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  • अब एक साथ होंगे लोकसभा-विधानसभा चुनाव! वन नेशन वन इलेक्शन को मंजूरी, कैबिनेट में प्रस्ताव पास…32 राजनीतिक दलों का समर्थन

    अब एक साथ होंगे लोकसभा-विधानसभा चुनाव! वन नेशन वन इलेक्शन को मंजूरी, कैबिनेट में प्रस्ताव पास…32 राजनीतिक दलों का समर्थन



    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली कैबिनेट ने भारत में एक देश एक चुनाव यानी वन नेशन वन इलेक्शन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। बुधवार को मोदी कैबिनेट ने बैठक में देश में एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

    जानकारी के मुताबिक, मोदी कैबिनेट की मीटिंग में लिए गए फैसले पर ब्रीफिंग दी जाएगी।

  • भारत को मिल सकता है वीटो पावर

    भारत को मिल सकता है वीटो पावर


    संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्यों को वीटो पावर दी गई है। ये सदस्य हैं – चीन, फ़्रांस, रूस, यूनाइटेड किंगडम, और संयुक्त राज्य अमेरिका। ये देश वीटो पावर का इस्तेमाल कर किसी भी प्रस्ताव को खारिज कर सकते हैं।

    संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मुताबिक सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य होते हैं। इनमें से पांच देश स्थायी सदस्य हैं और इन्हें वीटो पावर का अधिकार है। वहीं, डबल वीटो की स्थिति में कोई स्थायी सदस्य लगातार दो वीटो लगाकर किसी महत्वपूर्ण निर्णय को रोक सकता है।

    5 कारण जिससे भारत को मिलेगा ‘वीटो पावर

    1 .आबादी : भारत दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश है। भारत की बढ़ती आबादी और युवा जनसंख्या भारत को वीटो पावार का बड़ा दावेदार बनाता हैं।

    2 .अर्थव्यवस्था: भारत की अर्थव्यवस्था तेज़ी से बढ़ रही है। आज के समय में भारत अर्थव्यवस्था के मामले में पांचवे नंबर पर पहुंच चूका हैं।

    3 .सैन्य शक्ति: भारत को दुनिया का चौथा सबसे ताकतवर देश माना जाता है। ऐसे में भारत के पास वोटो पावार की शक्ति होनी चाहिए।

    4 .ज्ञान और नवाचार: भारत विज्ञान, प्रौद्योगिकी, और नवाचार के क्षेत्र में अपनी ताकत से वैश्विक ख्याति अर्जित कर चुका है। भारत चंद्रमा पर उतरने वाला चौथा देश बन गया है। वहीं भारत मंगल ग्रह तक पहुंच चूका हैं।

    5 .विदेश नीति : भारत ने कहा है कि वैश्विक संतुलन बनाने के लिए उसका मज़बूत रहना ज़रूरी है। ऐसे में भारत के पास वीटो पावर होनी चाहिए।

  • इंस्टाग्राम का बड़ा अपडेट: 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए यह फीचर लांच

    इंस्टाग्राम का बड़ा अपडेट: 18 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए यह फीचर लांच

    मेटा प्लेटफार्म ने अपने इंस्टाग्राम सोशल मीडिया के यूजर्स के लिए बड़ा अपडेट किया है। मेटा ने 18 साल से कम आयु के यूजर्स के इंस्टाग्राम अकाउंट्स को टीन अकाउंट्स में पोर्ट करने का ऐलान किया है।

    इन यूजर्स के अकाउंट को प्राइवेसी और पैरेंटल कंट्रोल से लैस किया जाएगा। यह डिफाल्ट रूप से प्राइवेट अकाउंट होंगे। इनकी सारी एक्टिविटीज प्राइवेट अकाउंट्स की तरह होगी और कोई अनजान यूजर एक्सेस नहीं कर पाएगा।

  • अब सिम खरीदने की प्रक्रिया होगी पेपरलेस, दूरसंचार विभाग ने बदले नियम…

    अब सिम खरीदने की प्रक्रिया होगी पेपरलेस, दूरसंचार विभाग ने बदले नियम…

    नई दिल्ली। अगर आप नया सिम कार्ड खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए महत्वपूर्ण है। दूरसंचार विभाग ने सिम कार्ड खरीदने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत सिम कार्ड खरीदने की प्रक्रिया अब पूरी तरह से पेपरलेस हो गई है। अब आपको सिम कार्ड लेने या ऑपरेटर बदलने के लिए कागजी दस्तावेज़ देने की आवश्यकता नहीं होगी।

    दूरसंचार विभाग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल के माध्यम से नए नियमों की घोषणा की है। इसमें बताया गया है कि अब यूजर्स अपने डॉक्यूमेंट्स को खुद ही डिजिटल रूप से वेरीफाई कर सकेंगे। यह कदम यूजर्स के निजी दस्तावेजों के गलत इस्तेमाल और फर्जीवाड़े को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है, साथ ही डिजिटल इंडिया पहल के तहत प्रक्रिया को अधिकतम डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है।

    अब सिम कार्ड खरीदने के लिए ई-केवाईसी और सेल्फ- केवाईसी का इस्तेमाल

    दूरसंचार विभाग ने नए टेलीकॉम सुधार के तहत ई- केवाईसी (Know Your Customer) और सेल्फ- केवाईसी की सुविधा शुरू की है। अब सिम कार्ड खरीदने के लिए यूजर्स को केवल आधार कार्ड का उपयोग करना होगा। आधार बेस्ड पेपरलेस वेरिफिकेशन फीचर के जरिए टेलीकॉम कंपनियां डॉक्यूमेंट को सत्यापित करेंगी, जिसमें सिर्फ 1 रुपये (जीएसटी सहित) का खर्च आएगा।

    इसके अलावा, प्रीपेड से पोस्टपेड में या पोस्टपेड से प्रीपेड में नंबर स्विच करने के लिए भी अब यूजर्स को टेलीकॉम ऑपरेटर के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। यह पूरी प्रक्रिया ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आधारित वेरिफिकेशन से पूरी की जा सकेगी, जिससे समय और कागजी दस्तावेज़ की आवश्यकता खत्म हो जाएगी।

    फर्जी सिम कार्ड जारी होने पर लगेगी रोक

    दूरसंचार विभाग ने यह नया नियम इसलिए भी लागू किया है ताकि किसी के नाम पर फर्जी सिम कार्ड जारी होने की घटनाओं पर रोक लग सके। अब, बिना किसी फोटोकॉपी या दस्तावेज़ की आवश्यकता के, यूजर्स डिजिलॉकर जैसे प्लेटफार्म का उपयोग करके खुद से अपना केवाईसी वेरीफाई कर सकेंगे, जिससे निजी जानकारी सुरक्षित रहेगी।

    टेलीकॉम ऑपरेटर के पास जाने की जरूरत नहीं

    यह नया नियम टेलीकॉम ऑपरेटरों से जुड़ी कई प्रक्रियाओं को भी आसान बनाता है। यदि कोई यूजर अपना कनेक्शन प्रीपेड से पोस्टपेड में या पोस्टपेड से प्रीपेड में बदलना चाहता है, तो वह ओटीपी आधारित वेरिफिकेशन से यह कार्य ऑनलाइन कर सकेगा, जिससे टेलीकॉम ऑपरेटर के ऑफिस जाने की जरूरत समाप्त हो जाएगी।

    इस नई प्रक्रिया के माध्यम से, यूजर्स के समय और कागजी दस्तावेज़ की जरूरत में कटौती होगी और सुरक्षा भी बढ़ेगी।

  • पट्टे पर मिली सरकारी जमीन मिशनरी संस्था ने बेच दी : EOW ने दर्ज किया मामला…

    पट्टे पर मिली सरकारी जमीन मिशनरी संस्था ने बेच दी : EOW ने दर्ज किया मामला…

    बैतूल में इवेंजलिकल लूथरन चर्च इन एमपी (ईएलसी) के पदाधिकारियों पर सरकार द्वारा मिशनरी संस्था को शिक्षा और धार्मिक प्रयोजन के लिए दी गई बेशकीमती जमीन बेच देने का आरोप है। EOW ने इवेंजलिकल लूथरन चर्च के 7 पदाधिकारियों, तत्कालीन जिला पंजीयक राजीव सोरते समेत 11 लोगों के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज किया है।

    आरोप है कि इवेंजलिकल लूथरन चर्च इन एमपी (ईएलसी) के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सहायक सचिव हेड कोषाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों ने हेराफेरी कर जमीन बेच डाली। और इससे मिले पैसे हड़प लिए। अब सरकारी जमीन को स्व अर्जित बताकर बेचने और बिना अनुमति के क्रय-विक्रय करने के मामले में जांच के बाद EOW ने केस दर्ज किया है। जांच में सामने आया है कि मिशनरी संस्था के अध्यक्ष समेत पदाधिकारियों ने सरकारी जमीन बेचकर पैसे हड़प लिए। जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि बेची गई सरकारी जमीन पर स्कूल और चर्च चल रहा है, साथ ही होस्टल भी है, लेकिन जमीन बेचने के बाद यहां निर्माण कार्य के लिए स्कूल का एक हिस्सा तोड़ दिया गया। नियम के अनुसार स्कूल तोड़ने के पहले कलेक्टर से अनुमति लेना होता है, जो नहीं ली गई। प्रावधान को नजरअंदाज कर तोड़फोड़ की गई। यहां विकास कार्यों और कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाने के लिए अनुमति नहीं ली गई थी। संस्था के खाते की जांच में एजेंसी ने तत्कालीन स्कूल प्राचार्य मुकेश चितरंजन मोजेस का लेनदेन भी पकड़ा गया है।

    मामले में इवेंजलिकल लूथरन चर्च एमपी ELC MP के तत्कालीन अध्यक्ष इमेन्यूअल पंचू आरोपी बनाए है। जिनकी मृत्यु हो चुकी है। साथ ही मामले में सुरेंद्र कुमार सुक्का (अध्यक्ष), अनिल मार्टिन (उपाध्यक्ष), ब्रजेश नितिन सहाय, (सचिव), अशोक चौकसे (प्रधान कोषाध्यक्ष), एसपी दिलराज (कोषाध्यक्ष), मुकेश चितरंजन मोजेस (तत्कालीन स्कूल प्रिंसिपल), पुलकित मालवीय, अरुण राठी, जॉर्ज थॉमस विश्वास, राजीव सोरते (तत्कालीन पंजीयक) पर ईएलसी को स्कूल चलाने और धार्मिक उपयोग के लिए पट्टे पर जमीन बेचने का आरोप है। आरोपी पदाधिकारियों के खिलाफ भ्रष्ट गतिविधियों को लेकर धारा 420, 406, 120 बी (भादंसं) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (1) (अ) व 13 (2) के तहत केस दर्ज किया है।

  • अग्नि-4 मिसाइल का सफल परीक्षण, चीन-पाकिस्तान की टेंशन बढ़नी तय, जानिए मारक क्षमता…

    अग्नि-4 मिसाइल का सफल परीक्षण, चीन-पाकिस्तान की टेंशन बढ़नी तय, जानिए मारक क्षमता…

    नई दिल्ली। भारत ने अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण करके चीन-पाकिस्तान की टेंशन और बढ़ा दी है। जिस तरह से चीन के साथ भारत का सीमा विवाद चल रहा ऐसे में ये परीक्षण बेहद अहम माना जा रहा है। ओडिशा के चांदीपुर में इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया गया। इस परीक्षण ने सभी परिचालन और तकनीकी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया। अग्नि-4 की मारक क्षमता जबरदस्त है। इसकी 4000 किलोमीटर है।

    अग्नि-4 से जुड़ा बड़ा अपडेट
    रक्षा मंत्रालय की ओर से बताया गया कि 6 सितंबर यानी शुक्रवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित परीक्षण रेंज से इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि -4 का सफल प्रक्षेपण किया गया। इस लॉन्चिंग में अग्नि-4 मिसाइल ने सभी परिचालन और तकनीकी मानकों को सफलतापूर्वक पूरा किया। यह स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड के तत्वावधान में किया गया।

    दो साल बाद अग्नि-4 का परीक्षण
    अग्नि-4 का ये परीक्षण करीब दो साल बाद किया गया है। इससे पहले 6 जून 2022 में इसका परीक्षण किया गया था। ये मिसाइल मारक क्षमता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

    अग्नि-4 से जुड़ी खास बातें-
    यह मिसाइल 4,000 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेद सकती है।
    अग्नि 4 मिसाइल का कुल वजन 17000 किलो के करीब है।
    इस मिसाइल की लंबाई करीब 20 मीटर है।
    एक टन वजनी परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है ये मिसाइल
    यह 900 किमी की ऊंचाई तक उड़ान भरने में सक्षम है
    इस मिसाइल में कई आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं
    इसमें रिंग लेजर गाइरो इनर्शियल नेवीगेशन सिस्टम भी लगा है।

  • लाखों का मिलना है मुआवजा मगर भगवान नहीं मिल रहे हैं…

    लाखों का मिलना है मुआवजा मगर भगवान नहीं मिल रहे हैं…

    रायगढ़। भगवान को लाखों रुपए का मुआवजा मिलना है। भगवान के नाम पर मुआवजे का चेक भी बनकर तैयार है, लेकिन भगवान हैं कि मिल ही नहीं रहे हैं। यह बात सुनने में अटपटी जरूर लगेगी, लेकिन सच है।
    मामला रायगढ़ जिले का है जहां अलग-अलग परियोजनाओं के लिए मंदिरों का अधिग्रहण किया गया। अधिग्रहण के बाद मुआवजे की गणना की गई, लेकिन पेंच यह है कि मुआवजे का भुगतान किसे करें। जमीन और मंदिर के स्वामी स्वयं भगवान है और वे आकर चेक लेने से रहे। नतीजन ये मुआवजे की राशि सरकारी खाते में पड़ी है और शासन प्रशासन मुआवजा देने भगवान का
    इंतजार कर रहे हैं। रायगढ़ जिले में पिछले कुछ सालों में अलग-अलग सरकारी और गैर सरकारी परियोजनाओं के लिए बड़े
    पैमाने पर जमीनों का अधिग्रहण किया गया था। इस दौरान कई किसानों के खेत, कईयों के घर दुकान जमीन भू-अधिग्रहण के दायरे में आए। इसमें कुछ मंदिर भी शामिल थे। राज्य सरकार की भू-अधिग्रहण नीति के तहत इन जमीनों पर मुआवजे की गणना की गई, संबंधित पक्ष को मुआवजा वितरित भी किया जाने लगा, लेकिन मामले में पेंच तब फंस गया-जब मंदिरों के जमीन अधिग्रहण के बदले मुआवजा राशि के वितरण की बारी आई।नियमानुसार मुआवजा पत्रक में मंदिर में काबिज भगवान के नाम पर प्रकरण तैयार किया गया था, लिहाजा मुआवजा राशि भी संबंधित भगवान को ही मिलेगी। ऐसे एक दो नहीं बल्कि 13 प्रकरण सामने आए जिसमें मुआवजा पाने के हकदार स्वयं भगवान थे। यह प्रकरण एनटीपीसी की रेल लाइन, केलो परियोजना और जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के लिए किए गए जमीन अधिग्रहण से संबंधित थे।

    अब जरा इन प्रकरणों पर गौर करें। ग्राम झलमला में श्री जगन्नाथ महाप्रभु के नाम पर 79000 का मुआवजा प्रकरण बना है। धनगांव में जगन्नाथ स्वामी जी के नाम पर 63488 रुपए का मुआवजा बना है। ग्राम कोटवार में छबीलेश्वर महादेव बाबा के नाम पर 156245 का मुआवजा बना है। ग्राम भिखारीमाल में महादेव बाबा शंकर के नाम पर 46 लाख 65898 रुपए का मुआवजा बना है। ग्राम टारपाली में श्री राम जानकी मंदिर के नाम पर दो अलग-अलग प्रकरणों में 85 लाख रुपए का मुआवजा बना है। इसी तरह भगवान जगन्नाथ महाप्रभु के ही नाम पर ग्राम केनसरा में 2111 रुपए, कोरमा पाली में 24965 धनगांव में 196528 रुपए, सूपा में 42589 रुपए, बरपाली में 63488 रुपए का मुआवजा प्रकरण बना है। ये सारे प्रकरण 2018 से 2020 में तैयार हुए जिनके भुगतान के लिए राशि भी सरकारी खाते में आकर पड़ी है। इनके चेक बनकर तैयार हैं, लेकिन वारिस कोई नहीं।

    मामले में ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने निर्माण अनुसार मंदिर का ट्रस्ट भी बना लिया है। ऐसे में शासन को मुआवजे की राशि देनी चाहिए। अगर मौजूदा भी मिले तो ब्याज की राशि का भुगतान समिति को किया जाए जिससे मंदिर का मेंटेनेंस व अन्य खर्च चलाया जा सके। वे सालों से शासन प्रशासन के चक्कर काटकर थक चुके हैं, लेकिन मामले में अब तक कोई हल नहीं निकला है। इधर मामले में विभागीय अधिकारियों की अपनी ही दलील है। अधिकारियों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के एक जजमेंट के मुताबिक मंदिरों के मामले में पुजारी या फिर मंदिर का संचालन करने वाले व्यक्ति का नाम भूमि स्वामी के रूप में नहीं बल्कि सर्वराकारा कर के रूप में दर्ज किया जाता है। ऐसे में इन्हें सीधे मुआवजा नहीं दिया जा सकता। साल 2021 में स्टेट गवर्नमेंट वर्सेस उत्थान कल्याण समिति के एक प्रकरण में सुप्रीम कोर्ट ने जजमेंट दिया है। अगर मंदिर ट्रस्ट के रूप में संचालित है तो ट्रस्ट एक्ट के तहत प्रकरणों के हिसाब से कार्रवाई की जाती है। इन सभी मामलों में अभी जांच बाकी है। मामले में नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी।

  • कांग्रेस के आह्वान पर रहा खरसिया बन्द, विधायक पटेल ने जताया क्षेत्र की जनता का आभार…

    कांग्रेस के आह्वान पर रहा खरसिया बन्द, विधायक पटेल ने जताया क्षेत्र की जनता का आभार…

    खरसिया । कवर्धा में पुलिस कस्टडी में एक युवक की हुई मौत के दोषियों पर कार्रवाई की मांग और छत्तीसगढ़ में बिगड़ती कानून व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के आव्हान पर खरसिया पूर्ण रूप से बंद रहा। पूर्व मंत्री एवं खरसिया विधायक उमेश पटेल के नेतृत्व में इस बंद को व्यापारियों और नागरिकों का व्यापक समर्थन मिला, जिससे बाजार सुबह पूरी तरह से बंद रहा शाम को  दुकानें तथा अन्य प्रतिष्ठान खुले।


    सुबह से ही कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता विभिन्न टुकड़ियों में बंटकर मोटरसाइकिल और पैदल मार्च कर व्यापारियों से बंद में सहयोग की अपील कर रहे थे। विधायक उमेश पटेल ने सुबह 6 बजे से ही खरसिया पहुंचकर कार्यकर्ताओं को शांतिपूर्ण तरीके से बंद आयोजित करने के निर्देश दिए। उनके नेतृत्व में कांग्रेस की टीम ने सुबह 5 बजे से दोपहर 2 बजे तक विभिन्न टुकड़ियों में बंटकर नगर के सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों, दुकानों, ठेलों, गुमटियों और सब्जी विक्रेताओं से सहयोग की अपील की गयी।


    उमेश पटेल ने खुद स्टेशन चौक और बाजार चौक पर पहुँचकर जनता से समर्थन मांगा। उनकी सक्रियता ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में ऊर्जा भर दी। शहर के कई स्थानों पर दुकानें खुली ही नहीं, और जो कुछ एक दुकानें खुली थीं, वहां कांग्रेस नेता लगातार समर्थन मांगने पहुंचते रहे। बंद के दौरान, मीडिया संस्थान, दवा दुकानें और क्लिनिक जैसी आवश्यक सेवाओं को बंद से बाहर रखा गया, जिससे किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों को कोई परेशानी न हो। इस दौरान, पुलिस की टीम भी शहर में स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए गश्त करती रही।

    खरसिया के वरिष्ठ कांग्रेसी सुनील शर्मा, रणधीर शर्मा, मनोज अग्रवाल, गोपाल शर्मा, नरेश अग्रवाल, विक्कल अग्रवाल, प्रिंस सलूजा, टंकेश्वर राठौर, परीक्षित राठौर सहित नगर के कांग्रेस जनों का नगर बन्द की सफलता में विशेष योगदान रहा। विधायक उमेश पटेल और खरसिया ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने बंद में सहयोग करने वाले सभी नागरिकों, व्यापारियों और दुकानदारों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया है।



    एडिशनल एसपी ने संभाला मोर्चा

    नगर बन्द के दौरान खरसिया पुलिस की सक्रियता नगर में चर्चा का विषय रही, जिले के एडिशनल एसपी आकाश मरकाम ने भी खरसिया नगर का दौरा कर व्यापारियों से मुलाकात की तथा आश्वासन दिया कि यह बन्द स्वैच्छिक है तथा किसी भी प्रकार के दबाव की अनुमति नहीं है।


    बन्द को समर्थन न देने वालों के दुकान रहे बन्द

    प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा बुलाये गए इस बन्द के दौरान खरसिया नगर में भाजपा के कुछ पदाधिकारी तथा कार्यकर्ताओं के द्वारा बन्द को समर्थन न करने संबंधित मैसेज सोशल मीडिया में डाले जा रहे थे किंतु धरातल में उनके खुद के प्रतिष्ठान बंद रहे, जो नगर में चर्चा का विषय रहा।

    कांग्रेसियों की ही दुकानें खुली


    कांग्रेसियों के नगर बन्द के आह्वान के बाद भी अलसुबह कांग्रेसियों की ही कुछ दुकानें खुली जिसके मैसेज सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद उक्त दुकान को बंद कराया गया।

  • श्री अखण्ड राम सप्ताह का भव्य आयोजन आज से गंज बाजार खरसिया में….

    श्री अखण्ड राम सप्ताह का भव्य आयोजन आज से गंज बाजार खरसिया में….


    खरसिया । धार्मिक नगरी खरसिया की धन्य धरा पर लगातार 132 वर्षों से श्री अखण्ड राम सप्ताह का आयोजन 22 सितंबर से 29 सितंबर तक खरसिया नगर की आस्था के प्रतीक गंज बाजार स्थित श्री हनुमान मंदिर में बड़े ही धूम धाम से किया रहा है। इस वर्ष भी सियाराम सखा मंडल श्री हनुमान सेवा समिति द्वारा तैयारी जोर शोर से की जा रही है। सियाराम सखा मंडल के मनोज गोयल ने बताया की इस वर्ष 40 से अधिक गांव से मंडली राम नाम संकीर्तन करने पहुंच रही है। साथ ही प्रथम दिन अंचल के छोटे छोटे बच्चो की फेरी एवं हनुमान चालीसा का पाठ किया जावेगा। मंदिर की सजावट कोलकाता के फूल वाले कारीगरों द्वारा आकर्षित झांकियां लाइट से प्रांगण सजाया जा रहा है। अखण्ड राम सप्ताह हेतु पूरे अंचल में एक अलग ही उत्साह देखते ही बनता है। वही प्रतिदिन सुबह प्रभात फेरी निकलेगी जो नगर भ्रमण कर मंदिर पहुंचेगी। वही महिलाओ द्वारा माला एवं आरती थाली प्रतिदिन सजाई जाएगी। ऐसे अनेकों कार्यकर्म की तैयारी सियाराम सखा मंडल के युवाओं द्वारा की जा रही है। 29 सितंबर दोपहर 3-00 बजे भव्य पालकी यात्रा श्री हनुमान मंदिर गंज बाजार से प्रारंभ होकर नगर भ्रमण करते हुए श्री हनुमान मंदिर तक निकाली जावेगी।

  • तीन आईपीएस निलंबित, आदेश जारी, फेमस मॉडल-एक्ट्रेस के साथ उत्पीड़न, हाई प्रोफाइल मामले में सरकार की बड़ी कार्रवाई….

    तीन आईपीएस निलंबित, आदेश जारी, फेमस मॉडल-एक्ट्रेस के साथ उत्पीड़न, हाई प्रोफाइल मामले में सरकार की बड़ी कार्रवाई….

    तीन आईपीएस अधिकारियों को निलंबित किया गया है। आंध्र प्रदेश सरकार ने आदेश जारी कर दिया है। मुंबई की एक्ट्रेस-मॉडल कादम्बरी जेठवानी के साथ हुए उत्पीड़न और गलत तरीके से गिरफ्तार करने के हाई प्रोफाइल मामले ने सरकार ने यह कार्रवाई की है। निलंबन आदेश में डीजी रैंक के पूर्व इंटेलिजेंस चीफ पी. सीताराम अंजनेयुलु, डीजी रैंक के विजयवाड़ा के पूर्व पुलिस कमिश्नर कांथी राणा टाटा और SP रैंक के विजयवाड़ा के तत्कालीन पुलिस डिप्टी कमिश्नर विशाल गुन्नी के नाम शामिल है।

    तीनों IPS अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने एक्ट्रेस और मॉडल कादंबरी जेठवानी को उसके खिलाफ दर्ज मामले में सही तरीके से जांच नहीं की और जल्दबाजी में उसे गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों पर एक्ट्रेस को परेशान करने का भी आरोप लगा है। एक्ट्रेस कादंबरी जेठवानी ने अगस्त में एनटीआर पुलिस आयुक्त एस.वी. राजशेखर बाबू के पास एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत में उन्होंने कहा था कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेता और फिल्म निर्माता विद्यासागर ने फरवरी में उनके खिलाफ जालसाजी और जबरन वसूली का मामला दर्ज कराया था।

    एक्ट्रेस कादंबरी जेठवानी ने आरोप लगाया था कि शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने विद्यासागर के साथ मिलकर उन्हें और उनके माता-पिता को परेशान किया, उन्हें गिरफ्तार किया और बिना किसी पूर्व सूचना के मुंबई से विजयवाड़ा ले गए। एक्ट्रेस ने कहा कि पुलिस ने उन्हें और उनके बुजुर्ग माता-पिता को अपमानित किया और गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा, जिसके कारण उनके परिवार को 40 दिनों से अधिक समय तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा।

    एक्ट्रेस के वकील एन. श्रीनिवास ने आरोप लगाया कि विद्यासागर ने जेठवानी और उनके परिवार को फंसाने के लिए जाली दस्तावेज बनवाए और पुलिस ने उन्हें कई दिनों तक जमानत की याचिका दाखिल करने की इजाजत नहीं दी। एक्ट्रेस ने कहा की पिछली सरकार के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उन्हें धमकी दी थी। अधिकारियों ने एक्ट्रेस से कहा था कि अगर उन्होंने मुंबई में निगम के एक शीर्ष अधिकारी के खिलाफ दर्ज मामले को वापस नहीं लिया तो इसका अंजाम अच्छा नहीं होगा और उन्हें गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।