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  • कलेक्टर ने जारी की गाइड लाइन, रायपुर में 4×4 फीट से अधिक के नहीं बैठेंगे गणेश जी, 20 अधिक लोग जुटे तो होगी कार्यवाही… 

    कलेक्टर ने जारी की गाइड लाइन, रायपुर में 4×4 फीट से अधिक के नहीं बैठेंगे गणेश जी, 20 अधिक लोग जुटे तो होगी कार्यवाही… 

    रायपुर। कोरोना संक्रमण की वजह से इस बार भी पाबंदियों के साथ ही गणेशोत्सव का जश्न मानना पड़ेगा। रायपुर जिला प्रशासन ने गणेशोत्सव के लिए गाइडलाइन जारी किया है। गाइडलाइन के अनुसार मूर्ति की उंचाई एवं चौड़ाई 4×4 फीट से अधिक न हो। मूर्ति स्थापना वाले पंडाल का आकार 15×15 फीट से अधिक न हो। पंडाल के सामने कम से कम 5000 वर्ग फिट की खुली जगह हो।

    गाइडलाइन के अनुसार पंडाल एवं सामने 5000 वर्गफिट की खुली जगह में कोई भी सड़क अथवा गली का हिस्सा प्रभावित न हो। पंडाल के सामने दर्शकों के बैठने हेतु पृथक से पंडाल न हो, दर्शको एवं आयोजको के बैठने हेतु कुर्सी नहीं लगाये जायेगे। किसी भी एक समय में मंडप एवं सामने मिलाकर 20 व्यक्ति से अधिक न हो। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति एक रजिस्टर संधारित करेगी जिसमें दर्शन के लिए आने वाले सभी व्यक्तियो का नाम पता मोबाइल नंबर दर्ज किया जाए।

    कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित होने पर कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग किया जा सके। मूर्ति स्थापित करने वाले व्यक्ति अथवा समिति 04 सीसीटीवी लगायेगा। कंटेनमेंट जोन में मूर्ति स्थापना की अनुमति नहीं होगी। भोज, भंडारा, जगराता अथवा सांस्कृतिक कार्यक्रम करने की अनुमति नहीं होगी। मूर्ति विसर्जन के लिए 4 से अधिक व्यक्ति नहीं जा सकेंगे।

  • निलंबित ADG GP सिंह की याचिका हाईकोर्ट से खारिज, राजद्रोह मामले में भी कोई राहत नहीं मिली…

    निलंबित ADG GP सिंह की याचिका हाईकोर्ट से खारिज, राजद्रोह मामले में भी कोई राहत नहीं मिली…

    बिलासपुर। निलंबित एडीजी जीपी सिंह की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति की सीबीआई जांच कराने की उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। इसी तरह राजद्रोह प्रकरण में भी उन्हें कोई राहत नहीं मिली है। जस्टिस एनके व्यास की एकल पीठ ने जीपी सिंह की दोनों याचिका पर सुनवाई पूरी कर ली थी, और फैसला सुरक्षित रखा था। शुक्रवार को दोनों याचिका पर कोर्ट ने आदेश पारित किए हंै, और इसमें जीपी सिंह को कोई राहत नहीं मिली है। जीपी सिंह की तरफ से पैरवी सीनियर एडवोकेट किशोर भादुड़ी ने की, और राजद्रोह प्रकरण में सरकार की तरफ से एडिशनल एडवोकेट जनरल अमृतोदास ने पैरवी की।

    साथ ही आय से अधिक संपत्ति प्रकरण पर एसीबी की तरफ से राज्यसभा सदस्य और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता केटीएस तुलसी उपस्थित हुए। कोर्ट ने जीपी सिंह की दोनों याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से केस डायरी तलब की थी। जीपी सिंह ने अंतरिम राहत की मांग को लेकर अपनी पहली याचिका लगाई थी। एसीबी को जीपी सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत मिली थी।

    शिकायत के बाद सिंह के सरकारी आवास समेत लगभग 10 ठिकानों पर छापे की कार्रवाई शुरू की गई। 68 घंटे चले मैराथन छापेमार कार्रवाई में एसीबी को जीपी सिंह के खिलाफ 10 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति के दस्तावेज मिले थे। वहीं बाद में उनके ऊपर राजद्रोह का मामला भी दर्ज कर दिया गया। राजद्रोह का मामला दर्ज होने के बाद से ही जीपी सिंह ने हाईकोर्ट की शरण ली है। रिट याचिका दायर करते हुए पूरे मामले में स्वतंत्र एजेंसी सीबीआई से जांच कराए जाने की मांग की थी। कोर्ट ने उनकी याचिकाओं को खारिज कर दिया है।

  • एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक और लेखापाल रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार…

    एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक और लेखापाल रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है. एसीबी की टीम ने शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक और लेखापाल को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. शिकायत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई है।

    ACB ने जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है, उनमें रायपुर लोक शिक्षण संचालनालय के संयुक्त संचालक एन के अग्रवाल शामिल है. जिन्हें 50 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है. पदांकन परिवर्तित करने के एवज में उन्होंने पैसों की मांग की थी. लेकिन पीड़ित ने इसकी शिकायत एसीबी में कर दी, फिर पेंशनबाड़ा रायपुर में छापेमार कार्रवाई की गई।


    लेखापाल 15 हजार रिश्वत लेते पकड़ा गया
    इसके अलावा बलौदाबाजार जिले के बिलाईगढ़ में लेखापाल (सहायक ग्रेड-02) रतराम बंजारे को भी रिश्वत लेते पकड़ा गया है. एसीबी की टीम ने 15 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया है. लेखापाल बीईओ कार्यालय में पदस्थ है. पूर्व बीईओ पी. के. शर्मा के बेटे से जीपीएफ, जीआईएस, ग्रेजुटी और मेडिकल क्लेम निकालने के एवज में 2 लाख 35 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी. बेटे ने एसीबी से शिकायत की, जिसके बाद छापेमार कार्रवाई कर 15 हजार नगद रिश्वत लेते पकड़ा गया।


    दोनों रिश्वतखोरो के खिलाफ अपराध दर्ज
    एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने दोनों आरोपी के खिलाफ धारा 7 भ्र.नि.अधि. 1988 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है. जिसने खिलाफ आगे की कार्रवाई जारी है. जांच में मिले तथ्यों के आधार पर ही एसीबी आगे की कार्रवाई करेगी।

  • अभिनेता रणदीप हुड्डा ने उठाए छग में कोयला खदानों की नीलामी पर सवाल, कहा- जानवरों की बड़ी आबादी को नहीं बख्शा गया, क्योंकि वो वोट नहीं देते ?

    अभिनेता रणदीप हुड्डा ने उठाए छग में कोयला खदानों की नीलामी पर सवाल, कहा- जानवरों की बड़ी आबादी को नहीं बख्शा गया, क्योंकि वो वोट नहीं देते ?

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में 17 नए कोयला खदानों की नीलामी की अनुमति मिलने पर बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा ने सवाल उठाया है. रणदीप हुड्डा ने ट्वीट कर कहा कि छत्तीसगढ़ में बिना कोयले की मांग में वृद्धि के 17 और खदानों को मंज़ूरी दे दी गई. तेंदुए, हाथियों, भालू और बाघों की बड़ी आबादी को नहीं बख्शा गया, क्योंकि वो वोट नहीं देते ? क्लाईमेट क्राइसेस का क्या ?

    दरअसल छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के 18 में से 17 कोयला खदानों की नीलामी को मंजूरी दे दी है. केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने इन खदानों का चयन किया है. इसके साथ ही राज्य कैबिनेट ने सरगुजा के चिरंगा में स्थापित हो रहे निजी एल्युमिनियम प्लांट को छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) के माध्यम से हर वर्ष अधिकतम 2.5 लाख टन बाक्साइड अयस्क देने के लिए लांग टर्म लिंकेज पॉलिसी का अनुमोदन किया है.
    कोयला खदानों की मंजूरी मिलने से वन्यजीव समृद्ध क्षेत्रों में खनन गतिविधियों के प्रभाव पर चिंताएं पैदा हो रही हैं, जहां कई हाथियों, भालू और तेंदुओं का घर है. जानकारों का मानना है कि कोयले की मांग में कोई वृद्धि नहीं होने के बावजूद मंजूरी दी गई. इससे जानवरों पर खतरा बढ़ गया है।
    बता दें कि हाल ही में रणदीप हुड्डा का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था. जिसमें वो मायावती को लेकर कुछ ऐसा कमेंट कर देते हैं, जो लोगों को पसंद नहीं आया. इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर एक्टर को अरेस्ट करने की मांग भी उठी थी. जिसके बाद एक्टर रणदीप हुड्डा को यूनाइटेड नेशन ने जंगली जानवरों की प्रवासी प्रजातियों के संरक्षण सम्मेलन (सीएमएस) के एम्बेसडर पद से हटा दिया था।

  • स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश, छत्तीसगढ़ में हुई कोरोना से मौत का होगा ऑडिट….

    स्वास्थ्य मंत्री ने दिए निर्देश, छत्तीसगढ़ में हुई कोरोना से मौत का होगा ऑडिट….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुई कोरोना से मौत के मामलों का अब ऑडिट होगा. ये बात स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने ट्वीट कर कही है।

    इस ऑडिट में इस बात का भी पता लगाया जाएगा कि प्रदेश में ऑक्सीजन की कमी की वजह से तो किसी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई।

    स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने तो यहां तक कह दिया कि सरकार ने संसद को जानबूझकर गुमराह किया है. टीएस सिंहदेव ने केंद्र सरकार के उस बयान को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि किसी राज्य ने ऑक्सीजन की कमी से हुई मौतों की जानकारी नहीं दी है।

    हैरान करने वाली बात ये है कि केंद्र सरकार ने प्रदेश सरकार से इस संबंध में कोई आंकड़े नहीं मांगे है. टीएस सिंहदेव का कहना है कि केंद्र सरकार ने कभी भी राज्यों से ऑक्सीजन की कमी से होने वाली मौतों के आंकड़े नहीं मांगे हैं. वे एक दिन में मरने वालों की संख्या, कोमॉरेडिटी के साथ मौत, बिना कोमॉरेडिटी के साथ और कोमॉरेडिटी का प्रकार जैसा डेटा मांगते हैं।

  • सावधान… ये है Pegasus spyware जानिए कैसे करता है ये आपके मोबाइल की जासूसी….

    सावधान… ये है Pegasus spyware जानिए कैसे करता है ये आपके मोबाइल की जासूसी….

    कंपनी का दावा है कि इस फर्म का काम इसी तरह के जासूसी सॉफ्टवेयर बनाना है और इन्हें अपराध और आतंकवादी गतिविधियों को रोकने और लोगों के जीवन बचाने के एकमात्र उद्देश्य के लिए सरकारों की खुफिया एजेंसियों को बेचा जाता है. Pegasus spyware एक ऐसा सॉफ्टवेयर है जो बिना सहमति के आपके फोन तक पहुंच हासिल करने और व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी इकट्ठा कर जासूसी करने वाले यूज़र को देने के लिए बनाया गया है।

    क्या कर सकता है पेगासस स्पाइवेयर?

    Kaspersky के अनुसार, Pegasus spyware यूज़र के एसएमएस मैसेज और ईमेल को पढ़ने, कॉल सुनने, स्क्रीनशॉट लेने, कीस्ट्रोक्स रिकॉर्ड करने और कॉन्टेक्ट्स व ब्राउज़र हिस्ट्री तक पहुंचने में सक्षम है। एक अन्य रिपोर्ट इस बात की पुष्टि करती है कि एक हैकर फोन के माइक्रोफोन और कैमरे को हाईजैक कर सकता है, इसे रीयल-टाइम सर्विलांस डिवाइस में बदल सकता है।

    पेगासस स्पाइवेयर को पहली बार कब खोजा गया था?

    पेगासस स्पाइवेयर को पहली बार 2016 में iOS डिवाइस में खोजा गया था और फिर Android पर थोड़ा अलग वर्ज़न पाया गया. Kaspersky का कहना है कि शुरुआती दिनों में, इसका अटैक एक एसएमएस के जरिए होता था। पीड़ित को एक लिंक के साथ एक SMS मिलता था। यदि वह उस लिंक पर क्लिक करता है, तो उसका डिवाइस स्पाइवेयर से संक्रमित हो जाता था।

  • आई टी की बड़ी कारवाई, भास्कर समूह के कई शहरों में फैले 40 प्रतिष्ठानों पर इनकम टैक्स का छापा…

    आई टी की बड़ी कारवाई, भास्कर समूह के कई शहरों में फैले 40 प्रतिष्ठानों पर इनकम टैक्स का छापा…

    भोपाल। मध्यप्रदेश के भास्कर समूह के देशभर में फैले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर गुरुवार सुबह इनकम टैक्स विभाग (आइटी) ने बड़ी कार्रवाई की है। आइटी की इन्वेस्टिगेशन विंग (investigation wing) ने मीडिया समूह के अलावा करीब 40 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर यह कार्रवाई की है। इन प्रतिष्ठानों में मॉल, फैक्ट्री, ज्वेलरी, नमक, माइनिंग, रियल स्टेट आदि व्यवसाय शामिल हैं। यह कार्रवाई भोपाल, जयपुर और अहमदाबाद समेत आधा दर्जन स्थानों पर जारी है।
    भोपाल के ई-1 अरेरा कॉलोनी स्थित भास्कर के मालिक अग्रवाल बंधुओं यानि भास्कर के चेयरमेन सुधीर अग्रवाल, गिरीश और पवन अग्रवाल के घर सहित भास्कर के प्रमोटर्स के आवास और दफ़्तरों पर भी पहुंची है। वहीं प्रेस काम्पलेक्स स्थित दफ्तर पर भी आयकर विभाग की टीम ने सुबह ड्यूटी पर आए कर्मचारियों को बाहर ही रोक दिया गया। इसके लिए सर्च टीम का सहयोग सीआरपीएफ़ और स्थानीय मध्य प्रदेश पुलिस कर रही है।

    भास्कर समूह (dainik bhaskar group) के देशभर में फैली कई कंपनियों पर आयकर विभाग (Income Tax Department) ने गुरुवार को एक साथ छापे मारे हैं। भोपाल के ई-1 अरेरा कालोनी स्थित भास्कर समूह के मालिक के बंगले पर भी कार्रवाई जारी थी। वहीं प्रेस काम्पलेक्स स्थित हेड आफिस में सुबह ड्यूटी पर गए कई कर्मचारियों को भीतर जाने से रोक दिया गया। वे दफ्तर के बाहर ही इंतजार करते देखे गए। आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेशन टीम भोपाल मुख्यालय समेत पांच राज्यों में आधा दर्जन स्थानों पर मौजूद हैं। इस छापेमारी में स्थानीय पुलिस की भी मदद ली गई है।

    भोपाल, जयपुर, अहमदाबाद के कार्यालयों पर भी कार्रवाई जारी है। इन छापों को दिल्ली और मुंबई की टीम संचालित कर रही है। छापे की सूचना के बाद कर्मचारियों को घर से काम (work from home) करने के लिए कहा गया है।

    राजस्थान में भी छापे जारी

    उधर, आयकर विभाग ने भास्कर समूह के राजस्थान स्थित दफ्तर पर भी छापे मारे हैं। जयपुर में जेएलएन मार्ग स्थित मुख्यालय पर टीम पहुंची है। जयपुर हेड आफिस पर कार्रवाई चल रही है। यहां आयकर विभाग के करीब 35 अधिकारी दस्तावेजों की छानबीन कर रहे हैं

  • शिक्षा मंत्री के रिश्तेदारों को टॉपर से ज्यादा नंबर मिलने को BJP ने बताया ‘चमत्कार’, कहा- मामले की हो जांच…

    शिक्षा मंत्री के रिश्तेदारों को टॉपर से ज्यादा नंबर मिलने को BJP ने बताया ‘चमत्कार’, कहा- मामले की हो जांच…

    जयपुर। राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा यानी आरएएस (RAS Exam) में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) के दो रिश्तेदारों के चयन पर बवाल मचा है. डोटासरा के दोनों रिश्तेदारों के इंटरव्यू में 100 में से 80 अंक मिले हैं. जबकि इस एक्जाम की टॉपर को इंटर्व्यू में मात्र 77 अंक मिले. जिसके बाद बीजेपी ने मामले में मंत्री की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं और मामले की जांच की मागं की है।

    परीक्षा नतीजों से पहले से ही विवादों में आ गई थी. एंटी करप्सन ब्यूरो ने नतीजों से पहले इस परीक्षा मे इंटरव्यू में अच्छे नंबर दिलाने के नाम पर 23 लाख की घूस के मामले का भंडाफोड़ किया है. अब हाल ही में परीक्षा के नतीजे घोषित किए गए. एग्जाम में राजस्थान के शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के दो रिश्तेदारों का भी चयन हुआ. डोटासरा की बहु प्रतिभा के भाई गौरव और बहन प्रभा का भी चयन हुआ. गौरव और प्रभा के इंटर्व्यू में 100 मे से 80- 80 अंक आए. ये इंटर्व्यू में सबसे अधिक अंक पाने वालों की लिस्ट में हैं. जिसपर अब बीजेपी ने सवाल उठाया है.

    डोटासरा के रिश्तेदारों को एग्जाम की टॉपर से मिले ज्यादा नंबर

    नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया का कहना है कि हैरानी है कि इस परीक्षा में टॉपर रही मुक्ता राव को इंटरव्यू में इनसे कम यानी 77 अंक ही मिले. राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष सतीश पूनियां ने इसे चमत्कार बताते मामले की जांच कराने की मांग की है. वहीं रिश्तेदारों को ज्यादा अंक मिलने पर घिरे मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने मामले में सफाई दी है. डोटसरा ने कहा कि दोनों रिश्तेदार गौरव और प्रभा प्रतिभाशाली है. चयन योग्यता के आधार पर हुआ है।

    बेटे का बीजेपी राज में हुआ था चयन: डोटासरा

    डोटसरा का कहना है कि इसमें किसी भी राजनेता का कोई लेना देना नहीं है. किसी के रिश्तेदार या जानकार होने से चयन नहीं होता. जो बच्चा दिल्ली यूनिवरसिटी से टॉपर हो, जो बीडएस कर चुकी हो उसके चयन पर सवाल उठाना गलत है. डोटसरा ने कहा कि मेरे बेटे का भी पहले चयन हुआ था. तब बीजेपी का राज था. मंत्री का कहना है कि मेरी बहु की बहन और भाई होने से क्या हुआ. एक संयोग ये भी है कि डोटसरा की बहु प्रतिभा का 2016 में आरएएस में चयन हुआ था. तब उन्हें भी इंटरव्यू में 80 अंक मिले थे. लेकिन तब डोटसरा मंत्री नहीं थे।

    इंटर्व्यू के लिए मांगी गई थी लोखों की घूस

    इस परीक्षा में इंटरव्यू में अंकों पर सवाल इसलिए खड़े हो रहे हैं क्योंकि नतीजों से पहले राजस्थान एंटी करप्सन ब्यूरो ने इंटर्व्यू में अधिक अंक दिलाने के नाम पर घूस का मामला पकड़ा था. जहां एक अभ्यार्थी से एक दलाल ने 23 लाख मांगे थे. आरोप है कि ये घूस राजस्थान लोक सेवा आयोग की सदस्या राजकुमारी गुर्जर के पति भैंरो सिंह गुर्जर की ओर से मांगी गई. जिसके बाद मामले में दलाल को गिरफ्तार कर लिया गया. वहीं भैरोसिंह को पूछताछ के लिए एसीबी नोटिस जारी कर चुकी है. लेकिन भैंरो सिंह फरार है।

  • हाईकोर्ट ने विभागीय जांच को बताया असंवैधानिक..जिला न्यायालय के आदेश को किया खारिज….

    हाईकोर्ट ने विभागीय जांच को बताया असंवैधानिक..जिला न्यायालय के आदेश को किया खारिज….

    बिलासपुर। हाईकोर्ट ने जिला न्यायाधीश के आदेश खारिज कर आरक्षक के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश को असंवैधानिक बताया है। हाईकोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता को बिना सुने विभागीय जांच का आदेश दिया जाना गलत है।           

    हाईकोर्ट अधिवक्ता संदीप दुबे ने बताया कि चंदन सिंह ने उर्गा पुलिस स्टेशन कोरबा में पदस्थी के दौरान अवैध शराब की जप्ती कर दो अभियुक्तों के खिलाफ धारा 34 35 आबकारी अधिनियम के तहत कार्यवाही की।  दोनो अभियुक्तों ने जिला न्यायालय कोरबा में जमानत आवेदन प्रस्तुत किया। अभियुक्तों ने कोर्ट को बताया कि प्रधान आरक्षक को धारा 54 और 55 आबकारी अधिनियम के तहत शराब जप्ती का अधिकार नहीं है।          

    अभियुक्तों की फरियाद पर सुनवाई करते हुए जिला न्यायालय कोरबा ने दोनो को जमानत दिया। साथ ही जिला न्यायालय के न्यायधीश ने जिक्र किया कि प्रधान आरक्षक ने अवैधानिक कार्यवाही की है। इसके चलते आवेदकों को जमानत प्राप्तः करने का अधिकार है। कोर्ट ने आदेश पत्र की प्रतिलिपि पुलिस अधिक्षक कोरबा और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को प्रधान आरक्षक के लिये विभागीय कार्यवाही के लिए भेजा।             

    जिला न्यायालय के फैसले के खिलाफ याचिकाकर्ता चंदन सिंह ने हाईकोर्ट में चुनौती दी । याचिकाकर्ता ने बताया कि जिला न्यायालय का आदेश हितों के विपरीत है। जिला न्यायालय को आदेश पारित करने का एक तरफा अधिकार नहीं है। याचिका कर्ता के वकील ने फरियादी के समर्थन में हाईकोर्ट के सामने सुप्रीम कोर्ट का न्याय दृष्टात पेश किया। संदीप दुबे ने उच्च न्यायालय को बताया कि बिना याचिकाकर्ता के पक्ष को सुने इस प्रकार का आदेश दिया जाना भेदभावपूर्ण और दूषित है।              

       उच्च न्यायालय ने सुनवाई करते हुए माना कि प्रकरण के परिस्थिति को देखते हुए अभियुक्तों को जमानत दिया जाना उचित माना जा सकता है। लेकिन जिला न्यायधीश को बिना याचिकाकर्ता को सुने विभागीय जांच का आदेश दिया जाना गलत है। उच्चतम न्यायालय के विभिन्न आदेशों को ध्यान में रखते हुए जिला न्यायालय के आदेश को खारिज किया जाता है।

  • अधिकारी ने महिला टीचर को भेजी अश्लील फोटो की पूरी एल्बम…. धमकी देकर लेडी टीचर से की गंदी बातें….. शिक्षा विभाग की छवि तार-तार….

    अधिकारी ने महिला टीचर को भेजी अश्लील फोटो की पूरी एल्बम…. धमकी देकर लेडी टीचर से की गंदी बातें….. शिक्षा विभाग की छवि तार-तार….

    राजनांदगांव। महिला टीचर को अश्लील फोटो भेजने वाले शिक्षा विभाग के खेल अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने टीचर को अश्लील तस्वीरें की पूरी एल्बम भेजी थी। इतना ही नहीं आरोपी ने टीचर के आपत्ति जताने पर फोन पर उससे धमकी देकर गंदी बातें भी की थीं। आरोपी द्वारा यह जानते हुए कि पीड़िता शिक्षा विभाग के एक सम्मान जनक पद पद पदस्थ है के बावजूद जानबूझकर लज्जा भंग करने एवं मान सम्मान एवं छवि को धूरमिल करने के नियत से शोसल मीडिया के माध्यम से अश्लील फोटो भेजी।
     

    आरोपी की इन हरकतों से शिक्षा विभाग की छवि हुई तारतार हो गई। अपराध की गंभीरता को देखते हुए थाना बसंतपुर पुलिस द्वारा आरोपी के विरुध्द तत्काल अपराध पंजीबध्द किया गया। आरोपी जो कि शासन के सम्मानजनक पद जिला किडा अधिकारी राजनांदगांव के पद पर पदस्थ है अपने पद का दुरूपयोग करते हुए महिला के साथ अश्लील हरकते करता था। थाना बसंतपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    शिक्षा विभाग राजनांदगांव में शिक्षिका के पद पर पदस्थ महिला टीचर ने शिकायत दर्ज कराई की किशोर मेहरा पिता स्व बिरझू मेहरा उम्र 57 साल निवासी लेबर कालोनी म.न. 178 थाना कोतवाली राजनांदगांव जो कि शासन के वरिष्ठ पद जिला किडा अधिकारी राजनांदगाव के पद पद पदस्थ है। जिला किडा अधिकारी के द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़िता को उनके व्हाट्सएप्प पर अश्लील फोटो का पीडीएफ बनाकर भेजा गया एवं पीड़िता को फोन पर भी अश्लील बातें करने लगा।

    मना करने पर धमकी पीडिता को धमकी देने लगा। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद थाना बसंतपुर पुलिस द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्यवाही करते हुए थाना बसंतपुर में आरोपी के विरुध्द अपराध क्रमांक 248 / 2021 धारा 67 (ए) आईटी एक्ट के तहत अपराध पंजीबध्द कर आरोपी पता तलाश में लिया गया आरोपी को अपराध पंजीबध्द होने की सूचना मिलने पर आरोपी फरार हो गया। आरोपी के पता तलाश हेतु लगातार प्रयास किया जा रहा था। लगातार प्रयास करने आरोपी के उनके निवासरत स्थान लेबर कालोनी राजनांदगांव से आरोपी को विधिवत् गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।