अधिकारी विकास पाटले, उप अभियंता जोयस तिग्गा, लेखापाल आनंद निषाद, सहायक राजस्व निरीक्षक सियाराम साहू को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में नगर पालिका परिषद मुंगेली अध्यक्ष संतूलाल सोनकर को कारण बताओं सूचना जारी करने के साथ ही सम्पूर्ण प्रकरण की जांच और दोषियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराने कलेक्टर मुंगेली को पत्र प्रेषित किया गया हैं।

    गौरतलब है कि नगर पालिका परिषद मुंगेली अंतर्गत परमहंस वार्ड में होरीलाल शर्मा के घर से गार्डन की बाउण्ड्रीवाल होते हुए स्टेडियम तक 300 मीटर नाली निर्माण कार्य होना नहीं पाया गया, तथा मेसर्स सोफिया कंस्ट्रक्शन एण्ड सप्लायर अकलतरा जिला जांजगीर-चांपा को बिना कार्य कराए, उक्त कार्य हेतु राशि 13,21,818 रुपए का भुगतान कर दिया गया है। इस मामलें की जानकारी लगते ही नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. डहरिया ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नगर पालिका परिषद मुंगेली के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, उप अभियंता, लेखापाल, सहायक राजस्व निरीक्षक सहित इस प्रकरण में संलिप्त सभी के विरूद्ध कार्यवाही करने के निर्देश दिए। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा सभी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है। निलंबित सभी अधिकारी और कर्मचारियों का निलंबन अवधि में मुख्यालय,कार्यालय संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, क्षेत्रीय कार्यालय बिलासपुर नियत किया गया है।

  • बाबा की नाराजगी खत्म, वापस लौटे सदन में, बृहस्तपति सिंह ने भी खेद प्रकट किया….

    बाबा की नाराजगी खत्म, वापस लौटे सदन में, बृहस्तपति सिंह ने भी खेद प्रकट किया….

    रायपुर। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव की नाराजगी खत्म हो गई है। वे सदन में वापस आ गए है। इसके पहले विधायक बृहस्पति सिंह ने सदन के अंदर पूरी घटना पर खेद प्रकट किया है। गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा कि पूरे घटना क्रम में स्वास्थ्य मंत्री का कहीं भी कोई नाम नहीं है। उनके नाम पर हो रही चर्चा निरर्थक है। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि सदन उच्च परंपराओं से चलता है। बृहस्पति सिंह की प्रशंसा करता हूं कि भावावेश में आकर उन्होंने जो कहा था उसपर सदन में अपनी स्थिति स्पष्ट की है।

    विधानसभा में सिंहदेव-बृहस्पति सिंह प्रकरण पर गृहमंत्री के बयान के बाद अब मामला सुलझता दिख रहा है। नाराज चल रहे मंत्री टीएस सिंहदेव विधानसभा पहुंच गए हैं। आपको बता दें कि कल उस वक्त मंत्री टीएस सिंहदेव नाराज होकर विधानसभा से निकल गये थे, जब गृहमंत्री ने इस मामले में अपना वक्तवय दिया था। सिंहदेव ने सदन में कहा था कि जो परिस्थिति है, उसमें जब उनकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक वो सदन में खुद को बैठने के योग्य नहीं समझते हैं। इससे पहले अब से कुछ देर पहले विधायक बृहस्पति सिंह ने सदन में बयान दिया। उन्होंने अपने सदन में कहा कि इस घटना को लेकर मैंने पूर्व में जो व्यक्तव्य दिया था, उस घटना में मंत्री टी एस सिंहदेव का कोई संबंध नहीं है, उन पर लगाए तमाम आरोप झूठे और असत्य हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बृहस्पत सिंह को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने भावावेश में कहे गये कथन को वापस लिया है। गृहमंत्री ने भी स्थिति स्पष्ट कर दी है। मैं TS सिंहदेव से भी बात करूँगा, वो सदन में आएंगे।उन्होंने कहा कि ये सदन राज्य की साढ़े तीन करोड़ जनता का प्रतिनिधित्व करता है। सदन में बाक़ी मुद्दों पर भी चर्चा ज़रूरी है। आसंदी ने इस समस्या को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभाई उसकी मैं प्रशंसा करता हूँ।

    बंगले से सदन के लिए निकलने से पहले मीडिया से चर्चा में सिंहदेव ने कहा कि मामले का पटाछेप हो गया है, आगे की ज़िमेदारी सामूहिक रूप में टीम के रूप में निभानी है। विपक्ष को मौके का लाभ लेना होता है। उनकी भूमिका हो ना हो, मुझे टीम के रूप में निभाना है। लेकिन सिंहदेव बृहस्पत सिंह को माफी देने के सवाल पर चुप्पी साध गए। अब देखना होगा मंत्री टीएस सिंहदेव की नाराजगी सदन के अंदर के लिए तो दूर हो गई है, लेकिन सदन के बाहर बृहस्पति सिंह को माफ़ करेंगे की नहीं।

  • कलेक्टर ने जारी की गाइड लाइन, रायपुर में 4×4 फीट से अधिक के नहीं बैठेंगे गणेश जी, 20 अधिक लोग जुटे तो होगी कार्यवाही… 

    कलेक्टर ने जारी की गाइड लाइन, रायपुर में 4×4 फीट से अधिक के नहीं बैठेंगे गणेश जी, 20 अधिक लोग जुटे तो होगी कार्यवाही… 

    रायपुर। कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार भी पाबंदियों के साथ ही गणेशोत्सव का जश्न मानना पड़ेगा। रायपुर जिला प्रशासन ने गणेशोत्सव के लिए गाइडलाइन जारी किया है। गाइडलाइन के अनुसार मूर्ति की उंचाई एवं चौड़ाई 4×4 फीट से अधिक न हो। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15×15 फीट से अधिक न हो। पंडाल के सामने कम से कम 5000 वर्ग फिट की खुली जगह हो।

    गाइडलाइन के अनुसार पंडाल एवं सामने 5000 वर्गफिट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल न हो, दर्शको एवं आयोजको के बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगाये जायेगे। किसी भी एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक न हो। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी जिसमें दर्शन के लिए आने वाले सभी व्यक्तियो का नाम पता मोबाइल नंबर दर्ज किया जाए।

    कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति 04 सीसीटीवी लगायेगा। कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। भोज, भंडारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए 4 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेंगे।

  • निलंबित ADG GP सिंह की याचिका हाईकोर्ट से खारिज, राजद्रोह मामले में भी कोई राहत नहीं मिली…

    निलंबित ADG GP सिंह की याचिका हाईकोर्ट से खारिज, राजद्रोह मामले में भी कोई राहत नहीं मिली…

    बिलासपुर। निलंबित एडीजी जीपी सिंह की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति की सीबीआई जांच कराने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। इसी तरह राजद्रोह प्रकरण में भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। जस्टिस एनके व्यास की एकल पीठ ने जीपी सिंह की दोनों याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली थी, और फैसला सुरक्षित रखा था। शुक्रवार को दोनों याचिका पर कोर्ट ने आदेश पारित किए हंै, और इसमें जीपी सिंह को कोई राहत नहीं मिली है। जीपी सिंह की तरफ से पैरवी सीनियर एडवोकेट किशोर भादुड़ी ने की, और राजद्रोह प्रकरण में सरकार की तरफ से एडिशनल एडवोकेट जनरल अमृतोदास ने पैरवी की।

    साथ ही आय से अधिक संपत्ति प्रकरण पर एसीबी की तरफ से राज्यसभा सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता केटीएस तुलसी उपस्थित हुए। कोर्ट ने जीपी सिंह की दोनों याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से केस डायरी तलब की थी। जीपी सिंह ने अंतरिम राहत की मांग को लेकर अपनी पहली याचिका लगाई थी। एसीबी को जीपी सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी।

    शिकायत के बाद सिंह के सरकारी आवास समेत लगभग 10 ठिकानों पर छापे की कार्रवाई शुरू की गई। 68 घंटे चले मैराथन छापेमार कार्रवाई में एसीबी को जीपी सिंह के खिलाफ 10 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति के दस्तावेज मिले थे। वहीं बाद में उनके ऊपर राजद्रोह का मामला भी दर्ज कर दिया गया। राजद्रोह का मामला दर्ज होने के बाद से ही जीपी सिंह ने हाईकोर्ट की शरण ली है। रिट याचिका दायर करते हुए पूरे मामले में स्वतंत्र एजेंसी सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की थी। कोर्ट ने उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

  • एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक और लेखापाल रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार…

    एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक और लेखापाल रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है. एसीबी की टीम ने शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक और लेखापाल को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

    ACB ने जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें रायपुर लोक शिक्षण संचालनालय के संयुक्त संचालक एन के अग्रवाल शामिल है. जिन्हें 50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है. पदांकन परिवर्तित करने के एवज में उन्होंने पैसों की मांग की थी. लेकिन पीड़ित ने इसकी शिकायत एसीबी में कर दी, फिर पेंशनबाड़ा रायपुर में छापेमार कार्रवाई की गई।


    लेखापाल 15 हजार रिश्वत लेते पकड़ा गया
    इसके अलावा बलौदाबाजार जिले के बिलाईगढ़ में लेखापाल (सहायक ग्रेड-02) रतराम बंजारे को भी रिश्वत लेते पकड़ा गया है. एसीबी की टीम ने 15 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है. लेखापाल बीईओ कार्यालय में पदस्थ है. पूर्व बीईओ पी. के. शर्मा के बेटे से जीपीएफ, जीआईएस, ग्रेजुटी और मेडिकल क्लेम निकालने के एवज में 2 लाख 35 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी. बेटे ने एसीबी से शिकायत की, जिसके बाद छापेमार कार्रवाई कर 15 हजार नगद रिश्वत लेते पकड़ा गया।


    दोनों रिश्वतखोरो के खिलाफ अपराध दर्ज
    एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने दोनों आरोपी के खिलाफ धारा 7 भ्र.नि.अधि. 1988 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है. जिसने खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी है. जांच में मिले तथ्यों के आधार पर ही एसीबी आगे की कार्रवाई करेगी।

  • अभिनेता रणदीप हुड्डा ने उठाए छग में कोयला खदानों की नीलामी पर सवाल, कहा- जानवरों की बड़ी आबादी को नहीं बख्शा गया, क्योंकि वो वोट नहीं देते ?

    अभिनेता रणदीप हुड्डा ने उठाए छग में कोयला खदानों की नीलामी पर सवाल, कहा- जानवरों की बड़ी आबादी को नहीं बख्शा गया, क्योंकि वो वोट नहीं देते ?

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में 17 नए कोयला खदानों की नीलामी की अनुमति मिलने पर बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने सवाल उठाया है. रणदीप हुड्डा ने ट्वीट कर कहा कि छत्तीसगढ़ में बिना कोयले की मांग में वृद्धि के 17 और खदानों को मंज़ूरी दे दी गई. तेंदुए, हाथियों, भालू और बाघों की बड़ी आबादी को नहीं बख्शा गया, क्योंकि वो वोट नहीं देते ? क्लाईमेट क्राइसेस का क्या ?

    दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के 18 में से 17 कोयला खदानों की नीलामी को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने इन खदानों का चयन किया है. इसके साथ ही राज्य कैबिनेट ने सरगुजा के चिरंगा में स्थापित हो रहे निजी एल्युमिनियम प्लांट को छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) के माध्यम से हर वर्ष अधिकतम 2.5 लाख टन बाक्साइड अयस्क देने के लिए लांग टर्म लिंकेज पॉलिसी का अनुमोदन किया है.
    कोयला खदानों की मंजूरी मिलने से वन्यजीव समृद्ध क्षेत्रों में खनन गतिविधियों के प्रभाव पर चिंताएं पैदा हो रही हैं, जहां कई हाथियों, भालू और तेंदुओं का घर है. जानकारों का मानना है कि कोयले की मांग में कोई वृद्धि नहीं होने के बावजूद मंजूरी दी गई. इससे जानवरों पर खतरा बढ़ गया है।
    बता दें कि हाल ही में रणदीप हुड्डा का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जिसमें वो मायावती को लेकर कुछ ऐसा कमेंट कर देते हैं, जो लोगों को पसंद नहीं आया. इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर एक्टर को अरेस्ट करने की मांग भी उठी थी. जिसके बाद एक्टर रणदीप हुड्डा को यूनाइटेड नेशन ने जंगली जानवरों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण सम्मेलन (सीएमएस) के एम्बेसडर पद से हटा दिया था।

  • स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश, छत्तीसगढ़ में हुई कोरोना से मौत का होगा ऑडिट….

    स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश, छत्तीसगढ़ में हुई कोरोना से मौत का होगा ऑडिट….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुई कोरोना से मौत के मामलों का अब ऑडिट होगा. ये बात स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्वीट कर कही है।

    इस ऑडिट में इस बात का भी पता लगाया जाएगा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी की वजह से तो किसी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई।

    स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने तो यहां तक कह दिया कि सरकार ने संसद को जानबूझकर गुमराह किया है. टीएस सिंहदेव ने केंद्र सरकार के उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि किसी राज्य ने ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों की जानकारी नहीं दी है।

    हैरान करने वाली बात ये है कि केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार से इस संबंध में कोई आंकड़े नहीं मांगे है. टीएस सिंहदेव का कहना है कि केंद्र सरकार ने कभी भी राज्यों से ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों के आंकड़े नहीं मांगे हैं. वे एक दिन में मरने वालों की संख्या, कोमॉरेडिटी के साथ मौत, बिना कोमॉरेडिटी के साथ और कोमॉरेडिटी का प्रकार जैसा डेटा मांगते हैं।