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  • डॉ रितिका अग्रवाल प्रथम प्रयास में ही एमडी के लिए हुई चयनित…

    डॉ रितिका अग्रवाल प्रथम प्रयास में ही एमडी के लिए हुई चयनित…

     खरसिया की गौरव रितिका को क्षेत्र के लोगों ने दी बधाई,परिवार हुआ गौरवान्वित 

    खरसिया। खरसिया की होनहार बेटी डॉ रितिका अग्रवाल ने अपने प्रथम प्रयास में ही ऑल इंडिया नीट पी जी मैं 11245 रैंक प्राप्त कर एमडी एनेस्थीसिया के लिए चयनित हुई है उनको छत्तीसगढ़ स्टेट में 95 रैंक हासिल हुआ है जिससे क्षेत्र व परिवार गौरवान्वित है। खरसिया के व्यवसायी निशा राजेश कुमार अग्रवाल की सुपुत्री रितिका अग्रवाल प्रारंभ से ही मेधावी रही हैं सन 2013-14 में नीट की परीक्षा देकर एमबीबीएस के लिए चयनित हुई और एमबीबीएस की पढ़ाई सिम्स मेडिकल कॉलेज बिलासपुर से किया। नीट की परीक्षा में उनका स्टेट में 224 रैंक रहा एमबीबीएस की पढ़ाई करने के बाद उन्होंने नीट पीजी की परीक्षा की तैयारी की और ऑल इंडिया 11245रैंक मिला और प्रथम काउंसलिंग में ही उन्हें एमडी एनेस्थीसिया के लिए सीट प्राप्त हो गई। डॉक्टर रितिका अग्रवाल को स्टेट काउंसलिंग में राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में एम एस आई स्पेशलिस्ट हेतु सीट मिली है। रितिका की इस उपलब्धि पर क्षेत्र व परिवार के लोग गौरवान्वित हैं। रितिका का बचपन से ही सपना था कि वे आम लोगों की सेवा कर सके इसके लिए उन्होंने चिकित्सा का क्षेत्र चुना और इसके लिए कड़ी मेहनत कर सफलता हासिल की है। रितिका ने बताया कि उनके पढ़ाई के लिए माता पिता के साथ साथ भाई बहन से सदैव प्रोत्साहन मिला है।

    रितिका की बड़ी बहन रिचा अग्रवाल,भाई निखिल अग्रवाल दोनों ही काफी होनहार है। रिचा जयपुर से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करने के बाद कनाडा के टोरंटो शहर में उच्च पद पर सेवा दे रही हैं इसी प्रकार निखिल ने सन 2009 में जेईई एडवांस की परीक्षा में ऑल इंडिया मैं 2200 रैंक लाकर खरसिया के प्रथम आईआईटियन होने का गौरव प्राप्त किया।

    निखिल आईआईटी खड़कपुर से इंडस्ट्रियल इंजीनियर में शिक्षा प्राप्त किया,साथ ही कनाडा से एनर्जी सेक्टर में विशेष योग्यता हासिल की है। निखिल भारत में सस्ती एनर्जी किस तरह प्राप्त हो इसके लिए प्रयासरत हैं। खरसिया के इन होनहारों से अन्य बच्चों को भी प्रेरणा मिल रही है। डॉक्टर रितिका अग्रवाल ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय गुरुजनों के साथ-साथ परिवार व समाज के जागरूक लोगों को देती हैं। उनका मानना है कि वह हमेशा सेवाभावी बने रहें। डॉ रितिका को इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों ने खुशी जाहिर करते हुए उन्हें बधाई दी है।

  • आईजी रतनलाल डांगी ने छुट्टी से लौटते ही राजपत्रित अधिकारी सहित सभी थाना प्रभारियों की ली क्लास, बोले- बदमाशों को करें शॉर्ट लिस्टेड, क्रिमिनल्स में बनाओ खौफ…

    आईजी रतनलाल डांगी ने छुट्टी से लौटते ही राजपत्रित अधिकारी सहित सभी थाना प्रभारियों की ली क्लास, बोले- बदमाशों को करें शॉर्ट लिस्टेड, क्रिमिनल्स में बनाओ खौफ…

    बिलासपुर। बिलासपुर रेंज आईजी रतनलाल डांगी निजी कारणों से एक सप्ताह के अवकाश पर थे जिसके बाद आज लौटते ही सीधे बिलासगुड़ी पहुंचे जहां पर उन्होंने सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली इस दौरान आईजी डांगी बिल्कुल एक्शन में दिखाई दिए.

    आईजी ने बिलासगुड़ी में सभी थाना प्रभारियों को दो टूक निर्देश दिया कि सभी थाना प्रभारी आपस मे समन्वय के साथ काम करेंगे एक थाने में घटित घटना की जानकारी दूसरे थाने के संबंधित अधिकारी से बात कर तत्काल इसका निराकरण करें

    आईजी ने इस दौरान सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं टीआई के छुट्टी के दौरान थाना के प्रभारी या मुंशी इलाके में घटी घटना की जानकारी तत्काल व्हाट्सअप के माध्यम से थाना प्रभारी को अवगत कराएंगे इसके अलावा जो भी फरियादी आये उसके मामले का तत्काल निराकरण करें

    आईजी डांगी ने इस दौरान जिले में घटी छोटी बड़ी घटनाओं की भी जानकारी ली साथ ही उन्होने केस पर तत्काल काम करते हुए उसके निराकरण करने बात भी कही

    बदमाशों की सूची तैयार करें और हर थानेदार अपने-अपने क्षेत्र में पेट्रोलिंग कर अपराधियों की धड़पकड़ करें. यहां तक पुलिस आमजनता के बेहतर सम्बन्ध रखकर अपराधियों के मन में खौफ पैदा करें, ताकि कोई भी अपराधी घटना को अंजाम देने से पहले सोचे.

    इधर उन्होंने अंत में राजपत्रित अधिकारियों और थानेदारों को भी दिशा निर्देश देकर फटकार लगाई. मीटिंग में जिले की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पारुल माथुर ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर उमेश कश्यप, गरिमा द्विवेदी, सीएसपी स्नहेहिल साहू ,एसडीओपी कोटा अरोरा और जिले के समस्त थाना प्रभारी उपस्थित रहे.

  • देश भर में ख़त्म हो जाएगा टोल प्लाज़ा पर FastTag, अब केवल गाड़ी इलाक़ा छोड़ते ही बैंक से कट जाएगा पैसा…

    देश भर में ख़त्म हो जाएगा टोल प्लाज़ा पर FastTag, अब केवल गाड़ी इलाक़ा छोड़ते ही बैंक से कट जाएगा पैसा…

    देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहनों से फास्टैग के जरिए टोल टैक्स वसूलने की व्यवस्था जल्द ही खत्म की जा सकती है। दरअसल, संसद की स्थायी समिति ने टोल टैक्स वसूलने के लिए देश के लाखों वाहनों में लगाए गए फास्टैग को हटाने की सिफारिश करते हुए राजमार्गों पर टोल टैक्स वसूलने की प्रणाली को इस तरह से डिजाइन करने की सिफारिश की है ताकि जीपीएस के जरिए सीधे बैंक खातों से ही यह राशि ली जा सके।

    परिवहन, पर्यटन और संस्कृति संबंधी संसदीय स्थायी समिति का यह मानना है कि जीपीएस के जरिए सीधे बैंक खातों से टोल टैक्स वसूलने की इस व्यवस्था से उन लोगों को बहुत फायदा होगा जो फास्टैग ऑनलाइन रिचार्ज कराने की तकनीक से अच्छी तरह वाकिफ नहीं है। समिति का यह भी मानना है कि इस सिस्टम को देश भर में लागू करने से टोल बूथों पर लोगों को होने वाली देरी को समाप्त करने में मदद मिलेगी, ईंधन खर्च में भी बचत होगी और इसके साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा में लगने वाले समय को भी कम किया जा सकेगा।

    ‘राष्ट्र निर्माण में राजमार्गों की भूमिका’ पर संसद में रिपोर्ट पेश करते हुए देश में जीपीएस आधारित टोलिंग शुरू करने के संबंध में मंत्रालय द्वारा की जा रही पहल की सराहना करते हुए संसदीय समिति ने कहा कि इससे राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा बनाने के लिए बुनियादी ढांचा नहीं बनाना पड़ेगा।

    सरकार ने संसदीय समिति के सुझाव पर अमल करने का आश्वासन देते हुए यह जानकारी दी है कि एनएचएआई परामर्शदाता की पहचान करने की प्रक्रिया में है जो सैटेलाइट आधारित टोलिंग के कार्यान्वयन के लिए रोडमैप तैयार करेगा ताकि संसदीय समिति की सिफारिश के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करने वाले लोगों को लाभ पहुंचाया जा सके।

    दरअसल, टोल प्लाजा पर गाड़ियों की लंबी कतार को कम करने के लिए फास्टैग व्यवस्था की शुरूआत की गई थी जिससे गाड़ियां का टोल टैक्स फास्टैग के जरिए ही कट जाया करता है और गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ती है लेकिन अब इसमें आ रही कई तरह की दिक्कतों को देखते हुए ही संसदीय समिति ने जीपीएस आधारित टोल व्यवस्था की शुरूआत करने की सिफारिश की है।

  • अब आपको भी लेना होगा अपनी जमीन का आधार नंबर… जाने ये कैसे मिलेगा….

    अब आपको भी लेना होगा अपनी जमीन का आधार नंबर… जाने ये कैसे मिलेगा….

    देश के नागरिकों के आधार कार्ड की तरह अब आपकी जमीनों का भी आधार नंबर (Aadhaar Number) जारी किया जायेगा. केंद्र सरकार इसकी तैयारी कर रही है. बताया जा रहा है कि वन नेशन, वन रजिस्ट्रेशन यानी एक राष्ट्र एक पंजीकरण (One Nation, One Registration Programme) कार्यक्रम के तहत केंद्र सरकार (Central government) जमीनों के लिए विशिष्ट पंजीकरण संख्या (Unique registered number for lands) जारी करेगी.

     इसके लिए IP बेस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाएगा. जमीनों के कागज की मदद से उनके रिकॉर्ड को डिजिटली रिकॉर्ड रखा जाएगा.

    आईपी बेस्ड टेक्नोलॉजी की मदद लेगी सरकार

    मंगलवार को संसद में पेश किये गये आम बजट 2022 (Union Budget 2022) में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने अपने बजट भाषण में कहा कि अब देश की जमीनों का भी डिजिटल रिकॉर्ड (Digital Land Record) तैयार किया जायेगा. आईपी बेस्ड टेक्नोलॉजी (IP Based Technology) की मदद से ऐसा किया जायेगा. निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा है कि मार्च 2023 तक देश भर में जमीन के रिकॉर्ड के डिजिटाइजेशन का लक्ष्य सरकार ने रखा है. उन्होंने कहा है कि जमीनों के कागजात के आधार पर ही डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जायेगा.

    डिजिटल लैंड रिकॉर्ड के होंगे कई फायदे

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि लैंड रिकॉर्ड को डिजिटाइज किये जाने के कई फायदे (Land Record Digitalisation Benefits) होंगे. बताया जा रहा है कि जमीनों को 3सी फॉर्मूले के तहत बांटा जायेगा, जिसका लाभ सभी लोगों को मिलेगा. बजट (Union Budget of India 2022) प्रस्ताव में कहा गया है कि इस कार्यक्रम से सारे रिकॉर्ड केंद्रीयकृत हो जायेंगे. एक क्लिक पर सारी जानकारी उपलब्ध हो जायेगी. सरकार ने जो कार्यक्रम तय किया है, उसके मुताबिक, अब आपकी जमीन का 14अंकों का एक यूएलपिन नंबर (ULPIN) यानी यूनिक नंबर जारी किया जायेगा.

    खरीदने-बेचने में नहीं होगी दिक्कत

    ULPIN नंबर के जरिए देश में कहीं भी जमीन खरीदने और बेचने में दिक्कत नहीं होगी. खरीदने और बेचने वाले की पूरी डिटेल सामने होंगे. अगर उस जमीन का आगे चलकर बंटवारा भी होता है तो उस जमीन का आधार नंबर अलग-अलग हो जाएगा. डिजिटल रिकॉर्ड होने की वजह से सबसे पहले जमीन के वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा. क्योंकि, जमीन की नपाई ड्रोन कैमरे से होगी, जिससे गलती की गुंजाइश न के बराबर होगी. डिजिटल रिकॉर्ड होने के बाद कोई भी व्यक्ति अपने शहर के कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर अपनी जमीन की जानकारी ले सकेगा. मौजूदा समय में देश में 140 मिलियन हेक्टेयर जमीन पर खेती हो रही है. 125 मिलियन हेक्टेयर जमीन को ठीक किया जा रहा है.

    एक क्लिक में देख पायेंगे लैंड रिकॉर्ड

    डिजिटल रिकॉर्ड तैयार हो जाने के बाद जमीन का रिकॉर्ड देखने के लिए भूमि एवं राजस्व विभाग के कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे. अपने आसपास के कॉमन सर्विस सेंटर में जाकर कोई भी व्यक्ति अपनी जमीन की जानकारी ले सकेगा. मौजूदा समय में देश में 140 मिलियन हेक्टेयर जमीन पर खेती हो रही है. 125 मिलियन हेक्टेयर जमीन को ठीक किया जा रहा है.

    2023 तक देश का लैंड रिकॉर्ड होगा डिजिटल

    केंद्र सरकार का लक्ष्य 2023 तक देशभर से लैंड रिकॉर्ड को डिजिटल करने का है. मार्च 2023 तक पूरे देश में जमीन का रिकॉर्ड डिजिटल करने का लक्ष्य रखा गया है. आने वाले दिनों में महज एक क्लिक पर आपके जमीन से संबंधित दस्तावेज आपके सामने होंगे. देश में कहीं भी किसी भी जगह पर आप अपनी जमीन से संबंधित जानकारी हासिल कर सकेंगे.

  • छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला : 5000 वर्ग फीट के प्लॉट में पार्किंग अनिवार्य, नियमितीकरण को लेकर यह है सरकार के दिशा निर्देश

    छत्तीसगढ़ कैबिनेट का बड़ा फैसला : 5000 वर्ग फीट के प्लॉट में पार्किंग अनिवार्य, नियमितीकरण को लेकर यह है सरकार के दिशा निर्देश

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक के दौरान नियमितीकरण को लेकर नया आदेश जारी किया गया।  मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ अनाधिकृत विकास का नियमितीकरण अध्यादेश 2005 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। इसके साथ ही इसके संशोधन प्रस्ताव को भी अनुमोदित कर दिया गया है। इसके तहत वर्ष 2011 से पहले और 2011 के बाद अनियमित निर्माण को नियमित करने का प्रावधान किया गया है।

    सीएम बघेल की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में बताया गया कि बिना नक्शा पारित कराए अथवा नक्शे से अधिक निर्माण वाले मकानों को निर्धारित शुल्क लेकर नियमितीकरण किया जाएगा। बैठक में 5000 हजार या इससे बड़े प्लाट पर मकान बनाने वालों के लिए पार्किंग अनिवार्य होगी। ऐसे भवन निर्माता यदि भवन में पार्किंग स्पेस नहीं बनाते हैं तो उन्हें 50 हजार रुपए से लेकर दो लाख रुपए तक का जुर्माना देना होगा। कैबिनेट की बैठक में बाद वन, आवास एवं परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने यह जानकारी दी है।

    यह हैं मंत्रीपरिषद् के अहम निर्णय

    अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों में उद्यमिता को बढ़ावा देने हेतु छत्तीसगढ़ राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। जिसके तहत अन्य पिछड़ा वर्ग के नागरिकों के लिए औद्योगिक क्षेत्रों में 10 प्रतिशत भूखण्ड आरक्षित किए जाएंगे जो कि भू-प्रीमियम दर के 10 प्रतिशत दर तथा एक प्रतिशत भू-भाटक की दर पर उपलब्ध होंगे।

    राज्य में धान उपार्जन के लिए बड़ी मात्रा में जूट बैग की आवश्यकता को देखते हुए राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत  जूट बैग निर्माण प्रोजेक्ट हेतु विशेष निवेश प्रोत्साहन पैकेज देने का निर्णय लिया गया। इससे प्रदेश में ही जूट बैग का निर्माण सहजता से हो सकेगा।

    छत्तीसगढ़ राज्य में वृहद, मेगा एवं अल्ट्रा मेगा उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य की औद्योगिक नीति 2019-24 के अंतर्गत इलेक्ट्रिक व्हीकल एवं लीथियम आयन बैटरीज क्षेत्र में विशेष प्रोत्साहन पैकेज देने का निर्णय लिया गया। इससे छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण का रास्ता खुलेगा।

    कौशल्या मातृत्व योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को दूसरी बालिका संतान के जन्म पर 5 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान करने योजना के क्रियान्वयन की अनुमति दी गई है।

    प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कोदो, कुटकी एवं रागी का प्राथमिक वनोपज सहकारी समिति के माध्यम से क्रय किया जाएगा।  पांचवी अनुसूची के तहत बस्तर एवं सरगुजा संभाग में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों में स्थानीय निवासियों को ही पात्रता दी जाएगी।

    नगर निगम और उनके निवेश क्षेत्र की संपत्तियों की गाईड लाईन दरों में 30 प्रतिशत के स्थान पर 10 प्रतिशत की छूट में वृद्धि करते हुए 40 प्रतिशत किए जाने का निर्णय लिया गया। इसी तरह पंजीयन शुल्क की दर 4 की जगह 5 प्रतिशत किए जाने का निर्णय लिया गया। यह छूट और वृद्धि विभागीय अधिसूचना जारी होने की तिथि से 31 मार्च 2022 तक प्रभावशील रहेगी।

    राजीव युवा मितान क्लब योजना को प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ अभिवहन (वनोपज) नियम-2001 में संशोधन के प्रारूप का अनुमोदन किया गया। स्वयं के स्वामित्व के बांस की समस्त प्रजातियों को अब सभी जिलों में परिवहन की अनुज्ञा पत्र की अनिवार्यता से मुक्त किया गया।

  • आर सी साहू ने संभाला सहायक अभियंता का पदभार…

    आर सी साहू ने संभाला सहायक अभियंता का पदभार…

    खरसिया। विद्युत विभाग खरसिया के सहायक अभियंता बलराम साहू केे अंबिकापुर स्थानांतरण के पश्चात बिलासपुर से आये राम चरण साहू को खरसिया विद्युत विभाग के सहायक अभियंता का पदभार दिया गया हैं।

    सहायक अभियंता आर सी साहू ने पदभार ग्रहण करने के बाद मीड़िया से चर्चा के दौरान बताया कि इससे पूर्व वे बिलासपुर में कनिष्ठ अभियंता के पद पर पदस्थ थे, वहां के नेहरू नगर कार्यालय में उन्होंने लगभग 4 वर्ष तक कार्य किया, इसके पश्चात उन्हे खरसिया के सहायक अभियंता की कमान सौंपी गयी है। उन्होंने बताया कि नगरवासियों के साथ मिलकर नगर की विद्युत संबंधित समस्याओं का निपटारा किया जायेगा, तथा लाइन लॉस में कमी, बकाया राशि की वसूली के साथ साथ मीटर रीड़रों के ढुलमुल रवैये पर नकेल कसते हुये उनकी कार्यप्रणाली में सुधार किया जायेगा जिससे उपभोक्ताओं को रीड़िंग तथा विद्युत संबंधित अन्य समस्याओं से निजात मिल सके।

  • पूर्व IPS के घर पर खजाना! 600 लॉकर पर IT रेड, अब तक 3 करोड़ रुपये बरामद…

    पूर्व IPS के घर पर खजाना! 600 लॉकर पर IT रेड, अब तक 3 करोड़ रुपये बरामद…

    नोएडा में पूर्व आईपीएस आरएन सिंह के घर पर आयकर विभाग ने छापेमारी की है. घर के बेसमेंट में आरएन सिंह की पत्नी और बेटा लॉकर फर्म चलाते हैं. बेसमेंट में करीब 600 लॉकर हैं, जिसमें से अब तक करीब 3 करोड़ रुपये बरामद हुए हैं.पूर्व आईपीएस अफसर राम नारायण सिंह यानी आरएन सिंह के नोएडा स्थित घर पर पिछले 3 दिन से इनकम टैक्स विभाग की टीम इस बंगले पर डेरा डाले हुए है. सेक्टर 50 के बंगला नंबर-A6 पर अधिकारियों की टीम लगातार लॉकर खंगाल रही है. इस बंगले के अंदर करीब 600 लॉकर हैं, जिसे आयकर विभाग की टीम खंगाल रही है.

    दरसअल, ये बंगला यूपी पुलिस में डीजी अभियोजन रह चुके 1983 बैच के रिटायर्ड आईपीएस राम नारायण सिंह का है. इस बंगले के बेसमेंट में राम नारायण सिंह की पत्नी और बेटा मानसम वॉलेट्स के नाम से लॉकर्स किराए पर देते हैं. उत्तर प्रदेश के उच्च पद पर तैनात रहे एक अन्य पूर्व आईपीएस के लॉकर भी यहां से मिले हैं. पिछले पांच साल से इस सेफ्टी वॉल्ट में लॉकर किराये पर देने का काम किया जा रहा है. इस कोठी नंबर A6 में पूर्व आईपीएस अधिकारी की पत्नी और बेटे के नाम पर निजी तौर पर प्राइवेट लॉकर किराए पर देने का काम किया जाता है. आईपीएस अधिकारी का कहना है कि यह उनका पुश्तैनी काम है.

    इन्हीं में से किसी लॉकर में अघोषित 20 लाख की नकदी होने की जानकारी आयकर विभाग को मिली थी. इसके बाद टीम ने इनके लॉकर की जांच के लिए छापेमारी शुरू की. इनकम टैक्स विभाग के सूत्रों के मुताबिक, बेसमेंट में करीब 600 से ज्यादा प्राइवेट लॉकर्स बने हुए हैं, जिन्हें पिछले रविवार से इनकम टैक्स विभाग की टीम लगातार सर्च कर रही है.


    आयकर विभाग की टीम ने अब तक 3 से 4 बेनामी लॉकर्स को कटर से कटवाया है. इन लॉकर्स में 3 करोड़ रुपये से ज्यादा का कैश बरामद हुआ है, जिनमें एक लॉकर से करीब ढाई करोड़ और बाकी 3 लॉकर्स से 30 से 40 लाख रुपये कैश मिले हैं. कुछ और बेनामी लॉकर्स को खोले जाने का काम किया जा रहा है.

    आधिकारिक सूत्रों की माने तो कई लॉकरों में नगदी के अलावा आभूषण मिले हैं. जांच के दौरान इन लॉकर्स के रखरखाव में कुछ यहां अनियमितताएं भी मिली हैं. मसलन, यहां लॉकर लेने वालों के केवाईसी नहीं मिले, जिन लॉकरों में सामान मिला है, उनके मालिकों से जानकारी ली गई है.

  • शराब पीकर बाइक चलाते पकड़े गए युवक पर ₹17,500 का अर्थदंड, वाहन चेकिंग दौरान बिना लायसेंस, शराब पिए हुए बिना नम्बर की वाहन के साथ मिला था युवक…..

    शराब पीकर बाइक चलाते पकड़े गए युवक पर ₹17,500 का अर्थदंड, वाहन चेकिंग दौरान बिना लायसेंस, शराब पिए हुए बिना नम्बर की वाहन के साथ मिला था युवक…..

    युवक के विरूद्ध चौकी प्रभारी खरसिया जेएफएफसी खरसिया न्यायालय में पेश किए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत इस्तगासा…..

    खरसियासड़क दुर्घटना में प्रमुख कारण तेज गति एवं शराब पीकर वाहन चलाना देखा जा रहा है । नये मोटर व्हीकल एक्ट के तहत शराब पीकर वाहन चलाते पकड़े गये चालकों को 10,000 रूपये के जुर्माना के साथ 06 माह के कारावास की सजा का प्रावधान है । जिला पुलिस द्वारा मोटर व्हीकल एक्ट की कार्रवाई दौरान विशेष तौर पर शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरूद्ध इस्तागासा न्यायालय प्रस्तुत किये जा रहे हैं । इसी क्रम में दिनांक 22/01/2022 के शाम चौकी प्रभारी खरसिया उपनिरीक्षक नंद किशोर गौतम अपने स्टाफ के साथ रायगढ़ चौक, खरसिया पर वाहनों की जांच की जा रही थी । इसी दरमियान दो अपाचे मोटरसाइकिल पर दो युवक तेज गति से खरसिया की ओर आते दिखे जिन्हें स्टाफ द्वारा रूकने का संकेत दिया गया किन्तु दोनों युवक नहीं रूके और तेज गति से आगे भागने लगे । चौकी प्रभारी द्वारा अपने स्टाफ को युवकों के मोटरसाइकिल का नंबर पता करने कहा गया ।

    आरक्षक द्वारा युवकों का पीछाकर एक युवक को रोककर चौकी प्रभारी के समक्ष उपस्थित किए जिससे पूछताछ करने पर युवक अपना नाम सूर्या कुर्रे निवासी अकलतरा एवं एसकेएस फैक्ट्री में काम करना बताया । युवक शराब के नशे में था और स्टाफ से हुज्जतबाजी कर रहा था । चौकी प्रभारी द्वारा युवक को शराब पीकर वाहन न चलाने की समझाइश दिए और उसका सिविल अस्पताल खरसिया में मुलाहिजा कराकर मुलाहिजा रिपोर्ट के साथ दिनांक 24/01/2022 को जेएमएफसी खरसिया के लिए न्यायालय में धारा 185, 3/181, 132/177, 39/192 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत इस्तगासा पेश किया गया । माननीय न्यायालय द्वारा युवक सूर्या कुर्र पर पुलिस अधिकारी के द्वारा रोके जाने पर वाहन नहीं रोकना, बिना नम्बर, बिना लायसेंस, शराब पीकर वाहन चलाना पाये जाने पर एमव्ही एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत ₹17,500 का अर्थदंड किया गया है ।

  • कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों का सहारा बनी खरसिया पुलिस…चौकी प्रभारी गश्त दौरान जरूरतमंदों को बांट रहे कम्बल व गर्म कपड़े….

    कड़ाके की ठंड में जरूरतमंदों का सहारा बनी खरसिया पुलिस…चौकी प्रभारी गश्त दौरान जरूरतमंदों को बांट रहे कम्बल व गर्म कपड़े….

    खरसिया। कानून व्यवस्था व अपराध नियंत्रण का जिम्मा संभालने वाली पुलिस सामाजिक सरोकार निभाते हुए इस हाड़ कपा देनी वाली ठंड में चौकी खरसिया स्टाफ द्वारा रात्रि गश्त दौरान बेसहरा व जरूरतमंदों में कम्बल व गर्म कपड़ों का वितरण किया जा रहा है । चौकी प्रभारी खरसिया उप निरीक्षक नंद किशोर गौतम एवं उनके स्टाफ द्वारा स्थानीय फर्म- कृष्णा कलेक्शन के सहयोग से प्राप्त कम्बल व गर्म कपड़ों को पिछले करीब 20-25 दिनों से लगातार गश्त दौरान रेल्वे स्टेशन, चौक-चौराहों पर बेसहरा लोगों में वितरण किया जा रहा है ।

    चौकी प्रभारी ने बताया कि न केवल जरूरतमंद बल्कि जो भी असहाय दिखता है उसे कम्बल वितरण करते है, कई बाद रेल्वे स्टोशन पर बिना गर्म कपड़ों के ट्रेन का इंतजार करते समर्थ व्यक्तियों ने भी पुलिस को कम्बल बांटते देख कम्बल मांगकर उपयोग किये । वैसे मौसम चाहे सर्दी, गर्मी या बरसात का हो पुलिस को इलाके में गश्त करनी पड़ती ही है और गश्त दौरान कड़ाके की सर्दी का अनुभव कर रहे पुलिसकर्मियों द्वारा जरूरतमंदों की तकलीफों का अहसास कर उनमें कम्बल, गर्म कपड़ों के वितरण करने की सराहना लोगों द्वारा की जा रही है । अब तक सैकड़ों की संख्या में कम्बल का वितरण चौकी क्षेत्र में चौकी प्रभारी के साथ उनके स्टाफ द्वारा किया जा चुका है, जो आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा ।

  • कोरोना ठीक करने वाली गोली हुई लॉन्च….महज 5 दिन का होगा कोर्स.. जानिए कितने रुपए में और कैसे खरीद सकते हैं आप…..

    कोरोना ठीक करने वाली गोली हुई लॉन्च….महज 5 दिन का होगा कोर्स.. जानिए कितने रुपए में और कैसे खरीद सकते हैं आप…..

    कोविड-19 के इलाज में उपयोग की जाने वाली एंटीवायरल गोली मोलनुपिरावीर को भारत में आपातकालीन मंजूरी मिलने के बाद लॉन्च कर दिया गया है। मोलनुपिरावीर के अलावा कोवोवैक्स और कॉर्बेवैक्स को भी केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने मंजूदी दी है।

    क्या है एंटीवायरल गोली मोलनुपिरावीर?

    मोलनुपिरावीर का इस्तेमाल कोविड-19 से संक्रमित मरीजों के इलाज में किया जाता है। ये एक पुनर्निर्माण दवा है, जिसे गोली का आकार दिया गया है। मरीज इसे आसानी से ले सकते है। ये गोली वायरस को शरीर में फैलने से रोकती है और जल्दी रिकवर होने में मदद करती है।संक्रमित मरीज को 12 घंटे के अंदर इसकी 4 गोलियां लेनी होंगी। इलाज के दौरान मोलनुपिरावीर की गोलियों का 5 दिनों तक कोर्स लेना जरुरी है।

    यह दवा कितने रुपए में मिलेगी?

     

    सोमवार को पूरे 5 दिन के कोर्स के साथ मोलनुपिरावीर को 1399 रु. में लॉन्च किया गया। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, मैनकाइंड फार्मा के चेयरमैन आरसी जूनेजा ने बताया कि, ये दवा अब तक की सबसे सस्ती एंटीवायरल दवा है, जिसकी एक गोली 35 रुपए की मिलेगी और 5 दिन का कोर्स 1399 रुपए में मिलेगा।

    मोलनुपिरावीर नाम की यह दवा कहां से खरीद सकते हैं?

    माना जा रहा है कि मोलनुपिरावीर की गोलियां बाजार में आसानी से उपलब्ध हो जाएंगी। दरअसल, मेडिकल स्टोर्स पर इसे बेचने की सिफारिश की गई है, लेकिन दुकानदारों को कुछ निर्देश भी दिए जा सकते हैं।इस दवा का इस्तेमाल उन मरीजों के लिए किया जाएगा, जो गंभीर कोरोना के शिकार हैं और अस्पताल में भर्ती हों।

    दवा खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची की जरूरत होगी या नहीं?

     

    आने वाले दिनों में मोलनुपिरावीर के 5 दिन का कोर्स आपको भले ही मेडिकल स्टोर पर मिल जाएं, लेकिन इसे खरीदने के लिए डॉक्टर की पर्ची जरूरी है। केंद्र सरकार ने मोलनुपिरावीर के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दी है, जिसका साफ मतलब है कि इसकी नियंत्रित बिक्री की जा सकती है।कोई भी अपने मन से इस दवा को नहीं खरीद सकता है। जब तक डॉक्टर किसी मरीज के लिए इस दवा को पर्ची पर नहीं लिख देता, तब तक इसे नहीं खरीदा जा सकता है।

    यह दवा काम कैसे करती है?

     

    एक्सपर्ट्स का कहना है कि RNA मैकेनिज्म के जरिए कोरोना वायरस हमारे शरीर में दस्तक देता है और संक्रमण फैलने लगता है। जैसे-जैसे वायरस और संक्रमण फैलता है वैसे-वैसे मरीज की हालात गंभीर होते जाती है। मोलनुपिरावीर की गोलियां RNA मैकेनिज्म को ठीक करती हैं और वायरस को शरीर में फैलने से रोकती हैं।जब दवा का असर शुरू होता है और वायरस

    कमजोर पड़ता है तो मरीज की हालात सामान्य हो जाती है। वो गंभीर संक्रमण से बच जाता है।

    यह दवा किस देश में और किसने बनाई है?


    मोलनुपिरावीर को इन्फ्लूएंजा के इलाज के लिए अमेरिका के जॉर्जिया स्थित इमॉरी यूनिवर्सिटी में तैयार किया गया था। जिसे नवंबर 2021 में यूनाइटेड किंगडम ने और दिसंबर 2021 में अमेरिका के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने मान्यता दी थी।भारत में 28 दिसंबर को ड्रग कन्ट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DGCI) ने इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मान्यता दे दी। सोमवार को इसे भारत में लॉन्च किया गया।

    भारत में कौन-कौन सी कंपनियां मोलनुपिरावीर दवा बना रही हैं?


    केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के मुताबिक भारत की लगभग 13 दवा निर्माता कंपनियां घरेलू स्तर पर मोलनुपिरावीर बनाएंगी। इन कंपनियों में डॉ रेड्डीज लैबोरेट्रीज, नैटको फार्मा, सिप्ला, स्ट्राइड्स, हेटेरो और ऑप्टिमस फार्मा प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।क्या इस दवा का पहले भी इस्तेमाल किया जा चुका है? मोलनुपिरावीर को सबसे पहले इन्फ्लूएंजा के इलाज में इस्तेमाल किया गया था।

    क्या यह दवा कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ काम करती है?


    जी हां, भारत में दवा बनाने वाली 13 फार्मा कंपनियों में से एक मैनकाइंड की तरफ से बताया गया है कि मोलनुपिरावीर कोरोना के डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ भी कारगर है।