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  • अब बैंक में जितने चाहे सिक्के करो जमा, हाईकोर्ट ने RBI के सभी बैंकों को लिमिट हटाने के दिए निर्देश

    अब बैंक में जितने चाहे सिक्के करो जमा, हाईकोर्ट ने RBI के सभी बैंकों को लिमिट हटाने के दिए निर्देश

    बिलासपुर। हाईकोर्ट ने कारोबारियों समेत आम लोगों को बड़ी राहत दी है. बैंकों द्वारा सिक्के नहीं लेने पर लगी रिट पिटीशन में हाईकोर्ट ने जनहित में बड़ा फैसला सुनाया है. आरबीआई के सभी बैंकों को दिनभर में 100 सिक्के लेने के आदेश को हटाने के निर्देश दिए है।

    बिलासपुर हाइकोर्ट ने आर बी आई के सिक्के जमा करने के लिमिट को हटाते हुए अनलिमिटेड सिक्के जमा करने के निर्देश दिए है. आरबीआई ने हलफनामा पेशकर सिक्के जमा करने की लिमिट हटाने की जानकारी दी है. राजधानी रायपुर के FMCG व्यापारी श्रेणिक पारख की याचिका पर बिलासपुर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया है।

  • आज ही पहली बार की गई थी मोबाइल से कॉल…

    आज ही पहली बार की गई थी मोबाइल से कॉल…

    आज बिना मोबाइल के कोई नहीं रह सकता. जिस मोबाइल फोन को आप और हम दिन-रात सीने से लगाए रहते हैं, उससे आज ही के  दिन पहली कॉल की गई थी. 43 साल पहले मोटोरोला के कर्मचारी मार्टिन कूपर ने पहली कॉल की थी. मोबाइल के इतिहास में आज का दिन बेहद ही महत्वपूर्ण है.

    जानिए इससे जुड़ी खास बातें… 

    1. आज भले ही हल्के और स्लिम फोन आ गये हैं लेकिन जिस मोबाइल से पहली कॉल की गई थी उसका वजन 1.1 किलोग्राम था. साथ ही यह मोबाइल 13 सेमी मोटा और 4.45 सेमी चौड़ा था. जिसकी तुलना ईंट या जूते से की जाती थी.

    2. जहां आज के मोबाइल चार्ज होने पर 15 से 20 मिनट का समय लेता है और 1 से 2 दिन तक चल जाता है, वहीं दुनिया के पहले मोबाइल को 10 घंटे चार्ज करने के बाद के बाद भी वह सिर्फ 20 मिनट तक ही चल पाता था.

    3. इसकी बैट्री का वजन आज की तुलना में चार से पांच गुना ज्यादा था.

    4. मोटोरोला के कर्मचारी मार्टिन कपूर ने पहली कॉल न्यूयॉर्क से न्यू जर्सी की गई थी.

    5. ये डायना TAC मोटोरोला का प्रोटोटाइप आधारित पहला कमर्शियल था.

    6. मार्टिन कपूर को मोबाइल फोन का पितामाह माना जाता है.

  • कलेक्टरों पर बिफरे सीएस मंडल

    कलेक्टरों पर बिफरे सीएस मंडल

    रायपुर। चीफ सेक्रेट्री आरपी मंडल की समीक्षा बैठक में आज उस वक्त कई जिलों के कलेक्टरों और जिला पंचायत सीईओ की हवा खिसक गई जब फील्ड की जानकारी लेकर बैठे मंडल के सवालों के जवाब नहीं दे सके। दरअसल अधिकारियों को इस बात की उम्मीद नहीं थी कि समीक्षा के दौरान जमीनी जानकारी चीफ सेक्रेटरी के पास मौजूद होगी, हालांकि बैठक में मंडल के अंदाज ने प्रशंसा पाने वालों के साथ साथ डांट खाने वाले अधिकारियों की भी जमकर प्रभावित किया। बैठक से बाहर निकले अधिकारियों में गुफ्तगू होती रही कि, अरसे बाद राज्य एवं प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा इस तरह से की गई। चीफ सेक्रेटरी ने अपने मातहत अधिकारियों को मोटिवेट भी किया है, कई कलेक्टर यह कहते हुए बैठक से बाहर निकले की यह मंडल स्टाइल वाली बैठक है, जहां डांट भी है तो वही अच्छे काम की सराहना भी।

    बैठक के दौरान चीफ सेक्रेट्री ने 5 जिलों के कलेक्टरों के कामकाज पर नाराजगी जाहिर की, वही कमिश्नर को लेकर दो टूक कहा कि सिर्फ शोपीस बनकर ना रहें। बता दे कि चीफ सेक्रेटरी का जिम्मा संभालने के बाद आर पी मंडल ने राज्य की प्रशासनिक कामकाज की समीक्षा के लिए सभी 27 जिलों के कलेक्टरों और जिला पंचायत सीईओ की बैठक बुलाई थी। न्यू सर्किट हाउस में हुई इस बैठक का एजेंडा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर था।

    सूत्र बताते हैं कि आर पी मंडल में एक एक जिले में योजनाओं के हालातों की जानकारी जुटा रखी थी।जिलो के समीक्षा के दौरान अधिकारियों की रिपोर्ट पर मंडल के कामकाज को जमकर सराहा, सूत्र बताते हैं कि बैठक की शुरुआत में मुख्यमंत्रियों का संदर्भ देते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी कार्यालयों में जाने का वक्त तय करने, आम जनता की सुनवाई होने, के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में चीफ सेक्रेटरी के सख्त मिजाज की जमकर चर्चा होती रही ।आरपी मंडल अपने अनूठे काम के अंदाज के लिए पहचाने जाते हैं, प्रशासनिक मुखिया बनने के बावजूद फील्ड की गहरी समझ की वजह से बैठक में मौजूद अधिकारियों के पसीने छूटते दिखे।

    15 दिनों में दोबारा लेंगे समीक्षा बैठक

    चीफ सेक्रेटरी आरपी मंडल ने दो टूक कह दिया है कि आज की बैठक में दिए गए निर्देशों का क्रियान्वयन तेजी से किया जाए, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि हर जिले के कामकाज पर उनकी बारीक नजर होगी। साथ ही 15 दिनों बाद वह खुद दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा करेंगे। ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों पर सख्ती बरती जाएगी।

    अवैध धान रोकने बरती जाय सख्ती

    कलेक्टर जिला पंचायत सीईओ की बैठक में चीफ सेक्रेटरी आर पी मंडल ने दो टूक निर्देश देते हुए कहा है कि, 1 दिसंबर से शुरू होने जा रही धान खरीदी में दूसरे राज्यों से आने वाली अवैध आवाज को रोकने सख्ती से कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा है कि, इसके लिए बिचौलियों के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जाए जिससे इस पर रोक लगाई जा सके। मुख्य सचिव ने स्पष्ट कर दिया है कि दूसरे राज्यों से धान आने की शिकायत पर उस क्षेत्र के संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे, और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

  • छत्तीसगढ़ में शीघ्र लागू होगा पत्रकार सुरक्षा कानून

    छत्तीसगढ़ में शीघ्र लागू होगा पत्रकार सुरक्षा कानून

    रायगढ़। प्रदेश में पत्रकार निर्भीकता से स्वतंत्र लेखन कर सकें, इसके लिए राज्य सरकार ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने का निर्णय लिया है। जिसके परिपालन में मार्च 2019 में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश, न्यायमूर्ति आफताब आलम की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है।

    जिसके मद्देनजर अब जल्द ही प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू हेतु पत्रकारों, पत्रकार संगठनों तथा आमजनों से चर्चा कर सुझाव प्राप्त करने के लिए समिति 16 से 18 नवम्बर तक राज्य के विभिन्न अंचलों का दौरा करेगी।

    समिति 16 नवम्बर को रायपुर के विशिष्ठ अतिथि विश्राम गृह पहुना में दोपहर 12.30 बजे से 2 बजे तक पत्रकार एवं पत्रकार संगठनों से तथा अपरान्ह 3.30 से शाम 5 बजे तक आमजनों से चर्चा कर सुझाव लेगी।

    ईसी प्रकार समिति 17 नवम्बर को सर्किट हाऊस जगदलपुर में पूर्वान्ह 11.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक पत्रकार और पत्रकार संगठनों से तथा अपरान्ह 3 से 4 बजे तक आम नागरिकों से सुझाव लेगी।

    समिति 18 नवम्बर को अम्बिकापुर पहंुचेगी और दोपहर 12.30 बजे से 1.30 बजे तक पत्रकार और पत्रकार संगठनों से तथा दोपहर 2.30 बजे से 3.30 बजे तक आम नागरिकों से चर्चा कर सुझाव प्राप्त करेगी।

    प्रस्तावित छत्तीसगढ़ पत्रकार सुरक्षा कानून का हिन्दी और अंग्रेजी प्रारूप जनसम्पर्क संचालनालय की वेबसाइट http://dprcg.gov.in उपलब्ध है। किसी शंका की दशा में अंग्रेजी रूपांतरण मान्य होगा।


    ज्ञातव्य है कि प्रदेश में पत्रकार निर्भीकता से स्वतंत्र लेखन कर सकें, इसके लिए राज्य सरकार ने पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने का निर्णय लिया है। जिसके परिपालन में मार्च 2019 में पत्रकार सुरक्षा कानून बनाने के लिए उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश, न्यायमूर्ति श्री आफताब आलम की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। समिति में न्यायमूर्ति श्रीमती अंजना प्रकाश सेवानिवृत्त न्यायाधीश उच्च न्यायालय, श्री राजूराम चन्द्रन वरिष्ठ अधिवक्ता उच्चतम न्यायालय, महाधिवक्ता छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, पुलिस महानिदेशक, प्रमुख सचिव विधि विभाग, श्री रूचिर गर्ग मीडिया सलाहकार मुख्यमंत्री, श्री ललित सुरजन, प्रधान संपादक दैनिक देशबंधु और श्री प्रकाश दुबे वरिष्ठ पत्रकार नागपुर समिति के सदस्य हैं।

  • राजधानी के तर्ज पर एयरपोर्ट सहित अब जिला मुख्यालयों में खोला जाएगा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का गढ़ कलेवा…

    राजधानी के तर्ज पर एयरपोर्ट सहित अब जिला मुख्यालयों में खोला जाएगा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का गढ़ कलेवा…

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जन चौपाल में राजधानी रायपुर की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में गढ़ कलेवा खोलने के निर्देश दिए है. सभी जिला मुख्यालयों में गढ़ कलेवा खोलने के लिए मुख्य सचिव को आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है. रायपुर  के महंत घासीदास संग्रहालय परिसर में छत्तीसगढ़ के पारम्परिक व्यंजनों के लिए प्रसिद्ध गढ़ कलेवा का संचालन किया जा रहा है. जिसमें स्व सहायता समूहों की लगभग सौ महिलाएं कार्य कर रही हैं. इस केन्द्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में राजधानी सहित प्रदेश के विभिन्न स्थानों और राज्य के बाहर से आने वाले लोग पारम्परिक छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का लाभ उठा रहे हैं. राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में गढ़ कलेवा खुलने से लोगों को छत्तीसगढ़ी व्यंजनों का स्वाद मिल पाएगा साथ ही हजारों स्थानीय महिलाओं को स्व सहायता समूहों के माध्यम से रोजगार भी मिलेगा. जन चौपाल कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के सभी जिला मुख्यालयों में गढ़ कलेवा खोलने के संबंध में मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ नागरिक संघर्ष समिति रायपुर के विश्वजीत मित्रा ने सुझाव पत्र प्रस्तुत किया है. जिसमें सभी जिला मुख्यालयों के जिलाधीश कार्यालय परिसरों, जिला न्यायालय परिसरों, रेलवे स्टेशनों और स्वामी विवेकानन्द विमानतल में गढ़ कलेवा केन्द्र खोलने का सुझाव दिया है. इन स्थानों में गढ़ कलेवा खुलने से राज्य के सभी जिलों के नागरिकों के साथ-साथ अन्य राज्यों के लोगों को भी छत्तीसगढ़ के पारम्परिक व्यंजनों का स्वाद चखने का मौका मिलेगा.
  • सुप्रीम कोर्ट का फैसला, भारत के मुख्य न्यायाधीश का दफ्तर आरटीआई के दायरे में आएगा

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला, भारत के मुख्य न्यायाधीश का दफ्तर आरटीआई के दायरे में आएगा

    सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला आ गया है। अब चीफ जस्टिस का ऑफिस आरटीआई के दायरे में आएगा। फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पारदर्शिता न्यायिक स्वतंत्रता को कम नहीं करता। बता दें कि ये अपीलें सुप्रीम कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल और शीर्ष अदालत के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी द्वारा दिल्ली उच्च न्यायालय के साल 2009 के उस आदेश के खिलाफ दायर की गई थी, जिसमें कहा गया है कि सीजेआई का पद सूचना का अधिकार कानून के दायरे में आता है पीठ में सीजेआई समेत जस्टिस एनवी रमना, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस संजीव खन्ना उस याचिका पर अपना फैसला सुनाया जिसमें सुप्रीम कोर्ट के महासचिव ने दिल्ली हाईकोर्ट के जनवरी 2010 में आए फैसले को चुनौती दी थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि सीजेआई का दफ्तर एक सार्वजनिक प्राधिकरण है और इसे सूचना के अधिकार कानून के अंतर्गत लाया जाना चाहिए। पीठ ने इस साल अप्रैल में इस याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। सीजेआई रंजन गोगोई ने पहले यह कहा था कि पारदर्शिता के नाम पर एक संस्था को नुकसान नहीं पहुंचाया जाना चाहिए। नवंबर 2007 में आरटीआई कार्यकर्ता सुभाष चंद्र अग्रवाल ने आरटीआई याचिका दाखिल कर सुप्रीम कोर्ट से जजों की संपत्ति के बारे में जानकारी मांगी थी जो उन्हें देने से इनकार कर दिया गया। अग्रवाल इसके बाद सीआईसी के पास पहुंचे और सीआईसी ने सुप्रीम कोर्ट से इस आधार पर सूचना देने को कहा कि सीजेआई का दफ्तर भी कानून के अंतर्गत आता है। इसके बाद जनवरी 2009 में सीआईसी के आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई हालांकि वहां भी सीजेआई के आदेश को कायम रखा गया।
  • फेसबुक, व्हाट्सएप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम पर भुगतान करने के लिए ‘फेसबुक पे’ लॉन्च

    फेसबुक, व्हाट्सएप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम पर भुगतान करने के लिए ‘फेसबुक पे’ लॉन्च

    सैन फ्रांसिस्को: अब फंडरेजिंग, इन-गेम खरीदारी, कार्यक्रमों की टिकटों, मैसेंजर पर लोगों से लोगों को भुगतान(पर्सन टू पर्सन पेमेंट)और फेसबुक मार्केट प्लेस पर पेजेज और व्यापारों पर खरीदारी कर सकते हैं। यहाँ तक कि फेसबुक, व्हाट्सएप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम के जरिये भुगतान भी कर पाएंगे, क्योंकि facebook ने नया भुगतान सिस्टम ‘फेसबुक पे’ लॉन्च कर दिया है. इस सिस्टम का उपयोग अमेरिका में इसी सप्ताह किया जाएगा। फेसबुक में मार्केटप्लेस और कॉमर्स विंग के वाइस प्रेसीडेंट देबोराह लियू ने मंगलवार रात एक बयान में कहा, “समय के साथ हमारी योजना ‘फेसबुक पे’ को और लोगों के बीच और स्थानों पर तथा इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर भी शुरू करने की है.” कंपनी ने कहा कि फेसबुक पे मौजूदा वित्तीय ढांचों और साझेदारियों पर बना है और यह कंपनी की डिजिटल करंसी लिब्रा नेटवर्क पर चलने वाले कैलिब्रा वालेट से अलग है. कंपनी के अनुसार, आप फेसबुक या मैसेंजर पर सिर्फ कुछ चरणों के बाद ही ‘फेसबुक पे’ का उपयोग शुरू कर सकते हैं। इसके लिए आप फेसबुक एप या वेबसाइट पर पहले सेटिंग में जाए और फिर ‘फेसबुक पे’ पर जाकर पेमेंट मैथड जोड़ दें. इसके बाद आप अगली बार भुगतान करने पर फेसबुक पे का उपयोग कर सकते हैं। व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर फेसबुक पे शुरू होते ही आप इसे प्रत्येक एप पर सीधे सेट कर सकेंगे।
  • अप्रत्यक्ष प्रणाली से महौपार के चुनाव को हाईकोर्ट में चुनौती; सोमवार को होगी सुनवाई

    अप्रत्यक्ष प्रणाली से महौपार के चुनाव को हाईकोर्ट में चुनौती; सोमवार को होगी सुनवाई

    बिलासपुर। अप्रत्यक्ष प्रणाली से नगर निगमों के महापौर और नगर पालिका व परिषदों में अध्यक्ष का चुनाव कराने के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। बीरगांव के एवज देवांगन ने अधिवक्ता प्रतीक शर्मा और बिलासपुर के रौशन सिंह ने अधिवक्ता रोहित शर्मा के माध्यम से दो अलग-अलग याचिका दायर की है। इसमें सोमवार को सुनवाई होगी। यह याचिका ऐसे समय में पेश की गई है, जब नगरीय निकाय चुनावों को लेकर जल्द ही आचार संहिता लागू होने की उम्मीद है। राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राम सिंह तैयारियों के संबंध में गुरुवार को कलेक्टर-एसपी की बैठक लेने वाले हैं। बता दें कि राज्य सरकार ने अप्रत्यक्ष तरीके से महापौर और अध्यक्ष का चुनाव कराने के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इसके अंतर्गत पार्षदों में से महापौर व अध्यक्ष का चुनाव कराया जाना है। हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी गई है। इसके अंतर्गत वर्तमान महापौर के लिए कोई प्रावधान नहीं होने को भी चुनौती दी गई है। अधिसूचना में वर्तमान महापौर के कार्यकाल को लेकर कोई भी विधिक प्रावधान नहीं होने से वैधानिक स्थिति उत्पन्न होने का तर्क दिया गया है। बता दें कि बीजेपी ने भी राज्य सरकार के फैसले पर आपत्ति की है। इसे लेकर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा था।
  • नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन की तैयारी, जिला निर्वाचन अधिकारियों की बैठक 14 को…

    नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन की तैयारी, जिला निर्वाचन अधिकारियों की बैठक 14 को…

    रायपुर। राज्य में होने वाले नगरीय निकायों और त्रिस्तरीय पंचायतों के निर्वाचन की तैयारियों के लिए जिला निर्वाचन अधिकारियों की बैठक 14 नवम्बर को अपरान्ह 4 बजे नये सर्किट हाउस के सभागार में रखी गई है।

    बैठक में राज्य निर्वाचन आयुक्त ठाकुर राममुख्यसचिव आरपी मंडल और पुलिस महानिदेशक डीएमअवस्थी चुनावी तैयारियों का जायजा लेंगे. बैठक में जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्वाचक नामावली, मतदाता सूचियों, रिटर्निंग अफसर, मतदान केंद्रों, संवेदनशील और अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों की जानकारी ली जाएगी. इसके अलावा मतदान केंद्रों का भौतिक सत्यापन, मतपेटी की आवश्यकता और उपलब्धता, मतपत्र मुद्रण व्यवस्था, निर्वाचन के लिए लगने वाले वाहन, स्ट्रांग रूम की सुरक्षा आदि के संबंध में जानकारी लेकर उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं।

  • निर्माण कार्य में लगी क्रेन रेलवे पटरी पर गिरी, हावड़ा मुंबई मुख्य मार्ग बाधित, कई ट्रेनें प्रभावित…

    निर्माण कार्य में लगी क्रेन रेलवे पटरी पर गिरी, हावड़ा मुंबई मुख्य मार्ग बाधित, कई ट्रेनें प्रभावित…

    बिलासपुर बिलासपुर में रेलवे अंडरब्रिज के निर्माण कार्य के दौरान एक हादसा हो गया, जिससे रेलवे की हावड़ा मुंबई मेन लाइन बाधित हो गई. रेलवे के अधिकारी मार्ग बहाल करने के प्रयास में जुटे हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, चुचुहिया पारा अंडर बृज के निर्माण कार्य चल रहा था, इस दौरान अंडरब्रिज को पुश करने वाली क्रेन पलट गई. क्रेन हावड़ा मुंबई मेन लाइन की ओर गिर गई, जिससे कई ट्रेनें प्रभावित हो गई।
    हादसे की सूचना के बाद रेलवे के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे. जानकारी के मुताबिक यहां पर सप्ताह भर से अंडरब्रिज पुशिंग का काम चल रहा था. इसमें बड़ी क्रेन लगी हुई है।