Blog

  • शराब के नशे में स्कूल पहुंचे शिक्षक का वीडियो वायरल, ग्रामीणों ने BEO से की शिकायत…

    शराब के नशे में स्कूल पहुंचे शिक्षक का वीडियो वायरल, ग्रामीणों ने BEO से की शिकायत…

    सूरजपुर। जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत पहाड़करवां स्थित प्राथमिक शाला से एक शिक्षक का शराब के नशे में स्कूल पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में शिक्षक लड़खड़ाते हुए नजर आ रहे हैं। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और उन्होंने शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

    बताया जा रहा है कि स्कूल में शिक्षक के शराब के नशे में होने की सूचना मिलने पर सरपंच और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। इस दौरान शिक्षक नशे की हालत में स्कूल में अपनी हाजिरी लगाने के लिए मोबाइल लोकेशन तलाशते नजर आए। ग्रामीणों का आरोप है कि शिक्षक की इस स्थिति के कारण स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है और बच्चों की पढ़ाई पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

    मामले को लेकर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर घटनाक्रम का पंचनामा तैयार किया और इसकी शिकायत विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) से की है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मामले की जांच कर संबंधित शिक्षक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल वायरल वीडियो और ग्रामीणों की शिकायत के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

  • CJP का गठन, प्रदर्शन और अंततः जीत… सोशल मीडिया बैन से लेकर जंतर-मंतर के आंदोलन की पूरी कहानी….

    CJP का गठन, प्रदर्शन और अंततः जीत… सोशल मीडिया बैन से लेकर जंतर-मंतर के आंदोलन की पूरी कहानी….

    नई दिल्ली। 16 मई 2026 को अभिजीत दीपके द्वारा बेरोजगार युवाओं पर की गई टिप्पणी के बाद घोषित की गई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मात्र कुछ दिनों में लाखों फॉलोअर्स जुटा लिए। सोशल मीडिया पर अकाउंट सस्पेंड होने के बावजूद पार्टी ने जमीनी आंदोलन तेज किया।

    सोनम वांगचुक के साथ NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल चला। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हिंसा हुई।

    अंततः 25 जुलाई को मंत्री के इस्तीफे के बाद सरकार से दो मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद CJP ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी। तो आईए जानते हैं सीजेपी के गठन से लेकर अब तक तारीख अनुसार टाइमलाइन

    • 21 मई के बीच सीजेपी के इंटरनेट मीडिया पर फालोवर की संख्या लाखों में पहुंच गई।
    • 21 मई को राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देकर सीजेपी का एक्स अकाउंट सस्पेंड किया गया है लेकिन बाद में हाईकोर्ट के निर्देश के बाद इस अकाउंट को बहाल कर दिया गया
    • 1 जून को अभिजीत दीपके ने अमेरिका से भारत लौटकर दिल्ली में जमीनी स्तर विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया
    • 2 जून को सीजेपी ने घोषणा की सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी आंदोलन से जुड़ेंगे
    • 6 जून को सीजेपी ने पुलिस की इजाजत से एक दिवसीय धरना दिया। जहां पर नीट पेपर लीक को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा गया
    • 20 जून को जंतर-मंतर पर छात्र और सीजेपी समर्थक धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए
    • 28 जून को सीजेपी की मांगों के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा कर दी
    • 9 जुलाई को सीजेपी ने मानसून सत्र के पहले दिन संसद मार्च का ऐलान कर दिया
    • 18 जुलाई की सुबह पुलिस ने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफदजंग अस्पताल में दाखिल कराया
    • 20 जुलाई को सीजेपी ने संसद मार्च किया जहां पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हुई और लाठीचार्ज व आंसूगैस के गोलों की कार्रवाई में पुलिस कर्मी और कई प्रदर्शनकारी घायल हुए
    • 20 जुलाई को ही जेपी नड्डा ने सीजेपी के प्रतिनिधियों के बीच पहली औपचारिक वार्ता हुई, लेकिन उन्होंने आंदोलन जारी रखने का निर्णय लिया
    • 21 जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट की अनुमति के बाद सोनम वांगचुक को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में दाखिल किया गया
    • 23 जुलाई को ही देर रात उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा व जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में अपना 26 दिवसीय अनशन समाप्त किया
    • 24 जुलाई को सीजेपी और केंद्रीय स्वास्थ्य़ मंत्री जेपी नड्डा के साथ वीपी हाउस कांस्टीट्यूशन क्लब में बातचीत हुई इसमें सरकार ने सीजेपी की तीन मांगों में से दो को मानने का आश्वासन दिया जबकि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर चर्चा के लिए शनिवार तक का समय मांगा
    • 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की अध्यक्षता में सीजेपी के पदाधिकारियों के साथ चर्चा हुई इसके बाद सीजेपी ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा की
  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बोले अन्ना हजारे, कहा- ‘मैंने 22 भूख हड़ताल की, 10 कानून बनवाए लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया…

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद बोले अन्ना हजारे, कहा- ‘मैंने 22 भूख हड़ताल की, 10 कानून बनवाए लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया…

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सोशल एक्टिविस्ट अन्ना हजारे हिंसा न करने की सलाह दी है। महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में उन्होंने कहा कि अपने जीवन में उन्होंने 22 भूख हड़ताल की हैं लेकिन कभी हिंसा का सहारा नहीं लिया। अन्ना हजारे ने कहा कि उनके आंदोलनों के बाद 10 कानून बने और यही साबित करता है कि बदलाव के लिए हिंसा नहीं बल्कि शांतिपूर्ण संघर्ष सबसे प्रभावी रास्ता है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि वे किसी भी परिस्थिति में हिंसा का रास्ता न अपनाएं और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें।

    इसके बाद अन्ना हजारे ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा यह लोकतंत्र है, तानाशाही नहीं। जो भी होना चाहिए वह लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए और हमें हमेशा लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए। अन्ना हजारे ने कहा कि किसी भी आंदोलन या विरोध में लोकतांत्रिक मूल्यों और अहिंसा का पालन सबसे महत्वपूर्ण है।

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अन्य नेताओं की भी आई प्रतिक्रिया

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं। स्वराज पार्टी के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने इसे लोकतंत्र और जनता की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत देश के युवा रहे जिन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी और बदलाव का रास्ता दिखाया।

    योगेंद्र यादव ने यह भी कहा कि आंदोलन ने अपना एक अहम लक्ष्य हासिल कर लिया है, लेकिन अभी कुछ मुद्दों पर कार्रवाई बाकी है। उनके मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई की जवाबदेही तय होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आंदोलन में शामिल किसी भी छात्र के खिलाफ आगे कोई मामला दर्ज न हो।

    ओवैसी बोले- यह न्याय और देश के युवाओं की जीत है

    असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उन सभी छात्रों और युवाओं की जीत है जिन्होंने पिछले कई दिनों से इस मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठाई। मैं उन्हें बधाई देता हूं। इसके साथ ही उन्होंने मोदी सरकार पर भी जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा इस आंदोलन ने सरकार को खुला पैगाम दे दिया है कि अब तानाशाही नहीं चलेगी।

    अलका लांबा ने छात्रों को दी श्रद्धांजलि, सरकार पर साधा निशाना

    अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ उन छात्रों को भी याद किया जाना चाहिए जिन्होंने नीट यूजी 2026 पेपर लीक विवाद के बाद अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने शुरुआत में ही प्रभावी कदम उठाए होते तो कई परिवारों को यह दुख नहीं झेलना पड़ता।

    अलका लांबा ने कहा कि यह घटनाक्रम सिर्फ एक मंत्री के इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन छात्रों के संघर्ष और उनके परिवारों की पीड़ा की भी याद दिलाता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी परिस्थितियां दोबारा पैदा न हों और कोई भी छात्र निराश होकर अपनी जान गंवाने को मजबूर न हो इसके लिए परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की जरूरत है।

  • छत्तीसगढ़ में 1 करोड़ की उठाईगिरी, गहने भरी बैग पार….

    छत्तीसगढ़ में 1 करोड़ की उठाईगिरी, गहने भरी बैग पार….

    सीतापुर। सीतापुर नगर में दिनदहाड़े एक बड़ी उठाईगिरी की वारदात सामने आई है। नेशनल हाईवे-43 से लगे व्यस्त बाजार क्षेत्र में काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स के संचालक एवं सर्राफा व्यवसायी अरुण सोनी की स्कूटी से करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषणों से भरा बैग अज्ञात बदमाश लेकर फरार हो गए। घटना के बाद पूरे नगर में हड़कंप मच गया है। मिली जानकारी के अनुसार, अरुण सोनी प्रतिदिन की तरह सुबह करीब साढ़े 11 बजे हाईस्कूल के पास स्थित अपनी दुकान खोलने पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने स्कूटी में आभूषणों से भरा बैग टांग रखा था।

     

    जैसे ही वह दुकान का शटर खोलने में व्यस्त हुए, पहले से घात लगाए बाइक सवार दो बदमाश पलक झपकते ही बैग लेकर मौके से फरार हो गए। वारदात इतनी तेजी से हुई कि आसपास मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले आरोपी आंखों से ओझल हो चुके थे। पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। वहीं, जांच के दौरान एक नकाबपोश युवती भी कैमरे में दिखाई दी है, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध बताई जा रही हैं। पुलिस उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है।

  • देवकीनंदन महाराज की कथा में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की बेइज्जती? मंच से 4 बार गलत लिया नाम…

    देवकीनंदन महाराज की कथा में मंत्री गुरु खुशवंत साहेब की बेइज्जती? मंच से 4 बार गलत लिया नाम…

    राजधानी रायपुर के बुढ़ापारा स्थित इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री गुरु खुशवंत साहेब से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

    वीडियो में मंच संचालन के दौरान मंत्री का नाम एक बार नहीं, बल्कि कई बार गलत उच्चारित किए जाने का दावा किया जा रहा है। इस घटना के बाद मंत्री के समर्थकों में नाराजगी देखने को मिल रही है और वे इसे मंत्री के साथ-साथ सतनामी समाज के सम्मान से भी जोड़कर देख रहे हैं।

    जानें पूरा मामला

    जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने के लिए कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब (Guru Khushwant Saheb) इंडोर स्टेडियम पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान जब मंच से उनका स्वागत और आमंत्रण किया गया, तब मंच संचालक ने कथित तौर पर उनका नाम लगातार चार बार गलत पुकारा। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के अनुसार, बार-बार नाम गलत लिए जाने से वहां मौजूद समर्थकों ने नाराजगी जताई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला चर्चा का विषय बन गया।

    समर्थकों में भारी नाराजगी

    मंत्री समर्थकों का आरोप है कि कार्यक्रम में आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों की सही जानकारी रखना आयोजकों और मंच संचालन करने वाले की जिम्मेदारी होती है। उनका कहना है कि गुरु खुशवंत साहेब प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री होने के साथ-साथ रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं और लंबे समय से सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच से उनका नाम बार-बार गलत लिया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

    समर्थकों का कहना है कि गुरु खुशवंत साहेब सतनामी समाज का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख नेताओं में से एक हैं। उनका आरोप है कि इस घटना से केवल मंत्री ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने आयोजकों से भविष्य में इस तरह की लापरवाही से बचने और आमंत्रित अतिथियों की गरिमा का ध्यान रखने की मांग की है।

    घटना के बाद आयोजन समिति को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। समर्थकों का आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान हुई इस चूक को गंभीरता से नहीं लिया गया। उनका कहना है कि अब तक न तो इस मामले में कोई सार्वजनिक स्पष्टीकरण सामने आया है और न ही किसी प्रकार की प्रतिक्रिया दी गई है।

    वायरल वीडियो पर अब तक आयोजकों की नहीं आई प्रतिक्रिया

    सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम का संचालन विजय शर्मा कर रहे थे, जिन्हें पूज्य देवकीनंदन महाराज (Devkinandan Maharaj Katha) का भाई बताया जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में आयोजन समिति या मंच संचालक की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर विभिन्न तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। आयोजन समिति की ओर से आधिकारिक पक्ष आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

  • किरायेदार सत्यापन अब अनिवार्य, बिना पुलिस सूचना किराये पर मकान देना पड़ेगा भारी…

    किरायेदार सत्यापन अब अनिवार्य, बिना पुलिस सूचना किराये पर मकान देना पड़ेगा भारी…

    कलेक्टर रायगढ़ ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163(2) के तहत जारी किया आदेश
    आदेश उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत होगी दंडात्मक कार्रवाई

    रायगढ़ । रायगढ़ जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा असामाजिक एवं आपराधिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रायगढ़ श्री मयंक चतुर्वेदी द्वारा 25 जुलाई 2026 को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत जारी इस आदेश के अनुसार जिले में कोई भी भवन स्वामी, प्रतिष्ठान अथवा संस्थान बिना पुलिस को पूर्व सूचना दिए अपना भवन, मकान, कमरा अथवा परिसर किराये पर नहीं देगा। साथ ही वर्तमान में निवासरत सभी किरायेदारों का संपूर्ण विवरण भी संबंधित थाना में जमा करना अनिवार्य होगा।

    जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि प्रायः देखा गया है कि कुछ असामाजिक एवं आपराधिक प्रवृत्ति के लोग अपनी पहचान छिपाकर शहरी एवं अर्ध-शहरी क्षेत्रों में किराये के मकानों में निवास करते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था एवं जन सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका बनी रहती है। ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किरायेदारों एवं घरेलू सहायकों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य किया गया है।

    आदेश के अनुसार प्रत्येक भवन स्वामी अपने किरायेदार का नाम, मूल पता, मोबाइल नंबर, पहचान पत्र का विवरण एवं अन्य आवश्यक जानकारी संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराएगा। किसी भी व्यक्ति को वैध एवं प्रामाणिक पहचान पत्र के बिना किराये पर आवास नहीं दिया जाएगा। जो किरायेदार पहले से रह रहे हैं, उनके संबंध में भी मकान मालिकों को तत्काल संबंधित थाना प्रभारी को जानकारी देना अनिवार्य होगा। यह व्यवस्था केवल आवासीय भवनों तक सीमित नहीं है, बल्कि सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, उद्योगों एवं संस्थानों पर भी समान रूप से लागू होगी।

    इसके अतिरिक्त यदि किसी किरायेदार अथवा उसके यहां आने वाले आगंतुक की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होती हैं, तो उसकी सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना या चौकी को देना आवश्यक होगा। नागरिकों के जीवन एवं संपत्ति की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है तथा व्यापक जनहित में इसे एकपक्षीय आदेश के रूप में पारित किया गया है।

    कलेक्टर रायगढ़ द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा, जिसके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आदेश के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लाउडस्पीकर, समाचार पत्र, सूचना पटल, पुलिस थानों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर इसकी जानकारी प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    रायगढ़ पुलिस जिले के सभी भवन स्वामियों, उद्योग संचालकों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों एवं आम नागरिकों से अपील करती है कि वे किरायेदार सत्यापन संबंधी इस आदेश का पूर्ण पालन करें और सुरक्षित, अपराधमुक्त एवं शांतिपूर्ण रायगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

  • एथेनॉल पेट्रोल पर बयान देकर बुरे फंसे यूट्यूबर सौरभ जोशी, करोड़ों की संपत्ति पर भी उठे सवाल….

    एथेनॉल पेट्रोल पर बयान देकर बुरे फंसे यूट्यूबर सौरभ जोशी, करोड़ों की संपत्ति पर भी उठे सवाल….

    देश के सबसे लोकप्रिय व्लॉगर्स में शामिल सौरव जोशी इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त विवादों में घिरे हुए हैं। उनके हालिया व्लॉग में की गई कुछ टिप्पणियों के बाद इंटरनेट पर बहस तेज हो गई है। एथेनॉल के साथ मिक्स किए हुए पेट्रोल को लेकर दिया गया उनका बयान, उनकी लग्जरी कार की माइलेज से जुड़ा दावा और फिर उनकी कुल संपत्ति को लेकर सामने आई चर्चाओं ने उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है और सोशल मीडिया पर कई तरह की अटकलें भी लगाई जा रही हैं।

    एथेनॉल पर बयान से शुरू हुआ विवाद

    पूरा मामला उस समय शुरू हुआ जब सौरव जोशी ने अपने व्लॉग में अपनी मर्सिडीज कार की परफॉर्मेंस का जिक्र करते हुए कहा कि एथेनॉल पेट्रोल के इस्तेमाल के बाद उनकी कार की माइलेज पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने दावा किया कि पहले कार 17 की एवरेज देती थी, लेकिन अब माइलेज सिर्फ 5 रह गई है जिससे भारी गिरावट देखने को मिली है।

    उनके इस बयान के सामने आते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ लोगों ने उनकी बात का समर्थन किया, जबकि बड़ी संख्या में यूजर्स ने उनके दावे पर सवाल खड़े कर दिए।

    कार की स्पेसिफिकेशन को लेकर उठे सवाल

    सोशल मीडिया पर कई ऑटोमोबाइल एक्सपर्ट्स और यूजर्स ने दावा किया कि जिस मॉडल की मर्सिडीज कार का जिक्र किया गया, उसके लिए कंपनी प्रीमियम पेट्रोल की सलाह देती है। ऐसे में अगर अनुशंसित ईंधन का उपयोग नहीं किया गया हो तो माइलेज और इंजन की परफॉर्मेंस प्रभावित हो सकती है। कुछ लोगों का कहना है कि एथेनॉल को दोष देने से पहले वाहन की तकनीकी जरूरतों को भी समझना जरूरी है। हालांकि, सौरव जोशी या उनकी टीम की ओर से इन दावों पर कोई विस्तृत तकनीकी स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।

    इलेक्ट्रिक G-Wagon की चर्चा भी बनी बहस का हिस्सा

    विवाद के दौरान सौरव जोशी ने अपनी इलेक्ट्रिक G-Wagon का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहन होने की वजह से भविष्य में ऐसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। लेकिन सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने इसे पहले दिए गए बयान से ध्यान हटाने की कोशिश बताया, जबकि कई यूजर्स ने इसे सामान्य बातचीत का हिस्सा माना।

    संपत्ति को लेकर भी शुरू हुई चर्चा

    विवाद यहीं नहीं रुका। सोशल मीडिया पर कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि पहले सौरव जोशी की कुल संपत्ति करीब 50 करोड़ रुपये बताई जाती थी, जबकि हालिया व्लॉग में उन्होंने लगभग 100 करोड़ रुपये की संपत्ति होने का जिक्र किया। इसके बाद इंटरनेट पर तरह-तरह की अटकलें लगनी शुरू हो गईं।

    कुछ वायरल पोस्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई तक की बातें कही जा रही हैं। हालांकि, अब तक किसी सरकारी एजेंसी ने सौरव जोशी के खिलाफ किसी जांच या छापेमारी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इसलिए ऐसे दावों को फिलहाल केवल सोशल मीडिया पर चल रही अटकलों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

  • अस्पताल में दारू-मुर्गा की पार्टी, फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वॉय निलंबित, सफाई कर्मी की सेवा समाप्त…

    अस्पताल में दारू-मुर्गा की पार्टी, फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वॉय निलंबित, सफाई कर्मी की सेवा समाप्त…

    विश्रामपुर। सूरजपुर जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लटोरी में अस्पताल परिसर के भीतर कर्मचारियों द्वारा चिकन और शराब पार्टी (Chicken-Liquor party in Hospital) किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है। सूरजपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. कपिल देव पैकरा ने मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए 2 कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं एक संविदा सफाई कर्मी की सेवा समाप्त कर दी गई है। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य कर्मियों में हडक़ंप मचा हुआ है।

    बता दें कि अनुशासन को ताक पर रखकर कुछ शासकीय कर्मचारी सरकारी दफ्तरों में मुर्गा-दारू की पार्टी समेत अन्य संदिग्ध गतिविधियां करते हैं। इनके वीडियो भी कई बार वायरल हो चुके हैं। इसी कड़ी में कुछ दिन पूर्व सूरजपुर जिले के लटोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वॉय व सफाईकर्मी का चिकन व शराब की पार्टी करते वीडियो किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया था।

    इस मामले में स्वास्थ्य विभाग (Surajpur CMHO) ने कड़ी कार्रवाई की है। सूरजपुर सीएमएचओ द्वारा जारी आदेश के अनुसार अस्पताल में पदस्थ वार्ड ब्वॉय प्रेम कुशवाहा तथा फार्मासिस्ट ग्रेड-2 रंजीत जायसवाल को कार्य में लापरवाही बरतने और अस्पताल परिसर में मांस एवं मदिरा सेवन से जुड़ी घटना का वीडियो सोशल मीडिया में प्रसारित होने के मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया।

    इस आधार पर दोनों के निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों कर्मचारियों का मुख्यालय खंड चिकित्सा अधिकारी कार्यालय ओडग़ी निर्धारित किया गया है। वहीं मामले में शामिल जीवनदीप समिति के अंतर्गत सफाई कर्मचारी के रूप में कार्यरत चंद्रदीप राजवाड़े की सेवाएं समाप्त करने का आदेश भी जारी कर दिया गया है।

    स्वास्थ्य विभाग ने की कार्रवाई

    गौरतलब है कि अस्पताल परिसर में शराबखोरी और अनुशासनहीनता से जुड़े मामलों की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी ऐसे मामलों की शिकायतें सामने आती रही हैं। वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे थे। इसके बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कदम उठाए हैं। अब मामले की विस्तृत जांच भी की जा रही है।

  • रनिंग बिल पर नहीं होगा भुगतान, एक साल से सरकार ने नहीं दिया फंड…

    रनिंग बिल पर नहीं होगा भुगतान, एक साल से सरकार ने नहीं दिया फंड…

    रायगढ़ गांवों में हर घर को नल से पानी पहुंचाने की योजना जल जीवन मिशन पटरी से उतरती नजर आ रही है। अब सरकार ने रनिंग बिल पर भुगतान को रोकने का आदेश दिया है जिसकी वजह से सारे काम रुक गए हैं। जिले में एक भी काम नहीं चल रहा है। एक साल से भी ज्यादा समय से सरकार ने कोई भुगतान नहीं किया है केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन 2.0 लॉन्च करने के साथ कई नए नियम लागू कर दिए हैं। मॉनिटरिंग और ऑनलाइन डाटा एंट्री को सख्त कर दिया है। सिंगल विलेज हो या मल्टी विलेज स्कीम, किसी को भी रनिंग बिल में भुगतान करने पर रोक लगा दी है।

    अब केवल वही बिल पास होंगे, जो काम पूरे हो चुके हों। कार्य पूर्णता भी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के निरीक्षण और प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के बाद ही माना जाएगा। भुगतान के पूर्व यह देखा जा रहा है कि संबंधित कार्य पूरा हुआ है अथवा नहीं। रायगढ़ जिले में 1345 सिंगल विलेज स्कीम और 3 मल्टी विलेज स्कीम हैं। इनमें से तीनों मल्टी विलेज स्कीम तो अधूरी पड़ी हैं। करीब एक साल से ठेकेदार ने काम बंद कर दिया है क्योंकि भुगतान बंद कर दिया गया। 1354 सिंगल विलेज योजना में 671 पूरी हो चुकी हैं और 674 अधूरी हैं। करीब 450 योजनाएं संबंधित ग्राम पंचायतों को हैंड ओवर भी हो चुकी हैं। अरबों की इस योजना में करीब डेढ़ साल से एक भी बिल प्रोसेस नहीं हो पाया है।

    मंत्री से बातचीत भी रही बेनतीजा
    प्रदेश भर के ठेकेदारों ने जेजेएम 2.0 का काम बंद कर दिया है। उनका कहना है कि रनिंग बिल में भुगतान हो ही नहीं रहा है। सभी ने मार्केट से सामग्री और राशि भी उधार में ली है। किसी ने 40 प्रश तो किसी ने 50 प्रश काम पूरा किया है। लेकिन भुगतान नहीं होने से उनकी माली हालत खराब होने लगी है। पिछले दिनों कलेक्टर के आदेश पर छह ऐसे ठेकेदारों का एग्रीमेंट निरस्त करने का आदेश दिया था जिन्होंने डेढ़ साल से काम बंद कर दिया है। ठेकेदार संतोष तिवारी, आशीष ट्रेडर्स एंड कंस्ट्रक्शन, मालामोहन बिल्डर्स, महामाया कंस्ट्रक्शन, आदिशक्ति इंटरप्राइजेस और ध्रुवा इंटरप्राइजेस पर कार्रवाई की गई है।
    फेल हो गया पेमेंट प्रोसेस सिस्टम
    जल जीवन मिशन में भुगतान का पूरा अधिकार केंद्र सरकार ने अपने हाथ में ले लिया है। पेमेंट के नए सिस्टम को आजमाने के लिए कवर्धा और रायगढ़ जिले को चुना गया है। स्कीम पूरी होने के बाद उसके सारे दस्तावेज अपलोड किए जाने हैं। इसके बाद आरबीआई की गाइडलाइन के मुताबिक भुगतान किया जाना है। दोनों ही जिलों में पूर्ण योजनाओं के भुगतान के लिए दस्तावेज अपलोड किए गए थे, लेकिन सरकार ने सारे बिल निरस्त कर दिए। एक भी पेमेंट नहीं हो सका।
  • रात के अंधेरे में डभरा कॉलेज के पास स्कॉर्पियो में ₹1 लाख की घूस ले रहे थे ‘सक्ती के प्रभारी सिविल सर्जन’, ACB ने रंगे हाथ दबोचा…

    रात के अंधेरे में डभरा कॉलेज के पास स्कॉर्पियो में ₹1 लाख की घूस ले रहे थे ‘सक्ती के प्रभारी सिविल सर्जन’, ACB ने रंगे हाथ दबोचा…

    सक्ती। एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर ने सक्ती जिले में गुरुवार रात ट्रैप कार्रवाई करते हुए जिला अस्पताल सक्ती के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पर अपने अधीनस्थ कर्मचारी का पे-डेटा सीएमएचओ कार्यालय भेजने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने आरोपी के कब्जे से रिश्वत की राशि बरामद कर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल सक्ती में फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के पद पर कार्यरत गंगा प्रसाद रत्नाकर ने एसीबी यूनिट बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी।

    शिकायत में बताया गया कि उनकी मूल पदस्थापना सीएमएचओ कार्यालय पोरथा, जिला सक्ती में है तथा फरवरी 2026 से उनका अटैचमेंट जिला अस्पताल सक्ती में किया गया है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल सक्ती के प्रभारी सिविल सर्जन डॉ. संतोष कुमार पटेल मई और जून 2026 का पे-डेटा तैयार कर सीएमएचओ कार्यालय नहीं भेज रहे थे। इस संबंध में चर्चा होने पर आरोपी ने कहा कि फरवरी 2026 से जून 2026 तक पांच माह के लिए प्रति माह 20 हजार रुपये के हिसाब से कुल एक लाख रुपये देने होंगे, तभी पे-डेटा सीएमएचओ कार्यालय भेजा जाएगा।

    शिकायत मिलने के बाद एसीबी बिलासपुर ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। कार्रवाई के दौरान आरोपी ने शिकायतकर्ता को रिश्वत की राशि लेकर अपने अस्थायी निवास डभरा बुलाया। बाद में शिकायतकर्ता को डभरा कॉलेज मोड़ के पास मिलने के लिए कहा गया। गुरुवार रात करीब नौ बजे शिकायतकर्ता एसीबी टीम की निगरानी में निर्धारित स्थान पर पहुंचा। आरोपी डॉ. संतोष कुमार पटेल वहां पहुंचे और शिकायतकर्ता की स्कॉर्पियो में बैठकर एक लाख रुपये की रिश्वत की राशि अपने कब्जे में ली।

    इसी दौरान आसपास मौजूद एसीबी बिलासपुर की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। एसीबी ने आरोपी के कब्जे से एक लाख रुपये की रिश्वत की राशि बरामद की है। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।