लखनऊ। कोरोना संक्रमित सिंगर कनिका कपूर और उसके परिवारीजनों के सम्पर्क मे रहने वालों को तलाश करना स्वास्थ्य विभाग के लिये चुनौती बन गया है। कुछ लोग तो खुद ही सामने आ रहे हैं। लेकिन कई ऐसे लोग हैं जो अभी भी कनिका की पार्टी में जाने की बात छिपा रहे हैं। इन्हें ढूंढ़ने के लिये ही स्वास्थ्य विभाग के कहने पर जिला प्रशासन ने लखनऊ पुलिस से मदद मांगी है। इस पर पुलिस कमिश्नर ने डीसीपी इंटेलीजेंस को ब्योरा जुटाने को कहा।
पुलिस कमिश्नर के इस आदेश के बाद ही एसीपी गोमतीनगर और खुफाई विभाग की एक टीम ने होटल ताज, शालीमार अपार्टमेंट में पड़ताल शुरू की। एडीसीपी क्राइम दिनेश पुरी ने अपनी टीम को जुटा दिया। इ्रस दौरान ही पता चला कि कनिका दो दिन होटल ताज में रुकी थी। फिर हीवेट पालीटेक्निक के पास शालीमार ग्रान्ट स्थित अपने नए फ्लैट पर गई। यहां भी होली पर एक पार्टी में वह शामिल हुई।
एडीसीपी दिनेश पुरी ने कहा कि यह पता किया जा रहा है कि कनिका के सम्पर्क में कौन कौन आया। इस बारे में पता किया जा रहा है। कई नम्बरों को सर्विलांस पर लिया गया है। कनिका, उसके पिता व अन्य परिवारीजनों के मोबाइल नम्बर की काल डिटेल निकलवायी गई है। इन नम्बरों के आधार पर पुलिस यह पता कर रही है कि कितने लोग उसकी पार्टी में रहे। क्या किसी दोस्त की पार्टी में भी वो गई।
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बॉलीवुड सिंगर कनिका कपूर के सम्पर्क में आने वालों को तलाश रही इंटेलीजेंस,कुछ लोग तो खुद ही सामने आ रहे, लेकिन कई ऐसे लोग हैं जो अभी भी कनिका की पार्टी में जाने की बात छिपा रहे हैं….
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कनिका कपूर की कोरोना संक्रमित खबर से लखनऊ वासी खौफ में, सड़को पर संन्नाटा
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ(Lucknow) में शनिवार को कोरोना का खौफ सड़कों पर भी दिखा। जनता कर्फ्यू से पहले ही सड़क सन्नाटा पर है। इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। दुकानें भी बंद हैं।

दरअसल ये हालात शुक्रवार को सिंगर कनिका (Kanika Kapoor) को कोरोना होनी की खबर फैलने के बाद से बने हैं। कोरोना संक्रमित कनिका लखनऊ(Lucknow) के सैकड़ों लोगों के संपर्क में आने सूचना है। कनिका ने लखनऊ(Lucknow) में तीन पार्टियां भी की है। ऐसे में लोगों को अब भय सता रहा है कि स्थिती कहीं भयावह न हो जाएं। इसलिए लोगों ने जागरूकता दिखाते हुए खुद को घरों में कैद करना शुरू कर दिया। इसी का असर है कि सड़कों पर भीड़ कम दिख रही है।

हालांकि जिलाधिकारी ने कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर गोमती के एक बड़े क्षेत्र को शुक्रवार लॉकडॉउन करा दिया। खुर्रम नगर, विकास नगर, अलीगंज, महानगर, गुडम्बा से लेकर इंदिरा नगर से लगे करीब तीन किलोमीटर की परिधि के इलाके की सभी दुकानों, कार्यालयों और संस्थानों को 23 मार्च तक बंद कर दिया गया है। लोगों को अपने-अपने घरों (क्वारेंटाइन) में रहने की सलाह दी गई है।

खुर्रम नगर, विकासनगर, अलीगंज, महानगर, गुडम्बा, इंदिरानगर, महानगर चौराहे से कुकरैल वन्य क्षेत्र प्रवेश द्वार तक, कंचना बिहारी मार्ग , कल्याणपुर , शिवानी विहार, अबरार नगर , कमला नेहरू नगर, टेढ़ी पुलिया से गुलाचीन मंदिर से कपूरथला चौराहे तक, कपूरथला चौराहे से महानगर पीएसी गेट तक, महानगर पीएसी गेट से वायरलेस चौराहे से रहीम नगर चौराहा होते हुए खुर्रम नगर दोनों तरफ का क्षेत्र कुकरैल नाले और टेढ़ी पुलिया व कुर्सी रोड के बीच का बंदी का आदेश प्रभावी होगा।
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Covid 19 इफेक्ट – मास्क और हैंड-सैनिटाइजर आवश्यक वस्तु अधिनियम में शामिल, भारत सरकार ने राजपत्र में किया प्रकाशन

कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए भारत सरकार के उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर मास्क और हैंड-सैनिटाइजर को आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 के तहत आवश्यक वस्तुओं की सूची में शामिल किया है। अधिनियम के दायरे में आने के बाद मास्क और हैंड-सैनिटाइजर के उत्पादन, गुणवत्ता, वितरण और लॉजिस्टिक्स (कोविड—19 के प्रबंधन के लिए) को सरकार द्वारा नियंत्रित किया जा सकेगा।
आवश्यक वस्तु अधिनियम के अंतर्गत हैंड-सैनिटाइजर के साथ 2-प्लाई एवं 3-प्लाई सर्जिकल मास्क तथा एन-95 मास्क को शामिल किया गया है। भारत के राजपत्र में 13 मार्च को इसके प्रकाशन के साथ ही यह पूरे देश में लागू हो गया है। यह अधिसूचना 30 जून 2020 तक प्रभावी रहेगी। -

निरीक्षक गिरीश तिवारी, रूपक शर्मा, गौरव पाण्डेय सहित 28 पुलिसकर्मियों का हुआ तबादला…
रायपुर । प्रदेश के कई पुलिसकर्मियों के तबादले किये गये है। जारी ट्रांसफर लिस्ट में तीन निरीक्षक, 7 एसआई, 2 एसआई सहित 28 पुलिसकर्मियों के नाम शामिल है। ये आदेश डीजीपी डीएम अवस्थी ने जारी किया है, जिन पुलिसकर्मियों का तबादला हुआ हैं उनके नाम इस प्रकार है…

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अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में ड़ाॅ. राम विजय शर्मा के शोध पत्र की सराहना
चांपा। विगत दिनों ठाकुर छेदीलाल शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जांजगीर में ‘‘शिक्षा का अधिकार क्रियान्वयन की चुनौतियां एवं भावी सुधार के उपाय’’ विषय पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉ राम विजय शर्मा तहसीलदार चांपा के शोधपत्र की सराहना की गई उनके शोधपत्र का शीर्षक “भारत में शिक्षा के योगदान में शिक्षा के विकास में राधाकृष्णन आयोग का योगदान” था, उन्होंने अपने शोध पत्र में बताया कि प्राचीन काल में भारत की शिक्षा की स्थिति अत्यंत उन्नत थी और इसीलिए भारत को जगत गुरु के रूप में जाना जाता था उस समय स्त्री एवं पुरुष दोनों शिक्षा प्राप्त करने के अधिकारी थे। संपूर्ण देश में पारंपरिक शिक्षा के अनेक केंद्र थे, यह स्थिति मध्यकाल तक कायम रही परंतु ब्रिटिश शासन की स्थापना के पश्चात शिक्षा में गिरावट आई ब्रिटिश शासकों ने शिक्षा नीति के निर्धारण के समय हमेशा इस तथ्य को ध्यान में रखा कि भारत के लोगों को लंबे समय तक गुलाम बना कर रखना है और इस कारण भारत की समृद्धि साहित्यिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को नष्ट किया, स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात शिक्षा के विकास के क्षेत्र में तेजी से पहल की गई, भारत सरकार ने 4 नवंबर 1948 को विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग की स्थापना की। आयोग ने भारत सरकार के समक्ष 25 अगस्त 1949 को रिपोर्ट प्रस्तुत किया जिसके आधार पर 1953 ईस्वी में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग का गठन किया गया। यह रिपोर्ट शिक्षा के विकास में मील का पत्थर माना जाता है इस संगोष्ठी में लंदन के ब्रुनेल विश्वविद्यालय के सामाजिक एवं राजनीतिक विज्ञान के रीडर डॉक्टर पेगी फ्रोरर, अटल बिहारी विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलपति गौरी दत्त शर्मा, टीसीएल महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर अंबिका प्रसाद वर्मा, शासकीय बिलासा कन्या महाविद्यालय बिलासपुर के प्राचार्य डॉ एस एल निराला, नवागढ़ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ व्हीके पटेल, प्रोफेसर आरके चंद्रा, प्रोफेसर शालिनी पाण्डेय प्रोफेसर आरजी खूटे विशेष रूप से उपस्थित थे, वहीं वेलेडिक्ट्री सेशन में डॉ रामविजय शर्मा तहसीलदार चांपा, प्रोफेसर ईश्वरी बृजवासी, डॉक्टर करिकांते नांदेड़ महाराष्ट्र, डॉक्टर दत्ता नांदेड़ महाराष्ट्र मंचासीन थे।
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धूमधाम से मनाया गया होली का पर्व, लोगों ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर दी बधाई….
खरसिया। होली का पर्व शहर में बड़ी धूमधाम के साथ मनाया गया लोगों ने एक दूसरे को रंग गुलाल लगाकर होली पर्व की बधाई दी होली के दिन सुबह से ही हर वर्ग के लोग अपने अपने घरों से निकल होली के रंगों में जमकर आनंद उठाते हुए नजर आए हर मोहल्ले में होली के गीत बज रहे थे और लोग अपने अपने तरीके से इस पर्व को मना रहे थे।
पुरातन परम्पराओं के अनुसार नगर में इस बार भी अलग अलग जगह होलिका दहन किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से टाउन हाॅल मैंदान में सभी नगरवासियों ने भक्त प्रहलाद का जयकारा करते हुए भगवान से खरसिया नगर की सुख समृद्धि की मंगल कामना की तो वही दिन भर नगर की महिलाओं और बच्चों का उत्साह भी खरसिया के टाउनहॉल मैदान में देखने को मिल रहा था नगर की महिलाओं द्वारा गोबर से बने कंडे और माला नुमा आकार के कंडे को चढ़ाया गया। विदित हो कि होली पर्व को लेकर सप्ताह भर पहले से ही शहर में रंग पिचकारी की दुकानें सज चुकी थी शहर के मुख्य मोहल्लों में होलिका दहन की भी तैयारी हो चुकी थी और होलिका दहन के दिन सुबह से ही महिलाएं पूरी विधि विधान के साथ पूजा अर्चना कर रही थी इसके बाद रात करीब 8 बजे से साढ़े 8 बजे के मध्य होलिका दहन किया गया फिर अगली सुबह से होली पर्व लोगों के द्वारा बड़ी धूमधाम से मनाना शुरू हो गया सुबह से हर मोहल्लों में होली के रंग में नजर आ रहे थे कोई बाइक में घूम घूम कर पूरे शहर में होली मना रहे थे तो कई मोहल्लों में होली पर्व मनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई थी ऐसे में पूरा शहर होली के रंगों में डूब गया था।
वहीं इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना घटित ना हो इसके लिए पुलिस के द्वारा विशेष व्यवस्था की गई थी और चौक चैराहों पर पुलिस के जवान तैनात थे साथ ही पुलिस के पेट्रोलिंग पार्टी भी पूरे शहर में घूम रही थी ऐसे में किसी प्रकार की कोई बड़ी घटना घटित नहीं हुई।
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आरक्षक ने राजभवन के सामने खुदकुशी करने की बात कही,जानिए क्या हुआ ऐसा…
रायपुर। पुलिस विभाग के एक आरक्षक द्वार गृह विभाग के एसीएस सुब्रत साहू को लिखे गए एक पत्र ने प्रशासन और पुलिस में हड़कंप मचा दिया है। दरअसल पत्र में आरक्षक ने लिखा है कि एडीजी हिमांशु गुप्ता के द्वारा लगातार छुट्टियां कैंसिल करने से वह त्रस्त है। उसका कहना है कि बाकी पुलिसकर्मी भी उसकी तरह त्रस्त हैं।

पत्र में उसने कहा है कि अभी घर में जरूरी काम होने के कारण उसने छुट्टी मांगी थी, लेकिन छुट्टी नहीं मिली। आरक्षक ने पत्र में कहा है कि जिस दिन वह राजभवन के सामने आत्मदाह करेगा, उस दिन उसकी पहचान भी स्पष्ट हो जाएगी। -

आधार को वोटर ID कार्ड से लिंक कर सकती है सरकार !
आधार कार्ड और वोटर ID कार्ड से जोड़ने को लेकर केंद्र सरकार बड़ा फैसला ले सकती है. कानूनी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस संबंध में गुरुवार को संसद में यह जानकारी दी. उन्होंने यह जानकारी लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी. बता दें कि वर्तमान में आधार कार्ड को बैंक अकाउंट, पैन कार्ड, राशन कार्ड, गैस सब्सिडी समेत अन्य सरकार स्कीम्स से लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है. सरकार ने पहले ही साफ कर दिया है कि अगर कोई व्यक्ति किसी भी सरकारी स्कीम्स का लाभ लेता है तो उन्हें आधार कार्ड से लिंक कराना अनिवार्य होगा.
पूछे गए ये सवाल
गुरुवार को संसंद में आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड को लेकर कई सवाल पूछे गए, जिनके बारे में सरकार ने जवाब दिया. सबसे पहले सवाल किया गया कि क्या चुनाव आयोग ने सरकार को आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड से लिंक करने का प्रस्ताव दिया है? अगर ऐसा है तो सरकार इस पर विचार कर रही है या नहीं. क्या सरकार इस बात पर विचार कर रही है कि ऐसे कदम उठाते समय नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा को कैसे सुरक्षित किया जाएगा. लोकसभा में एक सवाल यह भी पूछा गया कि वोटर्स की विश्वसनीयता के लिए और रिपीटीशन से बचने के लिए क्या किया जा रहा है? -

‘सिर्फ एक फोन और, अवैध शराब पर होगी तत्काल कार्यवाही’ 24 घंटे पुलिस मुख्यालय के इस नंबर पर, व्हाट्सअप से भी कर सकते हैं शिकायत…
रायपुर । मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अवैध शराब पर सख्त कार्यवाही के निर्देश के बाद डीजीपी डीएम अवस्थी ने विशेष सेल का गठन किया है। अवस्थी ने पुलिस अधीक्षक सीआईडी अरविंद कुजूर को इस सेल का नोडल अफसर बनाया है। राज्य के किसी भी क्षेत्र के नागरिक अवैध शराब की जानकारी दे सकें इसके लिये फोन नंबर 9479190441 जारी किया गया है। इस नंबर पर जनसमान्य द्वारा कभी भी अवैध शराब की बिक्री अथवा परिवहन के संबंध में फोन कर शिकायत की जा सकती है। उक्त नंबर में अवैध शराब की बिक्री अथवा परिवहन की फोटो व्हाट्सअप भी कर सकते हैं। यह नंबर 24 घंटे चालू रहेगा। जिसमें शिकायत प्राप्त होते ही विशेष टीम द्वारा तत्काल कार्यवाही की जायेगी। शिकायतकर्ता का नाम एवं पहचान पूर्णतः गुप्त रखी जायेगी।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा अवैध शराब की बिक्री एवं परिवहन पर सख्त कार्यवाही के निर्देश दिये गये हैं। पुलिस महानिदेशक डीएम अवस्थी ने भी अवैध शराब की बिक्री होने पर संबंधित थाना प्रभारी को निलंबित करने की कार्यवाही के निर्देश दिये हैं। इसके साथ ही संबंधित जिले के पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी भी तय की जायेगी। -

कोरोना वायरस से कैसे बचें? सरकार ने बताया क्या करें और क्या ना करें
कोरोना वायरस की भारत में दस्तक
भारत में अबतक सामने आए 18 मामले
सरकार ने जारी की हैं कई एडवाइजरी
दुनिया के करीब 60 देशों में अपना असर दिखाने के बाद कोरोना वायरस की अब भारत में दस्तक हो गई है. भारत में अभी तक 18 केस पाए गए हैं, जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण हैं. लगातार कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए भारत सरकार की ओर से कई कदम उठाए जा रहे हैं. एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग हो या फिर लैब में लोगों की जांच, सरकार ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए कई तरह की तैयारी की है. इसके अलावा किसी भी तरह की अफवाह से बचने, खुद की सुरक्षा के लिए कुछ निर्देश जारी किए हैं, जिससे कोरोना वायरस से निपटा जा सकता है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जो निर्देश जारी किए गए हैं, उनमें क्या करें और क्या ना करें के बारे में बताया गया है…
क्या करें?
• अपनी, व्यक्तिगत स्वच्छता पर ध्यान दें.
• साबुन से लगातार हाथ धोते रहें.
• छींकने और खांसने के दौरान अपना मुंह जरूर ढंकें.
• जब आपके हाथ गंदे दिखें, तब अपने हाथों को साबुन और पानी से जरूर धोएं.
• जब आपके हाथ स्पष्ट रूप से गंदे न हो, तब भी अपने हाथों को हैंड वॉश से जरूर धोएं.
• प्रयोग के बाद टिशू को तुरंत किसी बंद डिब्बे में फेंक दें.
• अस्वस्थ होने पर डॉक्टर से मिलें.
• एक दूसरे से दूरी बनाए रखें.
• अपनी आंखों, नाक और मुंह को छूने से बचें।कोरोना वायरस को लेकर भारत में अलर्ट जारी कर दिया गया है. पिछले दो दिनों में कोरोना के 18 मामले देश में सामने आए हैं, जिसके बाद सरकार की ओर से कुछ एडवाइजरी जारी की गई हैं।
बुखार-खासी-सांस लेने में तकलीफ हो तो डॉक्टर से संपर्क करें.
क्या ना करें?
• अगर खांसी या बुखार है तो किसी के संपर्क में ना आएं.
• सार्वजनिक स्थानों पर ना थूकें.
• जीवित पशुओं से संपर्क, कच्चे-अधपके मांस के सेवन से बचें.
• खेतों की यात्रा, जीवित पशुओं के बाजार या फिर जानवर का वध किए जाने वाले स्थान पर ना जाएं।
कैसे होती है कोरोना वायरस की जांच?
स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जानकारी के मुताबिक कोरोना वायरस को लेकर सरकार ने कई सुविधाएं की हैं. दिल्ली में कुछ अस्पतालों को अलर्ट पर रखा गया है. अगर किसी व्यक्ति में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाते हैं, तो उसकी जांच की ये प्रक्रिया है…
– व्यक्ति की पहचान.
– पहचान के बाद सैंपल को टेस्ट के लिए भेजना.
– अगर सैंपल नेगेटिव हुआ तो – डॉक्टर की सलाह के बाद मरीज को तुरंत छोड़ा जा सकता है अन्यथा 14 दिन की मॉनिटिरिंग में भी रखा जा सकता है।अगर सैंपल पॉजिटिव हुआ तो – कोरोना को लेकर जो प्रोटोकॉल जारी किया गया, उसका पालन होगा. चेस्ट रेडियोग्राफ के क्लियर होने, स्पेसिमेंस के नेगेटिव होने के 24 घंटे बाद ही मरीज को छोड़ा जा सकता है।