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  • ATM से पैसे निकालते हुए क्या आप भी हुए हैं ठगी के शिकार? जानें शिकायत करने का तरीका….

    ATM से पैसे निकालते हुए क्या आप भी हुए हैं ठगी के शिकार? जानें शिकायत करने का तरीका….

    एटीएम (ATM) से पैसे निकालने को लेकर हुई धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं. पैसे निकालने के दौरान कई बार लोगों के अकाउंट से ज्यादा पैसे उड़ जाते हैं।

    आए दिन अखबार और न्यूज वेबसाइट्स में पढ़ने को मिलता है कि फलाने ने एटीएम मशीन से पैसे निकाले और कुछ देर बाद ही उसके अकाउंट से बाकी के पैसे भी गायब हो गए. बावजूद इसके कि उस आदमी ने बड़ी सावधानी से हर नियम का पालन किया. फिर गलती कहां हुई? दरअसल गलती नहीं बल्कि वो आदमी फ्रॉड (ATM Machine fraud) का शिकार हुआ।

    एटीएम से पैसे निकालने को लेकर हुई धोखाधड़ी (ATM fraud) के कई मामले सामने आए हैं. पैसे निकालने के दौरान कई बार लोगों के अकाउंट से ज्यादा पैसे उड़ जाते हैं. दरअसल एटीएम मशीनों में छोटी स्कीमर डिवाइस या पतली फिल्म लगाई जाती है जो कार्ड का सारा डाटा कॉपी कर लेती है. बचा-कुचा काम एटीएम के आस-पास छुपे कैमरा कर देते हैं. कैमरे में यूजर द्वारा इंटर की गई पासवर्ड डिटेल कैप्चर कर ली जाती है।

    एक बात और इस काम में बैंको का कोई हाथ नहीं होता, सारा कारनामा जालसाजों का होता है. इसके बाद जैसे ही यूजर उस ATM मशीन से पैसे निकालता, उसकी डिटेल्स को कॉपी करके जालसाज यूजर के अकाउंट से बाकी के पैसे भी उड़ा देते हैं।

    अकाउंट से पैसे उड़ने पर क्या करें

    अब बात आती है कि आप गलती से ऐसे किसी फ्रॉड के शिकार हो ही जाएं तो क्या करें ? इसके लिए एक नंबर है 9212500888. शिकायत दर्ज करने के लिए फोन पर ‘Problem’ टाइप करें और इस नंबर पर भेज दें. साथ ही साथ अपना डेबिट कार्ड ब्लॉक करवा दें. इसके अलावा @SBICard_Connect पर ट्वीट भी कर सकते हैं. ध्यान देने वाली बात यह भी है कि शिकायत तीन दिनों (वर्किंग डे) के अंदर दाख़िल हो जानी चाहिए।

  • पैरोल पर छूटे कैदियों को सुप्रीम कोर्ट ने दी 15 दिन की मोहलत….

    पैरोल पर छूटे कैदियों को सुप्रीम कोर्ट ने दी 15 दिन की मोहलत….

    बिलासपुर। जेल से जमानत व पैरोल पर छूटे कैदियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है । सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को 15 दिनों के भीतर कैदियों के आवेदन पर निर्णय लेने का आदेश भी दिया है। मालूम हो कि प्रदेश के 5500 कैदी कोरोना संक्रमण काल में पैरोल व जमानत पर रिहा किये गए है ।
    सुप्रीम कोर्ट में बिलासपुर केंद्रीय जेल के सजायाफ्ता कैदी जय जायसवाल की तरफ से दायर स्पेशल लीव पिटिशन क्रिमिनल (एसएलपी) दायर की गई है। पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के वेकेशन कोर्ट में जस्टिस इंदिरा बनर्जी व जस्टिस अनिरुद्घ बोस की युगलपीठ ने पैरोल अवधि छह जनवरी तक बढ़ा दी थी। साथ ही इस मामले में राज्य शासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।
    इस आदेश के बाद कैदियों को छह दिन के लिए राहत मिल गई थी। मामले में पांच जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया कि कोरोना काल में केंद्र सरकार ने देशभर में पिछले साल 22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद से लाकडाउन घोषित कर दिया। इस बीच जेलों में क्षमता से अधिक कैदियों में कोरोना संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने देशभर के हाई कोर्ट को आदेश जारी कर सजायाफ्ता कैदियों को पैरोल व जमानत पर छोड़ने कहा था।

    छत्तीसगढ़ की जेलों में क्षमता से अधिक कैदी हैं और अव्यवस्था की स्थिति रहती है। ऐसे में पैरोल पर बाहर आए कैदियों के वापस जाने से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा है। जेल के भीतर कैदियों के लिए अलग-अलग व्यवस्था नहीं है। याचिका में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट द्वारा 30 नवंबर को हुई सुनवाई में कैदी के आवेदन को खारिज करने का भी हवाला दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने प्रकरण की सुनवाई के बाद कैदियों की पैरोल अवधि 15 दिनों के लिए बढ़ा दी है। साथ ही हाई कोर्ट को आदेशित किया है कि 15 दिनों के भीतर याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन पर उचित निर्णय लें।

  • दुर्ग-भिलाई के पांच निजी अस्पतालों की कोविड मान्यता रद्द….

    दुर्ग-भिलाई के पांच निजी अस्पतालों की कोविड मान्यता रद्द….

    दुर्ग। जिले में संचालित प्राइवेट अस्पतालों को दी गई कोविड मान्यता रद्द कर दी गई है। भारती हॉस्पिटल दुर्ग, नवजीवन चिखली समेत 5 अस्पताल शामिल हैं जिनकी कोविड मान्यता रद्द हुई है। स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने मरीजों की मौत व रेफर की संख्या बढ़ने को कारण बताते हुए 5 प्राइवेट अस्पतालों की मान्यता रद्द करते हुए बताया कि लगातार हो रही मौतें, मरीजों से इलाज के लिए मोटी रकम वसूल करना, रेफर करने में आगे, जिन मरीजों कोरोना में प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मृत्यु हुई उनके परिजनों की लगातार यह शिकायत आ रही थी कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और संक्रमण के डर से देखरेख सही से नहीं हुई। बता दें कि कल प्रदेश में 1,010 कोरोना पॉजिटिव मरीज़ों की पहचान की गई थी, और 1,072 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज हुए। मित्तल अस्पताल (जुनवानी), बीएसआर हाइटेक (जुनवानी), बीएम शाह अस्पताल (सुपेला), एसआर अस्पताल (चिखली), आईएमआई अस्पताल (खुर्सीपार) शामिल हैं। इन सभी को नोटिस भी दिया गया है।

  • परिवर्तित हुआ दारु दुकानों का समय, देखें कितने बजे से कितने बजे तक खुली रहेगी दुकानें….

    परिवर्तित हुआ दारु दुकानों का समय, देखें कितने बजे से कितने बजे तक खुली रहेगी दुकानें….

    रायगढ़।  कलेक्टर श्री भीम सिंह ने नगरीय क्षेत्र की देशी/विदेशी मदिरा दुकानों के खुलने का समय प्रात: 9 बजे एवं बंद होने का समय रात्रि 10 बजे तक निर्धारित किया है तथा आंतरिक एवं दूरस्थ क्षेत्र में मदिरा दुकानों का बंद होने का समय रात्रि 9 बजे यथावत निर्धारित किया है।

    नगरीय क्षेत्र की मदिरा दुकानें जो प्रात: 9 बजे से रात्रि 10 बजे तक खुली रहेंगी इनमें देशी मदिरा दुकानों में बड़पारा, चक्रधर नगर, बड़े रामपुर, मटन मार्केट, सावित्री नगर, बोईरदादर, कोढ़ीपारा, कोकड़ी तराई, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, सारंगढ़, बरमकेला एवं सरिया शामिल है। इसी तरह विदेशी मदिरा दुकानों में विजयपुर, चक्रधर नगर रोड, बड़े रामपुर, जूटमिल, सावित्री नगर, बोईरदादर, कोढीपारा, कोकडीतराई, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, धरमजयगढ़, सारंगढ़, बरमकेला, सरिया एवं लैलूंगा शामिल है।

    आंतरिक एवं दूरस्थ क्षेत्र की मदिरा दुकानें जो प्रात: 9 बजे से रात्रि 9 बजे तक खुली रहेंगी इनमें देशी मदिरा दुकानों में जामगांव, कोड़ातराई, रेंगालपाली, तमनार, टपरंगा (धौराभांठा), टिमरलगा, कोसीर, रेड़ा एवं डोंगरीपाली (झिंकीपाली)शामिल है। इसी तरह विदेशी मदिरा दुकानों में जामगांव, कोड़ातराई, कापू, तमनार, छाल, टिमरलगा एवं कोसीर शामिल है।

  • रामनिवास अग्रवाल को प्रेस क्लब ने दी श्रद्वांजलि

    रामनिवास अग्रवाल को प्रेस क्लब ने दी श्रद्वांजलि


    खरसिया। प्रेस क्लब खरसिया के संरक्षक अमर मंत्री के पिताजी रामनिवास अग्रवाल के आकस्मिक निधन पर शोक व्यक्त किया गया। शोक व्यक्त करने पहुँचे प्रेस क्लब के प्रतिनिधिमंडल ने अमर मंत्री के निवास पर पहुँचकर उनके पिताजी के छाया चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके परिवार को ढांढस बंधाया। प्रतिनिधिमंडल में प्रेस क्लब अध्यक्ष रामनारायण सोनी सन्टी, संयोजक सुनील अग्रवाल, अरुण चैधरी, राघवेंद्र वैष्णव, संरक्षक कैलाश गर्ग, सलाहकार जयप्रकाश अग्रवाल, प्रहलाद बंसल, संजय गुप्ता, कैलाशशर्मा, डिग्रिलाल जगत आदि शामिल थे।

  • आईजी को किया ट्वीट.. तत्काल हुई एफआईआर..

    आईजी को किया ट्वीट.. तत्काल हुई एफआईआर..

    आईजी ने कहा मोबाइल में जानकारी व्हाट्सएप्प करें होगी कार्यवाही

    बिलासपुर। बिलासपुर रेंज आईजी रतनलाल डांगी ने शुक्रवार दोपहर विधिवत चार्ज संभाल लिया है। उनका बिलासपुर से पुराना नाता रहा है, वे वर्ष 2012-13 में बिलासपुर और वर्ष 2008 में कोरबा के एसपी रह चुके है।
    दिसंबर के महिने में पुलिस अधिकारी अपने थाना में पेडिंग याने कि लंबित के रुप में मामला रहने नही देते। इसके पीछे माना जाता है कि, आला अधिकारी दिसंबर में प्रकरणों के निकाल ना होने पर थाना प्रभारी समेत पूरे स्टाफ़ की कार्यक्षमता पर प्रश्न उठाते हैं, और इसलिए यह भी आम तौर पर प्रचलन में है

    दिनेश कुमार नाम के यूज़र ने आईजी डांगी को एक जनवरी को ट्विटर पर लिखा था की “मैने अपने बाईक चोरी की सूचना मूँगेली थाना सिटी कोतवाली में 29 दिसंबर को दिया, लेकिन वहाँ के ड्यूटी ऑफ़िसर ने ये कह कर FIR करने से मना कर दिया कि क्लोजिंग इअर है,FIR अभी नही होगा.. NEW YEAR में आना.
    बिलासपुर आईजी रतन लाल डांगी ने इस पर तत्काल मुँगेली कप्तान से दरयाफ़्त की, और कुछ ही देर में FIR दर्ज हो गई। ट्विटर पर ही दिनेश कुमार नाम के यूज़र ने लिखा – बहुत बहुत धन्यवाद सर, FIR दर्ज कर उसे विवेचना में ले लिया गया है.. आश्वासन भी दिया गया है कि जल्द कार्यवाही का परिणाम सामने होगा”.

    की दिसंबर में विशेषकर अंतिम सप्ताह में तो ऐसे मामले एफआईआर में तब्दील नही होते जिनमें माल मशरुका के चोरी होने की सूचना या शिकायत हो। पर ऐसा करना मूँगेली पुलिस के लिए तब मुश्किल भरा हो गया जबकि बिलासपुर रेंज आईजी रतन लाल डाँगी को ट्विटर से किसी नागरिक ने सूचना दे दी।

    IG रतन लाल डांगी ने बिलासपुर आईजी का चार्ज संभालने के पहले ही अपने इरादे बता दिए थे कि बिलासपुर रेंज के पांचो जिले बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, मुंगेली और गौरेला पेंड्रा मरवाही में जुआ, सट्टा, अवैध कबाड़ और कोल डिपो चलाने वालो की अब खैर नहीं होगी, पहले जो हुआ अब नहीं चलेगा।
    अवैध कार्यो में लगाम कसने चार्ज संभालने के पूर्व ही उन्होंने अपने निजी व्हाट्सप नंबर 9479193000 को सार्वजनिक कर इसमें सूचना देने कहा था। आईजी डांगी ने कहा कि

    “जुआ, सट्टा, अवैध कबाड़ और कोल डिपो सहित अवैध काम होने की सूचना आईजी बिलासपुर के नंबर 9479193000 में व्हाट्सप कर सकते है। सूचना देने वालो की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

  • सीसीटीएनएस का एक्सेस जल्दी ही मिल सकता है निजी कंपनियों को भी, खंगाल सकेंगी आपराधिक रिकॉर्ड

    सीसीटीएनएस का एक्सेस जल्दी ही मिल सकता है निजी कंपनियों को भी, खंगाल सकेंगी आपराधिक रिकॉर्ड

    दिल्ली। क्राइम एंड क्रिमिनल्स ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (,सीसीटीएनएस) से देश के सभी थानों को इंटरलिंक किया जा रहा है। अब इससे निजी कंपनियों को इसके एक्सेस करने की सुविधा मिलने जा रही है। निजी कंपनियां नौकरी पर रखने से पहले किसी भी कंडिडेट की आपराधिक रिकॉर्ड इससे खंगाल सकती है या फिर कहें वो इसके माध्यम से सीधे वेरिफिकेशन कर सकती हैं। इसके लिए पुलिस विभाग निजी कंपनियों से सुविधा शुल्क ले सकती है।

    गृह मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार ‘आने वाले समय में कोई भी नागरिक, संस्था और कंपनियां अपने संभावित कर्मचारियों और किरायेदारों का किसी अन्य उद्देश्य के लिए सत्यापन कर सकती हैं।’

    आपको बता दें कि गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने हाल ही में कहा था कि देश के कुल 16,098 पुलिस थानों में से 95% से अधिक में सीसीटीएनएस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा है।

  • कोई इतना बेइज्जत करके निकालता है अपने पत्रकारों-संपादकों को!

    कोई इतना बेइज्जत करके निकालता है अपने पत्रकारों-संपादकों को!

    दैनिक भास्कर ग्रुप वाले नित नया रिकार्ड बनाते रहते हैं।
    बेयज्जत करके नौकरी से निकालने का भी रिकार्ड बना दिया है।
    हाल के दिनों में किसी पत्रकार की नौकरी ऐसे न गई होगी जैसे इन दोनों की गयी है।

    ईश्वर इन्हें दुःख सहने की ताक़त दें और दैनिक भास्कर के मालिकों को सदबुद्धि!
    वो याद है न फ़िल्मी डायलाग- पहला पत्थर वही चलाए जिसने पाप न किया हो।


    यार नौकरी से निकाल देते, ये फ़ोटो छाप कर इनका जीवन नरक करने की क्या ज़रूरत थी!

  • नव वर्ष मिलन के साथ प्रेस क्लब की बैठक सम्पन्न….

    नव वर्ष मिलन के साथ प्रेस क्लब की बैठक सम्पन्न….

    खरसिया। नव वर्ष मिलन समारोह के साथ खरसिया प्रेस क्लब की आवश्यक बैठक सम्पन्न हुई जिसमें पत्रकारों के हित में निर्णय लिये गये।
    प्रेस क्लब अध्यक्ष राम नारायण सोनी (संटी) के फार्म हाउस में आयोजित इस बैठक में तय किया गया कि प्रेस क्लब का एक प्रतिनिधिमंडल शीघ्र ही छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून जल्द से जल्द लागू करने की मांग करेगा। प्रेस क्लब अध्यक्ष रामनारायण सोनी की अध्यक्षता में हुई बैठक में गत वर्ष का लेखा जोखा पेश किया गया जिसे सर्वसम्मति से पास किया गया, रामनारायण सोनी ने कहा कि यह देखा जा रहा है कि कई पत्रकार एक से अधिक संगठनों से जुड़े है जिस वजह से किसी भी एक संगठन के प्रति निष्ठावान नहीं रह पाते इसलिये सर्व सम्मति से तय किया गया कि प्रेस क्लब का कोई भी सदस्य अन्य किसी पत्रकार संगठन की सदस्यता ग्रहण करता है तो उसे तत्काल प्रेस क्लब की सदस्यता से निष्कासित किया जावे। बैठक का समापन सहभोज के साथ किया गया। बैठक में प्रेस क्लब खरसिया के संरक्षक अशोक अग्रवाल (बाबा), कैलाश गर्ग, अमर मंत्री, सलाहकार जयप्रकाश अग्रवाल, संयोजक सुनील अग्रवाल, रितेश श्रीवास्तव, अरुण चैधरी, सचिव नटवर मित्तल, कोषाध्यक्ष विकाश (ज्योति), लतीफ अहमद, जगदीश मित्तल, संजय गुप्ता, अमितसाहु, प्रहलाद बंसल, नितिन अग्रवाल सहित नगर के अन्य पत्रकार गण शामिल थे।

  • राज्यपाल को भेजे जाने वाले आवेदनों की ऑनलाइन होगी मॉनिटरिंग, जनता की समस्याओं का जल्द होगा समाधान

    राज्यपाल को भेजे जाने वाले आवेदनों की ऑनलाइन होगी मॉनिटरिंग, जनता की समस्याओं का जल्द होगा समाधान

    रायपुर। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने राजभवन में ई-समाधान वेबसाइट का लोकार्पण किया। इस वेबसाइट के माध्यम से राज्यपाल को आम जनता द्वारा भेजे गए आवेदन पत्रों को संबंधित विभागों को भेजा जाएगा। इसके साथ ही उन आवेदनों पर की जा रही कार्रवाई की स्थिति एवं विभिन्न विभाग व कार्यालय स्तरों पर लंबित आवेदनों की ट्रैकिंग की जा सकेगी। इससे राजभवन सचिवालय संबंधित विभाग को भेजे गए आवेदन पत्र की स्थिति, निराकरण की अद्यतन स्थिति की मॉनिटरिंग की जाएगी।

    राज्यपाल ने कहा, नई तकनीकों से कार्य में गति और पारदर्शिता आती है। ई-समाधान प्रणाली से आमजनों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान होगा। साथ ही शासन जनता के प्रति अधिक संवेदनशील और जवाबदेह होगा। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो एवं विधिक सलाहकार आरके अग्रवाल भी मौजूद थे।

    स्कैन कर अपलोड किया जाएगा
    एनआईसी के अतिरिक्त राज्य सूचना विज्ञान अधिकारी टीएन सिंह ने बताया कि इस वेबसाइट में राजभवन में आने वाले आवेदनों को स्कैन करके अपलोड किया जाएगा। इस वेबसाइट को संबंधित विभागों, कलेक्टोरेट और विकासखण्ड कार्यालय तक जोड़ा गया है। आवेदन अपलोड कर उसे संबंधित कार्यालयों में भेज दिया जाएगा।

    3200 कार्यालय जुड़े, एसएमएस से जानकारी
    इससे अभी 3200 शासकीय कार्यालयों को संबद्ध किया गया है। जिस-जिस कार्यालय में आवेदन पत्र अग्रेषित होते जाएंगे, उस स्थिति की जानकारी राजभवन सचिवालय को मिलती जाएगी। साथ ही आवेदक के मोबाइल नंबर में भी एसएमएस के माध्यम से यह सूचना दी जाएगी। जो विभाग आवेदक की समस्या, मांग या शिकायत का अंतिम रूप से निराकरण करेगा, वह एक पत्र के माध्यम से आवेदक को सूचित करेगा साथ ही उस पत्र की प्रति इस वेबसाइट में भी अपलोड करेगा।

    पत्राचार का समय बचेगा
    इस वेबसाइट को जनशिकायत निवारण विभाग से संबद्ध कर दिया गया है, जिससे संबंधित विभाग को पृथक लॉगिन और पासवर्ड बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। यह वेबसाइट शुरू होने से राजभवन द्वारा आवेदन पत्रों को संबंधित कार्यालय में भेजने के लिए पत्राचार करने में जो समय लगता था, वो अब नहीं लगेगा।