रायगढ़। सरकार ने इसके पहले प्रदेश भर में एडिशनल एसपी के पद पर ट्रांसफर लिस्ट किया था। उसमे आंशिक संशोधन कर पहले आदेश में एडिशनल एसपी के लिए संजय ध्रुव (ASP दुर्ग) को रायगढ़ के लिए भेजा गया था, लेकिन अब उनके ट्रांसफर को निरस्त कर दिया गया है, जिससे वे दुर्ग ASP ही रहेंगे. वहीं अपनी जिम्मेदारी निर्वहन करेंगे. अब उनके बदले संजय महादेवा को रायगढ़ ASP बनाया गया है. संजय महादेवा इसके पहले राजनांदगांव के ASP थे। उनकी जगह पर रायगढ़ के ASP लखन पटले कार्यभार संभालेंगे।
Blog
-

दुर्गानवमी को किया गया नवकन्या भोज…. पण्ड़ालों की सजावट कर रही श्रद्वालुओं को आकर्षित…
खरसिया। अंचल का प्रसिद्व नवरात्रि त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। नगर में अनेक स्थानों पर माता की प्रतिमाओं की स्थापना कर विधिवत पूजा अर्चना की जा रही है। इसी तारतम्य में दुर्गानवमी को माता रूपी नव कन्याओं का पूजन कर उन्हे भोजन कराया गया, तथा कन्याओं को उपहार दिये गये।

नगर के छ़परीगंज स्थित रानी सती दुर्गोत्सव समिति में दुर्गाष्टमी की रात्रि को हवन कर नवमी को नवकन्या भोज कराकर भण्ड़ारा किया गया, पण्ड़ाल में मंगल पाठ तथा नन्हे मुन्ने बच्चो के द्वारा रास गरबा और डंडिया का आयोजन भी किया गया था। हमालपारा पण्ड़ाल में बनाया गया सेल्फी कार्नर श्रद्वालुओं के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है, तो पोस्ट आफिस रोड़ के पण्ड़ाल को केदारनाथ मंदिर से संबंधित थीम से सजाया गया था, वहीं गुरूद्वारा के पास विराजी माता के पण्ड़ाल मे मोनू (एए), विकास अग्रवाल ज्योति, दिलीप शर्मा, के सहयोग से प्रतिदिन दोपहर को चावल सब्जी का भण्ड़ारा लगाया जा रहा है।

विदित हो कि नगर की नवरात्रि तथा दशहरा समस्त अंचल में प्रसिद्व है, तथा आसपास के क्षेत्र से हजारों श्रद्वालु प्रतिदिन माता के दर्शन करने नगर आते है। गौरतलब है कि नगर में नवरात्र मेला के दौरान जगत जननी मां जगदंबे के दरबार में समितियों द्वारा आए हुए श्रद्धालुओं के लिए सवामणि प्रसाद के अलावा पूरी सब्जी का भी भंडारा विशाल रूप से लगाया जाता है भक्तों द्वारा सब्जी पूड़ी का भंडारा को विशेष रूप से ग्रहण कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं नगर का प्रमुख नवरात्र मेला खरसिया नगर में दुर्गा उत्सव का मेला देशभर में खास पहचान बना चुका है यहां का दुर्गा उत्सव का मेला छत्तीसगढ़ की शान है यही वजह है कि यहां स्थापित माताओं की प्रतिमा का दर्शन करने के लिए अनेक स्थानों से दूर-दूर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
-

भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल के परिवार के कार शो-रूम उद्घाटन में शामिल हुए मंत्री अकबर….
कवर्धा। प्रदेश के परिवहन मंत्री मोहम्म्द अकबर राजधानी रापुर में विधानसभा रोड स्थित मारूति सुजुकी कार नेक्सा के शो-रूम के उद्घाटन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उद्घाटन कार्यक्रम में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल, भाजपा के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल भी सम्मिलित हुए।
नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने मंत्री अकबर व मंत्री चौबे के साथ मिलकर काटा फीता
प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी आश्रम शांति सरोवर के समीप नेक्सा कार का शो-रूम भाजपा के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल के छोटे भ्राता यशवंत अग्रवाल ने प्रारंभ किया है। उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री मोहम्मद अकबर व मंत्री रविन्द्र चौबे का अग्रवाल परिवार के मुखिया तथा बृजमोहन अग्रवाल के पिता रामजी अग्रवाल सहित विजय अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, यशवंत अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल, गौरव अग्रवाल व अन्य सदस्यों ने स्वागत किया। मंत्री मोहम्मद अकबर, रविन्द्र चौबे, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल सहित अन्य अतिथियों ने फीता काटकर शो-रूम का उद्घाटन किया तथा दीप प्रज्जवलित किया। इस अवसर पर विशेष रूप से प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी आश्रम की आदरणीया कमला दीदी भी उपस्थित थी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने नेक्सा शो-रूम प्रारंभ करने के लिए भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल के परिवार को बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने उम्मीद जताई की इस कार शो-रूम में ग्राहकों को उच्च स्तरीय सुविधाएं प्राप्त होगी।
कार्यक्रम के दौरान मंच में मंत्री मोहम्मद अकबर व मंत्री चौबे के साथ नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल तथा भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल में खुशनुमा अंदाज में चर्चा करते रहे। कार्यक्रम के अंत में शो-रूम संचालकों ने मंत्री मोहम्मद अकबर, रवीन्द्र चौबे, नारायण चंदेल को प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम में मारूति सुजुकी इंडिया लिमिटेड रिजनल मैनेजर कार्थिक राजा, फेडरेशन ऑफ आटोडीलर्स एसोसिएशन (फाडा) मनीष सिंघानिया आदि उपस्थित थे।
प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी आश्रम शांति सरोवर के समीप नेक्सा कार का शो-रूम भाजपा के वरिष्ठ विधायक बृजमोहन अग्रवाल के छोटे भ्राता यशवंत अग्रवाल ने प्रारंभ किया है। उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे मंत्री मोहम्मद अकबर व मंत्री रविन्द्र चौबे का अग्रवाल परिवार के मुखिया तथा बृजमोहन अग्रवाल के पिता रामजी अग्रवाल सहित विजय अग्रवाल, योगेश अग्रवाल, यशवंत अग्रवाल, अभिषेक अग्रवाल, गौरव अग्रवाल व अन्य सदस्यों ने स्वागत किया। मंत्री मोहम्मद अकबर, रविन्द्र चौबे, नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल सहित अन्य अतिथियों ने फीता काटकर शो-रूम का उद्घाटन किया तथा दीप प्रज्जवलित किया। इस अवसर पर विशेष रूप से प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी आश्रम की आदरणीया कमला दीदी भी उपस्थित थी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने नेक्सा शो-रूम प्रारंभ करने के लिए भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल के परिवार को बधाई व शुभकामनाएं दी। उन्होंने उम्मीद जताई की इस कार शो-रूम में ग्राहकों को उच्च स्तरीय सुविधाएं प्राप्त होगी।
कार्यक्रम के दौरान मंच में मंत्री मोहम्मद अकबर व मंत्री चौबे के साथ नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल तथा भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल में खुशनुमा अंदाज में चर्चा करते रहे। कार्यक्रम के अंत में शो-रूम संचालकों ने मंत्री मोहम्मद अकबर, रवीन्द्र चौबे, नारायण चंदेल को प्रतीक चिन्ह भेंटकर उनका सम्मान किया। कार्यक्रम में मारूति सुजुकी इंडिया लिमिटेड रिजनल मैनेजर कार्थिक राजा, फेडरेशन ऑफ आटोडीलर्स एसोसिएशन (फाडा) मनीष सिंघानिया आदि उपस्थित थे। -

सैकड़ो श्रद्धालु चले आस्था के पदयात्रा पर….
राबर्टसन । नवरात्री की सप्तमी तिथि के पावन शुभ अवसर पर ग्राम बड़ेडूमरपाली के नवयुवक दुर्गा पूजा समिति के प्रयास से आज गांव के सैकड़ों श्रद्धालु भक्तगण पद यात्रा कर मां काली के दरबार में माथा टेंकने गए ।
ग्राम बड़ेडूमरपाली के नवयुवक दुर्गा पूजा समिति के द्वारा गांव के भख्खेश्वरी माता (खोलगोसाईन) के दरबार से पैदल यात्रा कर परेवापहाड़ (मौहापाली) में स्थित माता काली के दरबार में पूजा अर्चना का कार्यक्रम रखा गया था । दुर्गा पूजा समिति के अहवान पर गांव के सैकड़ों श्रद्धालु भक्तगण माता के दरबार तक पदयात्रा करने के लिए नंगे पैर निकल पड़े थे । भगवान भोलेनाथ, विष्णु जी, हनुमान जी का बच्चों के द्वारा मनमोहक झांकी, डीजे साउंड पर माता रानी का मधुर गीत, हाथों में जय माता दी का ध्वजा, सर पर चुनरी व जय माता दी का पट्टा बांधकर जय माता दी का जयकारा लगाते हुए बच्चे, जवान व बुजूर्ग महिला पुरूष पदयात्रा पर चल रहे थे ।
समाजिक व महिला नेत्री नयना गबेल भी चले पदयात्रा में
ग्राम बड़ेडूमरपाली के नवयुवक दुर्गा पूजा समिति की ओर से पदयात्रा के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया गया था । आज के पदयात्रा में भाग लेने के लिए समाजिक व धार्मिक कार्यों में बढ़चढ़ कर भाग लेने वाले व कांग्रेस की वरिष्ट महिला नेत्री नयना गबेल भी अपनी टीम के साथ ग्राम कुनकुनी में सम्मलित होकर काली माता मंदिर तक पदयात्रा के दौरान उपस्थित रही ।

कई समाजिक बंधुओं नें पदयात्रीयों की किए सेवा
ग्राम बड़ेडूमरपाली से बच्चे, बुजूर्ग महिला व पुरूषों के साथ नवजवानों की पदयात्रा चपले पहुंचने पर विक्कू महराज (कान्हा शास्त्री) के द्वारा चाय पानी पिलाया गया । पदयात्रा ग्राम कुनकुनी पहुंचने पर गांव के पूर्व सरपंच, वरिष्ट समाजिक व कांग्रेस नेता भोगसिंह राठिया के द्वारा चाय पानी व बिस्किट का वितरण किया गया । कुनकुनी में लगे वेदान्ता साईड़िंग के द्वारा पदयात्रीयों को पानी व केला फल वितरण किया गया । पदयात्री जैसे ही ग्राम रानीसागर पहुंचे वहां पर सदैव समाजिक जनहित कार्य करने वाले भाटिया वाशरी (छोटेडूमरपाली ) के द्वारा सभी श्रद्धालु पदयात्रीयों के लिए जूस तथा पानी की व्यवस्था की गई थी। इन सभी को समिति व पदयात्रीयों के द्वारा तहे दिल से धन्यवाद दिया गया ।


-

खरसिया में भक्तों पर बरस रही है मां की कृपा
माता के दर्शन करने भक्तों का उमड़ रहा जन सैलाबखरसिया। धर्म नगरी खरसिया की धन्य धरा पर नगर की विभिन्न मोहल्ले में समितियां बनाकर मां दुर्गा को विराजमान कर जगत जननी मां जगदंबे की पूजा अर्चना में समूचा नगर मां की भक्ति में डूबा हुआ है दुर्गा पूजा मेला के दौरान खरसिया ही नहीं खरसिया नगर के आसपास के ग्रामीण अंचलों से हजारों की संख्या में माता के भक्तों द्वारा नगर में 2 दर्जन से अधिक पंडालों के माध्यम से माताओं के दर्शन कर प्रसाद ग्रहण कर आशीर्वाद लेने के लिए खरसिया नगर में आते हैं ।इस वर्ष भी खरसिया नगर में दुर्गा उत्सव नव दुर्गा उत्सव समिति गंज बाजार, गजिया पंडा दुर्गा उत्सव समिति पीपल गली, अग्रवाल दुर्गा उत्सव समिति पोस्ट ऑफिस के पास, नव दुर्गा उत्सव समिति मोहापाली रोड, जय दुर्गा उत्सव समिति गोपीराम गर्ग गली, गंज पीछे सर्वोत्तम दुर्गा उत्सव समिति माधव प्रिया होटल के पीछे, नव दुर्गा उत्सव समिति अजय विजय गली के पास, नव दुर्गा उत्सव समिति हमालपारा, अग्रसेन दुर्गा उत्सव समिति अग्रसेन चौक के पास नव दुर्गा उत्सव समिति गुरुद्वारा के पास, नव दुर्गा उत्सव समिति शनि मंदिर रोड,, नव दुर्गा उत्सव समिति स्टेट बैंक के सामने, शिव दुर्गा उत्सव समिति, रानी सती दादी दुर्गा उत्सव समिति छपरी गंज, नव दुर्गा उत्सव समिति रामनाथ गली, नवदुर्गा उत्सव समिति पुराना सब्जी मार्केट, हनुमान चौक दुर्गा उत्सव समिति, पुरानी बस्ती, संजय नगर, ठाकुर दिया, रायगढ़ चौक, पुरानी बस्ती के अंदर आदि अनेक स्थानों पर जगत जननी मां दुर्गा की पूजा अर्चना नगर के मोहल्ला समितियों द्वारा विशाल पंडाल एवं साज-सज्जा कर की जा रही है। संपूर्ण खरसिया नगर रंग बिरंगी झालरों से सजा हुआ है।
भक्तों द्वारा प्रत्येक समितियों के माध्यम से प्रतिदिन प्रत्येक पंडालों में अनेक प्रकार की सवामणी प्रसाद माता को अर्पण कर भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया जाता है खरसिया का दुर्गा मेला देखने एवं माता का आशीर्वाद लेने के लिए चंद्रपुर, सरिया, बरमकेला, सारंगढ़, रायगढ़, सक्ती, बाराद्वार, डभरा, धर्मजयगढ़, पत्थलगांव आदि कई स्थानों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में खरसिया नगर पहुंचते हैं ।
नगर में नवरात्र मेला के दौरान जगत जननी मां जगदंबे के दरबार में समितियों द्वारा आए हुए श्रद्धालुओं के लिए सवामणि प्रसाद के अलावा पूरी सब्जी का भी भंडारा विशाल रूप से लगाया जाता है भक्तों द्वारा सब्जी पूड़ी का भंडारा को विशेष रूप से ग्रहण कर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं नगर का प्रमुख नवरात्र मेला खरसिया नगर में दुर्गा उत्सव का मेला देशभर में खास पहचान बना चुका है यहां का दुर्गा उत्सव का मेला छत्तीसगढ़ की शान है यही वजह है कि यहां स्थापित माताओं की प्रतिमा का दर्शन करने के लिए अनेक स्थानों से दूर-दूर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
नगर में शारदीय नवरात्र पर्व को धूमधाम से मनाया जा रहा है और मॉ जगत जननी के विविध रूपों की पूर्ण भक्तिभाव से पूरे नौ दिनों तक पूजा अर्चना की जा रही है। नगरवासियों द्वारा नगर के अनेक स्थानों पर भव्य पंडाल बनाकर मॉ जगत जननी की जीवंत प्रतिमा की स्थापना पूर्ण विधि विधान से करते हुए सुबह शाम माता की अराधना की जा रही है, जिससे पूरा शहर माता के भक्ति में रमा हुआ है। वही इस पूरे नौ दिनों में खरसिया नगर का वातावरण पूर्ण रूपेण माता के रंगो में रंगा हुआ है।
पूरे प्रदेश में खरसिया का नवरात्र पर्व प्रसिद्ध है और इस प्रसिद्धी को निरंतर बनाये रखने में नगरवासियों ने कोई कोर कसर नहीं छोडा है। जगह जगह भव्य एवं विशाल पंडाल बनाये गये है जहां मनमोहक झांकियॉं बनाई गई वहीं रंग बिरंगी झालरों से पूरे नगर को सजाया गया है।
सजी हैं मनोहर झांकियां लग रहे भण्ड़ारेछ़परीगंज, हमालपारा, पोस्ट ऑफिस रोड़ सहित विभिन्न स्थानों में विभिन्न झांकियों तथा सजावटों के साथ पाण्ड़ाल का निर्माण किया गया है। हमालपारा में सेल्फी जोन के साथ श्याम बाबा की झांकियां बनाई गयी है, वहीं पोस्ट आफिस रोड़ में केदारनाथ मंदिर की तर्ज पर पाण्ड़ाल का निर्माण किया गया है तो छ़परीगंज में सरोवर का विहंगम दृष्य मन को मोह रहा है। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी समियिों के द्वारा विशाल भण्ड़ारे का आयोजन किया जा रहा है, गुरूद्वारा के पास की समिति में प्रतिदिन दोपहर को पूड़ी सब्जी तो कभी चांवल सब्जी का भण्ड़ारा लगाया जा रहा है।
-

भारत सरकार ने Smartphone Users को दी चेतावनी, कहा- इन 10 बातों पर ध्यान देना है बेहद जरूरी…
साइबर अपराध (Cyber Crime) की घटनाएं दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में इंटरनेट यूजर्स को साइबर अपराध के प्रति जागरूक होना बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार ने ‘बेस्ट प्रैक्टिसेज’ पर एक एडवाइजरी जारी की है जिसका पालन स्मार्टफोन यूजर्स ऑनलाइन सुरक्षित रहने के लिए कर सकते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत भारतीय कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (CERT-in) ने नागरिकों को अपने स्मार्टफोन पर ऐप डाउनलोड करने या ऑनलाइन ब्राउज करने के दौरान क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए की एक सूची जारी करी है।
इन 10 बातों पर ध्यान रखने की होगी जरूरत
- ऐप को हमेंशा वेरिफाइड सोर्स से ही डाउनलोड करें। कोशिश करें कि प्लेस्टोर और ऐप स्टोर से ऐप डाउनलोड हो सके।
- ऐप डाउनलोड करने से पहले हमेशा ऐप डिटेल, डाउनलोड की संख्या, रेटिंग और यूजर्स रिव्यू के साथ-साथ जरूरी एक्सेस देने से पहले डिटेल पढ़ लें।
- किसी भी गैर जरूरी ईमेल और एसएमएस में दिए गए लिंक पर क्लिक करते समय अविश्वसनीय वेबसाइटों को ब्राउज न करें।
- ऐसे संदिग्ध नंबरों की तलाश करें जो वास्तविक मोबाइल फोन नंबरों की तरह न दिखें। स्कैमर्स अक्सर अपने वास्तविक फोन नंबर का खुलासा करने से बचने के लिए ईमेल-टू-टेक्स्ट सेवाओं का उपयोग करके अपनी पहचान छुपाते हैं।
- बैंकों से प्राप्त वास्तविक एसएमएस संदेशों में आमतौर पर प्रेषक सूचना क्षेत्र में फोन नंबर के बजाय प्रेषक आईडी (बैंक का संक्षिप्त नाम शामिल होता है) होता है। इसका विशेष ध्यान रखें।
- संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक करने से पहले रिसर्च कर लें। ऐसी कई वेबसाइटें हैं जो किसी को भी फ़ोन नंबर के आधार पर जानकारी पता करने की अनुमति देती हैं।
- केवल उन URL पर क्लिक करें, जो वेबसाइट डोमेन को स्पष्ट रूप से इंगित करते हैं। छोटे URL के प्रति सावधानी बरतें, जैसे कि bit.ly और tinyurl।
- एंटीवायरस और एंटी स्पायवेयर सॉफ्टवेयर अपने सिस्टम में जरूर इंस्टॉल कर लें।
- व्यक्तिगत विवरण या खाता लॉगिन विवरण जैसी कोई संवेदनशील जानकारी प्रदान करने से पहले ब्राउजर के बारे में जानकारी ले लें। उसके लिए आपको वेबसाइट के शुरुआत में ताले के सिंबल को ध्यान से देखना चाहिए। अगर उस वेबसाइट पर ताले का सिंबल नहीं दिखता है तो अपना कोई भी जरूरी डिटेल ना शेयर करें।
- ग्राहक को अपने खाते में किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित बैंक को देनी चाहिए ताकि आगे की उचित कार्रवाई की जा सके।
-

फिर हुआ एनएच 49 में हादसा…
राष्ट्रीय राजमार्ग 49 के घटिया निर्माण से आए दिन हो रहे हादसे
खरसिया। पलगढ़ा पहाड़ के नीचे एक अज्ञात तेज रफ्तार ट्रक और कार के बीच भिड़ंत हो गयी, भिड़ंत से कार चालक को मामूली चोट लगने पर अस्पताल ले जाया गया है।
विदित हो कि खरसिया और सक्ती के मध्य में स्थित पलगढ़ा पहाड़ के समीप बने चेकपोस्ट के पास तकरीबन 2 बजे के पास एक तेज रफ़्तार ट्रक ने डस्टर वाहन को ठोकर मार दी, कार चालक पहाड़ से नीचे उतरने के बाद हाईवे पार कर रहा था तभी सक्ति तरफ से आ रही ट्रक पहाड़ गेट के पास कार को ठोकर मारी जिससे कार एक चक्कर घुम कर अपने पुराने दिशा की ओर खड़ी हो गई ट्रक मौका देख फरार हो गया। डस्टर वाहन क्रमांक CG10 X 7711का चालक जो की पेशे से डॉ है अपना ड्यूटी करके वापस घर की ओर जा रहा था तभी अज्ञात ट्रक ने जो कि सक्ति दिशा से आ रही थी कार को टक्कर मार दी इस दुर्घटना से चोटिल कार में सवार ड्राइवर को थोड़ी मोड़ी चोट लगी उसे हॉस्पिटल ले जाया गया है।

राष्ट्रीय राजमार्ग 49 के घटिया निर्माण से आए दिन हो रहे हादसे
आपको बता दें कि जबसे राष्ट्रीय राजमार्ग 49 का निर्माण हुआ है तब से दुर्घटनाओं में इजाफा हुआ है। कई सुरक्षा मानकों को अनदेखी कर बनाये गए राष्ट्रीय राजमार्ग में भारी खामियां हैं, जिसका खामियाजा आम नागरिक को अपनी जान देकर चुकाना पड़ता है।

-

इस साल शारदीय नवरात्रि पूरे 9 दिन… देखें नवरात्र का पूरा कैलेंडर
अश्विन मास के अमावस्या के साथ पितृपक्ष का समापन हो जाएगा। इसके साथ ही प्रतिपदा तिथि के साथ नवरात्रि की शुरुआत हो जाएगी। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के पहले स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना की जाएगी। इस साल 8 नहीं बल्कि पूरे नौ दिन के नवरात्रि पड़ रही हैं। इसके साथ ही काफी शुभ संयोग भी बन रहा है। आइए जानते हैं शारदीय नवरात्रि 2022 के कैलेंडर के बारे में.
कब से शुरू हो रही है शारदीय नवरात्रि 2022
पंचांग के अनुसार, इस साल शारदीय नवरात्रि 27 सिंतबर से शुरू हो रहे हैं और इनका समाप्त 5 अक्टूबर, बुधवार के दिन हो रहा है। इस बार के नवरात्रि काफी खास है। क्योंकि इस साल मां हाथी में सवार होकर आ रही हैं। जो अधिक वर्षा, संपन्नता और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही मां दुर्गा की नाव में बैठकर विदा होगी। नाव से जाना भी खुशहाली का प्रतीक माना जाता है.
शारदीय नवरात्रि 2022 कैलेंडर
26 सितंबर 2022, पहला दिन – प्रतिपदा, घटस्थापना, मां शैलपुत्री पूजा
27 सितंबर 2022, दूसरा दिन- मां ब्रह्मचारिणी पूजा
28 सितंबर 2022, तीसरा दिन- मां चंद्रघंटा पूजा
29 सितंबर, चौथा दिन – मां कुष्मांडा पूजा, विनायक चतुर्थी, उपांग ललिता व्रत
30 सितंबर, पांचवां दिन – पंचमी, मां स्कंदमाता पूजा
1 अक्टूबर, छठा दिन – षष्ठी, माता कात्यायनी पूजा
2 अक्टूबर 2022, सातवां दिन – सप्तमी, मां कालरात्रि पूजा
3 अक्टूबर 2022, आठवां दिन – दुर्गा अष्टमी, महागौरी पूजा, महानवमी
4 अक्टूबर 2022, नौवां दिन – महानवमी, शारदीय नवरात्रि का पारण
5 अक्टूबर, दसवां दिन – दशमी, दुर्गा विसर्जन और विजयादशमी (दशहरा)
-

विजय अग्रवाल की हुई घर वापसी कामदा जोल्हे ने भी थामा भाजपा का दामन, पांच और नेताओं को मिली जगह…
रायगढ़। अंततः विजय अग्रवाल की घरवापसी हो ही गई। विजय अग्रवाल की घर वापसी से उनके समर्थको में जबर्दस्त उत्साह भर गया है। प्रदेश स्तर पर भाजपा की बैठक में आला नेताओं की उपस्थिति में निर्णय हुआ और विजय अग्रवाल की घर वापसी पर मुहर लग गई।
इसके अलावा सारंगढ़ के जिला बनने के बाद यहां की राजनैतिक समीकरण भी बदलेंगे। इसे देखते हुए कई बसपा नेता भी बसपा छोड़ भाजपा का दामन थामने कतार में लग गए थे। इनमें सबसे प्रमुख पूर्व बसपा विधायक कामदा जोल्हे भी है इनके अलावा अन्य भी अब भाजपा के हो लिए हैं।
सारंगढ़ के जिला बनने के बाद आने वाले समय मे नए परिसीमन के बाद यहां पुराने नेताओं को अपनी जमीन तलाशने में आसानी होगी और यही वजह है कि कामदा जोल्हे जैसे नेता बसपा में अपना वजूद खोते जा रहे थे जिला बनने के बाद इन्हें संजीवनी बूटी मिल गई है। आने वाले समय मे अपने राजनीतिक बिसात को अभी से मजबूत बनाने के लिए भाजपा में शामिल होना मुनासिब समझा। आज इनकी भाजपा में शामिल होने से नई सुबह की उजली किरण जैसी है।
वही रायगढ़ के भाजपा से पूर्व विधायक बाद में निर्दलीय चुनाव लड़ने के बाद भाजपा से निष्कासित और एक लंबी जद्दोजहद के बाद पुनः विजय की वापसी से उनके समर्थकों में जहां खुशी व्यापत हो गई वहीं उनसे अदावत रखने वालों को सांप जरूर सूंघ गया होगा। भाजपा के ऐसे कई नेता जो रायगढ़ से विधायकी का सपना संजोए रखे थे अब उनके पैर तले जमीन खिसकना तय है। विजय के भाजपा में वापसी से कई भाजपा नेता जो अपनी टिकट पक्की मानकर चल रहे थे उनके लिए अब टिकट की राह आसान नहीं होगी।
-

चीते और तेंदुए में क्या क्या फर्क होता है आइये जानते है….
70 वर्षों बाद भारत में चीतों का आगमन हो गया है। नामीबिया से आए 8 चीतों को श्योपुर स्थित कूनो पार्क में छोड़ दिया गया है। पार्क में चीतों के लिए सभी तैयारियां की गई हैं। आपको बता दें कि भारत में 1948 तक चीते जिंदा थे। लेकिन इसी वर्ष छत्तीसगढ़ की कोरिया रियासत के राजा रामानुज प्रताप सिंहदेव ने बैकुंठपुर से लगे जंगल में तीन चीतों का शिकार किया था। इसके बाद 1952 भारत सरकार ने देश को चीता मुक्त घोषित कर दिया था। वहीं, अब भारत में 8 चीते फिर से आ गए हैं। ऐसे में लोगों को तेंदुए और चीते में अंतर जान लेना जरूरी है। क्योंकि बहुत से लोगों के मन में अभी भी तेंदुए और चीते को लेकर कन्फ्यूजन बना हुआ है।
बनावट में इस तरह अलग होते हैं चीते
चीते की शरीरिक बनावट तेंदुए से अलग होती है। दोनों में अंतर लगाने का सबसे आसान तरीका कंधा है। एक तरफ जहां तेंदुए का कंधा कम लंबा होता है, वहीं चीते का कंधा अधिक लंबा होता है। इसके अलावा चीते, तेंदुए से ऊंचाई में भी अधिक होते हैं। वहीं, एक चीते का वजन औसतन 72 किलोग्राम होता है। साथ ही चीता 120 किमी प्रति घंटे के हिसाब से दौड़ भी सकता है। वहीं, अगर तेंदुए की बात करें तो ये बनावट में चीतों से छोटे होते हैं। हालांकि तेंदुए का वजन चीते से ज्यादा होता है।

दोनों के खाल में भी होता है फर्क
चीते और तेंदुए की खाल में भी अंतर होता है। अगर चीते को देखेंगे तो उसकी खाल हल्के पीले और ऑफ व्हाइट कलर की होती है। जबकि तेंदुए की खाल पीले रंग की होती है। चीते की खाल पर गोल या अंडाकार काले धब्बे होते हैं। इसके अलावा दोनों के पंचों में भी अंतर होता है। जिसकी मदद से आप तेंदुए और चीते में पहचान कर सकते हैं। चीते और तेंदुए के पंजे में होता है ये अंतर चीते के पंजे तेज गति से दौड़ने के हिसाब से होते हैं। चीते के पिछले पैर आगे के मुकाबले बड़े और मजबूत होते हैं, यही वजह है कि चीते ज्यादा तेजी से दौड़ते हैं। इसके अलावा चीते के पंचे कभी सिकुड़ते भी नहीं हैं। वहीं तेंदुए के पंचे की बात करें तो इनके आगे के पैर पीछे की तुलना में बड़े होते हैं। यही वजह है कि तेंदुए शिकार के बाद आसानी से शिकार को लेकर पेड़ पर चढ़ जाते हैं।
दोनों के सिर की बनावट भी होती है अलग
चीते और तेंदुए के सिर की बनावट भी अलग होती है। चीते का सिर छोटा और गोल होता है। साथ ही चीते की छाती ऊंची और पेट पतला होता है। इसके अलावा चीते के चेहरे पर आंखों के कोने से मुंह तक एक काली लाइन भी बनी होती है। जबकि तेंदुए के आंखों के कोने से मुंह तक कोई काली लाइन नहीं होती है।
