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  • 278 हेड कांस्टेबल बनेंगे ASI.. बिलासपुर रेंज में 33 लोगों का होगा प्रमोशन..15 दिन का समय

    278 हेड कांस्टेबल बनेंगे ASI.. बिलासपुर रेंज में 33 लोगों का होगा प्रमोशन..15 दिन का समय

    बिलासपुर। डीजीपी डीएम अवस्थी ने रेंज के हेड कान्स्टेबल को एएसआई पदोनन्नत किए जाने का निर्देश दिया है। डीडीपी ने सभी रेंज आईजी को निर्देश दिया है कि पन्द्रह दिनों के अन्दर पदोन्निति का निराकरण किया जाए। 

    डीडीपी प्रदेश के सभी रेंज आईजी को निर्देश दिया है कि पन्द्रह दिनों के अन्दर नियमानुसार हेड कॉन्स्टेबल को एएसआई ‘अ’ में पदोन्नति किया जाए। उन्होने एक आदेश में सभी रेंज आईजी को निर्देश दिया है कि पदोन्नति आदेश को पन्द्रह दिनों के अन्दर पूरा किया जाए। 

     

             बताते चलें कि आदेश से राज्य के 278  विभागीय पदोन्नति परीक्षा उत्तीर्ण हेड  कांस्टेबल की पदोन्नति का रास्ता साफ हो गया है। पुलिस मुख्यालय से हासिल जानकारी के अनुसार  छत्तीसगढ़ शासन ने निर्देश दिया है कि प्रतिस्थापित नये नियम के बिना नियमित पदोन्नति की कार्रवाई की जा सकती है।

     

                   जारी निर्देश में बताया गया है कि सभी रेंज में वर्ष 2018 के विभागीय पदोन्नति परीक्षा उत्तीर्ण 278 प्रधान आरक्षक उपलब्ध हैं। वर्तमान में रायपुर रेंज में 15, दुर्ग रेंज में 119, बिलासपुर रेंज में 33, सरगुजा रेंज 72 और बस्तर रेंज में 39 हेड कॉन्स्टेबल विभागीय परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके हैं।

     

                       अवस्थी ने निर्देश जारी किए हैं कि  विभागीय पदोन्नति परीक्षा उत्तीर्ण हेड कॉन्स्टेबल को एएसआई ‘अ’ पद  पर नियमित पदोन्नति प्रदान की जाए।

  • छत्तीसगढ़ के इस जिले में मिला कोरोना पॉजिटिव, राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 42 हो गयी

    छत्तीसगढ़ के इस जिले में मिला कोरोना पॉजिटिव, राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 42 हो गयी

    रायपुर। प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या लगातार वृद्धि हो रही है। इसी बीच में मुंगेली में एक और मरीजों के पॉजिटिव पाए जाने की बात सामने आ रही है। जिले के प्रशासनिक अधिकारियों की माने तो पॉजिटिव पाए गया मरीज प्रवासी मजदूर है जो हाल ही में देश के अन्य राज्यों से प्रदेश लौटा हैं व क्वॉरेंटाइन पर था.इस प्रकार आज पॉजिटिव पाए गए मरीज को मिलाकर कुल एक्टिव मरीजों की संख्या बढ़कर 42 हो गई है।


    कौन से जिले में कितने एक्टिव मरीज, जाने
    बालोद – 11,
    जांजगीर -11,
    बलौदाबाजार – 6,
    कवर्धा – 2,
    कोरिया – 1,
    गरियाबंद (राजिम) – 1,
    सरगुजा – 1,
    सूरजपुर – 1,
    रायगढ़ – 2,
    राजनांदगांव – 4
    कोरबा – 1,
    मुंगेली – 1,

  • अधिकारियों ने दुकान की सील सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन कर रहे, दुकानदार पर हुई कार्यवाही…

    अधिकारियों ने दुकान की सील सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लंघन कर रहे, दुकानदार पर हुई कार्यवाही…

    खरसिया। शासन के निर्देशों का पालन न करना देवा मोबाइल के संचालक को उस समय महंगा पड़ गया जब औचक निरीक्षण पर पहुंचे अधिकारियों ने उसकी दुकान को सील कर दिया।

    लॉक डाउन के दौरान शासन के नियमों का पालन करते हुए दुकान संचालन की अनुमति दी गयी है किंतु नगर में कुछ दुकानदारों के द्वारा उन नियमो को ताक में रखकर दुकान का संचालन किया जा रहा है। ऐसे दुकानदारों पर कार्यवाही के लिए निकली अधिकारियों की टीम ने स्टेशन रोड स्थित देवा मोबाईल के संचालक द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का पालन न करने की वजह से उसकी दुकान को सील कर दिया है, टीम में नायाब तहसीलदार विवेक पटेल, नगर पालिका सीएमओ टॉमसन रात्रे, चौकी प्रभारी नंद किशोर गौतम, नगर पालिका के सहायक राजस्व अधिकारी डीएस रात्रे मौजूद थे।

  • खतरे के बावजूद स्वस्थ लोगों को किया जाएगा कोरोना संक्रमित? WHO की सहमति….

    खतरे के बावजूद स्वस्थ लोगों को किया जाएगा कोरोना संक्रमित? WHO की सहमति….

    विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने उस विवादित ट्रायल को अपना समर्थन दिया है जिसमें स्वस्थ लोगों को कोरोना वायरस से संक्रमित किया जाएगा. इस दौरान वॉलंटियर करने वाले लोगों के गंभीर रूप से बीमार पड़ने का खतरा भी बना रहेगा।

    डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, WHO का कहना है कि हेल्दी वॉलंटियर्स को कोरोना संक्रमित कराने से वैक्सीन तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी आएगी. स्वास्थ्य संगठन ने इसी वजह से इसे नैतिक रूप से भी सही करार दिया है।

    विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैक्सीन के ट्रायल को लेकर आठ शर्तें भी निर्धारित की हैं. इसके तहत सिर्फ 18 से 30 साल के लोगों को ही शामिल किया जा सकेगा।

    स्वस्थ लोगों को संक्रमित कराने के बाद उन पर वैक्सीन के असर देखने को चैलेंज ट्रायल भी कहते हैं. मलेरिया, टाइफाइड, फ्लू की वैक्सीन तैयार करने के लिए ऐसे प्रयोग किए गए हैं. हालांकि, इन बीमारियों के ट्रीटमेंट के लिए दवाइयां मौजूद थीं।

    लेकिन कोरोना वायरस से बीमार पड़ने पर फिलहाल कोई ट्रीटमेंट मौजूद नहीं है. इसकी वजह से किसी स्वस्थ व्यक्ति के संक्रमित कराए जाने के बाद उसके गंभीर रूप से बीमार पड़ने पर ठीक करना मुश्किल होगा।

    आमतौर पर पहले से ही संक्रमित हो चुके लोगों पर वैक्सीन का ट्रायल किया जाता है. ऑक्फोर्ड यूनिवर्सिटी और इंपेरियल कॉलेज लंदन की ओर से ऐसे लोगों पर ही ट्रायल शुरू किया गया है. हालांकि, ये प्रक्रिया धीमी होती है और इसमें तेजी लाने के लिए चैलेंज ट्रायल की बात उठी है।

     

    बता दें कि भारत सहित दुनियाभर में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं. भारत में रविवार की सुबह तक करीब 63 हजार कोरोना मरीज हो चुके हैं. वहीं 2109 लोगों की जान जा चुकी है।

  • भूपेश बघेल सरकार का एक और सराहनीय कदम, मजदूरों को लाने वाली ट्रेनों का खर्च वहन करने की जिम्मेदारी ली….

    भूपेश बघेल सरकार का एक और सराहनीय कदम, मजदूरों को लाने वाली ट्रेनों का खर्च वहन करने की जिम्मेदारी ली….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने रेलवे मंत्रालय को पत्र लिखकर मजदूरों को लाने वाली ट्रेनों का खर्च वहन करने की जिम्मेदारी ली। कांग्रेस प्रवक्ता आर पी सिंह ने ट्वीट कर दी जानकारी….

  • छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार से कपड़ा बाजार खोलने की मिली अनुमति….

    छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सोमवार से कपड़ा बाजार खोलने की मिली अनुमति….

    रायपुर। राजधानी रायपुर को रेड जोन घोषित किए जाने के बाद पहली बड़ी राहत मिलेगी, सोमवार से पंडरी कपड़ा मार्केट समेत आसपास के पांच बड़े कपड़ा बाजारों को खोलने की अनुमति दे दी गई है, पंडरी कपड़ा दुकानदारों ने शुक्रवार को दुकानें खोल ली थी, इसके बाद उनका पुलिस, निगम और प्रशासन के अफसरों से विवाद भी हुआ, आठ दुकानदारों से 16 हजार रुपए का जुर्माना भी वसूला गया, पंडरी के रसूखदार कारोबारियों ने इसकी शिकायत सीएम तक पहुंचा दी, शनिवार को रायपुर उत्तर विधानसभा के विधायक कुलदीप जुनेजा सुबह से ही पंडरी कपड़ा बाजार खुलवाने के लिए सक्रिय हो गए, एक घंटे से ज्यादा समय तक चली बैठक के बाद तय हो गया कि सोमवार से पंडरी बाजार खुल जाएगा।

  • छत्तीसगढ़ में अब समर्थन मूल्य पर 25 लघु वनोपजों की खरीदी, राज्य शासन ने लिया महत्वपूर्ण फैसला….

    छत्तीसगढ़ में अब समर्थन मूल्य पर 25 लघु वनोपजों की खरीदी, राज्य शासन ने लिया महत्वपूर्ण फैसला….

    कुसुमी लाख, रंगीनी लाख और कुल्लू गोंद की खरीदी में समर्थन मूल्य के अलावा दी जाएगी अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि

    गिलोय और भेलवा की भी होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी

    रायपुर। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वनवासियों के हित को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ में पहली बार 25 लघु वनोपजों की खरीदी करने के संबंध में अहम निर्णय लिया गया है। वन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि राज्य में पहले वर्ष 2018 तक मात्र 7 लघु वनोपजों की समर्थन पर खरीदी की व्यवस्था होती थी। नई सरकार द्वारा वनवासियों को बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध करानेे के लिए समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने वाले लघु वनोपजों की संख्या को बढ़ाकर 23 की गई, जिसे अब बढ़ाकर 25 तक कर दी गई है। इससे वनांचल में रहने वाले लोगों को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा। वहीं उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

    वन मंत्री श्री अकबर ने बताया कि इन लघु वनोपजों की खरीदी में अब गिलोय तथा भेलवा को भी शामिल किया गया है। इसके पहले खरीदी की जाने वाली 23 लघु वनोपजों में साल बीज, हर्रा, ईमली बीज सहित, चिरौंजी गुठली, महुआ बीज, कुसुमी लाख, रंगीनी लाख, काल मेघ, बहेड़ा, नागरमोथा, कुल्लू गोंद, पुवाड़, बेल गुदा, शहद तथा फूल झाडू, महुआ फूल (सूखा), जामुन बीज (सूखा), कौंच बीज, धवई फूल (सूखा), करंज बीज, बायबडिंग और आंवला (बीज सहित) तथा फूल ईमली (बीज रहित) की खरीदी की जा रही थी। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य सरकार द्वारा कुसुमी लाख, रंगीनी लाख और कुल्लू गोंद की खरीदी में समर्थन मूल्य के अलावा अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जा रही है।

    उल्लेखनीय है कि भारत सरकार द्वारा इन लघु वनोपजों के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए पुनरीक्षित क्रय दर भी घोषित कर दिए गए हैं। लघु वनोपजों की पुनरीक्षित दरें एक मई 2020 से प्रभावशील हो गई है। इसके तहत पुनरीक्षित दरें ईमली बीज सहित 31 रूपए से बढ़ाकर 36 रूपए, महुआ बीज 25 रूपए से बढ़ाकर 29 रूपए, काल मेघ 33 रूपए से बढ़ाकर 35 रूपए, नागरमोथा 27 रूपए से बढ़ाकर 30 रूपए तथा बेल गुदा 27 रूपए से बढ़ाकर 30 रूपए प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है। इसी तरह शहद 195 रूपए से बढ़ाकर 225 रूपए, फूल झाडू 30 रूपए से बढ़ाकर 50 रूपए, महुआ फूल (सूखा) 17 रूपए से बढ़ाकर 30 रूपए, जामुन बीज (सूखा) 36 रूपए से बढ़ाकर 42 रूपए, कौंच बीज 18 रूपए से 21 रूपए, धवई फूल (सूखा) 32 रूपए से बढ़ाकर 37 रूपए तथा करंज बीज 19 रूपए से बढ़ाकर 22 रूपए प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है।

    इसके अलावा बायबड़िग 81 रूपए से बढ़ाकर 94 रूपए, आंवला (बीज रहित) 45 रूपए से बढ़ाकर 52 रूपए, फूल ईमली (बीज रहित) 54 रूपए से बढ़ाकर 63 रूपए, साल बीज 20 रूपए से 20 रूपए, चिरौंजी गुठली 109 रूपए से बढ़ाकर 126 रूपए, हर्रा 15 रूपए से 15 रूपए, बहेड़ा 17 रूपए से 17 रूपए और पुवाड़ (चरौटा बीज) 14 रूपए से बढ़ाकर 16 रूपए प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है। इनमें गिलोय 21 रूपए से बढ़ाकर 40 रूपए, भेलवा 8 रूपए से बढ़ाकर 9 रूपए प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है। इसके अलावा कुसुमी लाख 203 रूपए से बढ़ाकर 275 रूपए प्रति किलोग्राम भारत सरकार द्वारा निर्धारित की गई है। जिसमें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 25 रूपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि करते हुए 300 रूपए प्रति किलोग्राम की दर निर्धारित है। इसी तरह रंगीनी लाख 130 रूपए से बढ़ाकर 200 रूपए प्रति किलोग्राम भारत सरकार द्वारा निर्धारित की गई है, जिसमें छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 20 रूपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि करते हुए 220 रूपए निर्धारित की गई है। इसके अलावा कुल्लू गोंद 98 रूपए से बढ़ाकर 114 रूपए प्रति किलोग्राम भारत सरकार द्वारा निर्धारित है, जिसे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा 11 रूपए प्रति किलोग्राम की वृद्धि करते हुए 125 रूपए निर्धारित की गई है।

  • पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी कोमा में, सर में सूजन काफी गंभीर, 48 घंटे कुछ कह पाना मुश्किल….

    पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी कोमा में, सर में सूजन काफी गंभीर, 48 घंटे कुछ कह पाना मुश्किल….

    रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी की हालत नाज़ुक है। कार्डियक अरेस्ट के बाद उपचार में जुटे चिकित्सकों ने उन्हें स्थिर तो कर लिया लेकिन सिटी स्कैन में मस्तिष्क में स्पष्ट सूजन ने चिकित्सकों को चिंतित कर रखा है। पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी मौजुदा स्थिति में कोमा में है।
    कल सुबह जोगी को गंभीर कार्डियक अरेस्ट हुआ था। जबकि वे अस्पताल लाए गए थे, उनकी धड़कन साँसें सब बेहद अप्रिय संकेत दे रहे थे, लेकिन अंततः चिकित्सकों ने उनकी धड़कन और साँसों को सामान्य कर लिया। लेकिन कार्डियक अरेस्ट के बाद मस्तिष्क में कुछ देर तक ऑक्सीजन नही पहुँची थी। सिटी स्कैन में इस बात की पुष्टि हुई है कि पूर्व मुख्यमंत्री अजित जोगी के मस्तिष्क में गंभीर सूजन है।
    मौजुदा समय में मरवाही विधायक और छजका सुप्रीमो अजित जोगी कोमा में है। चिकित्सक उनके मस्तिष्क की सूजन कम करने की क़वायदों में है। नारायणा अस्पताल के संचालक डॉ खेमका ने कहा –

    “जोगी जी कोमा में है, उनके मस्तिष्क में गंभीर सूजन है, उपचार जारी है.. आनेवाले 48 घंटे बेहद अहम है”

  • 10 लाख रुपये प्रति लीटर बिक रहा कोरोना से ठीक हुए मरीजों का खून…

    10 लाख रुपये प्रति लीटर बिक रहा कोरोना से ठीक हुए मरीजों का खून…

    इंटरनेट पर अवैध तरीके से कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों के खून की बिक्री की जा रही है. कोरोना के इलाज और वैक्सीन के नाम पर मरीजों के खून को डार्कनेट पर बेचा जा रहा है. ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी (ANU) की रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है. डार्कनेट पर मौजूद सेलर अलग-अलग देशों से शिपिंग करके विदेशों में डिलीवरी करा रहे हैं.

    डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, जिंदगी भर के लिए कोरोना से इम्यून बनाने के दावे के साथ कोरोना मरीजों के ब्लड को लाखों रुपये में बेचा जा रहा है. एक लीटर ब्लड का दाम 10 लाख रुपये तक रखा गया है.

    हालांकि, ब्लड के साथ अवैध रूप से पीपीई, मास्क, टेस्ट किट सहित अन्य सामान भी ऊंचे दाम पर बेचे जा रहे हैं. ऑस्ट्रेलिया की नेशनल यूनिवर्सिटी की रिपोर्ट के मुताबिक, कम से कम 12 अलग-अलग डार्कनेट मार्केट पर ये सामान बेचे जा रहे हैं.

    डार्कनेट पर ऐसा दावा किया जा रहा है कि दुनियाभर में कोरोना का इलाज कर रहे डॉक्टर्स के जरिए पीपीई और अन्य सामान हासिल किए गए हैं. बेचने वाले इन सामानों को अलग-अलग देशों में डिलीवरी कराने को भी तैयार हैं. ज्यादातर ऐसे प्रोडक्ट अमेरिका से जबकि कुछ प्रोडक्ट यूरोप, ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया से शिपिंग के लिए मौजूद थे.

    कोरोना से ठीक हो चुके मरीजों के प्लाज्मा के जरिए अन्य मरीजों के इलाज से जुड़ी कुछ रिपोर्टें सामने आई हैं. लेकिन प्लाज्मा थेरेपी के खतरे भी हैं और इससे लोगों की जान भी जा सकती है. फिलहाल डॉक्टर प्रयोग के तौर पर कुछ खास परिस्थिति में ही इस थेरेपी को आजमा रहे हैं.

    प्रमुख रिसर्चर रोड ब्रॉडहर्स्ट ने कहा है कि महामारी के वक्त कुछ लोग आपराधिक तरीके से कमाई की कोशिश कर रहे हैं. आने वाले दिनों में ये बढ़ सकता है. इसलिए कड़ी मॉनिटरिंग की जरूरत है ताकि इसे बंद किया जा सके.

    रोड ब्रॉडहर्स्ट ने कहा- ‘हमने पाया कि असुरक्षित वैक्सीन और एंटीवायरल दवाइयां भी डार्कनेट पर लोगों को बेची जा रही हैं. भारी मात्रा में पीपीई की भी बिक्री हो रही है क्योंकि बाजार में इसकी कमी बनी हुई है.’ वहीं, ऑस्ट्रेलियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनोलॉजी के डिप्टी डायरेक्टर रिक ब्राउन ने कहा कि इन चीजों की बिक्री से लोगों के स्वास्थ्य को गंभीर खतरा है.

  • रील से रियल लाइफ में उतरी जुदाई 2, प्रेमी के घर पहुंच गई प्रेमिका, पत्नी से बोली- मेरी सारी संपत्ति ले लो, मुझे अपना पति दे दो

    रील से रियल लाइफ में उतरी जुदाई 2, प्रेमी के घर पहुंच गई प्रेमिका, पत्नी से बोली- मेरी सारी संपत्ति ले लो, मुझे अपना पति दे दो

     

     

    ऐसा ही एक अजीबो-गरीब मामला मध्यप्रदेश के भोपाल में सामने आया है. यहां 57 साल की एक सरकारी महिला अफसर को अपने से जूनियर 45 साल के सहकर्मी से इतना ज्यादा प्यार हो गया कि वह एक दिन प्रेमी के घर पहुंचकर उसकी पत्नी से पति को देने की मांग करने लगी. इसके बाद वह अपनी पूरी जमीन जायदाद देने के लिए तैयार हो गई. इसके बाद यह मामला फैमिली कोर्ट तक पहुंच गया

     

    मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक महिला सरकारी विभाग में अहम पद पर पदस्थ है. उसके पति की 10 साल पहले मौत हो गई. फिर बहू-बेटे उसके साथ तिरस्कार की भावना रखने लगे. ऐसे में उनके साथ काम करने वाले 45 साल के एक सहकर्मी से उनकी नजदीकियां बढ़ने लगीं. लॉकडाउन लागू होने से दोनों मिल नहीं पा रहे थे, जिससे महिला को अपने प्रेमी की कमी खेलने लगी और फिर परेशान होकर महिला ने प्रेमी के घर जाने की ठान ली

    17 अप्रैल को जब प्रेमिका अपने प्रेमी के घर पहुंची तो प्रेमी की पत्नी उसे देखकर भड़क गई. पत्नी ने उसे अपने घर से चले जाने को कहा, जिसपर महिला ने इनकार कर दिया. इसके बाद प्रेमिका ने अपने प्रेमी की पत्नी को पति देने के बदले अपनी पूरी प्रॉपर्टी देने का प्रस्ताव दे डाला. फिर गुस्साई पत्नी ने महिला के बहू-बेटों को बुला लिया. साथ ही उसने पुलिस को भी फोन कर दिया. उसके बाद यह मामला फैमिली कोर्ट में काउंसिलिंग के लिए गया

    यह मामला तब और बिगड़ गया जब पति ने भी अपनी पत्नी से कह दिया कि, वह महिला को अकेले नहीं छोड़ सकता है. पत्नी का कहना था कि, ‘वह महिला केवल उसकी दोस्त है. अकेलेपन से घबराकर सहारा मांग रही है.’ इस पर पत्नी ने कहा कि, ’14 साल बाद पति ने उसे धोखा दिया है, वह उसे कभी माफ नहीं कर सकती.’ फैमिली कोर्ट में दोनों पक्षों को लगातार समझाया गया. पुलिस और परामर्शदाता के समझाने के बाद महिला अपने प्रेमी के घर से जाने को राजी हुई