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  • धमतरी प्रशासन की अनूठी पहल….घर से निकलने की जरूरत नहीं’ घर तक पहुंचेगा राशन, शहर से बाहर जाने वालों को लिये भी निर्देश’ विवाद पर कानून व्यवस्था बनाने दंडाधिकरियो की भी हुई नियुक्ति

    धमतरी प्रशासन की अनूठी पहल….घर से निकलने की जरूरत नहीं’ घर तक पहुंचेगा राशन, शहर से बाहर जाने वालों को लिये भी निर्देश’ विवाद पर कानून व्यवस्था बनाने दंडाधिकरियो की भी हुई नियुक्ति

    धमतरी। कोरोना वायरस संक्रमण से निपटने खास एहतियात बरतते हुये जिला व पुलिस प्रशासन बेहतर प्रयास कर रहा, वहीं लोगों की सुविधाओं का भी बराबर ख्याल रखा जा रहा है। प्रशाशनिक सूत्रों की ओर से आई खबरों के अनुसार, अब राशन के लिये भी लोगों को घर से बाहर निकलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 9 क्लस्टर बनाकर इसकी व्यवस्था की गई है, राशन समेत अन्य जरूरी सामग्री घर तक पहुंच जायेगी। वहीं यदि किसी को शहर से बाहर जाना है तो इसके लिये भी पुलिस विभाग ने सुविधा दी है कि जिन्हें स्वास्थ्य या अन्य जरूरी कार्यों से बाहर जाना है, वह विभाग के व्हाट्सएप नम्बर 94063 17069 में दिए गये प्रारूप के अनुसार आवेदन भर कर उसकी कॉपी स्कैन कर भेज दे।

    पश्चात दस्तावेज की पुष्टि के बाद उन्हें बाहर जाने के सम्बंध में जानकारी दे इधर दूसरी ओर शहर में कानून व्यवस्था बनाने शहर कार्यपालन दंडाधिकारी भी नियुक्त किये गये है। कलेक्टर रजत बंसल ने कोरोना संक्रमण रोकने निगरानी व किसी प्रकार के विवाद के निराकरण के लिये यह व्यवस्था की है। बताया कि अंबेडकर चौक के लिये डिप्टी कलेक्टर एच.एल. गायकवाड़, डी.सी. बंजारे को मकई चौक, परमेश्वर लाल भूआर्य को दानिटोला चौक, और नहर नाका के लिए जितेन्द्र कुमार डाहरे को नियुक्त किया गया है।

    आपको क्या करना होगा –
    बताया गया कि शहर को 9 क्लस्टर में बांटा गया है। जिनमें अलग अलग मोबाईल नम्बर दिये जायेंगे। जिसके माध्यम से आप राशन व अन्य सामग्री मंगा सकते है। निगम ने इसके लिए दो ई रिक्शे तैनात किये है जो लोगों के घर तक पहुचेंगे।

  • कोरोना वायरस छत्तीसगढ़ में संक्रामक रोग घोषित…लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने जारी की अधिसूचना

    कोरोना वायरस छत्तीसगढ़ में संक्रामक रोग घोषित…लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने जारी की अधिसूचना

    नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) को सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के लिए संक्रामक रोग घोषित कर दिया गया है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आज अधिसूचना जारी कर इसे आगामी आदेश तक प्रभावशील किया गया है।



    लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में छत्तीसगढ़ पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 (क्र. 36 सन् 1949) की धारा 50 के अंतर्गत राज्य सरकार एतद् द्वारा नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) को सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के लिए संक्रामक रोग घोषित किया गया है तथा अधिनियम की धारा 51 के अंतर्गत नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) को सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के लिए अधिसूचित संक्रामक रोग (नोटिफाइड इन्फेटियस डिसीस) रोग घोषित किया गया है।

  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करोना अलर्ट को लेकर एक और बड़ा फैसला.. अब बंद होंगे प्लांट, फिलहाल सिर्फ इन प्लांटों को दी गई छूट.. देखे आदेश पत्र..!!

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का करोना अलर्ट को लेकर एक और बड़ा फैसला.. अब बंद होंगे प्लांट, फिलहाल सिर्फ इन प्लांटों को दी गई छूट.. देखे आदेश पत्र..!!

    रायगढ। कोरोना के संक्रमण को रोकने राज्य सरकार लगातार सख्त फैसले ले रही है।जिसमें औद्योगिक संस्थानों को भी बंद करवाने के निर्देश जारी किये गए हैं। इस संबंध में वाणिज्य व उद्योग विभाग ने निर्देह जारी किया है। निर्देश के मुताबिक ब्लास्ट फर्नेस से लौह अयस्क निर्माण जैसे फैक्ट्रियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए गए हैं। वही खाद्य प्रसंस्करण व चिकित्सा से संबंधित औद्योगिक संस्थानों का संचालन जारी रहेगा।

    श्रम विभाग ने इस बाबत सभी संस्थानों को आदेश भी जारी कर दिया गया है। जिसके बाद अब उन निजी संस्थानों, फैक्ट्रियों, उद्योगों में भी काम अगले आदेश तक के लिए बंद कर दिया जायेगा।
    राज्य सरकार ने स्पष्ट रूप से कहा है कि सिर्फ खाद्य प्रसंस्करण और मेडिकल इंडस्ट्री ही चालू रहेगी।
    लगातार चलने वाले प्लांट जैसे कि ब्लास्ट फर्नेश से लौह निर्माण से जुड़ी यूनिट और अनवरत प्रकृति के प्रोडेक्शन यूनिट को छोड़कर तमाम यूनिट को बंद कर दिया जायेगा।
    प्रबंधन इस बात को भी आश्वस्त करे कि समूह में लोगों का आवागमन की सुविधा किसी भी स्थिति में उपलब्ध ना हो। प्रबंधन इस बात को भी निर्धारित करेगी की सभी अधिकारी कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण हो। संक्रमित पाए जाने पर पूरी जवाबदारी प्रबंधन की होगी।
    उद्योग विभाग ने इस बाबत सभी कलेक्टर व जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के सीजीएम और जीएम को पत्र लिखा है।
    उद्योग विभाग ने इस बात का भी निर्देश दिया है कि नियमित और अनियमित कर्मचारियों व अधिकारियों को वेतन व भत्ते वक्त दिये जाये।
    साथ संस्थानों को ये भी निर्देश दिया गया है कि कम से कम लोगों से काम कराया जाये और वर्क एट होम के जरिये भी दफ्तर का काम सुनिश्चित कराया जाये।
    सभी कलेक्टरों को अपने-अपने जिलों में इस आदेश को कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया गया है।
    देखे आदेश पत्र की कॉपी:-

  • रूस में लोग घरों पर रहें इसलिए सरकार ने शेरों को बाहर छोड़ा,जानिये इसके पीछे की सच्चाई….

    रूस में लोग घरों पर रहें इसलिए सरकार ने शेरों को बाहर छोड़ा,जानिये इसके पीछे की सच्चाई….

    क्या वायरल : दावा किया जा रहा है कि रूस में 500 शेर सड़कों पर छोड़ दिए गए, ताकि लोग घरों में रहें।


    क्या सच : वायरल दावा झूठा निकला। एक फिल्म की शूटिंग के दौरान शूट किए गए सीन की फोटो वायरल की जा रही है।

    कोरोनावायरस महामारी दुनियाभर में फैल चुकी है। इसके अब तक 3 लाख 39 हजार 39 मामले सामने आ चुके हैं। 14 हजार 698 लोग इससे जान गवां चुके हैं। वहीं 99 हजार 14 लोग इस बीमारी से संक्रमित होने के बाद ठीक भी हुए हैं। इन सबके बीच कोरोनवायरस को लेकर कई भ्रांतियां भी सोशल मीडिया में फैलाई जा रही हैं। सोशल मीडिया में ऐसा ही एक दावा किया गया है कि रूस ने 500 शेर सड़क पर खुले छोड़ दिए हैं, ताकि लोग घरों में अंदर रहें। हमारी पड़ताल में वायरल दावे की हकीकत सामने आई।


    क्या वायरल
    दिग्गज उद्योगपति एलन शुगर ने किसी न्यूज बुलेटिन की इमेज शेयर की है।इसमें दावा किया गया है कि, लोग घरों में रहें, इसलिए रूस में 500 शेर सड़कों पर छोड़ दिए गए हैं। ऐसा कोरोनावायरस को रोकने के लिए किया जा रहा है।
    कई यूजर्स सोशल मीडिया पर इस पोस्ट को शेयर कर रहे हैं।

    क्या है सच्चाई :
    हमारी पड़ताल में सोशल मीडिया का दावा झूठा निकला।
    जिस शेर की फोटो वायरल की गई है, वो 2016 में साऊथ अफ्रीका के जोहानसबर्ग में क्लिक की गई थी। मेट्रो में पब्लिश आर्टिकल से इसकी पुष्टि होती है।गूगल पर इमेज रिवर्स सर्चिंग में हमें 2016 में प्रकाशित यह आर्टिकल मिला। इसमें दी गई जानकारी के मुताबिक, फोटो साउथ अफ्रीका के जोहानसर्ग की है और जो शेर नजर आ रहा है, उसका नाम कोलबंस है जो एक स्थानीय फिल्म प्रोडक्शन का हिस्सा था। हालांकि जिस फिल्म के लिए शेर को शहर में लाकर शूटिंग की जा रही थी, उसे रिलीज होने से भी रोक दिया गया था।

  • जाने कोरोना के चरण को, अभी कौन से चरण पे है भारत…

    जाने कोरोना के चरण को, अभी कौन से चरण पे है भारत…

    कोरोना के विषय मे जानकारी, सावधानी, उपाय….

    खरसिया। सुनील अग्रवाल। नोवल कोरोना वायरस (कोविड19) एक वैश्विक महामारी का रूप ले चुका है। कोविड19 के सन्दर्भ में सोशल मीडिया पे कई जानकारियां शेयर की जा रही है, जिनमे से ज्यादातर अफवाह है और कोई भी व्यक्ति पूरी तरह से इस महामारी से सही तरह से अवगत नही हो पा रहा है। इस बीमारी के बारे में कुछ जानकारियां जैसे कि बीमारी का चरण क्या है, लॉक डाउन क्या है, अभी हम कौन से चरण में हैं, और स्वस्थ व्यक्ति को भी सरकार सेल्फ आइसोलेशन में रहने को क्यों कह रही है, ऐसे सवालों के जवाब हम एक उदाहरण से सरल शब्दों में जानने का प्रयास करेंगे👇👇

    स्टेज -1 विदेश से राहुल अपने घर आया, एयरपोर्ट पर उसको बुखार नहीं था। उसको घर जाने दिया गया। पर उससे एयरपोर्ट पर एक शपथ पत्र भरवाया गया कि वह 14 दिन तक अपने घर में कैद रहेगा और बुखार आदि आने पर इस नम्बर पर सम्पर्क करेगा।
    घर जाकर उसने शपथ पत्र की शर्तों का पालन किया, वह घर में कैद रहा, यहां तक कि उसने अपने घर के सदस्यों से भी दूरी बनाए रखी।

    राहुल की मम्मी ने कहा कि अरे तुझे कुछ नहीं हुआ। अलग थलग मत रह। इतने दिन बाद घर का खाना मिलेगा तुझे, आजा किचिन में… मैं गरम गरम् परोस दूं।

    राहुल ने मना कर दिया।

    अगली सुबह मम्मी ने फिर वही बात कही। इस बार राहुल को गुस्सा आ गया, उसने मम्मी को चिल्ला दिया। मम्मी की आंख में आंसू झलक आये। मम्मी बुरा मान गयीं।

    6-7वें दिन राहुल को बुखार सर्दी खांसी जैसे लक्षण आने लगे। राहुल ने हेल्पलाइन पर फोन लगाया। कोरोना टेस्ट किया गया। वह पॉजिटिव निकला।
    उसके घर वालों का भी टेस्ट किया गया। वह सभी नेगेटिव निकले।
    पड़ोस की 1 किलो मीटर की परिधि में सबसे पूछताछ की गई। ऐसे सब लोगों का टेस्ट भी किया गया। सबने कहा कि राहुल को किसी ने घर से बाहर निकलते नही देखा।
    चूंकि उसने अपने आप को अच्छे से आइसोलेट किया था इसीलिए उसने किसी और को कोरोना नहीं फैलाया।
    राहुल जवान था, कोरोना के लक्षण बहुत मामूली थे। बस बुखार सर्दी खांसी बदन दर्द आदि हुआ। 7 दिन के ट्रीटमेंट के बाद वह बिल्कुल ठीक होकर अस्पताल से छुट्टी पाकर घर आ गया।

    राहुल ने सबसे अलग थलग रहना चालू रखा।

    जो मम्मी कल बुरा मान गईं थीं, वो आज शुक्र मना रहीं हैं कि घर भर को कोरोना नहीं हुआ।


    स्टेज 2- राजू में कोरोना पॉजिटिव निकला।
    उससे उसकी पिछले दिनों की सारी जानकारी पूछी गई। उस जानकारी से पता चला कि वह विदेश नहीं गया था। पर वह एक ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है। वह परसों सामान खरीदने के लिए एक दुकान पर गया था। वहां के सेठजी हाल ही में विदेश घूमकर लौटे थे।

    सेठजी विदेश से घूमकर आये थे।उनको एयरपोर्ट पर बुखार नहीं था। इसी कारण उनको घर जाने दिया गया। पर उनसे शपथ पत्र भरवा लिया गया, कि वह अगले 14 दिन एकदम अकेले रहेंगे और घर से बाहर नहीं निकलेंगे। घर वालों से भी दूर रहेंगे।
    विदेश से आये इस सेठ ने एयरपोर्ट पर भरे गए उस शपथ पत्र की धज्जियां उड़ाईं।
    घर में वह सबसे मिला।
    शाम को अपनी पसंदीदा सब्जी खाई।
    और अगले दिन अपनी दुकान पर जा बैठा।

    6 वें दिन सेठ को बुखार आया। उसके घर वालों को भी बुखार आया। घर वालों में बूढ़ी मां भी थी।
    सबकी जांच हुई। जांच में सब पॉजिटिव निकले।

    यानि विदेश से आया आदमी खुद पॉजिटिव।
    फिर उसने घर वालों को भी पॉजिटिव कर दिया।

    इसके अलावा वह दुकान में 450 लोगों के सम्पर्क में आया। जैसे नौकर चाकर, ग्राहक आदि।
    उनमें से एक ग्राहक राजू था।

    सब 450 लोगों का चेकअप हो रहा है। अगर उनमें किसी में पॉजिटिव आया तो भी यह सेकंड स्टेज है।

    डर यह है कि इन 450 में से हर आदमी न जाने कहाँ कहाँ गया होगा।

    कुल मिलाकर स्टेज 2 यानी कि जिस आदमी में कोरोना पोजिटिव आया है, वह विदेश नहीं गया था। पर वह एक ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है।


    स्टेज 3

    रामसिंग को सर्दी खांसी बुखार की वजह से अस्पताल में भर्ती किया, वहां उसका कोरोना पॉजिटिव आया।
    पर रामसिंग न तो कभी विदेश गया था।
    न ही वह किसी ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आया है जो हाल ही में विदेश होकर आया है।

    यानि हमें अब वह स्रोत नहीं पता कि रामसिंग को कोरोना आखिर लगा कहाँ से??

    स्टेज 1 में आदमी खुद विदेश से आया था।

    स्टेज 2 में पता था कि स्रोत सेठजी हैं। हमने सेठजी और उनके सम्पर्क में आये हर आदमी का टेस्ट किया और उनको 14 दिन के लिए अलग थलग कर दिया।

    स्टेज 3 में आपको स्रोत ही नहीं पता।

    स्रोत नहीं पता तो हम स्रोत को पकड़ नहीं सकते। उसको अलग थलग नहीं कर सकते।
    वह स्रोत न जाने कहाँ होगा और अनजाने में ही कितने सारे लोगों को इन्फेक्ट कर देगा।

    स्टेज 3 बनेगी कैसे?

    सेठजी जिन 450 लोगों के सम्पर्क में आये। जैसे ही सेठजी के पॉजिटिव होने की खबर फैली, तो उनके सभी ग्राहक,नौकर नौकरानी, घर के पड़ोसी, दुकान के पड़ोसी, दूध वाला, बर्तन वाली, चाय वाला….सब अस्पताल को दौड़े।
    सब लोग कुल मिलाकर 440 थे।
    10 लोग अभी भी नहीं मिले।
    पुलिस व स्वास्थ्य विभाग की टीम उनको ढूंढ रही है।
    उन 10 में से अगर कोई किसी मंदिर आदि में घुस गया तब तो यह वायरस खूब फैलेगा।
    यही स्टेज 3 है जहां आपको स्रोत नहीं पता।

    स्टेज 3 का उपाय
    14 दिन का lockdown
    कर्फ्यू लगा दो।
    शहर को 14 दिन एकदम तालाबंदी कर दो।
    किसी को बाहर न निकलने दो।

    इस तालाबंदी से क्या होगा??

    हर आदमी घर में बंद है।
    जो आदमी किसी संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में नहीं आया है तो वह सुरक्षित है।
    जो अज्ञात स्रोत है, वह भी अपने घर में बंद है। जब वह बीमार पड़ेगा, तो वह अस्पताल में पहुंचेगा। और हमें पता चल जाएगा कि अज्ञात स्रोत यही है।

    हो सकता है कि इस अज्ञात स्त्रोत ने अपने घर के 4 लोग और संक्रमित कर दिए हैं, पर बाकी का पूरा शहर बच गया।

    अगर LOCKDOWN न होता तो वह स्रोत पकड़ में नहीं आता और वह ऐसे हजारों लोगों में कोरोना फैला देता फिर यह हजार अज्ञात लोग लाखों में इसको फैला देते, इसीलिए lockdown से पूरा शहर बच गया और अज्ञात स्रोत पकड़ में आ गया।

    क्या करें कि स्टेज 2, स्टेज 3 में न बदले।
    Early lockdown यानी स्टेज 3 आने से पहले ही तालाबन्दी कर दो।
    यह lockdown 14 दिन से कम का होगा।

    उदाहरण के लिए
    सेठजी एयरपोर्ट से निकले
    उनने धज्जियां उड़ाईं।
    घर भर को कोरोना दे दिया।
    सुबह उठकर दुकान खोलने गए।

    पर चूंकि तालाबंदी है।
    तो पुलिस वाले सेठजी की तरफ डंडा लेकर दौड़े।
    डंडा देख सेठजी शटर लगाकर भागे।

    अब चूंकि मार्किट बन्द है।
    तो 450 ग्राहक भी नहीं आये।
    सभी बच गए।
    राजू भी बच गया।
    बस सेठजी के परिवार को कोरोना हुआ।
    6वें 7वें दिन तक कोरोना के लक्षण आ जाते हैं। विदेश से लौटे लोगों में लक्षण आ जाये तो उनको अस्पताल पहुंचा दिया जायेगा, नहीं आये तो इसका मतलब वो कोरोना नेगेटिव है इसीलिए पूरे शहर को लॉक डाउन किया जा रहा है कि अगर वहां कोई संक्रमित है और उसे खुद को जानकारी नहीं है तो वह किसी और को संक्रमित न कर सके।

    एक अपील आप सभी से….

    प्रज्ञा छत्तीसगढ़ परिवार की आप सभी से अपील है कि जनता कर्फ्यू आप सभी के लिए है आप सभी के फायदे के लिए है इसलिए अगर आपको लगता है कि आप मे कोरोना के लक्षण नहीं है ना ही आप किसी ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आये है जो विदेश यात्रा से लौट कर आया है तो भी आप अपने घर मे ही रहिये, जनता कर्फ्यू लगाने की मंशा यही है कि हर नागरिक खुद अपने आप को होम आइसोलेट कर ले जिससे कि इस महामारी की रोकथाम की जा सके।

    यह बात विशेष रूप से ध्यान रखी जानी चाहिए कि अभी तक इस बीमारी की रोकथाम के लिए कोई वैक्सीन, दवा का निर्माण नही हो सका है, कई देशों के द्वारा इस सम्बंध में प्रयास किये जा रहे है इसलिए फिलहाल इस बीमारी से बचाव के लिए सरकार द्वारा जारी निर्देशो का कड़ाई से पालन करें और खुद को, अपने घरवालों को और अपने परिचितों को इस महामारी से बचायें।

  • 188 देश और 13,597 मौतें…नहीं थमा मौत का दौर तो….?

    188 देश और 13,597 मौतें…नहीं थमा मौत का दौर तो….?

    दुनिया में कोरोनावायरस थमने का नाम नहीं ले रहा। रविवार दोपहर तक 188 देश इससे प्रभावित हो चुके थे। इस दौरान कुल 3,16,029 मामले सामने आए। 13,597 लोगों की मौत हो गई। राहत की इकलौती बात ये कि इसी दौरान 95,892 मरीज स्वस्थ भी हुए। स्पेन में बीते 24 घंटे में 344 तो ईरान में 129 लोगों की मौत हो गई। स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेझ ने रविवार को कहा कि आने वाला वक्त ज्यादा मुश्किल वाला हो सकता है। इटली में शनिवार को 793 लोगों की मौत हुई थी। अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस और पत्नी की रिपोर्ट निगेटिव आई। फ्रांस में संक्रमितों का इलाज कर रहे एक डॉक्टर की मौत हो गई। वहीं, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने देश को गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने की चेतावनी में कहा- अगर हालात बेहतर नहीं हुए तो दो हफ्ते में ब्रिटेन की हालत भी इटली जैसी हो जाएगी।


    ब्रिटेन : प्रधानमंत्री जॉनसन बोले- हम इटली से दो हफ्ते दूर
    ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने रविवार को कोरोनावायरस पर चेतावानी दी। कहा, “देश में स्वास्थ्य मंत्रालय ही नहीं पूरी सरकार और देशवासियों के सामने कोरोना की बड़ी चुनौती है। यही हालात जारी रहे तो ये मानकर चलिए कि ब्रिटेन की हालत सिर्फ दो या तीन हफ्ते में इटली जैसी हो जाएगी। इटली में स्वास्थ्य सुविधाएं ब्रिटेन से कहीं बेहतर हैं। इसके बावजूद वहां के डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट स्थिति नहीं सुधार पाए। इससे हमें फौरन सबक लेना होगा।”

    फ्रांस : संक्रमितों का इलाज कर रहे डॉक्टर की मौत
    फ्रांस में कोरोना संक्रमितों का इलाज कर रहे एक डॉक्टर की मौत हो गई। देश के हेल्थ मिनिस्टर ओलिवर विरेन ने शनिवार को यह जानकारी दी। ओलिवर ने कहा- जहां तक हमारी जानकारी है, संक्रमितों का इलाज में जुटे हमारे किसी स्टाफ मेंबर की यह पहली मौत है। फ्रांस में रविवार सुबह तक कुल 12,475 मामले सामने आ चुके हैं। 450 लोगों की मौत हो चुकी है।

    स्पेन : प्रधानमंत्री की चेतावनी
    स्पेन के पीएम पेड्रो सांचेझ ने शनिवार रात देश को संबोधित किया। कहा, “यह देश और दुनिया के लिए बेहद मुश्किल वक्त है। इस वक्त जरूरत ये है कि हम खुद पर और प्रशासन पर भरोसा रखें। यह खुद को मजबूत बनाने का वक्त है। आने वाला समय ज्यादा परेशानियों वाला हो सकता है। इसलिए, मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार रहें। खतरा हर जगह है।”

    चीन : शंघाई एयरपोर्ट पर हर यात्री की जांच
    चीन ने शंघाई एयरपोर्ट पर आने वाले हर यात्री की जांच के आदेश दिए हैं। पहले सिर्फ उन लोगों की जांच की जा रही थी जो बीमार थे। लेकिन, अब हर शख्स की जांच की जाएगी। उनके ब्लड सैंपल भी लिए जाएंगे। वुहान में हालात संभालने वाले कुछ एक्सपर्ट्स को भी शंघाई बुलाया गया है। चीन की हेल्थ मिनिस्ट्री ने रविवार को कहा कि सोमवार को राष्ट्रपति हालात की समीक्षा कर सकते हैं।

    ईरान : नहीं चाहिए अमेरिकी मदद
    ईरान ने अमेरिकी सरकार की मदद को ठुकरा दिया है। देश के सर्वोच्च धर्मगुरू अयातुल्लाह खमैनी ने रविवार को कहा, “हमें शक है कि अमेरिका दवाओं के रूप में जो ईरान की मदद करना चाहता है, वो हमारे नागरिकों के लिए खतरनाक साबित हों। हो सकता है इन दवाओं से हमारे नागरिक पहले से भी ज्यादा बीमार हों। इसलिए, हम अमेरिका पर कतई भरोसा नहीं कर सकते। एक बात और समझ में नहीं आती। अमेरिका में तो पहले ही दवाओं की किल्लत है, फिर वो हमें ये कैसे दे सकता है।” ईरान में संक्रमण के 21,638 मामले सामने आए हैं। 1685 लोगों की मौत हो चुकी है।

    अमेरिका: अंतिम संस्कार में भी फोन की मदद
    कनेक्टीकट में बिल पाइक नामक बुजुर्ग की मौत कोरोनावायरस से हुई। उनका पूरा परिवार क्वैरेन्टाइन में है। चर्च के पास्टर ने अंतिम संस्कार की रस्म फोन पर की। परिवार ने क्वैरेन्टाइन में इसे सुना। बिल की पत्नी पाइक ने सीएनएन से कहा- हम शायद कुछ भी देख या सुन नहीं पाते। तकनीक से ये संभव हो सका। पाइक का परिवार संभवत: कभी उनका अंतिम संस्कार नहीं देख पाता। लेकिन, नॉरवॉक हॉस्पिटल की एक नर्स ने उनकी मदद की। उसने पास्टर को हालात की जानकारी दी। पास्टर ने फोन पर अंतिम संस्कार की रस्म पूरी कराई। वीडियो कॉल पर परिवार ने इसे देखा।प्रभावित देशों में हवा बेहतर हुई
    एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लॉकडाउन वाले देशों में एयर क्वॉलिटी पहले के मुकाबले बेहतर हुई है। हालांकि, फिलहाल ये नहीं कहा जा सकता कि आने वाले दिनों में संक्रमण पर इसका क्या असर होगा। कोरोनावायरस चीन के वुहान से शुरू हुआ। अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के सैटेलाइट इमेजेस बताती हैं कि फरवरी में वुहान की हवा में नाइट्रोजन डाईऑक्साइड (NO2) की मात्रा ज्यादा थी। इसकी वजह वाहनों, कारखानों और थर्मल स्टेशनों की वजह से होने वाला प्रदूषण था।


    अमेरिका : न्यूयॉर्क जेल में 38 कैदी पॉजिटिव
    सीएनएन के मुताबिक, शनिवार शाम तक न्यूयॉर्क जेल में कुल 38 कैदी कोरोना पॉजिटिव पाए गए। जेल अधीक्षक जैकलीन शरमन ने कहा- 38 मरीज पॉजिटिव पाए जा चुके हैं। 58 अन्य संदिग्ध हैं। रविवार तक इनकी भी टेस्ट रिपोर्ट आ जाएगी। जेल में ही क्वैरेंटाइन फेसेलिटी बनाई गई है। कैदियों को इसमें ही रखा जा रहा है।

    पाकिस्तान : हम गरीब देश, राहत दे दीजिए
    प्रधानमंत्री इमरान खान के बाद विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कर्ज वापसी में राहत की मांग की है। ‘डॉन न्यूज’ से बातचीत में कुरैशी ने कहा, “पाकिस्तान जैसे गरीब देश के लिए कोरोनावायरस से जंग आसान नहीं है। मुल्क पर बहुत ज्यादा विदेशी कर्ज है। हम चाहते हैं कि दुनिया के बड़े मुल्क और वित्तीय संस्थान इस समय हमारी मदद को आगे आएं। कुछ कर्ज माफी की जाए और बाकी मामलों में राहत दी जाए।” कुरैशी ने शनिवार को जर्मनी के विदेश मंत्री हेइको मेस से बातचीत की। शनिवार शाम तक पाकिस्तान में संक्रमण के कुल 730 मामले सामने आए। 4 लोगों की मौत हो चुकी है।

    इटली : हालात बद से बदतर
    इटली की सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी के मुताबिक, शनिवार को यहां 793 लोगों की मौत हो गई। शुक्रवार के मुकाबले 20 फीसदी ज्यादा लोगों की मौत हुई। लोम्बार्डी में रविवार तक मौतों का आंकड़ा 3,095 हो गया। हेल्थ एक्सपर्ट इटली के हालात पर हैरान हैं। उनके मुताबिक, इटली ने संक्रमण रोकने के हरसंभव उपाय किए हैं। इसके बावजूद मौतों और संक्रमण के बढ़ते मामले चिंता का विषय हैं।

    चीन : हुबेई में कोई नया मामला नहीं
    चीन ने शनिवार देर रात कहा कि हुबेई प्रांत में 24 घंटे में कोई नया मामला दर्ज नहीं किया गया। हालांकि, देश के दूसरे हिस्सों में इसी दौरान 6 लोगों की मौत हो गई। 46 नए मामले सामने आए। यह लगातार चौथा दिन है जबकि हुबेई प्रांत में कोई नया संक्रमित सामने नहीं आया। यह इसलिए भी खास है कि कोरोनावायरस का पहला मामला इसी प्रांत के वुहान शहर में दर्ज किया गया था। शनिवार को जो 46 नए मामले दर्ज किए गए हैं उनमें से सिर्फ एक स्थानीय है। बाकी संक्रमित विदेश से चीन लौटे हैं।

    स्पेन : 24 घंटे में 5 हजार नए मामले
    स्पेन में कोरोनावायरस को रोकने के अब तक के सभी प्रयास ज्यादा सफल नहीं हुए। यहां रविवार को 3,076 नए मामले सामने आए। यहां कुल मिलाकर 28,572 लोग रविवार सुबह तक संक्रमित पाए गए हैं। 1,725 की मौत हो चुकी है। सरकार ने लॉकडाउन किया, लेकिन शनिवार और रविवार के आंकड़े देखें तो साफ हो जाता है कि लॉकडाउन से कोई फायदा नहीं हुआ। माना जा रहा कि रविवार को हेल्थ कमेटी की बैठक में और सख्त उपायों का ऐलान किया जा सकता है।

    इटली : फुटबॉल स्टार और बेटा भी संक्रमित
    इटली के पूर्व फुटबॉल स्टार पाओलो माल्दिनी और उनके बेटे का कोरोना टेस्ट पॉजिटिव आया। उनके क्लब एसी मिलान ने यह जानकारी दी। माल्दिनी को दुनिया के बेस्ट डिफेंडर में से एक माना जाता है। 51 साल के माल्दिन फिलहाल एसी मिलान के टेक्नीकल डायरेक्टर हैं। इस बीच, इटली में रविवार दोपहर तक संक्रमण के कुल 53,578 मामले सामने आ चुके थे। 4,825 लोगों की मौत हो चुकी है।

    अमेरिका : उप राष्ट्रपति की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव
    अमेरिका के उप राष्ट्रपति माइक पेंस और पत्नी कैरेन पेंस की टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आई है। उनके प्रवक्ता ने शनिवार देर रात ट्विटर पर यह जानकारी दी। पेंस और कैरेन दक्षिण कोरिया के एक प्रतिनिधिमंडल से मिले थे। इसके कुछ सदस्य बाद में पॉजिटिव पाए गए थे। इसके बाद ही पेंस का टेस्ट कराया गया। पेंस के स्टाफ का एक सदस्य भी पॉजिटिव पाया गया था। इस बीच, अमेरिका में रविवार दोपहर तक संक्रमण के कुल 26,900 मामले सामने आए। 348 लोगों की मौत हो चुकी है।


    20 लाख मास्क दान करेगी एप्पल
    एप्पल कंपनी के सीईओ टिम कुक ने शनिवार रात कहा, “कोरोनावायरस के मामले हमारे देश में बढ़ते जा रहे हैं। एप्पल ने फैसला किया है कि वो अमेरिका और यूरोप में कुल 20 लाख मास्क दान करेगी।” बाद में कंपनी ने एक बयान भी जारी किया। इसमें कहा गया कि 20 लाख मास्क के अलावा वो कुछ जरूरी मेडिकल इक्युपमेंट्स भी डोनेट करेगी। कंपनी ने चीन में अपने स्टोर बंद कर दिए हैं। उसने संक्रमण से लड़ने के लिए 15 लाख अमेरिकी डॉलर देने का भी ऐलान किया है।

    कुवैत : अब सरकार सख्त
    कुवैत सरकार ने कुछ दिनों पहले लोगों से घरों में ही रहने को कहा था। इसका कोई खास असर नहीं हुआ क्योंकि लोगों ने आवाजाही पर सरकार के निर्देश नहीं माने। अब उप प्रधानमंत्री अनस अल सालेह ने साफ कर दिया है कि सरकार को सख्त कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा है। रविवार को 11 घंटे के कर्फ्यु का ऐलान कर दिया गया है। इसमें कहा गया है कि जो भी नागरिक कर्फ्यु का उल्लंघन करेगा, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


    नेपाल ने भारत और चीन से लगती अपनी सीमा एक सप्ताह के लिए सील करने का निर्णय लिया है।
    यूएई ने 28 मार्च तक अपनी सभी उड़ानों को निलंबित कर दिया है।
    इराक में 28 मार्च तक टोटल लॉकडाउन घोषित किया गया है।

  • छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन : CM भूपेश बघेल का बड़ा ऐलान : प्रदेश में लॉकडाउन रहेगा जारी… 9 दिन के लिए राज्य सरकार ने जनता कर्फ्यू को रखा बरकरार….

    छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन : CM भूपेश बघेल का बड़ा ऐलान : प्रदेश में लॉकडाउन रहेगा जारी… 9 दिन के लिए राज्य सरकार ने जनता कर्फ्यू को रखा बरकरार….

    रायपुर। कोरोना को लेकर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ा ऐलान किया है। जनता कर्फ्यू अब प्रदेश में 31 मार्च तक के लिए लगा दिया गया है। प्रदेश की जनता के नाम संदेश में रात 8 बजे उन्होंने ऐलान किया। उन्होंने आश्वस्त किया है कि इस दौरान जनता के रोजमर्रा के समान मिलते रहेंगे। इमरजेंसी सेवाएं बहाल रहेगी। मुख्यमंत्री निगम क्षेत्रों के लिए 31 मार्च तक के लिए कर्फ्यू को बढ़ाया है। ये लॉकडॉउन आगामी 31 मार्च तक प्रभावी रहेगा।

    सभी मंडियाँ फल सब्ज़ी अनाज के दुकान ठेले,मेडिकल संस्थाएँ और मेडिकल दुकान,ट्रांसपोर्ट नगर और कैरियर सेवाएं, पेट्रोल पंप, गैस ऐजेंसी, बैंकिंग सेवाएँ, मीडिया संस्थान, पेयजल सुविधाएँ,फ़ायर ब्रिगेड,टेलीफोन इंटरनेट सुविधाएँ,पक्की संरचना और वैध लायसेंस प्राप्त होटल और रेस्टोरेंट,मोबाईल रिचार्ज और सर्विसेज़,डेली निड्स, किराना दुकानों,मिल्क पार्लर,बेकरी दुकानें और विद्युत व्यवस्थापक दुकाने चालू रहेंगी।

  • Be Alert ऑनलाइन फ़ैल रही हैं CORONAVIRUS से जुड़ी ये 10 ग़लत बातें

    Be Alert ऑनलाइन फ़ैल रही हैं CORONAVIRUS से जुड़ी ये 10 ग़लत बातें

    Coronavirus (COVID-19) विश्वभर में स्वास्थ्य के मामले में एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है और भारत में भी कुछ शहरों में कोरोनावायरस के आने की शंका से लोग परेशान हैं। उत्तर प्रदेश के नोएडा में कोरोना वायरस ने दस्तक दे दी है। यहां एक शख्स कोरोना वायरस से प्रभावित पाया गया है। विश्वस्तर पर यह बीमारी कई लोगों की जान ले चुकी है। लोग वायरस से बचने के लिए कई तरह की सावधानियां बरत रहे हैं लेकिन इसी के साथ ऑनलाइन बहुत सी ग़लत जानकारी भी फ़ैल रही है। हम यहां आपको ऐसी 10 बातें बता रहे हैं जो ऑनलाइन फ़ैल रही हैं और इन बातों को सही नहीं मानना चाहिए।

    Coronavirus के लिए बने स्पेशल मास्क का दावा

    Coronavirus से बचाव के लिए कोई ख़ास मास्क नहीं उपलब्ध है। इसलिए, अगर आपको ऑनलाइन विज्ञापन मिलता है जो ऐसे किसी मास्क का दावा करता हो, तो उस पर विश्वास न करें।

    N95 बेहतर है या सर्जिकल मास्क

    स्वास्थ्य विशेषग्य लगातार यह बता रहे है कि केवल मास्क पूरी तरह सुरक्षा की ज़िम्मेदारी नहीं लेता है और यह जानना ज़रूरी है कि SARS-CoV-2 वायरस आकर में बहुत छोटा है और आसानी से N95 मास्क के बावजूद आप तक पहुंच सकता है। इसलिए N95 या सर्जिकल मास्क के बीच बेहतर मास्क कोई बहस का मुद्दा नहीं है।

    Coronavirus से बचाव के लिए ऑनलाइन किसी दवाई, तेल आदि की जांच या खरीदारी न करें

    अभी तक कोरोना वायरस के लिए कोई इलाज नहीं निकला है। ऐसे दावों में न फंसे जिनसे किसी प्रोडक्ट द्वारा इस वायरस को दूर करने की बात कही गई हो। यह पैसा बचाने के लिए एक चाल हो सकती है।

    किसी भी अनियमित वेबसाइट पर कोरोना वायरस के बारे में जानकार न प्राप्त करें।

    ऑनलाइन सिम्पटम्स की जांच न करें

    अगर वायरस की शंका होती है तो सीधा डॉक्टर से सलाह लें और ऑनलाइन जाकर कोरोना वायरस से जुड़े सिम्पटम्स न जांचें।

    असत्यापित आर्टिकल्स, विडियो आदि शेयर करने से बचें

    आपके फोन पर प्राप्त हुईं इस तरह की विडियो और आर्टिकल शेयर न करें जिन्हें वेरीफाई नहीं किया गया है। इस तरह लोगों में डर बैठ सकता है।

    कोरोना वायरस के सन्दर्भ में आई ईमेल्स में न फंसें

    Coronavirus वायरस पूरे विश्व में एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है और साइबर क्रिमिनल मैलवेयर फैलने और लोगों को फंसाने के लिए WHO या अन्य ग्लोबल आर्गेनाईजेशन के नाम से झूठे ईमेल भेज रहे हैं।

  • संक्रमण से रोक व बचाव हेतु खरसिया पुलिस क्षेत्र लोगों को कर रहा है जागरूक….

    संक्रमण से रोक व बचाव हेतु खरसिया पुलिस क्षेत्र लोगों को कर रहा है जागरूक….

    दुनिया के कई देशों में फैल चुके कोरोना वायरस से निपटने के लिए जहां देश में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं । वहीं राज्य सरकार द्वारा भी जनहित में प्रत्येक जिलों में धारा 144 लागू कर आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश जिला कलेक्टर को दिए गए हैं । जिस पर कोरोना वायरस के फैलाव व संक्रमण से बचाव के लिए जिला कलेक्टर के निर्देश पर धारा 144 लागू कराई जाकर, भीड़ एकत्र ना करने के निर्देश दिए जा रहे हैं तथा साफ सफाई पर विशेष ध्यान देते हुए लोगों को जागरूक किया जा रहा है ।

    इसी क्रम में खरसिया थाना प्रभारी निरीक्षक श्री एस.आर साहू एवं चौकी प्रभारी खरसिया उपनिरीक्षक श्री नंदकिशोर गौतम द्वारा अपने स्टाफ के साथ आज दिनांक 20.03.2020 को द्वारा खरसिया टाउन के अग्रसेन चौक, सुभाष चौक, मंगल बाजार चौक एवं प्रमुख मार्गों पर एलाउंसमेंट कराकर लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण व फैलाव को रोकने के प्रति जागरूक कर पंपलेट बांटा गया है । इस पंपलेट में कोरोना वायरस से होने वाले कोविड-19 से बचाव व फैलाव को रोकने के उपाय बताए गए हैं । खरसिया पुलिस द्वारा क्षेत्र के लोगों से विशेष रूप से अपील किया जा रहा है कि यदि कोई व्यक्ति विदेशों से यात्रा कर शहर में आए है या आते हैं तो उसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस को देंवे । ऐसे नागरिक पहले अपनी जांच करावे । लोगों से यह भी अपील किया गया कि किसी प्रकार की अफवाह को न फैलावें और ना ही उसका हिस्सा बने । अति आवश्यक हो तभी घरों से बाहर निकले, घर के बुजुर्ग एवं बच्चे तथा बीमार व्यक्तियों का खास ध्यान रखें । हाथ मिलाने से बचें, बिना हाथ धोए अपने आंख, मुंह, नाक को ना छुंए । नियमित रूप से दिन में कई बार हाथों को साबुन, साफ पानी से धोएं । छींखते खाते समय मुंह को रुमाल, कपड़े से जरूर ढकें । लोगों को कोविड 19 के लक्षणों से अवगत कराया गया तथा बताया गया कि ऐसे पॉजिटिव मरीजों का जिला अस्पताल एवं स्वास्थ्य संस्थाओं में निशुल्क इलाज किया जा रहा है ।

  • बेबी डॉल सिंगर के डॉल वाले नखरे से परेशान पीजीआई, एसी कमरे को बताया जेल…

    बेबी डॉल सिंगर के डॉल वाले नखरे से परेशान पीजीआई, एसी कमरे को बताया जेल…


    कनिका कपूर के नखरों से पीजीआई के डॉक्टर से लेकर प्रशासन तक परेशान हुए
    एक इंटरव्यू में कनिका कपूर ने कहा, पीजीआई में जेल जैसा महसूस कर रही हूं
    पीजीआई प्रशासन का कहना है कि कनिका को अस्पताल की बेस्ट सुविधाएं दी गईं
    पीजीआई निदेशक बोले, कनिका कपूर एक पेशंट की तरह व्यवहार ही नहीं कर रही

    कोरोना पॉजिटिव पाई गईं बॉलिवुड सिंगर कनिका कपूर को पीजीआई में अभी एक ही दिन हुआ है और पीजीआई के डॉक्टर से लेकर प्रशासन तक उनके नखरों से परेशान हो गया है। उन्होंने एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में कहा कि वह पीजीआई में जेल जैसा महसूस कर रही हैं। कमरे में मच्छर हैं और धूल भरी हुई है। उनका आरोप है कि जब डॉक्टर से उसे साफ करवाने को कहा जाता है कि तो वह कहते हैं कि यह फाइव स्टार होटल नहीं है।
    कनिका कपूर ये आरोप सोशल मीडिया पर अब वायरल हो रहे हैं। इस पर पीजीआई प्रशासन का कहना है कि कनिका को अस्पताल की बेस्ट सुविधाएं दी गई हैं। वह एक स्टार की तरह नहीं बल्कि मरीज की तरह बर्ताव करें। पीजीआई के निदेशक प्रो. आरके धीमान से बात की गई तो उन्होंने बताया कि कनिका कपूर एक पेशंट की तरह व्यवहार ही नहीं कर रही है।

    कनिका को मरीज की तरह पेश आना होगा, स्टार की तरह नहीं’
    धीमान ने कहा, ‘हमने हॉस्पिटल की बेस्ट फैसिलिटी उन्हें मुहैया कराई है। एयर कंडीशन रूम दिया गया है जिसमें अटैच टॉइलट और एयर हैंडलिंग यूनिट है जिसमें मच्छर और गंदगी का सवाल ही नहीं है। रूम में टीवी तक लगा हुआ है।’ निदेशक धीमान ने बताया, ‘पहले उन्होंने कहा मैं घर का खाना खाऊंगी, लेकिन यह इलाज में संभव नहीं था। फिर उन्होंने कहा कि ग्लूटन फ्री फूड चाहिए तो उनकी मांग के मुताबिक ग्लूटन फ्री फूड दिया जा रहा है जो हमारे किचन में अलग तैयार होता है।’ धीमान ने कहा, ‘कनिका की आगे भी पूरी केयर की जाएगी, लेकिन पहले उन्हें एक मरीज की तरह यहां रहना होगा न कि एक स्टार की तरह।’

    कनिका की वजह से लखनऊ से संसद तक मचा हड़कंप
    बता दें कि कनिका कपूर हाल ही में लंदन से वापस आई थीं। शुक्रवार को वह तब सुर्खियों में आईं जब उनके कोरोना वायरस से संक्रमित होने का पता चला। संक्रमण का पता चलने से पहले कनिका लखनऊ से लेकर कानपुर तक कई पार्टियों में शामिल हुईं। इनमें से एक में राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, बीजेपी सांसद दुष्यंत सिंह, यूपी के स्वास्थ्य मंत्री जय प्रताप सिंह जैसे वीआईपी मेहमान भी शामिल थे। इस खबर से लखनऊ से लेकर संसद तक हड़कंप मच गया था। हालांकि वसुंधरा, दुष्यंत और जय प्रताप सिंह की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है।