रायपुर। छत्तीसगढ़ के पुलिस विभाग में दो IPS अफसरों का तबादला किया गया है। इस ट्रांसफर में महासमुंद जिले के पुलिस अधीक्षक भोजराज पटेल को बीजापुर भेज दिया गया है।
बीजापुर में वे सेनानी 15 वीं वाहिनी छ स बल का दायित्व सम्भालेंगे। इधर पुलिस अधीक्षक रेल धर्मेन्द्र सिंह छवई को महासमुंद का नया एस पी बनाया गया है।
खरसिया। खरसिया प्रेस क्लब की आवश्यक बैठक रविवार को स्थानीय विश्राम गृह में सम्पन्न हुयी, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये साथ ही नगर के वरिष्ठ पत्रकार अजय बंसल को प्रेस क्लब के अध्यक्ष पद की कमान सौंपी गयी। प्रेस क्लब खरसिया की इस बैठक में नगर के पत्रकार उपस्थित रहे तथा सर्व सम्मति से अजय बंसल को अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गयी। नवनियुक्त अध्यक्ष को पत्रकार साथयों ने बधाई दी, जिस पर अजय बंसल ने सभी पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुये कहा कि जो जिम्मदेारी आप लोगों ने मुझे दी है उसे आप सभी के सहयोग से पूरी तरह से निभाउंगा, साथ ही पत्रकार हित के लिये सदैव तत्पर रहूंगा। इस इवसर पर प्रेेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष रामनारायण सोनी ने पत्रकार साथियों से कहा कि प्रेस क्लब के सदस्यों और पदाधिकारियों का सहयोग हमेशा मुझे मिला है जिसके लिये मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं। बैठक में वरिष्ठ पत्रकार अमर अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, कैलाश गर्ग, रामनारायण सोनी, अजय बंसल, सचिव सुनील अग्रवाल, कोषाध्यक्ष विकास ज्योति, उपाध्यक्ष प्रहलाद बंसल, अरूण चौधरी, नयनानंद वैष्णव, संतोष यादव, उपाध्यक्ष जगदीश मित्तल, नटवर मित्तल, संजय गुप्ता, कैलाश शर्मा, ड़िग्री लाल जगत, मनीष अग्रवाल, राहुल अग्रवाल, सहित प्रेस क्लब खरसिया के सदस्य उपस्थित रहे।
रायपुर। विगत दिनों रायपुर के बंजारी धाम मंदिर परिसर में आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो का जन्म उत्सव आदिवासी परंपरा के अनुसार मनाया गया इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रुप में इतिहासकार एवं पुरातत्वविद डॉ राम विजय शर्मा तथा रायपुर जिला गोंडा समाज के अध्यक्ष श्री मोहनलाल छेदी अध्यक्ष के रूप में मौजूद थे। इस अवसर पर अध्यक्ष श्री मोहनलाल छेदी ने बताया कि हमारे पूर्वज लोग बताते थे कि महाकवि कालिदास हमारे आदिवासी समाज के हैं वह सरगुजा के मृगाडाँड़ में पंडो आदिवासी परिवार में जन्म लिए थे उनका विवाह उज्जैन के राजा की पुत्री विद्यापति से हुई थी राजा की लड़की अपने को बहुत विद्वान समझती थी तथा नौकर चाकर तथा मंत्री लोगों से ठीक से बात तक नहीं करती थी। आदिवासी महाकवि कालिदास से उनका विवाह करा दिया गया। शादी होने के बाद राजकुमारी मृगडांड आई। प्रथम रात्रि को राजकुमारी ने कालिदास से कुछ प्रश्न किए जिसका वे उत्तर नहीं दे पाए इसलिए वह क्रोधित होकर अपने पलंग से धक्का देकर कालिदास को गिरा दी कालिदास महाकाली कंकालिन के ठाणा के पास गिरे और उनका सिर से खून गिरने लगा अपने खून को कालिदास जी मां काली को लगा दिए जिससे मां काली प्रसन्न हो गई और वरदान मांगने को कहा।
आदिवासी समाज के प्रत्येक आदिवासी के घर में मां काली कंकाली का ठाणा रहता ही है। यही आदिवासी कालिदास आगे चलकर वाराणसी में 6 वर्षों तक संस्कृत का अध्ययन किया और विद्वान बन गए उसके बाद अपनी जन्मस्थली आकर संस्कृत में ऋतु संहार, मेघदूतम और अभिज्ञान शाकुंतलम सहित कुल 3 ग्रंथों की रचना किए जिससे उनकी ख्याति देश में फैल गई और उज्जैन के राजा चंद्रगुप्त द्वितीय विक्रमादित्य के दरबार में के नवरत्नों में उनका स्थान मिला। जन्मोत्सव के इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ विजय शर्मा ने बताया कि आदिवासी महाकवि कालिदास का जन्म 15 नवंबर 350 ई. को सरगुजा जिले के उदयपुर तहसील के मृगडांड में हुआ था तथा हर वर्ष बड़े पैमाने पर आदिवासी समाज उनका जन्म उत्सव मनाता है इसमें छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, झारखंड से आदिवासी समाज के लोग सम्मिलित होते हैं । इस अवसर पर बनमालीराम ध्रुव, पवन ध्रुव, धनवार ध्रुव, पुरानी ध्रुव तथा सैकड़ों आदिवासी उपस्थित रहकर जन्मोत्सव के कार्यक्रम को सफल बनाएं।
सक्ती। जिले में हुई आईटी की रेड ने नगर सहित पूरे जिले के धन्ना सेठों की नींद हराम कर दी है। धन्ना सेठों की नींद उड़ा देने वाली एक और खबर निकल कर सामने आई है, जिसमें आईटी की नजरों से बचाकर काला धन ग्राम पंचायत हरेठी में नौकर के रिश्तेदारों के यहां छिपाए जाने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। जिसे चोरी कर ले जाने की जानकारी मिलने पर सक्ती के धन्ना सेठों के द्वारा हरेठी स्थित रूई भंडार के संचालक के घर सीसीटीवी फुटेज खंगालने एवं रूई भंडार के संचालक को बलात्कार की धारा 376 एवं चोरी की धारा 379, 380 के झूठे मुकदमे में फसाये जाने की धमकी दिए जाने के संबंध में सक्ती जिले के पुलिस अधीक्षक से पुष्पेंद्र देवांगन के द्वारा लिखित शिकायत करते हुए इसकी जांच एवं सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत हरेठी निवासी पुष्पेन्द्र कुमार देवांगन पिता तुलसीराम देवांगन(28) ने सक्ती पुलिस अधीक्षक से की गई शिकायत की कॉपी देकर बताया की उसकी हरेठी मे मेन रोड मे श्रीनाथ रूई भंडार की दुकान है।
पुष्पेंद्र देवांगन ने अपनी शिकायत मे बताया है कि 15 नवंबर की सुबह लगभग 10 बजे से शाम करीब 5:30 बजे तक उक्त रूई भंडार में सक्ती के धन्ना सेठ अरुण कुमार अग्रवाल, अनिल कुमार अग्रवाल, कांग्रेस नेता एवं भूतपूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुन्दर अग्रवाल के द्वारा श्रीनाथ रूई भंडार के मकान में लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगालने लगे।
बता दे कि विगत दिनों सक्ती मे अनेक जगहों पर आई.टी. की रेड हुई थी। जिसमे धन्ना सेठों के द्वारा आई.टी की नजरो से बचाकर काला धन घर में काम करने वाली बाई के रिश्तेदार सावित्री चौहान, टोबो चौहान पिता पूरन चौहान के मकान ग्राम पंचायत हरेठी में रख दिया था। जिस मकान मे काला धन रखा गया था, उस मकान का ताला तोड़कर अज्ञात चोर चोरी कर काला धन को ले गया। जिसे ढूढ़ने के लिए अरुण कुमार अग्रवाल, अनिल कुमार अग्रवाल, आनंद अग्रवाल सावित्री ऑटो पार्ट्स एवं भूतपूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्याम सुन्दर अग्रवाल पुष्पेन्द्र देवांगन फर्म श्रीनाथ रुई भंडार के घर मे लगे 08 नग सीसीटीवी फुटेज खंगालने गए थे। धन्ना सेठों को किसी ने जानकारी उपलब्ध कराई थी कि हरेठी में रखा उनका काला धन उक्त रूई भंडार दुकान के सामने से चोरी कर ले गये है। इस बात की भनक लगते ही वे आव देखे ना ताव बिना किसी एफआईआर या ग्राम के मुखिया/सरपंच के अनुमति के बिना ही श्रीनाथ रूई भंडार की दुकान मे जबरन घुसकर सक्ती थाने मे पदस्थ आरक्षक भागवत श्रीवास्तव के साथ रूई भंडार संचालक एवं उसके परिवार वालों से पूछताछ करते हुए हाथापाई करने लगे।
पुष्पेंद्र ने बताया कि उनके द्वारा सीसीटीवी फूटेज चेक करते हुए डाटा को डिलीट करने की भी कोशिश की गई। बाद मे सीसीटीवी कैमरे का हार्ड डिस्क को रूई भंडार संचालक पुष्पेन्द्र देवांगन एवं उनके भाई मुकेश देवांगन एवं पिता तुलसीराम देवांगन की अनुमति के बिना ही धन्ना सेठों के कहने पर कम्प्यूटर आपरेटर द्वारा ले जाने की कोशिश की गई। यह सब इसलिए किया गया कि कहीं उनके काले धन का भंडाफोड़ न हो जाए।
पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप
पुष्पेंद्र के द्वारा हार्ड डिस्क को ले जाने से मना किये जाने पर पुष्पेन्द्र देवांगन को गिरफ्तार करके ले जाने की धमकी दी गई। उसके पश्चात बाराद्वार रोड हरेठी स्थित श्रीनाथ रुई भंडार के सामने एसडीओपी मो. तस्लीम आरीफ के द्वारा नागरिको के मध्य संचालक पुष्पेन्द्र देवांगन को बलात्कार की धारा 376 एवं चोरी धारा 379, 380 के झूठे केस में फंसा दिये जाने की धमकी दी गई है। जिस व्यक्ति के मकान मे यह काला धन छुपाकर रखा हुआ था, सीसीटीवी फुटेज खंगालने के दौरान वे सभी रूई भंडार में मौजूद थे, किंतु उसके बाद से वह सभी उसी दिन से ग्राम पंचायत हरेठी से गायब है। उन्हें ग्राम पंचायत हरेठी से भगा दिया गया है या वे स्वयं भाग गए है, यह एक बड़ा सवाल है जो अनेक संदेहो को जन्म देता है। यह जांच का विषय है।
लगातार मिल रही धमकियों से परेशान होकर आवेदक पुष्पेंद्र देवांगन ने सक्ती पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत कर उच्च स्तरीय जांच कराए जाने एवं परिवार को सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग की है।
कोरबा। आईपीएस अधिकारियों के तबादले हुए जिसमें आईजी स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग रेंज में प्रभार दिया गया। बिलासपुर रेंज की जिम्मेदारी आईजी बद्रीनारायण मीणा को दी गई है। वही बिलासपुर रेंज के वर्तमान आईजी रतनलाल डांगी को पुलिस अकादमी चंद्रपुरी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा दुर्ग रेंज के आईजी भी बदले गए हैं।
भारत में धुरंधरों की कमी नहीं है, यहां आए दिन आप कुछ न कुछ ऐसा देखते या सुनते होंगे, जिसका भरोसा कर पाना नामुमकीन सा लगता है। ठीक ऐसा ही जम्मू-कश्मीर के एक मैथ टीचर ने किया, जिसको देख महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा भी खुद को रोक नहीं पाये। आनंद महिंद्रा ने जितना हो सकता था उतनी उस मैथ टीचर की तारीफ की। आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला।
इसलिए आनंद महिंद्रा ने की तारीफ
दरअसल, जम्मू-कश्मीर के एक मैथ टीचर ने सोलर से चलने वाली कार को बनाया है, जो धूप से चार्ज होता है और बिना ईंधन के चलता है। दिखने स्टाइलिश लगने वाली इस कार का वीडियो सोशल मीडिया पर तब वायरल हुआ जब आनंद महिंद्रा ने गाड़ी का वीडियो अपने ट्विटर हैंडल से ट्वीट करते मैथ टीचर की तारीफ की।
धूप से चलती है ये सोलर कार
जम्मू और कश्मीर के बिलाल अहमद ने एक इलेक्ट्रिक कार का आविष्कार किया है, जो एक किफायती विकल्प हो सकता है। अहमद की इलेक्ट्रिक कार, जो 11 साल के शोध और कड़ी मेहनत का नतीजा है, वह सौर ऊर्जा से चलती है। जहां परिवहन के हरित तरीकों को अपनाने की बात आती है तो उनके नवाचार को सही दिशा में एक कदम के रूप में देखा जा रहा है
आनंद महिंद्रा ने बढ़ाया बिलाल का हौसला
मैं बिलाल के अकेले ही इस प्रोटोटाइप को विकसित करने की सराहना करता हूं। इस डिजाइन को अमल में लाने की जरूरत है और ऐसे कारों का उत्पादन होना चाहिए।
उद्योगपति आनंद महिंद्रा प्रौद्योगिकी और नवाचार में गहरी रुचि रखने के लिए जाने जाते हैं। वो आए दिए अपने ट्विटर अकाउंट के माध्यम से लोगों को मोटिवेट करते रहते हैं। उन्होंने बिलाल अहमद के इस अविष्कार की सराहना की। 67 वर्षीय अरबपति ने कहा कि अहमद का जुनून काफी सराहनीय है।
दिल्ली : केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ में लोकहित की योजनाओं में भारी भ्रष्टाचार और गुणवत्ता विहीन कार्यो को लेकर बड़ा झटका दिया है। केंद्र सरकार अब फंड कंट्रोल नीति लागू कर केंद्रीय आर्थिक मदद को नौकरशाहों और नेताओं की तिजोरी में जाने से रोकने की मुहिम में जुट गया है। यह रकम अब डिजिटल माध्यमों से सही व्यक्ति के हाथों में पहुंचेगी। इससे कमीशन खोरी और भ्रष्टाचार थमेगा जबकि सरकारी रकम के बेहतर इस्तेमाल से जनता को लाभ होगा।
राज्य में IT – ED के छापों में नौकरशाहों के ठिकानों से करोड़ो की काली कमाई सामने आने के बाद भारत सरकार सतर्क हो गई है। सूत्र बताते है कि केंद्र सरकार अखिल भारतीय सेवाओं के छत्तीसगढ़ में तैनात अफसरों की कार्यप्रणाली और भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच CBI के हवाले करने पर विचार कर रही है।
केंद्र ने एक ताजा फैसले में छत्तीसगढ़ की धार्मिक योजना के 45 करोड़ रूपए के भुगतान के तौर – तरीके पर डिजिटल अटैक किया है। धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाली प्रसाद योजना में छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ का चयन किया गया था। इसके लिए लगभग 45 करोड़ रुपए का फंड जारी कर विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की गई थी।
लेकिन अब केंद्र ने फंड का कंट्रोल राज्य सरकार के बजाय अपने हाथ में ले लिया है। राज्य सरकार इस योजना की सिर्फ वर्क प्रोग्रेस रिपोर्ट देगी। लेकिन ठेकेदार को केंद्र सरकार अपनी एजेंसी के माध्यम से भुगतान करेगी।
भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के तहत वर्ष 2014-2015 में पीआरएएसएडी (प्रसाद) योजना शुरू की गई थी। इसके तहत ‘तीर्थयात्रा कायाकल्प और आध्यात्मिक संवर्द्धन अभियान’ चलाया गया था। इससे राज्यों में धार्मिक पर्यटन अनुभव को समृद्ध करने के लिए पूरे भारत में तीर्थ स्थलों को विकसित करने और पहचान करने में मदद मिली थी।
ऐसी ही कई लोक कल्याणकारी प्रदेश में संचालित हो रही है। इनमे से एक जल – जीवन मिशन भी है। इसके तहत करीब 22 हजार करोड़ रूपए खर्च कर लोगो के घर – घर तक वर्ष 2024 तक जल पहुंचाने का लक्ष्य है। यह योजना भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई है।
इसके शुरुआती दौर में ही कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार हावी हो गया था। नतीजतन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को करीब 10 हजार करोड़ के टेंडर – निविदा रद्द करना पड़ा था।
हालांकि उनके निर्देशों के बावजूद PHE में पदस्थ अफसर भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी में शामिल रहे। इस मामले में विभागीय मंत्री की कार्यप्रणाली ने भी आग में घी का काम किया। फिलहाल, दर्जनों ऐसी योजनाएं है जो भ्रष्टाचार के चलते दम तोड़ रही है। ऐसे में आर्थिक भुगतान के तौर तरीको पर डिजीटल अटैक कारगर साबित हो रहा है।
बिलासपुर : छत्तीसगढ़ में भाजपा महिला मंडल ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ हल्ला बोला है। प्रदेश में महिला उत्पीड़न के खिलाफ महतारी हुंकार रैली के जरिये पहला निशाना मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बेहद करीबी सौम्या चौरसिया पर साधा गया है। भूपेश बघेल और सौम्या को लेकर बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने सीधा सवाल किया है। बिलासपुर में एक बड़ी रैली में केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूछा है कि छत्तीसगढ़ में राज किसका है ? आखिर रिमोट कंट्रोल किसके पास है। सोनिया जी या सौम्या। स्मृति ईरानी के इस सवाल पर भीड़ ने जमकर तालियां बजाई।
स्मृति ईरानी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में यह जानना जरुरी है कि आखिर राज किसका है, उन्होंने कहा कि एक वक्त ऐसा था जब हिंदुस्तान में केंद्र सरकार कांग्रेस पार्टी चला रही थी। उन्होंने कहा कि इस दौर में जब हम जनता से पूछते थे कि राज किसका है, तो जनता बोलती थी, सोनिया जी का। आज वक्त कांग्रेस का छत्तीसगढ़ में है, तो मैं भूपेश जी से पूछना चाहती हूँ, रिमोट कंट्रोल किसके हाथ में है भूपेश जी। सोनिया जी के हाथ में है या सौम्या जी के हाथ में है ? केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के इस सवाल को सुनकर जनता ने जमकर तालियां ठोकी।
सवाल किया कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार कौन चला रहा है सोनिया जी या सौम्या? उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से पूछा कि रिमोट कंट्रोल किसके पास है। सौम्या के या सोनिया जी के पास। स्मृति ईरानी के इस तंज से साफ़ नजर आ रहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपसचिव सौम्या चौरसिया के चर्चे मुख्यमंत्री कार्यालय और बंगले से बाहर निकलकर गांव – कस्बों, गली – चौराहो, नुक्क्ड़ों और पान के ठेलो तक लोगों की जुबान पर है।
स्मृति ईरानी के इस कटाक्ष से छत्तीसगढ़ में सौम्या चौरसिया के कारनामे एक बार फिर सुर्खियों में आ गए है। दिलचस्प बात यह है कि जनता की अदालत से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक सौम्या चौरसिया का दंश लोग झेल रहे है। छत्तीसगढ़ शासन की छवि धूमिल हो रही है। बावजूद इसके मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का सौम्या पर वरदहस्त बना हुआ है।
सूत्र बताते है कि सौम्या के खिलाफ वैधानिक और विभागीय कार्यावाही की लम्बी फहरिस्त शासन के पास है। उसकी कार्यप्रणाली को लेकर अदालती फैसलों से शासन की भद्द पिटी है।IT – ED करोड़ों के भ्रष्टाचार गब्बर सिंह टैक्स की वसूली और आय से अधिक संपत्ति के मामलो को लेकर सौम्या से लगातार पूछताछ कर रही है। IT डिपार्टमेंट ने तो सौम्या और उसके गिरोह के खिलाफ दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराया है।
IT ने छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर भी सौम्या चौरसिया की काली करतूतों को संज्ञान में लाया है। उसने आखिर कैसे डिजिटल सबूत नष्ट करने के लिए सिंगापुर से मोबाईल चैट डिलीट करवाई, इसे लेकर भी केंद्रीय एजेंसिया उससे पूछताछ कर रही है। सूर्यकान्त तिवारी, बिट्टू, क्षितिज (चिप्स वाले), IAS रानू साहू, जेल में बंद IAS समीर विश्नोई और अनिल टुटेजा के साथ अंजाम दिए गए कई आर्थिक अपराधों को लेकर सौम्या सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री से करीबी संबंधों के चलते उसके खिलाफ वैधानिक कार्यवाही से जुडी कायदे कानूनों की किताबे रद्दी की टोकरी में डाली जा रही है। कानून के रखवाले कानून तोड़ने वाले के शिकंजे में है।
इन सभी तथ्यों को मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाये जाने के बावजूद भूपेश बघेल का कार्यवाही को लेकर हाथ पीछे खींच लेना किसी गंभीर समस्या की ओर इशारा कर रहा है। दिल्ली से आई स्मृति ईरानी के साथ – साथ राज्य की जनता भी पूछने लगी है कि आखिर माजरा क्या है ? क्यों एक मुख्यमंत्री एक सामान्य डिप्टी कलेक्टर स्तर की महिला अफसर के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही करने से पीछे हट रहे है।
राज्य के दो मुख्यमंत्री पहले स्वर्गीय अजीत जोगी और उसके बाद रमन सिंह कभी भी अपने अधीनस्थ किसी महिला कर्मचारी को लेकर इतने चर्चित नहीं हुए। उनके कार्यालय में भी दर्जनों महिलाएं अपनी सरकारी सेवाएं देती थी। लेकिन उनकी कार्यप्रणाली को लेकर कभी भी गतिरोध नहीं देखा गया।
जूनियर और सीनियर अफसरों के बीच अनुशासन और आपसी संबंधों को लेकर एक दायरा देखा जाता था। लेकिन मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रुख से सौम्या को प्राप्त सरंक्षण सरकारी कायदे कानूनों के निर्वाहन पर भी भारी पड़ रहा है। सौम्या के खिलाफ शिकायतों पर कार्यवाही के लिए ना तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हरी झंडी दे रहे है, और ना ही मुख्यसचिव कार्यालय वैधानिक कार्यवाही के लिए हिम्मत जुटा रहा है।
उधर सौम्या चौरसिया पर निशाना साध कर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राजनीति गरमा दी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की छवि पर यह एक चर्चित हमले के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि इसका जवाब ना तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और ना ही कांग्रेस पार्टी दे रही है। अलबत्ता सौम्या को छोड़ बीजेपी और उसके नेताओं के तमाम आरोपों पर कांग्रेस हमलावर है। उम्मीद की जा रही है कि मुख्यमंत्री बघेल स्मृति ईरानी के इस सवाल का जवाब देकर अपनी स्थिति स्पष्ट करेंगे।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के राजनैतिक और प्रशासनिक गलियारे में नान घोटाले के मुख्य आरोपी अनिल टुटेजा की अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। बिलासपुर हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत हासिल होने के बाद अनिल टुटेजा की कार्यप्रणाली कई विवादों से घिरती नजर आ रही है। IT – ED ने भी टुटेजा और उनके करीबियों से पूछताछ शुरू कर दी है।
दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में अनिल टुटेजा समेत आधा दर्जन से ज्यादा अफसरों और कारोबारियों के खिलाफ IT डिपार्टमेंट ने चालान पेश कर कई गंभीर आरोप लगाए है। इसमें सिंगापुर से मोबाईल चैट डिलीट कराने को लेकर भी सबूत नष्ट करने की IPC की धाराओं के तहत भी प्रकरण दर्ज किया गया है। यही नहीं सरगुजा इलाके में अडानी की कम्पनी की सहायता के लिए वन विभाग द्वारा हजारो पेड़ कटवाए जाने का मामला भी अनिल टुटेजा से जुड़ा बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा ED को लिखा गया पत्र : –
सूत्रों का दावा है कि जब – जब सुप्रीम कोर्ट में नान घोटाले की सुनवाई करीब आती है, सरगुजा में अडानी की सहायता के लिए इंड्रस्टी विभाग के संयुक्त सचिव अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए मैदान में कूद जाते है। यहाँ आदिवासियों को खदेड़ने और जंगलो की अंधाधुंध कटाई समेत कई विभागीय कार्यो की फाइल तेजी से विभिन्न दफ्तरों में दौड़ने लगती है। लेकिन जैसे ही सुप्रीम कोर्ट में घोटाले की सुनवाई खिसकती है, वैसे ही ये तमाम फाइलें आलमारियों में कैद हो जाती है।
सूत्रों के मुताबिक अग्रिम जमानत पर रिहा होने के बाद नान घोटाले के मुख्य आरोपी अनिल टुटेजा के सरकारी और गैर सरकारी कारनामों से छत्तीसगढ़ शासन को भी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ताजा मामला नान घोटाले के आरोपी का पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह को पत्र लिखने से जुड़ा है। रमन सिंह ना तो जज है और ना ही किसी जाँच एजेंसी से जुड़े है। ऐसे में टुटेजा का यह पत्र रमन सिंह पर हथियार के रूप में फेंका जाना चर्चा में है। जबकि नान घोटाले की जाँच के लिए SIT का गठन आरोपी टुटेजा और मुख्यमंत्री बघेल की सहमति से हुआ है।
टुटेजा का मौजूदा मुख्यमंत्री के बजाय पूर्व मुख्यमंत्री को पत्र लिखना किसी षड्यंत्र का हिस्सा बताया जा रहा है। इस पत्र में टुटेजा ने कोर्ट में विचाराधीन नान घोटाले मामले की सुनवाई पूरी होने से पूर्व एक जज के हैसियत से फैसला लिखा है। 15 पन्नो में अदालती दास्तान लिखकर टुटेजा ने जहां खुद को पाक साफ़ बताया है, वही मुख्यमंत्री रमन सिंह को क्लीन चिट भी दी है। टुटेजा ने नान घोटाले के सारे आरोपों को नकारते हुए लिखा है कि नागरिक आपूर्ति निगम में कोई घोटाला हुआ ही नहीं है।
नान घोटाले के सारे आरोप काल्पनिक, अटकलों और राजनीति से प्रेरित बताते हुए टुटेजा का आरोप है कि ACB ने उनके खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज किया था। टुटेजा ने इस पत्र में अदालती साक्ष्यों और प्रकरण से संबंधित कई तथ्यों का खुलासा किया गया है। अब यह पत्र सार्जनिक होने के बाद आम जनता, राजनेताओं, प्रशासनिक गलियारे से होता हुआ उन लोगो तक पंहुचा है, जो नान घोटाले के प्रमुख गवाह थे। ये गवाह सरकारी संरक्षण प्राप्त आरोपी टुटेजा के प्रभाव से पहले ही होस्टाइल हो चुके है।
मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बीच इन गवाहों में सच्चाई का साथ देने की आस जगी थी। लेकिन अग्रिम जमानत पर रिहा अनिल टुटेजा के सरकार की गोद में बैठकर अदालत के दिशा निर्देशों की धज्जिया उड़ाने से वे काफी सहम गए है। मुख्यमंत्री बघेल और टुटेजा के बीच मधुर संबंधो का खामियाजा इन गवाहों को भोगना पड़ रहा है।
टुटेजा के इस पत्र से राजनैतिक उफान भी मचा है। दरअसल राज्य के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हाल ही में ED को पत्र लिखकर 15 दिनों के भीतर नान घोटाले की जांच करने की मांग की गई है। अन्यथा बघेल ने चेतावनी दी है कि वे कोर्ट जायेंगे। भूपेश बघेल के इस दावे की पोल टुटेजा के पत्र से ही खुलती प्रतीत हो रही है। एक ओर सरकार की गोद में बैठकर टुटेजा अपने पत्रो के जरिये नान घोटाले से ही इंकार कर रहा है। वही प्रदेश के मुख्यमंत्री बघेल ED से 15 दिनों के भीतर जाँच की मांग कर कोर्ट जाने का एलान कर रहे है।
टुटेजा के पत्र से सरकार और आरोपी के बीच ही भ्रम की स्थिति निर्मित होने से जनता भी हैरत में है। उन्हें लगने लगा है कि नान घोटाले की असलियत पर पर्दा डालने के लिए मुख्यमंत्री और अनिल टुटेजा की ”अपनी ढपली अपना राग” की रणनीति कोई नए समीकरण का गेम तो नहीं। उधर नान घोटाले में खुद को निर्दोष बताने वाले टुटेजा के पत्र से सरकार में भी खलबली है।
रायगढ़। आयकर विभाग ने प्रदेश के पांच जिलों में छापेमारी की है। रायगढ़ में तो कार्रवाई लंबी हो गई है। यहां की कार्रवाई शनिवार शाम तक पूरी होने की संभावना है। इन्कम टैक्स विभाग की टीम ने बुधवार को प्रदेश में हड़कंप मचा दिया। बिलासपुर, रायगढ़, सक्ती, कवर्धा और रायपुर में छापे मारे गए हैं। रायगढ़ में जहां कार्रवाई लंबी हो गई है। दो-तीन ठिकानों में कार्रवाई पूरी करने के बाद टीमें अब मुख्य ठिकाने पर दस्तावेजों का एनालिसिस करने में जुटी है। रायगढ़ में जो भी दस्तावेज, नकदी, घोषित-अघोषित संपत्ति मिली है, उसकी पड़ताल की जा रही है। शुक्रवार को भी टीमों की कार्रवाई जारी रही। इस बीच दो और ठिकानों पर भी कार्रवाई की जानकारी मिल रही है।
कोयला कारोबार और जमीनों की खरीदी-बिक्री में आयकर विभाग को रायगढ़ के कुछ कारोबारियों का तगड़ा इनपुट हाथ लगा था। इसका एनालिसिस किया गया तो संदेहास्पद गतिविधियां नजर आईं। रायगढ़ के करीब 13 ठिकानों पर छापेमारी की गई है। बुधवार तडके से शुरू हुई कार्रवाई तीसरे दिन शुक्रवार को भी जारी रही। रायगढ़ में एनआर इस्पात के मालिक संजय अग्रवाल के करीब छह ठिकानों समेत करीब 12 जगहों पर कार्रवाई की गई। गोपाल शर्मा सत्तीगुड़ी चैक, जिंदल टेक्सटाइल के सुनील जिंदल, सतीश जिंदल, बाबा ट्रांसपोर्ट संचालक राकेश शर्मा, विशाल अग्रवाल रुक्मणी विहार के मकानों और दफ्तरों में भी जांच की गई। इसके साथ ही सुमन अग्रवाल और अर्जुन मालाकार बोईरदादर के मकान में भी छापेमारी की गई है। दोनों का संबंध भी एनआर इस्पात से बताया जा रहा है। जमीन खरीदी के बाद हुए भुगतान के तरीके को आयकर विभाग ट्रेस कर रहा है।
रायगढ़ में सौ लोगों की टीम
छापेमारी के दौरान रायगढ़ में नकदी के अलावा कोयले के कई बोगस बिल भी मिले हैं। किसके पास से यह बिल मिले हैं, इसका खुलासा नहीं किया गया है। आयकर विभाग ने शुक्रवार को भी सारे ठिकानों में सक्रियता जारी रखी है। बताया जा रहा है कि आज भी कार्रवाई चलेगी। इसके जल्दी पूरा होने के आसार नहीं हैं। कार्रवाई में मप्र और छग के अफसरों के साथ सीआरपीएफ के जवान भी है। करीब सौ लोग तीन दिनों से कार्रवाई में लगे हैं।
कड़िया जोड़ने में लग रहा समय
इसके पहले बाबा ट्र्रांसपोर्ट के संचालक राकेश शर्मा इनपुट टैक्स क्रेडिट फ्रॉड में भी गिरफ्तार हो चुके हैं। इसके पहले 2019 में आयकर विभाग ने छापा मारा था। एक बार फिर यह फर्म केंद्रीय जांच एजेंसियों की नजर में है। छापे में कोयले के बिलों से बड़ा रैकेट पकड़ में आया है। पिछले छापे से इस छापे का लिंक है। इसकी कडियां जोडने में आयकर विभाग को खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। इसी में ज्यादा समय लग रहा है।