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  • रायगढ़ में रविन्द्र चौबे, जशपुर चिन्तामणि महाराज तो उमेश पटेल बलौदाबाजार में करेंगे ध्वजारोहण

    रायगढ़ में रविन्द्र चौबे, जशपुर चिन्तामणि महाराज तो उमेश पटेल बलौदाबाजार में करेंगे ध्वजारोहण

    स्वतंत्रता दिवस पर कौन मंत्री कहाँ झंडारोहण करेगा इसकी सूची सरकार ने जारी कर दी है। रायपुर राजधानी मेम जहां स्वयं मुख्यमंत्री ध्वजारोहण करेंगे वहीं रायगढ़, जशपुर सहित सभी जिलों मेम ध्वजारोहण के लिए सरकार ने मंत्रियों और संसदीय सचिवों की सूची जारी कर दी है।

    रायगढ़ में जहां मंत्री रविन्द्र चौबे ध्वजारोहण करेंगे वहीं जशपुर जिले के लिए चिन्तामणि महाराज को ध्वजारोहण की जिम्मेदारी दी गई है। बिलासपुर में मंत्री जय सिंह अग्रवाल, कोरबा में प्रेम सिंह टेकाम ध्वजारोहण करेंगे वहीं रायगढ़ जिले के मंत्री उमेश पटेल बलौदाबाजार में ध्वजारोहण करेंगे। उत्तमदन मिंज को ध्वजारोहण के लिए बलरामपुर जाएंगे।

  • राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल बिलासपुर एवं CM भूपेश राजधानी में करेंगे ध्वजारोहण…

    राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल बिलासपुर एवं CM भूपेश राजधानी में करेंगे ध्वजारोहण…

    रायपुर। प्रदेश में 15 अगस्त 2021 को स्वतंत्रता दिवस पूरी गरिमा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राऊण्ड में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत कोरिया जिला मुख्यालय में एवं उपाध्यक्ष श्री मनोज सिंह मण्डावी कोण्डागांव जिला मुख्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में ध्वजारोहण करेंगे। अन्य जिला मुख्यालयों में मंत्रीगण और संसदीय सचिव राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।

    राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रदेश के जिला मुख्यालयों में ध्वजारोहण हेतु मुख्य अतिथियों की सूची जारी कर दी गई है। गृह एवं लोक निर्माण मंत्री श्री ताम्रध्वज साहू महासमुंद में, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव कबीरधाम में, कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे रायगढ़ में, वन एवं परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर दुर्ग में, स्कूल शिक्षा तथा अनुसूचित जाति तथा आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम कोरबा में, उद्योग एवं आबकारी मंत्री श्री कवासी लखमा बस्तर में, नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया सरगुजा में, खाद्य एवं संस्कृति मंत्री श्री अमरजीत भगत राजनांदगांव में, उच्च शिक्षा एवं खेल मंत्री श्री उमेश पटेल बलौदाबाजार-भाटापारा में, राजस्व एवं वाणिज्यिक कर मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल बिलासपुर में तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री गुरू रूद्रकुमार मुंगेली मंे, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया कांकेर जिला मुख्यालय में आयोजित स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वजारोहण करने के पश्चात मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।

    इसी प्रकार संसदीय सचिव श्री यू.डी. मिंज बलरामपुर में, श्री विकास उपाध्याय बेमेतरा में, श्री रेखचंद जैन सुकमा में, श्री इन्द्रशाह मंडावी दंतेवाड़ा में, श्री विनोद सेवनलाल चन्द्राकर धमतरी में, श्री चिन्तामणि महाराज जशपुर में, श्री द्वारिकाधीश यादव गरियाबंद में, श्री शिशुपाल सोरी बीजापुर में, श्री पारसनाथ राजवाड़े गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में, सुश्री शकुंतला साहू सूरजपुर में, श्री गुरूदयाल सिंह बंजारे नारायणपुर में, डॉ. श्रीमती रश्मि आशीष सिंह बालोद में एवं श्री चन्द्रदेव प्रसाद राय जांजगीर-चांपा जिला मुख्यालय में आयोजित 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में ध्वजारोहण करने के बाद मुख्यमंत्री का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन करेंगे।

  • शिकायत के बाद दिल्ली से जांच के आदेश, मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों की रैगिंग , प्रबंधन ने 7 छात्रों को किया सस्पेंड…

    शिकायत के बाद दिल्ली से जांच के आदेश, मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों की रैगिंग , प्रबंधन ने 7 छात्रों को किया सस्पेंड…

    जगदलपुर। संभाग के सबसे बड़े डिमरापाल मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों की रैगिंग लेने का मामला प्रकाश में आया है. शिकायत मिलने पर मामले की जांच की गई. जांच में शिकायत सही पाए जाने पर कॉलेज प्रबंधन ने 7 सीनियर छात्रों को एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया है।

    जानकारी के मुताबिक, बीते 8 अगस्त की देर रात डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के एक कमरे में कुछ सीनियर छात्र अपने जूनियर छात्रों की रैगिंग ले रहे थे. इस दौरान सीनियर छात्रों ने कुछ छात्रों की रैगिंग का नाम पर मारपीट भी कर दिया. रैगिंग से परेशान होकर एक जूनियर छात्र ने इसकी ऑनलाइन शिकायत एन्टी रैगिंग सेंट्रल कमिटी (दिल्ली) को कर दी. शिकायत मिलने के बाद डिमरापाल मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को दिल्ली से इस मामले की जांच करने का आदेश जारी हुआ।

     आदेश के बाद मेकॉज प्रबंधन की एक टीम ने मामले की जांच शुरू की. जांच में दोषी पाए जाने के बाद कॉलेज प्रबंधन ने 7 सीनियर छात्रों को एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया है. जिसकी पुष्टि डिमरापाल मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ यूएस पैकरा ने की है।

    मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ यूएस पैकरा ने बताया कि इस मामले की ऑनलाइन शिकायत किसी छात्र ने एन्टी रैगिंग सेंट्रल कमेटी दिल्ली को की थी. एंटी रैगिंग सेंट्रल कमेटी के द्वारा आदेश जारी होने के बाद मेडिकल कॉलेज की एंटी रैगिंग कमेटी की मीटिंग बुलाई गई, और मामले में जांच की गई. जांच में दोषी पाए जाने पर 7 सीनियर छात्रों को एक साल के लिए सस्पेंड कर दिया गया है. उनका कहना था कि एंटी रैगिंग बीयूरो में अगर सीनियर द्वारा दी गई छोटी सी गाली की शिकायत पर भी तत्काल कार्यवाई करने का प्रावधान है।

  • ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी समेत 6 टीएमसी नेताओं पर FIR…

    ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी समेत 6 टीएमसी नेताओं पर FIR…

    पश्चिम बंगाल के बाद अब त्रिपुरा में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी घमासान शुरू हो गया है। हाल ही में हुई राजनीतिक हिंसा की घटनाओं को लेकर जारी आरोप-प्रत्यारोप के बीच त्रिपुरा पुलिस ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और सांसद अभिषेक बनर्जी समेत तृणमूल नेताओं डोला सेन, ब्रत्य बसु, कुणाल घोष, सुबल भौमिक और श्रीप्रकाश दास के खिलाफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इन पर अतिरिक्त एसपी और एसडीपीओ खोवाई के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार करने और उनकी ड्यूटी में बाधा पहुंचाने का आरोप है।

    प्राथमिकी में कहा गया है कि रविवार सुबह 14 तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के बाद मंत्री ब्रत्य बसु और सांसद डोला सेन के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं का एक समूह खोवाई थाने पहुंचा। इसके तुरंत बाद ही अभिषेक बनर्जी भी थाने पहुंच गए। टीएमसी नेताओं ने एडिशनल एसपी और अन्य पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया। अब त्रिपुरा पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई है।

    क्या है मामला
    पिछले दिनों टीएमसी के तीन युवा नेताओं, देबांग्शु भट्टाचार्य, सुदीप राहा और जया दत्ता पार्टी के काम से त्रिपुरा गए थे। इस दौरान रास्ते में रोककर इन लोगों पर हमला किया गया। युवा नेताओं ने आरोप लगाया कि उनकी कारों को अंबासा रोड पर रोका गया और हमला किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अगरतला के बाद धर्मनगर में गोलियां चलाई गईं और एक टीएमसी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई। इसके बाद त्रिपुरा पहुंचे अभिषेक बनर्जी को भी काले झंडे दिखाए गए। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता ने उनकी कार पर डंडे से हमला किया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    इसके बाद खोवई थाने पर प्रदर्शन कर रहे तृणमूल के 14 नेताओं और कार्यकर्ताओं को कोरोना नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। इनमें बीते दिन भाजपा कार्यकर्ताओं के कथित हमलों में घायल कार्यकर्ता भी शामिल हैं। इन सभी को खोवाई में सीजेएम अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत भी दे दी गई।

  • ग्लेशियर पिघलने से भारत के 12 शहर 3 फीट तक पानी में डूब जाएंगे…. मैदानी इलाकों में भी तबाही आएगी…. 

    ग्लेशियर पिघलने से भारत के 12 शहर 3 फीट तक पानी में डूब जाएंगे…. मैदानी इलाकों में भी तबाही आएगी…. 

    धरती का तापमान बढ़ने से भारत में कैसी तबाही होगी। इसकी आशंका अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने अपनी एक रिपोर्ट में जताई है। यह रिपोर्ट करीब 80 साल बाद यानी 2100 तक की तस्वीर दिखाती है। इसमें कहा गया है कि समुद्र का जलस्तर बढ़ने से भारत के 12 तटीय शहर 3 फीट तक पानी में डूब जाएंगे। ऐसा लगातार बढ़ती गर्मी से ध्रुवों पर जमी बर्फ के पिघलने से होगा। इसका असर भारत के ओखा, मोरमुगाओ, कंडला, भावनगर, मुंबई, मैंगलोर, चेन्नई, विशाखापट्टनम, तूतीकोरन, कोच्चि, पारादीप और पश्चिम बंगाल के किडरोपोर तटीय इलाके पर पड़ेगा। 
     

    ऐसे में भविष्य में इन इलाकों में रह रहे लोगों को यह जगह छोड़नी पड़ सकती है। नासा ने एक सी लेवल प्रोजेक्शन टूल बनाया है। इससे समुद्री तटों पर आने वाली आपदा से वक्त रहते लोगों को निकालने और जरूरी इंतजाम करने में मदद मिलेगी। इस ऑनलाइन टूल के जरिए कोई भी भविष्य में आने वाली आपदा यानी बढ़ते समुद्री जलस्तर का पता कर सकेगा। नासा ने इंटर गवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कई शहरों के समुद्र में डूब जाने की चेतावनी दी है

    IPCC की ये छठी एसेसमेंट रिपोर्ट है। इसे 9 अगस्त को जारी किया गया था। यह रिपोर्ट क्लाइमेट सिस्टम और क्लाइमेट चेंज के हालात को बेहतर तरीके से सामने रखती है। IPCC 1988 से वैश्विक स्तर पर क्लाइमेट चेंज का आकलन कर रही है। यह पैनल हर 5 से 7 साल में दुनियाभर में पर्यावरण की स्थिति की रिपोर्ट देता है। इस बार की रिपोर्ट बहुत भयानक हालात की ओर इशारा कर रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2100 तक दुनिया का तापमान काफी बढ़ जाएगा। 


    लोगों को भयानक गर्मी झेलनी पड़ेगी। कार्बन उत्सर्जन और प्रदूषण नहीं रोका गया तो तापमान में औसतन 4.4 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी। अगले दो दशक में तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ जाएगा। इस तेजी से पारा चढ़ेगा तो ग्लेशियर भी पिघलेंगे। इनका पानी मैदानी और समुद्री इलाकों में तबाही लेकर आएगा। नासा के एडमिनिस्ट्रेटर बिल नेल्सन ने कहा कि सी लेवल प्रोजेक्शन टूल दुनियाभर के नेताओं और वैज्ञानिकों को यह बताने के लिए काफी है कि अगली सदी तक हमारे कई देशों की जमीन कम हो जाएगी। 

  • लॉकडाउन में देश में बढ़ गई अरबपतियों की संख्या?…. सरकार ने दिया यह जवाब…

    लॉकडाउन में देश में बढ़ गई अरबपतियों की संख्या?…. सरकार ने दिया यह जवाब…

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि 100 करोड़ रुपये या इससे अधिक की सकल कुल आय प्रकट करने वाले व्यक्तियों की संख्या 2020-21 में 136 थी जबकि 2019-20 में ऐसे लोगों की संख्या 141 और 2018-19 में 77 थी। उन्होंने एक सवाल के लिखित जवाब में राज्यसभा को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विगत तीन आकलन वर्षों के दौरान आयकर विभाग में फाइल की गई। आयकर विवरणी में 100 करोड़ रुपये (एक अरब रुपये) से अधिक की सकल कुल आय प्रकट करने वाले व्यक्तियों की संख्या 2020-21 में 136 थी।
     
     
    उन्होंने कहा कि संपदा कर को अप्रैल, 2016 में समाप्त कर दिया गया है, इसलिए सीबीटीडी किसी व्यक्तिगत करदाता की पूर्ण संपदा के बारे में अब कोई सूचना नहीं रखता है। उन्होंने कहा कि आधिकारिक गरीबी अनुमान सांख्यिकीय और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण, कार्यालय (एनएसएसओ) द्वारा निष्पादित घरेलू उपभोक्ता व्यय पर किए गए सर्वेक्षणों पर आधारित हैं। 


    गरीबी अनुमानों के अनुसार, वर्तमान तेंदुलकर समिति कार्यप्रणाली का अनुसरण करते हुए, भारत में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले व्यक्तियों की संख्या 2011-12 में 27 करोड़ (21.9 प्रतिशत) अनुमानित थी। उनसे सवाल किया गया था कि क्या यह सच है कि लॉकडाउन के दौरान देश में अरबपतियों की संख्या में वृद्धि देखी गई है। इसके जवाब में वित्त मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के पास उपलब्ध सूचना के अनुसार, प्रत्यक्ष करों के तहत खरबपति शब्द की कोई विधायी अथवा प्रशासनिक परिभाषा नहीं है।

  • 9000 लोगो को लगा दिया नमक के पानी का इंजेक्शन, नर्स को थी कोरोना वैक्सीन से नफरत तो कर दी नापाक हरकत….

    9000 लोगो को लगा दिया नमक के पानी का इंजेक्शन, नर्स को थी कोरोना वैक्सीन से नफरत तो कर दी नापाक हरकत….

    जर्मनी (Germany) के रेड क्रॉस अस्पताल (Red Cross Hospital) की एक नर्स द्वार हजारों लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है. इस नर्स को कोरोना वैक्सीन (Corona Vaccine) से नफरत थी. इस वजह से उसने करीब 8 हजार 6 सौ लोगों को वैक्सीन की जगह सलाइन सॉल्यूशन (Vaccine Solution) का इंजेक्शन लगा दिया. जैसे ही ये खबर सामने आई, अस्पताल से इंजेक्शन लेने वाले लोगों में हड़कंप मच गया. अब अस्पताल ने सभी लोगों से आग्रह किया है कि वो जल्द से जल्द फिर से कोरोना वैक्सीन आकर ले लें.
    उसने अपने फेसबुक पेज (Facebook Page) पर भी वैक्सीन के खिलाफ कई बातें लिखी. उसके पोस्ट पर लोगों की नजर तब पड़ी जब अचानक ये खबर उड़ी कि अस्पताल की एक नर्स ने लोगों को वैक्सीन की जगह नमकीन पानी का इंजेक्शन लगा दिया है. ऐसे में लोगों को दुबारा से वैक्सीन लेने को कहा गया है।

    नर्स इंजेक्शन के आने के बाद उसे नमकीन पानी से बदल देती थी. इसके बाद इसी पानी को इंजेक्शन में भरकर लोगों को लगा दिया जाता था।

    जानकारी के अनुसार मार्च और अप्रैल में कई लोगों को वैक्सीन लगाया गया था. इसमें ज्यादातर बुजुर्ग थे. जब वैक्सीन के बाद भी उन्हें कोरोना हो गया तो प्रशासन की नींद उडी. उसने जांच करवाया कि आखिर ऐसा कैसे हो रहा है? जब इसकी डिटेल जांच की गई तो पता चला कि नर्स ने इंजेक्शन को बदल दिया था. अभी तक नर्स की डिटेल सामने नहीं आई है. हालांकि, पुलिस ने अब मामले की जांच शुरू कर दी।

  • अब घर बैठे कराएं FIR, ऐसा है प्रोसेस….

    अब घर बैठे कराएं FIR, ऐसा है प्रोसेस….

    भोपाल। मध्य प्रदेश की जनता के लिए जरूरी खबर है. अब एफआईआर (FIR) के लिए पुलिस थानों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है. एमपी पुलिस ने ई-एफआईआर E-FIR सर्विस शुरू कर दी है. भोपाल के थाने में पहली ई-एफआईआर दर्ज हुई. अब https://mppolice.gov.in, https://citizen.mppolice.gov.in, मोबाइल एप MPeCOP पर प्रदेश के लोग e-FIR दर्ज करा सकते हैं. ट्रायल रन के तहत प्रदेश की सबसे पहली एफआईआर सुमित मंगल ने पिपलानी पुलिस में घर से सोने की चेन चोरी की दर्ज कराई. पुलिस वेबसाइट पर ई-एफआईआर सुमित मंगल के दर्ज कराने के बाद पिपलानी पुलिस ने उनसे संपर्क किया और घटनास्थल का मुआयना करते हुए मामले की जांच की.

    इन मामलों में दर्ज होगी ई FIR…

    स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के एडीजी चंचल शेखर ने कहा मध्यप्रदेश पुलिस की ई-एफआईआर सेवा का वृहद ट्रायल रन एससीआरबी पुलिस मुख्यालय से शुरू किया गया. इस ट्रायल रन के दौरान कोई भी पीड़ित नागरिक 15 लाख से कम कीमत के वाहन चोरी, एक लाख से कम कीमत की सामान्य चोरी, आरोपी अज्ञात हो, घटना में चोट और बल का प्रयोग ना होने के मामले की रिपोर्ट मध्यप्रदेश पुलिस की वेबसाइट https://mppolice.gov.in

    सिटीजन पोर्टल https://citizen.mppolice.gov.in और मोबाइल ऐप MPECOP से अपनी आईडी से लॉगिन कर सकते हैं. इस संबंध में सभी थानों को आवश्यक निर्देश दे दिए गये हैं. चंचल शेखर ने बताया कि प्रदेश में इस तरह के 50,000 से ज्यादा केस हर साल आते हैं. ऐसे में पुलिस थानों पर काम का लोड कम पड़ेगा और कोरोना के इस दौर में जनता को घर बैठे सुविधा मिलेगी. कार्रवाई के लिए समय सीमा तय यह सुविधा 24X7 उपलब्‍ध होगी. शिकायतकर्ता की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई कर समय सीमा में प्रकरण का निपटारा किया जा सकेगा. इससे वाहन चोरी केस में बीमा राशि हासिल करने में अब वक्त नहीं लगेगा. ई-एफआईआर कराने से लोगों को इस बात की लगातार जानकारी मिलती रहेगी कि पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है. शिकायतकर्ता जैसे ही आवेदन अपलोड करेगा उसे एसएमएस से acknowledgement औऱ पीडीएफ में FIR की कॉपी मिल जाएगी. शिकायतकर्ता की शिकायत पढ़कर संबंधित थाना प्रभारी एफआईआर ओके करेगा और तत्काल जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच शुरू की जाएगी.

    2 महीने में फुल फ्रेश होगी लागूADG चंचल शेखर ने बताया कि ई-एफआईआर सिस्टम विभिन्न संस्थाओं, एससीआरबी और मेप आईटी की मदद से शुरू की गयी है. आज ई-एफआईआर का ट्रायल रन शुरू किया गया है. इसके अतिरिक्त समस्त जिलों के सोशल मीडिया वेब पेज तैयार किये गए हैं. इसके जरिए प्रेस नोट और सोशल मीडिया की जानकारी सहज रूप से उपलब्ध होगी. किसी भी जिले की वेबसाइट को mppolice.gov.in पर ऐक्‍सेस किया जा सकता है. म.प्र. पुलिस की जनसेवा की दिशा में की जा रही इस पहल से न सिर्फ नागरिकों को FIR दर्ज करवाने में सुविधा होगी बल्कि इन अपराधों में तत्काल निपटारे में मदद मिलेगी.

  • बैंकों में उपभोक्ताओं को हो रही परेशानियों को लेकर चैंबर ने सौंपा ज्ञापन…

    उपभोक्ताओं को बैंकों में हो रही परेशानियों को लेकर आज सभी स्थानीय बैंकों में चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा ज्ञापन दिया गया उक्त संबंध में चेंबर अध्यक्ष राम नारायण सोनी द्वारा बताया गया कि कोविड-19 के बाद शहर धीरे-धीरे अनलॉक हो रहा है इसके साथ ही बैंकों में भीड़ बढ़ती जा रही है और बैंकों में काउंटर की संख्या कम होने के कारण भीड़ की वजह से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा है करोना अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है इसलिए सामाजिक दूरी बनाना आवश्यक है जिसके लिए बैंकों को काउंटरों की संख्या बढ़ाने के लिए ज्ञापन दिया गया और साथ ही मांग की गई है कि बाजार में छोटे नोटों की बहुत किल्लत हो गई है इसलिए 10 और 20 के छोटे नोटों तथा सिक्कों का वितरण करवाने तथा काउंटरों की संख्या बढ़ाने का ज्ञापन के माध्यम से निवेदन किया गया है साथ ही बैंकों से आग्रह किया गया कि बुजुर्गों दिव्यांगों एवं महिलाओं के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करें ताकि बैंक में आए ग्राहको सहित इन सभी को किसी किस्म की परेशानी ना हो।

  • गृह जिले में दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम, वहां भी नहीं मिले निलंबित आईपीएस….

    गृह जिले में दबिश देने पहुंची पुलिस की टीम, वहां भी नहीं मिले निलंबित आईपीएस….

    रायपुर। आय से अधिक संपत्ति और राजद्रोह के मामले में छत्तीसगढ़ के निलंबित आईपीएस जीपी सिंह की मुश्किलें बढ़ती जा रही है. कोतवाली पुलिस ने जीपी सिंह के ओडिशा स्थित गृहग्राम में दबिश देने पहुंची है, क्योंकि गिरफ्तारी की डर से वो कहां छुपे हुए हैं यह किसी को नहीं पता है. जिस कारण पुलिस की 3 सदस्यीय टीम क्योंझर जिले के बड़बिल गांव पहुंची हुई है. लेकिन पुलिस को जीपी सिंह गृहग्राम में भी नहीं मिले।

    पुलिस की टीम को अगर जीपी सिंह नहीं मिलते हैं, तो दोबारा नोटिस जारी की जाएगी. इसके बाद भी जीपी सिंह थाने में उपस्थित नहीं होते हैं, तो कोर्ट से लुकआउट नोटिस जारी हो सकती है. जिसके बाद एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन समेत कहीं भी जीपी सिंह पाए जाते हैं, तो उनकी तत्काल गिरफ्तारी की जाएगी।

    बता दें कि एक जुलाई की सुबह 6 बजे ACB और EOW की जांच टीम जीपी सिंह के सरकारी बंगले में दाखिल हुई थी. करीब 75 घंटे की छापेमार कार्रवाई में करोड़ों रुपये बरामद किए गए थे, जिसके बाद ACB की टीम ने जीपी सिंह पर धारा 13 (1)बी, 13 (2) भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम यथा संशोधित 2018 के तहत केस पंजीबद्ध किया था. निलंबित IPS जीपी सिंह के डायरी से कई राज बाहर आए हैं. आय से अधिक संपत्ति और राजद्रोह जैसे मामलों में घिरे निलंबित ADG के खिलाफ जांच तेज कर दी गई है।