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  • गृह मंत्रालय एडवायजरी के बाद निर्देश, जूम एप बन सकता है मुसीबत..कोर्ट का फैसला..अब दूसरे माध्यम से करेंगे सुनवाई…

    गृह मंत्रालय एडवायजरी के बाद निर्देश, जूम एप बन सकता है मुसीबत..कोर्ट का फैसला..अब दूसरे माध्यम से करेंगे सुनवाई…

    बिलासपुर। जूम एप्स को लेकर गृह मंत्रालय की एडवायजरी को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने अब जूम एप की जगह दूसरे माध्यम से वीडियो कांफ्रेंसिंग करने का फैसला किया है। एडवायजरी को ध्यान में रखते हुए हाईकोर्ट ने 17 अप्रैल को होने वाली सभी सुनवाई की तारीख को बढ़ाकर 20 अप्रैल तक के लिए टाल दिया है।
                  हाईकोर्ट ने केन्द्रीय केन्द्रीय गृह मंत्रालय से जारी एडवायरी के बाद जूम एप से आनलाइन वीडियो कांफ्रेंसिग की सुनवाई को टाल दिया है। अब 17 अप्रैल को होने वाली सभी सुनवाई बीस अप्रैल को होगी।
             जानकारी हो कि भारतयी कंपनी कम्प्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम और राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ने भी जूम एप को लेकर एडवाइजरी जारी की थी। बताया गया था कि इस एप के माध्यम से साइबर हमले किए जा सकते हैं। इसके जरिए साइबर आरोपी निजी कार्यालयों से डाटा चोरी कर गलत इस्तेमाल भी कर सकते हैं। जूम एप के साथ डाटा लीक होने का खतरा है।
                      बताते चलें कि लॉकडाउन की वजह से जूम एप यूजर्स की संख्या में वृद्धि हुई है।  लेकिन उपयोगिता के साथ ही जूम एप की सुरक्षा में भी सवाल उठने लगे है। एप में कई खामियां मौजूद है। इसमें यूजर्स के डाटा को हैक किया जा सकता है।
  • पूर्ण शराबबंदी के बावजूद कांग्रेस नेत्री का पुत्र शराब तस्करी करते रंगे हाथ पकड़ाया….

    पूर्ण शराबबंदी के बावजूद कांग्रेस नेत्री का पुत्र शराब तस्करी करते रंगे हाथ पकड़ाया….

    पूर्ण शराबबंदी का वादा कर सत्ता में आई कांग्रेस की ही एक नेत्री का पुत्र शराब की तस्करी करता रंगे हाथों पकड़ा गया है और उसका साथ कोई और नहीं बल्कि पुलिस के कांस्टेबल दे रहे थे। भारत में जारी लॉक डाउन के दौरान पुलिस की छवि निखर कर आयी है लेकिन मुंगेली जिले के तीन आरक्षको ने उस छवि को एक बार फिर दागदार कर दिया है। शराब दुकान बंद होने से लगातार मध्य प्रदेश से शराब की तस्करी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में शराब की बिक्री सरकारी नियंत्रण में होने के कारण यहां अवैध रूप से शराब की बिक्री संभव नहीं। लेकिन मध्य प्रदेश में अब भी शराब ठेकेदारों के माध्यम से बेची जाती है, इसीलिए मुंगेली और लोरमी जिले के सीमावर्ती क्षेत्र से शराब की बड़ी खेप मंगाई जा रही है।

    इस क्षेत्र की कांग्रेस नेत्री मायारानी के पुत्र राहुल सिंह द्वारा मुंगेली जिले के ही पुलिस कर्मियो के साथ मिलीभगत करते हुए बड़ी मात्रा में अंग्रेजी शराब की तस्करी की जा रही थी। इसकी जानकारी मुंगेली पुलिस को हो गई, जिसके बाद एसडीओपी लोरमी और खुड़िया प्रभारी चिंतामणि मालाकार ने अचानकमार टाइगर रिजर्व क्षेत्र के सुदूर ग्रामीण अंचल औरापानी के रास्ते में मोहा भांचा के करीब रात को नाकेबंदी की। इस दौरान वहां से बोलेरो क्रमांक सीजी 28 जे 3073 गुजरी। इसे रोक कर तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब मिली। इस वाहन में कुल 5 लोग सवार थे जिनमें कांग्रेस नेत्री मायारानी का पुत्र राहुल सिंह के अलावा चालक राजेंद्र साहू और 3 कांस्टेबल भी थे। यातायात विभाग में ड्यूटी रत पवन गंधर्व के अलावा फास्टर पुर थाने में पदस्थ कॉस्टेबल लोकेश सिंह राजपूत और गजेंद्र यादव भी शराब तस्करी में लिप्त पाए गए हैं लेकिन पूछताछ के दौरान ही लोकेश सिंह राजपूत और राजेंद्र यादव फरार होने में कामयाब हो गए। इनके पास से खुड़िया पुलिस ने अलग-अलग ब्रांड के 52 लीटर अंग्रेजी शराब जप्त किया है और सभी आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं पर अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

     

    प्रदेश में शराब नहीं मिलने के कारण मुनाफे के लालच में कुछ लोग मध्य प्रदेश से शराब की तस्करी कर रहे हैं, लेकिन हैरानी इस बात की है कि इसमें पुलिस की भी मिलीभगत निकलकर सामने आई है । और इन्हें राजनीतिक संरक्षण मिलने के आरोप को भी इसलिए बल मिल रहा है क्योंकि इस क्षेत्र की दबंग नेत्री माया रानी का पुत्र भी शराब तस्करी में लिप्त पाया गया है। पूरा इलाका जंगल क्षेत्र होने से यहां जंगल के रास्ते शराब लाना आसान है, जिसका लाभ तस्कर उठा रहे हैं । एक तरफ जहां शराब तस्करी में पुलिस की मिलीभगत होने से विभाग की किरकिरी हो रही है वही कांग्रेस नेता के बेटे द्वारा इस तरह शराब की तस्करी किए जाने से कांग्रेस के लिए भी जवाब देना मुश्किल हो रहा है। पता चला है कि इस मामले में जो तीनों कॉस्टेबल लिप्त थे वो बिना अधिकारियों को सूचित किये और उनकी अनुमति के ही प्रदेश के बाहर गए थे इसलिए उनके खिलाफ भी अब बड़ी कार्यवाही की उम्मीद की जा रही है। बताया जा रहा है की ऐसे ही शराब तस्कर मध्यप्रदेश से अंग्रेजी शराब लाकर क्षेत्र में दोगुनी दोगुनी कीमत पर बेच रहे हैं। लॉक डाउन के दौरान लगातार सीमावर्ती क्षेत्र से सटे मध्य प्रदेश से शराब की तस्करी की जा रही है लेकिन यह शायद पहली कार्यवाही है जिसमें इतनी बड़ी मात्रा में शराब पुलिस के हाथ लगी है।

  • लॉकडाउन में पॉर्न देखने वाले दुनियाभर में बढ़े, 95% उछाल के साथ भारत सबसे आगे

    लॉकडाउन में पॉर्न देखने वाले दुनियाभर में बढ़े, 95% उछाल के साथ भारत सबसे आगे

    पॉर्न देखने में दुनिया भर के देशों में भारत लीड कर रहा है. तीन हफ्ते के लॉकडाउन की अवधि में भारत एडल्ट साइट्स पर जाने वालों का ट्रैफिक 95 फीसदी बढ़ा है।

    डेटा दिखाता है कि भारत (जो सबसे तेजी से उभरने वाला स्मार्टफोन मार्केट है) में मार्च के आखिर में आधिकारिक पाबंदियों के शुरू होने से पहले ही पॉर्न कंटेंट देखने में 20 फीसदी का उछाल आ गया था।

    हालांकि कई भारतीय टेलीकॉम ऑपरेटर्स ने अनेक एडल्ट साइट्स को ब्लॉक भी किया है, लेकिन उनका कंटेंट अब भी मिरर डोमेंस पर देखा जा सकता है।

    दुनिया की सबसे बड़ी पॉर्न साइट पॉर्नहब ने ट्रैफिक से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं. इन आंकड़ों से कोरोना वायरस महामारी के खतरे से निपटने के लिए दुनिया भर में लॉकडाउन और क्वारनटीन जैसे उपाय किए जाने के बाद खपत पैटर्न (पॉर्न देखना) का पता चलता है।

    आइए देखते हैं कि इस मामले में भारत, फ्रांस, जर्मनी, इटली, रूस, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड और अमेरिका के वेब ट्रैफिक पर क्या फर्क पड़ा

    फ्रांस, जर्मनी, इटली और रूस में वेब ट्रैफिक में बढ़ोतरी

    यूरोप का अधिकतर हिस्सा करीब एक महीने से अब सख्त लाउडाउन में हैं।

    पॉर्नहब के आंकड़े बताते हैं कि 17 मार्च को फ्रांस में लॉकडाउन शुरू होने के बाद 40% का तत्काल उछाल आया. ऐसी ही तस्वीर जर्मनी की भी है. वहां 22 मार्च को लॉकडाउन शुरू होने पर एडल्ट साइट्स के ट्रैफिक में 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. इटली दुनिया में चीन के बाहर कोरोना वायरस की सबसे बुरी मार झेलने वाला देश है. यहां 9 मार्च को लॉकडाउन शुरू हुआ. इस अवधि में इटली में एडल्ट कंटेट की खपत में 55 फीसदी का उछाल आया।

    ये भी पहली बार हुआ कि एडल्ट साइट्स ने अपने व्यूअर्स को फ्री सब्सक्रिप्शन देना शुरू कर दिया. 2 अप्रैल के बाद और एडल्ट कंटेंट की खपत और बढ़ी जब इटली सरकार ने एलान किया कि Covid-19 से जुड़े प्रतिबंध 13 अप्रैल तक लागू रहेंगे।

    रूस में आधिकारिक लॉकडाउन 30 मार्च को शुरू हुआ. इससे एक हफ्ते पहले मॉस्को के मेयर ने 65 साल से ऊपर के सभी लोगों को घर में खुद को आइसोलेशन में रखने के लिए कहा था. उससे अगले दिन चेचन्या ने सभी रेस्त्रां, कैफे, भीड़ वाली जगहों को बंद कर दिया. रूस ने 25 मार्च को सभी सिनेमा, नाइट क्लब बंद कर दिए. इसी घटनाक्रम के साथ ही रूस में एडल्ट साइट्स को जाने वाला वेब ट्रैफिक 56% बढ़ गया।

    दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्विट्जरलैंड, अमेरिका में बढ़ा वेब ट्रैफिक

    दक्षिण कोरिया में पूर्ण लॉकडाउन घोषित नहीं किया गया. वहां वेब ट्रैफिक में कोई खास उछाल देखने को नहीं मिला. वहां मार्च के पूरे महीने और अप्रैल की शुरुआत में लगभग एक जैसा ही ट्रैफिक देखने को मिला।

    स्पेन अन्य यूरोपीय देशों से अलग नहीं रहा. यहां 14 मार्च को पूरा लॉकडाउन अमल में आया. पॉर्नहब के डेटा के मुताबिक स्पेन में एडल्ट कंटेंट को देखने वाले वेब ट्रैफिक में 60 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई।

    स्विट्जरलैंड में 19 मार्च को लॉकडाउन प्रभावी हुआ. यहां पॉर्न साइट्स के वेब ट्रैफिक में 25 फीसदी का उछाल आया।

    पॉर्नोग्राफी के लिए अमेरिकी ट्रैफिक में खासी बढ़ोतरी देखी गई. इस उछाल का संबंधित राज्यों में लागू की गई पाबंदियों से जुड़ाव देखने को मिला।

  • छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन, क्वारंटाइन उल्लंघन और जानकारी छिपाने पर 24 घंटे में 91 अपराध दर्ज

    छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन, क्वारंटाइन उल्लंघन और जानकारी छिपाने पर 24 घंटे में 91 अपराध दर्ज

    रायपुर। सरकार बार-बार अपील कर रही है कि विदेश या अन्य राज्य से लौटने की जानकारी सार्वजनिक करे और नियमों का पालन करें. इसके बावजूद लोग इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं. पुलिस ने लॉक डाउन, क्वारंटाइन उल्लंघन करने और जानकारी छिपाने पर पिछले 24 घंटे में 91 अपराध दर्ज किये हैं.

     

    कोरबा में सबसे अधिक अपराध दर्ज

    लॉक डाउन, क्वारंटाइन उल्लंघन करने और जानकारी छिपाने पर कोरबा जिले में 33, रायपुर में 9, गरियाबंद में 1, धमतरी में 2, महासमुंद में 1, बलौदाबाजार में 2, दुर्ग में 2, बिलासपुर में 22, जांजगीर चाम्पा में 7, सरगुजा में 2, बलरामपुर में 1, कोरिया में 3, जशपुर में 1, कांकेर में 3, बीजापुर में 1, नारायणपुर में 1 अपराध दर्ज किये गए हैं. पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 269, 270 के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं.

  • VIDEO : कवारंटाइन लव सांग…गायक मीका सिंह, शेट्टी खन्ना का रोमांटिक गाना ‘क्वारंटाइन लव’ आपको अपने साथी की याद दिलाएगा, वीडियो देखें

    VIDEO : कवारंटाइन लव सांग…गायक मीका सिंह, शेट्टी खन्ना का रोमांटिक गाना ‘क्वारंटाइन लव’ आपको अपने साथी की याद दिलाएगा, वीडियो देखें

    बॉलीवुड सिंगर मीका सिंह और टीवी एक्ट्रेस चट्ट खन्ना इन दिनों अपने कथित रिश्ते को लेकर सुर्खियों में बने हुए हैं। जब दोनों ने एक-दूसरे के साथ तस्वीरें साझा कीं और यह अनुमान लगाया गया कि लॉकडाउन के दौरान वे एक साथ रह रहे हैं तो अफवाहें उड़ने लगीं। इसके तुरंत बाद अभिनेत्री ने स्पष्ट किया कि उसने पार्श्व गायक के साथ एक गीत के लिए शूटिंग की थी।

    अब, ‘संगरोध प्यार’ नामक गीत अब है और निश्चित रूप से आप अपने साथी को याद करेंगे। गीत पुराने क्लासिक ‘बडे अचे लगते हैं’ का एक नया गायन है। दिलचस्प बात यह है कि अपने अन्य गीतों के विपरीत, मीका सिंह गीत में अभिनेत्री से रोमांस करते हुए दिखाई देते हैं। इसे यहां देखें-

    पहले ऐसी अटकलें लगाई जाती रही हैं कि ममता सिंह के साथ उनके घर पर होने के लिए चाट खन्ना ने तालाबंदी नियम तोड़ा था। अफवाहों के अनुसार, अभिनेत्री ने अपने नए गीत बडे असे लागे हैं के संगीत वीडियो को शूट करने के लिए लॉकडाउन प्रोटोकॉल तोड़ने से इनकार कर दिया, यह कहते हुए कि उन्होंने लॉकडाउन से पहले गाने के लिए शूट किया था।

    “वह (मिका) मेरे भवन के बगल में रहता है, और यह मेरे भवन के जब्त होने से पहले हुआ था। मैं उसके घर गया था, हम अपने iPhone पर एक वीडियो बना रहे थे और हम कुछ ऐसा करने की योजना बना रहे थे जिसके लिए टाइमपास हो। संगरोध के दौरान लोग। हम संगरोध अवधि के लिए कुछ बनाने की कोशिश कर रहे थे, “चाट ने दावा किया।

    उसने कहा: “मीका सिंह ने गीत गाया है और मैंने वीडियो में फीचर किया है। यह कुछ नया है। हम दोनों ने घर पर शूटिंग की है। यह संगरोध के बारे में है, और जोड़े संगरोध के दौरान घर पर कैसे समय बिता सकते हैं”।

     

  • गृह मंत्रालय ने वीडियो कॉल ऐप जूम के लिए जारी की एडवाइजरी, कहा- ये सुरक्षित नहीं,सावधानी बरतें…

    गृह मंत्रालय ने वीडियो कॉल ऐप जूम के लिए जारी की एडवाइजरी, कहा- ये सुरक्षित नहीं,सावधानी बरतें…

    सुरक्षित नहीं है ऐप, सावधानी बरतें: MHA

    कोरोना वायरस के महासंकट की वजह से देश में लॉकडाउन जारी है. ऐसे में एक दूसरे से जुड़ने के लिए लोग वीडियो कॉल का इस्तेमाल कर रहे हैं. वीडियो कॉलिंग/कॉन्फ्रेंसिंग ऐप ज़ूम के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से एडवाइज़री जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि ये ऐप सुरक्षित नहीं है, ऐसे में लोग इसका सावधानी से इस्तेमाल करें.

    गृह मंत्रालय की ओर से कहा गया कि सरकार ने पहले भी 6 फरवरी, 30 मार्च को इसको लेकर जानकारी दी थी, ऐसे में लोग इसपर सतर्कता बरतें।

    सरकार ने कहा है कि लोग अगर इसका इस्तेमाल कर भी रहे हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें. लगातार पासवर्ड बदलते रहें, कॉन्फ्रेंस कॉल में किसी को अनुमति देते हुए सतर्कता बरतें।

    ज़ूम पर बात करने के लिए गृह मंत्रालय ने ये सुझाव दिए हैं, जिनका पालन कर सतर्कता बरती जा सकती है:

     

    • हर मीटिंग के लिए नई यूजर आईडी, पासवर्ड का इस्तेमाल करें।
    • वेटिंग रूम को एनेबल करें, ताकि कोई भी यूजर तभी कॉल में शामिल हो सके जब कॉन्फ्रेंस करने वाला अनुमति दे।
    • ज्वाइन ऑप्शन को डिसऐबल कर दें।
    • स्क्रीन शेयरिंग का ऑप्शन सिर्फ होस्ट के पास रखें।
    • किसी व्यक्ति के लिए रिज्वाइन का ऑप्शन बंद रखें।
    • फाइल ट्रांसफर के ऑप्शन का कम से कम इस्तेमाल करें।

    गौरतलब है कि जब से देश में लॉकडाउन लागू हुआ है, तभी से अधिकतर लोग अपने घरों में बंद हैं. अधिकतर दफ्तरों ने वर्क फ्रॉम होम का सिस्टम भी शुरू किया है, इस बीच वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, वीडियो कॉल का चलन बढ़ा है. कई दफ्तर और लोग जूम ऐप का इस्तेमाल कर रहे थे, लेकिन समय-समय पर इसकी सुरक्षा पर सवाल भी खड़े हुए हैं।

    गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी जब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की, तब उन्होंने भी जूम ऐप का ही इस्तेमाल किया था।

  • छत्तीसगढ़ में कोरोनो राहत को लेकर बड़ी खबर, पिछले 24 घन्टो में 10 मरीज हुए ठीक….6 और मरीज एम्स से डिस्चार्ज…बचे 10 मरीजों का उपचार जारी..

    छत्तीसगढ़ में कोरोनो राहत को लेकर बड़ी खबर, पिछले 24 घन्टो में 10 मरीज हुए ठीक….6 और मरीज एम्स से डिस्चार्ज…बचे 10 मरीजों का उपचार जारी..

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना के तेजी से बढ़ते संक्रमण के बीच राहत देने वाली खबर सामने आई है. एम्स में भर्ती 6 कोरोना मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है. सभी 6 मरीज कोरबा के कटघोरा इलाके रहने वाले हैं। जिनमें 4 पुरुष और 2 महिला शामिल है. एम्स अधीक्षक करण पिपरे ने इसकी पुष्टि की है।

     

    जानकारी के अनुसार राज्य में अभी तक कुल 33 केस सामने आए थे. जिसमें से 23 मरीज ठीक हो चुके हैं. गुरुवार यानी आज भी 6 मरीजों की जांच में रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद एम्स अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. जिसके बाद प्रदेश में कोरोना मरीजों की संख्या घटकर 10 हो गई है. जिनका एम्स अस्पताल में इलाज जारी है।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट करते हुए कहा कि AIIMS रायपुर में जिन कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज चल रहा है, उनमें से 6 मरीजों का टेस्ट लगातार दो दिन से निगेटिव आने के बाद आज उनको डिस्चार्ज कर दिया गया है. अब केवल 10 कोरोना पॉजिटिव मरीजों का इलाज चल रहा है. आशा है वो भी जल्द स्वस्थ होंगे।

  • पुलिस चौंकी खरसिया में लगा बॉडी सेनीटाइजर मशीन

    पुलिस चौंकी खरसिया में लगा बॉडी सेनीटाइजर मशीन

    रानी सती ट्रेड़र्स द्वारा होम मेड़ मशीन खरसिया पुलिस को दी गयी

    सुनील अग्रवाल खरसिया। वैष्विक महामारी कोरोना के संक्रमण से बचाव के लिये पुलिस चौकी  खरसिया में रानी सती ट्रेड़र्स के संचालक द्वारा होम मेड़ बाॅड़ी सेनेटाईजर मशीन गयी, जिसके प्रयोग से खरसिया पुलिस के जवान स्वयं को सेनेटाईज कर सकेंगे।
    नगर की प्रतिश्ठित फर्म रानी सती ट्रेडर्स के संचालक अजय बंसल ने बताया कि महामारी के इस दौर में जब हर किसी को अपनी जान का खतरा है, हमारे पुलिस के जवान हमारी सुरक्षा के लिये हमेषा तत्पर है उन पुलिस के जवानों की सुरक्षा भी बहुत जरूरी है। इसी बात को ध्यान में रखकर अजय बंसल ने अपने भाई मानस बंसल और भतीजे विवेक बंसल के सहयोग से घरेलू सामान का उपयोग कर एक सैनेटाईजर मशीन तैयार किया और उस मशीन को पुलिस चौंकी में लगाया गया जिससे कि पुलिस के जवान स्वयं को सैनेटाईज कर सकें। खरसिया एसड़ीएम और एसड़ीओपी पीतांबर पटेल के द्वारा 15 अपै्रल को इस मशीन का उद्घाटन किया गया इस दौरान थाना प्रभारी सुम्मत राम साहू, चौंकी प्रभारी नंद किशोरे गौतम सहित खरसिया पुलिस के जवान मौजूद थे। खरसिया पत्रकार संघ के सचिव सुनील अग्रवाल ने पत्रकार साथी अजय बंसल के द्वारा किये गये कार्य की सराहना करते हुये कहा कि वैष्विक महामारी के इस दौर में खरसिया पत्रकार संघ खरसिया पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है, कोरोना वायरस के खिलाफ इस युद्ध में पुलिस के जवान, स्वास्थ्य विभाग के साथ साथ मीड़िया जगत भी तन मन धन से जुटा हुआ है। सुनील अग्रवाल ने कहा कि पत्रकार साथी अजय बंसल के द्वारा प्रदत्त इस मशीन से निश्चित तौर पर कोरोना के खिलाफ युद्ध में सहायता मिलेगी। खरसिया पत्रकार संघ ने नगरवासियों से अपील की है कि लाॅकड़ाउन का पालन करें और जब तक बहुत ज्यादा जरूरी न हो, अपने घरों से बाहर न निकलें, कोरोना से लड़ाई में प्रशासन को सहयोग प्रदान करें।

  • दो साल से कम उम्र के बच्चों को मास्क पहनाना खतरनाक है, बड़े बच्चे सार्वजनिक जगहों पर मास्क जरूर पहनें….

    दो साल से कम उम्र के बच्चों को मास्क पहनाना खतरनाक है, बड़े बच्चे सार्वजनिक जगहों पर मास्क जरूर पहनें….

    एक्सपर्ट्स के मुताबिक बच्चों के लिए कपड़े के मास्क ही बेहतर हैं।

    बच्चों में नहीं दिख रहे कोरोना के पूरे लक्षण इसलिए मास्क जरूरी है।

    सीडीसी के अनुसार 25% केस ऐसे हैं, जिनमें कोविड 19 के लक्षण नहीं दिखे।

    कोरोनावायरस बहुत आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे में फैलता है। अमेरिका और कुछ अन्य देशों ने अपने सभी नागरिकों को मास्क पहनने का निर्देश दिया है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या छोटे बच्चों को भी मास्क लगाने की जरूरत है? अमेरिकी हेल्थ एजेंसी सीडीसी ने यह साफ कहा है कि दो साल से कम उम्र के बच्चों के लिए भी मास्क खतरनाक है, क्योंकि इससे दम घुटने की आशंका बनी रहती है। वहीं, दो या दो साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए मास्क लगाना सुरक्षित है। बशर्ते, उन्हें कोई सांस संबंधी परेशानी न हो।
    6 अप्रैल को जारी सीडीसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में 18 साल से कम उम्र के बच्चों में कोरोना संक्रमण के 2572 केस आए थे। ये बच्चे बाकी बड़ी उम्र के लोगों की तरह गंभीर रूप से बीमार भी नहीं थे। कोरोना से संक्रमित इन बच्चों में या तो बेहद मामूली लक्षण दिख रहे हैं या बिल्कुल नहीं। इसके कारण परिवार और समुदाय में वायरस फैलने का खतरा बढ़ जाता है।
    दूसरों को संक्रमण से बचाने के लिए लगाएं मास्क
    पिडियाट्रिक इंफेक्शियस डिसीज स्पेशलिस्ट डॉक्टर मार्क स्वायर के मुताबिक अपने बच्चे को कपड़े का मास्क पहनाने से आप दूसरों को संक्रमित होने से बचा सकते हैं। क्योंकि कोरोना छींकने, खांसने जैसी आम बीमारियों से फैल रहा है। सीडीसी के एक अनुमान के मुताबिक 25 प्रतिशत कोरोना के केस ऐसे हैं, जहां मरीज में कोई भी लक्षण नहीं दिखे। इतने बड़े पैमाने पर इस वायरस का फैलने का एक यह कारण भी है।
    दूरी बनी हुई है तो बच्चे को मास्क न पहनाएं
    मास्क की मुख्य तौर पर जरूरत सार्वजनिक जगहों पर होती है। अगर आप ऐसी जगह पर हैं, जहां दूसरों से कम से कम 6 फुट की दूरी बना सकते हैं, तो बच्चों को मास्क पहनाने की जरूरत नहीं है। साथ ही अगर बच्चे को कोई बीमारी है या बीमार होने की आशंका है तो उसे बाहर जाने से रोकें।
    छोटे बच्चों को मास्क पहनने के लिए कैसे मनाएं?
    छोटे बच्चों को मास्क पहनाना भी एक जिम्मेदारी का काम है। लेकिन यह जरूरी भी है। ऐसे में आप डॉक्टर्स की सलाह मानकर बच्चों को मास्क के लिए तैयार कर सकते हैं।

    समझाएं – अपने बच्चों को मास्क की उपयोगिता को गंभीरता से समझाएं। उन्हें यह बताएं कि दूसरे लोग मास्क क्यों पहने हुए हैं। इसके फायदे क्या हैं।

    इनाम दें – डॉक्टर मेग फिशर के अनुसार आप बच्चे को मास्क पहनने पर इनाम भी दे सकते हैं। अगर बच्चे ने मास्क पहन लिया तो उसे हेल्दी इनाम दें।

    बच्चों को कौन से मास्क पहनाएं?
    सीडीसी बच्चों को कपड़े का मास्क पहनने की सलाह देते हैं। क्योंकि सर्जिकल और N-95 मास्क की सप्लाई बेहद कम है। जो स्टॉक में हैं वे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए हैं। आप मास्क घर पर भी बना सकते हैं, सीडीसी ने इसका एक ट्यूटोरियल वीडियो भी शेयर किया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बच्चों के लिए कपड़े के मास्क ही बेहतर हैं।

  • चीन से मिलीभगत करने पर गुस्सा है दुनिया का सबसे ताकतवर शख्स ट्रंप, विश्व स्वास्थ्य संगठन की फंडिंग रोकी….

    चीन से मिलीभगत करने पर गुस्सा है दुनिया का सबसे ताकतवर शख्स ट्रंप, विश्व स्वास्थ्य संगठन की फंडिंग रोकी….

    दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्व स्वास्थ्य संगठन यानि डब्ल्यूएचओ की फंडिंग को रोक दिया है। ट्रंप ने संगठन पर चीन की तरफदारी करने का आरोप लगाया है।
    अमेरिकी राष्ट्रपति संगठन की भूमिका से बेहद खफा हैं। उनका कहना है कि कोरोना वायरस के प्रसार का कुप्रबंधन करने और उसकी जानकारी छिपाने में संगठन की भूमिका का आकलन किया जाएगा। दरअसल, कोरोना वायरस का पहला मामला पिछले साल नवंबर में चीन के वुहान शहर में सामने आया था। अमेरिका की जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी के अनुसार अब तक यह वायरस विश्व में एक लाख 19 हजार लोगों की जान ले चुका है। जिसमें से अमेरिका में 25,000 लोगों की मौत हुई है। अमेरिका चीन और विश्व स्वास्थ्य संगठन दोनों से बेहद खफा है।
    ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों को बताया कि, मैंने अपने प्रशासन को डब्ल्यूएचओ की फंडिंग रोकने का आदेश दे दिया है। कोरोना वायरस के प्रसार की बात छिपाने को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की भूमिका की भी जांच की जा रही है। हम आगे और भी कड़े कदम उठाने वाले हैं। गौरतलब है कि अमेरिका विश्व स्वास्थ्य संगठन को सबसे ज्यादा फंड देता है।