दिल्ली। अक्सर लोग जानवरों से इस कदर प्रेम करते हैं कि उनके लिए कुछ भी करने को तैयार रहते हैं। ऐसे ही एक शख्स का काम इन दिनों चर्चा में है।दरअसल, अमेरिका के नैशविले में रहने वाले एक शख्स व्यक्ति ने अपने पालतू कुत्ते लुलू के लिए पचास लाख डॉलर यानि लगभग चालीस करोड़ रूपये की संपत्ति छोड़ी है। अमेरिकी मीडिया की खबरों के मुताबिक लुलू की देखरेख करने वाली मार्था बर्टन ने बताया कि कुत्ते के मालिक बिल डोरिस एक जाने माने बिजनेसमैन थे और पिछले साल उनकी मौत हो गई थी। उन्होंने अपनी मौत से पहले लुलू को अपनी जायदाद का वारिस घोषित कर दिया।खबरों के मुताबिक बिजनेसमैन डोरिस ने अपनी वसीयत में लुलू की देखरेख के लिए पैसे एक ट्रस्ट में जमा करने एवं उसकी देखरेख करने के लिए हर महीने उसमें से राशि देने की इच्छा जताई है। उन्होंने कहा कि वह कुत्ते को बहुत प्यार करते थे। इस कुत्ते लुलू की देखभाल करने वाली बर्टन ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि इतनी बड़ी राशि कभी लुलू की देखभाल पर खर्च हो भी सकेगी या नहीं। फिलहाल चालीस करोड़ रूपये की संपत्ति एक कुत्ते के नाम कर देने की बात अमेरिका समेत पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुई है।
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फास्टैग में मिनिमम बैलेंस की बाध्यता खत्म, जानिए और क्या नियम बदले…
दिल्ली। फास्टैग (Fastag) को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने अहम कदम उठाया है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI,एनएचएआई) ने फास्टैग में मिनिमम बैलेंस रखने की बाध्यता खत्म कर दी है. हालांकि यह सुविधा सिर्फ कार, जीप या वैन (Car, Jeep, Van) के लिए ही है, कामर्शियल व्हीकल (Commercial Vehicles) के लिए नहीं।
एनएचएआई ने फास्टैग जारी करने वाले बैंकों से कहा है कि वे सिक्योरिटी डिपॉजिट के अलावा कोई मिनिमम बैलेंस रखना अनिवार्य नहीं कर सकते हैं. पहले विभिन्न बैंक फास्टैग में सिक्योरिटी डिपोजिट के अलावा मिनिमम बैलेंस रखने के लिए भी कह रहे थे. कोई बैंक 150 रुपये तो कोई बैंक 200 रुपये का मिनिमम बैलेंस रखने को कह रहे थे. मिनिमम बैलेंस होने की वजह से कई FASTag उपयोगकर्ताओं को अपने FASTag खाते/वॉलेट में पर्याप्त शेष होने राशि के बाद भी एक टोल प्लाजा से गुजरने की अनुमति नहीं मिलती थी. इसके चलते टोल प्लाजा पर गैर जरूरी नोक—झोंक होती थी और कई बार पीछे आ रहे वाहनों को असुविधा होती है।
बैलेंस शून्य हो गया है तो फास्टैग लाइन से नहीं निकल सकेगी गाड़ी
एनएचएअई के मुताबिक यूजर को अब टोल प्लाजा से गुजरने की तब तक अनुमति दी जाएगी, जब तक कि FASTag खाते/वॉलेट में निगेटिव बैलेंस नहीं है. यदि फास्टैग अकाउंट में कम पैसे हैं तो भी कार को टोल प्लाजा पार करने की अनुमति होगी. भले ही टोल प्लाजा पार करने के बाद फास्टैग अकाउंट निगेटिव क्यों नहीं हो जाए. यदि ग्राहक उसे रिचार्ज नहीं करता है तो निगेटिव अकाउंट की रकम बैंक सिक्योरिटी डिपॉजिट से वसूल कर सकता है।
FASTag कुल टोल कलेक्शन का 80 फीसदी
देश भर में 2.54 करोड़ से अधिक फास्टैग के यूजर हैं. हाइवे पर FASTag कुल टोल कलेक्शन का 80 फीसदी योगदान देता है। इस समय FASTag के माध्यम से डेली टोल कलेक्शन 89 करोड़ रुपए को पार कर गया है। गौरतलब है कि 15 फरवरी 2021 से फास्टैग के माध्यम से टोल प्लाजा पर भुगतान अनिवार्य हो जाएगा. ऐसा इसलिए, क्योंकि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण देश भर में टोल प्लाजा पर 100% कैशलेस टोल प्राप्त करने का लक्ष्य बना रहा है। -

सोशल मीडिया पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी अपलोड करने वाले 2 आरोपी गिरफ्तार….
रायपुर। सोशल मीडिया पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी अपलोड करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपी को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने सोशल मीडिया फ्लेटफार्म पर महिलाओं और बच्चों से संबंधित अश्लील वीडियो अपलोड किया था. एक मामला रायपुर के तेलीबांधा थाना इलाके और दूसरा मामला मौदहापारा थाना इलाके का है।
पुलिस के मुताबिक साल 2020 में सोशल मीडिया पर आरोपी संतोष कुमार यादव निवासी जोरा ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी अपलोड अपलोड किया था. जिसकी शिकायत मिलने के बाद से उसे ट्रेस किया जा रहा था. आज उसे गिरफ्तार किया गया है. उसके खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत कार्रवाई की गई है. आरोपी को ज्यूडिशियल रिमांड के लिए न्यायालय भेजा गया है।

मप्र से गिरफ्तार हुआ आरोपी
इसके अलावा रायपुर के थाना मौदहपारा क्षेत्र में रहते हुए मप्र के भिण्ड निवासी आरोपी जगन्नाथ सुमन (35 वर्ष) ने मोबाइल फोन से बच्चों से संबंधित अश्लील वीडियो सोशल मीडिया में अपलोड किया था. जिस पर जगन्नाथ के खिलाफ मौदहापारा थाने में आईटी एक्ट की धारा 67ए के तहत अपराध दर्ज कर तलाश की जा रही थी. जिसके बाद उसे भिंड से गिरफ्तार किया गया है. उसके पास से मोबाइल फोन को जब्त किया गया है।
इससे पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
बता दें कि सोशल मीडिया पर चाइल्ड पोर्न अपलोड करने की जानकारी एनसीआरबी (राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो) के जरिए पुलिस को मिलती है. इससे पहले भी राजधानी रायपुर में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. इसके बाद भी अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
चाइल्ड पोर्न क्लिप सर्च करना भी अपराध
इंटरनेट पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी सर्च करना या इससे संबंधित कोई भी वीडियो शेयर करना अपराध है. ऐसे मामलों में आईटी एक्ट की धारा 67बी के तहत मुकदमा दर्ज किया जाता है. इसमें 5 साल की सजा हो सकती है. अधिकारियों के मुताबिक ‘नेशनल क्राइम फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लोइटेड चिल्ड्रन’ इस पर नजर रखती है।
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अश्लील वीडियो मामले में पहले से ही जेल में रह रही गहना वशिष्ठ पर गैंगरेप कराने का मामला दर्ज… हैं जेल मे, मॉडल को तीन-तीन मर्दों के साथ गंदा काम करवाने का आरोप….
मुंबई। एकता कपूर की वेब सीरीज गंदी बात से सुर्खियों में आई एक्ट्रेस गहना वशिष्ठ पर एक के बाद एक गंभीर आरोप लग रहे हैं। हाल ही में अदाकारा को पोर्न वीडियोज अपलोड करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
अदाकारा पर करीब 87 अश्वील वीडियोज को शूट करने और उन्हें वेबसाइट पर अपलोड करने के आरोप थे। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर केस दर्ज किया गया था। अब गहना वशिष्ठ पर एक और संगीन आरोप लगा है।
सामने आ रही ताजा रिपोर्ट्स की मानें तो गहना वशिष्ठ पर गैंगरेप करवाने का आरोप है। जिसके बाद अभिनेत्री के खिलाफ केस दर्ज हो गया है। ये चौंकाने वाली जानकारी सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

एक रिपोर्ट के हवाले से जानकारी मिली है। रिपोर्ट की मानें तो अदाकारा के साथ-साथ 3 और लोगों पर महिलाओं की शीलता भंग करने और अश्लील हरकतें करने के आरोप में आईपीसी की धारा के अंतर्गत केस दर्ज किया गया है।
खबर के मुताबिक एक 24 वर्षीय मॉडल ने अदाकारा पर गंभीर आरोप लगाया कि एक वीडियो शूट के दौरान उनके साथ जबरन 3 पुरुषों से अश्लीलता करवाई गई। हालांकि गहना वशिष्ठ के वकील ने इन आरोपों का खंडन किया है और कहा है कि अदाकारा ने महज ये वीडियो शूट किया था।
बता दें अभिनेत्री गहना वशिष्ठ का जन्म छत्तीसगढ़ के चिरमिरी में 16 जून 1988 में हुआ है। उनका असली नाम वंदना तिवारी है। बताया गया कि गहना को शुरू से ही एक्टिंग और मॉडलिंग का शौक था।

उन्होंने 2012 में मिस एशिया बिकिनी का खिताब भी अपने नाम किया था। गहना वशिष्ठ ने कई विज्ञापन फ़िल्मों के लिए मॉडलिंग की है। उन्होंने कई हिंदी और तेलुगु फ़िल्मों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
हाल ही में गहना वशिष्ठ तब सुर्खियों में आईं, जब सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस वीडियो में अभिनेत्री अपनी कमर के नीचे तिरंगा लपेटे हुए नजर आयी और वह बहुत इरॉटिक अंदाज में पोज दे रही थीं। ये वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर काफी हलचल मच गई थी।
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विदेशी नागरिक और एक महिला को मुंबई पुलिस ने किया गिरफ्तार, लॉकडाउन के दौरान सैकड़ों महिलाओं से 1.5 से 2 करोड़ रुपये तक कि ऑनलाइन ठगी…
मुंबई। बोरीवली पुलिस को दिल्ली के चंद्र बिहार इलाके में आरोपी के छिपे होने की सूचना मिली थी.विदेशी नागरिक इफिनाई मदुकासी प्रिंस (30) और नार्थ ईस्ट से हेयो बोलो मेइंग (23) नाम के आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. तलाशी के दौरान आरोपीयों के पास से पुलिस को 16 डेबिट कार्ड, 10 पासबुक, 2 लेपटॉप, 9 मोबाइल, 4 नए सिम कार्ड और 2 इंटरनेशनल सिम कार्ड बरामद हुए हैं. शुरुआती पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने लॉकडाउन के दौरान सैकड़ों महिलाओं से 1.5 से 2 करोड़ रुपये तक की ऑनलाइन ठगी की है. और बाद में ये सारा पैसा उन्होंने डेबिट कार्ड की मदद से निकाल लिया था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इफिनाई मदुकासी प्रिंस (30) नाम का ये विदेशी नागरिक 10 फर्जी फेसबुक आईडी के जरिए भारतीय महिलाओं को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजता था. जो महिलाएं फ्रेंड रिक्वेट एक्सेप्ट कर लेती थीं तो फिर वो उनको अपने प्रेमजाल में फंसाकर उनका वॉट्सऐप नंबर मांग लेता था. जब महिला पूरी तरीके से उसके चंगुल में फंस जाती तो वो लंदन से उसके लिए गिफ्ट भेजने की बात कहता था. इसके 2-3 दिन बाद उक्त महिला को मुंबई एयरपोर्ट का फर्जी कस्टम अधिकारी बनकर फोन किया जाता था और करीब 2-3 लाख का टैक्स देकर पार्सल ले जाने को कहा जाता था. ऐसे में अगर कोई महिला पैसे देने से इनकार करती थी तो विदेशी नागरिक दोबारा महिला को फोन कर पार्सल में 3 से 4 करोड़ के गहने की बात कहकर महिला को मना लेता था. ठगी का ये सिलसिला आगे बढ़ता गया और अब महिला से सर्विस फी भरने को कहा जाने लगा. अगर महिला मना करती तो पुलिस से गिरफ्तार करवाने की धमकी दी जाती. मजबूर होकर महिला 2 से 3 लाख रुपये अलग एकाउंट में ट्रांसफर कर देती. जब तक महिला को पता चलता कि उसके साथ ठगी हो रही है, तब तक आरोपी अपने सारे मोबाइल और फेसबुक आईडी बंद कर चुका होता था. ऑनलाइन ठगी करने वाले विदेशी नागरिक और एक महिला को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। -

कोरोना पॉजिटिव होने पर क्या होगा, जानिए स्वास्थ्य मंत्रालय के नए नियम…
दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के मामलों में कमी जरूर आई है लेकिन संकट अभी पूरी तरह टला नहीं है। इस बात को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कार्यस्थलों (ऑफिस) के लिए ताजा एसओपी (मानक ऑपरेटिंग प्रक्रिया) जारी की है। समाचार एजेंसी पीटीआई ने रविवार को बताया कि सरकार ने किस कार्यालय में कोरोना पॉजिटिव पाए जाने पर उस ऑफिस को बंद करने का नियम हटा दिया है। नए एसओपी के अनुसार अब किसी भी परिस्थिति में ऑफिस बंद करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी की गई एसओपी के निर्देशों के मुताबिक अगर कार्यालय में एक या दो कोरोना संक्रमित मामले मिलते हैं तो डिसइन्फेक्शन (कीटाणु रहित) की प्रक्रिया केवल उसी स्थान पर सीमित रहेगी।इसके अलावा उस स्थान को डिसइन्फेक्ट किया जाएगा जिसे पिछले 48 घंटों में मरीज द्वारा इस्तेमाल किया गया होगा। कार्यालय में बड़े पैमान पर कोरोना के मरीज मिले तो ब्लॉक या बिल्डिंग डिसइन्फेक्ट की जाएगी।
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सुप्रीम कोर्ट का वॉट्सऐप-फेसबुक को नोटिस,आप भले खरबों की कंपनी हों, लेकिन व्यक्ति की निजता कोई सस्ती नही….
दिल्ली। नई प्राइवेसी पॉलिसी के संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने फेसबुक और वॉट्सऐप को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है. सुप्रीम कोर्ट ने वॉट्सऐप और फेसबुक से कहा कि लोगों की गोपनीयता बेहद अहम है. आप दो-तीन खरब डॉलर की कंपनी हो सकते हैं, लेकिन लोगों में डर है कि उनके डेटा को कहीं और बेचा जा रहा है. लोगों की निजता की सुरक्षा करना हमारी ड्यूटी है।
एक जनहित याचिका में कहा गया है कि वॉट्सऐप और फेसबुक की नई प्राइवेसी पॉलिसी से लोगों की निजता का हनन हो रहा है और डेटा लीक किया जा रहा है. आरोप लगाया गया है कि वॉट्सऐप और फेसबुक यूरोप के लिए अलग मापदंड रखते हैं और भारत के लिए अलग नियम हैं, ये सही नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने दोनो कंपनियों से जवाब तलब किया है।
गौरतलब है कि कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने आरोप लगाया कि WhatsApp ने ‘माई वे या हाई वे’ के दृष्टिकोण को अपनाया है, जो मनमाना, अनुचित, असंवैधानिक है. इसे भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में स्वीकार नहीं किया जा सकता है. वॉट्सऐप व्यक्तिगत उपयोगकर्ता के डेटा को धोखे से इकट्ठा कर रहा है. भारत में अपने लॉन्च के समय, वॉट्सऐप ने उपयोगकर्ताओं को डेटा और मजबूत गोपनीयता सिद्धांतों को साझा न करने के वादे के आधार पर आकर्षित किया।
2014 में भी किए थे बदलाव
2014 में ही फेसबुक द्वारा वॉट्सऐप के अधिग्रहण के बाद, जब उपयोगकर्ताओं ने अपने डेटा की गोपनीयता पर संदेह करना शुरू कर दिया था. क्योंकि उन्हें भय था कि उनके व्यक्तिगत डेटा को फेसबुक के साथ साझा किया जाएगा. उस समय वॉट्सऐप ने वादा किया कि अधिग्रहण के बाद गोपनीयता नीति में कुछ भी नहीं बदलेगा. हालांकि, अगस्त 2016 में, वॉट्सऐप अपने वादे से पीछे हट गया और एक नई गोपनीयता नीति पेश की जिसमें उसने अपने उपयोगकर्ताओं के अधिकारों से गंभीर रूप से समझौता किया और उपयोगकर्ताओं के गोपनीयता अधिकारों को पूरी तरह से कमजोर कर दिया।
वाणिज्यिक विज्ञापन और मार्केटिंग के लिए डेटा का इस्तेमाल
नई गोपनीयता नीति के तहत, इसने वाणिज्यिक विज्ञापन और मार्केटिंग के लिए फेसबुक और इसकी सभी समूह कंपनियों के साथ व्यक्तिगत डेटा साझा किया. तब से कंपनी अपनी नीतियों में बदलाव कर रही हैं, ताकि सूचनाओं की एक विस्तृत श्रृंखला को इकट्ठा और संसाधित किया जा सके, और तीसरे पक्ष को डेटा दिया जा सके।
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FASTag 15 फरवरी से हो गया जरूरी, लेकिन ऐसे रिचार्ज कराने पर कटेंगे ज्यादा पैसे…
15 फरवरी 2021 से देश के सभी टोल नाकों (FASTag on Toll Plaza) पर FASTag जरूरी हो गया है. Toll प्लाजा पर लगने वाली गाड़ियों की लंबी लाइन से छुटकारा पाने के लिए यह सिस्टम जरूरी किया गया है. सरकार के इस ऐलान के बाद से सभी लोग वाहनों पर FASTag का इस्तेमाल कर रहे हैं. इसके साथ ही NHAI ने क्लीयर किया है FASTag को वहीं से Recharge कराएं, जहां से उसे खरीदा हो. यानि जिस बैंक से उसे लिया है वहीं Recharge कराना होगा।
FASTag from 15 February 2021 : अगर ग्राहक दूसरे बैंक से FASTag रीचार्ज कराता है तो उसे 2.5% लोडिंग चार्ज देना होगा. यानि अगर 1 हजार रुपए का Recharge कराया तो 25 रुपए ज्यादा देने होंगे. इसके साथ ही FASTag को मोबाइल नंबर की तरह Port भी कर पाएंगे. अगर आपका FASTag होल्डर सर्विस में कौताही बरत रहा है तो आप उसे Port करा सकते हैं।
FASTag from 15 February 2021 : ग्राहक FASTag उस बैंक या एजेंसी को रिटर्न कर देगा और दूसरे बैंक से उसे ले सकता है. इसमें कार नंबर पहले वाला ही रहेगा. ग्राहक 3 महीने तक असंतुष्ट रहने के बाद ही Port सर्विस अपना पाएंगे।
यहां से ले सकते हैं FASTag
देश के लगभग सभी बड़े सरकारी और प्राइवेट बैंक जैसे SBI, ICICI, HDFC, AXIS BANK से FASTag ले सकते हैं. अमेज़न से भी ऑनलाइन FASTag खरीद सकते हैं. PAYTM के जरिये भी FASTag खरीदा जा सकता है. बड़े पेट्रोल पंप पर भी फास्टैग खरीदने की सुविधा है. NHAI की ओर से FASTag की फ्री सुविधा के लिए सभी टोल प्लाजा पर बिक्री केंद्र लगाए गए हैं।15 फरवरी से NHAI के टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन नहीं होगा. यह सुविधा धीरे-धीरे सभी लेन को डेडिकेटेड फास्टैग लेन में बदल दिया जाएगा. जिनके पास FASTag नहीं है, उन्हें दोगुनी टोल रकम का जुर्माना देना पड़ सकता है।
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शादी करने के लिए ‘घूसखोर’ एसडीएम को मिली हाईकोर्ट से जमानत…
जयपुर। हाईवे बना रही कंपनी से 10 लाख रुपए रिश्वत मांगने के आरोप में 29 दिन से जेल में बंद एसडीएम पिंकी मीणा को अपनी शादी के लिए अंतरिम जमानत मिल गई, राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच के जस्टिस इंद्रजीत सिंह ने 10 दिन की सशर्त जमानत दी है। राजस्थान न्यायिक सेवा में चयनित हुए अधिकारी के साथ 16 फरवरी को एसडीएम ब्याह रचाएंगी, उन्हे 21 फरवरी को सरेंडर करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी को होगी।
बताया जा रहा है कि शादी के लिए दौसा जिले के जटवाड़ा में एक आलीशान होटल पहले ही बुक हो चुका था, इसी बीच वह रिश्वत लेते ट्रेप कर लीं गईं। 29 दिन से जेल में बंद एसडीएम मीणा ने जनवरी 2021 में निचली अदालत में जमानत के लिए प्रयास किए थे, तब याचिका ठुकरा दी गई थी। सरकारी वकील ने जमानत देने का विरोध कर कहा था कि यह बाहर आईं तो जांच प्रभावित हो सकती है, हालांकि अब हाईकोर्ट से पिंकी मीणा को शादी के छह दिन पहले जमानत मिल गई है।
एसीबी ने 13 जनवरी को दौसा में हाइवे निर्माण करने वाली कंपनी से 5 लाख की रिश्वत लेते हुए बांदीकुई की एसडीएम पिंकी मीणा को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि भारतमाला परियोजना (दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस हाइवे) कंपनी के अधिकारियों से रिश्वत मांगी गई थी। पिंकी मीणा जयपुर जिले में चौमूं के चिथवाड़ी गांव की रहने वाली हैं। सरकारी स्कूल से पढ़ाई पूरी करने वाली पिंकी मीणा के पिता किसान हैं। -

डीजीपी डीएम अवस्थी के खिलाफ प्रमोशन नही मिलने पर सोशल मीडिया पर अपशब्द कमेंट करने वाले आरक्षकों पर होगी कारवाई….
रायपुर। खबर है की तीन आरक्षक को नोटिस मिला है दरअसल प्रमोशन नहीं होने पर तीन आरक्षकों द्वारा पुलिस के सबसे बड़े अधिकारी डीजीपी डीएम अवस्थी के खिलाफ कमेंट किए जाने का मामला सामने आया हैं हालांकि इस मामले में पुलिस द्वारा जांच उपरांत तीनों आरक्षको को नोटिस जारी किया गया है यह मामला छत्तीसगढ़ का है प्रमोशन नहीं होने को लेकर तीन आरक्षकों ने DGP डीएम अवस्थी के खिलाफ अभद्रता की है।सोशल मीडिया ग्रुप में DGP डीएम अवस्थी के खिलाफ ये अभद्रता की गई है।
जानकारी के मुताबिक आरक्षकों ने सोशल मीडिया पर डीएम अवस्थी के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया है।शिकायत मिलने पर SSP रायपुर ने ग्रामीण ASP से जांच कराई है। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर आरक्षकों को नोटिस जारी किया गया है।
