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  • लोकप्रिय भविष्यवक्ता की भविष्यवाणी, जानिए कुछ खास….

    लोकप्रिय भविष्यवक्ता की भविष्यवाणी, जानिए कुछ खास….

    कोरोना वायरस की तबाही से साल 2020 पूरी तरह बर्बाद हो गया. 100 साल पहले आए स्पैनिश फ्लू के बाद ये दुनिया की सबसे भयंकर महामारी थी, जिसने हर किसी को डराया. अभी भी महामारी का संकट दुनिया के सिर से टला नहीं है. ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका में वायरस की तबाही इसका सबूत है. इसी बीच ब्रिटिश के एक लोकप्रिय भविष्यवक्ता ने कोरोना को लेकर चौंकाने वाली भविष्यवाणी की है और एक नए खतरे को लेकर चेतावनी भी दी है. 2021 में कोरोना पर नियंत्रण- ब्रिटिश के जाने-माने भविष्यवक्ता क्रेग हेमिल्टन पार्कर ने Express.co.uk के हवाले से भविष्यवाणी करते हुए कहा कि साल 2021 में कोरोना की महामारी पर नियंत्रण हो जाएगा. आइए जानते हैं अपनी भविष्यवाणियों में उन्होंने और कौन सी खास बातें बताई हैं।

    वैक्सीन से दुनिया को राहत- हैमिल्टन पार्कर ने कहा कि बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन के चलते लोग एक बार फिर अपनी पुरानी जिंदगी में वापस लौट सकेंगे. उन्होंने आगे बताया कि इस साल गर्मियां खत्म होने तक महामारी का हल खोज लिया जाएगा. हालांकि, तीन मजबूत प्रतिबंधों के साथ पूरा यूनाइटेड किंगडम वायरस की पकड़ में रहेगा. जबकि स्कॉटलैंड पर भारी संकट मंडराएगा।

    कब मिलेगी राहत- हैमिल्टन पार्कर के मुताबिक, यूनाइटेड किंगडम अगस्त तक वायरस के चंगुल से आजाद होगा. वैक्सीन लगने के बाद लोग फिर से अपनी आम जिंदगी में दाखिल हो सकेंगे. वैक्सीन लेने से इनकार करने वाले लोगों को अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के दौरान प्रतिबंधों का सामना करना होगा।

    लाखों लोगों को बचाएगी वैक्सीन- हैमिल्टन पार्कर ने कहा कि वैक्सीन आने के बाद लाखों लोगों की जान बचेगी. इसमें ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन का मुख्य रोल रहेगा. कम कीमत और आसानी से स्टोर होने की वजह से ये वैक्सीन बाजार में ज्यादा भरोसा जीतने में कामयाब होगी. भविष्यवक्ता ने ये भी कहा कि अकेले ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन ही दुनियाभर में लाखों लोगों की जान बचाने का काम करेगी. ब्रिटेन के अलावा, भारत और अफ्रीका जैसे देशों में इसका सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जाएगा. बता दें कि ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी ने ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका के साथ मिलकर कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड का निर्माण किया है. जबकि सीरम इंस्टीट्यूट में कोविशील्ड का प्रोडक्शन और पैकेजिंग किया जा रहा है।

    पूरी तरह खत्म नहीं होगा कोरोना- हैमिल्टन पार्कर ने अपनी भविष्यवाणी में ये भी कहा कि वैक्सीनेशन कोविड-19 की महामारी को पूरी तरह समाप्त नहीं कर पाएगा. बल्कि इससे वायरस एक ऐसे रूप में परिवर्तित हो जाएगा, जिसके बाद वैक्सीन की जरूरत ही नहीं पड़ेगी. अमेजन और साइबेरिया जैसे रिमोट एरिया में वायरस कायम रहेगा।

    चीन में नया वायरस- कोरोना वायरस से तबाही थमने के बाद हैमिल्टन पार्कर ने चीन में एक नए वायरस के पैदा होने की भविष्यवाणी भी की है. उन्होंने ये भी कहा कि ये वायरस SARS-CoV-2 फैमिली से नहीं होगा. तबाही मचाने से पहले ही इसे कंट्रोल कर लिया जाएगा. ये वायरस जल्द कब्जे में आ जाएगा, लेकिन इसे लेकर दुनियाभर में लोगों का गुस्सा कम नहीं होगा।

    कोविड-19 के बाद बेहतर होगी दुनिया- इस वायरस की उत्पत्ति के बारे में सच्चाई 2048 तक पता नहीं चलेगी. उन्होंने ये भी कहा कि कोविड-19 का खतरा टलने के बाद दुनिया काफी बेहतर होगी. अधिकतर लोग आध्यात्मिक रूप से सोचेंगे।

    बड़े भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणी- इससे पहले नास्त्रेदमस और बाबा वेंगा जैसे बड़े भविष्यवक्ताओं की भविष्यवाणियों में भी ऐसी बातें कही गई थीं. इनकी भविष्यवाणियों में भी 2020 में किसी महामारी के प्रकोप होने का जिक्र है. दोनों ही महान भविष्यवक्ताओं की कई भविष्यवाणियां पहले भी सच होती रही हैं।

  • ट्विटर वॉर…मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पलटवार, “रमन सिंह का आजकल घर से निकलना नहीं हो पाता, तो उनको पता भी नहीं है कि छत्तीसगढ़ में क्या हो रहा है।”

    ट्विटर वॉर…मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का पलटवार, “रमन सिंह का आजकल घर से निकलना नहीं हो पाता, तो उनको पता भी नहीं है कि छत्तीसगढ़ में क्या हो रहा है।”

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के मुद्दे पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ रहा है. पूर्व मुख्यमंत्री डाॅक्टर रमन सिंह ने कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी के चुनावी साल में दिए गए एक भाषण को ट्वीट कर भूपेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि, आधा समय तो आत्ममुग्धता में निकल गया, अब तो कुछ काम कीजिए, जवाब में आक्रामक पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, आजकल रमन सिंह का घर से बाहर निकलता बंद है, इसलिए उन्हें पता भी नहीं कि छत्तीसगढ़ में क्या हो रहा है।

    दरअसल पूर्व मुख्यमंत्री डाॅक्टर रमन सिंह ने चुनावी प्रचार के दौरान एक सभा में राहुल गांधी के दिए गए उस भाषण की वीडियो क्लिपिंग ट्वीट की, जिसमें उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किए जाने के अलावा बड़ी तादात में फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का वादा किया था. रमन सिंह ने ट्वीट के जरिए टिप्पणी दर्ज करते हुए कहा कि, राहुल गांधी जी वादा करके गए थे, 2500 रूपए धान का समर्थन मूल्य देंगे, 15 क्विंटल की लिमिट खत्म कर देंगे, हर जिला, हर ब्लाॅक में फूड प्रोसेसिंग का कारखाना लगाएंगे. भूपेश सरकार का आधा समय तो आत्ममुग्धता में निकल गया, अब तो कुछ काम कीजिए।

    इस ट्वीट के बाद सियासी पलटवार में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि, रमन सिंह ने पहले भी ट्वीट किया था कि 60 लाख मीट्रिक टन चावल भारत सरकार खरीद रही है. राज्य सरकार को प्रधानमंत्री को धन्यवाद देना चाहिए. अब भारत सरकार नहीं खरीद रही है, तो उन्हें इसकी मांग करनी चाहिए. अभी 24 लाख मीट्रिक टन चावल की अनुमति दी गई है, तो 60 लाख मीट्रिक टन चावल लेने की अनुमति देने के लिए उन्हें चिट्ठी लिखने से कौन रोक रहा है. भूपेश बघेल ने कहा कि, दूसरी बात इथेनाल प्लांट लगाने के लिए हमने कहा कि हमारे पास अधिशेष धान बचेगा. उसका इथेनाल बनाने की मंजूरी दे दी जाए. अनुमति मिली होती, तो अब तक प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी होती. चार एमओयू हम कर चुके हैं. भारत सरकार इसमें रोक लगाई हुई है कि धान से इथेनाल नहीं बना सकते. जबकि हम उनसे कोई सहायता नहीं मांग रहे हैं. केवल अनुमति मांग रहे हैं. वह अनुमति भी नहीं दे रहे, तो क्या रमन सिंह को यह नहीं लगता कि वह केंद्र से अनुमति दिलाने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखे. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बहुत से फूड प्रोसेसिंग प्लांग खुल चुके हैं. सैकड़ों की तादात में हम प्रोसेसिंग प्लांट खोल चुके हैं. रमन सिंह का आजकल घर से निकलता नहीं हो पाता, तो उनको पता भी नहीं है कि छत्तीसगढ़ में क्या हो रहा है।

  • नो-पार्किंग में गाड़ी जाते ही बजेगा अलार्म, नए सिरे से बनेंगें सभी जेब्रा क्रासिंग

    नो-पार्किंग में गाड़ी जाते ही बजेगा अलार्म, नए सिरे से बनेंगें सभी जेब्रा क्रासिंग

    नो-पार्किंग में गाड़ी जाते ही बजेगा अलार्म
    राजधानी के एक पुलिस अफसर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल से ऐसा उपकरण बनाया है, जो नो-पार्किंग में गाड़ियों के घुसते ही शोर मचाएगा। अर्थात, जैसे ही नो-पार्किंग लाॅट में कोई गाड़ी खड़ी होगी, तो वहां लगे लाउडस्पीकर से घोषणा शुरू हो जाएगी कि गाड़ी गलत जगह पार्क कर दी है, इसे तुरंत हटाइये। पहला सिस्टम जयस्तंभ चौक स्थित किरण बिल्डिंग के सामने वाली जगह पर लगेगा। पुलिस का दावा है कि विकसित राज्यों में ही अभी इस तरह का कोई सिस्टम शुरू नहीं हुआ है। इस सिस्टम को ऑपरेट करने के लिए नो-पार्किंग जोन पर स्पेशल कैमरे लगेंगे। ट्रैफिक डीएसपी सतीश ठाकुर ने यह सिस्टम डेवलप किया है। दरअसल पुलिस अफसरों को डीजीपी डीएम अवस्थी ने टास्क दिया है कि कुछ ऐसे हाईटेक सिस्टम भी डेवलप होने चाहिए, जिनसे बिना पुलिस को ट्रैफिक कंट्रोल हो सके।

    डीएसपी ठाकुर ने बताया कि इस सिस्टम का बेस उन्हें इंटरनेट पर ऐसे डिवाइस से मिला, जो आवाज देने पर तुरंत रिप्लाई करता है, और कमांड भी फाॅलो करता है। अफसर ने इसी आधार पर सिस्टम डेवलप करने के लिए अपने दो दोस्तों से संपर्क किया। इनमें एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है तो दूसरा इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर। तीनों ने मिलकर एक माह में स्मार्ट पार्किंग डिवाइस बनाई और ट्रायल भी कर लिया है।

    ऐसे बनाया : इस डिवाइस को बनाने में 35 हजार रुपए की लागत आई है। इसमें एक हाई रेंज कैमरा लगा है, जो 150 मीटर तक फोकस करता है। यह कंप्यूटर और लाउडस्पीकर से कनेक्ट है। जैसे ही कैमरे की रेंज में कोई भी कार, बाइक या अन्य गाड़ी आएगी, लाउडस्पीकर से उद्घोषणा शुरू होगी, जो 15 मिनट तक बंद नहीं होगी। अगर गाड़ी नहीं हटी तो फिर पुलिस आकर इसे हटवा देगी।

    गोगांव अंडरब्रिज का काम 5 साल बाद फिर शुरू
    रिंग रोड-2 से लगे इलाके के लोगों का गुढ़ियारी आना-जाना आसान करने के लिए बन रहे गोगांव क्रासिंग अंडरब्रिज का काम 5 साल बाद दोबारा शुरू किया गया है। पीडब्ल्यूडी अफसरों के मुताबिक यह जून-जुलाई तक शुरू हो जाएगा। इस अंडरब्रिज का काम 2015 में शुरू हुआ और मई-2017 में ट्रैफिक चालू करने का टारगेट था। लेकिन पौने दो साल में ठेकेदार केवल 50 मीटर गड्ढा खोदकर बाक्स ही लगा सका और संसाधन नहीं होने से ठेकेदार ने काम बंद कर दिया। अब इसे बनाने के लिए पुराने ठेकेदार के साथ एक और कंपनी को लगाया गया है। शुरुआत पटरी के नीचे बॉक्स पुशिंग से हुई है और यह काम 17 मीटर तक हो गया है। करीब तीन माह में पटरी के नीचे का काम पूरा हो जाएगा। उसके बाद एप्रोच रोड बनेगी।

    टू-लेन अंडरब्रिज, बड़ी गाड़ियां भी जाएंगी
    करीब 15 करोड़ की लागत वाले अंडरब्रिज की ऊंचाई 5 मीटर होगी। इससे ट्रक और बसें भी पार हो सकेंगी। अंडरब्रिज बनने के बाद रेलवे फाटक स्थाई तौर पर बंद हो जाएगा। अभी उरकुरा-सरोना बाइपास रेललाइन से बड़ी संख्या में मालगाड़ियां गुजरने केकारण हर 20वें मिनट में रेलवे फाटक बंद हो रहा है और हर दोनों ओर लंबा जाम लग रहा है।

    हर रोड पर नए सिरे से जेब्रा क्रासिंग
    सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में तय हुआ है कि राजधानी की सभी प्रमुख सड़कों और चौराहों पर जेब्रा क्रासिंग फिर बनाई जाएगी। यह काम एक माह में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं, ऐसे चौराहों-तिराहों की सूची बन रही है, जिनमें रोड इंजीनियरिंग की गंभीर खामियां हैं। एक्सपर्ट की टीम इस काम में लगी है। ऐसे सभी चौराहों का डिजाइन बदला जाएगा। सड़क सुरक्षा समिति की हाल में हुई बैठक में हुए फैसलों को लागू करने के लिए कलेक्टर डॉ. एस भारतीदासन ने नगर निगम, परिवहन, पीडब्ल्यूडी, नेशनल हाईवे, बिजली कंपनी और स्मार्ट सिटी के चुनिंदा अफसरों को मिलाकर टीम बना दी है। इस टीम ने शहर का सर्वे भी शुरू कर दिया है। पीडब्लूडी के अफसरों से कहा गया कि वे शहर के खतरनाक स्पाॅट को खत्म करने के लिए चौराहों की इंजीनियरिंग सुधारने पर सुझाव दें। यहां नए सिरे से स्टॉप लाइन, जेब्रा क्रासिंग, सड़क संकेतक केसाथ-साथ भरपूर लाइट्स लगेंगी ताकि रात में हादसे न हों। जहां जरूरत होगी, वहां डिवाइडर भी बनेंगे। कुछ जगहों पर ट्रैफिक सिग्नल सही तरीके से नहीं चलने की शिकायतें भी मिल रही हैं। ऐसे में सभी सिग्नल के टाइमर एक-दूसरे से मैच करें इसके लिए प्रॉपर रोड इंजीनियरिंग का सहारा लिया जाएगा। सभी सड़कों पर आपसी समन्वय से काम हो इसलिए सभी विभागों के अफसरों को इस टीम में शामिल किया गया है। जिस विभाग को जो जिम्मेदारी दी गई है उसे पूरी करनी होगी। कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि एक महीने के भीतर यह सभी काम पूरे हो जाने चाहिए।

  • ओव्हरब्रिज की घोषणा से नगर में खुशी का माहौल, नगरवासियों ने उच्च शिक्षा मंत्री सहित मुख्यमंत्री का जताया आभार

    ओव्हरब्रिज की घोषणा से नगर में खुशी का माहौल, नगरवासियों ने उच्च शिक्षा मंत्री सहित मुख्यमंत्री का जताया आभार


    खरसिया। धर्मनगरी नगर के की एक बहुप्रतिक्षित तथा महती आवश्यकता की मांग रेल्वे ओव्हरब्रिज की घोषणा रायगढ़ पहुंचे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूरी करते हुये घोषणा की जिससे नगरवासियों में खुशी का माहौल है और नगरवासियों ने इसके लिये उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल सहित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार जताते हुये धन्यवाद प्रेशित किया है।
    गौरतलब है कि सब्जीमंड़ी के पास स्थित रेल्वे फाटक की समस्या नई नहीं है, प्रदेश स्तर के नेताओं तक इसके लिये प्रयास किये जा चुके है किंतु खरसिया की वर्षों पुरानी यह बहुप्रतिक्षित मांग पूरी नहीं हो पाई थी, खरसिया नगरवासियों को हो रही दिक्कत को देखते हुए खरसिया विधायक और उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल द्वारा लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम में रायगढ़ आये प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से खरसिया में फ्लाईओवर ब्रिज के निर्माण की मांग की, जिसे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तत्काल इसकी घोषणा करते हुए आमजन की जरूरत का ख्याल रखा। मुख्यमंत्री द्वारा खरसिया में फ्लाईओवर ब्रिज की घोषणा करने पर खरसिया नगर सहित पूरे क्षेत्र के वासियों में हर्ष व्याप्त है। मारवाड़ी युवा मंच, रोटरी क्लब, लायंस क्लब, चेंबर आफ कामर्स सहित नगरवासियों ने खरसिया की इस बहुप्रतिक्षित मांग की घोषणा करने के लिये खरसिया विधायक व उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल एवमं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कोे धन्यवाद ज्ञापित करते हुये उम्मीद जताई है कि ओवहरब्रिज का कार्य जल्द प्रारंभ होगा तथा नगरवासियों को समस्याओं से निजात मिलेगी।

  • और खतरनाक होगा 2021! तबाही समेत नास्त्रेदमस ने की थी ये 5 भविष्यवाणियां….

    और खतरनाक होगा 2021! तबाही समेत नास्त्रेदमस ने की थी ये 5 भविष्यवाणियां….

    जब भी भविष्यवाणी की बात आती है तब नास्त्रेदमस का नाम सबसे पहले मन में आता है। फ्रांस में जन्मे माइकल दि नास्त्रेदमस ने कई भविष्यवाणियां की। इन्होंने एक किताब भी लिखी थी जिसका नाम लेस प्रोफेटीस था। इसमें दुनिया को लेकर कई भविष्यवाणी एक किताब में दुनिया को लेकर कई भविष्यवाणियां की गई हैं। इस किताब में 6338 भविष्यवाणियां हैं। कहा जाता है कि इनकी सभी भविष्यवाणियों में से 70 फीसद सच साबित हुई हैं। नास्त्रेदमस ने 2021 को लेकर भी कुछ भविष्यावाणियां की थीं जिनकी जानकारी हम आपको यहां दे रहे हैं। 

    नास्त्रेदमस की 2021 की भविष्यवाणियां:

    1. नास्त्रेदमस ने वर्ष 2021 के लिए एक भविष्यवाणी की थी कि एक रशियन वैज्ञानिक ऐसा जैविक हथियार और वायरस विकसित करेगा जो व्यक्ति को जॉम्बी बना देगा। ऐसा होने से इंसान की प्रजाति का विनाश हो जाएगा।

    2. वर्ष 2021 में सूर्य की तबाही होगी जिससे पृथ्वी क्षतिग्रस्त हो जाएगी। भविष्यवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा था कि समुद्र तल बढ़ जाएगा और पृथ्वी उसमें समा जाएगी। जलवायु परिवर्तित होगी और इससे युद्ध और टकराव की स्थिति पैदा होगी।

    3. नास्त्रेदमस ने एक क्वाट्रेन में कहा है कि पृथ्वी से धूमकेतु टकराएगा। इससे भूकंप की स्थिति तो पैदा होगी ही साथ ही कई तरह की प्राकृतिक आपदाएं भी आएंगी। धूमकेतू पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश कर उबलना शुरू कर देगा और आसमान में यह दृश्य ग्रेट फायर जैसा होगा।

    4. कैलिफॉर्निया में भूकंप की स्थिति बनेगी। भविष्यवाणी के मुताबिक, एक प्रलयकारी भूकंप आएगा जो न्यू वर्ल्ड को तबाह कर देगा।

    5. मानव जाति को बचाने के लिए ब्रेन चिप का इस्तेमाल किया जाएगा। इस चिप के जरिए मानव के मस्तिष्क की बायलॉजिकल इंटेलिजेंस बढ़ जाएगी। इसका सीधा मतलब यह होता है कि इसके जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनी बुद्धि और शरीर में शामिल किया जा सकेगा।

  • हो जाइए सावधान, इबोला की तुलना में नए वायरस से मरने वालों की संख्या 50 से 90% तक हो सकती है…

    हो जाइए सावधान, इबोला की तुलना में नए वायरस से मरने वालों की संख्या 50 से 90% तक हो सकती है…

    दुनिया कोरोना से जूझ रही है। इस बीच एक नए वायरस के फैलने का खतरा जताया गया है। नए वायरस का नाम ‘डिसीज-एक्स’ है। अफ्रीकी वायरस इबोला की खोज करने वाले डॉ. जीन जैक्स मुएंब तामफम ने यह चेतावनी जारी की है। डॉ. तामफम के मुताबिक, ‘डिसीज-एक्स’ ज्यादा घातक है। कोरोना के मुकाबले यह तेजी से फैलता है और इबोला से ज्यादा जानलेवा है।

    मौत का खतरा 50 से 90% जयादा
    इबोला की तुलना में इससे मरने वालों की संख्या 50 से 90% तक ज्यादा हो सकती है। एक अमेरिकी टीवी चैनल से बातचीत में डॉ. तामफम ने कहा, ‘आज हम ऐसी दुनिया में हैं, जहां नए वायरस बाहर आएंगे। ये वायरस मानवता के लिए खतरा बन जाएंगे। भविष्य में आने वाली महामारी कोरोना वायरस से ज्यादा खतरनाक और तबाही मचाने वाली होगी।

    कांगो की महिला मरीज में ‘डिजीज-एक्स’ के लक्षण दिखे
    कांगो के इगेंड में एक महिला मरीज को खून आने के साथ बुखार के लक्षण देखे गए हैं। इस मरीज की इबोला जांच कराई गई, लेकिन रिपोर्ट निगेटिव आई। डॉक्टरों को डर है कि यह “डिसीज-एक्स’ की पहली मरीज है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के मुताबिक वैज्ञानिकों का कहना है कि ‘डिसीज-एक्स’ महामारी अभी परिकल्पना है, लेकिन अगर यह फैलती है तो पूरी दुनिया में इससे तबाही आएगी।

    कौन हैं डॉ. तामफम
    डॉ. तामफम की 1976 में इबोला वायरस का पता लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका थी। इबोला वायरस का जब पहली बार पता चला तो कांगो के यामबूकू म‍िशन अस्प्ताल में 88% मरीजों और 80% कर्मचारियों की मौत हो गई थी।

    हर साल वायरस की 3 से 4 नई प्रजाति सामने आ रही

    एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी में इंफेक्शियस डिसीज एपिडेमियोलॉजी के प्रो. मार्क वूलहाउस का कहना है, हर साल 3 से 4 नए वायरस की प्रजाति सामने आ रही है। इसमें से ज्यादातर वायरस ऐसे हैं जो जानवर में पाए जाते हैं। ये जानवरों के जरिए इंसानों में पहुंचकर बीमारी फैलाते हैं। जैसे इबोला और कोविड-19। जब इन्हें काटा जाता है या भोजन के रूप में लिया जाता है तो ये वायरस इंसानों तक पहुंचता है।

    पशु बाजार ‘डिसीज-X’ का बड़ा खतरा साबित हो सकता है। यह वायरस वहां के किसी भी जानवर में हो सकता है। पिछले कुछ सालों में वैज्ञानिकों ने पशु बाजार से एवियन फ्लू और सार्स जैसे वायरस फैलने का कनेक्शन ढूंढा है।

    जानवरों का घर उजड़ना इंसानों तक वायरस पहुंचने की वजह
    डॉ. तामफम का कहना है, भविष्य में ऐसी बीमारियां बढ़ेंगी जो जानवरों से इंसानों तक पहुंचेंगी। यलो फीवर, इन्फ्लुएंजा, रैबीज और लाइम डिसीज के उदाहरण सामने हैं। ये बीमारियां जानवरों के जरिए इंसानों तक पहुंची।
    एक्सपर्ट्स कहते हैं, दुनियाभर में वायरस की संख्या बढ़ने की बड़ी वजह हैं- जानवरों का घर उजड़ना, जंगलों का तबाह होना और जानवरों की तस्करी।

    जानवरों के रहने की जगह उजड़ने पर बड़े जानवर तेजी से कम हुए। चूहे, चमगादड़ जैसे जीव जिंदा रहे। इनके जरिए कई बीमारियां इंसानों तक पहुंची। कोरोना के फैलने की वजह अभी भी चमगादड़ को ही माना जा रहा है।

  • सोशल मीडिया में ISRO के वैज्ञानिक का दावा, कहा- जहर देकर की गई मारने की कोशिश….

    सोशल मीडिया में ISRO के वैज्ञानिक का दावा, कहा- जहर देकर की गई मारने की कोशिश….

    इंडियन स्पेस रिसर्च ऑरग्नाइजेशन (ISRO, इसरो) के एक बड़े वैज्ञानिक और अहमदाबाद स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के पूर्व निदेशक तपन मिश्रा का दावा है कि उन्हें जहर देकर मारने की कोशिश की गई है. वैज्ञानिक ने यह दावा किया है कि साल 2017 में उन्हें जहर देने की कोशिश की गई थी. अपनी फेसबुक पोस्ट में तपन मिश्रा ने ये बात कही है. हालांकि, उन्होंने जहर किसने दिया इस बारे में कोई भी बात नहीं कही है।

    तपन मिश्रा ने अपनी फेसबुक पोस्ट में भी इस बारे में लिखा है. जिसमें उन्होंने बताया है कि उन्हें बेंगलुरू में एक प्रमोशन इंटरव्यू के दौरान 23 मार्च 2017 को नाश्ते में जहर मिलाकर दिया गया था. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आर्सेनिक दी गई थी. इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि घर पर जो आर्सेनिक होता है वो ऑर्गेनिक आर्सेनिक होता है. लेकिन जो नाश्ता उन्हे दिया गया था वो इनऑर्गेनिक ऑर्सेनिक था. जो इंसानों के लिए जानलेवा होती है।

    तपन मिश्रा ने ये भी बताया कि आर्सेनिक खाने के बाद उन्हें दो सालों तक इलाज कराना पड़ा था. उन्होंने यह भी कहा कि इसके बाद उनके खून कीा जो रिसाव शुरू हुआ था वो लगातार चलता रहा. उन्होंने पहले बैंगलौर के अस्पताल में इलाज कराया फिर उन्हे अहमदाबाद के जाइडस कैडिला अस्पताल में इलाज कराना पड़ा. उन्होंने कहा कि किस्मत के सहारे मै बच गया. उन्होंने यह भी कहा वो टीएमएच मुंबई में भी इलाज कराये और अंत में दिल्ली के एम्स में उन्हे इलाज कराना पड़ा।

    उन्होंने अपने पोस्ट में कहा है कि, अहमदाबाद लौटने के बाद उन्हें काफी एनल ब्लीडिंग हो रही थी. जिसके बाद उन्हें अहमदाबाद के अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्हें सांस लेने में भी परेशानी हो रही थी. त्वचा केंचुली की तरह निकल रही थी. हाथों और पैर की उंगलियों से नाखून उखड़ने लगे थे. न्यूरोलॉजिकल समस्याएं जैसे हापोक्सिया, हड्डियों में दर्द, सेंसेशन, एक बार हल्का दिल का दौरा, आर्सेनिक डिपोजिशन और शरीर के बाहरी और अंदरूनी अंगों पर फंगल इंफेक्शन भी हो रहा था।

    उन्होंने बिना नाम लिये कहा कि मेरे एक साथी जो मेरे साथ ही काम करता था, उसने मुझे जहर देने के बारे में आगाह किया था. उन्होंने बताया कि उनके मित्र ने 5 जून 2017 को ही उन्हें आगाह कर दिया था. वहीं उन्होंने यह भी लिखा है कि 7 जून को एमएचए सिक्यूरिटी ने एक व्यक्ति ने भी जहर देने के बारे में बताया था. इसके अलावा उन्होंने उन डाक्टरो का शुक्रिया अदा किया है जिन्होंने उन्हें इलाज कर ठीक किया।

  • मर्सिडीज ने कर्मचारी को नौकरी से निकाला तो गुस्साए कर्मचारी ने ठोंकी 50 कारें, कंपनी को दिया 50 करोड़ का झटका 

    मर्सिडीज ने कर्मचारी को नौकरी से निकाला तो गुस्साए कर्मचारी ने ठोंकी 50 कारें, कंपनी को दिया 50 करोड़ का झटका 

    साल के आखिरी दिन जब पूरी दुनिया जश्न में डूबी हुई थी तब मर्सिडीज मेकर Daimler, स्पेन के अपने विक्टोरिया प्लांट में एक कर्मचारी को नौकरी से निकाल रहा था. ऐसे में साल 2020 का आखिरी दिन इस व्यक्ति के लिए बेहद खराब रहा. कर्मचारी ने इसका बदला लेने के लिए फेसिलिटी में खड़ी 50 मर्सिडीज वैंस को तोड़ दिया और उन्हें पलट दिया. लोकल मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये व्यक्ति अपनी नौकरी जाने से काफी निराश और गुस्से में था जहां अंत में उसने ये अंजाम दिया.
    38 साल के इस पूर्व कर्मचारी ने पहले तो JCB की तरह एक मशीन चुराई और फिर 21 किलोमीटर में फैले मर्सिडीज फेसिलिटी के अंदर जा घुसा. यहां उसने 50 वैन्स को ठोका और फिर उसे तोड़ कर पलटता चला गया. ये फेसिलिटी सेंटर स्पेन के Diamler में दूसरा सबसे बड़ा सेंटर है. असेंबली लाइन में खड़ी इन 50 नई वैंस को इस व्यक्ति ने पूरी तरह ठोक कर डैमेज कर दिया।

    रात के 1 बजे किया कांड

    रिपोर्ट में बताया गया है कि ये मामला रात के 1 बजे का है जब ज्यादातर लोग उस एरिया में मौजूद नहीं थे. इस दौरान सिर्फ सिक्योरिटी कर्मचारी और मेंटेनेंस वर्कर ही मौजूद थे. जब ये व्यक्ति गाड़ियों को नुकसान पहुंचा रहा था तब सिक्योरिटी पर्सनल ने व्यक्ति को चेतावनी देने के लिए हवा में बंदूक भी फायर की थी. व्यक्ति को पुलिस के हाथों में सौंपने से पहले लोगों ने ही उसे पकड़ लिया.

    कंपनी को हुआ 43 करोड़ रुपए का नुकसान

    बता दें कि फिलहाल जो नुकसान हुआ है उसमें सिर्फ 50 गाड़ियों का ही जिक्र आया है लेकिन ये नुकसान और ज्यादा हो सकता है. क्योंकि 50 गाड़ियों की कुल कीमत 43 करोड़ रुपए है. लिस्ट में वी क्लास वीटो वैंस शामिल हैं. हालांकि इस पूरे हादसे में किसी भी व्यक्ति के चोटिल होने की खबर नहीं है. सिर्फ यहां कंपनी के गाड़ियों को ही नुकसान हुआ है जहां अंत में व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया.

  • महिलाओं को न्याय देने का मतलब यह कतई नहीं है कि पुरुषों के साथ जानबूझकर अन्याय किया जाए : डॉ. नायक

    महिलाओं को न्याय देने का मतलब यह कतई नहीं है कि पुरुषों के साथ जानबूझकर अन्याय किया जाए : डॉ. नायक

    रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने बुधवार को रायपुर के जलविहार स्थित आयोग कार्यालय में महिलाओं के उत्पीड़न संबंधित प्रकरणों पर जन सुनवाई की। डॉ. नायक ने कहा कि महिला आयोग द्वारा लगातार विभिन्न जिलों में महिलाओं की समस्याओं को सुलझाया जा रहा है। इसी क्रम में रायपुर में तीन दिनों तक महिलाओं के प्रकरणों की सुनवाई की जाएगी। आज पहले दिन सुनवाई के लिए 21 प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 4 प्रकरण नस्तीबद्ध किये गए।
    अध्यक्ष डॉ. नायक ने कहा है कि महिला आयोग महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए निष्पक्ष होकर कार्रवाई करता है। उन्होंने बताया कि कई मामले आयोग में आते हैं जो पहले से न्यायालय में विचाराधीन होते हैं। यदि पहले से न्यायालय में मामला विचाराधीन है ऐसी स्थिति में महिला आयोग के हांथ बंधे होते हैं और आयोग कार्रवाई नहीं कर सकता।  महिला आयोग नियम और कानूनों से बंधा है। महिलाओं को न्याय देने का मतलब यह कतई नहीं है कि पुरुषों के साथ जानबूझकर अन्याय किया जाए।

    डॉ. नायक ने बताया कि आयोग में शारीरिक शोषण, मानसिक प्रताड़ना, दहेज प्रताड़ना, सम्पत्ति विवाद जैसे कई प्रकरणों की सुनवाई की जाती है, इनमें अधिकांश मामले पारिवारिक विवाद के होते हैं, लेकिन थाने में लंबित मामलों की सुनवाई आयोग में नहीं हो सकती। पुलिस द्वारा यदि मामलों पर कार्यवाही नहीं की जाती, तब ऐसी स्थिति में महिला आयोग मामले का संज्ञान ले सकती है।

    आयोग के समक्ष आए एक प्रकरण में अनावेदक सरकारी शिक्षिका द्वारा बिना तलाक लिए दो विवाह की शिकायत आई। सुनवाई के दिन अनावेदिका ने स्वयं को गर्भवती बताकर उपस्थित नहीं होने विषयक सूचना आयोग को प्रेषित की। आयोग ने अनावेदिका को आगामी तिथि पर मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ उपस्थित होने के लिए समय दिया है।

    अनावेदकों की अनुपस्थिति पर डॉ. नायक ने कड़ा रूख अपनाते हुए उनके निवास स्थान से संबंधित थानों में सूचना देकर उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं, इस संबंध में उन्होंने संबंधित पुलिस अधीक्षक को भी पत्र प्रेषित करने कहा है।

  • ट्विटर और इंस्टाग्राम ने डोनाल्ड ट्रंप को किया ब्लॉक, दे डाली यह चेतावनी….

    ट्विटर और इंस्टाग्राम ने डोनाल्ड ट्रंप को किया ब्लॉक, दे डाली यह चेतावनी….

    ट्विटर (Twitter) ने डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के कुछ ट्वीट्स को हटाने के साथ ही 12 घंटे के लिए उनका हैंडल सस्पेंड कर दिया है।

    वॉशिंगटन। अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद भी खींचतान जारी है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के समर्थकों ने व्हाइट हाउस और कैपिटोल हिल्स के बाहर जमकर हंगामा किया. जिसके बाद परिसर को ‘लॉकडाउन’ (प्रवेश एवं निकास बंद) कर दिया गया। कैपिटोल के भीतर यह घोषणा की गई कि बाहरी सुरक्षा खतरे के कारण कोई व्यक्ति कैपिटोल परिसर से बाहर या उसके भीतर नहीं जा सकता. दूसरी ओर ट्विटर (Twitter) ने ट्रंप के कुछ ट्वीट्स को हटाने के साथ ही 12 घंटे के लिए उनका हैंडल सस्पेंड कर दिया. ट्विटर के इस एक्शन के बाद फेसबुक और इंस्टाग्राम ने भी उनपर 24 घंटे का बैन लगा दिया।
    ट्विटर ने डोनाल्ड ट्रंप के हैंडल को ब्लॉक करने के पीछे नागरिक अखंडता नियम का हवाला दिया है. ट्विटर की ओर से कहा गया है कि अगर ट्रंप अपने तीन ट्वीट डिलीट नहीं करते हैं तो उनका अकाउंट 12 घंटे बाद भी सस्पेंड रहेगा. भविष्य में ट्विटर के नियमों का उल्लंघन करने पर डोनाल्ड ट्रंप का अकाउंट हमेशा के लिए सस्पेंड कर दिया जाएगा।

    बता दें कि हंगामे के वक्त कैपिटोल के भीतर यह घोषणा की गई कि बाहरी सुरक्षा खतरे के कारण कोई व्यक्ति कैपिटोल परिसर से बाहर या उसके भीतर नहीं जा सकता. जब नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन (Joe Biden) की जीत को प्रमाणित करने के लिए सांसद संसद के संयुक्त सत्र के लिए कैपिटोल के भीतर बैठे थे, तभी पुलिस ने इसके भीतर सुरक्षा के उल्लंघन की घोषणा की।

    कैपिटोल के बाहर पुलिस और ट्रंप समर्थकों के बीच झड़प हुई. प्रदर्शनकारियों ने कैपिटोल की सीढ़ियों के नीचे लगे अवरोधक तोड़ दिए. कैपिटोल पुलिस ने बताया कि इलाके में एक संदिग्ध पैकेट भी मिला है. हंगामे के बाद ट्रंप ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की. ट्रंप ने ट्वीट किया, ‘मैं अमेरिकी कैपिटोल में सभी से शांत रहने की अपील करता हूं. हिंसा न करें. याद रखें, हम कानून और व्यवस्था बनाए रखने वाली पार्टी हैं. कानून और महान पुरुषों व महिलाओं का सम्मान करें. धन्यवाद.’

    राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संसद का संयुक्त सत्र शुरू होने से ठीक पहले कहा कि वह चुनाव में हार को स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें धांधली हुई है और यह धांधली उनके डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी जो बाइडन के लिए की गई, जो नवनिर्वाचित राष्ट्रपति हैं. ट्रंप ने वाशिंगटन डीसी में अपने हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा , ‘जब धांधली हुई हो तब आपको अपनी हार स्वीकार नहीं करनी चाहिए.’ ट्रंप ने एक घंटे से अधिक के अपने भाषण में दावा किया कि उन्होंने इस चुनाव में शानदार जीत हासिल की है।