Blog

  • हाईप्रोफाइल SEX रैकेट,पुलिस की पूछताछ में सामने आई ऐसी-ऐसी सच्चाई कि…मजबूर युवतियों से करवाया जाता था ‘गंदा काम’…

    हाईप्रोफाइल SEX रैकेट,पुलिस की पूछताछ में सामने आई ऐसी-ऐसी सच्चाई कि…मजबूर युवतियों से करवाया जाता था ‘गंदा काम’…

    कानपुर के नजीराबाद थाना क्षेत्र के लाजपत नगर में पकड़े गए सेक्स रैकेट के बाद एक के बाद एक खुलासे हो रहे हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि रैकेट संचालिका बेबस युवतियों को जाल में फंसाकर उनसे देह व्यापार करवाती थी। अगर किसी ने छोडऩे का प्रयास किया तो वह जान से मारने से लेकर बदनाम करने की धमकी देती थी।पकड़ी गईं चार युवतियों में से एक युवती अनाथ है। परिवार में केवल उसकी एक छोटी बहन है। सोशल मीडिया के जरिए संचालिका से उसकी जान पहचान हुई थी। पैसे कमाने का लालच देकर बरखा ने रैकेट में शािमल किया। इसके बाद वह जाल से बाहर नहीं निकल पाई। वहीं, एक युवती की बहन को किडनी की बीमारी है। उसे बहन के इलाज के लिए लाखों रुपये की जरूरत है। इसलिए वह ऐसा काम कर रही थी। बरखा ने भी उसे मोटी रकम देने के बात कही थी लेकिन अब उसे न तो अधिक पैसे दे रही थी और न ही वापस जाने दे रही थी।पुलिस के मुताबिक बरखा वैसे तो ग्राहक से हजारों रुपये वसूलती थी। अगर कोई बड़ा ग्राहक फंस गया तो उससे लाखों रुपये लेती थी। हालांकि वह लड़कियों को 1500 से दो हजार रुपये देकर चलता करती थी। पुलिस ने जब बरखा से पूछा कि यहां पर बाहरी लड़कियां क्यों आई हैं। इस पर उसने बताया कि जिस शहर से लड़कियों की डिमांड आती है, अगर वहां पर उसी शहर की लडक़ी को भेजा जाएगा तो उसकी पहचान उजागर होने की संभावना रहती है। इसलिए जो लड़कियां जिस शहर की होती है, वहां के बजाए उनको दूसरे राज्यों या शहरों में भेजा जाता है। आने जाने का पूरा खर्च ग्राहक उठाते हैं। बरखा को पिछले साल फीलखाना स्थित एक अपार्टमेंट से पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल से छूटने के बाद करीब दो महीने पहले से बरखा ने फिर से देह व्यापार का धंधा शुरू कर दिया।
  •  PHE के इंजीनियर निलंबित,शैलेष पांडेय के ध्यानाकर्षण पर मंत्री रविन्द्र चौबे ने सदन में किया ऐलान…

     PHE के इंजीनियर निलंबित,शैलेष पांडेय के ध्यानाकर्षण पर मंत्री रविन्द्र चौबे ने सदन में किया ऐलान…

    रायपुर। विधानसभा में बिलासपुर विधायक शैलेष पांडेय के ध्यानाकर्षण पर सरकार ने इंजीनियर को निलंबित करने का ऐलान किया और साथ ही पूरे मामले की जांच ENC से कराने का ऐलान किया है।बिलासपुर विधायक शैलेष पांडेय ने बिलासपुर में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था ना होने के विषय को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया था। विधायक शैलेष पांडेय ने आसंदी से कहा“सौ करोड़ से उपर खर्च हो गए हैं.. लेकिन अब तक पीने का साफ़ पानी शहर को नहीं मिल रहा, बल्कि सिवरेज का पानी पेयजल को दूषित कर रहा है, जिससे नागरिक बीमार भी हो रहे हैं” इस मसले पर विभाग की ओर से आई जानकारी ने विधायक शैलेष पांडेय के विषय को ग़लत बता दिया। जिस पर शैलेष पांडेय ने गहरी आपत्ति की और माँग रख दी –“जवाब ग़लत है, सदन को ग़लत जानकारी देने वाले अधिकारी पर कड़ी कार्यवाही की जाए” इस के बाद संसदीय कार्यमंत्री रविंद्र चौबे ने सदन में घोषणा की“सदस्य का उठाया विषय और लाई गई आपत्ति बेहद गंभीर है, मैं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के इंजीनियर संजीव ब्रम्हपुरिया को निलंबित करता हूँ.. पूरे मामले की जाँच ENC करेंगे और जो जो दोषी पाया जाएगा उस पर भी कार्यवाही होगी”
  • जिला अस्पताल की जाँच करने पहुंचे जिला पंचायत सीईओ, तो डॉक्टर का कारनामा देखकर दंग रह गए….

    जिला अस्पताल की जाँच करने पहुंचे जिला पंचायत सीईओ, तो डॉक्टर का कारनामा देखकर दंग रह गए….

    गुरुवार को जशपुर जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे जशपुर जिला पंचायत सीईओ उस वक़्त आवक रह गए जब डॉक्टरों की उपस्थिति पंजी देखा।इस उपस्थिति पंजी में अस्पताल के लगभग सभी डॉक्टर मौजूद थे लेकिन एक डॉक्टर पी केरकेट्टा पंजी में हस्ताक्षर करके भी मौजुद नही थे।बात केवल इतनी ही नही थी सीईओ को तब अचंभित रह गए जब उन्होंने पंजी में देखा कि कल यानि शुक्रवार की उपस्थिति पंजी में भी डॉ पी केरकेट्टा ने एडवांस में साईन कर दिया है। डॉक्टर के इस कारनामे से अचंभित जिला पंचायत सीईओ ने डॉक्टर को दूरभाष के जरिये अस्पताल बुलवाया और कल की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए जाने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि कल भी उनकी ड्यूटी है इसलिए एडवांस में उन्होंने कल के रजिस्टर में भी साईन कर दिया।

    बहरहाल डॉक्टर के इस जवाब से अधिकारी संतुष्ट होते नही दिखे और बताया जा रहा कि अब इस मामले में कार्यवाही हो रही है।जिला पंचायत सीईओ ने इस मामले में कलेक्टर जशपुर को रिपोर्ट भेजकर कार्यवाही की अनुसंशा की है।
  • आईपीसी 498 ए के केस में ट्रायल के बाद पति बरी हो चुका है तो वह क्रूरता के आधार पर तलाक मांग सकता है : सुप्रीम कोर्ट

    आईपीसी 498 ए के केस में ट्रायल के बाद पति बरी हो चुका है तो वह क्रूरता के आधार पर तलाक मांग सकता है : सुप्रीम कोर्ट

    जब कोई व्यक्ति उस मुकदमे से गुज़रता है जिसमें वह आईपीसी की धारा 498-ए के तहत अपराध के आरोप से बरी हो जाता है तो यह स्वीकार नहीं किया जा सकता है कि पति पर कोई क्रूरता नहीं हुई है।” सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि जब पति भारतीय दंड संहिता की धारा 498-ए के तहत अपनी पत्नी द्वारा लगाए गए अपराध के आरोप से बरी हो जाता है, तो यह नहीं कहा जा सकता है कि उसके साथ कोई क्रूरता नहीं हुई है।

    इस मामले में [रानी नरसिम्हा शास्त्री बनाम रानी सुनीला रानी], हाईकोर्ट ने यह देखते हुए पति को तलाक देने से इंकार कर दिया था कि पत्नी ने भरण-पोषण की मांग की थी या उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 498 ए के तहत दंडनीय अपराध के लिए शिकायत दर्ज की थी। इन्हें क्रूरता के आधार पर तलाक लेने का वैध आधार नहीं कहा जा सकता। हाईकोर्ट द्वारा अपनाए गए इस दृष्टिकोण को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति नवीन सिन्हा की पीठ ने कहा,

    उच्च न्यायालय के उपरोक्त अवलोकन को अनुमोदित नहीं किया जा सकता। यह सही है कि किसी के लिए भी शिकायत दर्ज करना या उसकी शिकायतों के निवारण के लिए मुकदमा दायर करना और अपराध के लिए पहली सूचना रिपोर्ट देना और शिकायत दर्ज करना या एफआईआर करने को क्रूरता नहीं माना जा सकता, लेकिन जब कोई व्यक्ति उस मुकदमे से गुजरता है, जिसमें उस पर पत्नी द्वारा लगाए गए आईपीसी की धारा 498-ए के तहत अपराध के आरोप से बरी कर दिया जाता है तो यह स्वीकार नहीं किया जा सकता है कि पति पर कोई क्रूरता नहीं हुई है।”

    पीठ ने आगे कहा, “वर्तमान मामले में आईपीसी की धारा 498-ए के तहत अपीलकर्ता के खिलाफ प्रतिवादी द्वारा अभियोजन शुरू किया जाता है, जिसमें गंभीर आरोप लगाया जाता है, जिसमें अपीलकर्ता को मुकदमे से गुजरना पड़ा और अंततः उसे बरी कर दिया गया। आईपीसी की धारा 498-ए के तहत अभियोजन में न केवल बरी किया गया है, बल्कि यह भी देखा गया है कि गंभीर प्रकृति के आरोप एक-दूसरे के खिलाफ लगाए गए हैं। अपीलार्थी द्वारा क्रूरता के आधार पर तलाक की डिक्री की मांग के मामले को स्थापित किया गया है।” इस प्रकार, पीठ ने निष्कर्ष निकाला कि पति ने क्रूरता के आधार पर विवाह समाप्त करने के निर्णय को मंजूरी देने का आधार बनाया है।

  • चोर को पीटने पर इतने लोगो के खिलाफ दर्ज हुआ आपराधिक मामला,

    चोर को पीटने पर इतने लोगो के खिलाफ दर्ज हुआ आपराधिक मामला,

    जशपुर। बड़ी खबर जशपुर के बगीचा से आ रही है, बगीचा पूलिस ने कथित चोरों की बेरहमी से पिटाई करने वाले 3 ग्रामीणों के विरुद्ध अपराध दर्ज कर लिया है और पूलिस आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही है ।बताया जा रहा है कि ग्रामीणों के मार के चलते मामले के प्रार्थी की हालत गम्भीर है ।बगीचा के सरकारी अस्पताल में अभी भी उसका ईलाज चल रहा है ।उसकी स्थिति ठीक होने के बाद पूलिस पूछ ताछ में और भी आरोपियों के शामिल होने के खुलाशे हो सकते हैं।फिलहाल 3 ग्रामीणों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई है। बगीचा थाना प्रभारी विकास शुक्ला ने बताया कि प्रार्थी 3 में से एक को पहचानता है जबकि दो का नाम नही बता पा रहा है ।

    यह था पूरा मामला

    आपको बता दें कि 2 दिन पहले कथित रूप से चोरी करके भाग रहे 2 चोरों को ग्रामीणों ने दौड़ा दौड़ाकर लाठी डंडे से बेरहमी से पिटाई की थी और अधमरा करके खेत मे फेंक दिया था ।ये वीडियो जब सोशल मीडिया में वायरल हुआ तो पूलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी थी।

  • महिला ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कार्यालय के बाहर की खुदकुशी की कोशिश

    महिला ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कार्यालय के बाहर की खुदकुशी की कोशिश

    कोरबा। जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मंगलवार को एक महिला ने खुदकुशी की कोशिश की है. पुलिस को इसकी जानकारी मिलने पर महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाया. जहां उसकी हालात सामान्य बताई जा रही है. महिला का आरोप है कि पुलिस उसके साथ न्याय नहीं कर रही है. उसे लगातार घुमाया जा रहा है. पीड़िता की नहीं, आरोपी की सुनी जा रही थी, और आज मुझे कमरे से बाहर कर दिया। दरअसल रामपुर चौकी प्रभारी ने आयशा को तलब किया था, जब वह अपनी मामी के साथ चौकी पहुंची तो प्रभारी वहां नहीं मिले. इस स्थिति में वे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गई. आयशा बानो के साथ उसकी मामी रजिया गई हुई थी. रजिया की माने तो आयशा और उसके शौहर को पुलिस ने तलब किया था. इस दौरान आयशा के शौहर की बात सुनी जा रही थी और उसकी बात को अनदेखी की जा रही थी. इस दौरान उसे बाहर रुकने को कहा गया. इसके बाद उसने ये घातक कदम उठा लिया. पुलिस ने कहा कि आयशा कब और कैसे कहा से क्या लेकर आई थी इसकी जानकारी नहीं है. जब वो सेवन करने लगी तो वो उसको रोकने की कोशिश की गई।
    यह है पूरा मामला
    26 अगस्त 2019  को अदालत परिसर में मोहम्मद नियाज खान ने अपनी बेगम आयशा बानो को तीन बार तलाक कहा था. इस मामले की रिपोर्ट लिखाने के बाद पुलिस ने 4 सितंबर को नियाज खान के खिलाफ  एफआईआर  किया था. जिस दिन नियाज खान ने तीन बार तलाक कहा था. यह बात मीडिया में आने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज की, लेकिन आरोपी नियाज खान की गिरफ्तारी नहीं हुई. उसकी गिरफ्तारी को लेकर आयशा बानो लगातार थाने के चक्कर काटती रही.
    इस बीच उसने पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के दफ्तर में भी इंसाफ की गुहार लगाई. लगातार अवसाद की स्थिति में आयशा ने कई बार यह चेतावनी भी दी थी कि यदि उसे इंसाफ नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी. पुलिस ने शायद इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और आखिरकार आयशा ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में विषपान कर लिया. आनन-फानन में पुलिस ने आरोपी बने नियाज खान को गिरफ्तार भी कर लिया है.
    कोतवाली थाना प्रभारी दुर्गेश शर्मा ने बताया कि पीड़िता पुलिस कार्यालय के बाहर जहर सेवन कर ली थी. मामला पति-पत्नी के बीच विवाद का था. न्यायालय में भी दोनों का मामला चला, जिसमें पति आरोपों से बरी हुआ था. इसके बाद महिला ने पति के खिलाफ तीन तलाक का केस दर्ज किया था. इसमें पुलिस द्वारा वैधानिक कार्रवाई की जा रही थी. महिला के पति को गिरफ्तार कर लिया गया है. फिलहाल महिला की स्थिति सामान्य है।
  • महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की एक दिसंबर को शपथ लेंगे उद्धव ठाकरे, बाल ठाकरे के समाधि स्थल पर होगा आयोजन…

    महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की एक दिसंबर को शपथ लेंगे उद्धव ठाकरे, बाल ठाकरे के समाधि स्थल पर होगा आयोजन…

    मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के तौर पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे एक दिसंबर को शिवाजी पार्क में शपथ ग्रहण करेंगे. इस बात की घोषणा मुंबई के ट्राइडेंट होटल में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के साथ अन्य सहयोगी दलों को मिलकर बनाई गई महाराष्ट्र विकास अगाड़ी की बैठक में की गई।

    महाराष्ट्र में बीते एक महीने से मचे सियासी घमासान के बीच मंगलवार का दिन भी गहमागहमी से भरा रहा. सुबह सुप्रीम कोर्ट का बुधवार 5 बजे विधानसभा का सत्र आहुत कर विधायकों की शपथ दिलाने के साथ लाइव प्रसारण के बीच शक्ति परीक्षण कराने का आदेश दिया. इसके बाद दोपहर तक एनसीपी के नेता अजित पवार के उप मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इस निर्णय से बनी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी दोपहर 3.30 बजे प्रेस कांफ्रेंस में राज्यपाल को इस्तीफा देने की घोषणा कर दी.
    देवेंद्र फडणवीस के इस्तीफा देने के बाद साफ हुई स्थिति के बीच शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस के नेताओं और विधायकों की बैठक मुंबई के ट्राइडेंट होटल में हुई, जहां उद्धव ठाकरे, एनसीपी नेता शरद पवार और कांग्रेस के नेता अशोक चव्हाण के साथ अन्य नेताओं की उपस्थिति में रविवार को शिवाजी पार्क में उद्धव ठाकरे के बतौर मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण की घोषणा की गई।

    बता दें कि शिवाजी पार्क शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकेर का समाधि स्थल है. इसका शिवसेैनिकों के मन में विशेष स्थान है. उद्धव ठाकरे इस स्थल पर शपथ ग्रहण कर अपने पिता को मुख्यमंत्री पद पर आसीन होने के वादे को पूरा करना चाहते हैं।

  • पेट में छिपाया था 10 करोड़ कीचीज,X-Ray करने पर अधिकारियों की रही गई आंखे फटी,दिल्ली एयरपोर्ट में 7 अफगानी नागरिक गिरफ्तार….

    पेट में छिपाया था 10 करोड़ कीचीज,X-Ray करने पर अधिकारियों की रही गई आंखे फटी,दिल्ली एयरपोर्ट में 7 अफगानी नागरिक गिरफ्तार….

    दिल्ली। दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट में कस्टम अधिकारियों ने ऐसे 7 अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया है जिन्होंने अपने पेट के अंदर 214 कैप्सूल हिरोइन की छिपाया हुआ था. बरामद किये गए हिरोइन कैप्सूल की कीमत 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

    बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट में अफगान नागरिकों की गतिविधियां देखकर कस्टम अधिकारियों को उन पर संदेह हुआ. उन्होंने सभी का एक्सरे कराया तो सब की आंखें फटी की फटी रह गई. एक्स रे में सभी के पेट में कैप्सूल नजर आया, जिसके बाद आनन-फानन में डाक्टरों की टीम एयरपोर्ट बुलाई गई. जहां डाक्टरों ने सभी के पेट में मौजूद 214 कैप्सूल निकाला. इन कैप्सूल के भीतर हिरोइन मौजूद थी. बरामद की गई हिरोइन की कीमत 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

  • प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री, अदालत का फैसला मानने के लिए सभी बाध्य : सुप्रीम कोर्ट

    प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री, अदालत का फैसला मानने के लिए सभी बाध्य : सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने केरल के सबरीमाला मंदिर में 10 से 50 उम्र की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने के पांच सदस्यीय संविधान पीठ के फैसले के बाद बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शन पर कड़ा एतराज जताया है। कोर्ट ने कहा है कि जब कोर्ट कोई फैसला सुनाता है तो उसे मानना सभी के लिए बाध्यकारी होता है, चाहे वह प्रधानमंत्री हो या मुख्यमंत्री।जस्टिस रोहिंग्टन एफ नरीमन और जस्टिस डीवाई चंदचूड़ ने बहुमत द्वारा इस मामले को सात सदस्यीय पीठ के पास भेजने से इत्तफाक न रखते हुए कहा है कि जो भी हमारे फैसले में सहयोग देने का काम नहीं करता है, वह अपने संकट की स्थिति में ऐसा करता है। जहां तक केंद व राज्य के मंत्रियों और सांसद व विधायकों का सवाल है अगर वे ऐसा करते हैं तो वे भारत के संविधान की मर्यादा कायम रखने, संरक्षण और रक्षा करने की संवैधानिक शपथ का उल्लंघन करेंगे।जस्टिस नरीमन द्वारा लिखे गए इस फैसले में कहा गया है कि फैसले को लेकर स्वस्थ आलोचना करने की इजाजत है भले ही वह फैसला देश की सबसे बड़ी अदालत का ही क्यों न हो लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले को विफल करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने की इजाजत हमारा संविधान नहीं देता।

    जस्टिस नरीमन ने केरल सरकार को टेलीविजन, समाचार पत्रों आदि माध्यमों से इस फैसले का व्यापक प्रचार करने का निर्देश दिया है। साथ ही सरकार को लोगों का भरोसा जीतने के लिए कदम उठाना चाहिए और अदालत के फैसले को लागू करने के लिए व्यापक आधार पर विचार-विमर्श करने के बाद तौर-तरीका बनाना चाहिए। इस विचार विमर्श की प्रक्त्रिस्या में समुदाय के सभी खंड की बातों पर गौर करना चाहिए।जस्टिस नरीमन ने कहा, जब कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाती है तब फैसला सुनाया जाता है। यह सुप्रीम कोर्ट का फैसला है और इसको मानना सभी के लिए बाध्यकारी है। फैसले का पालन न करना विकल्प नहीं है। अगर ऐसा विकल्प होता तो फैसले का अनुपालन करने के लिए बाध्य लोग अदालत की अथॉरिटी को कम कर सकते हैं।उन्होंने कहा, एक बार जब यह स्पष्ट रूप से समझा जाता है कि कानून का शासन स्थापित हो गया है तो वोट की लोलुपता या भीड़ हिंसा को उकसाने या उसे बर्दाश्त करने वाले राजनीतिक दलों का सुप्रीम कोर्ट के फैसले को खिलाफ जाना शासन का तरीका नहीं है।उन्होंने यह भी कहा कि संविधान के तहत इस न्यायालय के फैसले को लागू करना सभी अथॉरिटी के लिए बाध्यकारी है। जस्टिस नरीमन ने कहा, इसमें किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता। ऐसा करने का कर्तव्य इसलिए उत्पन्न होता है क्योंकि कानून के शासन को संरक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा है कि संवैधनिक स्कीम किसी भी व्यक्ति या अथॉरिटी को सुप्रीम कोर्ट के फैसले या आदेश की खुलेआम धज्जियां उड़ाने की इजाजत नहीं देती।

  • कोलकाता में बुटीक के नाम पर चल रहा था SEX रैकेट….4 गिरफ्तार…

    कोलकाता में बुटीक के नाम पर चल रहा था SEX रैकेट….4 गिरफ्तार…

    कोलकाता पुलिस ने दक्षिणी कोलकाता स्थित एक अपार्टमेंट में बुटीक के नाम पर चल रहे सेक्स रैकेट का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सेक्स रैकेट से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, नास्करहाट रॉयपाड़ा इलाके की बहुमंजिली इमारत के ग्राउंड फ्लोर पर सेक्स रैकेट चल रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर दबिश देकर इस धंधे से जुड़े चार लोगों को गिरफ्तार किया गया। गौरतलब है कि हाल ही में दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के साथ बुराड़ी में स्पा सेंटर में ऑनलाइन सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया था. इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।