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  • केंद्र सरकार को निर्देश, ‘पिंजरे’ में कैद सीबीआई को करें आजाद…

    केंद्र सरकार को निर्देश, ‘पिंजरे’ में कैद सीबीआई को करें आजाद…

    चेन्नई। मद्रास हाईकोर्ट ने मंगलवार को याचिका पर सुनवाई के दौरान ‘पिंजरे’ में बंद सीबीआई को स्वायत्ता देने की जरूरत बताई. कोर्ट ने कहा कि विपक्ष के अनुसार सीबीआई केंद्र सरकार के हाथों में एक राजनीतिक उपकरण बन गई है, जिसे आजाद करने की जरूरत है. सीबीआई को नियंत्रक और महालेखा परीक्षक की तरह स्वायत्तता होनी चाहिए।

    हाईकोर्ट ने मौजूदा व्यवस्था में बदलाव को लेकर अपने 12 सूत्री निर्देशों में कहा कि यह आदेश ‘पिंजरे’ में बंद तोते सीबीआई को रिहा करने का प्रयास है. कोर्ट ने कहा कि एजेंसी की स्वायत्तता तभी सुनिश्चित होगी जब उसे वैधानिक दर्जा दिया जाएगा. इसके लिए भारत सरकार को अधिक शक्तियों एवं अधिकार क्षेत्र के साथ वैधानिक दर्जा देने वाले एक अलग अधिनियम के अधिनियमन पर विचार करने और निर्णय लेने का निर्देश दिया जाता है. केंद्र सरकार प्रशासनिक नियंत्रण के बिना कार्यात्मक स्वायत्तता के साथ सीबीआई को स्वतंत्र करे।

    दरअसल, सीबीआई की ओर से याचिका दायर की गई थी, जिसमें जिसमें कहा गया था कि एजेंसी लोगों की कमी जैसे बंधनों के साथ काम कर रही है. इस याचिका पर विचार के दौरान जस्टिस एन. किरुबाकरण और जस्टिस बी. पुगलेंधी की डिवीजन बेंच ने केंद्र सरकार को निर्देश देते हुए सीबीआई के लिए अलग से बजट आवंटित करने की सिफारिश की है. साथ ही एजेंसी के निदेशक को सरकार में सचिव के बराबर पद देने की सलाह दी है।

    बेंच ने कहा कि सीबीआई प्रमुख को संबंधित मंत्री या प्रधानमंत्री को ही रिपोर्ट करना चाहिए. बेंच ने सीबीआई निदेशक को 6 हफ्तों के भीतर एक विस्तृत प्रस्ताव भेजने के साथ इस प्रस्ताव के मिलने के बाद केंद्र को तीन महीनों के भीतर उचित आदेश जारी करने  के लिए कहा. बता दें कि 1941 में गठित एजेंसी प्रधानमंत्री कार्यालय के तहत डीओपीटी (कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग) को रिपोर्ट करती है. इसके निदेशक को तीन सदस्यीय पैनल द्वारा चुना जाता है, जिसमें प्रधानमंत्री, भारत के मुख्य न्यायाधीश और विपक्ष के नेता शामिल होते हैं।

  • खराब नेटवर्क, कम ड़ेटा स्पीड़ सहित अनेक परेशानियों का कर रहे सामना खरसिया के उपभोक्ता

    खराब नेटवर्क, कम ड़ेटा स्पीड़ सहित अनेक परेशानियों का कर रहे सामना खरसिया के उपभोक्ता

    कंपनी के अधिकारी कह रहे जानकारी नहीं

    खरसिया। नगर में इन दिनों वोडाफोन आईडिया (वी) मोबाइल नेटवर्क की खराब सर्विस की वजह से वोडाफोन आइडिया के उपभोक्ताओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा और उपभोक्ता अगर इसकी शिकायत अधिकारियों से करता है तो उन शिकायतों का निवारण तक अधिकारियों द्वारा नही किया जाता, जिस वजह से उपभोक्ता अपने मोबाईल नंबरों को दूसरे कंपनियों में पोर्ट करने के लिये मजबूर हो रहे हैं। अधिकारियों के अड़ियल रवैये का आलम यह है कि जब कंपनी के जोनल हेड़ से बात की गयी तो पहले तो उन्होंने क्षेत्र में किसी प्रकार की समस्या होने से ही मना कर दिया बाद में कहने लगे की उपभोक्ता की शिकायत आती है तो चेक करायेंगे।

    विदित हो कि खरसिया में लगातार वोडाफोन आइडिया नेटवर्क की स्थिति खराब होती जा रही है वही अधिकारियों के ढुलमूल रवैये से दिनोदिन वोडाफोन आइडिया के ग्राहकों की संख्या में कमी दिख रही है। इस विषय मे हमने नगर के ग्राहकों से जानना चाहा तो बहुत लोगों ने अपनी परेशानियां बताई। वोडाफोन आइडिया नेटवर्क की सीम उपयोग कर रहे उपभोक्ताओं ने बताया कि वोडाफोन आइडिया 4जी सर्विस के मामले में फिसड्डी साबित हो रही है, कंपनी वाले पैसे तो 4जी स्पीड के ले रहे हैं पर स्पीड 3जी की भी उपलब्ध नही करा पा रही है। ग्राहक की दूसरी बड़ी समस्या ये है डीएनडी की सुविधा लेने के बाद भी वोडाफोन आईडिया कंपनी के द्वारा कस्टमर को मैसेज भेज भेजकर परेशान किया जाता हैै, अगर यही स्थिति रही तो आने वाले समय मे हम अपने नंबर को पोर्ट कराकर अन्य बेहतर सुविधा देने वाली कंपनी में चले जायेंगे। छत्तीसगढ़ में वोडाफोन आइडिया की सिम चलाने वाले उपभोक्ताओं की संख्या अधिक होने से छत्तीसगढ़ के अधिकारियों का अपने ग्राहकों के प्रति संवेदनशील ना होना समझ से परे है। कंपनी के इस रवैये से वोडाफोन आइडिया के ग्राहक अपने आप को ठगा सा महसूस करने लगे हैं। एक तरफ देश में 5जी नेटवर्क की तैयारी चल रही है तो वही वोडाफोन आइडिया वाले खरसिया में 4जी की सुविधा भी ठीक ढंग से नही दे पा रहे है, जिस वजह से उपभोक्ताओं को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    अभी तक कोई शिकायत नहीं आई है, कोई शिकायत आती है तो उसका समाधान किया जायेगा..

    अरूण शर्मा (जोनल हेड़ वोड़ाफोन आईड़िया)


  • भाजपा कार्यालय में दीनदयाल अग्रवाल ने फहराया तिरंगा….

    भाजपा कार्यालय में दीनदयाल अग्रवाल ने फहराया तिरंगा….

    खरसिया। भाजपा कार्यालय में नगर मण्डल द्वारा 15 अगस्त स्वतन्त्रता दिवस के शूभ अवसर पर आजादी की 75 वी जयंती भाजपा कार्यालय में मनाई गई।
    विदित है कि इस दिन भारत को 200 सालों के ब्रिटिश शासन से आजादी मिली थी। स्वतंत्रता दिवस वो दिन है जो हमें हमारे स्वतंत्रता सैनानियों के त्याग को याद दिलाता है। भारत को मिली ये आजादी बहुत महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इसके लिए देश के वीरों ने अपने प्राणों की कुर्बानी दी और काफी संघर्ष किया। महात्मा गांधी, भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ.राजेंद्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सुखदेव, गोपाल कृष्ण गोखले, लाला लाजपत राय, लोकमान्य बालगंगाधर तिलक, चंद्रशेखर आजाद सहित देश पर मर मिटने वालो की संख्या हजारों लाखों में है जो इनके बलिदान के कारण ही आज हम आजाद भारत में सांस ले पा रहे हैं। आज 15 अगस्त को तिरंगा झंडा फहराकर आजादी की 75 वी वर्षगाँठ मनाई जिसमें वरिष्ठ भाजपा नेता दीनदयाल अग्रवाल, मण्डल अध्यक्ष सतीश अग्रवाल, राकेश धृतलहरे, प्रेम ठाकुर, गिरधारी गवेल, पार्षद हरेराम चन्द्रा, राधे राठौर पार्षद, कमलेश नायडू, किशोर शर्मा, गौरव बेनर्जी, अभय जायसवाल, बबलू अंसारी, कन्हैया यादव, तजमल खान, सहित भाजपा के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

  • नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन द्वारा नन्दकिशोर गौतम व अमित साहू को नागरिक सुरक्षा सेवा सम्मान से सम्मानित किया…

    नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन द्वारा नन्दकिशोर गौतम व अमित साहू को नागरिक सुरक्षा सेवा सम्मान से सम्मानित किया…


    रायगढ़। नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन के संस्थापक श्याम कुमार गुप्ता के द्वारा प्रदेश भर में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस,डाक्टर्स, नर्स, पत्रकार व समाजसेवी संगठन को प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह व गमछा भेंट कर सम्मानित किया जा रहा है।
    इसी क्रम में स्वतंत्रता दिवस के 75 वर्षगांठ के अवसर पर खरसिया क्षेत्र से कोविड 19 में अपनी परवाह किए बगैर सामाज के लिए खरसिया अंचल में बेहतरीन सेवा कार्य हेतु खरसिया चौकी प्रभारी नन्दकिशोर गौतम व पत्रकार,समाजसेवी अमित साहू को नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन के संस्थापक श्याम कुमार गुप्ता,राष्ट्रीय युवा सचिव हिमांशु चौहान,अविनाश गुप्ता के द्वारा नागरिक सुरक्षा सेवा सम्मान से सम्मानित किया।


    कोरोना काल मे जहाँ देश ने अपने को घर मे कैद कर लिया वहीँ इस महामारी ने लोगो के जीवन मे बहुत सारी दुख परेशानी से जीने को मजबूर कर दिया था। वही कुछ फरिश्ते के दूत जैसे नन्दकिशोर गौतम,अमित साहू व अन्य समाजसेवियों ने अपना सेवा कार्य देकर जरूरतमन्दों की सेवा की व उनका विशेष उत्कृष्ट कार्य रहा। जिसे नागरिक सुरक्षा सेवा संगठन ने नागरिक सुरक्षा सेवा सम्मान से सम्मानित कर प्रोत्साहित किया ।

  • खरसिया में आन बान शान से लहराया तिरंगा, जगह जगह हुआ ध्वजारोहण…

    खरसिया में आन बान शान से लहराया तिरंगा, जगह जगह हुआ ध्वजारोहण…

    खरसिया। राष्ट्रीय पर्व 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के 75 वीं जयंती के शुभ अवसर पर खरसिया सहित संपूर्ण विकासखंड के शैक्षणिक परिसरों एवं शासकीय कार्यालयों में आन बान शान के साथ तिरंगा फहराकर आजादी का पर्व मनाया गया।

    इस दौरान विभिन्न स्थानों में जहां जनप्रतिनिधियों ने ध्वजारोहण किया वहीं अधिकाश शासकीय कार्यालयों में विभाग प्रमुखो द्वारा ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता दिवस का पर्व मनाया गया।


    विदित हो कि 14 एवं 15 अगस्त 1947 की मध्य रात्रि को हमारा देश सैंकड़ों वर्षों की दासता से मुक्त हुआ था, तब से लेकर आज तक इस दिन को राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाता है। इस दिन पूरे भारत में उत्सव सा माहौल रहता है, खरसिया नगर में भी आजादी का यह पर्व बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जगह जगह ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान किया गया।

    इसी क्रम में खरसिया विकासखंड मुख्यालय तहसील कार्यालय परिसर में एसड़ीएम अभिषेक गुप्ता, एसड़ीओपी कार्यालय तथा पुलिस थाना में नगर निरीक्षक एसआर साहू, पुलिस चौकी में एसआई नंद किशोर गौतम, विद्युत विभाग में मदनलाल नायक, सिविल अस्पताल में ड़ॉ दिलेश्वर पटेल, नगर पालिका में नगरपालिका अध्यक्षा तो बालमंदिर में मुख्य नगरपालिका अधिकारी टामसन रात्रे सहित पुलिस अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय, लोक निर्माण विश्राम गृह, वन परिक्षेत्र कार्यालय, में विभाग प्रमुखों के द्वारा ध्वजारोहण किया गया, तथा राष्ट्रगान का गान किया गया।

  • जीपी बंजारे बने खरसिया चौंकी प्रभारी…

    जीपी बंजारे बने खरसिया चौंकी प्रभारी…

    खरसिया। खरसिया पुलिस चौंकी में उप निरीक्षक गंगाप्रसाद बंजारे ने चौंकी प्रभारी के रूप में पदभार संभाल लिया है। जीपी बंजारे इससे पूर्व सहायक उप निरीक्षक के रूप में खरसिया पुलिस थाना में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। चौंकी प्रभारी खरसिया में पदस्थापना के पूर्व जीपी बंजारे लैलूंगा थाने में पदस्थ थे।

    मीड़िया से चर्चा करते हुये नव पदस्थ चौंकी प्रभारी ने कहा की खरसिया मेरे लिये नयी जगह नहीं हैै, यहां आम जनता के सहयोग से उनके साथ मधुर संबंध बना कर कानून के प्रति व्याप्त भ्रम को दूर करना, पुराने लंबित प्रकरणों का निराकरण करने के साथ साथ वरिष्ठ अधिकारीयों के मार्गदर्शन पर कार्य करते हुये अपराध तथा अपराधियों पर अंकुश लगाकर पूरे क्षेत्र में कानून व्यवस्था और पुलिस के प्रति विश्वास पैदा करना मेरी प्राथमिकता रहेगी साथ ही जुआ, सट्टा, शराबखोरी जैसी सामाजिक बुराईयों को भी बहुत शिद्दत के साथ समाप्त किया जायेगा।

  • अपने बच्चों पर नजर रखिए, कहीं वे ऑनलाइन गेम या जुआ तो नहीं खेल रहे…

    अपने बच्चों पर नजर रखिए, कहीं वे ऑनलाइन गेम या जुआ तो नहीं खेल रहे…

    यदि अपने बच्चों को सुरक्षित रखना चाहते हैं तो उन पर नजर रखिए, कहीं वे ऑनलाइन गेम या जुआ तो नहीं खेल रहे हैं। एक समय वह भी था जब बच्चों को घर से बाहर खेलने जाने के लिए मना किया जाता था। दिनभर घर से बाहर रहकर खेलने के लिए उन्हें डांट भी पड़ती थी पर अब समय बदल गया है।

    अब हालात ऐसे हो गए हैं कि बच्चे खेलने के लिए घर से बाहर ही नहीं निकल रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण ऑनलाइन वीडियो गेम और स्मार्टफोन हैं। वीडियो गेम खेलने वाले स्मार्टफोन 7-8 हजार रुपए तक आसानी से मिल रहे हैं। वहीं गूगल प्ले-स्टोर पर मुफ्त मोबाइल गेम भी मिल जाते हैं। दरअसल, ऑनलाइन वीडियो गेमिंग का बाजार बहुत ही तेजी से बढ़ रहा है। इसी के साथ इसके दुष्परिणाम भी बढ़ रहे हैं। कई वीडियो गेम्स बच्चों के लिए बेहद ही खतरनाक साबित हो रहे हैं। आइए जानते हैं गेम्स के बारे में जो बच्चों पर नकारात्मक प्रभाव डाल रहे हैं, उन्हें हिंसक बना रहे हैं और यहां तक की जान देने के लिए भी उकसा रहे हैं।

    खतरनाक है ये ऑनलाइन गेम्स
    फ्री फायर-फ्री फायर ने मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना सागर रोड निवासी डॉ. बुंदेला के पास दीपक पैथोलॉजी के संचालक विवेक पांडेय के 13 वर्षीय पुत्र ने 40 हजार की रकम हारने से घर मे फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कृष्णा उर्फ राजा ने हिंदी और इंग्लिश में सुसाइड नोट लिखा था। बताया था वह डिप्रेशन में था। यह घटना लोगों के लिए एक सबक है। ऐसी ही कई घटनाएं छत्तीसगढ़ में हुई जिसमें बच्चे गेम में फंसकर ठगी के शिकार भी हुए।

    ब्लू व्हेल : ब्लू व्हेल गेम में टास्क पूरा करने के लिए कई बच्चों ने आत्महत्या की। देश में 2017 में इसकी वजह से 100 बच्चों ने मौत को गले लगा लिया। यह गेम गूगल प्ले-स्टोर या एपल के एप स्टोर पर नहीं था, बल्कि इसे इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिंक के जरिए डाउनलोड कराया जा रहा।

    पब्जी मोबाइल : प्लेयर्स अननोन बैटल ग्राउंड के नाम से मशहूर इस गेम के बारे में डॉक्टर राजीव क्षेत्रपाल का कहना है कि यह गेम युवाओं को मानसिक रूप से बीमार बना रहा है। गेम को खेलने के बाद बच्चों में हिंसक प्रवृति भी पनप रही है। मई में मध्यप्रदेश में पबजी गेम में हार जाने के बाद एक 16 साल के बच्चे की मौत हार्ट अटैक से हो गई थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि वह पिछले 6 घंटे से पबजी खेल रहा था।

    ऐसे पहचानें बच्चों की लत

    • यदि बच्चे की दिनचर्या में बदलाव नजर आए। उसका पूरा कामकाज पबजी के इर्द-गिर्द ही दिखाई देने लगे तो समझिए वह इस खेल की गिरफ्त में जा रहा है।
    • उसका स्वभाव आक्रामक और गुस्सैल हो सकता है। पबजी खेलने से रोकने पर वह हिंसक हो उठता है या गाली-गलौज भी कर सकता है।
    • इस खेल की लत में आया बच्चा आमतौर पर गुमसुम दिखाई देता है। उसकी याददाश्त में कमी आना, बात बिगड़ने के संकेत हैं।

    पैरेंट्स सामान्य मान रहे हैं, ताे उनकी भूल है
    मनोचिकित्सक डॉ राजेश शुक्ला के अनुसार बच्चों के मां-बाप इस आदत पर लगाम लगाने में खुद को असहाय पा रहे हैं। यह सिर्फ खर्च की बात नहीं है, बल्कि बच्चों के दिमाग पर जो इस खेल का असर हो रहा है, वह आगे जाकर जानलेवा हो सकता है। यदि पैरेंट्स इसे सामान्य मान रहे हैं, तो ये उनकी भूल है।

  • Alien चाहें तो मूंगफली की तरह तोड़ सकते हैं पृथ्वी, UFO एक्सपर्ट का सनसनीखेज दावा !

    Alien चाहें तो मूंगफली की तरह तोड़ सकते हैं पृथ्वी, UFO एक्सपर्ट का सनसनीखेज दावा !

    हॉलीवुड की साइंस फिक्शंस (Science Fiction) को देखकर हम भी कई बार ये मान बैठते हैं कि Aliens धरती पर आएंगे और इंसानों से उनकी लड़ाई में हम जीत जाएंगे और एलियंस (Aliens and Human War) चुपचाप लौट जाएंगे. हालांकि UFO Expert की मानें तो ये ख्याल हमें अपने दिमाग से निकाल देना चाहिए, क्योंकि दूसरे ग्रह से आने वाले ये प्राणी विज्ञान और तकनीक में हमसे सैकड़ों साल ( Aliens have advanced technology) आगे हो सकते हैं.




    Nick Pope ने दावा किया है कि इंसान और एलियंस के बीच की लड़ाई (Aliens and Human War) कभी भी हमारे हित में नहीं होगी क्योंकि एलियंस इंसानों को रौंद डालेंगे (Aliens can Crush Humans) और हमारे खूबसूरत ग्रह को वो चुटकियों में तबाह कर सकते हैं. उनकी ताकत इतनी है कि वो पृथ्वी को मूंगफली (Aliens could crack Earth) की तरह तोड़कर फेंक सकते हैं. आपको बता दें कि ये दावा करने वाले नाइक पोप अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की UFO Investigation Team का हिस्सा रह चुके हैं.





    Aliens से डरना ज़रूरी है
    नाइक पोप का कहना है कि दूसरे ग्रह पर रहने वाले प्राणियों से हमें खतरा इसलिए है, क्योंकि उनके हथियार और तकनीक हमसे करोड़ों साल आगे है. उनका दावा है कि इतनी आगे की टेक्नॉलजी इस्तेमाल करने वाले उनके हथियार हमारे लिए किसी जादू सरीखे होंगे, जिनका सामना करना बेहद मुश्किल होगा. उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा है कि हम सभी जानते हैं कि ब्रह्मांड लगभग 14 अरब साल पुराना है. ऐसे में कुछ सभ्यताएं ऐसी भी होंगी, जो हमसे एक या दो अरब साल पहले शुरू हुई होंगी. अब सोचिए अगर हमने पिछले 2 या 3 सौ साल में बैलगाड़ी से अंतरिक्ष तक का सफर तय कर लिया है, तो जो सभ्यता हमसे अरबों साल पुरानी है, वो कहां पहुंच चुकी होगी?

    धरती को मूंगफल की तरह चिटका देंगे Alien
    UFO प्रोफेसर नाइक पोप ने आगे ये भी कहा है कि जो सभ्यता ब्रह्मांड में पहले मौजूद है, वहां लोग भी हमसे ज्यादा हो सकते हैं. ये कोई 20 या 30 साल आगे की तकनीक लेकर नहीं चल रहे होंगे, वो हमसे लाखों, करोड़ों साल आगे होंगे. पोप के इस डरावने खुलासे में ये भी कहा गया है कि जो उनकी तकनीक और विज्ञान होगा, वो हमारे लिए सिर्फ जादू लगेगा. उनका कहना है कि हमने जो आज ढूंढा है, उसे वो 75 हजार साल पहले ही खोज चुके होंगे. ऐसी तकनीक के लिए हमारे ग्रह पर आकर इसे किसी मूंगफली की तरह तोड़ देना कितना आसान होगा !

  • वैवाहिक बलात्कार तलाक का दावा करने का एक अच्छा आधार हो सकता है : केरल उच्च न्यायालय

    वैवाहिक बलात्कार तलाक का दावा करने का एक अच्छा आधार हो सकता है : केरल उच्च न्यायालय

    न्यायमूर्ति ए. मोहम्मद मुस्तक़ और न्यायमूर्ति के. एडप्पागथ की खंडपीठ ने फैसला सुनाया क्योंकि इसने पति द्वारा दायर एक अपील को खारिज कर दिया, जिसमें एक पारिवारिक अदालत के फैसले को क्रूरता के आधार पर तलाक देने के फैसले को चुनौती दी गई थी और दाम्पत्य की बहाली के लिए एक याचिका को खारिज कर दिया गया था। अधिकार।

    जबकि फैमिली कोर्ट ने तलाक देते हुए कहा कि पति अक्सर अपनी पत्नी को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के अलावा अपने ससुर से वित्तीय सहायता मांगता है, उच्च न्यायालय एक कदम आगे चला गया।

    इसने फैसला सुनाया कि “पत्नी की स्वायत्तता की अवहेलना करने वाला पति का अनैतिक स्वभाव वैवाहिक बलात्कार है, हालांकि इस तरह के आचरण को दंडित नहीं किया जा सकता है, यह शारीरिक और मानसिक क्रूरता के दायरे में आता है … केवल इस कारण से कि कानून वैवाहिक बलात्कार को मान्यता नहीं देता है। दंडात्मक कानून, यह अदालत को तलाक देने के लिए क्रूरता के रूप में इसे पहचानने से नहीं रोकता है। इसलिए, हमारा विचार है कि वैवाहिक बलात्कार तलाक का दावा करने का एक अच्छा आधार है।”

    पीठ ने यह भी कहा कि वैवाहिक बलात्कार भारतीय कानून के तहत एक आपराधिक अपराध नहीं है, लेकिन यह क्रूरता की श्रेणी में आता है और इसलिए पत्नी को तलाक का अधिकार मिल सकता है।

    यह भी नोट किया गया कि पति के “धन और सेक्स के लिए अतृप्त इच्छा” ने प्रतिवादी को तलाक का निर्णय लेने के लिए मजबूर किया था।

    “अपीलकर्ता के अनैतिक और दुराचारी आचरण को सामान्य वैवाहिक जीवन का हिस्सा नहीं माना जा सकता है। इसलिए, हमें यह मानने में कोई कठिनाई नहीं है कि पति या पत्नी के धन और लिंग के लिए अतृप्त इच्छा भी क्रूरता होगी, ”अदालत ने फैसला सुनाया क्योंकि उसने पारिवारिक अदालत द्वारा दिए गए तलाक को बरकरार रखा था।

  • स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने दिया इस्तीफा? प्रदेश में मचा हड़कंप…. सिंहदेव कार्यालय से बयान जारी…जानिए सच

    स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने दिया इस्तीफा? प्रदेश में मचा हड़कंप…. सिंहदेव कार्यालय से बयान जारी…जानिए सच

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के इस्तीफे की खबर वायरल हो गयी है। सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रही खबरों को लेकर हालांकि स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के आफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप में खंडन किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के अपने पद से इस्तीफा देने की खबर एक नेशनल न्यूज चैनल में प्रसारित होने के चंद मिनटों में ही प्रदेश में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में मंत्री सिंहदेव की ओर से इस खबर खंडन जारी किया गया है। 

    टीएस सिंहदेव की कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के अपने पद से इस्तीफा देने की खबर केवल पूर्णतः असत्य और निराधार है। टीएस सिंहदेव के विरुद्ध यह अफवाह फैलाई जा रही है। सभी से निवेदन है कि ऐसी झूठी खबरों पर ध्यान न दें। एक नेशनल चैनल ने इस बाबत खबर प्रसारित की थी कि मुख्यमंत्री नहीं बनाने से नाराज स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने अपना इस्तीफा दे दिया है। मामले ने इसलिए ज्यादा सच्चाई लोगों को लगी क्योंकि अभी फिलहाल स्वास्थ्य मंत्री सिंहेदव दिल्ली में ही है। 

    तेजी से वायरल हो रही खबरों में ये दावा किया जा रहा है कि ढ़ाई साल बाद मुख्यमंत्री नहीं बनाये जाने से टीएस सिंहदेव ने नाराज हैं और उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया है। स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव की तरफ से बताया गया है कि माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री टीएस सिंहदेव द्वारा अपने पद से इस्तीफा देने की खबर केवल पूर्णतः असत्य और निराधार है। श्री टीएस सिंहदेव जी के विरुद्ध यह अफवाह फैलाई जा रही है, अतः आप सभी से निवेदन है कि ऐसी खबरों पर ध्यान न दें।