पुलिस मुख्यालय में राज्य के सभी पुलिसकर्मियों के लिए सोशल मीडिया में उपयोग करने के संबंध में दिशा निर्देश जारी कर दिया है। डीजीपी ने 20 अलग-अलग बिंदुओं में दिशा निर्देश जारी किये हैं, जिसके मुताबिक पुलिसकर्मियों को सोशल मीडिया के इस्तेमाल करने की अनुमति है, लेकिन उन्हें आचरण नियमावली का उल्लंघन नहीं करना होगा। सोशल मीडिया में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारी ऐसी कोई भी जानकारी साझा नहीं करेंगे, जो उन्हें विभागीय नियुक्ति के कारण मिला हो। इस मामले में उन्हें जानकारी साझा करने के लिए अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। शासकीय दस्तावेजों, नोटशीट और प्रतिवेदन को सोशल मीडिया में साझा करने के लिए उन्हें अधिकारी की अनुमति लेनी होगी।
आजाद जनता पार्टी के अध्यक्ष उज्ज्वल दीवान ने बताया कि वे लगातार पुलिसवालों के लिए लड़ते आए हैं, लेकिन अब उनका किसी भी पॉलिटिकल पार्टी पर भरोसा नहीं रहा, इसलिए उन्होंने खुद की पार्टी खड़ी की है।
राज्य के सभी पीड़ितों को न्याय दिलाना पार्टी का मकसद होगा। प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बैठकें हो रही हैं और लोग लगातार जुड़ते जा रहे हैं।
ज्जवल दीवान के मुताबिक कई लोग फ्रंट में आए बिना भी उनको सहयोग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में कई पीड़ित पुलिसकर्मी इस्तीफा देकर चुनाव लड़ेंगे। कुछ राज्यों को छोड़कर क्षेत्रीय पार्टियों का दबदबा देशभर में है और छत्तीसगढ़ में भी क्षेत्रीय पार्टी की मांग उठ रही थी, हालांकि इससे पहले अजीत जोगी और ताराचंद साहू ने भी अपनी पार्टी बनाई थी। लेकिन परिस्थितियां अनुकूल नहीं रही, इसलिए पार्टी चल नहीं पाई। उज्ज्वल का ये दावा है की उनकी पार्टी अच्छी तरह से रन करेगी।
गृहमंत्री के खिलाफ लड़ेंगे चुनाव पीएचक्यू से निलंबित पुलिस कॉन्स्टेबल संजीव मिश्रा ने बताया जब उनका इस्तीफा मंजूर होगा तब वे गृहमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ेंगे और अगर नहीं होता है तो गृह विभाग का पीड़ित सिपाही ताम्रध्वज साहू के खिलाफ और जेल विभाग का पीड़ित कॉन्स्टेबल संसदीय सचिव के खिलाफ चुनाव लड़ेगा।
2021 से दिया इस्तीफा अब तक नहीं हुआ मंजूर उज्ज्वल दीवान इस वक्त धमतरी जिले में कॉन्स्टेबल के पद पर पोस्टेड हैं। उन्होंने साल 2021 में ही अपना इस्तीफा सौंप दिया है, जो अब तक मंजूर नहीं किया गया है। रिजाइन एक्सेप्ट होने के बाद ही वे चुनाव लड़ पाएंगे। उज्ज्वल दीवान इससे पहले पुलिस परिवार के आंदोलन का नेतृत्व कर चुके हैं। इस दौरान उनके खिलाफ कई मामले भी दर्ज हुए हैं।
पुरानी पार्टी को किया टेकओवर संजीव मिश्रा ने बताया कि उन्होंने नई पार्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया था लेकिन उसके नाम को लेकर आपत्ति के बाद पहले से रजिस्टर्ड आजाद जनता पार्टी को टेकओवर किया गया और अब ये नई पार्टी इसी के बैनर तले अपने प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारेगी। उन्होंने अपनी एक लीगल टीम भी तैयार कर ली है, जो उनकी पार्टी से जुड़े लोगों के साथ ही पीड़ितों की समस्या सुलझाएगी।
प्रदेश में पुलिस कर्मचारियों की संख्या जिला बल – 63000, नगर सेना – 12000, जेल विभाग – 1500, सहायक आरक्षक – 4000
पुलिस परिवारों की संख्या – लगभग 4 लाख 80 हजार
साल 2018 से इन मांगों को लेकर आंदोलन कर चुके हैं पुलिस परिवार केंद्र सरकार के तृतीय वर्ग कर्मचारियों के बराबर वेतन-भत्ते फोर्स के आधार पर मकान का इंतजाम पेट्रोल भत्ता देते हुए कम से कम 3000 रुपए दिया जाए पुलिस किट व्यवस्था को मध्यप्रदेश की तरह बंद कर किट भत्ता दिया जाए। ड्यूटी के दौरान मरने वाले कर्मचारी को शहीद का दर्जा देते हुए मध्यप्रदेश की तरह 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि और परिवार के 1 सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए।
अन्य विभागों की तरह राज्य के तृतीय वर्ग पुलिस कर्मचारियों के परिवार के मुफ्त इलाज की व्यवस्था प्रदान की जाए। अन्य विभागों की तरह पुलिस के ड्यूटी करने का समय 8 घंटे निश्चित किया जाए और निर्धारित समय से ज्यादा कार्य लेने पर अतिरिक्त भुगतान दिया जाए।नक्सल प्रभावित जिलों में तैनात बल को उच्च मानक के बुलेट प्रूफ जैकेट और अत्याधुनिक हथियार उपलब्ध कराए जाएं मध्य प्रदेश पुलिस की तरह वरिष्ठता के आधार पर प्रमोशन दिया जाए पुलिस जवान को उसके सेवाकाल में कम से कम तीन प्रमोशन अनिवार्य रूप से किए जाए जवानों का ग्रेड-पे भी 2800 होना चाहिए
खरसिया। शिक्षा सत्र 2033-24 के पहले दिन 26 जून को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोंडतराई में शाला प्रवेश उत्सव मनाया गया। इस दौरान नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और चॉकलेट खिलाकर स्वागत किया गया और उन्हें पाठ्यपुस्तक और कॉपी वितरित किया गया।
गौरतलब है कि इस वर्ष भीषण गर्मी के कारण राज्य में नया शिक्षा सत्र 16 जून के बजाए 26 जून से प्रारम्भ हुआ है। छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार सत्र 2023-24 के प्रथम दिवस 26 जून को सभी विद्यालयों में शाला प्रवेश उत्सव मनाया गया। इसी तारतम्य में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोंडतराई में भी शाला विकास एवं प्रबंध समिति के अध्यक्ष टेकराम चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति में शाला प्रवेश उत्सव मनाया गया। इस दौरान सर्वप्रथम कक्षा 9 वीं में प्रवेश लेने वाले नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और चॉकलेट खिलाकर स्वागत किया गया। इसके पश्चात उन्हें छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा प्रदत्त निःशुल्क पाठ्यपुस्तक और कॉपियों का वितरण किया गया। अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी चॉकलेट का वितरण किया गया।
इस दौरान एसएमडीसी के अध्यक्ष टेकराम चौधरी, विद्यालय के प्राचार्य सुधीन राम भगत, व्याख्याता एल बी द्वय अखिलेश कुमार मिश्रा और मनोज कुमार कुजूर ने उपस्थित विद्यार्थियों को सम्बोधित कर उन्हें नए शिक्षा सत्र की बधाई देते हुए इस दौरान मन लगाकर और अनुशासित होकर अध्ययन करने की बात कही। इससे पहले व्याख्याता एल बी और एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी राजेश कुमार पटेल ने विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई।
शाला प्रवेश उत्सव के दौरान शाला विकास एवं प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष टेकराम चौधरी, विद्यालय के विद्यालय प्राचार्य सुधीन राम भगत, वरिष्ठ व्याख्याता गोकुल प्रसाद नायक, व्याख्याता एल बी मनोज कुमार कुजूर, लिबिर साय किंडो, राजेश कुमार पटेल, अखिलेश कुमार मिश्रा, कृष्ण गोपाल पटेल, श्रीमती बसंती टोप्पो, श्रीमती तारा नायक, व्यायाम शिक्षक अनूप कुमार टोप्पो, सहायक शिक्षक विज्ञान एल बी जनेश्वर खरे (संकुल शैक्षिक समन्वयक), शैलेन्द्र कुमार धिरहे, महेंद्र प्रताप सिंह राज, कार्यालय प्रभारी सहायक ग्रेड-02 प्रवीण कुमार चतुर्वेदी, सहायक ग्रेड-03 जया राम राठिया सहित अन्य कर्मचारी और स्कूली बच्चे उपस्थित थे।
राजधानी के एक सरकारी अस्पताल में प्रसूता की जान चली गई। सीएमएचओ ने जांच कमेटी बनाई थी जिसकी रिपोर्ट मिलने के बाद अस्पताल के प्रमुख डॉ नेहा अग्रवाल को हटा दिया गया है। उनकी जगह शिशु रोग विशेषज्ञ भेनूज कुमार सिन्हा को अस्पताल का प्रभार दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार 9 जून को गुढ़ियारी निवासी गर्भवती महिला को लेकर उसके परिजन सुबह 11 बजे गुढ़ियारी के सरकारी अस्पताल पहुंचे थे। जहां डॉक्टर उन्हें बार-बार डिलीवरी का आश्वासन देते रहे। दोपहर 2 बजे अस्पताल की डॉक्टर चली गई। दिन भर अस्पताल में रहने के बावजूद महिला की ना तो डिलीवरी हुई और ना ही जांच की गई। इलाज में देरी के चलते गर्भवती महिला बेहोश हो गई। लगभग 7 घंटे तक शासकीय अस्पताल में रहने के बावजूद डिलीवरी नहीं कराई गई। 7 घंटे इंतजार करवाने के बाद उसे निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया।
छत्तीसगढ़ कैडर के 2004 के आईपीएस अफसरों को केंद्र सरकार ने कुछ समय पहले बतौर आईजी इंपैनल किया था। इनमें 2004 बैच के चार आईपीएस हैं। जिसमें नेहा चंपावत, अभिषेक पाठक के अलावा छत्तीसगढ़ में खुफिया चीफ का जिम्मा संभाल रहे अजय कुमार यादव और संजीव शुक्ला का नाम शामिल था। इनमें से आईपीएस अफसर नेहा चंपावत को NCRB का आईजी बनाया गया है तो वहीं 2004 बैच के अी आईपीएस अफसर अभिषेक पाठक को BSF का आईजी बनाया गया है।
इसका आदेश भी दिल्ली से जारी हो चुका है। आईपीएस अफसर अजय कुमार यादव और संजीव शुक्ला को भी बतौर आईजी इंपैनल किया गया है। इनकी भी नियुक्ति का आदेश जल्द जारी होने की उम्मीद जताई जा रही है।
यहां एक बात ये भी है कि केंद्र सरकार का छत्तीसगढ़ के आईएएस और आईपीएस अफसरों पर भरोसा लगातार बढ़ता जा रहा है। यही कारण है कि तमाम आईएएस और आईपीएस अफसरों को सेंट्रल डेपुटेशन पर जा रहे हैं। अभी हाल ही में प्रदेश के एक बड़े आईएएस अफसर को गृहमंत्री अमित शाह का निज सचिव बनाया गया है। वे भी छत्तीसगढ़ कैडर के ही आईएएस अफसर बताए जा रहे हैं।
भारत सरकार ने रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) में नए चीफ की नियुक्ति की है। 1988 बैच और छत्तीसगढ़ कैडर के सीनियर आईपीएस ऑफिसर रवि सिन्हा RAW के नए चीफ बनाए गए हैं। सिन्हा को आईपीएस सामंत कुमार गोयल की जगह यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब तक आईपीएस सामंत कुमार गोयल RAW के नए चीफ थे।
गोयल को भारत सरकार ने एक्सटेंशन भी दी। लेकिन अब गोयल का कार्यकाल 30 जून को खत्म हो रहा है। अबकी बार उन्हें एक्सटेंशन नहीं दी गई और आईपीएस रवि सिन्हा को RAW का नया चीफ बना दिया। आईपीएस रवि सिन्हा ज्वाइन करने से दो साल तक या अगले आदेश तक RAW के चीफ रहेंगे।
रवि सिन्हा अब तक स्पेशल सचिव थे
1988 बैच के सीनियर आईपीएस ऑफिसर रवि सिन्हा अभी कैबिनेट सचिवालय में स्पेशल सेक्रेटरी हैं और अब वह अपनी अगली पोस्टिंग के तहत RAW में सेक्रेटरी के पद पर जा रहे हैं।
रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) क्या है?
रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) भारत सरकार की अतिसंवेदनशील संस्था है। RAW पर विदेशी इंटेलिजेंस जुटाने का जिम्मा होता है। अगर किसी देश के घटनाक्रम का भारत पर असर हो सकता है, तो RAW उसपर नजर रखती है। राष्ट्रहितों के लिए खुफिया ऑपरेशंस को भी RAW अंजाम देती है। इंदिरा गांधी सरकार के समय RAW अस्तित्व में आई। रामेश्वर नाथ काव इसके इसके पहले प्रमुख थे। RAW सीधे प्रधानमंत्री को रिपोर्टिंग करती है।
पीएमओ के अधीन करता है काम
बता दें कि रॉ भारत की अन्तरराष्ट्रीय गुप्तचर संस्था है, जो सीधे पीएमओ के अधीन काम करता है. सितम्बर 1968 में गठित यह संगठन का मुख्य कार्य जानकारी एकत्रित करना, आतंकवाद को रोकना व गुप्त ऑपरेशनों को करना है. इसके साथ ही यह विदेशी सरकारों, कम्पनियों व मानवों से मिली जानकारी पर कार्य करता है, जिससे भारतीय नीति निर्माताओं को सही मन्त्रणा दी जा सके.
1962 के भारत-चीन युद्ध व 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान अन्वेषण ब्यूरो के कार्य को लेकर उठे सवालों के बीच भारत सरकार को एक ऐसी संस्था की आवश्यकता महसूस हुई, जो स्वतन्त्र और सक्षम तरीके से बाह्य जानकारियाँ एकत्रित कर सके. इसके बाद रामेश्वर नाथ काओ की अगुवाई में रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (R&AW) का गठन किया गया.
खरसिया। रायगढ़ के माटीपुत्र जस्टिस प्रशांत मिश्रा के सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधिपति की शपथ लेने के बाद प्रथम नगर आगमन पर छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक मंच व श्री श्याम मंडल की ओर से उनका अभिनंदन किया गया।
छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक मंच के संयोजक व श्री श्याम मंडल के प्रचार मंत्री महावीर अग्रवाल ने कहा कि न्यायाधिपति प्रशांत मिश्रा ने पूरे देश में रायगढ़ व छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। उनकी इस महान उपलब्धि से हम सब रायगढ़वासी खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। श्री अग्रवाल ने बताया कि जस्टिस प्रशांत मिश्रा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधिपति की शपथ लेने के बाद पहली बार रायगढ़ पहुंचे, उनके व्यस्त कार्यक्रम की वजह से हम उनसे यहां मुलाकात नहीं कर सके। जब इस बात की जानकारी श्री मिश्रा को मिली तो उन्होंने बड़े ही प्यार व सहज भाव से हमें बिलासपुर बुलाया। बिलासपुर स्थित उनके आवास पर हमने शाल, श्रीफल, मोमेंटो, श्री श्याम दुपट्टा व गुलदस्ता भेंटकर छत्तीसगढ़ सांस्कृतिक मंच व श्री श्याम मंडल की ओर से उनका स्वागत व अभिनंदन किया गया। इस मौके पर श्री श्याम मंडल के संरक्षक लक्ष्मीनारायण शर्मा भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि जस्टिस प्रशांत मिश्रा ने रायगढ़ का मान बढ़ाया है। उनका अभिनंदन कर हम खुद को गौरवान्वित व सम्मानित महसूस कर रहे हैं।
ओ पी एस, संविदा, तकनीकी भत्ता सहित अन्य मांगो पर महासंघ करेगा आंदोलन
रायगढ़। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी महासंघ की प्रदेश कार्य समिति की एक दिवसीय बैठक बिलासपुर में संपन्न हुआ। बैठक में मौजूद समस्त पदाधिकारी एव सदस्यों ने कर्मचारी मांगो पर पॉवर कंपनी प्रबंधन की टाल मटोल वाली नीति पर तीव्र आक्रोश व्यक्त किया तथा पूर्व स्थगित आंदोलन को पुनः प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। इसके तहत आगामी 23 जून को शाम 5 बजे डगनिया विद्युत मुख्यालय में विशाल आम सभा कर आगे की रण नीति की घोषणा की जायेगी। रायगढ़ यूनियन के उप महामंत्री विवेक विश्व कर्मा ने बताया कि कर्मचारी मांगो में पुरानी पेंशन लागू करने, संविदा कर्मियों को नियमित करने, तकनीकी कर्मियों को तकनीकी भत्ता, 6 वेतन अवरोध भत्ता, वाहन भत्ता में महंगाई राहत देने, आई टी आई डिप्लोमा कर्मियों को योग्यता नुसार पद देने सहित अन्य मांगो पर सहमति के बावजूद आदेश न होना शामिल है। बैठक में मार्ग दर्शन के लिए भामस के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री बी सुरेंद्रन, राष्ट्रीय मंत्री श्री राधे श्याम जायसवाल, अखिल भारतीय विद्युत प्रदेश प्रभारी श्री दत्ता धामणकर उपस्थित रहे।
छत्तीसगढ़ में चुनाव से पहले बड़ी हस्तियों का राजनीति में प्रवेश शुरू हो चुका है। छत्तीसगढ़ी फिल्म अभिनेता पदमश्री अनुज शर्मा आज भाजपा में शामिल हो गए है।
पद्मश्री डॉ राधेश्याम बारले ने भी भाजपा की सदस्यता (Padmashree Dr. Radheshyam Barle joins BJP) ले ली। वहीं पूर्व आईएएस RPS त्यागी (Former IAS Tyagi joins BJP) भी भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा प्रदेश प्रभारी ओम माथुर ने इन सभी को सदस्यता दिलाई। इनके अलावा राजेंद्र नायक पटेल, विजय कुमार ध्रुव, रायपुर के निर्दलीय पार्षद अमर बंसल, हाईकोर्ट के एडवोकेट निशांत श्रीवास्तव, के साथ कई प्रोफेशनल व्यक्ति और व्यापारियों समेत कुल 300 से अधिक लोग आज भाजपा में शामिल हुए।
BJP कार्यालय के बाहर उत्सव का माहौल
आपको बता दें कि, इन हस्तियों और पूर्व आईएएस त्यागी के भाजपा में शामिल होने के बाद प्रदेश भाजपा कार्यालय के बाहर उत्सव का माहौल है। भाजपा कार्यालय के बाहर अलग-अलग संस्कृतियों का प्रदर्शन करते हुए नृत्य किए जा रहे है। इस अवसपर पर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह, प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव, पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, राजेश मूणत और सांसद सुनील सोनी समेत दिग्गज नेता शामिल रहे।
छत्तीसगढ़ समेत देश के पांच चुनावी राज्यों के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने निर्देश जारी कर दिया है। तीन वर्ष से एक ही जगह पर डटे अधिकारियों को हटाया जाए। आयोग ने स्थानांतरण-पदस्थापना की डेडलाइन 31 जुलाई 2023 तय कर दी है। सूत्रों की मानें तो इसके लिए मुख्य सचिव को पत्र भेजा गया है। बता दें कि इस साल छत्तीसगढ़ समेत मध्यप्रदेश, राजस्थान, मिजोरम व तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन राज्यों में नवंबर-दिसंबर में चुनाव प्रस्तावित है। लिहाजा अब पांच महीने का समय बचा है। ऐसे में चुनाव आयोग ने भी अपनी तैयारियां प्रारंभ कर दी है।
राज्य सरकारों को 31 जुलाई तक हर हाल में ऐसे में अफसरों के तबादले के लिए डेडलाइन जारी की है। इस आदेश का पालन कर जानकारी भी भेजने के निर्देश दिए हैं। छत्तीसगढ़ में पिछली बार विधानसभा चुनाव 2018 के दौरान भी आयोग द्वारा इस तरह के निर्देश जारी किएगए थे। पिछली बार अक्टूबर में चुनाव की घोषणा हुई थी।