Blog

  • एंकर के कमेंट पर भड़के राज ठाकरे, बोले- माइक फेंक कर मारूं?

    एंकर के कमेंट पर भड़के राज ठाकरे, बोले- माइक फेंक कर मारूं?

    मुंबई. महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे को उनके आक्रामक तेवरों के लिए जाना जाता है. हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने इंटरव्यू कर रहे पत्रकार से ये तक कह दिया कि माइक फेंक कर मारूं तभी राज ठाकरे लगूंगा क्या. दरअसल महाराष्ट्र में 22 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव होने हैं. इस चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दल ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी बातें पहुंचाने में लगे हैं. इसी सिलसिले में मनसे सुप्रीमो राज ठाकरे एबीपी न्यूज को इंटरव्यू देने पहुंचे. राज का इंटरव्यू ले रहे थे वरिष्ठ पत्रकार दिबांग.दिबांग द्वारा राज ठाकरे का इंटरव्यू तमाम लोगों के बीच हो रहा था. मंच से दिबांग ने राज ठाकरे से पूछ लिया कि, ‘आपको ईडी वाले 8 घंटे तक बैठाए रखे थे. ऐसा क्या हो रहा था अंदर इतनी देर तक.’ इस पर राज ठाकरे ने कहा कि बातचीत सिर्फ डेढ़ घंटे की हुई थी लेकिन किसी को दिखाने के लिए वो लोग मुझे 8 घंटे तक बिठाए रखे थे.

    राज ठाकरे के जवाब पर दिबांग ने कहा कि अब राज ठाकरे वो राज ठाकरे नहीं रह गए जिसके लिए उन्हें जाना जाता था, अब राज ठाकरे बदल गए हैं. दिबांग के इस कमेंट पर राज ठाकरे ने अपने अंदाज में कहा कि किसी के कान के नीचे बजाऊं तभी राज ठाकरे लगूंगा क्या? राज यहीं नहीं रुके. वह आगे कहने लगे कि आप चाहते क्या हैं..ये माइक फेंक कर मारूं तभी राज ठाकरे लगूंगा.


    राज ठाकरे के इस तरह के जवाब से दिबांग शांत हो गए. राज ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए सफाई दी कि आपको क्या लगता है कि, ‘मैं घर में भी ऐसा ही रहता हूं. गुस्सा जानबूझकर नहीं लाता. जब आंदोलन करता हूं तो वैसा मूड अपने आप हो जाता है.’

  • सोशल मीडिया पर चाइल्‍ड पोर्नोग्राफी फैलाने वाले 7 लोगो के खिलाफ CBI ने की कार्यवाही

    सोशल मीडिया पर चाइल्‍ड पोर्नोग्राफी फैलाने वाले 7 लोगो के खिलाफ CBI ने की कार्यवाही

    दिल्‍ली. चाइल्‍ड पोर्नोग्राफी के मामले में केंद्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो (CBI) ने 7 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इन सभी पर विभिन्‍न वॉट्सएप ग्रुपों में चाइल्‍ड पोर्नोग्राफी से जुड़े कंटेंट को फैलाने का आरोप है. अब सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है.सीबीआई के अंतरराष्ट्रीय पुलिस सहयोग प्रकोष्ठ (आईपीसीसी) को 31 जनवरी 2019 को जर्मन दूतावास से एक कूटनीतिक पत्र प्राप्त होने के बाद शुरुआती जांच की गई. जांच के बाद मामला दर्ज किया गया. सीबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी इलेक्ट्रॉनिक रूप में चाइल्ड पोर्नोग्रफी की सामग्री प्रसारित करने में लिप्त पाए गए हैं. आईटी ऐक्ट के सेक्शन 67 के तहत यह संगीन अपराध है.

    दरअसल जर्मनी ने सास्चे ट्रैप्पके के बारे में सूचना दी थी, जिसे उस देश में बाल यौन दुर्व्यवहार और बच्चों से जुड़ी अश्लील सामग्री के वितरण के संबंध में पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी. जांच के दौरान यह सामने आया कि वह 29 वॉट्सऐप ग्रुप्स का हिस्सा था, जहां बाल अश्लील सामग्री साझा की जा रही थी. उन्होंने कहा कि इन समूहों में सात भारतीय मोबाइल नंबर भी थे.

    केरल में भी पकड़े गए थे 12 लोग
    बता दें कि ऐसे ही एक मामले में हाल ही में केरल (Kerala) में सोशल मीडिया (Social Media) के माध्यम से कथित रूप से चाइल्ड पोर्नोग्राफी फैलाने को लेकर 12 लोगों को गिरफ्तार किया गया था और 20 के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था.
    केरल पुलिस (Kerala Police) की बाल यौन उत्पीड़न निरोधक इकाई (सीसीएसई CCSE) द्वारा राज्य में 21 स्थानों पर छापा मारे जाने के बाद यह कार्रवाई हुई थी. सीसीएसई इंटरपोल (Interpole) की बच्चों के खिलाफ अपराध संबंधी इकाई और इंटरनेशनल सेंटर फोर मिसिंग एंड एक्सप्लॉयटेड चिल्ड्रेन के साथ मिलकर काम करती है.
    एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया था कि 12 अक्टूबर को सुबह छह बजे छापा शुरू हुआ था, जो रविवार को करीब एक बजे समाप्त हुआ. पुलिस ने एक विज्ञप्ति में बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन मॉडम, हार्ड डिस्क, मेमोरी कार्ड, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रोनिक उपकरण जब्त किए गए.

    पुलिस ने बताया कि जिन वाट्सएप ग्रुपों (Whatsapp) पर बाल अश्लीलता फैलाई जा रही थी, उनकी भी पहचान कर ली गई है. पुलिस वाट्सएप, टेलीग्राम और फेसबुक पर विभिन्न ग्रुपों पर कड़ी नजर रख रही है. इंटरपोल की मदद से पुलिस द्वारा चलाया गया यह तीसरा विशेष अभियान था. इससे पहले अप्रैल और जून में ऐसा ही अभियान चलाया गया था.

  • लोग कहते थे ‘देख नहीं पाती फिर इतना क्यों पढ़ती हो’ मेहनत के दम पर किया वो मुकाम हासिल जो लोगो ने सोचा भी नही था…

    लोग कहते थे ‘देख नहीं पाती फिर इतना क्यों पढ़ती हो’ मेहनत के दम पर किया वो मुकाम हासिल जो लोगो ने सोचा भी नही था…

    देश की पहली दृष्टिबाधित महिला आईएएस अधिकारी प्रांजल पाटिल ने सोमवार को कहा कि उन्होंने ‘कभी भी हार नहीं मानी.’ पाटिल को तिरुवनंतपुरम की उप-जिलाधिकारी का पद मिला है. केरल कैडर की अधिकारी पाटिल ने कहा, ‘हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए क्योंकि हमारे प्रयासों से हम सभी को वह सफलता मिलेगी जो हम चाहते हैं.’ प्रांजल पाटिल की सक्सेस स्टोरी किसी मिसाल से कम नहीं है.

    महाराष्ट्र के उल्हासनगर की रहने वाली पाटिल (30) ने उस समय अपनी आंख की रोशनी खो दी थी, जब वह मात्र छह साल की थीं. इसके बाद प्रांजल को दृष्टिहीन बच्चों के स्कूल में जाना पड़ा, जो कि मराठी मीडियम में था. प्रांजल शुरू में घबरा गई थीं, लेकिन बाद में उन्होंने पिछली बातों को भुलाना और नया सीखना शुरू कर दिया.

    12वीं में किया था टॉप
    अपनी मेहनत और लगन के दम पर प्रांजल ने 12वीं में टॉप किया. उन्होंने आर्ट स्ट्रीम के साथ अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी की. आर्टस में टॉप करने के बाद ही प्राजल के जीवन की असली चुनौती शुरू हुई. उन्होंने घर से दूर एक बड़े कॉलेज में एडमिशन लिया और रोजाना घर से ही अप-डाउन करने का फैसला किया.
    भीड़-भाड़ में अक्सर उनको परेशानी का सामना करना पड़ता था. इस दौरान कई लोगों ने उनकी मदद भी की पर साथ ही यह सवाल भी करते थे कि घर से दूर एडमिशन लेने की क्या जरूरत थी, जिसका मतलब यही होता था कि जब दृष्टिहीन हो तो इतना क्यों पढ़ रही हो।

    भीड़-भाड़ में अक्सर उनको परेशानी का सामना करना पड़ता था. इस दौरान कई लोगों ने उनकी मदद भी की पर साथ ही यह सवाल भी करते थे कि घर से दूर एडमिशन लेने की क्या जरूरत थी, जिसका मतलब यही होता था कि जब दृष्टिहीन हो तो इतना क्यों पढ़ रही हो.

    एमफिल के साथ की UPSC की तैयारी
    प्रांजल ने साल 2015 में दिल्ली से एमफिल करने का निर्णय लिया. इसके साथ ही उन्होंने UPSC की तैयारी भी शुरू कर दी. आमतौर पर लोग इस परीक्षा की तैयारी के लिए ड्राप लेते हैं, पर प्रांजल के पास इतना समय नहीं था. इसलिए उन्होंने साथ में ही दोनो काम करने का निर्णय लिया.

    आसान नहीं था किताबों को सुनना
    प्रांजल आम किताबों को पढ़ नहीं सकती थी, इसलिए पहले वो किताबें कम्प्यूटर में स्कैन करती थीं, फिर कम्प्यूटर उनको सुनाता था. कम्प्यूटर को सुनना कतई आसान काम नहीं था, कई बार वे झुंझला जाती थीं, गुस्सा भी आता था, पर कोई दूसरा जरिया नहीं था. इसलिए वे फिर से जुट जाती थीं.

    राइटर चुनना भी था मुश्किल
    UPSC की परीक्षा में दृष्टिबाधितों को 3 की बजाय 4 घंटे मिलते हैं, पर अपने जवाब को बिना देखे दूसरे के जरिए लिखवाना बिल्कुल भी आसान नहीं था. इसके लिए प्रांजल को तेजी लिखने वाली साथी की जरूरत थी. हालांकि उनकी यह खोज जल्दी ही पूरी हो गई और उनको मनमुताबिक साथी मिल गया.

    773वीं रैंक मिलने पर भी हुई रिजेक्ट
    UPSC में 773वीं रैंक लाने पर आम इंसान बहुत खुश होता है और उसका पूरा परिवार जश्न मनाता है, मगर 2016 में UPSC की परीक्षा में 773वीं रैंक हासिल करने के बावजूद प्रांजल को रिजेक्ट कर दिया गया. दरअसल, उनको इंडियन रेलवे अकाउंट सर्विस का काम दिया गया था और वो कुछ भी देखने में असमर्थ थीं.

    अगले प्रयास में हासिल की सफलता
    773वीं रैंक मिलने के बाद भी रिजेक्ट होने पर उनको दुख तो हुआ पर उन्होंने हार नहीं मानी और अगले साल इसमें सुधार करते हुए 124 वीं रैंक हासिल की. पाटिल को उनकी प्रशिक्षण अवधि के दौरान एर्नाकुलम सहायक कलेक्टर नियुक्त किया गया था.

  • शराबबंदी का नया सरकारी फार्मूला, पियक्कड़ों का पता लगाने सरकार करेगी यह काम

    शराबबंदी का नया सरकारी फार्मूला, पियक्कड़ों का पता लगाने सरकार करेगी यह काम

    रायपुर। शराब बंदी का अहम वादा कर सत्ता में आई भूपेश बघेल सरकार अब इस बात का पता लगाएगी कि छत्तीसगढ़ में कितने लोग शराब पीने के आदी हैं. हालांकि सरकार शराबियों की निजता का भी पूरा ध्यान रखेगी, इसके लिए पीने वालों की गिनती न करके शराब की बोतलों के आधार आंकलन करेगी.दरअसल शराब बंदी के लिए बनाई गई समिति की बैठक में यह सुझाव आया है. शराबबंदी और उसके प्रभावों के अध्ययन के लिए बनी राजनीतिक समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा के अनुसार आंकड़े जुटाते समय किसी की निजता का हनन नहीं होगा, किसी की पहचान उजागर नहीं की जाएगी. शराबबंदी के बाद शराबियों की स्थित जल बिन मछली की तरह हो सकती है, उनके इलाज और पुनर्वास केन्द्रों की जरुरत होगी. इस वजह से शराबियों के वास्तविक आंकड़ों की जरुरत होगी. यह सुझाव समिति में आया है। आपको बता दें सरकार ने प्रदेश में शराबबंदी करने के पहले एक सर्वदलीय समिति बनाई है जो शराबबंदी के बाद उसके होने वाले प्रभावों का अध्ययन कर इसकी रिपोर्ट सौंपेगी. जिसके आधार पर सरकार शराबबंदी किस तरह लागू करेगी उस पर फैसला किया जाएगा.
  • गर्म राख की पाइप फटने से मोनेट के इंजीनियर की मौत

    गर्म राख की पाइप फटने से मोनेट के इंजीनियर की मौत

    पाइप की सफाई करने के दौरान हुआ हादसा

    खरसिया। मोनेट के एक कर्मचारी की काम के दौरान हादसे की वजह से मौत हो गई है। हादसे का वक़्त दोपहर लगभग 12:30 बजे की बताया जा रहा है। हादसा उस समय हुआ जब पावर प्लांट के एक पाइप जाम होने की वजह से मरम्मत किया जा रहा था, बताया जा रहा है कि पावर प्लांट से निकलने वाला गर्म राख की पाइप जाम हो गई थी, जिसे ठीक करने सीनियर इंजीनियर राम चंद्र साहू पाइप को खोलकर कुछ कर रहे थे कि इसी दौरान गर्म राख तेजी से बाहर निकल गया। बताया जा रहा है कि इससे सीनियर इंजीनियर चपेट में आ गया और बुरी तरह से घायल हो गया, पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार जिंदल फोर्टिस में इलाज के दौरान करीब 4:30 बजे रामचंद्र साहू की मौत हो गई। प्रबंध ने बताया कि मृतक के परिजनों को इस घटना की इत्तला दे दी गई है। मोनेट इस्पात अपना पावर प्लांट शुरू करने की तैयारी में है और इसी संबंध में मशीनों की साफ सफाई हो रही थी फ्लाई ऐश की पाइप में फ्लाई ऐश जमा हुआ था, वैक्यूम मिलने पर फ़ोर्स के साथ वह बाहर आ गया और उसके पेट के अंदरूनी भाग को क्षतिग्रस्त कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई।

    पहले साधारण घटना बताया

    इस घटना को मोनेट जेएसडब्ल्यू प्रबंधन की ओर से पहले तो साधारण कहा जाता रहा और फिर अब मृतक के परिजनों को मुआवजा देने की बात भी कही जा रही है।

    क्या है 50 लाख मुआवजे का सच

    पूरे घटनाक्रम के संबंध में चर्चा करने पर प्रबंधन की ओर से यह जानकारी दी गई कि इस ग्रेड के अधिकारी का कंपनी की ओर से जो बीमा कराया जाता है, उसकी राशि लगभग 50 लाख होती है ऐसे में मृतक सीनियर इंजीनियर के परिजनों को भी बीमा की राशि मुआवजे के तौर पर दी जाएगी।

  • 700 पुलिसवाले लगे 200 CCTV खंगाले, 24 -घंटे में PM की भतीजी का बैग छीनने वाले पकड़े, जनता ने पूछा हमारा नंबर कब आएगा

    700 पुलिसवाले लगे 200 CCTV खंगाले, 24 -घंटे में PM की भतीजी का बैग छीनने वाले पकड़े, जनता ने पूछा हमारा नंबर कब आएगा

    दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भतीजी दमयंती बेन मोदी से एलजी हाउस के पास शनिवार सुबह पर्स छीनने वाले दोनों आरोपियों को पुलिस ने अगले ही दिन गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से पूरा सामान भी बरामद कर लिया है। यह मामला महज दो दिनों के भीतर पूरी तरह से सुलझ गया और आरोपी शिकंजे में आ गए। सूत्रों के मुताबिक इस हाईप्रोफाइल केस को सुलझाने में 700 पुलिसकर्मी लगे थे। स्नैचरों की सीसीटीवी फुटेज पुलिस को मिली थी।

    उनके रूट मैप को चेक करने के लिए पुलिस ने 200 CCTV की फुटेज खंगाली। इस तरह पुलिस हरियाणा के सोनीपत पहुंची और वारदात खुली। गिरफ्तार आरोपियों में सदर बाजार निवासी गौरव (21) है, जो सोनीपत में रिश्तेदार के यहां छिपा था। उसने स्नैचिंग में इस्तेमाल स्कूटी सुल्तानपुरी में मौसी के यहां रखी थी। दूसरे आरोपी बादल उर्फ आकाश (22) को सुल्तानपुरी से पकड़ा गया। इसके पास से दमयंती बेन की घड़ी और छिनैती में गए दस्तावेज बरामद हुए हैं।

    इस घटना के बहाने दिल्ली में राजनीति भी शुरू हो गई है। बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी ने स्नैचिंग के लिए घुसपैठियों को जिम्मेदार ठहराया तो सीएम अरविंद केजरीवाल ने जवाब देते हुए कहा है कि दोषी बाहरी हो या अंदरूनी, सबको सजा मिलनी चाहिए।

    आम लोग बोले, हमारा नंबर कब आएगा

    पीएम की भतीजी संग स्नैचिंग के मामले में पुलिस की तेजी को देखते हुए अब आम लोग अपने मामलों का जिक्र कर रहे हैं। आम लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने मामलों का जिक्र करते हुए दिल्ली पुलिस से पूछा कि उनके केस कब सॉल्व होंगे। पिछले महीने कनॉट प्लेस इलाके में बदमाशों ने एक दंपती से गन पॉइंट पर लूट की थी।

  • एसएसपी के मोबाइल पर गनमैन को किसने दी जान से मारने की धमकी

    एसएसपी के मोबाइल पर गनमैन को किसने दी जान से मारने की धमकी

    एसएसपी के गनमैन को जान से मारने की धमकी मिली है। जानकारी के मुताबिक दिल्ली के एक वकील ने एसएसपी के मोबाइल पर गनमैन यह धमकी दी है। गनमैन की शिकायत पर गोल बाजार पुलिस ने आरोपी पर मामला दर्ज कर उसकी खोजबीन शुरू कर दी है।

    इस संबंध में गोल बाजार पुलिस ने बताया कि गुरुवार को दोपहर 3 से 4 बजे के बीच रायपुर एसएसपी आरिफ शेख अपने ऑफिस से जयस्तंभ चौक होते हुए गांधी चौक की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल में एक व्यक्ति ने फोन किया। एसएसपी दूसरे नंबर पर व्यस्त थे। इस कारण उन्होंने फोन अपने गनमैन दिनेश साहू को दे दिया। दिनेश ने उससे बात की।

    इस दौरान कॉल करने वाले ने दिनेश को जान से मारने व देख लेने की धमकी थी। और कॉल काट दिया। इसकी जानकारी दिनेश ने एसएसपी को दी। इसके बाद दिनेश ने फोन करने वाले के खिलाफ गोलबाजार थाने में शिकायत की। शिकायत के आधार पर गोलबाजार पुलिस ने आरोपी मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ धारा 189 और 507 के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। एफआईआर के बाद पूरे मामले की साइबर सेल ने जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में फोन करने वाले के बारे में पता चला है कि वह दिल्ली का एक वकील है। हालांकि पुलिस इसे अभी सही नहीं मान रही। आशंका है कि धमकी देने वाले ने किसी और नाम से मोबाइल नंबर सेव करके रखा होगा। फिलहाल साइबर सेल के अलावा गोलबाजार की पुलिस भी इसकी जांच में जुटी है।

  • IPS उदय किरण को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

    IPS उदय किरण को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत

    रायपुर। महासमुंद पदस्थापना के दौरान तत्कालीन विधायक से विवाद के बाद सुर्ख़ियों में आए IPS उदय किरण को सर्वोच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली हुई है। महासमुंद पदस्थापना के दौरान तत्कालीन विधायक से विवाद के बाद IPS उदय किरण के विरुद्ध हाईकोर्ट में रिट दायर किया गया था, जिसमें हाईकोर्ट ने अपराध दर्ज किए जाने के निर्देश दिए थे। IPS उदय किरण ने इस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी, जिस पर सुनवाई करते हुए सुको ने स्टे दे रखा है।

    जस्टिस इंदू मल्होत्रा और जस्टिस एम आर शाह की संयुक्त बेंच ने यह स्थगन आदेश बीते 3 जून को दिया है। सर्वोच्च न्यायालय ने उच्च न्यायालय के द्वारा रिट क्रमांक 480/2019 पर बीते 12 मार्च 2019 के जारी आदेश पर रोक लगा दिया है।

    दरअसल इस आशय की खबरें वायरल की जा रही थीं कि, IPS उदय किरण के विरुद्ध अपराध दर्ज हो गया है, और वे निलंबित भी हो सकते हैं।इन वायरल खबरों का आधार हाईकोर्ट का वही आदेश
    बताया गया था, जिस पर सर्वोच्च न्यायालय का स्थगन मिला हुआ है।

    यह था पूरा मामला

    आपको बता दें कि गेट तोड़ने के एक विवाद से पूरा प्रकरण शुरू हुआ था। मिनी स्टेडियम के हैण्डबॉल फील्ड के गेट तोड़ने को लेकर कोच अंकित ने कुछ बच्चों को मारा था, जिसके बाद थाने से पहुंचे एसआई ने कोच अंकित की दो थप्पड़ रसीद दिये। बाद में तत्कालीन विधायक भी मौके पर पहुंचे और फिर विरोध प्रदर्शन और पुलिसकर्मियों के साथ वाद-विवाद शुरू हो गया। इस घटना के बाद लाठी चार्ज कर दिया गया, जिसमें विधायक सहित 10 से ज्यादा लोग घायल हुए थे, वहीं कुछ पुलिसकर्मी भी पत्थरबाजी में चोटिल हुए थे।

  • भाजपा स्टार प्रचारक नहीं बनाने पर पूर्व सीएम रमन सिंह का करारा जवाब, कहा- छत्तीसगढ़ और हमारी चरित्र हत्या करना चाहते हैं…

    भाजपा स्टार प्रचारक नहीं बनाने पर पूर्व सीएम रमन सिंह का करारा जवाब, कहा- छत्तीसगढ़ और हमारी चरित्र हत्या करना चाहते हैं…

    रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह का नाम महाराष्ट्र और हरियाणा विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल नहीं होने पर बयानबाजी हो रही है. रमन सिंह ने कहा कि तमाम आरोपों और झूठी बातें करके अगर मुख्यमंत्री भूपेश छत्तीसगढ़ और हमारी चरित्र हत्या करना चाहते हैं तो इसका कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर रमन सिंह ने कटाक्ष करते हुए कहा कि स्टार प्रचारकों की सूची में किसका नाम होना है यह केंद्र तय करती है. रमन सिंह का नाम नहीं होने पर मुख्यमंत्री को आखिर परेशानी क्यों हो रही है ?


    पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने कहा कि इसमें मुख्यमंत्री को दुखी होने की क्या जरूरत है ? मुझे छत्तीसगढ़ के चुनाव अभियान में रहना है कि से कहां जाना है यह भूपेश बघेल या रमन तय नहीं करते है. यह पार्टी तय करती है.
    उन्होंने कहा कि चावल बांटने की योजना की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है. इन योजनाओं का क्रियान्वयन देशभर में हुआ है।

  • छोटे भूखण्डों की रजिस्ट्री से लोगों को बड़ी राहत, एक जनवरी से अब तक 74,673 छोटे-भूखण्डों का हुआ पंजीयन

    छोटे भूखण्डों की रजिस्ट्री से लोगों को बड़ी राहत, एक जनवरी से अब तक 74,673 छोटे-भूखण्डों का हुआ पंजीयन

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में छोटे भूखण्डों के पंजीयन शुरू करने से लोगों को बड़ी राहत मिली है। इस व्यवस्था से भू-खण्ड खरीदने और बेचने वाले दोनो पक्ष बड़ी राहत महसूस कर रहे है। छत्तीसगढ़ सरकार के छोटे भूखण्डों के पंजीयन व्यवस्था के तहत इस साल एक जनवरी से 11 अक्टूबर तक 74 हजार 673 दस्तावेजों का पंजीयन किया जा चुका है। इससे छोटे भूखण्ड धारियों को बहुत लाभ हुआ है।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा 25 जुलाई 2019 से गाइड-लाइन दर में 30 प्रतिशत की कमी भी की गई। गाइड लाइन में कमी करने से 25 जुलाई से 11 अक्टूबर 2019 तक राज्य में 44 हजार 368 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है तथा 252.70 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है जबकि पिछले साल इसी अवधि में 29 हजार 744 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ था तथा 155 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था।राज्य सरकार द्वारा मकान के विक्रय पर पंजीयन शुल्क में 2 प्रतिशत की छूट दी गई। जिसके तहत 1 अप्रैल से 11 अक्टूबर 2019 तक एक लाख 26 हजार 639 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ है तथा 621.56 करोड़ रूपए का राजस्व प्राप्त हुआ है जबकि विगत वर्ष इसी अवधि में 96 हजार 193 दस्तावेजों का पंजीयन हुआ था तथा 427.57 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ था। राज्य शासन ने पंजीयन की ऑनलाईन व्यवस्था की भी शुरूआत की है इससे पंजीयन का कार्य पहले की तुलना में बहुत आसान हुआ है साथ ही इससे पारदर्शिता भी बढ़ी है साथ ही पक्षकारों को उसी दिन पंजीयन कर दस्तावेज प्रदाय किया जा रहा है। ऑनलाइन भुगतान प्रक्रिया में ई-स्टाम्प सुविधा का विस्तार किया गया है, इससे आम जनता को सभी मूल्यों के सभी प्रकार के स्टाम्प 1061 केन्द्रों से आसानी से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ई-पंजीयन प्रणाली में नेटवर्क प्रमुख समस्या रही है। इसके निराकरण के लिए बीएसएनएल के नेटवर्क में सुधार किया गया है, इससे अब नेटवर्क स्लो की समस्या दूर हो गई है। बीएसएनएल केबल कट की समस्या के निराकरण के लिए एयरटेल से वैकल्पिक कनेक्शन भी आगामी एक माह में चालू हो जाएगा, इससे यह समस्या भी दूर हो जाएगी। प्री रजिस्ट्रेशन प्रावधान को सॉफ्टवेयर में लागू कर दिया गया है। अक्टूबर माह में सभी उप पंजीयक स्तर पर प्रशिक्षण प्रदान कर इसकी सुविधा सभी आमजन को मिलने लगेगी। इस व्यवस्था के तहत कोई भी पक्षकार घर बैठे अपने दस्तावेज अपलोड कर उप पंजीयक कार्यालय में उपस्थित होने हेतु अपॉइंटमेंट ले सकेगा, जिससे काफी कम समय में दस्तावेज का पंजीयन हो जाएगा। उप पंजीयन कार्यालयों में तथा पक्षकारों के लिए सुविधाओं का विस्तार भी किया जा रहा है। यहां सर्वसुविधायुक्त प्रतीक्षालय, स्वच्छ पेयजल आदि सुविधाएं विकसित की जा रही है।