कोरोना (Corona) के बढ़ते मामलों को देखते हुए चीन ने एक बार फिर कम समय में एक अस्पताल का निर्माण किया है. चीन ने बीजिंग (Beijing) के दक्षिण में एक शहर में संक्रमण के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए कोविड-19 मरीजों के लिए 1,500 कमरों वाले एक अस्पताल का निर्माण कार्य शनिवार को पांच दिनों में पूरा कर लिया. समाचार एजेंसी शिन्हुआ की खबर के अनुसार, यह अस्पताल हेबेई (Hebei) प्रांत के नांगोंग में बनाया गया है। इस महीने नांगोंग और हेबेई प्रांत की राजधानी शिजियाझुआंग में संक्रमण के कई मामले सामने आए थे. इससे पहले भी चीन कम समय में अस्पताल का निर्माण कर चुका है. सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने अस्पताल का तेजी से निर्माण संबंधी इसी तरह का एक कार्यक्रम पिछले साल उस समय शुरू किया था जब यह महामारी फैली थी और वुहान में एक अलग अस्पताल बनाया गया था।
हेबेई में सामने आए 90 केस
राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने देश में कोरोना वायरस के 130 नए मामलों की पुष्टि की है जिनमें से पिछले 24 घंटे में हेबेई में 90 मामले सामने आए है. शिन्हुआ की खबर के अनुसार, नांगोंग और शिजियाझुआंग में 645 मरीजों का इलाज किया गया है। बता दें कि 2019 में कोरोना का पहला चीन के वुहान शहर में सामने आया था, जिसके बाद चीन में तेजी से मामले बढ़ने लगे थे. जब वायरस ने अन्य देशों को अपनी चपेट में लेना शुरू किया तो चीन ने इस पर काबू पा लिया. दिसंबर 2020 के बाद से चीन के कई क्षेत्रों में एक बार फिर मामले बढ़ने लगे। कोरोना के नए वैरिएंट का खतरा भी चीन पर मंडरा रहा है. राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने कहा है कि वायरस का नया स्ट्रेन पहले के मुकाबले ज्यादा तेजी से फैलता है. इस पर काबू पाना काफी मुश्किल है. आयोग ने कहा कि नए स्ट्रेन के लिए विदेशों से आने वाले लोग और आयात होने वाला सामान जिम्मेदार हैं. हालांकि आयोग की तरफ से इन आरोपों के संबंध में किसी तरह के सबूत नहीं पेश किए गए हैं।
बालोद। कलेक्टर जनमेजय महोबे ने कहा कि अधिकारी बिना अनुमति के मुख्यालय न छोड़ें। आवश्यक कार्य होने पर ही अनुमति पश्चात् मुख्यालय से बाहर जाए। इस संबंध में कोई भी लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। श्री महोबे सोमवार को संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक में निर्देशित कर रहे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत आंगनबाड़ी केन्द्रों में गरम भोजन प्रदाय की प्रगति की जानकारी ली। कलेक्टर ने समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित दिव्यांग शिविरों में प्राप्त प्रकरणों के निराकरण की जानकारी ली और लंबित प्रकरणों के शतप्रतिशत निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने हाथियों के विचरण से प्रभावित ग्रामों में मुआवजा राशि वितरण की जानकारी ली। उन्होंने जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत स्वीकृत कार्य और कार्यरत मजदूरों की जानकारी ली। कलेक्टर ने शासन की सुराजी गाॅव योजना नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्थानीय चयनित उत्पादों के विपणन को बढ़ावा देने अधिकारियों को निर्देशित किया। कलेक्टर ने समय सीमा के लंबित प्रकरणों का अभियान चलाकर निराकरण करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री जनचौपाल, मुख्यमंत्री निवास, राज्य सचिवालय, पीजीएन, कमिश्नर कार्यालय आदि से प्राप्त प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा विभागवार की और लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में अपर कलेक्टर एके बाजपेयी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश कुमार चन्द्राकर, एसडीएम बालोद आरएस ठाकुर, एसडीएम गुण्डरदेही बीएल अग्रवाल, एसडीएम गुरूर अमित श्रीवास्तव, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती सिल्ली थामस, श्रीमती प्रेमलता चंदेल, अभिषेक दीवान, सुब्रत प्रधान सहित जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।
दिल्ली। सांसदों को अब संसद भवन परिसर की कैंटीन में सब्सिडी वाला खाना नहीं मिलेगा. लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने इसकी जानकारी दी है. ओम बिरला ने कहा, ”सांसदों, अन्य को संसद में कैंटीन के भोजन पर दी जाने वाली सब्सिडी रोक दी गई है.” उन्होंने बताया कि संसद की कैंटीन को अब ITDC (इंडियन टूरिज्म डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) चलाएगा. इससे पहले उत्तरी रेलवे के पास ये जिम्मेदारी थी. कैंटीन में एक थाली की कीमत 35 रुपये थी।
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ओम बिरला ने कहा, ”29 जनवरी से शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक होगी, लोकसभा की कार्यवाही शाम चार से रात आठ बजे तक होगी.” लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ”29 जनवरी से शुरू होने वाले संसद सत्र के दौरान राज्यसभा की कार्यवाही सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक होगी, लोकसभा की कार्यवाही शाम चार से रात आठ बजे तक होगी.” उन्होंने कहा कि संसद सत्र शुरू होने से पहले सभी सांसदों से कोविड-19 जांच कराने का अनुरोध किया जाएगा. सांसदों के आवास के निकट भी उनके आरटी-पीसीआर कोविड-19 परीक्षण किए जाने के प्रबंध किए गए हैं. बिरला ने कहा कि संसद परिसर में 27-28 जनवरी को आरटी-पीसीआर जांच की जाएगी, सांसदों के परिवार, कर्मचारियों की आरटी-पीसीआर जांच के भी प्रबंध किए गए हैं।
दिल्ली। महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती से पहले भारत सरकार ने बड़ा एलान किया है। समाचार एजेंसी एएनआइ के अनुसार हर साल 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन को पराक्रम दिवस के रूप में मनाने का फैसला लिया है। संस्कृति मंत्रालय ने इसकी जानकारी दी है। गौरतलब है कि नेताजी की 125वीं जयंती को केंद्र सरकार ने अब और भी ज्यादा भव्य तरीके से मनाने का फैसला किया है। इसका अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि इसे लेकर गठित उच्च स्तरीय कमेटी की अगुआई खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं।
85 सदस्यों वाली इस कमेटी में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों के साथ पक्ष-विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं और नेताजी के परिवार के सदस्यों को भी शामिल किया गया है। नेताजी से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत 23 जनवरी को उनकी जयंती से होगी। कार्यक्रमों का आयोजन सालभर किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के 125वें जयंती समारोहों की शुरुआत 23 जनवरी को कोलकाता के ऐतिहासिक विक्टोरिया मेमोरियल हॉल से करेंगे।
संस्कृति मंत्रालय ने हाल ही में नेताजी की 125वीं जयंती के आयोजन को लेकर उच्च स्तरीय कमेटी के गठन की अधिसूचना जारी की थी। इसमें राजनेताओं के अलावा लेखक, इतिहासकार सहित आजाद हिंद फौज से जुड़े प्रतिष्ठित लोगों को भी शामिल किया गया है। इनमें जो प्रमुख नाम हें, उनमें नेताजी सुभाषचंद्र बोस आइएनए ट्रस्ट के अध्यक्ष बिग्रेडियर आरएस चिकारा, इतिहासकार और लेखिका पूरबी राय, भारतीय किक्रेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली, संगीतकार एआर रहमान, अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती, अभिनेत्री काजोल आदि शामिल हैं।
नेताजी के परिवार के सदस्यों में उनकी बेटी अनिता बोस, भतीजे अर्धेंदु बोस, प्रपौत्र चंद कुमार बोस आदि को शामिल किया गया है। नेताजी की यादों से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन कोलकाता, दिल्ली सहित नेताजी और आजाद हिंस फौज से जुड़े देश-विदेश के अन्य स्थलों पर किया जाएगा। नेताजी के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने का केंद्र सरकार का यह कोई पहला मौका नहीं है। इससे पहले वह आजाद हिंस फौज के 75वें स्थापना दिवस को भी भव्य तरीके से मना चुकी है, जिसमें खुद प्रधानमंत्री शामिल हुए थे। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने नेताजी से जुड़ी गोपनीय फाइलों को भी सार्वजनिक किया था, जिसकी मांग उनके प्रशंसकों और परिजनों की ओर से काफी समय से की जा रही थी। हालांकि बंगाल में इस साल मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिहाज से इसकी अहमियत ज्यादा है, जहां भाजपा पूरा जोर लगाए हुए है।
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत से पुलिसकर्मियों की ऐसी करतूत सामने आई है, जिसने खाकी को आजीवन कलंकित कर दिया है. पूरा मामला सेहरामऊ उत्तरी थाने के गडवाखेड़ा चौकी का है. यहां तैनात दो कॉन्स्टेबलों ने मिलकर गडवाखेड़ा पुलिस चौकी को ही अय्याशी का अड्डा बना लिया. वितिन मिश्रा और पवन मिश्रा नाम के दो कॉन्स्टेबल नजदीक की ही एक कॉलगर्ल के साथ मिलकर लड़कों को ब्लैकमेल कर वसूली करते थे। कॉलगर्ल जब लड़कों के साथ संबंध बना रही होती थी तो ये दोनों वहां पहुंचकर फर्जी रेड मार देते थे. जिसके बाद ये दोनों पकड़े गए लड़कों को छोड़ने के लिए मोटी रकम वसूल कर लेते थे. इस पूरे मामले से पर्दा उठने के बाद पुलिस अधीक्षक ने दोनों कॉन्स्टेबल को निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं।
इस पूरे जंजाल का खुलासा तब हुआ जब चौकी में तैनात एक अन्य कॉन्स्टेबल ने कॉलगर्ल को अपने भरोसे में लिया और उससे फोन पर मामले से जुड़ी सारी जानकारी इकट्ठा कर ली. कॉन्स्टेबल ने कॉलगर्ल से की गई बात का ऑडियो रिकॉर्ड कर लिया. जो देखते ही देखते वायरल हो गया और मीडिया से लेकर बड़े-बड़े अधिकारियों तक पहुंच गया।
वायरल ऑडिया में सामने आया कि दोनों आरोपी कॉन्स्टेबल भी कॉलगर्ल के साथ समय-समय पर संबंध बनाया करते थे. इतना ही नहीं, ये दोनों लड़की पर लड़कों को फंसाकर लाने का दबाव भी बनाते थे. इस पूरे मामले ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश पुलिस को शर्मसार किया है बल्कि पूरी खाकी को ही कलंकित कर दिया है।
छत्तीसगढ़। मंत्री ताम्रध्वज साहू आज बालोद जिले के पैरी गांव में शहीद तीवर सिंह के शहीद स्मारक का अनावरण करने पहुंचे। इसके अलावा कांकेर लोकसभा सांसद मोहन मंडावी व संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद भी कार्यक्रम में पहुंचे। सभी अतिथियों ने शहीद स्मारक का अनावरण किया तो वही गांव के सभी शहीदों के परिवार के सदस्यों का सम्मान भी किया।
दरअसल शहीद के स्मारक का लोकार्पण करने पहुँचे गृहमंत्री ने जब देखा कि शहीद परिवार के बैठने की व्यवस्था नहीं है तो वह मंच संचालन सहित आयोजको पर भड़क गए। पहले गृहमंत्री के सम्मान के लिए शहीद परिवार के सदस्यों को बुलाने का अनाउंस किया तो गृहमंत्री ने कड़क शब्दों में कहा कि शहीद परिवार का हम सम्मान करेंगे वह हमारा नहीं। जिसके बाद मंच संचालन फिर अनाउंस किया कि शहीद परिवार के सदस्य गृहमंत्री के पास पहुंचकर सम्मानित होंगे।
फिर क्या गृहमंत्री और आक्रोशित हो गए और मंच संचालन के हाथ से माइक लेकर स्वयं अनाउंस किया कि शहीद परिवार को कुर्सी पर बिठाइए हम वहाँ जाकर सम्मान करेंगे लेकिन शहीद परिवार के लिए बैठने की कुर्सी कम पड़ गई फिर आक्रोश भरे शब्दों में बोले कि यह क्या तैयारी है आयोजन करने से पहले तैयारी पूरी होनी चाहिए।
रायगढ़। निगम क्षेत्र में रहने वाले लोग अब प्रापर्टी टैक्स व यूजर्स चार्ज वाट्सएप पर भी मैसेज कर घर पहुंच सुविधा ले सकेंगे महापौर श्रीमती जानकी काट्जू और निगम कमिश्नर अशुतोष पाण्डेय ने सोमवार को शहरवासियों के मोबाइल नंबर जारी किया। निगम प्रशासन द्वारा मोबाइल सुविधा के माध्यम से वाटसप नम्बर जारी किया है, जिसमें लोगों को संपत्तिकर, समेकित कर और यूजर्स चार्जेस जमा करने के लिये निगम आने या वार्ड कार्यालय में लम्बी लाइन लगाने की जरूरत नहीं होगी। लोग दिए गए वाट्सअप नंबर पर ही सूचना या मैसेज देकर टैक्स जमा करने घर पहुंच सुविधा ले सकेंगे। कोरोना काल और लोगों के कतार लगाने की समस्या को ध्यान मे रखकर निगम प्रशासन द्वारा मोबाइल नंबर 8553525150 जारी किया गया है। इसमें काल करने या मैसेज करने से संबंधित वार्ड के कर्मचारी लोगों को सीधे संपर्क करेंगे और टैक्स लेने संबंधित लोगों के घर पहुंचेंगे। शहरवासी मोबाइल नंबर 8553525150 पर सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक सम्पर्क कर सकेंगें।
निगम की राजस्व वसूली को दुरूस्त करने मेयर श्रीमती जानकी काट्जू व कमिश्नर श्री आशुतोष पाण्डेय द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। निगम प्रशासन द्वारा राजस्व विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की एक टीम भी बनाई है। इसमें वे पुराने करदाताओं के मकान दुकान प्रतिष्ठान मे जाकर कर वसूली करेंगे। इसी तरह कमिश्नर ने यूजर चार्ज के लिए भी अलग-अलग टीम बनाई है! यूजर चार्ज वसूली के लिए स्वच्छता सुपरवाइजर को भी आदेशित किया गया है कि वे अपने प्रभार वाले वार्ड मे जाकर यूजर चार्ज की वसूली करेंगे। कमिश्नर श्री पाण्डेय ने शहरवासियों से मोाबाइल नंबर 8553525150 पर सुबह 6 से दोपहर 2 बजे तक काॅल कर अधिक से अधिक घर पहुंच सेवा की लाभ लेने की अपील की है।
अधिभार शुल्क में छूट मेयर श्रीमती जानकी काट्जू और निगम कमिश्नर आशुतोष पाण्डेय ने कहा कि वित्त्ीय वर्ष 31 मार्च 2021 के पूर्व सम्पत्तिकर एवं समेकित कर जमा करने वालों को अधिभार शुल्क पर छूट मिलेगी। इसके बाद निगम संबंधित किसी भी तरह के टैक्स जमा करने वालों पर अतिरिक्त अधिभार शुल्क लगाने की कार्रवाई की जाएगी।
रायपुर। डीजीपी डीएम अवस्थी ने बिलासपुर के पचपेड़ी थाना प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। डीजीपी ने पचपेड़ी थाना प्रभारी सुनील तिर्की के विरूद्ध शराब की अवैध बिक्री, अवैध परिवहन और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण ना करने पर निलंबन की कार्रवाई की है। निलम्बन अवधि में निरीक्षक सुनील तिर्की को रक्षित केंद्र जिला मुख्यालय बिलासपुर में सम्बद्ध किया गया है।उल्लेखनीय है कि पूर्व में ही निर्देश जारी किए गए हैं कि शराब के अवैध परिवहन, बिक्री और तस्करी होने पर थाना प्रभारी के विरूद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
वॉट्सऐप (WhatsApp) के नए नियम-कायदे आ रहे हैं। यूजर्स इन्हें लेकर फिक्र में हैं। इस साल 8 फरवरी से ये वजूद में आ जाएंगे। इससे पहले ही, वॉट्सऐप ने अपने 2 अरब से ज्यादा यूजर्स को ‘अल्टीमेटम’ देना शुरू कर दिया है। कहा जा रहा है कि सोशल नेटवर्क के साथ अपना पर्सनल डेटा साझा करने के लिए हामी भरनी होगी या अपना वॉट्सऐप अकाउंट डिलीट करना होगा। यानी, शर्तें न मानने पर आप वॉट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। हालांकि, अब खबर है कि नए कायदे यूरोप और यूके में यूजर्स पर लागू नहीं होंगे। लेकिन, नोटिफिकेशन हर किसी को भेजा गया है।
मस्क के ट्वीट के बाद Signal ने पकड़ी रफ्तार वॉट्सऐप के पॉलिसी अपडेट ने यूजर्स के बीच हलचल मचाई। डेटा और प्राइवेसी को लेकर फिक्रमंद लोग दूसरे विकल्प तलाशने लगे। तभी, दुनिया के सबसे ज्यादा दौलतमंद बने टेस्ला के सीईओ एलन मस्क के एक ट्वीट में लोगों को ‘सहारा’ नजर आया। 50 साल के मस्क ने ट्वीट करके अपने फॉलोअर्स से Signal यूज करने को कहा। Signal अचानक से सुर्खियों में आ गया। पिछले एक हफ्ते में लाखों नए यूजर्स Signal से जुड़े। साथ ही, बड़ी संख्या में लोगों ने मेसेजिंग ऐप Telegram डाउनलोड किया।
स्नोडेन भी कर चुके हैं Signal को एंडोर्स व्हिस्लब्लोअर एडवर्ड स्नोडेन भी Signal की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने दावा किया है कि वह इसका हर दिन इस्तेमाल करते हैं। सिग्नल की वेबसाइट में भी कहा गया है कि वह सभी कन्वर्सेशन को सुरक्षित रखने के लिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन का इस्तेमाल करता है। कहा गया है, ‘हम न तो आपके मेसेज पढ़ सकते हैं और न ही आपकी कॉल्स सुन सकते हैं। कोई दूसरा भी ऐसा नहीं कर सकता है।’ हालांकि, इजरायल की सिक्योरिटी फर्म Cellebrite ने Signal की हाइली सिक्योर चैट डीक्रिप्ट करने का दावा किया है। अब सवाल उठता है कि इतने दावों के बीच वॉट्सऐप, सिग्नल और टेलिग्राम में कौन ज्यादा सेफ है। हमने ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब तलाशने की कोशिश की है तो आइए जानते हैं कि कौन सा ऐप यूजर्स को ज्यादा प्राइवेसी देता है। साथ ही, उनका डेटा सेफ रखता है।
किसका एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन ज्यादा सुरक्षित वॉट्सऐप (WhatsApp) के हर कम्युनिकेशन मोड पर एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन मिलता है। वॉट्सऐप पर शेयर किए जाने वाले आपके मेसेज, विडियो कॉल्स, वॉइस कॉल्स, फोटो और दूसरी चीजें एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड होती हैं। मतलब यह है कि आप और रिसीपिएंट (मेसेज पाने वाला), इकलौते व्यक्ति होते हैं जो कि भेजे गए मेसेज को पढ़ सकते हैं। WhatsApp आपके मेसेज, कॉल्स, फोटो और दूसरी चीजों के कंटेंट को डीक्रिप्ट नहीं कर सकता है, जिससे आपके कंटेंट की सिक्योरिटी और प्राइवेसी सुनिश्चित होती है।
…तो इसलिए होती है वॉट्सऐप के सिक्योरिटी मॉडल की आलोचना खास बात यह है कि WhatsApp, ओपन ह्विस्पर सिस्टम्स के डिवेलप किए गए एंड-टू-एंड प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करता है। वॉट्सऐप पर आपके हर कम्युनिकेशन में एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन कंपनी बैकअप्स (क्लाउड और लोकल) को एनक्रिप्ट नहीं करती है। इसके अलावा, वॉट्सऐप मेटाडेटा (metadata) को भी एनक्रिप्ट नहीं करता है। यह वॉट्सऐप के सिक्योरिटी मॉडल की आलोचना की मुख्य वजह में से एक है। मेटाडेटा किसी को आपके मेसेज पढ़ने की इजाजत नहीं देता है। लेकिन, इसकी मदद से अथॉरिटीज यह पता कर लेती हैं कि आपने किसको और कब मेसेज किया।
वॉट्सऐप में ऐंड्रॉयड और iOS दोनों ही ऐप्स में बिल्ट-इन ऐप लॉक फीचर दिया गया है। ऐसे में आप अपने वॉट्सऐप चैट्स को बायोमीट्रिक से लॉक कर सकते हैं। इसके अलावा, आपको टू-फैक्टर ऑथेन्टिकेशन (2FA) भी मिलता है।
टेलिग्राम में मिलता है सीक्रेट चैट्स फीचर Telegram एक क्लाउड चैट सर्विस है। इसका मतलब है कि वॉट्सऐप से अलग इसे आप कई डिवाइसेज में इस्तेमाल कर सकते हैं और आपकी चैट्स हमेशा सिंक्ड होती है। Telegram ऐप क्लाइंट-टू-सर्वर एनक्रिप्शन का इस्तेमाल करता है। आपकी रेगुलर चैट्स एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड नहीं होती हैं। Telegram के सर्वर्स तक पहुंच रखने वाला कोई भी व्यक्ति आपकी चैट्स पढ़ सकता है। हालांकि, कोई आपकी चैट्स न पढ़े, इसे सुनिश्चित करने का इकलौता तरीका है कि आप टेलिग्राम के ‘सीक्रेट चैट फीचर’ का इस्तेमाल करें। इस फीचर में एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन मिलता है। आप सीक्रेट चैट में जो भी भेजते हैं, वह प्रोटेक्टेड होता है।
सिक्योरिटी रिसर्चर्स वैरिफाई नहीं कर सकते टेलिग्राम का सिस्टम अगर आप सीक्रेट चैट फीचर का इस्तेमाल करते हैं तो Telegram आपके मेसेज एनक्रिप्ट करने के लिए खुद के एनक्रिप्शन प्रोटोकॉल MTProto का इस्तेमाल करता है। हालांकि, यह क्लोज्ड-सोर्स प्रोटोकॉल है। सिक्योरिटी रिसर्चर्स इसे वैरिफाई नहीं कर सकते हैं। Telegram का कहना है कि वह अपने मेसेज स्टोरेज और डिस्क्रिप्शन कीज (Keys) को इस तरह मैनेज करता है कि किसी भी व्यक्ति को आपके डेटा तक पहुंचने के लिए कई लीगल सिस्टम्स से कोर्ट ऑर्डर्स की जरूरत पड़ेगी। कंपनी का कहना है कि उसने अभी तक थर्ड पार्टीज और गवर्नमेंट्स के साथ जीरो (0) बाइट्स डेटा शेयर किया है।
एडमिन बनने पर बॉट पढ़ लेता है आपके मेसेज टेलिग्राम (Telegram) का एक बेहद खास फीचर यह है कि इसमें लोगों को ऐड करने के लिए आप अपना फोन नंबर देने से बच सकते हैं, इस काम के लिए केवल अपने यूजरनेम का इस्तेमाल कर सकते हैं। कंपनी अपने प्लैटफॉर्म पर आपसे इंटरैक्ट करने के लिए बॉट्स को इजाजत देती है। इसमें बाय डिफॉल्ट प्राइवेसी मोड को इनेबल कर दिया जाता है, जिससे वो आपकी चैट न पढ़ सकें। लेकिन, अगर किसी बॉट को ग्रुप के एडमिन के तौर पर ऐड किया जाता है तो यह आपके मेसेज पढ़ लेगा।
वॉट्सऐप की तरह Telegram भी बिल्ट-इन ऐप लॉक का इस्तेमाल करता है। लेकिन, ऐप का एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन बहुत दमदार नहीं है। टेलिग्राम ग्रुप्स एनक्रिप्टेड नहीं होते हैं, क्योंकि सीक्रेट चैट्स केवल सिंगल-यूजर कम्युनिकेशन को सपोर्ट करते हैं।
सिक्योरिटी की रेस में कहीं आगे है Signal जब सिक्योरिटी की बात आती है तो Signal कहीं आगे है। एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन के लिए Signal ओपन-सोर्स सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करता है। जहां वॉट्सऐप यूजर्स के मेसेज और कॉल्स को एनक्रिप्ट करता है। वहीं, Signal एक कदम आगे जाकर metadata को भी एनक्रिप्ट करता है। हर मोर्चे पर यूजर्स की प्राइवेसी को प्रोटेक्ट करने के लिए Signal ने सेंडर और रिसीपिएंट (मेसेज पाने वाले व्यक्ति) के बीच बातचीत के लिए एक नया तरीका निकाला है, इसका नाम Sealed Sender है। सील्ड सेंडर में कोई भी यह नहीं जान पाएगा कि कौन-किसे मेसेज कर रहा है। खुद Signal को भी इसका पता नहीं होगा।
केवल रजिस्ट्रेशन के लिए यूज होता है आपका फोन नंबर ऐप, सभी फीचर्स के लिए एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन को सपोर्ट करता है। मतलब है कि कोई आपकी चैट्स नहीं पढ़ सकता है और न ही आपकी कॉल्स सुन सकता है। सिग्नल की प्राइवेसी पॉलिसी बताती है यह केवल रजिस्ट्रेशन के लिए आपने फोन नंबर का इस्तेमाल करता है। और इसके बाद इसे आपके अकाउंट के बारे में कुछ पता नहीं होता है। कॉन्टैक्ट डिस्कवरी के लिए ऐप ट्रंगकेटेड क्रिप्टोग्रैफिकली हैश्ड फोन नंबर भेजता है। कॉन्टैक्ट्स के नाम या किसी दूसरी इंफॉर्मेशन को न तो ट्रांसमिट किया जाता है और न ही ऐप के सर्वर पर रखा जाता है।
ओपन-सोर्स सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल Signal एंड-टू-एंड एनक्रिप्शन के लिए ओपन-सोर्स सिग्नल प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करता है। सिग्नल, सभी लोकल फाइल्स को 4 डिजिट पासफ्रेज से एनक्रिप्ट करता है। सिग्नल, ओपन व्हिस्पर सिस्टम (Open Whisper System) का इस्तेमाल करता है। यह आपकी सारे कंवर्सेशन को खुद-ब-खुद एंड-टू-एंड एनक्रिप्ट कर देता है। एनक्रिप्शन की, यूजर के फोन और कंप्यूटर्स पर ही स्टोर होते हैं, जिससे आप निगरानी रखने का रिस्क कम हो जाता है। इसके अलावा, अगर आपके कॉन्टैक्ट्स की एनक्रिप्शन की में बदलाव होता है तो आपको नोटिफाई किया जाएगा।
यूजर्स, एक-दूसरे को पासकोड के नंबर्स या QR कोड स्कैन करते हुए वैरिफाई कर सकते हैं। इसका मतलब है कि सिग्नल के पास आपका कोई डेटा नहीं होता है। सिग्नल ऐप मेटाडेटा, लॉग्स या अपने यूजर्स की इंफॉर्मेशन को स्टोर नहीं करता है। Signal को आप पासकोड या बायोमीट्रिक्स से लॉक कर सकते हैं। इसके अलावा, सिग्नल में टू-फैक्टर अथॉन्टिकेशन, ऐप में स्क्रीनशॉट्स ब्लॉक करने का ऑप्शन दिया गया है। हाल में Signal ने इमेज भेजने से पहले ऑटोमैटिकली फेस ब्लर करने का नया फीचर दिया गया है।
आपका कौन-कौन सा डेटा करते हैं कलेक्ट अगर यूजर डेटा कलेक्शन की बात करें तो WhatsApp आपकी डिवाइस ID, ऐडवर्टाइजिंग डेटा, परचेज हिस्ट्री, लोकेशन, फोन नंबर, ई-मेल, कॉन्टैक्ट्स, पेमेंट इंफो समेत कई डेटा कलेक्ट करता है। वहीं, टेलिग्राम आपका फोन नंबर, कॉन्टैक्ट इंफो और यूजर ID कलेक्ट करता है। जबकि Signal फोन नंबर के अलावा आपका कोई पर्सनल डेटा कलेक्ट नहीं करता है।
सिग्नल के डाउनलोड्स में 4200% का उछाल वॉट्सऐप (WhatsApp) के पॉलिसी अपडेट से मचे बवाल के बाद सिग्नल (Signal) और टेलिग्राम (Telegram) को बड़ा फायदा हुआ है। ऐप एनालिटिक्स फर्म सेंसर टावर के डेटा के मुताबिक, ‘6 से 10 जनवरी के बीच दुनिया भर में ऐप स्टोर और गूगल प्लेस्टोर में Signal के 75 लाख के करीब डाउनलोड्स रहे हैं। इससे पिछले हफ्ते के मुकाबले सिग्नल ऐप के डाउनलोड्स में 4,200 फीसदी का उछाल आया है।
500 मिलियन के पार हुए टेलिग्राम के सब्सक्राइबर्स वहीं, 6 से 10 जनवरी के बीच टेलिग्राम (Telegram) के साथ 90 लाख नए यूजर्स जुड़े हैं। इससे पिछले हफ्ते के मुकाबले 91 फीसदी की तेजी आई है। यह गूगल और ऐपल के ऐप स्टोर्स में अब दूसरे नंबर पर है। Telegram के सब्सक्राइबर्स की संख्या 500 मिलियन (50 करोड़) को पार कर गई है। पिछले कुछ दिनों में मेसेजिंग ऐप के साथ 25 मिलियन नए ग्राहक जुड़े हैं। सिग्नल और टेलिग्राम दोनों ही ऐप्स के डाउनलोड्स के लिए भारत बड़ा सोर्स रहा है।
कोरिया। इश्कबाज थानेदार ने दर्जनों युवतियों को बनाया शिकार पीडि़ता पत्नी ने डीजीपी और आईजी के सामने लगाई गुहार। पीडि़ता की शिकायत पर जाँच उपरांत पुलिस महानिदेशक डी.एम.अवस्थी ने आज निरीक्षक विमलेश दुबे को निलंंबित कर दिया। 2008 बैच के थानेदार विमलेश दुबे की पत्नी ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि, उसके पति का लगभग 15 से अधिक युवतियों से अफेयर और शारीरिक संबंध है। शिकायत होने के बाद युवा थानेदार मेडिकल छुट्टी लेकर भाग खड़े हुए हैं। मामला कोरिया जिले के बैकुण्ठपुर थाने के कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक विमलेश दुबे का बताया जाता है। थानेदार की पीडि़ता पत्नी ने आरोप लगाया कि, युवा थानेदार निरीक्षक विमलेश दुबे के साथ 28 जनवरी 2014 में उनका विवाह हुआ था। पत्नी का आरोप है कि, उनके पति विमलेश दुबे की पुलिस विभाग में जहाँ-जहाँ उनकी पदस्थापना रही है वे लड़कियों के साथ इश्क लड़ाते रहे हैं। उनका रायपुर गरियाबंद, मनेन्द्रगढ़, चिरमिरी, बैकुण्ठपुर, रायपुर के आसपास की 15 से अधिक लड़कियों से अवैध संबंध रहा है। अभी हाल ही में विमलेश दुबे ने बिलासपुर में एक प्रतीक्षा दुबे नाम की लड़की के साथ 8 दिसंबर 2020 को शादी किया है। इस लड़की के साथ इनका लम्बे समय से अफेयर चल रहा था। उनकी विवाहिता पत्नी का आरोप है कि, ब्राम्हण समाज की लगभग 7 से 8 लड़कियों के साथ इनके अवैध संबंध है जिनके साथ इन्होंने विवाह कर शारीरिक संबंध रखा है।
थानेदार की विवाहिता पत्नी ने आरोप लगाया है कि, उनके पति निरीक्षक विमलेश दुबे कपड़ों के समान लड़कियाँ बदलते हैं, वे लड़कियों के जज्बात के साथ खेलते आये हैं। उन्होंने सरगुजा रेंज के आईजी से अपने पति के कृत्यों के खिलाफ शिकायत करते हुए उचित कार्यवाही की माँग की है। निरीक्षक की पत्नी ने बताया कि, सरगुजा रेंज के आईजी के साथ-साथ पुलिस महानिदेशक को भी उन्होंने अपने पति के कृत्यों की शिकायत करते हुए कहा है कि, उनके पति ने उन्हें धोखे में रखकर उनके साथ-साथ दर्जनों महिलाओं की जिन्दगी बर्बाद कर दी है।
उन्होंने अपने पति पर आरोप लगाया है कि, उनके पति ने उनकी जिन्दगी खराब कर दी है ऐसे कृत्य करने वाले थानेदार के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए। विवादास्पद निरीक्षक विमलेश दुबे अम्बिकापुर के रहने वाले हैं। समाचार लिखे जाने तक निरीक्षक विमलेश दुबे कोरिया से फरार बताये जाते हैं। फिलहाल उनकी कोई जानकारी नहीं है। उनके मोबाईल नंबर पर इस संबंध में संपर्क कर उनका पक्ष लेने का प्रयास किया गया। किन्तु मोबाईल लगातार बंद मिल रहा है।