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  • देश के सभी पत्रकारों के लिए केंद्र सरकार का तोहफा, ‘पत्रकार वेलफेयर स्कीम’ में हुआ संशोधन

    देश के सभी पत्रकारों के लिए केंद्र सरकार का तोहफा, ‘पत्रकार वेलफेयर स्कीम’ में हुआ संशोधन

    दिल्ली। देशभर के पत्रकारों को केंद्र सरकार ने एक खास ‘तोहफा’ दिया है।

    दरअसल, सरकार ने ‘पत्रकार वेलफेयर स्कीम’ में संशोधन कर दिया है। इसके बाद अब यह देशभर के सभी पत्रकारों के लिए लागू हो गई है। इस योजना का लाभ यह है कि यदि किसी पत्रकार का निधन हो जाता है अथवा किसी कारण से वह दिव्यांग हो जाता है तो सरकार की ओर से उस पत्रकार के आश्रितों को पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। वहीं, इलाज के लिए भी पत्रकार को सरकार पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता देगी।

    संशोधन के तहत अब इस योजना में केंद्र या राज्य सरकार से अधिस्वीकृत पत्रकार होने का कोई बंधन नहीं है। वहीं, वेब और टीवी पत्रकारों को भी इस योजना के तहत लाभ मिलेगा। सभी अखबारों के संपादक, उप संपादक, रिपोर्टर, फोटोग्राफर, कैमरामैन, फोटो पत्रकार, फ्रीलांस जर्नलिस्ट, अंशकालिक संवाददाता और उन पर आश्रित परिजनों को भी इस योजना के दायरे में रखा गया है। इसका लाभ उन्हीं पत्रकारों को मिलेगा, जिन्होंने कम से कम पांच साल तक पत्रकार के रूप में अपनी सेवाएं दी होंगी।

    बता दें कि इस योजना को केंद्र सरकार ने फरवरी 2013 में लागू किया था, लेकिन अब इसमें संशोधन किया गया है। इस योजना की पात्रता के लिए एक समिति भी गठित की गई है। इस समिति के संरक्षक केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री होंगे। विभाग के सचिव अध्यक्ष होंगे और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के उप सचिव अथवा निदेशक सदस्य इसके संयोजक होंगे। यह समिति पीड़ित पत्रकार या फिर उनके परिजनों के आवेदन पर विचार करेगी और उसके बाद आर्थिक सहायता देने का फैसला लेगी।

    इस बारे में अधिक जानकारी के लिए नीचे लिंक दी जा रही है उसे क्लिक करके देखें अथवा महानिदेशक (मीडिया एवं संचार), प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो, ‘ए’ विंग, शास्त्री भवन, नई दिल्ली -110001 से भी संपर्क किया जा सकता है। इस योजना का लाभ उठाने के लिए पत्रकार अथवा उनके परिजन निर्धारित फॉर्म पर अपने आवेदन दिए गए पते पर भेज सकते हैं। इस फॉर्म का नमूना प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो की वेबसाइट pib.nic.inपर उपलब्ध है।

  • फोन टैपिंग पर रमन सिंह का कांग्रेस पर हमला, कहा- भूपेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में टैपिंग की बात स्वीकारी, इससे बड़ा अपराध और क्या हो सकता है…

    फोन टैपिंग पर रमन सिंह का कांग्रेस पर हमला, कहा- भूपेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में टैपिंग की बात स्वीकारी, इससे बड़ा अपराध और क्या हो सकता है…

    सुप्रीम कोर्ट में छत्तीसगढ़ सरकार ने स्वीकार किया कि वह जासूसी करा रही है. फोन टैपिंग करने से बड़ा अपराध क्या हो सकता है? सुप्रीम कोर्ट में सरकार ने लिखकर दिया है कि हम फोन टैपिंग कर रहे थे, भविष्य में नहीं करेंगे. यह बात पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने मीडिया से चर्चा करते हुए कही.

    रायपुर। डॉ. रमन सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ जो आज तरक्की कर रहा है, यह भूपेश सरकार की वजह से नहीं है, ये बीते 15 सालों की कार्ययोजना का नतीजा है. 15 साल छत्तीसगढ़ का स्वर्णिम दौर थे. 60 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया. इंफ्रास्ट्रक्चर में छत्तीसगढ़ ने काम किया. पावर हब बना. सरगुजा-बस्तर में नए मेडिकल कॉलेज बने. आदिवासी इलाकों को एजुकेशनल हब बनाया।

    उन्होंने कहा कि 15 सालों तक छत्तीसगढ़ को सजाया, संवारा गया. नगरीय निकायों, महिलाओं को अधिकार दिया. जब कहा जाता है कि 15 सालों में छत्तीसगढ़ पिछड़ गया है. मैं बता दूं कि आरबीआई गवर्नर ने ये कहा था कि सामाजिक क्षेत्र में छत्तीसगढ़ देश का अव्वल राज्य है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीते दस महीनों के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ भय और आतंक में डूब गया है।

    डॉ. रमन सिंह ने नई उद्योग नीति पर कहा कि सिर्फ नीति बनाने से कुछ नहीं होता. बेहतर वातावरण बनाना होता है. मुझे नहीं लगता कि आने वाले तीन-चार सालों में छत्तीसगढ़ में कोई उद्योग आएगा. नक्सलवाद के मसले पर उन्होंने कहा कि हमारी सरकार के दौरान बस्तर से नक्सलवाद के खात्मा के लिए काम शुरू किया था. केंद्र का भी बहुत सहयोग मिला, यदि आज भी नक्सलवाद के खात्मा के लिए सरकार सकारात्मक प्रयास जारी रखेगी तो जल्द ही राज्य इससे मुक्त हो जाएगा।

    डॉ. सिंह ने कहा कि नक्सली हमेशा खिलाफ ही रहेंगे. चुनाव में इसका असर भी दिखा. पहले बीजेपी, कांग्रेस समेत सभी दलों का विरोध करते थे अब सिर्फ बीजेपी के खिलाफ वोट देने का फरमान देते हैं. वहीं सरदार पटेल को लेकर दिए भूपेश बघेल के बयान पर रमन सिंह ने कहा कि पहले भूपेश बघेल महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चले. उन्होने कहा था कि कांग्रेस को भंग कर देना चाहिए. सरदार पटेल सच्चे राष्ट्रवादी थे.वहीं शराब से जुड़े मामलों में जेल में बंद आदिवासियों को छोड़े जाने के फैसले पर रमन सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार ने यह पहले ही कर दिया था. डेढ़ लाख ऐसे मामलों में जेलों में बंद आदिवासियों के जुर्माने को सरकारी खजाने से भरा था.

  • कलेक्टर के घर चोरी करने वाले फ्लाइट से हो गए थे फरार, रायपुर पुलिस ने कोलकाता से आरोपियों को किया गिरफ्तार

    कलेक्टर के घर चोरी करने वाले फ्लाइट से हो गए थे फरार, रायपुर पुलिस ने कोलकाता से आरोपियों को किया गिरफ्तार

    रायपुर। कलेक्टर शिखा राजपूत तिवारी के रायपुर स्थित सरकारी बंगले में बीते दिनों हुए चोरी मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है. सूत्रों के मुताबिक चोरी करने वाले शातिर आरोपियों को रायपुर पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार कर लिया है. उन्हें पकड़कर रायपुर लेकर आ गई है. आरोपी चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद फ्लाइट से कोलकाता भाग गए थे. एसएसपी आरिफ शेख की इन चोरों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है. क्योंकि उनके ही नेतृत्व में टीम गठित कर कोलकाता से आरोपियों को पकड़ा गया है। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद एक चोर की एटीएम से पैसे निकालते समय सीसीटीवी कैमरे में तस्वीर कैद हो गई थी. यही उन तक पहुंचने का सबसे बड़ा सबूत पुलिस के हाथ लगा था. इसी सबूत के जरिए कड़ी से कड़ी जुड़ती चली गई और आखिरकार पुलिस इन तक पहुंच गई।
    पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की मदद से उस चोर का पीछा करना शुरु किया, तो चला कि वो फ्लाइट से कोलकाता भाग गए है. एसएसपी आरिफ शेख के नेतृत्व में टीम कोलकाता भेजा गया और रेकी कर उन्हें गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई. आरोपियों के पास से चोरी की गई ज्वेलरी और नगदी भी पुलिस ने बरामद कर लिया है. हालांकि पुलिस इस पूरे मामले की आज शाम तक खुलासा कर सकती है.
    दरअसल बेमेतरा कलेक्टर शिखा राजपूत तिवारी के रायपुर के सरकारी बंगले शांतिनगर ई-8 में 29 अक्टूबर को अज्ञात चोरों ने धावा बोलकर करीब 6 लाख 72 हजार रूपए के ज्वेलरी चुरा ले गए थे. उसके बाद कलेक्टर के घर की महिला केयरटेकर ऋतु बेहरा के एटीएम से 50 हजार रुपए निकाल लिए थे. जिस वक्त यह घटना हुई कलेक्टर शिखा राजपूत समेत घर के सभी सदस्य दीपावली मनाने बेमेतरा गए थे।
    पुलिस के अनुसार 10 तोले का सोने का मंगलसूत्र, करीबन 5 तोला की पांच सोने की चैन, 4 तोला के पांच सोने की लॉकेट, करीब 10 तोले के 5 सोने के सिक्के कुल करीब 6 लाख 72 हजार रुपए की ज्वेलरी पर चोरों ने हाथ साफ किया. पुलिस ने कलेक्टर की शिकायत पर धारा 457,380 के तहत अपराध दर्ज किया है.
  • इनकमिंग कॉल के दौरान रिंग बजने की समय सीमा तय

    इनकमिंग कॉल के दौरान रिंग बजने की समय सीमा तय

    दिल्ली। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने शुक्रवार को मोबाइल और लैंडलाइन पर इनकमिंग कॉल के दौरान रिंग बजने की समय सीमा तय की।

    ट्राई ने कहा है कि कॉल आने पर मोबाइल फोन पर 30 सेकंड और लैंडलाइन फोन पर 60 सेकंड तक रिंगटोन बजना चाहिए। अगर ग्राहक फोन नहीं उठाता है, तब भी रिंगटोन तय वक्त से पहले बंद नहीं होनी चाहिए।लैंडलाइन और मोबाइल फोन के लिए गुणवत्ता और सेवा नियमों में संशोधन करते हुए ट्राई ने कहा, “वाइस कॉल आने पर अगर ग्राहक फोन नहीं काटता है या उसका उत्तर नहीं देता है, तो ऐसी स्थिति में अलर्ट का समय मोबाइल फोन के लिए 30 सेकंड और लैंडलाइन फोन के लिए 60 सेकंड होगा।”

    रिलायंस जिओ ने भारती-एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया जैसे पुराने ऑपरेटरों पर गैर-कानूनी ढंग से लैंडलाइन नंबरों को मोबाइल फोन नंबरों के तौर पर दिखाया। ऐसा करके उन्होंने अनुचित लाभ कमाया। जिओ ने ट्राई से लाइसेंस के नियम और मौजूदा कानून तोड़ने के लिए एयरटेल और आइडिया पर बड़ा जुर्माना लगाने की अपील भी की थी। एयरटेल ने पलटवार करते हुए जिओ पर ट्राई को भ्रमित करने का आरोप लगाया था। एयरटेल ने कहा- कॉल कनेक्ट चार्ज (इंटरकनेक्ट उपयोग चार्ज) लागू होने से पहले जिओ ने ऐसा किया है।

    अब तक देश के अंदर कॉल करने पर रिंगटोन बजने की कोई सीमा निर्धारित नहीं थी। दूरसंचार कंपनियों ने एक-दूसरे पर मनमर्जी से रिंग टाइम को घटाने के आरोप लगाए थे। ऐसा करके वह दूसरे नेटवर्क के उपभोक्ता से वापस कॉल (कॉल बैक) कराने की रणनीति पर काम कर रही थीं, ताकि उन्हें फायदा हो सके।

  • जस्टिस एसए बोबड़े होंगे देश के अगले मुख्य न्यायाधीश, 18 नवंबर को लेंगे शपथ

    जस्टिस एसए बोबड़े होंगे देश के अगले मुख्य न्यायाधीश, 18 नवंबर को लेंगे शपथ

    दिल्ली। न्यायमूर्ति शरद अरविंद बोबड़े को मंगलवार को भारत का 47वां प्रधान न्यायाधीश नियुक्त किया गया। सरकार से संबद्ध सूत्रों ने बताया कि उनके नियुक्ति के वारंट पर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने हस्ताक्षर कर दिए हैं और जल्द ही एक औपचारिक अधिसूचना जारी की जा सकती है। 63 वर्षीय न्यायमूर्ति बोबड़े 18 नवंबर को सीजेआई पद की शपथ ग्रहण करेंगे। न्यायमूर्ति बोबड़े 17 महीने के लिए 23 अप्रैल 2021 तक इस पद पर बने रहेंगे। बता दें कि जस्टिस बोबड़े मुख्य न्यायाधीश के बाद उच्चतम न्यायालय के दूसरे सबसे वरिष्ठ न्यायाधीश हैं। वह इससे पहले मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। परंपरा अनुसार वर्तमान मुख्य न्यायाधीश पत्र लिखकर अपने बाद इस कार्यभार को संभालने वाले न्यायाधीश के नाम की सिफारिश करते हैं।

    जस्टिस गोगोई ने 18 अक्तूबर को राष्ट्रपति को पत्र लिखकर जस्टिस बोबड़े के नाम की सिफारिश की थी। जस्टिस रंजन गोगोई ने तीन अक्तूबर 2018 को भारत के 46वें मुख्य न्यायाधीश के तौर पर शपथ ली थी। जस्टिस गोगई के कार्यकाल में देश के सबसे ज्यादा संवेदनशील मुद्दे अयोध्या भूमि विवाद पर फैसला आ सकता है। चीफ जस्टिस के तौर पर कार्यकाल में उच्चतम न्ययालय ने कई ऐतिहासिक मामलों की सुनवाई की है। जिसमें अयोध्या मामला, एनआरसी, जम्मू-कश्मीर पर याचिकाएं शामिल हैं।

    जानें कौन हैं जस्टिस एसए बोबड़े

    जस्टिस शरद अवरिंद बोबड़े का जन्म 24 अप्रैल 1956 को महाराष्ट्र के नागपुर में हुआ था।

    उन्होंने 1978 में महाराष्ट्र बार काउंसिल ज्वाइन किया था।

    बॉम्बे हाईकोर्ट नागपुर बेंच में लॉ प्रैक्टिस की।

    वर्ष 2000 में बॉम्बे हाईकोर्ट में एडिशनल जज बने। फिर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त हुए।

    2013 में जस्टिस बोबड़े को सुप्रीम कोर्ट में जज नियुक्त किया गया।

    वह 23 अप्रैल 2021 को सेवानिवृत होंगे।

  • वीडियो : बार बालाओं ने ठुमकों से छलकाया जाम.. मदमस्त हुए नेता और व्यापारी

    वीडियो : बार बालाओं ने ठुमकों से छलकाया जाम.. मदमस्त हुए नेता और व्यापारी

    अम्बिकापुर। नगर के एक निजी होटल में पैंथर सीमेंट के डीलर द्वारा कम्पनी से जुड़े डिस्ट्रीब्यूटर और दुकान संचालकों के लिए 22 अक्टूबर को आयोजित अश्लील कॉकटेल पार्टी में शराब के साथ जमकर अश्लीलता के ठुमके लगे हैं. बताया जा रहा है कि इसमे शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी से लेकर सत्ताधारी दल के बडे नेता भी शामिल हुए और बार बालाओं के ठुमके पर जाम छलकाते नजर आए. देर रात चली उस पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है. जिसके बाद से शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है. साथ ही त्योहार के समय मे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

    देखिये वीडियो 👇👇👇

    https://youtu.be/TNsBKEzczQ8

    जानकारी के मुताबिक़, शहर के बीच महामाया चौक स्थित एक बड़े निजी होटल के बड़े हॉल में यह पार्टी चल रही थी. जहां कंपनी से जुड़े लोगों को खुलेआम शराब परोसी जा रही थी. और महिलाओं के अश्लील ठुमके भी लग रहे थे. बताया जा रहा है कि सरगुजा के नामी डिस्ट्रीब्यूटर और करीब 2 दर्जन दुकान संचालकों की पार्टी में बार डांसकेर्स बुलाये गए थे. जिन्होंने अश्लील डांस करके वहां मौजूद लोगों का खूब मनोरंजन किया।

  • भाजपा नेता के फार्म हाउस में लगा था जुए का फड़, पकड़ने गए पुलिस वालों को नेताओं ने बेल्ट-रॉड से दौड़ा दौड़ाकर पीटा, बीजेपी-कांग्रेस नेता समेत 4 गिरफ्तार

    भाजपा नेता के फार्म हाउस में लगा था जुए का फड़, पकड़ने गए पुलिस वालों को नेताओं ने बेल्ट-रॉड से दौड़ा दौड़ाकर पीटा, बीजेपी-कांग्रेस नेता समेत 4 गिरफ्तार

    बिलासपुर। दीपावली त्योहार में आम जनता, कारोबारी तो जुआ खेलते ही है, लेकिन नेता भी इससे दूर नहीं है. जुआरी नेताओं की संलिप्त उजागर हुई है. जुआ फड़ पकड़ने गए पुलिसकर्मियों को नेताओं ने दौड़ा-दौड़ाकर लाठी, डंडे, रॉड और बेल्ट से पीटाई की है. जिससे कई पुलिस वाले घायल हो गए है. हालांकि पुलिस ने बाद में कार्रवाई करते हुए भाजपा और कांग्रेस नेता समेत 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं एएसपी ने घटना को बेहद गंभीर बताया है

    पूरा मामला बिलासपुर जिले के सिरगिट्टी थाना इलाके के धुमा सिलपहरी का है. जहां बीजेपी नेता शंकर कछवाहा के फार्म हाउस में खुले तौर पर जुआ चल रहा था. दारू मुर्गा पार्टी करते हुए भाजपा और कांग्रेस नेता सहित करीब 100 से 150 लोग जुआ खेल रहे थे. जिसकी सूचना सिरगिट्टी पुलिस मिली, तो मौके पर कार्रवाई करने 15 पुलिसकर्मी पहुंच गए. पुलिस को आता देख जुआरी भागने लगे. कोई बाइक, कोई कार, तो कोई पैदल ही इधर उधर दीवार फांद कर भाग गया. नेता वहां से नहीं भागे और उल्टा पुलिसकर्मियों को पकड़कर जमकर पिटाई कर दी।

    https://youtu.be/xbZunGLriPw

    पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़ाकर बेरहमी से पिटाई की गई। नेताओं के हाथ जो भी लाठी, डंडे, बेल्ट जो लगे उसी से पिटाई की. इतना ही नहीं हाथ घूंसों की भी बारिश कर दी. जिससे पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस वालों के वर्दी तक फाट दिए गए हैं. घटना के बाद 6 पुलिसकर्मियों का जिला अस्पताल में मुलायजा करवाया गया. मुलायजा के दौरान पुलिस वालों के शरीर पर चोट के निशान पाए गए है.घटना के बाद एएसपी प्रशांत अग्रवाल ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया है. उन्होंने कहा है कि इस मामले में जुआरियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि अभी मामले में भाजपा नेता शंकर कछवाहा और कांग्रेस नेता सहित 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बाकी जुलारियों की पहचान कर तलाश की जा रही है. फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है. जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

  • फ़र्ज़ी जाति प्रमाण पत्र को लेकर शासन का नया आदेश, अब सीधे बर्खास्त करो

    फ़र्ज़ी जाति प्रमाण पत्र को लेकर शासन का नया आदेश, अब सीधे बर्खास्त करो

    छत्तीसगढ़ शासन ने एक पत्र जारी कर उन तमाम लोगों को तत्काल बर्खास्त करने का आदेश जारी किया है जिनके जाति प्रमाण पत्र फ़र्ज़ी पाए गए हैं। शासन ने अपने आदेश में कहा है कि सामान्य प्रशासन विभाग को लगातार इस तरह की शिकायतें मिलती रही है और शासन लगातार आदेश-निर्देश भी जारी करता रहा है लेकिन इसे विभागों द्वारा गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है, ऐसे में यह स्पष्ट आदेश है कि जिस किसी भी शासकीय कर्मचारी अथवा अधिकारी कि जाति प्रमाण फ़र्ज़ी है उन्हें तत्काल बर्खास्त किया जाए।
  • सीएम केजरीवाल ने बुजुर्गों को दिया दिवाली गिफ्ट, अब सभी कर सकेंगे फ्री में तीर्थयात्रा

    सीएम केजरीवाल ने बुजुर्गों को दिया दिवाली गिफ्ट, अब सभी कर सकेंगे फ्री में तीर्थयात्रा

    दिल्ली। सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के तहत यात्रियों की संख्या पर लगी सीमा हटा ली है। अब कितने भी बुजुर्ग दिल्ली के किसी भी विधानसभा क्षेत्र से यात्रा पर जा सकते हैं। यह फैसला बुजुर्ग यात्रियों के बढ़ते उत्साह को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर लिया गया है। अभी तक एक विधानसभा क्षेत्र से 11 सौ यात्री ही जा सकते थे।मुख्यमंत्री ने इस योजना के तहत पहली ट्रेन गत जुलाई में सफदरजंग रेलवे स्टेशन से अमृतसर के लिए रवाना की थी। एक व्यक्ति केवल एक बार इस योजना का लाभ उठा सकता है। बुजुर्गो की मांग पर दूसरे चरण में अब सरकार ने तिरुपति बालाजी, रामेश्वरम, द्वारकाधीश और शिरडी की भी यात्रा कराई जाएगी। इस योजना में सबसे अधिक आवेदन रामेश्वरम के लिए आए हैं।

    16 हजार बुजुर्गों को मिलेगा लाभदिल्ली तीर्थयात्र विकास समिति के अध्यक्ष कमल बंसल ने बताया कि अब नवंबर के रूट तय हो गए हैं। अब से नवंबर को मिलाकर 16 हजार बुजुर्ग यात्रा का लाभ ले सकेंगे। नवंबर में 16 ट्रेनें विभिन्न तीर्थ स्थलों के लिए रवाना होंगी। इसमें से 29 अक्टूबर को रामेश्वरम, 30 अक्टूबर को तिरुपति बालाजी। तिरुपित के लिए पहली बार ट्रेन जाएगी। 31 अक्टूबर को द्वारकाधीश के लिए ट्रेन रवाना होगी। इसके बाद नवंबर में एक दिन छोड़कर लगातार ट्रेनों का जाना जारी रहेगा। शिरडी के लिए सात नवंबर को पहली ट्रेन जाएगी।

    अब तक आ चुके हैं 60 हजार आवेदन

    योजना के तहत अब तक 60 हजार आवेदन आ चुके हैं। इसमें बुजुर्ग सबसे अधिक रामेश्वर जाने के लिए आवेदन कर रहे हैं। इसमें 70 फीसद तक महिलाएं यात्रा पर जा रही हैं। दिल्ली सरकार के तीर्थ यात्रा विकास समिति के चेयरमैन कमल बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री चाहते हैं इस योजना के तहत जितने भी बुजुर्ग यात्रा पर जाना चाहते हैं सभी को मौका मिले। इसलिए यात्रियों की संख्या की सीमा हटाई है। बुजुर्ग इससे खुश हैं कि यात्रा में उन्हें बेहतर सुविधाएं दी जाती हैं।

  • इस सॉफ्टवेयर से हुई व्हाट्सअप की जासूसी, मध्यप्रदेश हनीट्रैप मामले में भी हुआ था इस्तेमाल…

    इस सॉफ्टवेयर से हुई व्हाट्सअप की जासूसी, मध्यप्रदेश हनीट्रैप मामले में भी हुआ था इस्तेमाल…

    सोशल इंस्टैंट मल्टीमीडिया मैसेजिंग एप व्हाट्सएप की जासूसी को लेकर बड़ा बवाल हुआ है। व्हाट्सएप ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि इसी साल मई में भारती के कुछ पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के व्हाट्सएप चैट की जासूसी हुई है। व्हाट्सएप ने इसकी जानकारी अमेरिकी कोर्ट में दी है। मुकदमे में दी गई जानकारी के मुताबिक एक इजरायली फर्म ने एक स्पाइवेयर (जासूसी वाले सॉफ्टवेयर) के जरिए भारतीय यूजर्स की जासूसी की है।

    भारत सरकार ने कंपनी से मांगा जवाब

    वहीं भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस संबंध में व्हाट्सएप से जानकारी मांगी है। अभी तक सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक जिन लोगों के व्हाट्सएप की हैकिंग हुई है या जासूसी हुई है उनमें मुख्य रूप से मानवाधिकार कार्यकर्ता, वकील और पत्रकार हैं, जो आदिवासियों और दलितों के लिए अदालत में सरकार से लड़ रहे थे या उनकी बात कर रहे थे।कौन-कौन लोग हुए शिकारअभी तक सामने आईं रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत के 10 सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस बात की पुष्टि की है कि उनकी जासूसी हुई है। यह बात उन्होंने व्हाट्सएप के हवाले से कही है। जिन लोगों की जासूसी हुई है उनमें बेला भाटिया, भीमा कोरेगांव केस में वकील निहाल सिंह राठौड़, जगदलपुर लीगल एड ग्रुप की शालिनी गेरा, दलित एक्टिविस्ट डिग्री प्रसाद चौहान, आनंद तेलतुम्बडे, शुभ्रांशु चौधरी, दिल्ली के आशीष गुप्ता, दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर सरोज गिरी, पत्रकार सिद्धांत सिब्बल और राजीव शर्मा के नाम भी शामिल हैं।

    MP हनीट्रैप में भी श्वेता ने पिगासस के जरिए ही अफसर-नेताओं के फोन टैप करवाए

    सूत्रों से मिली जानकारी से यह बात सामने आयी है  जिस पिगासस सॉफ्टवेयर का उपयोग व्हाट्सएप की जासूसी करने में हुआ है. उसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल मध्य प्रदेश के चर्चित हनीट्रैप कांड में किया. रिपोर्ट के मुताबिक बंगलूरू की एक कंपनी नेताओं और अफसर के फोन टैपिंग के लिए पिगासस सॉफ्टवेयर का उपयोग करती है. यह सॉफ्टवेयर फोन में छिपकर कॉल रिकॉर्डिंग, वॉट्सएप चैटिंग, एसएमएस के साथ अन्य चीजों की सर्विलांस आसानी से हो रही है।