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  • केंद्र सरकार ने पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कराने के लिए दी और 3 महीने की मोहलत…

    केंद्र सरकार ने पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कराने के लिए दी और 3 महीने की मोहलत…

    दिल्ली। कोरोना संकट या किसी अन्य वजह से अगर आप अपने पैन कार्ड को आधार कार्ड से अब तक लिंक नहीं करा सके हैं तो आपके लिए राहत की बड़ी खबर है. केंद्र सरकार ने पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कराने के लिए 3 और महीने की मोहलत देते हुए अंतिम तारीख 30 जून तक कर दी है. पहले यह तारीख आज बुधवार 31 मार्च को रात 12 बजे खत्म हो रही थी।

    केंद्र सरकार ने आज बुधवार को लिंक कराने की अंतिम तारीख खत्म होने से महज चंद घंटे पहले ही लोगों को बड़ी राहत दी. केंद्र ने कोरोना महामारी से उत्पन्न कठिनाइयों को देखते हुए आधार कार्ड को पैन कार्ड से लिंक करने की अंतिम तिथि 31 मार्च, 2021 से बढ़ाकर 30 जून, 2021 तक कर दी है।

    आज क्रैश हो रही थी साइट

    पहले से तय समयसीमा के अनुसार, पैन कार्ड और आधार कार्ड को लिंक कराने के लिए आज बुधवार को आखिरी तारीख थी और इस वजह से बड़ी संख्या में लोगों के इनकम टैक्स की वेबसाइट एक्सेस करने से यह साइट कई बार क्रैश हो गई।

    बड़ी संख्या में लोगों के अचानक साइट पर आने और उसे एक्सेस करने की वजह से आयकर विभाग की साइट आज पहले करीब साढ़े 12 बजे क्रैश हो गई. फिर उसे सुधार लिया गया. हालांकि शाम पौने 6 बजे तक भी आयकर विभाग की साइट बार-बार क्रैश होती रही और उस पर लोग लिंक नहीं करा सके. कई लोगों ने साइट क्रैश होने से खासे परेशान हुए और ट्विटर पर इसकी शिकायत भी की. साथ ही पैन और आधार लिंक कराने की आखिरी तारीख बढ़ाने की मांग भी रखी।

    ऑफलाइन भी लिंक कराने की सुविधा

    आधार और पैन को लिंक कराने के लिए आज 31 मार्च को अंतिम दिन होने की वजह से बड़ी संख्या में लोग आए क्योंकि लिंक नहीं कराने पर लोगों का पैन कार्ड निष्क्रिय हो जाता और बाद में लिंक कराने पर उन्हें 1,000 रुपये का जुर्माना देना पड़ता. सरकार ने इस बार के वित्त विधेयक में यह नया नियम शामिल किया है. सरकार की ओर से लोगों को फिलहाल 3 महीने की मोहलत मिल गई है।

  • आज से 45 पार सबको लगेगा टीका, जानिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातें….

    आज से 45 पार सबको लगेगा टीका, जानिए कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातें….

    देश में आज से 45 से अधिक उम्र के लोगों के लिए कोविड-19 रोधी टीकाकरण की तैयारी के बीच केंद्र ने बुधवार को राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ समीक्षा बैठक की तथा उनसे ऐसे क्षेत्रों की पहचान करने को कहा जहां टीकाकरण कराने वाले लोगों की संख्या कम है इसमें खासतौर पर ऐसे जिलों को भी चिन्हित करने को कहा जहां संक्रमण के नए मामलों में वृद्धि हो रही है। केंद्र ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को उचित कार्रवाई करने का निर्देश भी दिया। अब किसी गंभीर बीमारी या फिर कोरोना वायरस होने की पाबंदी नहीं है, केंद्रीय कैबिनेट ने बीते दिन इस फैसले पर मुहर लगाई जिसे वैक्सीनेशन के अभियान को देखते हुए एक अहम कदम माना जा रहा है। भारत में अभी तक 5 करोड़ कोरोना की डोज दी जा चुकी है, हर रोज औसतन 30 लाख डोज़ दिए जा रहे हैं।

    कहां लगाई जा रही है वैक्सीन

    देश में कोरोना वैक्सीन सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में लगाई जा रही है, देश में करीब 10 हजार प्राइवेट अस्पताल ऐसे हैं जहां वैक्सीन लगाने की सुविधा है यह सभी प्राइवेट अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से जुड़े हुए हैं, सरकारी और प्राइवेट अस्पताल मिलाकर कुल 40 हजार से अधिक सेंटर पर वैक्सीन लगाई जा रही है।

    अब कौन लगवा सकता है वैक्सीन

    कोई भी स्वास्थ्य कर्मी, कोरोनावारियर्स, पुलिसकर्मी या सुरक्षाकर्मी कोरोना वैक्सीन लगवा सकता है। जिसकी उम्र 45 साल से अधिक है अब वह भी वैक्सीन लगवा सकता है। पहले यह सीमा 60 साल से अधिक उम्र वाले लोग और 45 साल से अधिक उम्र वाले गंभीर बीमारी से पीड़ित लोगों तक की थी।

    वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे होगा

    किसी भी व्यक्ति को अगर वैक्सीन लगवानी है तो उसे रजिस्ट्रेशन करवाना होगा, रजिस्ट्रेशन होने पर ही आपको वैक्सीन लगने की तारीख समय और स्थान की जानकारी मिल जाएगी रजिस्ट्रेशन करवाने के भी कई तरीके हैं, सरकार द्वारा https://www.cowin.gov.in/home पोर्टल बनाया गया है जहां पर आसानी से जाकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। यहां आपको अपना मोबाइल नंबर डालना होगा जिसके बाद आधार कार्ड नंबर और और अन्य जरूरी जानकारी देकर आप अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं।

    प्रमाण पत्र जरूर लें, प्रमाण पत्र के आधार पर ही दी जाएगी टीके की दूसरी डोज….

    स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कोरोना का पहला टीका लगाने के समय ही अस्पताल से प्रमाण पत्र लेना चाहिए। यह प्रमाण पत्र हार्ड कापी या आनलाइन निश्शुल्क लिया जा सकता है। यदि कोई अस्पताल निशुल्क प्रमाण पत्र देने में आनाकानी करे तो टोल फ्री नंबर 1075 पर इसकी शिकायत की जा सकती है। प्रमाणपत्र के आधार पर ही टीके की दूसरी डोज दी जाएगी।

    सरकार द्वारा कोरोना टीकाकरण को लेकर जारी की गई नई गाइडलाइन के अनुसार एक अप्रैल से 45 वर्ष से ऊपर के सभी लोगों का टीकाकारण किया जाएगा। इसके तहत एक जनवरी 1977 से पहले जन्मे सभी लोगों को टीकाकारण अभियान में शामिल किया जाएगा।

    यह लोग कोविड पोर्टल पर पहले से आनलाइन पंजीकरण कराकर या टीकाकरण केंद्र पर तत्काल पंजीकरण करा कोरोना का टीका लगवा सकते हैं। इसके बाद उन्हें टीकाकारण का प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। मंत्रालय के आदेशानुसार हर लाभार्थी के लिए यह प्रमाण पत्र लेना जरूरी है क्योंकि इस पर टीकाकारण की तिथि और वैक्सीन का नाम अंकित होता है। इसके आधार पर लाभार्थी को टीके की दूसरी डोज दी जाएगी। सरकार ने सभी सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों को टीकाकारण का निश्शुल्क प्रमाणपत्र देना अनिवार्य किया है। यदि कोई प्राइवेट अस्पताल प्रमाणपत्र देने से इनकार करता है तो लाभार्थी टोलफ्री हेल्पलाइन 1075 पर शिकायत दर्ज करा सकता है। कोविशील्ड की दो डोज के बीच का अंतराल भी बढ़ाया गया है। दो डोज के बीच का अंतराल जो पहले चार से छह हफ्ते था, अब बढ़ाकर चार से आठ हफ्ते कर दिया गया है।

  • धूमधाम से मनाया गया होली का पर्व,लोगों ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर दी बधाई

    धूमधाम से मनाया गया होली का पर्व,लोगों ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर दी बधाई

    खरसिया। होली का पर्व शहर में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया लोगों ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर होली पर्व की बधाई दी होली के दिन सुबह से ही हर वर्ग के लोग अपने अपने घरों से निकल होली के रंगों में जमकर आनंद उठाते हुए नजर आए हर मोहल्ले में होली के गीत बज रहे थे और लोग अपने अपने तरीके से इस पर्व को मना रहे थे।

    कोरोना काल में नियमों का पालन करते हुये नगरवासियों ने त्यौहार का आनंद उठाया।
    पुरातन परम्पराओं के अनुसार नगर में इस बार भी अलग अलग जगह होलिका दहन किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से टाउन हाॅल मैंदान में सभी नगरवासियों ने भक्त प्रहलाद का जयकारा करते हुए भगवान से खरसिया नगर की सुख समृद्धि की मंगल कामना की तो वही दिन भर नगर की महिलाओं और बच्चों का उत्साह भी खरसिया के टाउनहॉल मैदान में देखने को मिल रहा था नगर की महिलाओं द्वारा गोबर से बने कंडे और माला नुमा आकार के कंडे को चढ़ाया गया।

    विदित हो कि होली पर्व को लेकर सप्ताह भर पहले से ही शहर में रंग पिचकारी की दुकानें सज चुकी थी शहर के मुख्य मोहल्लों में होलिका दहन की भी तैयारी हो चुकी थी और होलिका दहन के दिन सुबह से ही महिलाएं पूरी विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर रही थी इसके बाद रात करीब 8 बजे होलिका दहन किया गया फिर अगली सुबह से होली पर्व लोगों के द्वारा बड़ी धूमधाम से मनाना शुरू हो गया सुबह से हर मोहल्लों में लोग होली के रंग में नजर आ रहे थे तो कई मोहल्लों में होली पर्व मनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई थी ऐसे में पूरा शहर होली के रंगों में डूब गया था वहीं इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित ना हो इसके लिए खरसिया पुलिस के नगर निरीक्षक सुम्मतराम साहू और चौकी प्रभारी नंद किशोर गौतम के द्वारा विशेष व्यवस्था की गई थी, और चौक चौराहों पर पुलिस के जवान तैनात थे साथ ही पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी भी पूरे शहर में घूम रही थी ऐसे में किसी प्रकार की कोई बड़ी घटना घटित नहीं हुई और शांतिप्रिय ढंग से नगरवासियों ने रंग और उल्लास के इस पर्व को मनाया।

  • नगर की महिलाओं ने होली पर्व की परंपराओं को निभाया

    नगर की महिलाओं ने होली पर्व की परंपराओं को निभाया

    खरसिया। होली पूजन पर नगर की महिलाओं और बच्चों द्वारा नगर के टाउनहॉल में होली पूजन कर परम्परा को निभाया गया होलिका दहन के दिन लकड़ियों के ढेर के साथ ही गोबर के उपले या कंडे जलाने की भी प्रथा है। हमारे शास्त्रों में या हमारी परंपराओं में हर चीज़ बड़ी ही सोच-समझकर बनायी गयी है इन सबसे हमें कहीं-न-कहीं फायदा जरूर होता है इसी तरह से आज के दिन गोबर के उपलों को जलाने के पीछे भी हमारी ही भलाई छिपी हुई है। इसके साथ ही होलिका दहन के दिन से होलाष्टक समाप्त हो जाएगे, जिसके चलते विवाह आदि सभी शुभ कार्य अब फिर से शुरू हो जायेंगे। प्रत्येक वर्ष फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि को होलिका दहन किया जाता है। इस बार फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि 28 मार्च को पड़ी।

    28 मार्च को होलीका दहन के अगले दिन आज 29 मार्च को धुलेंडी मनाई जाएगी। कुछ लोग अपने घरों में होलिका दहन करके पूजा अर्चना करते हैं तो वहीं कुछ स्थानों पर सामूहिक रूप से होलिका दहन किया जाता है। इस दिन लोग होलिका के चारों और फेरे लेते हुए पूजा अर्चना करते हैं। मान्यता है कि होलिका की अग्नि में सभी तरह की नकारात्मक शक्तियां भस्म हो जाती हैं। होलिका की अग्नि में मुख्य रूप से लोग परिक्रमा करते हुए गेंहू की बालियां अर्पित करते हैं। इसके साथ ही होली की अग्नि में तिल, उपले और गोबर की बनी हुई गुलरिया (छोटे-छोटे गोबर के गोले जिनमें बीच में सुराख किया जाता है) की माला अर्पित कर जीवन की समस्याओं से मुक्ति के लिए प्रार्थना करते है।

  • पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाने वाले नागा साधु का आरोप निकला निराधार, ऐसे हुआ खुलासा…

    पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाने वाले नागा साधु का आरोप निकला निराधार, ऐसे हुआ खुलासा…

    बिलासपुर। पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाने वाले नागा साधु के मामले में थाना के सीसीटीवी फुटेज से स्पष्ट हो गया है कि उनसे मारपीट नहीं की गई है. नाग साधु को केवल बोलकर बाहर निकाला गया था, जबकि उन्होंने आईजी कार्यालय पहुंचकर आरोप लगाया था कि तोरवा थाना पुलिस ने उसके साथ बेरहमी से मारपीट की है।

    बता दें कि सोमवार को आईजी कार्यालय पहुंचे आंध्रप्रदेश के नागा साधु ने बताया कि दो दिन पहले वह बिलासपुर पहुंचा. जैसे ही स्टेशन से बाहर निकला एक मोटर सायकल सवार उसका थैला लेकर फरार हो गया. थाने में रिपोर्ट लिखाने पहुंचा तो उसके साथ पुलिस वालों ने मारपीट की है. यही नहीं उन्होंने मारपीट के निशान को भी दिखाया।

    तोरवा पुलिस ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए तत्काल थाने में लगे सीसीटीवी को खंगाला. पुलिस ने सीसीटीवी में पाया कि नागा साधु स्टेशन की ओर से किसी की मोटरसायकल पर सवार हो कर थाना पहुंचा. गेट के बाद सड़क किनारे मोटरसायकल से उतरकर उसने मोटरसायकल सवार को थैला और बैग थमाया. इसके बाद वह लड़खड़ाते थाना कैम्पस में घुसा. चलने के दौरान वह काफी झूम भी रहा थ।

    इस दौरान उसने थाने की तरफ इशारा कर कुछ कहा. फिर झण्डा रोहण स्थल के नीचे कुछ देर बैठा. पुलिस ने उसे बोलकर बाहर निकाला, और फिर नागा साधु वहां से चला गया. बहरहाल, पुलिस ने वीडियो जारी कर स्पष्ट किया है कि नागा साधु के साथ किसी भी तरह की मारपीट नहीं हुई है।

    इस मामले में एसपी प्रशांत अग्रवाल ने बताया कि कथित नागा साधु ने तोरवा थाने में पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाया था. आरोप बहुत ही गंभीर था इसलिए हमने थाने का सारा सीसीटीवी फुटेज निकलवाकर चेक किया. हालांकि, इसमें थाना परिसर में किसी भी प्रकार की कोई भी मारपीट की घटना सामने नहीं आई है. साधु जब थाने पहुंचा था, वहां पर कुछ महिलाएं भी थी जो असहज महसूस कर रही थीं, इसलिए थाने के स्टाफ ने उनसे कपड़े पहनने का आग्रह किया।

  • घूसखोर तहसीलदार के घर ACB का छापा गिरफ़्तार… होली से पहले जली नोटों की होली….. 

    घूसखोर तहसीलदार के घर ACB का छापा गिरफ़्तार… होली से पहले जली नोटों की होली….. 

    राजस्थान के सिरोही जिले में में भ्रष्टाचार का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम जब पिंडवाड़ा के तहसीलदार के कल्पेश जैन के घर पर छापेमारी के लिए पहुंची तो वह अंदर 20 लाख रुपये की रकम को चूल्हे में जलाने लगे।

    यही नहीं नोटों को आग के हवाले करने का यह नजारा एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने देखा और इसका वीडियो भी बना लिया गया। घटना का सनसनीखेज वीडियो सामने आया है, जिसमें तहसीलदार की पत्नी भी नोटों को जलाने में सहयोग करती दिख रही हैं। वहीं घर के बाहर से झांक रहा एक शख्स कहता है कि मैडम आप भी इस तरह से साथ दे रही हैं, यह अच्छी बात नहीं है।

    दरअसल भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एक टीम ने पिंडवाडा के राजस्व निरीक्षक परबत सिंह को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। 

    अधिकारी ने बताया कि आरोपी परबत सिंह द्वारा रिश्वत की राशि पिंडवाड़ा के तहसीलदार कल्पेश कुमार जैन के लिए लेने की बात स्वीकार करने पर जब ब्यूरो की टीम तहसीलदार के निवास पर उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो उसने अपने घर के दरवाजे बंद करके भीतर करीब 15-20 लाख रुपये की भारतीय मुद्रा जला भी दी। 

    उन्होंने बताया कि तहसीलदार को गिरफ्तार कर लिया गया है। तहसीलदार ने 500 रुपये के नोटों की गड्डियों को गैस-चूल्हे में जलाने की कोशिश की।

    ब्यूरो के महानिदेशक भगवान लाल सोनी ने बताया कि आरोपी तहसीलदार कल्पेश जैन ने परिवादी से पिंडवाडा में प्राकृतिक पैदावार आवंला छाल का ठेका दिलवाने की एवज में राजस्व निरीक्षक परबत सिंह के मार्फत एक लाख रुपये की राशि की मांग की थी। उन्होंने बताया कि आरोपी परबत सिंह को परिवादी से एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि मामले में तहसीलदार कल्पेश कुमार जैन की संलिप्तता पाए जाने पर जब ब्यूरो का दल उसे गिरफ्तार करने पहुंचा तो उसने अपने घर का दरवाजे बंद करके भीतर रखी करीब 20 लाख रुपये की राशि को गैस के चूल्हे पर जलाने का प्रयास किया।

    पुलिस की मदद से अंदर घुस पाई एसीबी की टीम


    उन्होंने बताया कि दल ने स्थानीय पुलिस की मदद से घर में प्रवेश किया। उन्होंने बताया कि तहसीलदार के निवास पर तलाशी में एक लाख 50 हजार रुपये बरामद किये गये। उन्होंने बताया कि आरोपी तहसीलदार कल्पेश कुमार जैन को भी मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों के निवास एवं अन्य ठिकानों की तलाशी जारी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।

  • राष्ट्रपति कोविंद सेना अस्पताल में हुए दाखिल, छाती में तकलीफ…

    राष्ट्रपति कोविंद सेना अस्पताल में हुए दाखिल, छाती में तकलीफ…

    दिल्ली। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने छाती में तकलीफ की वजह से दिल्ली स्थित सेना अस्पताल में चेकअप कराया. राष्ट्रपति के स्वास्थ्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके बेटे प्रशांत से चर्चा की और उनसे बेहतर स्वास्थ्य की कामना की।

    सेना अस्पताल प्रबंधन की ओर से जारी बयान में बताया गया कि राष्ट्रपति कोविंद के स्वास्थ्य की जांच करने के बाद उन्हें निरीक्षण में रखा गया है. उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है. बता दें कि शुक्रवार सुबह राष्ट्रपति कोविंद को छाती में तकलीफ होने के बाद सेना के अस्पताल में चेकअप के लिए लाया गया था।

  • ISRO ने चीन को दिखाई अपनी ताकत, प्रकाश के कणों पर भेजा सिक्रेट मैसेज, ‘लक्ष्मण रेखा’ से देश की सुरक्षा….

    ISRO ने चीन को दिखाई अपनी ताकत, प्रकाश के कणों पर भेजा सिक्रेट मैसेज, ‘लक्ष्मण रेखा’ से देश की सुरक्षा….

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद ने पहली बार तकनीक का ऐसा प्रदर्शन किया है, जिससे चीन की साजिशों पर अब पानी फिर जाएगा। इसरो ने ऐसा कारनामा किया है कि चीनी हैकरों के लिए किसी भी सिक्रेट मैसेज को हैक करना नामुमकिन होगा। आपने अकसर देखा होगा कि चीन के हैकर्स भारत की सुरक्षा में सेंधमारी करते रहते हैं साथ ही सबसे बड़ा डर मिलिट्री फ्रंट पर होता है, कि कहीं सेना का गोपनीय मैसेज लीक ना हो जाए। ऐसे में इसरो ने ऐसे टेक्नोलॉजी को डेवलप करने में कामयाबी हासिल की है, जिसे क्रेक करना चीनी हैकर्स के लिए नामुमकिन होगा।

    इसरो की कामयाबी को समझिए

    भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद यानि इसरो ने 300 मीटर की दूरी तक फ्री स्पेस क्वांटम कम्यूनिकेशन का कामयाब परीक्षण किया है। इसका मतलब ये है कि इसरो ने प्रकाण कणों के जरिए एक जगह से दूसरी जगह तक मैसेज भेजने में कामयाबी हासिल कर ली है। यानि, अब एक जगह से दूसरी जगह तक प्रकाश कण फोटोंस के जरिए गुप्त संदेश भेजे जा सकते हैं और हैकर्स कितनी भी कोशिश क्यों ना कर लें, वो मैसेज को नहीं पढ़ सकते हैं। इसरो की इस उपलब्धि को कुछ इस तरह समझिए कि फ्री स्पेस क्वांटम कम्यूनिकेशन की टेक्नोलॉजी को क्वांटम की डिस्ट्रीब्यूशन भी कहते हैं। और इसके जरिए कोई मैसेज, कोई पिक्चर या फिर कोई वीडियो भी प्रकाश कणों के जरिए फोंटोस में डाला जाता है और फिर से एक जगह से दूसरी जगह तक खास प्रकार से ट्रांसमीटर के जरिए भेजा जाता है। सबसे खास बात ये है कि इस प्रकार से भेजे गये मैसेज को एक खास प्रकार का रिसीवर ही प्राप्त कर सकता है लिहाजा हैकर्स के लिए इस प्रकार के मैसेज को डिकोड करना मामुमकिन से कम नहीं होगा।



    इसरो की शुद्ध स्वदेशी टेक्नोलॉजी

    इसरो का ये टेक्नोलॉजी शुद्ध स्वदेशी है यानि इसे पूरी तरह से भारत में ही बनाया गया है। लिहाजा भारत के लिए ये गर्व की बात है। इसरो ने नाविक रिसीवर को अपग्रेड करके इसे इस लायक बनाया है कि वो फ्री स्पेस क्वांटम कम्यूनिकेशन को डिसप्ले कर सके। जिसके बाद अब इसरो इस तकनीक को और ज्यादा मजबूत करने में जुट गया है। अगर इसरो इस तकनीक को और शक्तिशाली करने में कामयाबी हासिल कर लेता है तो फिर स्पेस से भेजे गये मैसेज, खासकर सिक्रेट मैसेज को साथ ही अपने सैटेलाइटट से भेजे गये मैसेज को बेहद कम वक्त में काफी ज्यादा सिक्योरिटी के साथ हासिल कर सकता है। जिसके बाद किसी भी देश के कितेने भी ताकतवार हैकर्स के लिए इन मैसेज को पढ़ पाना नामुमकिन होगा।



    भविष्य की टेक्नोलॉजी

    फ्री स्पेस क्वांटम कम्यूनिकेश के जरिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने में भी कामयाबी हासिल की है। जिसे भविष्य की टेक्नोलॉजी कहा जाता है। यानि, ये इतना ज्यादा सुरक्षित है कि इस तकनीक से की गई बातचीत को कोई भी नहीं जान सकता है। मान लीजिए भविष्य में अगर कोई लड़ाई होती है और इंडियन मिलिट्री को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोई महत्वपूर्ण प्लान बनाना हो तो उसे इंडियन मिलिट्री बिना किसी डर के प्लान बना सकती है और उस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग को दुश्मनों के लिए हैक करना नामुमिकन होगा। विश्व के विकसीत देश जैसे चीन और अमेरिका इसी टेक्नोलॉजी को और विकसित करने पर काम कर रहे हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)



    क्या है क्वांटम क्रिप्टोग्राफी

    क्वांटम क्रिप्टोग्राफी अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी माना जाता है जिसका मतलब ये होता है कि किसी संदेश को प्रकाश कण फोंटोस में बदल दिया जाता है और फिर उसे सुरक्षित रखा जाता है। इसे इस तरह से सुरक्षित रखा जाता है कि कोई इसे ब्रेक नहीं कर सकता है। यानि, जो मैसेज आप वाट्सएप पर किसी को भेजते हैं वो जितना सुरक्षित होता है उससे लाखों गुना ज्यादा सुरक्षित इसरो की ये टेक्नोलॉजी है। लिहाजा, इसरो के लिए इस टेक्नोलॉजी का सफल परीक्षण करना काफी बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)



    भारतीय साइंटिस्ट को सलाम

    इसरो ने जिस टेक्नोलॉजी का सफल परीक्षण किया है, उसे तोड़ने के लिए दुनिया में अभी तक कोई ऐसी टेक्नोलॉजी बनी ही नहीं है। अभी तक दुनिया के किसी भी देश के पास वो तकनीक नहीं है, जिसके जरिए वो क्रिप्टोग्राफी के मैसेज को ब्रेक कर सके। इसरो ने इस टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन अहमदाबाद स्थिति स्पेस एप्लिकेशन सेंटर में किया है और अब इसरो सैटेलाइट बेस्ड क्वांटम कम्यूनिकेशन का इस्तेमाल अपने दो ग्राउंड स्टेशन के बीच करेगा। इसरो की कोशिश है कि वो अपनी इस कामयाबी को दुनिया के सामने दिखाकर ये बताए कि भारतीय वैज्ञानिक दुनिया में किसी भी देश के वैज्ञानिक से कमजोर नहीं हैं। (इसरो द्वारा जारी तस्वीर)



    चीन के साथ रेस

    कुछ समय पहले रिपोर्ट आई थी कि चीन भी फ्री स्पेस क्वांटम कम्यूनिकेशन की टेक्नोलॉजी को विकसित करने जा रहा है। चीन की भी कोशिश यही थी कि उसके मैसेज को कोई और देश या हैकर्स तोड़ ना सके। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि चीन ने इस नेटवर्क में सेना, बैंक, सरकार और बिजली विभाग के 2 हजार से ज्यादा अधिकारियों को इस नेटवर्क से जोड़ा था। चीन का ये संदेश सिर्फ नेटवर्क में मौजूद लोग ही पढ़ सकते थे। इसके साथ ही रिपोर्ट ये भी है कि 2030 तक चीन ऐसे ही सैटेलाइट्स अंतरिक्ष में स्थापित करने की कोशिश में हैं और इसी कोशिश में इसरो भी लग गया है। यानि, इसरो और चीन के बीच एक तरह की प्रतिस्पर्धा चल रही है। माना जा रहा है कि टीन अपना क्वांटम शेयरिंग नेटवर्क बनाने की कोशिश में लगा है ताकि देश की सुरक्षा किया जा सके और इसरो का भी मकसद भविष्य में साइबर वार से देश को बचाने के लिए इसी टेक्नोलॉजी को विकसित करना है।

  • अब रात में ट्रेन यात्री नहीं कर पायेंगे मोबाइल चार्ज, जानिये क्या है रेलवे में नयी व्यवस्था

    अब रात में ट्रेन यात्री नहीं कर पायेंगे मोबाइल चार्ज, जानिये क्या है रेलवे में नयी व्यवस्था

    मुजफ्फरपुर। ट्रेनों में अब रात में यात्री चार्जिंग प्वाइंट की सुविधा नहीं मिलेगी. रात 11 बजे से अहले सुबह पांच बजे तक चार्जिंग प्वाइंट में बिजली की आपूर्ति बंद रहेगी. इससे यात्री चाह कर भी फोन चार्ज नहीं कर सकेंगे. इस नियम से रात में यात्रा के दौरान मोबाइल चोरी जैसी घटनाएं नहीं होंगी. साथ ही ओवर चार्जिंग की वजह से मोबाइल ब्लास्ट करने की आशंका भी खत्म हो जायेगी।

    हालांकि इससे यात्रियों को रात भर फोन चार्जिंग करने में असुविधा होगी. दरअसल, रेलयात्रा के दौरान अक्सर यात्री फोन में ही मशगूल रहते हैं. इसके लिए वे मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट ढूंढ़ते हैं. फिर चार्जिंग प्वाइंट में लगाकर अपने फोन का इस्तेमाल करते हैं।

    इसी अवस्था में अक्सर यात्री सो जाते हैं. ऐसे में उनके फोन चोर लेकर फरार हो जाते हैं. पूर्व मध्य रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि शताब्दी एक्सप्रेस में अगलगी जैसी घटनाओं पर चर्चा की गयी. इस वजह से यह समस्या आयी हो, इस पर भी फोकस किया गया. सुरक्षा के मद्देनजर यह नियम लागू रहेगा।

    यात्री ट्रेनों के एलएचबी कोच के साथ पुराने नीले रंग वाली पारंपरिक कोच में भी रात में चार्जिंग प्वाइंट में बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है. ज्यादातर ट्रेनों में इसे प्रभावी कर दिया गया है. जो बची हैं, उनमें भी जल्द इसे लागू कर दिया जायेगा. इससे हादसे में कमी आयेगी।

    सब-वे निर्माण से वैशाली, मौर्य समेत कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित

    गोरखपुर मंडल के गोल्डेनगंज-छपरा ग्रामीण के बीच सब-वे निर्माण के लिए पावर ब्लॉक लिया जायेगा. इस कारण 13, 20, 27 अप्रैल, 04 व 11 मई को कई ट्रेनों का परिचालन प्रभावित रहेगा. कुछ ट्रेनों को नियंत्रित, रीशेड्यूलिंग व मार्ग परिवर्तन किया गया है।

    ये ट्रेनें होंगी प्रभावित

    • 3, 21 व 27 अप्रैल और 4, 11 मई को 04651 जयनगर-अमृतसर क्लोन 1 जयनगर से 240 मिनट पुनर्निर्धारित कर चलेगी.
    • 13, 20 व 27 अप्रैल और 4 व 11 मई को 02553 सहरसा-नयी दिल्ली सहरसा से 60 मिनट पुनर्निर्धारित कर चलेगी.
    • 12, 19 व 26 अप्रैल और 3 व 10 मई को 05027 हटिया-गोरखपुर को हटिया से 180 मिनट पुनर्निर्धारित कर चलेगी.
    • 13, 20 व 27 अप्रैल और 4 व 11 मई को 05028 गोरखपुर-हटिया गोरखपुर से 120 मिनट पुनर्निर्धारित
    • 12, 19, 26 अप्रैल और 3 व 10 मई को 03019 हावड़ा-काठगोदाम स्पेशल बरौनी से सोनपुर के मध्य 70 मिनट नियंत्रित होकर चलेगी.
    • 13, 20 व 27 अप्रैल और 4 व 11 मई को 04649 जयनगर-अमृतसर कैंट समस्तीपुर से सोनपुर के मध्य 30 मिनट नियंत्रित.
    • 12, 19 व 26 अप्रैल और 3 व 10 मई को 02554 नयी दिल्ली-सहरसा स्पेशल गोरखपुर से छपरा ग्रामीण के बीच 60 मिनट नियंत्रित.
    • 12, 19 व 26 अप्रैल और 03 व 10 मई को 02562 नयी दिल्ली-जयनगर स्पेशल वाराणसी से छपरा ग्रामीण के बीच 60 मिनट नियंत्रित.

    इन ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन

    • 13, 20 व 27 अप्रैल और 4 व 11 मई को 02569 दरभंगा-नयी दिल्ली क्लोन वाया दरभंगा-सीतामढ़ी-रक्सौल-नरकटियागंज-पनियहवा-गोरखपुर के रास्ते चलेगी
    • 13, 20 व 27 अप्रैल और 4 व 11 मई को 02565 दरभंगा-नई दिल्ली स्पेशल वाया मुजफ्फरपुर-पनियहवा-गोरखपुर के रास्ते.
    • 13, 20 व 27 अप्रैल और 4 व 11 मई को 02563 सहरसा-नयी दिल्ली क्लोन वाया मुजफ्फरपुर-पनियहवा-गोरखपुर के रास्ते.
    • 12, 19 व 26 अप्रैल और 3 व 10 मई को 02564 नयी दिल्ली-सहरसा क्लोन वाया गोरखपुर-पनियहवा-मुजफ्फरपुर के रास्ते.
  • BE ALERT….जिले में धारा 144 लागू, हवाई, रेल और सड़क से यात्रा कर बाहर से आने वालों को 7 दिनों का क्वारंटाइन…

    BE ALERT….जिले में धारा 144 लागू, हवाई, रेल और सड़क से यात्रा कर बाहर से आने वालों को 7 दिनों का क्वारंटाइन…

    रायगढ़। छत्तीसगढ़ में बढ़ते कोरोना के संक्रमण को देखते हुए रायगढ़ कलेक्टर भीम सिंह ने नया आदेश जारी किया है. जारी गाइडलाइन के अनुसार दिनांक 24 मार्च 2021 आगामी आदेश तक  जिले में धारा 144 लगा दी गयी है वहीं हवाई, रेल और सड़क से यात्रा कर बाहर से वालों को लोगों को 7 दिन तक क्वारंटाइन रहना होगा।