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  • खरसिया पुलिस को होमकिट गिफ्ट उपहार देकर किया अनोखा सम्मान

    खरसिया पुलिस को होमकिट गिफ्ट उपहार देकर किया अनोखा सम्मान


    खरसिया। नगर के गऊ प्रेमी राकेश केशरवानी द्वारा खरसिया कोरोना फाईटर्स, पुलिस विभाग के सभी देवदुत कर्मचारियों का राम नाम का दुपट्टा पहनाकर होमकिट उपहार के साथ सम्मान किया उनके साथ नगर के समाजसेवी अंकित अग्रवाल भी मौजूद रहे।


    गौरतलब है कि राकेश केशरवानी खरसिया पुलिसकर्मियो के कार्यशैली से काफी प्रभावित है वे हमेशा फेसबुक आदि में खरसिया पुलिस के लियेे देशभक्ति गीतों से सजा हुआ वीडियो आदि बना कर सभी का उत्साहवर्धन करते रहते है। जब से लाकडाऊन हुआ है राकेश के द्वारा हर रोज कुछ ना कुछ सेवा कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में उनके द्वारा खरसिया नगर के कोरोना फाईटर्स पुलिसकर्मियों को राम नाम का दुपट्टा पहना कर उपहार स्वरूप होमकिट देकर सम्मानित किया गया। किट में घरेलू उपयोग में आने वाली वस्तुओं जैसे फिनायल, टायलट व्रश, पानी बाटल, जग, साबुनदानी, चाकु, सोप स्टेडं, कपड़ा ब्रश, बाडी ब्रश, बाटल ब्रश, इत्यादी को सम्मिलित कर बनाया गया है। राकेश केशरवानी के इस सराहनीस प्रयास की नगर में भूरी भूरी प्रशंसा हो रही है।


    गौ सेवा चारों धाम से कम नहीं
    राकेश केशरवानी के द्वारा हर रोज सुबह पशुओ के लिऐ पानी और चारा का प्रबंध भी किया जा रहा है। उनके द्वारा पशुओं के लिये पानी का प्रबंध भी किया जा रहा है। राकेश का कहना है कि गऊमाता का सेवा करना चारधाम से कम नहीं है, उन्होंने अपील की है कि सभी को गऊसेवा करनी चाहिये। हर रसोई से कम से कम एक रोटी गऊमां के नाम का निकले।

  • नगरवासियों ने किया कोरोना योद्वाओं का सम्मान,छतों से फूल बरसा कर किया स्वागत

    नगरवासियों ने किया कोरोना योद्वाओं का सम्मान,छतों से फूल बरसा कर किया स्वागत

    खरसिया। कोरोना महामारी में जान की परवाह किये बगैर दिन-रात सेवा में लगे प्रशासन, पुलिसकर्मी, नगरपालिका पदाधिकारी व कर्मचारी एवं मिडिया के लोगो का बाबा के बंदे ग्रुप एवं नगरवासियों ने स्टेशन चौक से लेकर जैन मेडिकल चौक तक फुलो की वर्षा एवं पुष्प-गुच्छ देकर, तालियां बजाकर एवं भारत माता की जय के नारे लगाकर उनका भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया।


    इस दौरान प्रशासन की ओर से प्रमुख रूप से एसडीएम गिरिश रामटेके तथा पुलिस प्रशासन की ओर से एसडीओपी पीताम्बर पटेल, टीआई एस. आर. साहू, चौकी प्रभारी नंद किशौर गौतम एवं पुरा पुलिस अमला मौजूद था। नगरपालिका के सीएमओ टाॅमसेन रात्रे व पार्षदगण तथा उनके प्रतिनिधी मौजूद थे। पत्रकार संघ का भी इस अवसर पर नगरवासियो के द्वारा सम्मान किया गया।

    उपरोक्त कोरोना योद्धाओं के सम्मान समारोह की नगर में चारो ओर चर्चा है एवं प्रशंसा की जा रही है। इस दौरान एसडीओपी पीताम्बर पटेल ने मिडिया से चर्चा करते हुए बताया कि लाॅकडाउन के दौरान पुलिस प्रशासन, सफाईकर्मी, स्वास्थ्य विभाग, मीड़िया व आमजनता के सहयोग से खरसिया नगर में कोरोना संक्रमण को रोकने में कामयाबी मिली है, लोगों ने भी जागरूकता दिखाते हुये कडाई से लाॅकडाउन का पालन किया जिसके परिणाम स्वरूप ही हमारा खरसिया नगर कोरोना संक्रमण से बचा हुआ है तथा ग्रीन जोन में है। नगरवासियों के द्वारा किये गये सम्मान से कोरोना योद्वाओं का मनोबल और बढ़ा है तथा वे तत्परता से अपने कार्यो को करने के लिये प्रेरित हुये है।

  • कोरोना महामारी या वरदान – श्रीमती हेमा मनोज अग्रवाल

    कोरोना महामारी या वरदान – श्रीमती हेमा मनोज अग्रवाल

    खरसिया। वैश्विक महामारी कोरोना, जिसने समस्त विश्व को घुटनों पर ला पटका है, और स्वयं को सर्वशक्तिमान समझने वाले मनुष्य को प्रकृति की शक्ति का एहसास कराया है, समस्त विश्व मानो इस बीमारी की वजह से थम सा गया है, इस बीमारी ने जहां मनुष्य को पंगु बना दिया है, वहीं उसे प्रकृति के करीब आने का अवसर भी प्रदान किया है, इस बीमारी की वजह से बदली जीवनशैली पर खरसिया नगर पालिका परिषद की वार्ड़ क्रमांक 5 की पार्षद श्रीमती हेमा मनोज अग्रवाल से चर्चा हुयी जिसमें उन्होंने बेबाकी से ने अपने विचार रखते हुये इस महामारी के संबंध में अपने अनुभव साझा किये।
    श्रीमती हेमा मनोज अग्रवाल ने बताया की मुझे इस संकट की घड़ी में अपने परिवार का साथ मिला अपने बच्चों और पति के साथ समय बिताने का अवसर मिला, नई नई चीजें सीखने को मिली। हम यह समझते थे कि बाहर के खाने के बिना हमारा जीवन नहीं चल सकता, यह भ्रम दूर हुआ कम खर्च में भी घर अच्छे से चलाया जा सकता है, इस बात का अनुभव मिला। बाहर घूमना ही सब कुछ नहीं है, घर में बैठकर भी बहुत कुछ किया जा सकता है। भारत की संस्कृति संस्कार जो हमारी पहचान है उन धार्मिक सीरियल को परिवार के साथ देखने का अवसर मिला। कोरोना का यह संकट गंभीर तो है लेकिन इस संकट ने हमें बहुत कुछ सिखा दिया, हम घर में रहकर भी अच्छा खा कर कम खर्चे में अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं, और अपना जीवनयापन कर सकते है। पहले हमारी दिन कि शुरूआत सुबह सैर करने से होती थी, परन्तु अब हम सुबह बड़ों एवं बच्चों के साथ बैठ कर पूरे दिन में क्या नया करना है इसकी चर्चा करते है, हमें क्या नया पकवान बनाना है कौन कौन से खेल खेलने है यह तय करते है, एवं सभी को कोरोना से बचने के उपायो से जागरूक करते है।
    उन्होंने आगे कहा कि मैंने घर पर रह कर बहुत चीजें सीखी जैसे की घर की सफाई के साथ साथ व्यायाम, योगा, बागवानी, चित्रकारी, साहित्य पढ़ना, धार्मिक सीरियल देखना,बुजुर्गों और बच्चों की देखरेख करना, शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने युक्त भोजन करना अदरक ,हल्दी,गुड, विटामिन ब युक्त वाली चीजें ग्रहण करना। ये सब उपाय प्रत्येक ब्यक्ति को अपने दिनचर्या में शामिल करना चाहिये । हमें कोरोना के साथ जीवन जीना सीखना होगा क्योंकि भारत में इससे अलग तरह के और भी संक्रमण है। इंसान के द्वारा प्रकृति को आज तक अपने अनुकुल करने के प्रयास पर उसका दोहन किया गया जिसे प्रकृति ने स्वयं सुधारा है, इस समय पर वातावरण निश्चित रूप से विशुद्ध हुआ है।


    ’कुछ कुछ बना कर सब को परोस रही है नारी,’
    ’लॉक डाउन को सफल बनाने में इनकी पहली बारी।’


    वही एक भारतीय नारी कोरोना वारियर की तरह प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से घर गृहस्थी संभाल कर अपने कर्तव्यों का पूर्ण आवहान कर रही है। परिवार के सभी सदस्यों को उनके मनपसंद व्यंजन बनाकर खिलाने मे ही महिलाओं का क्वारंटाइन और लॉक डाउन निकल रहा है। आज पूरा परिवार जो कभी एक टाइम पर साथ में खाना नहीं खाते थे वो आज एक साथ बैठ कर तीनो चारो टाइम का खाना खा रहे है, और समय बिता रहे है, जिसमे मुख्य योगदान हम नारियो का ही है।


    ’कैसे हुई प्रकृति और खुद को जानने की शुरुआत’


    जीवन की भागदौड़ के बीच हमने खबरों में सुना चीन के वुहान शहर में कोरोना नामक बीमारी दिन प्रति दिन फैल रही है। परंतु हमारी जिंदगी से इसपे कोई फर्क नहीं पड़ा। भारत में भी कोरोना का पहला मरीज ३१ जनवरी को केरला प्रांत में आया था ,पर फिर भी हमने सतर्कता नहीं दिखाई। हमारी आँखें तो तब खुली जब यह बीमारी भारत में भी दिन प्रति दिन फैलने लगी एवं जब मोदी जी ने २२ मार्च को पूरे भारत में जनता कर्फ्यू का ऐलान किया । २५ मार्च को फिर मोदी जी ने २१ दिन का भारत बंद का ऐलान किया। करोना से बचने के लिए अनेक प्रकार की सावधानिया बरतने की सलाह दी जा रही है, जिसमे हमने बहुत कुछ सीखा है जो हमेशा हमारे लिए फायदेमंद ही साबित होंगी, अंत में मैं आप सभी से भी यही कहना चाहूंगी जीवन बहुत अनमोल है इस संकट की घड़ी में अपने आप को भी बचाना है और अपने आसपास के सभी को बचाना है इसलिए घर पर रहे सुरक्षित रहें यह संकट भी चल जाएगा।

  • महिलाओं का ‘सेक्स हार्मोन्स’ कोरोना से बचा सकता है जान…

    महिलाओं का ‘सेक्स हार्मोन्स’ कोरोना से बचा सकता है जान…

    इस महामारी से जंग लड़ रहे विश्वभर के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों के लिए अभी तक यह पहली बना हुआ था कि महिलाएं कैसे कोरोना वायरस के कहर से बच रही हैं। अब इसका खुलासा हो गया है

    अमेरिकी डॉक्टरों का कहना है कि यह महिलाओं का सेक्स हार्मोन्स है जो उनकी जान बचाए रखा हुआ है।

    लॉस एंजिलिस के सेडार्स सिनाई मेडिकल सेंटर की डॉक्टर सारा घंदेहरी ने न्यूयॉर्क टाइम्स से बातचीत में कहा कि कोरोना से संक्रमित करीब 75 प्रतिशत पुरुषों को आईसीयू या वेंटिलेटर की जरूरत पड़ती है।

    एक रिपोर्ट के मुताबिक कोरोना वायरस से बेहद ज्यादा प्रभावित न्यूयॉर्क में महिलाओं की तुलना में संक्रमित पुरुषों के मरने की तादाद लगभग दोगुना है।

    शोधकर्ताओं ने बताया कि एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन इंसान की बच्चों को पैदा करने की क्षमता के लिए बहुत अहम हैं लेकिन हाल ही में हुए शोध में पता चला है कि ये दोनों हार्मोन महिलाओं में ज्यादा तादाद में पाए जाते हैं।

    दोनों हार्मोन इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता और खराब हुए टिश्यूज को ठीक करने के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण हैं।

    इसी वजह से महिलाएं जैविक रूप से पुरुषों की तुलना में कोरोना वायरस से ज्यादा अच्छे से सामना कर पा रही हैं।

    न भी इस तरह का शोध हुआ था और अब हाल ही में सेडार्स सिनाई एवं रेनाईसेंस स्कूल ऑफ मेडिसिन ने हार्मोन्स के अध्ययन के लिए क्लिनिकल ट्रायल शुरू करने जा रहे हैं।

    इस ट्रायल का मकसद कोरोना वायरस के मरीजों के लिए हार्मोन्स के जरिए इलाज तलाश करना है। स्टोनी ब्रुक यूनिवर्सिटी की डॉक्टर शरोन नाचमन ने कहा, कोरोना के संबंध में हम संभवत: यह नहीं जान सकते हैं कि कैसे एस्ट्रोजेन काम करता है लेकिन हम यह देख सकते हैं कि कैसे मरीज करते हैं।

     

    अब इन हार्मोन्स को लेकर परीक्षण शुरू होने जा रहा है। इसमें 18 साल से ऊपर के पुरुषों और 55 साल के ऊपर की महिलाओं को शामिल किया जाएगा। 55 के ऊपर की महिलाओं का मेनोपॉज़ की वजह से हार्मोन लेवल बहुत कम हो जाता है।

    इस बीच आलोचकों ने चेतावनी दी कि इस इलाज से ज्यादा उम्मीद न लगाएं क्योंकि एक तथ्य यह भी है कि बुजुर्ग पुरुष उम्रदराज महिलाओं की तुलना में कोरोना वायरस से ज्यादा मर रहे हैं।

    पुरुषों पर कोरोना वायरस के संक्रमण का अध्ययन करने वाली साबरा क्लेइन ने कहा कि महिलाओं के कोरोना से लडऩे में सिर्फ हार्मोन्स ही कारण नहीं हैं। इसके अलावा कुछ जेनेटिक या कुछ और है।

    हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर पुरुषों में महिलाओं के सेक्स हार्मोन्स को डाला जाता है तो इससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी।

  • होटल संचालक ने बिना किसी वेरीफेशन के युवक-युवती को रंगरेलियां मनाने दे दिया था कमरा… पुलिस ने मारा छापा तो…

    होटल संचालक ने बिना किसी वेरीफेशन के युवक-युवती को रंगरेलियां मनाने दे दिया था कमरा… पुलिस ने मारा छापा तो…

    भिलाई। लॉकडाउन काल में होटल व लॉज के कमरों की बुकिंग पर पाबंदी होने के बावजूद , लोगों को कमरे उपलब्ध कराने वाले आकाशगंगा सुपेला स्थित एक लॉज संचालक व उसके केयर टेकर के खिलाफ सुपेला पुलिस ने कार्रवाई की।

    लॉज के एक कमरे में एक जोड़ा रंगरेलियां मना रहा था। इसकी सूचना मिलने पर सुपेला पुलिस ने वहां दबिश दी और शारदा पारा कैम्प 02 के जोड़े को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा।

    दोनों के बालिग होने का हवाला देने पर पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया और लॉज संचालक व केयर टेकर के खिलाफ भादवि की धारा 188,269,270,के तहत अपराध दर्ज कर कार्रवाई की।

    आकाशगंगा के लॉज के केयर टेकर हेमंत कुमार ने शारदा पारा कैंप-2 निवासी एक युवक 28 साल व एक युवती 24 साल को बिना किसी दस्तावेज और रजिस्टर में जानकारी एंट्री किए बिना ही उन्हें कमरा नंबर 202 दे दिया था।

    इसके कुछ देर बाद ही पुलिस ने वहां दबिश दी और इस गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया। केयर टेकर हेमंत कुमार ने पुलिस को जानकारी दी कि लॉज संचालक विनोद कुमार बांधे के कहने पर ही उसने कमरा दिया था।

    पकड़े जाने के बाद दोनों आरोपित एप के माध्यम से ऑनलाइन कमरा बुक किए जाने की बात कहकर भ्रमित करने की कोशिश कर रहे थे, जबकि लॉकडाउन में एप से बुकिंग भी बंद है।

    पुलिस ने दोनों आरोपी हेमंत कुमार और विनोद कुमार बांधे के खिलाफ लॉक डाउन में लागू प्रतिबंध का उल्लंघन और संक्रामक रोग को फैलाने की धाराओं के तहत कार्रवाई की।

  • रिलायंस जियो अपने ग्राहकों के लिए लाया है ये धमाकेदार ऑफर….

    रिलायंस जियो अपने ग्राहकों के लिए लाया है ये धमाकेदार ऑफर….

    रिलायंस जियो (Reliance Jio) यूजर्स के लिए बड़ी खुशखबरी है। कंपनी यूजर्स को फ्री में 2GB एक्स्ट्रा डेली डेटा दे रही है।

    हर दिन 2जीबी एक्स्ट्रा डेटा का फायदा यूजर्स को मौजूदा प्लान पर ऑफर किया जा रहा है। कंपनी ने पिछले महीने 2जीबी डेली डेटा बेनिफिट ऑफर करने वाले ‘Jio Data Pack’ को लॉन्च किया था।

    इस डेटा पैक को कंपनी ने मार्च के आखिर में यूजर्स के अकाउंट में क्रेडिट किया था।

    टेलिकॉम टॉक की रिपोर्ट के मुताबिक अब एक बार फिर से कंपनी ऐसा ही कर रही है और यूजर्स को चार दिन की वैलिडिटी के साथ रोज 2जीबी एक्स्ट्रा डेटा फ्री में दिया जा रहा है।

    27 अप्रैल से अकाउंट में हो रहा क्रेडिट जियो डेटा पैक के तहत कंपनी हर दिन 2जीबी एक्स्ट्रा डेटा दे रही है।

    कंपनी ने एक्स्ट्रा डेटा को 27 अप्रैल से यूजर्स के अकाउंट में क्रेडिट करना शुरू कर दिया है। कुछ यूजर्स के अकाउंट में यह 28 अप्रैल को भी क्रेडिट हुआ है। अकाउंट में एक्स्ट्रा डेटा क्रेडिट किए जाने के बाद यह चार दिन तक वैलिड रहता है।

    ऑफर के दैरान यूजर्स को रोज 2जीबी एक्स्ट्रा डेटा खर्च करने को मिल रहा है। मान लीजिए आपके जियो नंबर पर 599 रुपये वाला प्लान ऐक्टिव है जो डेली 1.5जीबी डेटा देता है, तो इस ऑफर के तहत आपको रोज मिलने वाला डेटा कुल 3.5जीबी हो जाएगा।

    2017 में आया था ऐसा एक और ऑफर
    जियो ने इससे पहले साल 2017 में ऐनिवर्सरी सेलिब्रेशन के तौर पर यूजर्स को फ्री में 2जीबी डेटा दिया था। इस ऑफर में तीन महीने तक लगातार यूजर्स को 8जीबी एक्स्ट्रा डेटा का फायदा हुआ था।

    कंपनी का ऐसा ही धांसू ऑफर एक बार फिर से यूजर्स के लिए उपलब्ध है।

    ध्यान देने वाली बात यह है कि कंपनी यह ऑफर सीमित यूजर्स के लिए लेकर आई है। ऐसे में किसके अकाउंट में एक्स्ट्रा 2जीबी डेली डेटा क्रेडिट होगा इसका चुनाव रैंडम तरीके से हो रहा है।

    ऐसे में आपको चार दिन तक रोज 2जीबी एक्स्ट्रा डेटा मिलेगा या नहीं यह कन्फर्म नहीं है।

    हालांकि, इसका यह मकलब बिल्कुल नहीं है कि कंपनी का यह ऑफर फर्जी है। यूजर My Jio ऐप में जाकर जियो डेटा पैक की उपलब्धता को चेक कर सकते हैं।

  • देश के अन्य हॉटस्पाट जिलों से छत्तीसगढ़ आने के लिए कोई भी पास नहीं होगा जारी…कलेक्टरों को जारी किया गया ये निर्देश…

    देश के अन्य हॉटस्पाट जिलों से छत्तीसगढ़ आने के लिए कोई भी पास नहीं होगा जारी…कलेक्टरों को जारी किया गया ये निर्देश…

    रायपुर। देश के अन्य हॉट-स्पाट जिलों से छत्तीसगढ़ राज्य के अंदर आने के लिए कोई भी पास आगामी आदेश तक जारी नहीं किए जाएंगे।

    छत्तीसगढ़ में अन्य राज्य से आने की अनुमति के संबंध में अपर मुख्य सचिव गृह सुब्रत साहू द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किए गए हैं।

    कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि हॉट-स्पाट की जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार की वेबसाईट पर प्रतिदिन अद्यतन की जाती है, इसका उपयोग किया जाए। राज्य के स्वास्थ्य विभाग से भी हॉट-स्पाट जिलों की अद्यतन स्थिति प्राप्त की जाए।

    परिवार के नजदीकी सदस्य (माता-पिता, पिता-पुत्र) की मृत्यु अथवा मेडिकल इमरजेंसी के कारण जो व्यक्ति अन्य राज्य से विधिवत अनुमति, पास प्राप्त कर छत्तीसगढ़ के किसी जिले में आना चाहते है, उन्हें संबंधित सीमावर्ती जिले के जिला दण्डाधिकारी या संबंधित जिला दण्डाधिकारी अनुमति जारी कर सकेंगे।

    ईसके साथ ही अतिरिक्त अन्य आपातिक कारणों, उद्देश्य के संबंध में प्राप्त आवेदन का जिला दण्डाधिकारी परीक्षण और सुसंगत दस्तावेज सहित प्रकरण गृह विभाग को भेजने पर गृह विभाग की अनुमति के बाद ही पास जारी कर सकेंगे।

    अपर मुख्य सचिव ने कहा है कि अनुमति आवेदन संबंधित जिला दण्डाधिकारी कार्यालय में प्राप्त किए जाए और अनुमति के लिए अनुशंसा सहित प्रेषित किए जाए। छत्तीसगढ़ शासन गृह विभाग में सीधे प्राप्त आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।

    यदि कोई व्यक्ति अन्य राज्य से वैद्य अनुमति प्राप्त कर, स्वयं के साधन से, छत्तीसगढ़ होकर, दूसरे राज्य जा रहा है तो संबंधित सीमावर्ती जिले के जिला दण्डाधिकारी की वैद्य अनुमति और दस्तावेज के परीक्षण के बाद उन्हें छत्तीसगढ़ होकर अन्य राज्य के लिए अनुमति दे सकते हैं।

    छत्तीसगढ़ राज्य में आने वाले व्यक्तियों को प्रवेश देते समय, समय-समय पर गृह मंत्रालय भारत सरकार, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार, छत्तीसगढ़ राज्य और राज्य शासन द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जाए।

  • शराब के नशे में धुत्त आईजी ऑफिस में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों ने मचाया उत्पात…

    शराब के नशे में धुत्त आईजी ऑफिस में पदस्थ दो पुलिसकर्मियों ने मचाया उत्पात…

    ग्रामीणों की शिकायत पर रतनपुर पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर कार्रवाई की। इनमे से एक आईजी दफ्तर में एएसआई है, और दूसरा आरक्षक।

    रतनपुर के पास खैरा गांव में सोमवार शाम को दो व्यक्ति कार में सवार होकर पहुंचे, इनमें से एक पुलिस की वर्दी में था। शराब के नशे में चूर दोनों पुलिसकर्मियो ने एक युवक का शर्ट फाड़ दिया, और उससे वे अपनी गाड़ी पोंछने लगे।

    इसके बाद गांव के ही एक अन्य युवक प्रीतम का मोबाइल दोनों ने लूट लिया। जब प्रीतम की मां मौके पर पहुंचकर हंगामा मचाने लगी, तो किसी तरह दोनों ने प्रीतम को उसका मोबाइल वापस किया।

    इन दोनों की हरकतों से परेशान ग्रामीणों ने संदेह होने पर रतनपुर पुलिस को सूचना दी। रतनपुर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे, और दोनों की कुंडली खंगाली जाने लगी।

    कहते हैं रतनपुर पुलिस ने ग्रामीणों को बताया कि यह दोनों बिलासपुर आईजी कार्यालय में कार्यरत हैं।

    इधर ग्रामीणों ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। जिसके बाद बिलासपुर से लेकर रतनपुर तक हंगामा मच गया।

    रतनपुर पुलिस ने पूछताछ की, तो पता चला, कि इनमें से एक आईजी दफ्तर में पदस्थ एएसआई (एम) प्रेम उपाध्याय और दूसरा आरक्षक दिलीप तिवारी है। दोनों के खिलाफ धारा 188 व आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

  • जिंदगी की जंग हार गए ऋषि कपूर….

    जिंदगी की जंग हार गए ऋषि कपूर….

    मुंबई. ऋषि कपूर का जन्म 4 सितम्बर, 1952 को मुंबई के चेंबूर में हुआ था. ऋषि कपूर को बॉलीवुड का शो मैन कहा जाता था. ऐसा इसलिए क्योंकि वे राज कपूर के बेटे हैं. ऋषि कपूर का निक नेम चिंटू हैं. ऋषि कपूर के दो भाई हैं. रणधीर कपूर और राजीव कपूर और दोनो ही बॉलीवुड एक्टर हैं.

    ऋषि कपूर ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अपने भाईयों के साथ कैंपियन स्कूल, मुंबई और उसके बाद आगे की पढ़ाई मेयो कॉलेज अजमेर से पूरी की. इसक बाद उनहोंने बतौर बाल कलाकर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत फिल्म ‘मेरा नाम जोकर’ से साल 1970 में की थी.

     

    वह एक भारतीय फिल्म अभिनेता-निर्माता थे. ऋषि कपूर अपने जमाने के चॉकलेटी हीरो के रूप में जाने जाते रहे हैं. ऋषि कपूर एक ऐसे परिवार से ताल्लुक रखते जिसने बॉलीवुड में बहुत ही महत्‍वपूर्ण योगदान दिया है. ऋषि कपूर ने अपने फ़िल्मी करियर में सैकड़ों फ़िल्में की हैं. इस दौरान उन्होंने कई अवार्ड भी अपने नाम किये. उन्हें बॉबी के लिए 1974 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार से मिल चुका है. वहीं साल 2008 में ऋषि कपूर को फिल्म फेयर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी नवाजा गया.

    ऋषि कपूर ने बॉलीवुड एक्ट्रेस नीतू सिंह से शादी की थी. दोनों ने एक दूसरे को करीब 5 सालों तक डेट किया. इसके बाद दोनों शादी के बंधन में बंध गए. ऋषि कपूर के दो बच्चे हैं. रणबीर कपूर और रिधिमा कपूर. रणबीर कपूर बॉलीवुड के फेमस एक्टर हैं. वहीं ऋषि कपूर की बेटी रिधिमा की शादी बिजनेस मैन भारत साहनी से हुई है. इसके साथ ही बॉलीवुड की लीडिंग एक्ट्रेस करीना कपूर और करिश्मा कपूर ऋषि कपूर की भतीजी हैं.

    ये बात Twitter पर अपनी इच्छा व्यक्त करते हुए ऋषि कपूर ने कुछ दिन पहले ही की थी. हालांकि उनका ये ट्वीट काफी विवादों में रहा था. लेकिन अब उनके इस दुनिया से जाने के बाद उनकी अंतिम इच्छा बनकर रह गई है.

    ऋषि कपूर का Twitter पर विवादों को जन्म देना उस दिन से जारी है जब वो इस प्लेटफॉर्म पर आए थे. वो बिंदास अपनी बात कह देते थे. लेकिन उनके निधन की खबर के बाद से पूरे बॉलीवुड में मातम छाया हुआ है और सोशल मीडिया में करोड़ों लोग उन्हें ऋद्धांजलि दे रहे है.

  • पटवारी ने गुटखा तो खाया मगर थूककर मोल ले ली आफत, जानिए पूरी कहानी…

    पटवारी ने गुटखा तो खाया मगर थूककर मोल ले ली आफत, जानिए पूरी कहानी…

     मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक पटवारी को सार्वजनिक स्थल पर गुटखा खाकर थूक दिया. इस अपराध पर एक हजार रुपए का जुर्माना और दो दिन का वेतन भी काटा गया.

    दरअसल बालाघाट के किरनापुर क्षेत्र की एसडीएम आयुषी जैन बुधवार को अधिकारियों के साथ क्वारंटीन सेंटर का निरीक्षण गईं थी. इसी दौरान पटवारी राजुकमार लिल्हारे को गुटखा खाने के बाद थूकते हुए देख लिया. पटवारी को इस तरह सार्वजनिक स्थल पर थूकने के लिए उन्होंने फटकार भी लगाते हुए जुर्माना भी लगाया.

    अधिकारियों ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि पटवारी लिल्हारे पर सार्वजनिक स्थल पर थूककर गंदगी फैलाने के लिए एक हजार रुपए का जुर्माना लगा है. साथ ही दो दिनों का वेतन काटकर उस राशि को मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कराने का आदेश दिया गया है.