
Blog
-

IAS सुबोध कुमार सिंह को मिला राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग का अतिरिक्त प्रभार
रायपुर। राज्य शासन ने भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी सुबोध कुमार सिंह को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. अभी सुबोध सिंह के पास श्रम विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग की जिम्मेदारी है. यह आदेश मुख्य सचिव आरपी मंडल ने जारी किया है।
-

राज्य सरकार ने स्कूली छात्रों को पिकनिक ले जाने पर लगाई रोक….
रायपुर। राज्य सरकार स्कूली छात्रों को पिकनिक ले जाने पर रोक लगा दी है. विधानसभा में आज मामला उठने के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है. दरअसल आज कांग्रेस विधायक विकास उपाध्याय ने सिरपुर घटित घटना को सदन के समक्ष रखते हुए सरकार से यह मांग की थी, बिना सुरक्षा और अनुमति स्कूलों छात्रों को पिकनिक पर भेजने दिया जाए. विधायक फिलहाल इस पर रोक लगाने की मांग की थी. सरकार हाल ही घटना के मद्देनज़र और जनप्रतिधि की मांग को देखते हुए पिकनिक पर रोक लगा दी है।
आपको बता दे कि राजधानी रायपुर के भारत माता स्कूल के दो छात्रों की मौत सिरपुर में पिकनिक मनाने के दौरान हो गई थी. दोनो छात्रों की मौत नदी में डूबने से हुई थी. स्कूल प्रबंधन पर आरोप लगा है कि उन्होंने सुरक्षा में लापरवाही बरती है. ऐसी घटनाएँ भविष्य में न घटे इसी के मद्देनजर सरकार यह फैसला लिया है।
-

रामचरण खिला सकते है वार्ड नं. 16 में कमल
खरसिया। जैसे जैसे नगरीय निकाय चुनाव की तिथि नजदीक आती जा रही है वैसे वैसे पार्षद चुनाव लडने की चाह रखने वालों द्वारा अपने चिन्हित वार्डो में अपनी सक्रियता बढ़ाना प्रारंभ कर चुके है, इस बार के चुनाव में पार्षदो के द्वारा ही अध्यक्ष चुना जाना है जिससे इस बार का चुनाव रोचक हो गया है और अध्यक्ष पद के दावेदार भी पार्षद के लिये अपनी दावेदारी प्रस्तुत कर रहे है।गौरतलब है कि 21 दिसंबर 2019 को होने वाले नगर पालिका चुनाव के लिये 6 दिसंबर तक चुनाव में अपनी किस्मत आजमाने वालों द्वारा नामांकन भरा जावेगा और इसी के साथ पार्षद पद के प्रत्याशियों द्वारा अब वार्डो में अपनी सक्रियता बढाते हुए लोगों से मेल जोल करना प्रारंभ कर दिये है। ऐसे में वार्ड नं. 16 से इस बार भाजपा नेता नगर मंडल महामंत्री एवं प्रदेश महामंत्री गिरधर गुप्ता के करीबी माने जाने वाले रामचरण अग्रवाल का नाम लगभग तय माना जा रहा है।
यहां यह बताना लाजिमी है कि रामचरण अग्रवाल पूर्व मे भी भारतीय जनता पार्टी से पार्षद रह चुके हैं, अपने कार्यकाल में उन्होंने वार्ड हित में अनेक कार्य करायें। सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों में अग्रणी रहने वाले रामचरण अग्रवाल की मजबूत जमीनी पकड एवं मतदाताओं के बीच इनका मेल जोल इनकी जीत सुनिश्चित करती है, यदि भाजपा रामचरण पर विश्वास करके इन्हें अपना प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारती है तो निश्चित तौर पर वार्ड नं. 16 में कमल खिलेगा।
-

एसबीआई अपने ग्राहकों के साथ कर रहा धोखाधड़ी … स्टेट बैंक काट रहा ग्राहकों की जेब
खरसिया। एसबीआई मतलब भारतीय स्टेट बैंक अर्थात भारत का बैंक, सरकार का बैंक। ग्राहक भी सरकारी बैंक होने के भरोसे में प्राइवेट बैंकों के लुभावने आफर तथा अनेक सुविधाओं को छोड़कर सरकारी बैंक होने की वजह से स्टेट बैंक से लेनदेन करना सुरक्षित समझते हैं, लेकिन खरसिया के स्टेट बैंक के कर्मचारी ग्राहकों से धोखेबाजी कर बैंक की साख पर बट्टा लगाने का काम कर रहे हैं। ब्रांच के स्टाफ द्वारा ग्राहक के साथ धोखाघड़ी का ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है जब अपने खाते में पैसा जमा करने बैंक पहुंचे ग्राहक को काउंटर से पैसा जमा करने से मना करते हुए काउंटर में उसे बाहर मशीने से पैसा जमा करने की बात कही गई ग्राहक ने कहा कि उसे काउंटर से ही पैसे जमा करना है तो काउंटर पर मौजूद युवती ने कहा कि मशीन सुरक्षित और आसान तरीका है, और उसमें से जमा करने पर कोई चार्ज भी नहीं है, उसकी बात मानकर ग्राहक ने बैंक के बाहर की मशीन का इस्तेमाल कर अपने खाते में पैसे जमा कर दिए लेकिन पैसा जमा करने के कुछ मिनटों के बाद ग्राहक के खाते से 25 रुपये काट लिए गए। प्राइवेट बैंक मिनिमम बैलंस, एटीएम चार्ज, एक्स्ट्रा ट्रांसेक्शन जैसे अनेको सर्विस के नाम पर ग्राहकों से मनमानी वसूली करते हैं लेकिन सरकारी बैंकों ने भी अब ग्राहकों को अंधेरे में रख उनके साथ धोखाधड़ी शुरू कर दी है। बैंकों के इस प्रकार के कृत्य से जहां बैंकों की विश्वसनीयता पर प्रश्न चिन्ह उठते हैं वहीं ग्राहकों का भरोसा भी ऐसे बैंकों से खत्म हो जाता हैं।
शाखा प्रबंधक का नहीं उठा फोन
इस संबंध में भारतीय स्टेटे बैंक खरसिया के शाखा प्रबंधक आर. के. अग्रवाल से संपर्क करने पर पहले तो उनके द्वारा ब्रांच में न होने की बात कही गई, बाद में उनके द्वारा फोन ही नहीं उठाया गया, जिससे सिद्ध होता है कि अधिकारी अपने ग्राहकों के लिये कितने समर्पित है।
जानकारी देना अनिवार्य
बैंक द्वारा लगाये जाने वाले शुल्क के संबंध में जानकारों का कहना है कि अलग-अलग बैंकों द्वारा अलग -अलग सेवा के लिये अलग-अलग शुल्क चार्ज किया जाता है, और बैंकों के लिये अपने ग्राहकों को इन सभी शुल्कों की जानकारी देना अनिवार्य है, लेकिन स्टेट बैंक द्वारा ग्राहकों को जानकारी देना तो दूर उल्टे अपने ग्राहकों को धोखे में रखकर उनकी जेब पर डाका डाला जा रहा है।
-

सरकार बनाने जा रही कानून, अब न्यूज पोर्टल चलाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराना होगा अनिवार्य…
दिल्ली। देश में इस समय कोई भी व्यक्ति कहीं से भी, किसी भी पोर्टल पर खबरें छापना औऱ वायरल करना शुरु कर देता है. अब ऐसा नहीं चलने वाला है. अब आपको न्यूज पोर्टल चलाना है तो बकायदा रजिस्ट्रार आफ न्यूजपेपर आफ इंडिया के आफिस में अपने न्यूज पोर्टल का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा। सूचना व प्रसारण मंत्रालय ने इसके लिए सैकड़ों साल पुराने ब्रिटिश कानून को बदलकर नया कानून बनाने औऱ उसे लागू करने की तैयारी कर ली है. इस कानून के बनने के बाद न्यूज वेबसाइटों को रजिस्ट्रार (न्यूजपेपर ऑफ इंडिया) के पास अपना रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी हो जाएगा.प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ बुक्स (पीआरबी) एक्ट, 1867 की जगह अब रजिस्ट्रेशन ऑफ प्रेस एंड पीरियॉडिकल्स (आरपीपी) बिल, 2019 के मसौदे को सरकार ने अंतिम रुप दे दिया है. नए बिल में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए प्रेस रजिस्ट्रार जनरल के एक नए पद के सृजन का भी प्रावधान किया गया है.नए बिल में डिजिटल प्लेटफार्म पर दिए जाने वाले समाचार के दायरे में इंटरनेट, मोबाइल या कंप्यूटर पर डिजिटाइज्ड फार्मेट में ट्रांसमिट होने में सक्षम हर समाचार को रखा गया है. इसमें लिखित, ऑडियो, वीडियो और ग्राफिक्स, सभी तरह के समाचार शामिल हैं. मंत्रालय ने इस बिल का प्रारुप अपनी वेबसाइट पर जारी किया है और लोगों से अगले 30 दिन के अंदर अपने सुझाव देने के लिए कहा गया है। -

हाईप्रोफाइल SEX रैकेट,पुलिस की पूछताछ में सामने आई ऐसी-ऐसी सच्चाई कि…मजबूर युवतियों से करवाया जाता था ‘गंदा काम’…
कानपुर के नजीराबाद थाना क्षेत्र के लाजपत नगर में पकड़े गए सेक्स रैकेट के बाद एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि रैकेट संचालिका बेबस युवतियों को जाल में फंसाकर उनसे देह व्यापार करवाती थी। अगर किसी ने छोडऩे का प्रयास किया तो वह जान से मारने से लेकर बदनाम करने की धमकी देती थी।पकड़ी गईं चार युवतियों में से एक युवती अनाथ है। परिवार में केवल उसकी एक छोटी बहन है। सोशल मीडिया के जरिए संचालिका से उसकी जान पहचान हुई थी। पैसे कमाने का लालच देकर बरखा ने रैकेट में शािमल किया। इसके बाद वह जाल से बाहर नहीं निकल पाई। वहीं, एक युवती की बहन को किडनी की बीमारी है। उसे बहन के इलाज के लिए लाखों रुपये की जरूरत है। इसलिए वह ऐसा काम कर रही थी। बरखा ने भी उसे मोटी रकम देने के बात कही थी लेकिन अब उसे न तो अधिक पैसे दे रही थी और न ही वापस जाने दे रही थी।पुलिस के मुताबिक बरखा वैसे तो ग्राहक से हजारों रुपये वसूलती थी। अगर कोई बड़ा ग्राहक फंस गया तो उससे लाखों रुपये लेती थी। हालांकि वह लड़कियों को 1500 से दो हजार रुपये देकर चलता करती थी। पुलिस ने जब बरखा से पूछा कि यहां पर बाहरी लड़कियां क्यों आई हैं। इस पर उसने बताया कि जिस शहर से लड़कियों की डिमांड आती है, अगर वहां पर उसी शहर की लडक़ी को भेजा जाएगा तो उसकी पहचान उजागर होने की संभावना रहती है। इसलिए जो लड़कियां जिस शहर की होती है, वहां के बजाए उनको दूसरे राज्यों या शहरों में भेजा जाता है। आने जाने का पूरा खर्च ग्राहक उठाते हैं। बरखा को पिछले साल फीलखाना स्थित एक अपार्टमेंट से पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल से छूटने के बाद करीब दो महीने पहले से बरखा ने फिर से देह व्यापार का धंधा शुरू कर दिया। -

PHE के इंजीनियर निलंबित,शैलेष पांडेय के ध्यानाकर्षण पर मंत्री रविन्द्र चौबे ने सदन में किया ऐलान…
रायपुर। विधानसभा में बिलासपुर विधायक शैलेष पांडेय के ध्यानाकर्षण पर सरकार ने इंजीनियर को निलंबित करने का ऐलान किया और साथ ही पूरे मामले की जांच ENC से कराने का ऐलान किया है।बिलासपुर विधायक शैलेष पांडेय ने बिलासपुर में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था ना होने के विषय को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया था। विधायक शैलेष पांडेय ने आसंदी से कहा“सौ करोड़ से उपर खर्च हो गए हैं.. लेकिन अब तक पीने का साफ़ पानी शहर को नहीं मिल रहा, बल्कि सिवरेज का पानी पेयजल को दूषित कर रहा है, जिससे नागरिक बीमार भी हो रहे हैं” इस मसले पर विभाग की ओर से आई जानकारी ने विधायक शैलेष पांडेय के विषय को ग़लत बता दिया। जिस पर शैलेष पांडेय ने गहरी आपत्ति की और माँग रख दी –“जवाब ग़लत है, सदन को ग़लत जानकारी देने वाले अधिकारी पर कड़ी कार्यवाही की जाए” इस के बाद संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने सदन में घोषणा की“सदस्य का उठाया विषय और लाई गई आपत्ति बेहद गंभीर है, मैं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के इंजीनियर संजीव ब्रम्हपुरिया को निलंबित करता हूँ.. पूरे मामले की जाँच ENC करेंगे और जो जो दोषी पाया जाएगा उस पर भी कार्यवाही होगी” -

जिला अस्पताल की जाँच करने पहुंचे जिला पंचायत सीईओ, तो डॉक्टर का कारनामा देखकर दंग रह गए….
गुरुवार को जशपुर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे जशपुर जिला पंचायत सीईओ उस वक़्त आवक रह गए जब डॉक्टरों की उपस्थिति पंजी देखा।इस उपस्थिति पंजी में अस्पताल के लगभग सभी डॉक्टर मौजूद थे लेकिन एक डॉक्टर पी केरकेट्टा पंजी में हस्ताक्षर करके भी मौजुद नही थे।बात केवल इतनी ही नही थी सीईओ को तब अचंभित रह गए जब उन्होंने पंजी में देखा कि कल यानि शुक्रवार की उपस्थिति पंजी में भी डॉ पी केरकेट्टा ने एडवांस में साईन कर दिया है। डॉक्टर के इस कारनामे से अचंभित जिला पंचायत सीईओ ने डॉक्टर को दूरभाष के जरिये अस्पताल बुलवाया और कल की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए जाने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि कल भी उनकी ड्यूटी है इसलिए एडवांस में उन्होंने कल के रजिस्टर में भी साईन कर दिया।
बहरहाल डॉक्टर के इस जवाब से अधिकारी संतुष्ट होते नही दिखे और बताया जा रहा कि अब इस मामले में कार्यवाही हो रही है।जिला पंचायत सीईओ ने इस मामले में कलेक्टर जशपुर को रिपोर्ट भेजकर कार्यवाही की अनुसंशा की है। -

आईपीसी 498 ए के केस में ट्रायल के बाद पति बरी हो चुका है तो वह क्रूरता के आधार पर तलाक मांग सकता है : सुप्रीम कोर्ट
जब कोई व्यक्ति उस मुकदमे से गुज़रता है जिसमें वह आईपीसी की धारा 498-ए के तहत अपराध के आरोप से बरी हो जाता है तो यह स्वीकार नहीं किया जा सकता है कि पति पर कोई क्रूरता नहीं हुई है।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब पति भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए के तहत अपनी पत्नी द्वारा लगाए गए अपराध के आरोप से बरी हो जाता है, तो यह नहीं कहा जा सकता है कि उसके साथ कोई क्रूरता नहीं हुई है।
इस मामले में [रानी नरसिम्हा शास्त्री बनाम रानी सुनीला रानी], हाईकोर्ट ने यह देखते हुए पति को तलाक देने से इंकार कर दिया था कि पत्नी ने भरण-पोषण की मांग की थी या उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 498 ए के तहत दंडनीय अपराध के लिए शिकायत दर्ज की थी। इन्हें क्रूरता के आधार पर तलाक लेने का वैध आधार नहीं कहा जा सकता। हाईकोर्ट द्वारा अपनाए गए इस दृष्टिकोण को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने कहा,
उच्च न्यायालय के उपरोक्त अवलोकन को अनुमोदित नहीं किया जा सकता। यह सही है कि किसी के लिए भी शिकायत दर्ज करना या उसकी शिकायतों के निवारण के लिए मुकदमा दायर करना और अपराध के लिए पहली सूचना रिपोर्ट देना और शिकायत दर्ज करना या एफआईआर करने को क्रूरता नहीं माना जा सकता, लेकिन जब कोई व्यक्ति उस मुकदमे से गुजरता है, जिसमें उस पर पत्नी द्वारा लगाए गए आईपीसी की धारा 498-ए के तहत अपराध के आरोप से बरी कर दिया जाता है तो यह स्वीकार नहीं किया जा सकता है कि पति पर कोई क्रूरता नहीं हुई है।”
पीठ ने आगे कहा, “वर्तमान मामले में आईपीसी की धारा 498-ए के तहत अपीलकर्ता के खिलाफ प्रतिवादी द्वारा अभियोजन शुरू किया जाता है, जिसमें गंभीर आरोप लगाया जाता है, जिसमें अपीलकर्ता को मुकदमे से गुजरना पड़ा और अंततः उसे बरी कर दिया गया। आईपीसी की धारा 498-ए के तहत अभियोजन में न केवल बरी किया गया है, बल्कि यह भी देखा गया है कि गंभीर प्रकृति के आरोप एक-दूसरे के खिलाफ लगाए गए हैं। अपीलार्थी द्वारा क्रूरता के आधार पर तलाक की डिक्री की मांग के मामले को स्थापित किया गया है।” इस प्रकार, पीठ ने निष्कर्ष निकाला कि पति ने क्रूरता के आधार पर विवाह समाप्त करने के निर्णय को मंजूरी देने का आधार बनाया है।
-

चोर को पीटने पर इतने लोगो के खिलाफ दर्ज हुआ आपराधिक मामला,
जशपुर। बड़ी खबर जशपुर के बगीचा से आ रही है, बगीचा पूलिस ने कथित चोरों की बेरहमी से पिटाई करने वाले 3 ग्रामीणों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर लिया है और पूलिस आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है ।बताया जा रहा है कि ग्रामीणों के मार के चलते मामले के प्रार्थी की हालत गम्भीर है ।बगीचा के सरकारी अस्पताल में अभी भी उसका ईलाज चल रहा है ।उसकी स्थिति ठीक होने के बाद पूलिस पूछ ताछ में और भी आरोपियों के शामिल होने के खुलाशे हो सकते हैं।फिलहाल 3 ग्रामीणों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। बगीचा थाना प्रभारी विकास शुक्ला ने बताया कि प्रार्थी 3 में से एक को पहचानता है जबकि दो का नाम नही बता पा रहा है ।
यह था पूरा मामला
आपको बता दें कि 2 दिन पहले कथित रूप से चोरी करके भाग रहे 2 चोरों को ग्रामीणों ने दौड़ा दौड़ाकर लाठी डंडे से बेरहमी से पिटाई की थी और अधमरा करके खेत मे फेंक दिया था ।ये वीडियो जब सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो पूलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।