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  • आधे घंटे के भीतर DSP से तीन थाने छीने गए,जांजगीर SP ने आदेश बदला…

    आधे घंटे के भीतर DSP से तीन थाने छीने गए,जांजगीर SP ने आदेश बदला…

    रायपुर। IG की कार्रवाई के निर्देश का मजाक उड़ाने की खबर जैसे ही प्रकाशित हुई, पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। चंद मिनटों बाद ही SP ने अपना आदेश पलटते हुए DSP संदीप मित्तल की ट्रैफिक से छुट्टी हो गयी, बल्कि उनसे तीन थानों का चार्ज भी छिन लिया गया। अब संदीप के पास सिर्फ शिवरीनारायण थाना का चार्ज है। आपको बता दें कि ट्रैफिक डीएसपी संदीप मित्तल के खिलाफ IG की कार्रवाई के निर्देश के बजाय और पावरफुल बनाने की खबर प्रसारित हुई थी।

    संदीप मित्तल के साथ दो अन्य अधिकारियों के भी ट्रांसफर आर्डर जारी हुए हैं। संजय कुमार महादेवा को थाना बलौदा भेजा गया है, वहीं एसडीओपी दिनेश्वरी नंद को अब नावागढ़, पामगढ़, अकलतरा, जांजगीर चौकी व नैला का चार्ज दिया गया है। वहीं संदीप को पुलिस लाइन भेजकर शिवरीनारायण का ही एकमात्र चार्ज दिया गया है।

  • मायुम का 37 वां स्थापना दिवस सम्पन्न

    मायुम का 37 वां स्थापना दिवस सम्पन्न

    खरसिया। अखिल भारतीय मारवाड़ी युवा मंच का 37 वां स्थापना दिवस स्थानीय अग्रसेन भवन में विभिन्न गेमों का आयोजन कर सभी सदस्यों ने धूमधाम से मनाया। मंच का सफल संचालन करते हुए राकेश अग्रवाल (आस्था) द्वारा मंच द्वारा किये गए कार्यों के बारे में बताया गया उसके बाद मंच प्रभारी सुशील डिम्पल ने अपने कार्यकाल को याद करते हुए कहा मेरे अध्यक्षीय कार्यकाल में अग्रसेन चौक का निर्माण किया गया था। राष्ट्रीय सहायक मंत्री अर्चना गर्ग ने अपने उद्बोधन में कहा मैं अपनी देहदान करने की घोषणा करती हूँ, अर्चना गर्ग ने कहा कि मानव सेवा सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने बताया कि खरसिया मारवाड़ी युवा मंच की शाखा द्वारा गरीबो की सेवा के कार्य किये जाते है जरूरत मंद मरीजो के लिए मुफ्त में ऑक्सीजन सिलेंडर और मंच के सदस्यों द्वारा ब्लड डोनेट किया जाता है। ममता (अशोक) अग्रवाल द्वारा नए नए प्रकार के गेम्स खिलाये गए जिससे सभी उपस्थित लोगों का काफी मनोरंजन हुआ कोरोना काल और लॉक डाउन से ऊब चुके लोगों के चेहरे पर खुशी अलग से झलक रही थी। आज के दिन ही मायुम के सचिव जगदीश मित्तल का जन्मदिन था सभी मंच साथियों ने जगदीश को बधाई दी और केक कटवाया। प्रहलाद बंसल द्वारा हाजी गेम्स खिलाया गया जिसमें प्रथम रही रजनी अग्रवाल और द्वितीय राकेश अग्रवाल (आस्था) रहे। आभार प्रदर्शन अध्यक्ष मुकेश गर्ग ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रीति अग्रवाल ममता अग्रवाल मंजू अग्रवाल अर्चना अग्रवाल ममता बंदोरा प्रीति गिरधर प्रेमलता सुल्तानिया लता अग्रवाल अनिता रामदेव उमा गोयल पिंकी अग्रवाल रेणु अग्रवाल आशा अग्रवाल दुर्गा अग्रवाल रजनी अग्रवाल की सराहनीय भूमिका रही।

  • राज्य सरकार ने अधिकारियों-कर्मचारियों के बड़े पैमाने पर किये तबादले…. 

    राज्य सरकार ने अधिकारियों-कर्मचारियों के बड़े पैमाने पर किये तबादले…. 

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के नगरीय प्रशासन विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले हुए हैं। जिन अफसरों और कर्मचारियों के तबादले हुए हैं, उनमें सीएओ, इंजीनियर सहित तृतीय वर्ग के भी कई कर्मचारी शामिल हैं। नगरीय प्रशासन विभाग ने 2 दर्ज से ज्यादा मुख्य नगरपालिका अधिकारी के ट्रांसफर किये हैं।

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  • डीजीपी ने जारी किया निर्देश,फर्जी नामों और गुमनाम शिकायतों पर अब नहीं होगी जांच….

    डीजीपी ने जारी किया निर्देश,फर्जी नामों और गुमनाम शिकायतों पर अब नहीं होगी जांच….

    रायपुर। फर्जी नाम और गुमनाम शिकायतों पर अब कार्रवाई नहीं होगी। राज्य सरकार के निर्देश के बाद अब डीजीपी ने राज्य के सभी पुलिस अधीक्षकों को इस बाबत निर्देश जारी कर दिया है। डीजीपी डीएम अवस्थी ने इस बाबत अपने अपने आदेश में कहा है कि …

    संचालक केंद्रीय सतर्कता आयोग, नयी के परिपत्र के अनुसार गुमनाम एवं छद्मनाम से शिकायतों पर कार्यवाही न करते हुए शिकायत को नस्तीबद्द किये जाने हेतु शासन द्वारा निर्देश दिया गया है। अत: निर्देशित किया जाता है कि उक्त निर्देशों का पालन कड़ाई से करना सुनिश्चित करें”

    इससे पहले राज्य सरकार ने डीजीपी और पुलिस के अलग डीजी को पत्र भेजकर इस बाबत निर्देश दिया था। 14 दिसंबर 2020 को भेजे पत्र के बाद अब डीजीपी ने इस बारे में अलग से निर्देश सभी पुलिस अधीक्षकों को जारी कर दिया है।

    आपको बता दें कि प्रदेश में कई बार ऐसे मामले में आये थे, जिसमें दुर्भावना से ग्रस्त होकर छद्म नाम और गुमनाम पत्र के जरिये किसी के खिलाफ शिकायत कर दी जाती थी, जिसके आधार पर जांच भी कर ली जाती थी और कई दफा तो पूरी जांच के बाद भी मूल शिकायतकर्ता का पता नहीं होता था। ऐसे मामलों की जांच के बाद भी कोर्ट में इस केस को स्थापित करने में पुलिस को काफी परेशानी होती थी। कोर्ट कई दफा नाराजगी भी पुलिस को झेलनी पड़ती थी। ऐसे में अब राज्य सरकार ने गुमनाम और गलत नामों से शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है।

  • कोर्ट में निलंबित आरएएस पिंकी बोली: मेरी शादी है, मुझे छोड़ दो, अदालत ने नहीं दी जमानत….

    कोर्ट में निलंबित आरएएस पिंकी बोली: मेरी शादी है, मुझे छोड़ दो, अदालत ने नहीं दी जमानत….

    जयपुर। एसीबी मामलों की विशेष अदालत क्रम-2 ने हाईवे निर्माण कंपनी से दस लाख रुपये की रिश्वत मांगने की आरोपी निलंबित आरएएस अफसर पिंकी मीना के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया। पिंकी मीना वर्तमान में न्यायिक हिरासत में है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी पर रिश्वत का गंभीर आरोप है, ऐसे में उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता।

    पिंकी मीना ने प्रार्थना पत्र में कहा था कि उसे मामले में फंसाया जा रहा है। उसने कभी भी रिश्वत की मांग नहीं की थी और एसीबी ने उससे कुछ भी बरामद नहीं किया है। इसके अलावा उसकी 16 फरवरी को शादी होने वाली है। उसे जमानत पर रिहा किया जाना चाहिए। जिसका विरोध करते हुए सरकार की ओर से कहा गया कि आरोपी ने दस लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी।

    एसीबी ने सत्यापन के बाद गिरफ्तार किया है। यदि उसे जमानत दी गइ तो वह केस को प्रभावित कर सकती है। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद बुधवार को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था गुरूवार को कोर्ट ने जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया।


    गौरतलब है कि केसीसी बिल्डकॉन कंपनी ने एसीबी में रिपोर्ट दी थी कि उसकी कंपनी दिल्ली से बडोदरा आठ लेन रोड निर्माण कर रही है। सुचारू रोड निर्माण के लिए स्थानीय प्रशासन के सहयोग की जरूरत होती है। निर्माण कार्य में रुकावट नहीं डालने की एवज में एसडीएम रिश्वत मांग रही है। रिपोर्ट पर कार्रवाई करते हुए एसीबी ने बांदीकुई एसडीएम पिंकी मीणा को दस लाख रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में 13 जनवरी को गिरफ्तार किया था।

    काटा आवास का विद्युत कनेक्शन

    उधर बांदीकुई में ट्रैप होने के आठ दिन बाद निगम के अभियंताओं ने गुरुवार को एसडीएम आवास का विद्युत कनेक्शन काट दिया। दरअसल, एसडीएम आवास पर कई सालों से बिजली का बिल बकाया चल रहा था, लेकिन निगम के अधिकारी कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे थे। नोटिस देकर महज खानापूर्ति की जा रही थी। जबकि एसडीएम आवास का बिल दो साल से बकाया चल रहा था और अब तक करीब 1 लाख 25 हजार का बकाया बिल हो चुका था।

  • अंडर गारमेंट धोने से मना करने पर अधिकारी ने धोबी के पद पर कार्यरत सिपाही को किया प्रताड़ित…

    अंडर गारमेंट धोने से मना करने पर अधिकारी ने धोबी के पद पर कार्यरत सिपाही को किया प्रताड़ित…

    मुंडा। अंडर गारमेंट चड्डी बनियान धोने से मना करने वाले धोबी के पद पर कार्यरत सिपाही रामायण निर्मलकर को पुलिस अधिकारी के द्वारा प्रताड़ित किए जाने की धोबी समाज ने कड़े शब्दों में निंदा की है। समाज की बैठक सोशल मीडिया में हुई जिसमें विभिन्न सदस्यों ने उक्त अधिकारी के खिलाफ रोष व्यक्त किया जिन्होंने चड्डी बनियान नहीं धोने वाले धोबी के पद पर कार्यरत सिपाही रामचरण निर्मलकर को कारण बताओ नोटिस और बीजापुर तबादला कर दिया। सोशल मीडिया में समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष कृष्ण कुमार कनौजिया मुंबई ने प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर को जांच समिति गठित कर उक्त घटनाक्रम की जांच करने के लिए निर्देशित किया और दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही करने आवाज बुलंद करने के लिए कहा जिस पर प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर ने पुलिस महानिदेशक दुर्गेश माधव अवस्थी से व्हाट्सएप में सूचना भेजकर कार्यवाही की मांग की है। डीजीपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। समाज के प्रदेश अध्यक्ष सूरज निर्मलकर ने कहा है की रामचरण निर्मलकर का तबादला निरस्त कर ससम्मान वापस नहीं लाया गया तो समाज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा जाएगा और बूढ़ा तालाब से लेकर मुख्यमंत्री निवास तक ध्यान आकर्षित करने के लिए पैदल मार्च भी कर सकते है क्योंकि उक्त अधिकारी के इस कृत्य से समाज के सम्मान को ठेस पहुंचा है। आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक भागबली निर्मलकर बिलासपुर के जिला अध्यक्ष राजेश रजक प्रादेशिक प्रवक्ता गंगा निर्मलकर रवि रजक बलौदाबजार जिला के अध्यक्ष कमलेश रजक छवि बरेट सत्यनारायण निर्मलकर युवा प्रदेश अध्यक्ष अनिल रजक राजेंद्र निर्मलकर प्रभात सोनक्षत्र नरेन्द्र दिवाकर अंबे बघमार अमन निर्मलकर, गंगा निर्मलकर कुंभ निर्मलकर नीरज निर्मलकर राजेश निर्मलकर दुखुराम बरेठ मधुर निर्मलकर मजदूर नेता गिरधारी बरेठ पीसी निर्मलकर धरमलाल निर्मलकर विकास निर्मलकर राजू नागे सहित समाज के लोगों ने कहा है की इस प्रकरण में ठोस निर्णय नहीं लिया गया और दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुई तो उग्र आंदोलन भी किया जा सकता है।

  • मंत्री, सांसद, विधायक और सरकारी अफसरों के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी होने पर अब होगी कानूनी कार्यवाही…

    मंत्री, सांसद, विधायक और सरकारी अफसरों के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी होने पर अब होगी कानूनी कार्यवाही…

    पटना। सोशल मीडिया यानी फेसबुक टि्वटर व्हाट्सएप टेलीग्राम पर बिहार सरकार के किसी मंत्री, सांसद, विधायक या सरकारी अफसरों के खिलाफ आपत्तिजनक या अभद्र टिप्पणी करने पर अब होगी कानूनी कार्यवाही. इतना ही नहीं झूठ या भ्रम फैलाने वाले पोस्ट करने वाले लोगों पर समूह और संस्था की कार्यवाही की जांच दायरे में आएगी. आर्थिक अपराध इकाई यानी ईओयू ने बिहार सरकार के सभी विभागों के प्रधान सचिव और सचिव को पत्र लिखकर ऐसे किसी पोस्ट की शिकायत करने को कहा है. सोशल मीडिया पर गलत तरीके से सरकार या सरकार से जुड़े किसी भी व्यक्ति या कर्मचारी के खिलाफ अगर किसी ने गलत टिपण्णी की तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

    बिहार सरकार की ओर से जारी नए फरमान के मुताबिक प्रतिष्ठा हनन या छवि धूमिल करने के आरोप में ऐसा करने वाले लोगों के विरूद्ध आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और जांच की जाएगी. साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए राज्य में ईओयू को नोडल एजेंसी बनाया गया है. साइबर क्राइम से जुड़े मामलों की जांच में वह स्थानीय पुलिस को भी सहयोग देती है. चूंकि भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साइबर क्राइम की श्रेणी में आएगा, लिहाजा ईओयू की ओर से यह पत्र लिखा गया है।

    सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति या संस्थान के साथ सरकार की प्रतिष्ठा का हनन होता है या किसी की छवि धूमिल होती है, तो इसके लिए ऐसा करने वाले लोग खुद जवाबदेही होंगे और उनके खिलाफ अब कड़ा एक्शन लिया जायेगा. बिहार सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि आपत्तिजनक या तथ्यहीन पोस्ट करने पर अब कार्रवाई होगी. माननीयों के साथ किसी सरकारी अधिकारी-कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की प्रतिष्ठा का हनन या छवि धूमिल करने के लिए सोशल मीडिया पर किए जानेवाले आपत्तिजनक, भ्रामक या अभद्र टिप्पणी की शिकायत मिलती है तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

  • डीएम अवस्थी की बड़ी कार्रवाई, टीआई को किया सस्पेंड, ASP और SDOP को जारी किया नोटिस….

    डीएम अवस्थी की बड़ी कार्रवाई, टीआई को किया सस्पेंड, ASP और SDOP को जारी किया नोटिस….

    रायपुर। प्रदेश में अवैध शराब को लेकर पुलिस प्रशासन सख्त नजर आ रही है। डीजीपी डीएम अवस्थी के निर्देश पर अलग अलग क्षेत्रों में लगातार कार्रवाई की जा रही है। वहीं डीजीपी भी अलग अलग थाना क्षेत्र के जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई कर रहे है। इसी कड़ी में डीजीपी डीएम अवस्थी ने नवागढ़ टीआई अंबर सिंह भारद्वाज को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इसके साथ ही एडिशनल एसपी विमल बैस और एसडीओपी राजीव शर्मा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।


     
    दरअसल, बेमेतरा जिले के नवागढ़ थानांतर्गत ग्राम जेवरा में गुरुवार को अवैध शराब बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गयी थी। जिसके बाद डीजीपी अवस्थी ने जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की है। डीजीपी अवस्थी ने इसके अतिरिक्त उक्त पूरे मामले की जांच के आदेश आईजी दुर्ग रेंज विवेकानंद सिन्हा को दिये हैं।

    डीजीपी डीएम अवस्थी ने बताया कि शराब की अवैध बिक्री, परिवहन एवं तस्करी होने पर सीधे टीआई जिम्मेदार होंगे। जिस इलाके में शराब का अवैध कारोबार होगा वहां के टीआई के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि तीन दिन पहले ही बिलासपुर के पचपेड़ी थाना प्रभारी सुनील तिर्की को शराब की अवैध बिक्री, परिवहन और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण ना करने पर निलंबन की कार्रवाई की गयी थी।

  • SDM और तहसीलदार अचानक लापता, पता बताने वाले को 11 सौ रुपये नकद इनाम देंगे विधायक….

    SDM और तहसीलदार अचानक लापता, पता बताने वाले को 11 सौ रुपये नकद इनाम देंगे विधायक….

    आज दो अधिकारियों की लापता होने की सूचना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। पोस्टर में लापता दोनों अधिकारियों के नाम और तस्वीर भी है।
    दरअसल, विधायक बृहस्पत सिंह ने सोशल मीडिया में एक पोस्ट डाली है, जो इस समय खासा चर्चा में आ गई है। विधायक ने अपने पोस्ट में बलरामपुर जिले के एसडीएम अभिषेक गुप्ता और तहसीलदार विवेकानंद चंद्रा को लापता बताया और उन्हें ढूंढने वालों को इनाम देने की घोषणा की।

    विधायक ने पोस्टर में लिखा है कि एसडीएम अभिषेक गुप्ता और तहसीलदार विवेकानंद चंद्रा आज दिनांक 21 जनवरी 2021 से अपने निवास से लापता हैं. सुबह 9 बजे के बाद इनकी कोई जानकारी न उनके परिजनों को है और न ही उनके अधिनस्थ कर्मचारियों को. दोनों के मोबाइल नंबर भी बंद है. अगर किसी को जानकारी मिले तो वे रामानुजगंज थाना को सूचित करें. सूचना देने वाले को 11 सौ का इनाम दिया जाएगा।


    इस मामले को लेकर विधायक बृहस्पत सिंह से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि दोनों अधिकारी निष्क्रिय हैं। वे काम ही नहीं करते। वे काम करते हुए नजर नहीं आते। उनके खिलाफ बहुत शिकायतें है। इससे ज्यादा कुछ नहीं कहूंगा।
    दूसरी ओर हमने लापता अधिकारियों को भी फोन लगाया। इसमें एक अधिकारी से हमारा संपर्क हो गया। हालांकि उन्होंने किसी भी तरह कोई प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया। जिनसे संपर्क हुआ उन्होंने कहा कि मैं तो अपने कार्यक्षेत्र में हूं। इसकी जानकारी कार्यस्थल पर सभी को है। मैं नहीं जानता कि विधायक महोदय मुझसे क्यों नाराज हैं।

     सवाल यही है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि जिले में पदस्थ सैकड़ों अधिकारी-कर्मचारियों के बीच सिर्फ इन दो अधिकारियों के लापता होने, मोबाइल बंद होने और सूचना देने वाले को इनाम देने की बात कहते हुए विधायक को पोस्टर जारी करना पड़ा. इस बारे में विधायक महोदय भी खुलकर कुछ कह नहीं रहे हैं।

  • वॉट्सऐप को अब मोदी सरकार ने क्या चेतावनी दे डाली है?

    वॉट्सऐप को अब मोदी सरकार ने क्या चेतावनी दे डाली है?

    नरेंद्र मोदी सरकार ने इन दिनों सवालों में घिरी कंपनी वॉट्सऐप से सख्ती से यह बात कही है कि वह अपने प्राइवेसी नियम-कायदों के बारे में फिर से सोचे. यूरोप और भारत के यूजर्स में भेदभाव न करे. इतना ही नहीं, वॉट्सऐप से प्राइवेसी को लेकर लाए गए नए अपडेट को वापस लेने को भी कहा गया है. इसके अलावा भी कई बातों को लेकर वॉट्सऐप को कड़ी चिट्ठी लिखी गई है.

    ‘भारतीय यूजर्स का सम्मान करें’

    मंत्रालय ने वॉट्सऐप के CEO के नाम चिट्ठी में लिखा है कि इस नई पॉलिसी को वापस लिया जाए. नई पॉलिसी के तहत वॉट्सऐप यूजर्स का डाटा फेसबुक की दूसरी कंपनियों के साथ शेयर किया जाएगा. इससे यूजर्स के डाटा और प्राइवेसी को खतरा हो सकता है. वॉट्सऐप ने ग्राहकों को नई पॉलिसी को स्वीकार करने या न करने का विकल्प भी नहीं दिया है. यानी नई पॉलिसी अस्वीकार करने से यूजर वॉट्सऐप का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा. वॉट्सऐप यूरोप और बाकी देशों के यूजर्स में भेदभाव कर रहा है. चिट्ठी में ये भी पूछा गया है कि भारत इसके लिए डाटा प्रोटेक्शन कानून बनाने की तैयारी में है तो फिर वॉट्सऐप ऐसी नीति क्यों लेकर आया?

    मंत्रालय ने चिट्ठी में वॉट्सऐप से प्रस्तावित बदलावों को वापस लेने और सूचना की गोपनीयता, चयन की आजादी तथा डेटा की सुरक्षा को लेकर अपने नजरिए पर फिर से विचार करने को कहा है. चिट्ठी में कहा गया कि भारतीयों का उचित सम्मान किया जाना चाहिए. वॉट्सऐप की सेवा, गोपनीयता की शर्तों में कोई भी एकतरफा बदलाव सही और मान्य नहीं है.null

    रविशंकर प्रसाद बोले- बिजनेस करें, अतिक्रमण नहीं

    चिट्ठी लिखे जाने के बाद आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने भी वॉट्सऐप को लेकर सख्त बयान दिया उन्होंने कहा,

    चाहे वॉट्सएप हो, फेसबुक हो या कोई दूसरा डिजिटल प्लेटफॉर्म, आप भारत में बिजनेस करने को स्वतंत्र हैं, लेकिन भारतीयों के अधिकारों पर अतिक्रमण नहीं होना चाहिए. सभी को निजी संचार की शुचिता बनाए रखने की जरूरत है. भारत में 1.3 अरब लोगों की आबादी के साथ अरबों का डेटा है और हम अपनी डिजिटल संप्रभुता पर कभी समझौता नहीं करेंगे.

    संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स व आईटी मिनिस्टर रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को 15 वें भारत डिजिटल शिखर सम्मेलन में आगे कहा कि वॉट्सएप के मुद्दे पर उनका मंत्रालय काम कर रहा है. इस पर निर्णायक प्राधिकारी होने के नाते फिलहाल टिप्पणी करना उचित नहीं होगा. लेकिन एक बात स्पष्ट तौर पर कहना चाहूंगा कि चाहे कोई भी डिजिटल प्लेटफॉर्म हो, भारतीय नागरिकों की प्राइवेसी से समझौता नहीं किया जा सकता. डाटा को सहमति से हासिल करना चाहिए. इसका इस्तेमाल उसी काम के लिए करना चाहिए, जिसके लिए इसे एकत्र किया गया है. मैं चाहता हूं कि भविष्य में भारत डाटा अर्थव्यवस्था का बड़ा केंद्र बने. जब मैं डाटा अर्थव्यवस्था की बात करता हूं तो मेरा मतलब डाटा प्रोसेसिंग और इनोवेशन से है. दुनिया हमारे डाटा कानून की ओर देख रही है, जिसे हम बहुत जल्द लाने जा रहे हैं.

    वॉट्सऐप को टालनी पड़ी नई पॉलिसी

    बता दें कि वॉट्सऐप ने अपनी नई प्राइवेसी पॉलिसी को स्वीकार करने के लिए यूजर्स को 8 फरवरी तक का समय दिया था. बड़ी संख्या में यूज़र्स इस अपडेट से नाखुश हैं और उन्होंने टेलीग्राम, (Telegram) सिग्नल (Signal) जैसे दूसरे मेसेजिंग प्लेटफॉर्म पर जा रहे है. हालांकि लोगों का कड़ा रिएक्शन देखते हुए कंपनी ने फिलहाल इसे टाल दिया है. बवाल होने के बाद वॉट्सऐप ने कॉलिंग, प्राइवेट मैसेज, लोकेशन और कॉन्टैक्ट जैसी बातों पर सफाई दी थी. वॉट्सऐप ने कहा था कि वह यूज़र्स की प्राइवेसी के लिए प्रतिबद्ध है. ये भी कहा कि कंपनी लोगों के पर्सनल चैट का रिकॉर्ड नहीं रखती है. वह यूज़र की बातों को नहीं सुनता है, क्योंकि ये एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड होती हैं. यानी दो लोगों के अलावा कोई भी बीच में उनकी चैट को पढ़ या सुन नहीं सकता।