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  • घड़ी से करें बिल का भुगतान, Titan ने SBI के साथ लॉन्च किया कॉन्टैक्टलेस पेमेंट वॉच….

    घड़ी से करें बिल का भुगतान, Titan ने SBI के साथ लॉन्च किया कॉन्टैक्टलेस पेमेंट वॉच….

    दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के बीच देश में और अधिक डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने और भुगतान प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए टाइटन कंपनी लिमिटेड (Titan Company Limited) ने देश के सबसे बड़े लेंडर्स भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ कॉन्टैक्टलेस पेमेंट वॉच को लॉन्च करने के लिए साझेदारी की है. बता दें कि टाइटन दुनिया में पांचवां सबसे बड़ा घड़ी का ब्रांड है. इस साझेदारी के माध्यम से, Titan और SBI भारत में पहली बार कॉन्टैक्टलेस पेमेंट वॉच फंक्शन के साथ स्टाइलिश नई घड़ियों की एक सीरिज शुरू कर रहे हैं.
    एसबीआई खाताधारक अपने एसबीआई बैंक कार्ड को स्वाइप या डाले बिना टाइटन पे घड़ी पर टैप कर पीओएस मशीन पर कॉन्टैक्टलेस पेमेंट कर सकते हैं. बिना पिन दर्ज किए 2,000 रुपये तक का भुगतान किया जा सकता है. Tappy Technologies द्वारा वॉच स्ट्रैप में एम्बेडेड एक सुरक्षित प्रमाणित नियर-फील्ड कम्युनिकेशन (NFC) चिप कॉन्टैक्टलेस SBI डेबिट कार्ट की तरह सभी कार्य करने में सक्षम है।

    इन घड़ियों पर भुगतान सुविधा देश में 20 लाख से अधिक कॉन्टैक्टलेस मास्टरकार्ड एनेबल्ड प्वाइंट-ऑफ-सेल (POS) मशीनों पर उपलब्ध होगी. इन एक्सक्लूसिव घड़ियों के इस विशेष संग्रह में पुरुषों के लिए 3 और महिलाओं के लिए 2 स्टाइलों में बनाया गया है. इसकी कीमत 2,995 रुपये और 5,995 रुपये के बीच है. सभी एसबीआई और टाइटन ग्राहकों तक यह आसानी से उपलब्ध होगा।
    इस समझौते पर एसबीआई के चेयरमैन रजनीश कुमार ने कहा, हमें टाइटन द्वारा कॉन्टैक्टलेस पेमेंट स्पेस में इस अनूठी प्रस्ताव के लॉन्च का हिस्सा बनने की खुशी है. यह मुझे दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी घड़ी निर्माता कंपनी के साथ हाथ मिलाने में बहुत खुशी देता है, जो कि टाइटन पेमेंट वॉच के साथ हमारे YONO ग्राहकों के लिए एक स्मार्ट और इनोवेटिव खरीदारी समाधान प्रदान करता है. हमारा मानना है कि यह अभिनव पेशकश हमारे ग्राहकों के लिए टैप एंड पे तकनीक के साथ खरीदारी के अनुभव को फिर से परिभाषित करेगी. नवीनतम तकनीकी प्रगति के साथ, भारतीय स्टेट बैंक हमेशा अपने ग्राहकों के लिए इनोवेटिन बेस्ट-इन-क्लास बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने की दिशा में प्रयासरत है।

    इस अवसर पर टाइटन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सी के वेंकटरमन ने कहा, टाइटन हमेशा डिजाइन और इनोवेशन के शिखर पर रहा है. हमने हमेशा अपने उपभोक्ताओं की बदलती जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पाद लॉन्च किए हैं. एसबीआई एक भुगतान समाधान पेश करने के लिए सही साझेदार है जो तेज, सुरक्षित और निर्बाध है. यह उत्पाद न केवल उपभोक्ता की बैंकिंग जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि अपने क्लासिक और खास डिजाइनों के साथ आज के विकसित उपभोक्ताओं की सेवा भी करेगा।

  • आम इंसान भी कर सकते है अब पीएम मोदी से सम्पर्क, जानिए उनके सोशल मीडिया एकाउंट्स के बारे में…

    आम इंसान भी कर सकते है अब पीएम मोदी से सम्पर्क, जानिए उनके सोशल मीडिया एकाउंट्स के बारे में…

    हाल ही में लोकसभा में बहस के दौरान सांसदों की मदद के लिए एक 24/7 हेल्पलाइन शुरू की गई है, लेकिन इस हेल्पलाइन पर सांसदों के कम आम लोगों के फोन कॉल्स अधिक आ रहे हैं। हेल्पलाइन पर फोन करने वालों में ज्यादातर लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नंबर मांग रहे हैं। कोई कह रहा है कि उसे मोदी से मिलना है तो कोई कह रहा है कि उसे मोदी को सुझाव देना है। यदि आप भी ऐसे लोगों में से एक हैं जो पीएम मोदी से फोन नंबर, ई-मेल आईडी या किसी अन्य तरीके से संपर्क करना चाहते हैं तो यह खबर आपके लिए है। आज हम पीएम मोदी तक पहुंचने के 5 तरीके आपको बताएंगे।

    PM मोदी तक अपनी बात पहुंचाने का सबसे आसान तरीका सोशल मीडिया है। ऐसे में आप मोदी के वेरिफाइड अकाउंट के जरिए उन तक अपनी बात पहुंचा सकते हैं। पीएम के सोशल मीडिया अकाउंट्स ये हैं।
    www.facebook.com/narendramodi
    twitter.com/narendramodi
    https://plus.google.com/+NarendraModi,
    https://www.youtube.com/user/narendramodi
    https://www.instagram.com/narendramodi

    https://www.mygov.in/home/61/discuss/

    यहां आप शिकायत, बधाई और सुझाव के लिए संदेश भेज सकते हैं। यहां आप डीबेट में हिस्सा भी ले सकते हैं। इसके अलावा आप नरेंद्र मोदी एप (नमो एप) से भी पीएम से जुड़ सकते हैं।

    आप ई-मेल के जरिए भी प्रधानमंत्री तक पहुंच सकते हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय को आप connect@mygov.nic.in पर मेल कर सकते हैं या फिर narendramodi1234@gmail.com पर ई-मेल भेजकर अपनी बात रख सकते हैं।

    अगर आप उपरोक्त बताए गए माध्यमों से पीएम से संपर्क करने में असमर्थ हैं तो आप इस पते पर उन्हें चिट्ठी भी लिख सकते हैं। वेब इनफॉर्मेशन मैनेजर, साउथ ब्लॉक, रायसीना हिल्स, नई दिल्ली, पिन 110011.

    वहीं अगर आप पीएम से फोन या फैक्स के जरिए जुड़ना चाहते हैं तो इसके लिए आप 011-23015603, 11-23018939, 011-23018668 पर फोन कर सकते हैं या फिर

    +91-11-23019545 या 23016857 पर फैक्स कर सकते हैं। 

  • पत्रकारों की शिकायत पर जिला जनसंपर्क अधिकारी के खिलाफ बैठी जांच कमेटी….

    पत्रकारों की शिकायत पर जिला जनसंपर्क अधिकारी के खिलाफ बैठी जांच कमेटी….

    धमतरी। जनसंपर्क संचालनालय छत्तीसगढ़ ने प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया के पत्रकारों की शिकायतों को गंभीरता से लिया है. संचालनालय ने जिला जनसंपर्क अधिकारी के खिलाफ जांच अधिकारी नियुक्त किया है. संयुक्त संचालक हर्षा पौराणिक इस मामले की जांच करेंगे. आदेश में 15 दिनों के भीतर जांच प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए गए है।

    पत्रकारों को अपेक्षित सम्मान नहीं मिलने के मामले को लेकर जिला जनसंपर्क अधिकारी के खिलाफ स्थानीय पत्रकारों ने अब आवाज बुलंद किया. पत्रकार तत्काल उनकी तबादले की मांग कर रहे थे और बकायदा मुख्यमंत्री के पास इसकी लिखित शिकायत भी दर्ज कराया था.

    पत्रकारों का आरोप था कि महिला अधिकारी लंबे समय से धमतरी में पदस्थ है. इस वजह से वह अहम भावना से ग्रसित हो गई है, उनके द्वारा छोटे बड़े पत्रकारों का स्तर बनाकर पत्रकारों के साथ भेदभाव किया जाता है. इसका असर सरकार के जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार प्रसार भी पड़ रहा है. पत्रकारों का यह भी कहना था कि उक्त अधिकारी पत्रकारों से सीधे मुंह बात नहीं करती है और अधिकारी इस रवैये से जिले के पत्रकार व्यथित है.

    गौरतलब है कि उक्त महिला अधिकारी 2013 से जिला जनसंपर्क अधिकारी के पद पर पदस्थ है. विभागीय कार्य में मनमानी को लेकर जिले के प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से जुड़े पत्रकारों में काफी नाराजगी देखी जा रही है. इसके साथ ही जिले पत्रकारों द्वारा समय-समय पर इसकी मौखिक शिकायत जिला प्रशासन से किया जा चुका है.

    फिलहाल इस मामले में महिला अधिकारी के खिलाफ जांच और जांच के बाद कार्रवाई नहीं होने पर पत्रकारों ने धरना प्रदर्शन, आंदोलन जैसे कदम उठाएं जाने की बात कही है।

  • खुले आम रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुआ जांजगीर का ए एस आई, एस पी पारुल ने किया तत्काल निलंबित….

    खुले आम रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुआ जांजगीर का ए एस आई, एस पी पारुल ने किया तत्काल निलंबित….

    जांजगीर। जांजगीर थाने का एएसआई आर.पी.बघेल खुले आम रिश्वत लेते कैमरे में कैद हुआ है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक पारूल माथुर ने एएसआई को तत्काल निलंबित कर दिया है।

    एएसआई ने लेन-देन में उच्चाधिकारियों को भी बातचीत के दौरान लपेटे में ले लिया है। मामला जांजगीर थानेे का है जहाँ 12 सितम्बर 2020 को रांची से बिलासपुर जा रहा ट्रक ट्राफिक सिग्नल पर खड़ा था। उसी दौरान ट्रक के पिछले चक्के के चपेट में आने से एक बच्ची दुर्घटना ग्रस्त होकर घायल हो गई थी। भीड़ के डर से ट्रक चालाक ट्रक लेकर सीधे थाने पहुँचा और अपनी गाड़ी वहाँ खड़ी कर दिया। काफी देर तक मामले की कोई शिकायत ना होने पर थाना प्रभारी ने ट्रक चालक से रूपये लेकर उसे जाने दिया।

    जांजगीर थाने में उक्त मामले की शिकायत पर 4 अक्टूबर 2020 को एफआईआर दर्ज किया गया जिस पर वाहन को जप्त करने वाहन स्वामी को लगातार थाने से कॉल किया जा रहा था। वाहन स्वामी ने 23 जनवरी 2021 को सुबह 9 बजे ट्रक को नागपुर से रांची जाते वक्त थाने में जप्त करवाया। ट्रक में करीब 12 लाख का चना दाल भरा हुआ था जिसपर वाहन स्वामी ने ट्रक को जल्द चालान पेश करने का निवेदन किया जिससे कि, वह ट्रक को सुपुर्दनामे में ले सके।

    मामले के विवेचना अधिकारी एएसआई आर.पी.बघेल ने ट्रक का चालान कोर्ट में जल्द जमा करने के एवज में संचालक से एक लाख रूपये की माँग की। जब लेनदेन की बात नहीं बनी तब एएसआई ने ट्रक संचालक जो की नागपुर से आया हुआ था उसे 25 जनवरी को आने कहा।

    ट्रक संचालक 25 जनवरी को फिर जांजगीर पहुँचा जिस पर एएसआई ने पुन: मामले में लेनदेन की बात करते हुए उच्च अधिकारियों को भी हिस्सा देने की बात कही।

    ट्रक संचालक द्वारा उतनी राशि देने में असमर्थता व्यक्त करने पर पहले तो 12 हजार रूपये ले लिए बाद में अधिकारी के द्वारा कम होने की बात कहते हुए और 18 हजार और लिए।

    इस दौरान एएसआई ने मामले में चालान पेश करने और कितना पैसा लेना है की बात थाना प्रभारी से भी अपने मोबाइल से की। 30 हजार की राशि ले लेने की बावजूद भी सरकारी वकील और फोटोकापी के नाम पर अलग से राशि की मांँग की।

    ट्रक संचालक ने एएसआई की माँग पर उसे 3 हजार रूपये और दिया लेकिन फोटोकापी के नाम पर माँगी गई 1 हजार रूपये की अतिरिक्त नहीं दी। जिसपर एएसआई ने उसे 27 जनवरी को आने कहा। परन्तु 27 जनवरी को भी उसने कार्यवाही पूरी नहीं की और दो दिन बाद 29 जनवरी को वाहन का चालन पेश किया जिसके बाद आवेदक ट्रक संचालक को न्यायालय से ट्रक सुपुर्दनामे में मिल सकी।

    इस पूरे मामले में ट्रक संचालक के साथ गए भिलाई के ट्रांसपोटर सुखवंत सिंह ने पूरे वाक्ये का वीडियो बना लिया था। सुखवंत सिंह ने जांजगीर से लौटने के बाद आज इसका खुलासा कर दोषी अधिकारी पर कार्यवाही की माँग की है।

  • छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा- कोर्ट के आदेश में अब नहीं होगा दुष्कर्म पीड़िता का नाम;पुलिस प्रस्तुत करे सीलबंद चालान…

    छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा- कोर्ट के आदेश में अब नहीं होगा दुष्कर्म पीड़िता का नाम;पुलिस प्रस्तुत करे सीलबंद चालान…

    बिलासपुर। कोर्ट के आदेश और निर्णयों में अब दुष्कर्म पीड़िता का नाम नहीं होगा। इसको लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने दांडिक न्यायालयों को आदेश दिया है। कोर्ट ने न्यायिक अधिकारियों को इस आदेश की जानकारी देने के साथ ही DGP और गृह सचिव को आदेश दिया है कि वे सभी जिलों के SP को आदेश की कॉपी दें। जिससे पुलिस अफसर जांच और चालान प्रस्तुत करने के दौरान सुप्रीम कोर्ट की निर्धारित प्रक्रिया का पालन करें। जस्टिस संजय के. अग्रवाल की एकलपीठ ने आदेश दिया है कि IPC की धारा 376 के अंतर्गत अपराध का विचारण करने वाले दांडिक कोर्ट के आदेश या निर्णय में पीड़ित के नाम का उल्लेख नहीं करना चाहिए। इसी तरह दुष्कर्म की जांच करने वाले पुलिस अफसर को चालान सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार प्रस्तुत करना होगा। DGP औशर गृह सचिव को कहा गया है कि SP को सर्कुलर जारी करें कि आदेश का सख्ती से पालन हो सके।  रेप मामले में हुए DNA टेस्ट में था दुष्कर्म पीड़िता का नाम बिलासपुर के भरत बजाज ने अधिवक्ता विपिन कुमार पंजाबी के माध्यम से एक याचिका प्रस्तुत की थी। उन्होंने पुलिस के आवेदन पर बिलासपुर एट्रोसिटी कोर्ट के DNA जांच कराने के आदेश को चुनौती दी। कहा की विचारण न्यायालय ने उनको सुनवाई अवसर नहीं दिया और एकतरफा आदेश जारी कर दिया, जो गलत है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि पुलिस ने अपने आवेदन और कोर्ट ने अपने आदेश में दुष्कर्म पीड़िता का नाम लिखा है।

  • 4G से कितना अलग है 5G, जो बदल देगा लोगों का मोबाइल एक्सपीरियंस!

    4G से कितना अलग है 5G, जो बदल देगा लोगों का मोबाइल एक्सपीरियंस!

    वह समय तो आपको याद ही होगा. जब टेलिकॉम कंपनी रिलायंस जिओ ने 4G को लांच कर तहलका मचा दिया था. ऐसा नहीं है कि उसके पहले भारत में इंटरनेट मौजूद नहीं था. 1981 में 1जी, 1992 में 2जी, और 2001 में 3G वाला  मोबाइल नेटवर्क आ चुका था. किन्तु, क्रांति शब्द, खासकर ‘रिलायंस’ जियो के 4G के साथ ज्यादा मुफ़ीद बैठता है. आगे का सफर और भी ज्यादा रोमांचक हो सकता है।
    वो इसलिए क्योंकि, भारत में 5G नेटवर्क दस्तक दे चुका है. एयरटेल ने घोषणा की है कि उसने हैदराबाद में एक कमर्शियल नेटवर्क पर लाइव 5 जी सर्विस देने वाली पहली टेलिकॉम कंपनी बन गई है. वहीं जियो ने कहा था कि वह 2021 की दूसरी छमाही में देश में 5G सर्विस उपलब्ध करवाएगी. ऐसे में जानना दिलचस्प रहेगा कि 5G, 4G से कैसे अलग है, और यह कैसे बदलेगा हमारा मोबाइल एक्सपीरियंस?

    असल में 5G है क्या?

    5G को सेल्युलर मोबाइल सर्विस की 5वां पीढ़ी कहा जा सकता है. जो अपनी सुपर फास्ट डाटा सर्विस के चलते चर्चा का विषय बना रहता है. इसे मिलीमीटर वेब्स, स्मॉल सेल, मैसिव माइमो, बीमफॉर्मिंग और फुल डुप्लेक्स के संगम से विकसित किया गया है. इनकी मदद से उम्मीद जताई जा रही है कि इस नेटवर्क में इंटरनेट की स्पीड 1 000mbps तक पहुंचा जाएगी.  मतलब 4G के मुकाबले 10-20 गुना तेज डाटा डाउनलोड स्पीड।

    भारत भी इसका लाभ ले सके. इसके लिए ट्राई ने 2017 में इससे जुड़ा एक खाका तैयार किया था. इसी क्रम में एयरटेल ने दावा किया है कि उसके पास मौजूदा स्पेक्ट्रम पर मिड-बैंड में 5G नेटवर्क को चलाने की कैपेसिटी है. 5G नेटवर्क को सफल बनाने के लिए एयरटेल ने अपने पार्टनर Ericsson के साथ मिलकर काम किया है. कंपनी के मुताबिक 5G सर्विस को लाने वाली एयरटेल देश की पहली कंपनी बन गई है।

    डिजिटल युग के लिए यह नेटवर्क कितना महत्वपूर्ण हो सकता. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि दुनिया की बड़ी मोबाइल डिवाइस कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स को बनाने की तैयारी में जुटी गई हैं।

    इसकी जरूरत क्यों?

    5g

    आपके मन में सवाल हो सकता है कि आखिर 5G की जरूरत क्यों. दरअसल जैसे-जैसे वक्त बीत रहा है. वैसे-वैसे  स्मार्टफोन और इंटरनेट से चलने वाले अन्य डिवाइसेज की संख्या भी बढ़ रही है. परिणाम स्वरूप वर्तमान में प्रयोग वाली 6 गीगाहर्ट्ज वाली फ्रीक्वेंसी धीमी पड़ रही है. कई बार तो यह जाम तक हो जाती है. वहीं, वेवलेंथ छोटी होने के कारण मिलीमीटर वेब्स उतना अच्छे से ट्रेवल नहीं कर पाते, जितना करना चाहिए।

    मौसम भी इसमें बाधक बनता है. बारिश वाले माहौल में तो यह खासा प्रभावित होता है. यही कारण है कि मिलीमीटर वेब्स, स्मॉल सेल, मैसिव माइमो, बीमफॉर्मिंग और फुल डुप्लेक्स के संगम से 5G को तैयार किया गया. इसमें मिलीमीटर वेब्स के जरिए 30 से 300 गीगाहर्ट्ज का खाली फ्रीक्वेंसी बैंड काम में लाया जाया जाएगा, जिससे रफ्तार मिलना लाजमी है. इसी तरह दूसरे उपकरण भी अपना-अपना काम करेंगे।

  • देखिये बजट क्या सस्ता क्या महंगा…

    देखिये बजट क्या सस्ता क्या महंगा…

    वित्त मंत्री के पिटारे से इस बार राहत की सौगात आमलोगों पर नहीं बरसी। ना तो टैक्स के स्लैब में बदला किया गया और ना ही महंगाई पर कुछ राहत मिली।। उपर से मोबाइल जैसी जरूरत का सामान महंगा हो गया। इस बजट से सिर्फ मीडिल क्लास और नौकरी पेशा वर्ग ही निराश नहीं हुआ है, बल्कि शराब प्रेमियों को भी ज्यादा कीमत चुकाने का डर सताने लगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में शराब पर सेस 100 प्रतिशत बढ़ाने का ऐलान किया है। शराब से जुड़े पेय पदार्थों में सेस की दर 100 फीसदी बढ़ने से इसकी कीमतों में इजाफा होगा। सरकार ने घोषणा की है कि नया एग्री इन्फ्रा डेवलपमेंट सेस कल से ही लागू हो जाएगा. इस हिसाब से कल से शराब पीना भी महंगा होगा, क्योंकि बजट में एल्कोहॉलिक बेवरेज पर 100 प्रतिशत एग्री इन्फ्रा सेस लगाया है.इस फैसले के तुरंत बाद से ही ये कहा जाने लगा कि अब शराब महंगी हो जाएगी, लेकिन विशेषज्ञों की मानें तो ऐसा कुछ नहीं होने वाला है।

    पेट्रोल-डीजल भी महंगे

    बजट में पेट्रोल पर 2.5 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 4 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से एग्री इन्फ्रा सेस लगाया गया है. ऐसे में इनकी कीमत कल से ही बढ़ने की संभावना है.

    खाने के तेल पर सेस, पर महंगाई का असर नहीं
    सरकार ने कच्चे पाम तेल पर 17.5% एग्री इन्फ्रा सेस, कच्चे सोयाबीन और सूरजमुखी तेल पर 20% का सेस लगाया है. लेकिन ग्राहकों पर इससे कीमतों का अतिरिक्त भार ना पड़े इसके लिए इन पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (बीसीडी) में कटौती की गई है.

    अप्रैल से सस्ता हो सकता है सोना-चांदी
    बजट में सोने और चांदी पर उत्पाद शुल्क दरों में कटौती की गई है. इसे 12.5% से घटाकर 7.5% कर दिया गया है. वहीं सोने-चांदी के बिस्कुटों पर भी सीमाशुल्क घटाया गया है. ऐसे में सोने चांदी के सस्ते होने की संभावना है. हालांकि सरकार ने इसी के साथ सोने और चांदी पर 2.5 प्रतिशत का एग्री इन्फ्रा सेस लगाया गया है. इससे तत्काल आधार पर सोने-चांदी की कीमतें बढ़ने की उम्मीद है. इसी के साथ रत्न और नग इत्यादि पर भी सीमाशुल्क को बढ़ाकर 15% किया गया है.

    ऑटो पार्ट्स महंगे, सस्ते हो सकते हैं वाहन

    सरकार ने बजट में चुनिंदा ऑटो पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी 7.5% और 10% से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी है. वहीं नट-बोल्ट्स पर भी सीमाशुल्क को 10% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया है. इससे वाहनों के महंगे होने की संभावना कम ही है.

    इसकी वजह सरकार ने स्टील सेक्टर के लिए कस्टम ड्यूटी को घटाकर 7.5 प्रतिशत कर दिया है. साथ ही वाहन स्क्रैप पॉलिसी भी घोषित की है जिससे वाहनों की कीमत घट सकती है.

    सेब, खाद, चमड़ा भी महंगा

    सरकार ने चमड़ा पर सीमाशुल्क को 10% कर दिया है. यह पहले शून्य था. वहीं सेब पर 35% और खाद पर 5% का एग्री इन्फ्रा सेस लगाया है.

    सूती कपड़े महंगे, सिंथेटिक सस्ते
    बजट प्रावधान लागू होने के बाद आपका कपड़े खरीदने का शौक महंगा हो सकता है. सरकार ने कपास पर सीमाशुल्क को शून्य से बढ़ाकर 5% और कच्चे रेशम पर 10% से 15% कर दिया है. हालांकि नायलॉन के धागे पर उत्पाद शुल्क 7.5% से घटकर 5% रह गया है.

    मोबाइल, रेफ्रिजरेटर, चार्जर भी महंगे
    बजट में मोबाइल से जुड़े विभिन्न कलपुर्जों पर सीमाशुल्क को शून्य से बढ़ाकर 2.5% किया गया है. वहीं प्रिंटेड सर्किट बोर्ड, चार्जर िनिर्माण के उपकरण, लीथियम आयन बैटरी, रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशन के कंप्रेसर, एलईडी बल्ब, सोलर इल्वर्टर, सोलर लालटेन पर भी सीमाशुल्क में बढ़ोत्तरी हुई है.

    ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए बढ़ा सीमाशुल्क
    सरकार ने आम बजट 2021-22 को आत्मनिर्भर भारत पर केंद्रित रखा है. इसलिए विभिन्न वस्तुओं पर सीमाशुल्क दरों में परिवर्तन किया गया है. इससे घरेलू उद्योग को बढ़ावा मिलने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी.

    100% सेस के बाद भी इसलिए महंगी नहीं होगी शराब
    शराब पर एक तरफ 100 फीसदी सेस लगाया गया है तो दूसरी तरफ सरकार ने इस पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी में 100 फीसदी की कटौती कर दी है। पहले 80 फीसदी एल्कोहल वाली आयात की गई शराब पर 150 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगती थी, जो अब 50 फीसदी रह गई है। यानी शराब पर सेस लगाकर सरकार ने उसकी कीमत जितनी बढ़ाई है, उस पर कस्टम ड्यूटी घटाकर उतनी की कीमत कम भी कर दी है। यानी सेस लगाने और कस्टम ड्यूटी घटाने के फैसलों से शराब की कीमत पर असर निल हो गया।

  • डीजीपी अवस्थी ने समाधान कार्यक्रम में आयी शिकायतों पर पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी से की बात…

    डीजीपी अवस्थी ने समाधान कार्यक्रम में आयी शिकायतों पर पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी से की बात…

    रायपुर। डीजीपी डीएम अवस्थी ने मंगलवार को समाधान कार्यक्रम में आयी शिकायतों पर पुलिस अधीक्षकों और थाना प्रभारियों से वीडियो कॉल पर बात की। जांजगीर जिले के सक्ती थाना इलाके से एक प्रार्थी ने शिकायत भेजी कि दो माह पहले उस पर प्राणघातक हमला हुआ था जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आयी थीं।
    लेकिन आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। डीजीपी अवस्थी ने जांजगीर पुलिस अधीक्षक पारूल माथुर और सक्ती थाना प्रभारी को निर्देश दिए कि आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की जाये और उन्हें अवगत करायें। सूरजपुर निवासी अमरेश कुमार दुबे ने शिकायत भेजी कि अंबिकापुर में उनकी बेटी की मृत्यु डॉक्टरों की लापरवाही की वजह से हुई है, जिन पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।

    डीजीपी ने सरगुजा पुलिस अधीक्षक टीआर कोशिमा को निर्देश दिए कि सिविल सर्जन को पत्र लिखकर डॉक्टर की लापरवाही पर जॉच करायें। बीजापुर से पीड़ित ने बताया कि उनके बेटे की दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी, जिस व्यक्ति ने दुर्घटना की थी उसकी गिरफ्तारी पुलिस द्वार नहीं की जा रही है।

    डीजीपी के निर्देश पर तत्काल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। राजनांदगांव और धमतरी से अवैध शराब बिक्री की शिकायत आई जिस पर डीजीपी ने तत्काल दोनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों को अवैध शराब के विरूद्ध सघन अभियान चलाने के निर्देश दिए।

    कांकेर के उड़कुड़ा थाना अन्तर्गत निवासी देवेश कुमार साहू ने बताया कि उन्हें कम सुनाई देता है और श्रवण यन्त्र की आवश्यकता है। डीजीपी अवस्थी ने कांकेर पुलिस अधीक्षक अहिरे को निर्देश दिए कि प्रार्थी को श्रवण यन्त्र उपलब्ध करायें।

  • BSNL Cinema Plus लॉन्च, सिर्फ 199 रुपये में 300 से ज्यादा टीवी चैनल्स का मिलेगा आनंद….

    BSNL Cinema Plus लॉन्च, सिर्फ 199 रुपये में 300 से ज्यादा टीवी चैनल्स का मिलेगा आनंद….

    भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने एक नई सर्विस BSNL Cinema Plus को लॉन्च किया है. इससे सब्सक्राइबर्स एक सब्सक्रिप्शन के जरिए SonyLIV और Voot Select समेत कई OTT (ओवर द टॉप) प्लेटफॉर्म्स को ऐक्सेस कर पाएंगे. BSNL सब्सक्राइबर्स के लिए इस सर्विस की मंथली कीमत 199 रुपये रखी गई है. हालांकि, पहले तीन महीनों के लिए इसकी मौजूदा इंट्रोडक्टरी कीमत 129 रुपये प्रति महीने रखी गई है. कंपनी का दावा है कि इस नई सर्विस के जरिए यूजर्स को 300 से ज्यादा टीवी चैनल्स और 8,000 से ज्यादा मूवीज का ऐक्सेस मिलेगा।

    सब्सक्राइबर्स को BSNL सिनेमा प्लस सर्विस ऑफर करने के लिए कंपनी ने YuppTV के साथ साझेदारी की है. इससे यूजर्स को SonyLIV Special, Voot Select, YuppTV प्रीमियम औ जी5 प्रीमियम का ऐक्सेस मिलेगा. ये सर्विस YuppTV स्कोप के जरिए उपलब्ध है, जो एक सब्सक्रिप्शन के तहत मल्टीपल OTT प्लेटफॉर्म्स का ऐक्सेस देता है. BSNL सिनेमा प्लस को सब्सक्राइब करने वाले यूजर्स वेब कंटेंट को उनके कंप्यूटर, मोबाइल डिवाइसेज और स्मार्ट टीवी पर देख पाएंगे. साथ ही यहां पर्सनलाइज्ड रिकमंडेशन और कंटेंट एग्रीगेशन जैसे फीचर्स भी शामिल हैं।

    जॉनर्स की बात करें तो BSNL सिनेमा प्लस सर्विस में यूजर्स को मूवीज, स्पोर्ट्स, म्यूजिक और किड्स कंटेंट ऑफर होंगे. साथ ही यहां जी5 और Voot के ओरिजनल शो और लाइव टीवी चैनल्स भी ऑफर होंगे. BSNL सब्सक्राइबर्स इस सिनेमा प्लस सर्विस को वेबसाइट से पा सकते हैं. यहां आपको एक साइनअप करने की जरूरत होगी. इसमें आपको अपना BSNL फोन नंबर, टेलीकॉम सर्किल, ईमेल ID और फुल नेम देना होगा. एक बार साइन अप होने के बाद एंड्रॉयड, iPhone, एंड्रॉयड TV और फायर टीवी डिवाइसेज पर ऐप के जरिए उपलब्ध होगी. डेस्कटॉप और लैपटॉप पर इसे वेब ब्राउजर के जरिए भी ऐक्सेस किया जा सकता है।

  • हाई कोर्ट ने दिया आदेश, प्रदेश के सभी न्यायालयों में सभी कार्य आज से सामान्य रूप से होंगे…

    हाई कोर्ट ने दिया आदेश, प्रदेश के सभी न्यायालयों में सभी कार्य आज से सामान्य रूप से होंगे…

    भिलाई। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से सम्बद्ध प्रदेश के सभी न्यायालयों में आज 3 फरवरी से काम काज नियमित रूप से प्रारम्भ कर दिए जाएंगे , इस आशय के आदेश आज हाई कोर्ट रजिस्ट्रार जनरल दीपक तिवारी ने जारी कर दिए हैं , जिसके परिपालन में दुर्ग के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश कुमार श्रीवास्तव ने भी अपना आदेश जारी करते हुए कहा है कि कोविड 19 से बचाव हेतु केंद्र एवं राज्य शासन द्वारा निर्देशित नियमों को पालन करना अनिवार्य होगा । न्यायालय के सभी कर्मचारियों अधिकारियों तथा पत्रकारों को अनिवार्य रूप से मासिक का उपयोग करना होगा कार्यालय के अंदर सीमित लोग रहे , अधिवक्ताओं की संख्या भी सीमित रहे उन सभी बातों का खासतौर पर ध्यान रखना होगा ।