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  • UPSC परीक्षा पास करने के बाद कैसे होता है IAS-IPS की रैंक का निर्धारण, जानिए इसका ख़ास फार्मूला…

    UPSC परीक्षा पास करने के बाद कैसे होता है IAS-IPS की रैंक का निर्धारण, जानिए इसका ख़ास फार्मूला…

    UPSC अर्थात यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन, संघ लोक सेवा आयोग द्वारा प्रतिवर्ष एक विशेष परीक्षा आयोजित कराई जाती है, जिसे हम आम भाषा में सिविल सर्विस एग्जाम कहते हैं। इस परीक्षा पास करना हर अभ्यर्थी के लिए एक सपने जैसा होता है, क्योंकि ये परीक्षा देश की सर्वाधिक कठिन व महत्त्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक है। प्रतिवर्ष हजारों की तादाद में छात्र-छात्राएँ यह एग्जाम देते हैं। इस परीक्षा का परिणाम घोषित होने पर हर वर्ष टॉप करने वाले और अच्छी रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की खबरें सारे न्यूज़पेपर और मीडिया में छाई होती है।

    उन हजारों प्रतिभागियों में से कुछ सौ प्रतिभागी ही इसकी प्री परीक्षा में सेलेक्ट हो पाते हैं, फिर उसके बाद मेंस एग्जाम व इंटरव्यू पास करके कुछ चुनिंदा उम्मीदवार ही IAS अथवा IPS बन पाते हैं। असल में उनका सलेक्शन रैंक के आधार पर होता है। पर क्या आप जानते हैं कि यूपीएससी (UPSC Exam) परीक्षा में ये रैंक कैसे डिसाइड की जाती है? कौन-सी रैंक प्राप्त करने पर IAS और IPS कैडर मिलता है? तो चलिए आज हम आपको IAS-IPS कैडर के सलेक्शन किए जाने के फार्मूले को सिंपल तरीके से समझाते हैं कि यह रैंक आख़िर कैसे निर्धारित की जाती है…

    24 सर्विसेज के लिए होता है चयन

    UPSC में रैंक का निर्धारण कैसे होता है ये जानकारी देने से पहले आपको बता दें कि यह परीक्षा उत्तीर्ण करके उम्मीदवार सिविल सेवाओं में चुने जाते हैं, अर्थात इसमें कुल 24 सेवाओं हेतु प्रतिभागियों का सलेक्शन किया जाता है। ये चौबीस सर्विसेज दो कैटेगरी में डिवाइड की जाती है, उनमें से फर्स्ट होती है, ऑल इंडिया सर्विसेज (All India Services) , जिसमें IAS (इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज) व IPS (इंडियन पुलिस सर्विसेज) भी शामिल हैं। इस कैटेगरी में जिन लोगों का सिलेक्शन होता है, उन्हें राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों का कैडर मिलता है। दूसरी कैटेगरी की सर्विस होती है, सेंट्रल सर्विसेज (Central Services) , जिसके अंतर्गत Group A और Group B की सेवाएँ शामिल होती हैं।

    Group A के अंतर्गत इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) , इंडियन सिविल एकाउंट्स सर्विस, इंडियन रेवेन्यू सर्विस (इनकम टैक्स वाली पोस्ट्स) , इंडियन रेलवे सर्विस (IRTS और IRPS) तथा इंडियन इनफार्मेशन सर्विस (IIS) इत्यादि सेवाएँ शामिल होती हैं। Group B के अंतर्गत आर्म्ड फोर्सेज हेडक्वार्टर्स सिविल सर्विस, पुडुचेरी सिविल सर्विस, दिल्ली एंड अंडमान निकोबार आइलैंड सिविल तथा पुलिस सर्विस इत्यादि सेवाएँ शामिल होती हैं।

    पहले होंगे प्रीलिम्स एग्जाम

    UPSC में आपको 2 एग्जाम देने होते हैं। इसमें से पहले होते हैं प्रीलिम्स यानी प्रीलिमिनरी एग्जाम। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद आप प्रीलिम्स एग्जाम दे सकते हैं। इस परीक्षा में 2-2 घंटे के दो पेपर लिए जाते हैं। पहले पेपर के मार्क्स के आधार पर ही उनकी कटऑफ तैयार होती है, जो दूसरा एग्जाम दे सकते हैं। फिर दूसरा पेपर यानी CSAT एक क्वालीफाइंग पेपर होता है, जिसे क्वालीफाई करने के लिए आपको कम से कम 33 प्रतिशत मार्क्स लाने होते हैं।

    फिर एक बात का ध्यान रखना आवश्यक होता है कि अगर पहले पेपर में आप ने कट ऑफ क्लियर कर लिया, पर दूसरे पेपर में आप पास नहीं हो पाते हैं, तो आपका प्रीलिम्स क्लियर नहीं माना जाएगा। अतः मेंस परीक्षा से पहले आपको यह दोनों पेपर पास करना ज़रूरी है। बता दें कि ये दोनों पेपर एक ही दिन दो अलग-अलग शिफ्ट्स में लिए जाते हैं।

    अब देने होते हैं मेंस एग्जाम…

    प्रीलिम्स क्लियर करने के बाद देने होते हैं मेंस एग्जाम। इसमें आपके पूरे साल की पढ़ाई काम आ जायेगी। कहा जाए तो ये एग्जाम पास करना प्रतिभागियों के लिए काफ़ी बड़ी चुनौती होती है। इसमें सर्वप्रथम 2 पेपर भाषा के होते हैं, जो क्वालिफाइंग पेपर होते हैं अर्थात इन दोनों पेपर्स में ही आपको 33 प्रतिशत मार्क्स लाना आवश्यक होता है। यद्यपि इन पेपर्स के मार्क्स मेरिट लिस्ट में काउंट नहीं किए जाते हैं। इनमें आपको तीन-तीन घंटे का समय मिलता है। यह दो लैंग्वेज के होते हैं एक इंडियन / रीजनल लैंग्वेज तथा दूसरी इंग्लिश लैंग्वेज।

    फिर होता है एक निबंध का पेपर, जिसमें आपको 3 घंटे में दो निबंध लिखने होते हैं। यह दोनों ही निबंध आपको अलग-अलग विषयों पर लिखने होते हैं, हालांकि आपको विकल्प दिए जाते हैं उसमें से आप अपनी पसंद का विषय चुनकर निबंध लिख सकते हैं। इसके बाद 4 सामान्य ज्ञान के पेपर होते हैं, जिनमें से प्रत्येक के लिए 3 घंटे का समय मिलता है। वैसे एक दिन में 2 से अधिक पेपर हो नहीं सकते हैं, इसलिए टाइमटेबल उसी के अनुसार बनाया जाता है।

    अब अंत में होता है ऑप्शनल पेपर यानी वैकल्पिक विषय। ऑप्शन पेपर में दो पेपर होते हैं-Paper 1 व Paper 2. यह ऐसा विषय होता है जो आपको ख़ुद को अपने लिए चुनना होता है। बता दें कि मेंस एग्जाम में लैंग्वेज पेपर्स को छोड़ अन्य सभी पेपर्स के मार्क्स जुड़कर फिर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। कुल मिलाकर देखा जाए तो 5-7 दिन में ये सारे 27 घंटे के एग्जाम समाप्त हो जाते हैं। एग्जाम के बीच में सन्डे अथवा नेशनल हॉलिडे का को पेपर की छुट्टी रहती है। ये एग्जाम होने के बाद मेंस का परिणाम आ जाता है।

    मेंस के बाद इंटरव्यू

    अगर आप मेंस में पास हो जाते हैं, तो अब आपको पर्सनेलिटी टेस्ट देने के-के लिए एक फॉर्म भरना होता है, तभी आपका पर्सनैलिटी टेस्ट लिया जाता है। इस फॉर्म को DAF यानी डिटेल एप्लीकेशन फार्म कहते हैं, जिसमें आपके द्वारा भरी गयी इन्फॉर्मेशन के आधार पर ही इंटरव्यू में आपसे प्रश्न पूछे जाते हैं। इस एप्लीकेशन फॉर्म में आपकी हॉबीज, बैकग्राउंड व शिक्षा के बारे में भी पूछा जाता है, फिर एग्जामिनर आपसे इनसे जुड़े सवाल भी करता है। इंटरव्यू देने के बाद ही आपका पूरा रिजल्ट बनता है और इसी के आधार पर आपको रैंकिंग दी जाती है।

    कैसे निर्धारित होती हैं रैंकिंग…?

    रैंकिंग असल में वैकेंसी पर आधारित होती है यानी किस वर्ष किसी पद के लिए कितनी वैकेंसीज़ निकलती हैं तथा इसके अलावा विभिन्न कैटेगिरी जैसे जनरल कैटेगरी, SC, ST, OBC व EWS में जितने उम्मीदवारों ने जो भी विकल्प सलेक्ट किया है, उसी पर रैंकिंग निर्भर करती है। साथ ही आपने मेन परीक्षा का आवेदन फॉर्म भरते वक़्त अपनी पहली प्रेफरेंस जैसे IAS, IFS अथवा IPS जो भी भरा होता है, उसे भी ध्यान में रखा जाता है। फिर मेरिट लिस्ट तैयार होती है। इस लिस्ट में जिनके सबसे ज़्यादा मार्क्स आते हैं, उन्हें IAS और IFS रैंक दी जाती है। फिर इसी लिस्ट के अनुसार घटते हुए मार्क्स के साथ अन्य सभी पोस्ट एलॉट की जाती है।

    हाँ लेकिन ऐसा भी ज़रूरी नहीं होता है कि यदि सिविल सेवाओं में 100 पद रिक्त हैं और मान लीजिए उनमें से 30 पोस्ट IAS के लिए खाली हैं, तो लिस्ट में टॉप के 30 उम्मीदवारों को ही IAS पोस्ट मिलेगी, क्योंकि यह भी सम्भव है कि उन टॉप 30 उम्मीदवारों में से कुछ लोगों की प्रेफरेंस दूसरी हो, जैसे वे IAS की बजाय IPS या IRS बनना चाहते हों।

    फिर ऐसी परिस्थितियों में मेरिट में कुछ पीछे रहने वाले प्रतिभागियों, जिन्होंने अपना प्रेफरेंस IAS रखा होता है, उन्हें भी यह पोस्ट एलॉट हो सकती है। इस प्रकार थोड़ी कम रैंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को भी उच्च सेवाओं के लिए चुना जा सकता है। जैसे यदि जनरल कैटेगरी में IAS के लिए 70 वैकेंसी हैं, तो लिस्ट में टॉप पर आए 90 या 95 तक की रैंक वाले कैंडिडेट भी जनरल कैटेगरी से IAS पोस्ट हासिल कर सकते हैं और यही फॉर्मूला IPS, IFS तथा दूसरी सारी सिविल सेवाओं पर भी लागू होगा।

    रैंकिंग के लिए होता है तगड़ा कम्पीटिशन

    प्रतिवर्ष UPSC में वैकेंसीज की संख्या भिन्न-भिन्न होती है। जैसे यदि वर्ष 2005 में 457 वैकेंसी थीं तो 2014 में बढ़कर 1364 हो गईं थीं, लेकिन वैकेंसी के साथ ही साथ परीक्षा देने वाले प्रतिभागियों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई। हर वर्ष सिविल सेवाओं में वैकेंसी के मुताबिक ही मेंस परीक्षा व इंटरव्यू देने वालों की संख्या निर्धारित होती है।

    उदाहरण के लिए, यदि 100 पदों के लिए वैकेंसी है, तो इसके लिए लगभग 12-13 गुना प्रतिभागियों को मेन एग्जाम देने हेतु सलेक्ट किया जाएगा। फिर उनमें से 250 उम्मीदवार इंटरव्यू राउंड के लिए सलेक्ट होंगे और फिर उन्हीं में से चयनित होकर फाइनल रैंक की लिस्ट बनाई जाएगी। वैसे यह केवल एक उदाहरण है, ताकि आपको अंदाजा हो सके कि रैंकिंग के लिए कितनी अधिक प्रतिस्पर्धा होती है।

  • 20 साल के पट्टे पर लोगों को मिलेगा मालिकाना हक, राज्यपाल की भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक को मंजूरी

    20 साल के पट्टे पर लोगों को मिलेगा मालिकाना हक, राज्यपाल की भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक को मंजूरी

    रायपुर-राज्यपाल अनुसुइया उइके ने छत्तीसगढ़ भू – राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2022 पर हस्ताक्षर कर दिए हैं । इसके साथ ही यह संशोधन लागू हो गया है । इस संशोधन के बाद अब सरकारी जमीन के पट्टेधारियों को जमीन का मालिकाना हक मिलेगा । इसके लिए यह शर्त होगी कि जिस दिन से पट्टा दिया गया है , उस तारीख से 20 साल की अवधि पूरी हो ।

    राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 5 जुलाई को यह संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया था । उन्होंने विधानसभा में बताया था कि शासकीय पट्टे पर दी गई जमीन के भूमि धारकों को भूमि स्वामी का अधिकार दिए जाने के उद्देश्य से यह संशोधन किया जा रहा है , जिससे संबंधित जमीन या उस पर बनी परिसंपत्ति के आधार पर बैंक से कर्ज या अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त हो सकेगा । साथ ही , खरीदी – बिक्री भी बिना किसी दिक्कत के हो पाएगा ।

    यह भी जानना जरूरी … संशोधन विधेयक के मुताबिक ऐसा व्यक्ति जिसे राज्य सरकार , कलेक्टर या आबंटन अधिकारी द्वारा जमीन का आबंटन भूमि स्वामी अधिकार में छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता ( संशोधन ) अधिनियम 1992 के लागू होने के बाद किया गया है , ऐसे आबंटन की तारीख से ऐसी जमीन के संबंध में भूमि स्वामी समझा जाएगा और उन समस्त अधिकारों और दायित्वों के अध्याधीन होगा , जो इस संहिता द्वारा उसके अधीन किसी भूमि स्वामी को प्रदत्त और उस पर अधिरोपित किए गए हैं , लेकिन ऐसा कोई भी व्यक्ति पट्टे या आबंटन की तारीख से 10 वर्ष की अवधि के भीतर ऐसी जमीन को अंतरित नहीं करेगा ।

  • सायरस मिस्त्री के निधन के बाद सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, परिवहन मंत्री गडकरी ने लागू किया ये नियम

    नई दिल्ली। हाल ही में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री का सोमवार को एक भीषण कार एक्सीडेंट में निधन हो गया था। इस हादसे में पीछे बैठे सायरस मिस्त्री के अलावा एक और व्यक्ति का निधन हो गया था। इस हादसे की जांच में पता चला था कि पीछे बैठे दोनों व्यक्तियों ने सीट बेल्ट नहीं पहनी थी। उनकी कार भी काफी तेज स्पीड में थी जिसकी वजह से दोनों आगे की तरफ फेंका दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।

    वहीँ इस हादसे में सामने की तरफ बैठे दोनों लोगों को गहरी चोटें आई थी लेकिन सीट बेल्ट पहनने की वजह से उनकी जान बच गई और उनका एयर बैग खुल गया। इस हादसे के बाद केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एलान किया कि अब कार के पीछे सवार लोगों को भी सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं किया तो उन्हें फाइन भरना होगा।

    गडकरी ने बताया कि जिस तरह कार में आगे बैठे पैसेंजर के सीट बेल्ट नहीं लगाने पर अलार्म बजता है, ऐसा ही सिस्टम अब पिछली सीट पर बैठे पैसेंजर के लिए भी होगा। इसके लिए कार कंपनियों को निर्देश दिया जाएगा।

  • कैसी होगी पृथ्वी पर ली गई आख़िरी Selfie ? AI ने बनाई पृथ्वी के आख़री इंसानों की तस्वीरें…

    AI last selfie on earth

    कुदरत का कानून है- जो बना है वो एक दिन नष्ट होगा. इसी कुदरत के कानून को ही सभी धर्म के लोग अपने-अपने हिसाब से मोडिफ़ाई कर लेते हैं. इसका सीधा अर्थ ये भी है कि पृथ्वी का भी अंत होगा. गौरतलब है कि हम इंसान अपनी गतिविधियों से अंत के प्रति तेज़ी से कदम बढ़ा रहे हैं. पृथ्वी के आखिरी पल कैसे होंगे या हम इंसान कैसे दिखेंगे, ये ख्याल भी कई लोगों के मन में और खासकर विज्ञान में रूचि रखने वालों के मन में आया ही होगा. AI ने इस सवाल का जवाब ढूंढ लिया है.

  • दशकों से बदलते भारत का साक्षी बना राजपथ अब से कहलाएगा ‘कर्तव्य पथ’, पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन

    नई दिल्ली। ऐतिहासिक राजपथ को अब कर्तव्य पथ के नाम से जाना जाएगा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को नवीनीकृत ‘कर्तव्य पथ’ और सेंट्रल विस्टा एवेन्यू का उद्घाटन करेंगे. केंद्रीय विदेश और संस्कृति राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि वह इस ‘अमृतकाल’ में अपनी मातृभूमि की सेवा करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगी. उन्होंने कहा कि राजपथ का नाम बदलकर ‘कर्तव्यपथ’ करना एक अनुस्मारक है. लोकसभा सांसद ने ट्वीट किया जिसका प्रतिक ‘शासन करने का अधिकार’ नहीं बल्कि ‘सेवा करने का कर्तव्य’ है.

    उन्होंने कहा कि “इस ऐतिहासिक फैसले पर सभी नागरिकों को बधाई. यह इस अमृतकाल में मातृभूमि की सेवा करने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करेगा”. इससे पहले बुधवार को नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने राजपथ का नाम बदलकर ‘कर्तव्य पथ’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. अनुमोदन के बाद इंडिया गेट पर नेताजी की प्रतिमा से लेकर राष्ट्रपति भवन तक के पूरे खंड और क्षेत्र को अब कर्तव्य पथ कहा जाएगा.

    प्रधानमंत्री इस अवसर पर इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे. ये कदम अमृतकाल में नए भारत के लिए प्रधानमंत्री के दूसरे ‘पंच प्राण’ के अनुरूप हैं. नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा, जिसका अनावरण प्रधानमंत्री द्वारा किया जाएगा, उसी स्थान पर स्थापित किया जा रहा है, जहां इस साल की शुरूआत में पराक्रम दिवस (23 जनवरी) पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया गया था. ग्रेनाइट से बनी यह प्रतिमा हमारे स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी के अपार योगदान के लिए एक उपयुक्त श्रद्धांजलि है और उनके प्रति देश के ऋणी होने का प्रतीक होगी.

    अरुण योगीराज एक मुख्य मूर्तिकार हैं. उनके द्वारा तैयार की गई 28 फीट ऊंची प्रतिमा को एक ग्रेनाइट पत्थर से उकेरा गया है और इसका वजन करीब 65 मीट्रिक टन है.

  • विशाल शोभायात्रा के साथ हुआ श्री राम कथा का शुभारम्भ, सियाराम सखा मंडल के द्वारा कराया जा रहा है ९ दिवसीय श्री राम कथा का भव्य आयोजन

    विशाल शोभायात्रा के साथ हुआ श्री राम कथा का शुभारम्भ, सियाराम सखा मंडल के द्वारा कराया जा रहा है ९ दिवसीय श्री राम कथा का भव्य आयोजन

    खरसिया। धर्मनगरी खरसिया की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाते हुए सियाराम सखा मंडल के युवाओं द्वारा विशाल संगीतमय श्री राम कथा का आयोजन 7 सितंबर से 15 सितंबर दोपहर 3 से 6 तक खरसिया के टाउन हॉल मैदान में करवाया जा रहा है। जिसका शुभारम्भ राम जानकी मंदिर से विशाल जुलुस के रूप में शोभा यात्रा निकाल कर की गयी। शोभायात्रा में रथ में प्रभु श्री राम, माता सीता वीर हनुमान के साथ थे तो वही भगवान श्री कृष्ण राधा रानी भी अपने रथ में सवार थे। कथा वाचक राजन जी महाराज भी रथ में सवार होकर नगर के श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे।

    विदित हो की खरसिया के युवाओं के द्वारा ९ दिवसीय श्री राम कथा का आयोजन नगर के टाउन हाल स्थित मैदान में कराया जा रहा है जिसका शुभारम्भ ७ सितम्बर की सुबह श्री राम जानकी मंदिर खरसिया से शोभायात्रा निकाल कर किया गया। कथा के प्रथम दिन नगर व आसपास की महिलाओं व युवतियों ने रामजानकी मंदिर से कलश यात्रा निकाली जो कि कर्मा पार्टी ढोल ताशे नगाड़े के साथ भव्य शोभायात्रा के रूप में नगर का भ्रमण किया। मनोरम झांकिया लोगों को अपनी और आकर्षित कर रही थी, रथ में सुसज्जित होकर प्रभु श्री राम, माता सीता वीर हनुमान के साथ थे तो वही भगवान श्री कृष्ण राधा रानी भी अपने रथ में सवार थे। राजन जी महाराज भी रथ में सवार होकर नगर के श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। शोभायात्रा का समापन कथा पंडाल में किया गया तत्पश्चात कथा पंडाल में पूरी विधि विधान से कलश को श्री राजन जी महाराज के द्वारा स्थापित किया गया।

     

    प्रथम दिन के कथा में श्री राजन जी महाराज ने अपने सुवचन द्वारा श्रोताओं को भावविभोर कर दिया इस बीच गणेश स्तुति के उपरांत श्री राम स्तुति का विधिवत पूजन आरती किया, श्री राजन जी महाराज जी ने कहा कि प्रभु राम की कथा मंगल करती है और साथ ही कलि मल का हरण करती है। तुलसी जी हर चौपाई में राम-राम समाहित रहता है। जैसे भक्त जब सरस्वती का स्मरण करता है तो मां सरस्वती ब्रह्मा जी का घर छोड़कर सीधे भक्तों के पास आ जाती है। जब तक राम रूपी कथा में सरस्वती का आभास न कराया जाए तब तक कथा मात्र कथा ही रह जाता है। कथा का श्रवण वमन दोनों कलयुग में कल्याणकारी होता है। भगवान भोलेनाथ जी ने मां पार्वती जी को जिस तरह से राम कथा सुनाया हम लोगों को उसी तरह से श्रवण करना चाहिए।

  • CGMSC के अधिकारियों ने कैंसर इंस्टिट्यूट के टेंडर में की गड़बड़ी, ठेकेदार ने दी कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी ..

    CGMSC के अधिकारियों ने कैंसर इंस्टिट्यूट के टेंडर में की गड़बड़ी, ठेकेदार ने दी कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी ..

    बिलासपुर। कोनी में प्रस्तावित स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट के भवन निर्माण के टेंडर में कमेटी द्वारा गड़बड़ी का प्रयास किया गया है। इस ठेके में शामिल एक फर्म के संचालक ने पात्र होते हुए भी प्रतिस्पर्धा से बाहर करने को लेकर स्वास्थ्य मंत्री और निविदा समिति के प्रमुख से लिखित में शिकायत की है। हालांकि अधिकारी अब भी उन्हें गोलमोल जवाब दे रहे हैं, जिसके चलते ठेकेदार ने हाई कोर्ट जाने तक की चेतावनी दे दी है।

    छुट्टी के दिन खोला गया टेक्निकल बीड

    बिलासपुर के कोनी में 40 एकड़ जमीन पर 115 करोड़ रुपये का कैंसर हॉस्पिटल सन् 2019 में मंजूर किया गया था। इसकी लागत केंद्र व राज्य सरकार मिलकर वहन कर रहे हैं। इसके भवन निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कार्पोरेशन लिमिटेड (CGMSC) ने 27 करोड़ रुपये की निविदा निकाली थी, जिसे 29 जुलाई 2022 तक ऑनलाइन जमा करना था। कुल 8 लोगों ने टेंडर जमा किया। शुक्रवार 19 अगस्त को जन्माष्टमी के दिन छुट्टी और कर्मचारियों हड़ताल होने के बावजूद टेंडर खोला गया। इसमें चार ठेकेदारों को अपात्र घोषित कर दिया गया और मौके से ही सभी को इसकी सूचना भेजी गई।

    यह सूचना अपात्र किए गए एक दावेदार अशोक कुमार मित्तल को भी ई मेल जरिये दी गई। अशोक कुमार मित्तल ने बताया कि शुक्रवार शाम 5 बजकर 30 मिनट पर उन्हें सूचना दी गई कि टेक्नीकल बीड खोले जाने के बाद आपके द्वारा जमा दस्तावेज में कांक्रीट मिक्सिंग करने के लिए बेचिंग प्लांट के संबंध में जानकारी अधूरी है। मित्तल के मुताबिक उन्होंने तत्काल फोन पर CGMSC लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार सिंह से बात कर पूरे दस्तावेज होने और उनके पास प्रदेश भर में खुद का 12 बेचिंग प्लांट होने की जानकारी दी, बावजूद इसके उन्हें गोलमोल जवाब दिया गया।

    तत्काल खोल दिया प्राइज बीड

    अशोक मित्तल ने बताया कि जन्माष्टमी के दिन टेक्निकल बीड खोला गया मेरे अपात्र होने की सूचना शाम लगभग 5 बजकर 30 मिनट को मेल के जरिये दी गई। इस पर उनके द्वारा तत्काल आपत्ति किये जाने के बावजूद कुछ ही देर बाद प्राइज बीड खोल दिया गया। लगातार छुट्टियां होने के चलते अशोक मित्तल मंगलवार को राजधानी रायपुर स्थित CGMASC के कार्यालय पहुंचे और सीजीएमएससी लिमिटेड के अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार सिंह को इसकी शिकायत की। सिंह ने उनको बताया कि दस्तावेज में कांक्रीट मिक्सिंग के संबंध में जानकारी अधूरी है। मित्तल ने ऑनलाइन भरे गए दस्तावेज को कार्यालय में ही ऑनलाइन कंप्यूटर पर दिखाते हुए कहा कि ये सभी नियमानुसार अपलोड किए गए हैं। इस पर सुनील कुमार ने माना कि मित्तल के दस्तावेज पूरे हैं, पर समिति के सदस्य टेंडर खोलते समय इसे नहीं देख सके।

    CGMSC की टेंडर कमेटी की गलती तो पकड़ी गई मगर अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार सिंह ने तत्काल कोई कार्यवाही करने की बजाय अशोक मित्तल से यही कहा कि वे समिति के समक्ष उनकी शिकायत रख देंगे, जबकि अशोक मित्तल की मांग थी कि अब उनकी प्राइज बीड भी खोली जाये। अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार सिंह द्वारा गोलमोल जवाब दिए जाने के बाद अशोक मित्तल ने यह चेतावनी दी है कि अगर उनके साथ न्याय नहीं हुआ तो वे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। बता दें कि कोरबा निवासी ठेकेदार अशोक कुमार मित्तल राज्य स्तरीय ठेकेदार हैं और उन्होंने अब तक राज्य भर में कई बड़े ठेके हासिल करके निर्माण कार्यों को पूरा किया है। उन्होंने CGMSC में भवन निर्माण के लिए निविदा भरी थी मगर षड्यंत्र पूर्वक उन्हें निविदा प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।

    गौरतलब है कि स्वास्थ्य विभाग की एजेंसी CGMSC में पहले से ही काफी गड़बड़ियां रही हैं और यहां पूर्व में करोड़ों का भ्रष्टाचार उजागर हो चुका है। इस बार भी अपने चाहते ठेकेदार को टेंडर दिलाने के फेर में टेंडर कमेटी ने गड़बड़ी की, मगर संबंधित ठेकेदार के आपत्ति के चलते मामला उजागर हो गया है। अशोक मित्तल ने इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव और निविदा समिति से की है। उधर अधीक्षण अभियंता सुनील कुमार सिंह का कहना है कि अभी टेंडर फाइनल नहीं किया गया है। इसकी प्रक्रिया अभी चल रही है। देखना है कि करोड़ों के इस टेंडर को लेकर CGMSC के अधिकारी क्या फैसला करते हैं।

    अपने मन से बनाए और बिगाड़े जाते हैं नियम

    विदित हो कि CGMSC के अधिकारियों का यह पहला मामला नहीं है इससे पूर्व भी अनेकों मामले सामने आ चुके हैं जहां विभाग के अधिकारियों के द्वारा अपने मन से नियम बना लिए जाते हैं। अगर कोई ठेकेदार टेंडर डालने और टेंडर मिल जाने के बाद भी काम नहीं करता तो उस ठेकेदार अथवा उस फर्म को काली सूची में डाले जाने का प्रावधान है किंतु अगर CGMSC का रिकार्ड निकाल कर देखा जाए तो ऐसे कई ठेकेदार जिन्होंने टेंडर मिलने के बाद भी काम नहीं किया है उनकी सिर्फ अमानत राशि को जप्त कर मामले को लेनदेन कर निपटा दिया गया और उन्हें काली सूची में नहीं डाला। जांच की जाए तो ऐसे अनेकों मामले सामने आएंगे जिसमे कुछ ठेकेदारों को काम होने से पहले ही सेटिंग के तहत भुगतान कर दिया गया और कई ठेकेदार काम करने के बाद भी भुगतान की बाट जोह रहे हैं। सूत्रों की मानें तो CGMSC के अधिकारियों की मनमानी की वजह से ही कई जिलों में विभाग को काम करने के लिए ठेकेदार नहीं मिल रहे या फिर ठेकेदारों के द्वारा मिले हुए कामों को छोड़ा जा रहा है, बहरहाल जो भी हो अशोक मित्तल के मामले में विभाग के मुखिया कुछ कार्यवाही करते हैं या फिर इस मामले को भी सेटिंग के तहत निपटा लिया जाएगा या फिर ठेकेदार न्यायालय की शरण में जाएगा यह भविष्य के गर्भ में छिपा हुआ है लेकिन इस घटना के सामने आने से वर्षों से कुंडली मार कर बैठे विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की पोल खुल गई है और विभाग का काला सच आम जन के सामने जरूर आ गया है।

  • टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का निधन, कार एक्सीडेंट में गई जान…

    टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का निधन, कार एक्सीडेंट में गई जान…

    मुंबई| टाटा संस के पूर्व चेयरमैन और बिजनेसमैन साइरस मिस्त्री का एक कार दुर्घटना में निधन हो गया है| साइरस मिस्त्री और चार अन्य लोग पालघर की ओर जा रहे थे| उनकी कंपनी के निदेशक ने उनकी मौत की पुष्टि की है| 54 वर्षीय साइरस मिस्‍त्री भारतीय मूल के सबसे सफल और ताकतवर कारोबारियों में से एक पलोनजी शापूरजी मिस्‍त्री के बेटे थे| साइरस मिस्‍त्री का जन्म आयरलैंड में हुआ था| उन्होंने लंदन बिजनेस स्कूल से पढ़ाई की थी| साइरस ने परिवार के पलोनजी ग्रुप में 1991 में काम करना शुरू किया था|

  • नए जिले के उद्घाटन पर सियासत : पूर्व सीएम रमन के ट्वीट से मचा बवाल, SDM ने आदेश किया निरस्त

    नए जिले के उद्घाटन पर सियासत : पूर्व सीएम रमन के ट्वीट से मचा बवाल, SDM ने आदेश किया निरस्त

     

    रायपुर| मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 3 सितंबर को नए जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ का उद्घाटन करेंगे. जिसको ध्यान में रखते हुए संसदीय सचिव ने बैठक ली थी. इसके बाद SDM ने जो आदेश जारी किया है उससे सियासत गरमा गई है. इस आदेश को लेकर पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने ट्वीट कर सरकार पर निशाना भी साधा. जिसके बाद आखिर में बिलाईगढ़ SDM कार्यालय ने दूसरा आदेश जारी करते हुए पहले जो व्यवस्था करने के संबंध में आदेश निकाला गया था उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है.

    यह था आदेश

    दरअसल, सीएम के सारंगढ़-बिलाईगढ़ प्रवास को लेकर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की लंबी-चौड़ी लिस्ट जारी हुई थी. जिसमें सभी को कोई ना कोई जिम्मेदारी दी गई थी. इस आदेश सामने आने के बाद से पूर्व सीएम रमन सिंह ने सरकार पर निशाना साधते हुए तंज कसा और ट्वीट किया ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’. उन्होंने आगे लिखा कि ‘पूरा प्रशासन जनता के काम छोड़कर तकती लेकर खड़े होने, भीड़ जुटाने, सब्जी-पूड़ी की व्यवस्था करने में जुटा हुआ है’.

    देखिये पूर्व सीएम रमन सिंह का ट्वीट

    बता दें कि सीएम भूपेश बघेल 3 सितंबर को नए जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ का उद्घाटन करेंगे, जिसको लेकर बिलाईगढ़ SDM ने आदेश जारी किया था, जो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इसमें सीएमओ को बाइकर्स लाने, फूड इंस्पेक्टर को व्यापारियों और तहसीलदार को क्रशर संचालकों पर शत-प्रतिशत संख्या में स्वागत के लिए लाने के निर्देश हैं. इतना ही नहीं सभी विभागों और अधिकारियों की अलग- अलग ड्यूटी तय की गई है. यहां तक कि तेल, मिर्च, हल्दी, मसाला, प्याज, आलू, लहसून, जीरा और बर्तन की सफाई के लिए निरमा पावडर, जाली ब्रश लाने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है. जिसे लेकर पूर्व सीएम ने निशाना साधा है.

    नया आदेश 

  • यदि आप शास्त्रों द्वारा निर्देशित एवं आध्यात्मिक गुरु द्वारा प्रमाणित अपनी भक्तिमय सेवाओं एवं कर्तव्यों को धैर्यपूर्वक करते हैं तो निश्चिन्त रहिये आपकी सफलता निश्चित है – देवी चित्रलेखाजी

    यदि आप शास्त्रों द्वारा निर्देशित एवं आध्यात्मिक गुरु द्वारा प्रमाणित अपनी भक्तिमय सेवाओं एवं कर्तव्यों को धैर्यपूर्वक करते हैं तो निश्चिन्त रहिये आपकी सफलता निश्चित है – देवी चित्रलेखाजी

    खरसिया । टाउन हॉल मैदान में बड़ा भैणिया परिवार के द्वारा कराई जा रही पितृ मोक्षार्थ सप्त दिवसीय श्रीमद् भागवत् कथा के चतुर्थ दिवस में पूज्या देवी चित्रलेखाजी ने सर्वप्रथम गजेन्द्र मोक्ष की कथा श्रवण कराते हुए बताया की किसी भी योनि का जीव भगवान को प्राप्त कर सकता है।


    जिस तरह गजेन्द्र नाम के हाथी को तालाब में स्नान कर रहा था तब ग्राह नामक हाथी ने उसका पाँव पकड़ लिया और सभी से मदद मांगने के बाद भी किसी ने मदद नहीं की तब गजेन्द्र ने भगवान् को खुद को समर्पित किया । और भगवान् ने गजेन्द्र की रक्षा की। इस प्रकार भगवान् को प्राप्त करने के लिए जीव योनि का कोई महत्त्व नहीं, उच्च योनि से लेकर निम्न योनि तक का कोई भी जीव भगवद् प्राप्ति कर सकता है। हमें धैर्य एवं उत्साहपूर्वक भक्ति करनी चाहिए । उत्साहात् निश्चयात् धैर्यात् तत्-तत् कर्म प्रवर्तनात्। हमें उत्साही होना चाहिए सुस्ती आपकी कोई सहायता नहीं करेगी । आपको बहुत उत्साही होना होगा । यदि आप उत्साही और धैर्यवान हैं और अब जब आपने भक्ति-मार्ग को अपना लिया है, तो सफलता निश्चित ही है । यही मार्ग है । उत्साहात् निश्चयात् धैर्यात् तत्-तत् कर्म प्रवर्तनात् । आपको कर्तव्य तो करने ही होंगे ।


    कथा में आगे देवीजी ने समुद्र मंथन के बारे में बताया कि समुद्र मंथन में एक तरफ देवता और एक तरफ राक्षस रहे जहाँ भगवान् ने मोहिनी अवतार ग्रहण कर के देवताओं को अमृत पान कराया। और वामन अवतार का कथा सुनाई। भगवान् वामन ने राजा बलि से संकल्प करा कर तीन पग भूमि दान में मांगी और इस तीन पग में भगवान् वामन ने पृथ्वी आकाश और तीसरे पग में राजा बलि को मापा और बलि को सुतल लोक का राजा बना के खुद वहां के द्वारपाल बने। पश्चात देवीजी ने संक्षिप्त में प्रभु राम अवतार का श्रवण कराया। बताया की भगवान राम अपने आचरण के लिए मर्यादा पुरूषोत्तम कहे जाते है क्योंकि भगवान राम सभी नैतिक गुणों से संपन्न है। प्रभु राम के द्वारा सभी दैत्यों का संहार किया गया। और माँ सीता जी के हरण के बाद हनुमान जी से प्रभु की भेंट हुई व लंका दहन के साथ के पश्चात रावण वध का श्रवण कराकर भगवान राम के जीवन का संक्षिप्त रूप मे श्रावण कराया और कथा के विश्राम में कृष्ण जन्म की कथा को स्पर्श करते हुए बताया क़ि द्वापर युग में कंस जैसे दुष्ट पापी का अत्याचार बढ़ जाने पर प्रजा के आग्रह भगवान ने नटखट अवतार लिया और श्री बसुदेव जी भगवान कृष्ण को गोकुल ले कर गए वहां से यशोदा मैया को जन्मी योगमाया को अपने पास ले आये और कृष्ण को उनके पास रख के वापस आ गए । फिर कथा में सभी ने कृष्णा जन्मोत्सव का आनद लिया और कथा का विश्राम हुआ।


    भागवत कथा का आनंद लेने खरसिया के चारो ओर से(रायपुर, बिलासपुर, अकलतरा , नैला, चांपा, शक्ति, रायगढ़, घरघोडा, धरमजयगढ़, लैलूंगा, साथ साथ ओडिशा के अनेकों शहरों से) भी अनेकों श्रद्धालुओ का आगमन खरसिया की पावन धरा में हो रहा है। ।