बिलासपुर। जिले से एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। जहां एक छात्र ने अपनी टीचर से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। छात्र के मुताबिक उसकी केमिस्ट्री टीचर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थी।
मामला बिलासपुर जिले के तोरवा थाना क्षेत्र का है। जहां एक स्कूल में केमिस्ट्री पढ़ाने वाली टीचर और स्टूडेंट का अफेयर चल रहा था। इसी स्कूल से टीचर और छात्र का पवित्र बंधन धीरे-धीरे प्यार में बदल गया।
नाबालिक छात्र ने अपनी टीचर का मोबाइल अपने घर ले जाकर उसमें ऐसे सॉफ्टवेयर अपलोड कर दिए थे, जिससे टीचर के मोबाइल की सारी एक्टिवीटी से वो अपडेट रहता था। टीचर के वाट्सअप, फेसबुक और यहां तक की मोबाइल का कैमरा भी उसने हैक कर लिया था। दोनों के बीच हुई अश्लील चैटिंग भी वायरल हो गई।
कुछ दिनों बाद टीचर को ये अहसास हुआ कि उसका मोबाइल हैक है तो वो छात्र के घर 18 मार्च को गई और फिर टीचर के घर से निकलने के आधे घंटे बाद ही छात्र ने सुसाइड कर लिया।
इस घटना की सूचना तोरवा थाना पुलिस घटनास्थल पर मौके पर पहुंची। मामले में मृतक का सोशल वेब साइट से सुसाइड नोट बरामद किया गया है, जिसमें छात्र ने महिला शिक्षिका पर शारिरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
वहीं पूछताछ में यह भी सामने आया है कि छात्र ने अपने सभी दोस्तों को कोडिंग कर शेड्यूल मैसेज भेज थे। इसी मैसेज से खुलासा हुआ है कि टीचर और छात्र के बीच अश्लील चैटिंग हुए और आरोपी केमेस्ट्री टीचर सेक्सूअल संबंध के लिए भी उकसाती थी। जानकारी में यह भी बताया गया है कि टीचर ने छात्र के प्राइवेट पार्ट को काटने की भी कोशिश की।
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शिक्षिका के घर से जाने के आधे घंटे बाद नाबालिग ने कर ली आत्महत्या… अश्लील चैट हुए वायरल, टीचर और छात्र की लव “केमिस्ट्री”!
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केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने लिया बड़ा फैसला,कोविशील्ड वैक्सीन के दूसरे डोज के समय में बदलाव…
दिल्ली। देशभर में कोरोना संक्रमण तेजी से बढ़ रहा है. इसी तेजी से कोरोना वैक्सीनेशन का काम भी चल रहा है. इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है. कोरोना वैक्सीन को लेकर नई गाइडलाइन भी जारी कर दी है. हेल्थ विशेषज्ञों और वैज्ञानिकों के समूह की सिफारिश के बाद कोविशील्ड वैक्सीन के दूसरे डोज के समय में बदलाव किया गया है।
दरअसल, कोविशील्ड की पहली डोज लगने के 4 से 6 हफ्ते बाद दूसरी खुराक दी जा रही है. अब केंद्र सरकार ने 6-8 हफ्ते कर दिया गया है. केंद्र की नई गाइडलाइन के मुताबिक कोवीशील्ड के दोनों डोज के बीच अब कम से कम 6 से 8 हफ्ते का अंतर होना चाहिए. फिलहाल ये अंतर 28 दिन का था।
संशोधित गैप केवल कोविशील्ड पर लागू
केंद्र सरकार ने यह निर्देश ऐसे समय में लिया है, जब देशभर में 60 साल से ऊपर और 45 साल से अधिक उम्र के बीमार लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है. सरकार ने साफ किया है कि यह संशोधित गैप केवल कोविशील्ड पर लागू होगा, कोवैक्सीन के लिए नहीं है।
केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र
केंद्र सरकार ने इस बाबत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पत्र लिखा है. केंद्र ने बताया कि टीकाकरण पर राष्ट्रीय तकनीकी सलाहकार समूह के रिसर्च के बाद यह फैसला लिया जा रहा है. अब राज्य सरकारें इस पर अमल करेंगी. पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट में कोविशील्ड वैक्सीन बन रही है।
देश में अबतक साढ़े 4 करोड़ खुराक लगाई गई
हाल ही में केंद्र सरकार ने SII को कोविशील्ड वैक्सीन की 10 करोड़ डोज और तैयार करने को कहा है. इसकी वजह देश में कोरोना टीकाकरण अभियान में तेजी लाना है. अबतक SII साढ़े 6 करोड़ से ज्यादा डोज सरकार को दे चुकी है. इसके अलावा 6 करोड़ से अधिक टीके की खुराक 76 देशों को भेजी जा चुकी है. जबकि देश में लोगों को अबतक साढ़े 4 करोड़ खुराक लगाई गई है।
भारत में कोरोना वायरस
बता दें कि संक्रमण के नए मामलों में इन राज्यों की भागीदारी 80.5 प्रतिशत है. भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 46,951 नए मामले सामने आए हैं. इस साल एक दिन में सर्वाधिक संख्या है. मंत्रालय ने बताया कि महाराष्ट्र में 30,535 नए मामले सामने आए. एक दिन में सामने आने वाले मामलों की सबसे ज्यादा संख्या है।
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SC ने मोरेटोरियम की अवधि बढ़ाने से किया इनकार,लॉकडाउन में EMI किस्त में राहत लेने वालों का ब्याज नहीं होगा माफ…
सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने मंगलवार को लोन मोरेटोरियम केस पर फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने कहा कि 31 अगस्त के बाद मोरेटोरियम की अवधि नहीं बढ़ाई जा सकती है. इसके साथ ही छह महीने की अवधि के दौरान किसी भी उधारकर्ता से लिए गए ब्याज पर कोई ब्याज नहीं होगा. जस्टिस अशोक भूषण, आर सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की बेंच ने यह फैसला सुनाया है. एमआर शाह ने कहा कि मोरेटोरियम अवधि के दौरान 2 करोड़ रुपये से ज्यादा के ब्याज पर ब्याज की माफी संभव नहीं है।
इसके अलावा अगर किसी बैंक ने ब्याज पर ब्याज लिया है तो उसको लौटाना होगा इस पर किसी भी तरह की राहत नहीं मिलेगी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बैंक पूरी तरह से ब्याज माफ नहीं कर सकते क्योंकि वे खाताधारकों और पेंशनरों के लिए उत्तरदायी हैं।
सरकार के फैसले में नहीं करेंगे हस्तक्षेप
आपको बता दें कोर्ट ने कहा कि सरकार को आर्थिक फैसले लेने का अधिकार है और अदालत को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. महामारी के चलते सरकार को भी भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. हम सरकार को पॉलिसी पर निर्देश नहीं दे सकते हैं. हालांकि रिजर्व बैंक जल्दी की इस पर राहत का ऐलान करेगा.
कोरोना संकट के दौरान दी गई ईएमआई चुकाने से छूट के कारण 6 महीनों के दौरान जिन लोगों ने लोन की किस्त नहीं चुकाई, उन्हें डिफॉल्ट में नहीं डाला गया था. हालांकि, बैंक इन 6 महीनों के ब्याज पर ब्याज वसूल रहे थे. बता दें कि आरबीआई ने सबसे पहले 27 मार्च 2020 को लोन मोरटोरियम लागू किया था. इसके तहत 1 मार्च 2020 से लेकर 31 मई 2020 तक ईएमआई चुकाने से राहत दी गई थी. हालांकि, बाद में आरबीआई ने इसे बढ़ाकर 31 अगस्त 2020 कर दिया था. आरबीआई ने सितंबर 2020 में सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर कर कहा था कि लोन मोरटोरियम को 6 महीने से ज्यादा समय के लिए बढ़ाने पर इकोनॉमी पर बुरा असर होगा।क्या है पूरा मामला- कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन लगाया था. उस समय उद्योग धंधे पूरी तरह बंद थे. इसीलिए कारोबारियों और कंपनियों के लिए कई मुश्किलें खड़ी हो गई. कई लोगों की नौकरियां चली गईं. ऐसे में लोन की किस्तें चुकाना मुश्किल था. ऐसे में रिजर्व बैंक ने लोन मोरेटोरियम की सहूलियत दी थी. यानी लोन पर किस्तें टाल दी गई थीं. किसी लोन पर मोरेटोरियम का लाभ लेते हुए किस्त नहीं चुकाई तो उस अवधि का ब्याज मूलधन में जुड़ जाएगा. यानी अब मूलधन+ब्याज पर ब्याज लगेगा. इसी ब्याज पर ब्याज का मसला सुप्रीम कोर्ट में है.
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लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के ENC का हुआ रातों रात तबादला,सीएम हाउस से जारी हुआ फरमान….
रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के ENC एमएल अग्रवाल का रातों-रात तबादला आदेश जारी हुआ है। उनकी जगह पर टीजी कोसरिया को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग का प्रमुख अभियंता के पद पर नियुक्त किया गया है। आपको बता दें 10 माह पूर्व ही कोसरिया की जगह पर एमएल अग्रवाल की नियुक्ति की गई थी लेकिन अब फिर से अग्रवाल को हटाकर कोसरिया को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सीएम हाउस से जारी हुआ फरमान
बताया जा रहा है कि यह फरमान सीएम हाउस से जारी किया गया है लेकिन इसके बारे में विभागीय मंत्री को भी जानकारी नहीं थी अचानक कल देर शाम उन्हें यह जानकारी दी गई। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के ENC के अचानक हुए तबादले को लेकर मामले के संदिग्ध होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि अभी तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि तबादला क्यों किया गया है।
जल जीवन मिशन में करोड़ों की टेंडर प्रक्रिया जारी
आपको बता दे जल जीवन मिशन का अतिरिक्त प्रभार एमएल अग्रवाल के पास ही था जिसके तहत छत्तीसगढ़ के सभी 28 जिलों में लगने वाले नल कनेक्शन को लेकर टेंडर प्रक्रिया जारी है। मिली जानकारी के मुताबिक 11 सौ करोड़ से अधिक की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। जिसमें कई जगह पर काम का अलॉटमेंट भी दे दिया गया है। इससे पहले जून 2020 में जल जीवन मिशन के सभी कार्यों को निरस्त भी कर दिया गया था। कैबिनेट में बैठक कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सभी टेंडर प्रक्रिया को कैंसिल करने का अनुमोदन हुआ था।
रातों-रात हुए इस तबादले ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए है
आखिर क्या वजह थी कि ENC एमएल अग्रवाल का रातों-रात तबादला करना पड़ा?
विभागीय मंत्री को पूर्व में जानकारी क्यों नहीं दी गई?
क्या जल जीवन मिशन की टेंडर प्रक्रिया है तबादले की वजह? -

छत्तीसगढ़ सीएम की हाई लेवल मीटिंग में फैसला,छत्तीसगढ़ में नहीं लगेगा लॉकडाउन…
रायपुर। प्रदेश में तेजी से बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने फैसला लिया है. सरकार ने राज्य में सभी स्कूल-कॉलेज और आंगनबाड़ी केंद्रों को फिर से बंद करने का आदेश जारी किया है. अब सभी स्कूलों और कॉलेजों की क्लास और परीक्षाएं ऑनलाइन आयोजित की जाएंगी. सरकार ने आदेश को सख्ती से लागू करने को कहा है. यह जानकारी सरकार की तरफ से कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने दी है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में हाई लेवल मीटिंग हुई. इसमें कोरोना के हालातों पर समीक्षा की गई। बैठक में मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ सीनियर अफसर भी मौजूद रहे. वहीं, स्कूल शिक्षामंत्री डॉक्टर प्रेमसाय सिंह टेकाम ने बताया कि अभी परीक्षाओं को लेकर फैसला स्पष्ट नहीं है. बोर्ड और बाकी सभी परीक्षाएं ऑफलाइन आयोजित की जाएंगी. जल्द इससे जुड़ा आदेश जारी कर दिया जाएगा।
मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नियमों के तहत हों: भूपेश बघेल
CM भूपेश बघेल ने सभी को मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना टेस्ट बढ़ाने के निर्देश दिए हैं. संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए कोविड अस्पतालों और आइसोलेशन सेंटर में ऑक्सीजन की व्यवस्था को चाक चौबंद करने के निर्देश भी CM बघेल ने दिए हैसाथ ही हेल्थवर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 से ज्यादा की उम्र के लोगों को वैक्सीन लगाने पर जोर देने का फैसला किया है.
होली और सार्वजनिक आयोजनों के लिए अलग से गाइडलाइन
होली के साथ ही शादी, अंत्येष्टि और अन्य सार्वजनिक आयोजनों के संबंध में जल्दी ही गाइडलाइन जारी की जाएगी. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव अमिताभ जैन की अध्यक्षता में गृह, स्वास्थ्य, नगरीय प्रशासन, स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पर्यटन और सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों की समिति बनाई है. अगले दो दिनों में यह समिति बैठक कर इन आयोजनों के लिए दिशानिर्देश जारी करेगी।
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस शरद कुमार गुप्ता ने दिया इस्तीफा…
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस शरद कुमार गुप्ता ने इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने राष्ट्रपति को भेजे गए अपने इस्तीफे में छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से नई जिम्मेदारी मिलने का हवाला दिया है. इस्तीफा मंजूर होते ही जस्टिस गुप्ता नई भूमिका में नजर आएंगे।
जानकारी के मुताबिक उनका कार्यकाल एक महीने बाद खत्म हो रहा था. चर्चा है कि राज्य सरकार की ओर से उन्हें किसी आयोग में बड़ी भूमिका में लाया जा सकता है।
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अश्लील मैसेज से जुड़े मामले में हुई कार्रवाई,10 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज…
उत्तर प्रदेश के बस्ती में युवती के इनकार पर परिवार के ऊपर कई एफआईआर करने वाले आशिक मिजाज दरोगा को गिरफ्तार कर लिया गया है। दरोगा को पहले ही निलंबित किया जा चुका था। इसके साथ ही लापरवाही बरतने के आरोप में सीओ गिरीश सिंह को भी निलंबित किया जा चुका है। मामले में 10 पुलिसकर्मियों समेत 12 के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एसपी तक का तबादला हो चुका है। नगर कोतवाली थाना क्षेत्र के पोखरभिटवा गांव निवासी युवती 31 मार्च 2020 को अपनी दादी की दवा लेने के लिए घर से निकली थी। सानूपार चौकी पर तैनात दरोगा दीपक सिंह ने उसे रोका और कागजात चेकिंग के बहाने उसका मोबाइल नंबर ले लिया। उसी दिन से आरोपी दरोगा उसके नंबर पर कॉल करने लगा। साथ ही अश्लील बातें करने लगा। लड़की ने बात करने से इंकार किया तो दरोगा ने उसके भाई के खिलाफ जानलेवा हमला, बंधक बनाने व पिस्टल छीनने का केस दर्ज करा दिया। इस केस में लड़की के भाइयों, बहन व अन्य का नाम भी शामिल किया गया। आरोप है कि एक साल के भीतर कुल 8 केस उसके परिजनों पर दर्ज हुए।
पीड़िता ने दरोगा के खिलाफ एसपी से शिकायत की तो जांच का कोरम पूरा किया गया और क्लीन चिट दे दी गई। पीड़िता ने राज्य महिला आयोग अध्यक्ष से मुलाकात कर जांच व कार्रवाई की मांग की। इसके बाद शासन स्तर से एडीजी को जांच दी गई। एडीजी की जांच के बाद ही कार्रवाई शुरू हुई है।कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रामपाल यादव, तत्कालीन चौकी इंचार्ज दीपक सिंह को निलंबित कर दिया गया। प्रकरण में उचित कार्रवाई न करने पर एसपी हेमराज मीणा को भी हटा दिया गया। उनके स्थान पर आशीष श्रीवास्तव को बस्ती का नया पुलिस अधीक्षक बनाया गया है। रविवार को अपर पुलिस अधीक्षक रवींद्र सिंह का भी तबादला कर दिया गया।
पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने मुख्य आरोपित दरोगा दीपक सिंह, उसके भाई दरोगा राजन सिंह, पूर्व कोतवाल रामपाल यादव, पूर्व महिला थाना प्रभारी शीला यादव, दरोगा अभिषेक सिंह, कानूनगो सतीश, लेखपाल शालिनी सिंह, सिपाही पवन कुशवाहा, आलोक कुमार, संजय कुमार, दीक्षा यादव, नीलम सिंह पर केस दर्ज किया गया है। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि नामजद पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। जांच सीओ सिटी को सौंपी गई है।
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गर्मी में ‘लू’ से उत्पन्न स्थिति से निपटने हेतु तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापितसंयुक्त कलेक्टर श्री सुमित अग्रवाल नोडल अधिकारी नियुक्त…
रायगढ़। माह मार्च से जून 2021 के दौरान भीषण गर्मी ‘लू’ से उत्पन्न स्थिति से निपटने हेतु तहसील स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित कर तहसीलवार नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है तथा आपदा शाखा के प्रभारी अधिकारी संयुक्त कलेक्टर रायगढ़ श्री सुमित अग्रवाल को जिले का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
नियंत्रण कक्ष कंट्रोल रूम में रायगढ़ तहसील में नायब तहसीलदार रायगढ़ श्री विक्रांत सिंह राठौर, पुसौर तहसील में नायब तहसीलदार श्री प्रकाश पटेल, बरमकेला में प्रभारी तहसीलदार सुश्री प्रेमा किस्पोट्टा, सारंगढ़ में नायब तहसीलदार सुश्री रॉकी एक्का, खरसिया में नायब तहसीलदार श्री अरपन कुर्रे, घरघोड़ा में नायब तहसीलदार श्री हितेश कुमार साहू, तमनार में नायब तहसीलदार सुश्री अनुराधा पटेल, लैलूंगा में नायब तहसीलदार श्री लीलाधर चन्द्रा एवं तहसील धरमजयगढ़ में प्रभारी तहसीलदार श्री उमेश्वर बाज को नोडल अधिकारी बनाया गया है। -

आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकते हैं ये आठ मोबाइल एप, तुरंत करें डिलीट…
अगर अपने बैंक अकाउंट को सुरक्षित रखना है तो सबसे पहले अपने फोन को सुरक्षित करें। क्योंकि आपके फोन में मौजूद एप्स आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकते हैं। ये कुछ खतरनाक ऐप आपके एंड्रॉयड स्मार्टफोन में मैलवेयर इंस्टॉल करवा देते हैं।
कुछ दिन पहले भी करीब 150 ऐसे एंड्रॉयड एप्स को गूगल ने अपने प्ले-स्टोर से हटाया था जो यूजर्स को जरबदस्ती विज्ञापन दिखा रहे थे। इसी बीच एक और रिपोर्ट आई है जिसमें आठ लोकप्रिय एंड्रॉयड एप को फोन के लिए बेहद खतरनाक बताया गया है।
सिक्योरिटी रिसर्च फर्म चेक प्वाइंट की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक इन एप को मैलवेयर ड्रॉपर की कैटेगरी में रखा गया है। इन सभी एप्स में एक मैलवेयर ड्रॉपर है जिसे ‘Clast82’ नाम दिया गया है। यहां डरने वाली बात यह है कि इसे मैलवेयर एप को खासतौर पर इस तरीके से डिजाइन किया गया है कि यह गूगल प्ले प्रोटेक्ट को आराम से चकमा दे सकता है।
