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  • पेट्रोल पंप पर कम तेल देना पड़ेगा भारी! ग्राहक की शिकायत पर रद्द होगा लाइसेंस, पहली बार मिलें नए अधिकार

    पेट्रोल पंप पर कम तेल देना पड़ेगा भारी! ग्राहक की शिकायत पर रद्द होगा लाइसेंस, पहली बार मिलें नए अधिकार

    देश में रोज पेट्रोल पंपों पर मशीनों में चिप लगाकर पेट्रोल और डीजल की घटतौली के मामले को देखते हुए मोदी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. बीते 20 जुलाई को नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 लागू हो जाने के बाद पेट्रोल पंप संचालकों पर नकेल कसना शुरू हो जाएगा।

    दिल्ली देश के पेट्रोल पंपों पर अब चिप लगाकर तेल चोरी करना संचालकों पर भारी पड़ने वाला है. देश में रोज पेट्रोल पंपों पर मशीनों में चिप लगाकर पेट्रोल और डीजल की घटतौली के मामले को देखते हुए मोदी सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं. बीते 20 जुलाई को नया उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 लागू हो जाने के बाद पेट्रोल पंप संचालकों पर नकेल कसना शुरू हो जाएगा. बता दें कि पेट्रोल-डीजल को लेकर उपभोक्ताओं को हर रोज कई तरह की समस्याओं से दो-चार होना पड़ता है. ग्राहक कम पेट्रोल और डीजल की शिकायतों को लेकर परेशान रहते हैं, लेकिन अब नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत पेट्रोल पंप संचालक उपभोक्ता को ठग नहीं सकते. अब पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या डीजल मानक के अनुसार मिलेंगे. अगर ग्राहक शिकायत करते हैं तो पेट्रोल पंप पर जुर्माना के साथ उसका लाइसेंस भी रद्द हो सकता है।

    अब पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या डीजल मानक के अनुसार मिलेंगे

    देश में तेल के चोरी का खेल छोटे शहरों से लेकर बड़े शहरों और गांवों तक फैला है. पेट्रोल पंप संचालक कई तरह से उपभोक्ताओं को चूना लगाते हैं. आम आदमी की गाढ़ी कमाई को पेट्रोल पंप के मालिक कई तरह से चूसते हैं. आम आदमी अक्सर पेट्रोल-डीजल लीटर से नहीं बल्कि रुपये से भरवाते हैं. फिक्स रुपये जैसे 100 रुपये, 500 रुपये या 2000 हजार का तेल देने के लिए कहते हैं. ग्राहक को पता नहीं होता है कि इस फिक्स रुपये पर बोलने पर पहले से ही पेट्रोल पंप संचालकों के द्वारा चीप लगाकर लीटर घटा दिया जाता है. इससे ग्राहक ठगे जाते हैं।

    नए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम कानून 2019 के मुताबिक अब मिलावटी या नकली उत्पादों के विनिर्माण या बिक्री के लिए सख्त कड़े नियम तय किए गए हैं. अब अगर ग्राहक कम तेल मिलने की शिकायत करते हैं तो उपभोक्ता कानून में किसी सक्षम न्यायालय द्वारा दंड का प्रावधान किया गया है. पहली बार न्यायालय में दोषसिद्ध होने पर पेट्रोल पंप मालिक का लाइसेंस दो साल तक की अवधि के लिए निलंबित किया जा सकता है. अगर दूसरी या उसके बाद भी पेट्रोल पंप मालिक के खिलाफ शिकायत आता है तो स्थाई तौर पर लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

    कुलमिलाकर आए दिन पेट्रोल पंप पर एसडीएम, माप-तौल विभाग और पूर्ति विभाग का छापा मारा जाता है, लेकिन पेट्रोल पंप की मिलीभगत से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाती है, लेकिन अब नए कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट आने के बाद ग्राहकों को कई तरह के अधिकार मिले हैं।

    Consumer Protection Act-2019 की कुछ और महत्वपूर्ण विशेषताएं
    >> पीआईएल या जनहित याचिका अब कंज्यूमर फोरम में फाइल की जा सकेगी. पहले के कानून में ऐसा नहीं था.
    >> नए कानून में ऑनलाइन और टेलीशॉपिग कंपनियों को पहली बार शामिल किया गया है.
    >> खाने-पीने की चीजों में मिलावट तो कंपनियों पर जुर्माना और जेल का प्रावधान.
    >> कंज्यूमर मीडिएशन सेल का गठन. दोनों पक्ष आपसी सहमति से मीडिएशन सेल जा सकेंगे.
    >> कंज्यूमर फोरम में एक करोड़ रुपये तक के केस
    >> स्टेट कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन में एक करोड़ से दस करोड़ रुपये
    >> नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट रिड्रेसल कमीशन में दस करोड़ रुपये से ऊपर केसों की सुनवाई.
    >> कैरी बैग के पैसे वसूलना कानूनन गलत.
    >> सिनेमा हॉल में खाने-पीने की वस्तुओं पर ज्यादा पैसे लेने वालों की अगर मिलती है शिकायत तो होगी कार्रवाई.

  • चीन को अटॉमिक सेंटर चलाना हुआ मुश्किल, 90 साइंटिस्ट्स का इस्तीफा

    चीन को अटॉमिक सेंटर चलाना हुआ मुश्किल, 90 साइंटिस्ट्स का इस्तीफा

    चीन के सरकारी परमाणु संस्थान द इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी सेफ्टी टेक्नोलॉजी (आईनेस्ट) में काम करने वाले 90 से ज्यादा वैज्ञानिकों ने इस्तीफा दे दिया है। जिसके बाद घबराई सरकार ने इसे ब्रेन ड्रेन मानते हुए जांच के आदेश दिया है। इतनी बड़ी संख्या में वैज्ञानिकों के इस्तीफे के पास इस संस्थान को चलाने के लिए बहुत कम साइंटिस्ट ही बचे हैं।


    इस्तीफा देने के कई कारण
    मीडिया रिपोट्स के अनुसार, वैज्ञानिकों के इस्तीफा देने की कई वजहें हैं। जिसमें से उनके वेतनमान में गड़बड़ी और सरकारी सुविधाओं की कमी भी प्रमुख मुद्दा है। वहीं, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी इस संस्थान पर अपना पूरा अधिकार जमाए हुए है। कहा जा रहा है कि पार्टी के बड़े नेता जबरदस्ती वैज्ञानिकों से काम करवाना चाहती है।

    कैसे शुरू हुआ विवाद
    चीन का द इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर एनर्जी सेफ्टी टेक्नोलॉजी (आईनेस्ट) संस्थान हेफी इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल साइंस (चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंस) के अंतर्गत काम करता है। आईनेस्ट की पैरेंटिंग संस्था चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंस के शीर्ष पदों पर कम्युनिस्ट पार्टी के नेता काबिज हैं, जो अपनी मनमानी चला रहे हैं। यहां तक कि वैज्ञानिकों को उनके प्रोजक्ट के लिए पर्याप्त फंड तक नहीं दिया जा रहा है।

    80 प्रतिशत शोधकर्ताओं के पास पीएचडी की डिग्री
    संस्थान की वेबसाइट के अनुसार, मध्य चीन के अनहुई प्रांत की राजधानी हेफेई में स्थित आईनेस्ट चीन के वैज्ञानिकों का एक केंद्र है। इस संस्थाान में लगभग 600 सदस्य हैं और 80 प्रतिशत शोधकर्ताओं के पास पीएचडी की डिग्री है। यहां के कई वैज्ञानिक चीन के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से स्नातक हैं। जिनकी औसत आयु 31 साल के आस पास है।

    इस समय 100 वैज्ञानिक ही कर रहे काम
    एक चीनी अधिकारी के अनुसार, कभी इस संस्थान में 500 वैज्ञानिक काम करते थे। पिछले कई सालों में यहां से बड़ी संख्या में वैज्ञानिकों ने इस्तीफा दिया है। हालात यह हैं कि इस संस्थान में वर्तमान में केवल 100 वैज्ञानिक ही बचे हैं। इन वैज्ञानिकों का वेतन लगभग 10,000 युआन ($ 1,430) प्रति माह है।

  • डॉक्टर रामविजय शर्मा ने की मीरपुर में ब्रम्हा जी के मंदिर की खोज…

    डॉक्टर रामविजय शर्मा ने की मीरपुर में ब्रम्हा जी के मंदिर की खोज…

    चांपा। शोधकर्ता, इतिहासकार, पुरातत्वविद, तहसीलदार डॉ राम विजय शर्मा ने मिरतुर में ब्रह्मा जी के मंदिर की खोज की है। यह मंदिर आदिवासी परंपरा के अनुसार है, ब्रह्मा जी के मंदिर का पुजारी वैशाखु राऊत है। इस मंदिर की खोज डॉक्टर शर्मा द्वारा भैरमगढ़, जिला बीजापुर छत्तीसगढ़ के तहसीलदार पद पर रहते हुए किया गया था।

    मिरतुर गांव जगदलपुर भोपालपटनम मार्ग पर नेलसनार से उतर कर 16 किलोमीटर की दूरी पर है, इस गांव में मुरिया जनजाति के लोग निवास करते हैं। ब्रह्मा जी सृष्टि के निर्माणकर्ता है, इस कारण यह सभी देवताओं में प्रथम स्थान पर माने जाते हैं। ब्रह्मा जी स्वयंभू ,वागीश, वेदनाथ, ज्ञानेश्वर, चतुर्मुख तथा आदि प्रजापति आदि नामों से भी जाने जाते हैं। ब्रह्मा जी के बारे में विस्तृत विवरण तथा सृष्टि की रचना की कथा ब्रह्म पुराण में विस्तृत बताई गई है। ब्रह्म पुराण सभी अठारह पुराणों में प्रथम स्थान पर है, अतः इसे आदि पुराण भी कहा जाता है।

    सूत जी ने ब्रह्म पुराण की कथा को लोगों के बीच तथा साधु-संतों के बीच लखनऊ के पास सीतापुर में नैमिषारण्य में सुनाई थी। चारों वेदों की उत्पत्ति ब्रह्मा जी के चार अलग-अलग मुख से हुई है, अतः उन्हें वेदनाथ भी कहा जाता है, ब्रह्मा जी ब्रह्मा लोक अथवा सत्यलोक में निवास करते हैं। इनके चार प्रतीक हैं जिससे वह पहचाने जाते हैं, यथा पद्म, वेद, जप माला, और कमंडल हंस भी बगल में रहता है।

    उनके बाल बच्चे के रूप में मनु, शतरूपा, मनुष्य, चार कुमार, नारद, दक्ष, मरीचि ऋषि, अत्री, वशिष्ठ, पुलत्स्य, चित्रगुप्त, मृत्यु, बाला, अतिबाला, रूद्र, अंगिरा आदि माने जाते हैं। उनकी संगिनी के रूप में सरस्वती, सावित्री, और गायत्री मानी जाती हैं। मीरतुर के मुरिया आदिवासियों का मानना है कि, मिरतुर के ब्रह्मा जी के मंदिर में जो व्यक्ति दर्शन और पूजा अर्चना सच्चे मन से करता है, उसके घर में पति-पत्नी में मेलजोल बढ़ता है, तथा पति पत्नी में झगड़े नहीं होते। यदि युवक युवती के विवाह में बाधा आ रही हो, तो ब्रह्मा जी के मंदिर में पूजा अर्चना करने से वह निश्चित हो जाता है, तथा बाधा दूर होती है। ब्रह्मा जी के पूजा अर्चना करने से संतान हीन व्यक्ति को संतान प्राप्ति होती है, तथा वंश वृद्धि होती है।

    इस प्रकार डॉ राम विजय शर्मा के मिरतुर में ब्रह्मा जी के मंदिर की खोज से छत्तीसगढ़ के पुरातत्व एवं धार्मिक इतिहास में एक पन्ना जुड़ गया है। इससे छत्तीसगढ़ का नाम देश दुनिया में जाना जाएगा। ब्रह्मा जी के हाथ में कोई हथियार नहीं है, इस कारण वे शांति के देवता माने जाते हैं। तथा ब्रह्मा जी के हाथ में एक वेद है, जो ज्ञान का प्रतीक है। आज के विश्व में शांति और ज्ञान की आवश्यकता है, इस दृष्टि से ब्रह्मा जी का अत्यधिक महत्व है। डॉ राम विजय शर्मा ने बताया कि मीरतुर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर ब्रह्मा जी का मेला लगाने के लिए छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक मंत्री माननीय अमरजीत भगत से निवेदन करेंगे, तथा प्रस्ताव भेजेंगे ताकि इस मंदिर का प्रचार प्रसार देश दुनिया में हो सके।

  • आपत्तिजनक माहौल में फ्लैट से मिली बीजेपी नेता के घर की बेटी….

    आपत्तिजनक माहौल में फ्लैट से मिली बीजेपी नेता के घर की बेटी….

    रायपुर। घर में आप यदि किसी दोस्त का जन्मदिन मना रहे हो तो संभव है कि आप केक काटेंगे, दोस्त को गिफ्ट्स बाटेंगे. घर में डिफ्रेंट वैराइटी के डिशेश बनेंगे.लेकिन ऐसा कैसे संभव है कि घर में जन्मदिन मनाया जा रहा हो और वहां केक ही न हो? बर्थ-डे स्टीकर तो लगा हो, लेकिन नया नहीं पुराना. इतना ही नहीं न जाने इस बर्थ-डे पार्टी में ऐसा क्या हो रहा था, जहां पुलिस पहुंची तो घर में मौजूद 5 लड़के और 4 लड़कियों ने करीब 1 घंटे तक गेट ही नहीं खोला।

    इसी बीच सूत्रों से सूचना मिली है कि आपत्तिजनक माहौल वाले इस जन्मदिन पार्टी में राजधानी के एक बीजेपी नेता के घर से तालुल्क रखने वाली बेटी भी मौजूद थी।
    सूत्रों के मुताबिक ये नेता अभी बीजेपी पार्षद भी है. इतना ही नहीं महापौर चुनाव के वक्त इन्हें इस पद के लिए प्रबल दावेदार भी माना जा रहा था।

    जहां ये आपत्तिजनक पार्टी चल रही थी वो घर किराये से लेने वाली एक्सिस बैंक की कथित डिप्टी मैनेजर का पति दुबई में रहता है, ऐसी जानकारी उक्त महिला ने पुलिस को दी।

    सूत्र बताते है कि जब पुलिस ने ये कार्रवाई की तो पुलिस पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का दबाव भी पड़ा और पुलिस के आला अधिकारियों को कई नेताओं ने फोन भी किए।

    जहां ये पार्टी चल रही थी वहां के लोगों ने पुलिस को बताया कि हर 1-2 दिन में वहां ऐसी ही कथित जन्मदिन पार्टी चलती रहती थी और बर्थ-डे का स्टीकर हमेशा लगा रहता था।

    ये भी महज इत्तेफाक है कि इस बर्थत-डे पार्टी में आने वाले दोस्त हमेशा अलग-अलग होते थे और हर बार बड़ी-बड़ी गाड़ियों में ही आते थे।

  • सीएम भूपेश बघेल ने किया ऐलान, अब विधायकों को वेतन और अन्य सुविधाओं के लिए मिलेंगे दोगुना राशि…

    सीएम भूपेश बघेल ने किया ऐलान, अब विधायकों को वेतन और अन्य सुविधाओं के लिए मिलेंगे दोगुना राशि…

    रायपुर। सीएम भूपेश बघेल ने गुरुवार के बजट पर चर्चा के दौरान विधायकों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। सीएम भूपेश बघेल ने ऐलान करते हुए कहा है कि विधायकों वेतन और रेलवे कूपन अन्य सेवाओं के लिए 8 लाख रुपए भुगतान किए जाएंगे।

    बता दें इससे पहले इन सुविधाओं के लिए विधायकों को 4 लाखा रुपए ही दिए जाते थे। विधायकों को बोर्डिंग के लिए विशेष सुविधा होटल में रुकने की व्यवस्था होगी ।
    उन्होंने आगे ऐलान करते हुए कहा है कि भूतपूर्व विधायकों को लेकर पेंशन 20 हजार से बढाकर 35 हजार रुपए प्रतिमाह मिलेगी।

    भूतपूर्व विधायकों को अब 2 लाख की बजाए 4 लाख तक सुविधाएं मिलेंगी। कुटुंभ पेंशन की राशि को 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार किया जाएगा।

  • आईजी दीपांशु काबरा ने दी जानकारी, सीनियर IPS अफसर कोरोना पॉजिटिव…

    आईजी दीपांशु काबरा ने दी जानकारी, सीनियर IPS अफसर कोरोना पॉजिटिव…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना का कहर जारी है. अब इसके चपेट में बड़े अफसर भी आ रहे है. इस बीच दीपांशु ने ट्वीट कर जानकारी दी है की अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक आरके विज उनकी पत्नी और बेटी कोरोना पॉजिटिव पाए गए है. आरके विज न्यू शांति नगर इलाके में रहते हैं और उनके सरकारी बंगले के आस-पास मंत्रियों का भी निवास है।

    आपको बता दे की कुछ दिन पहले नक्सल DIG ओपी पॉल कोरोना पॉजिटिव मिले थे, अब ADG की पत्नी और बेटी के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद हड़कंप मच गया है।

  • ऐसे घरों में ही मरीज को होम आइसोलेशन, जिस मकान में ज्यादा कमरे और कम से कम दो टाॅयलेट की सुविधा उपलब्ध हो….

    रायपुर। राजधानी दिल्ली और मुंबई की तर्ज पर अब छत्तीसगढ़ में भी ऐसे कोरोना संक्रमितों को घर पर आइसोलेट रखकर उनके इलाज की तैयारी की जा रही है, जिनमें कोरोना के लक्षण नहीं हैं या फिर हल्के हैं। मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या और पैक होते अस्पतालों को ध्यान में रखकर यह रणनीति तैयार की गई है। होम आइसोलेशन ऐसे मरीज का ही किया जाएगा, जिसमें कोरोना के लक्षण नहीं नजर आ रहे हों तो हल्के हों। किसी अन्य बीमारी से पीड़ित मरीज को यह सुविधा नहीं मिलेगी। होम आइसोलेशन उन्हें मिलेगा, जिनके मकानों में कमरे ज्यादा हैं और कम से दो टाॅयलेट हैं। ताकि मरीज एक का इस्तेमाल करे और घर के क्वारेंटाइन लोग दूसरे का।  छत्तीसगढ़ में अभी कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या छह हजार से पार हो गई है। कोरोना संक्रमितों के लिए प्रदेश के अस्पतालों में फिलहाल करीब 10 हजार बिस्तरों का इंतजाम है। राजधानी रायपुर के बड़े संस्थान जैसे अंबेडकर अस्पताल और एम्स लगभग पैक हो चुके हैं। बढ़ते मरीज और घटते बेड को ध्यान में रखते हुए ही स्वास्थ्य विभाग ने बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों को होम आइसोलेशन में रखकर इलाज की तैयारी शुरू की है। इसका सिस्टम यह रहेगा कि जिस मरीज को सांस में तकलीफ या दूसरे लक्षण नहीं हैं, वायरल लोड भी कम है, उसे दवाई देकर उसी के घर में ऐसे कमरे में आइसोलेट कर दिया जाएगा, जहां परिवार के किसी सदस्य का आना-जाना न हो। इसी परिवार के दूसरे क्वारेंटाइन लोगों को भी वहीं रहने की अनुमति दी जाएगी। लेकिन इसके लिए जरूरी यह है कि घर में एक ही व्यक्ति संक्रमित हो, बाकी निगेटिव निकलें। किसी परिवार में एक से ज्यादा पाजिटिव निकले तो फिर उन्हें अस्पताल में ही रखा जाएगा। 

    यह सावधानियां भी जरूरी
    ऐसे मरीजों को घर पर रहते हुए आइसोलेशन संबंधी सारी सुविधाएं मिलेंगी। होम आइसोलेशन काेरोना पॉजिटिव होने के दस दिनों बाद और पिछले तीन दिनों तक बुखार न आने की स्थिति में खुद समाप्त माना जाएगा। इसके बाद अगले सात दिनों तक रोगी घर पर ही रहकर अपने स्वास्थ्य की निगरानी करेंगे। होम आइसोलेशन की समाप्ति के बाद टेस्टिंग की आवश्यकता नहीं होगी। इलाज करने वाले डाॅक्टर ऐसे व्यक्ति को लक्षण रहित मरीज के रूप में चिह्नित करेगा। ऐसे मरीज को घर पर स्वयं को आइसोलेट करने एवं परिजनों को होम क्वारेंटाइन की सुविधा दी जाएगी, लेकिन आवश्यक यह है कि ऐसे घर में कम से कम दो टायलेट होने चाहिए। हालांकि ऐसे रोगी जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता किसी अन्य बीमारी की वजह से पहले ही कमजोर है, उन्हें होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं दी जाएगी।

    एक व्यक्ति कोऑर्डिनेट करेगा
    24 घंटे मरीज की देखरेख के लिए एक व्यक्ति उपलब्ध होना चाहिए। संपूर्ण आइसोलेशन अवधि के दौरान देखभाल करने वाले व्यक्ति एवं संबंधित अस्पताल के मध्य संपर्क बनाए रखना होम आइसोलेशन की प्रमुख जरूरत है। देखभाल करने वाले व्यक्ति एवं मरीज के नजदीकी संपर्कों को प्रोटोकॉल एवं इलाज करने वाले डॉक्टर के परामर्श के अनुसार हाइड्राक्सीक्लोरोक्विन दवा लेनी होगी। यही नहीं, पूरे परिवार को हर मोबाइल पर आरोग्य सेतु ऐप भी डाउनलोड करना होगा।

    अभी से तैयारी जरूरी : सिंहदेव
    “प्रदेश में जिस तरह कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है इसे देखते हुए प्रयोग के तौर पर इसे दुर्ग में शुरु किया गया है। बिस्तर कम पड़ने पर होम आइसोलेशन की जरूरत पड़ सकती है। भविष्य की आशंकाओं को ध्यान में रखकर यह रणनीति अपना रहे हैं।”
    -टीएस सिंहदेव, स्वास्थ्य मंत्री

  • मोदी सरकार ने बदला 35 साल पुराना कानून, 20 जुलाई से मिला ये अधिकार….

    मोदी सरकार ने बदला 35 साल पुराना कानून, 20 जुलाई से मिला ये अधिकार….

    20 जुलाई को केंद्र सरकार ने एक नया कानून लागू किया. इस नए कानून के लागू होने का सबसे बड़ा फायदा ग्राहकों को होने वाला है. अगर सरकार के दावों की मानें तो अगले 50 साल तक ग्राहकों के लिए किसी नए कानून की जरूरत नहीं पड़ेगी. आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं..


    दरअसल, 20 जुलाई से देशभर में नया उपभोक्ता संरक्षण कानून-2019 लागू हो गया है. केंद्र सरकार ने नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. यह करीब 35 साल पुराने उपभोक्ता संरक्षण कानून-1986 की जगह लेगा.

    बीते दिनों उपभोक्ता एवं खाद्य मामलों के मंत्री रामविलास पासवान ने कहा था कि इसके लागू हो जाने के बाद ग्राहकों के लिए अगले 50 सालों तक कोई और कानून बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.नए कानून आने के बाद उपभोक्ता विवादों का समय पर, प्रभावी और त्वरित गति से निपटारा किया जा सकेगा. नए कानून के तहत उपभोक्ता अदालतों के साथ-साथ एक केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) बनाया गया है.नए कानून के लागू होने के बाद किसी उत्पाद के संबंध में भ्रामक विज्ञापन देना महंगा पड़ जाएगा क्योंकि नए एक्ट में भ्रामक विज्ञापन देने पर कार्रवाई करने का प्रावधान है.
    ये प्राधिकरण उपभोक्ता के हितों की रक्षा कठोरता से हो, इसकी निगरानी करेगा. इस प्राधिकरण के पास जुर्माना लगाने से लेकर सजा सुनाने का भी अधिकार होगा.नए कानून में उपभोक्ता देश के किसी भी कंज्यूमर कोर्ट में मामला दर्ज करा सकेगा, भले ही उसने सामान कहीं और से ही क्यों न लिया हो. 


    इसी तरह, उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ग्राहकों की परेशानी सुनेगा. उदाहरण के लिए आपसे कोई दुकानदार अधिक मूल्य वसूलता है, आपके साथ अनुचित बर्ताव करता है या फिर दोषपूर्ण वस्तुओं और सेवाओं की बिक्री करता है. ऐसे हर मामले की सुनवाई करेगा.


    नए कानून के तहत पीआईएल या जनहित याचिका अब कंज्यूमर फोरम में फाइल की जा सकेगी. इसके दायरे में ऑनलाइन या टेलीशॉपिग कंपनियों को भी शामिल किया गया है. ग्राहक और दूकानदार के बीच मध्यस्थता के लिए मीडिएशन सेल का गठन किया गया है. ये सेल दोनों पक्षों की सहमति के बाद ही मध्यस्थता कर सकता है.


    आपको यहां बता दें कि नया उपभोक्ता संरक्षण कानून-2019 इस साल जनवरी में ही लागू होना था लेकिन इसकी तिथि मार्च के लिए बढ़ा दी गई थी.

  • कोरोना संकट के बीच अब अभिभावकों की राय से ही खोले जाएंगे स्कूल….

    कोरोना संकट के बीच अब अभिभावकों की राय से ही खोले जाएंगे स्कूल….

    कोरोना संकट के बीच स्कूलों को खोलने का फैसला अब अभिभावकों की राय से ही होगा।
    मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने फिलहाल यह फैसला अभिभावकों पर ही छोड़ने का निर्णय लिया है।


    इसके तहत अभिभावकों को बताना होगा कि वह स्कूल कब खुलवाना चाहते हैं- अगस्त, सितंबर या फिर अक्टूबर में।
    साथ ही स्कूलों के खुलने के बाद उनकी स्कूलों से क्या अपेक्षाएं होंगी।
    मंत्रालय की इस कवायद को एक अगस्त से अनलॉक- 3 की गाइडलाइन से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
    वैसे भी अनलॉक-2 के तहत जारी गाइडलाइन की समयसीमा 31 जुलाई तक ही है जिसमें स्कूलों को बंद रखने के निर्देश थे।
    ऐसे में मंत्रालय की इस कवायद को काफी अहम माना जा रहा है।
    माना जा रहा है कि इसके आधार पर ही अनलॉक-3 में स्कूलों के खोलने को लेकर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।
    अभिभावकों से पूछे जानें हैं तीन सवाल
    मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के स्कूली शिक्षा सचिवों को पत्र लिखकर अभिभावकों से स्कूलों के खोलने को लेकर राय जानने को कहा है।

    इसमें अभिभावकों से तीन सवाल ही पूछने हैं। पहला- स्कूलों को वह अगस्त, सितंबर या अक्टूबर 2020 कब खुलवाना पसंद करेंगे।

    दूसरा-स्कूलों के खुलने के बाद उनकी स्कूलों से क्या अपेक्षाएं होंगी।

    तीसरा- वह इसे लेकर अपनी कोई भी स्वतंत्र राय दे सकते हैं। मंत्रालय ने राज्यों से अभिभावकों की राय से जुड़ी यह पूरी रिपोर्ट 20 जुलाई तक देने को कहा है।

    मंत्रालय से जुडे़ सूत्रों की मानें तो इस रायशुमारी से साफ है कि स्कूलों के खोलने का फैसला अब और आगे बढ़ सकता है,
    क्योंकि कोरोना संक्रमण की अभी जो रफ्तार है, उसमें कोई भी अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजना चाहेगा।

    ऐसे में स्कूलों को खोलने का फैसला अक्टूबर तक जा सकता है। हालांकि अब तक स्कूलों को अगस्त से ही खोलने की बात चल रही थी। बता दें कि कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए स्कूल इस साल मार्च से ही बंद हैं।
    इसके चलते इस बार पूरी परीक्षाएं भी नहीं हो पाई थीं। बाद में आंतरिक आकलन के आधार पर रिजल्ट घोषित किया गया।

  • छत्तीसगढ़ में महिला डी एस पी पर एफ आई आर दर्ज….

    छत्तीसगढ़ में महिला डी एस पी पर एफ आई आर दर्ज….

    भिलाई। आदर्श नगर चरोदा निवासी महिला की खुदकुशी मामले पर आज लोगों के भिलाई-3 थाने का घेराव करने के बाद महिला डीएसपी अनामिका जैन श्रीवास्तव और उनकी सहेली पायल के खिलाफ धारा 306, 34 के तहत अपराध कायम कर लिया गया। अमलेश्वर स्थित सीएएफ की तीसरी बटालियन में उप सेनानी अनामिका जैनु श्रीवास्तव पुलिस सेवा में शुरुआत के दौरान भिलाई – 3 थाने में प्रशिक्षु अधिकारी के रूप में सेवा दे चुकी है. वहीं चरोदा में रहने वाली उनकी सास और ननद ने भी पूर्व मे DSP बहु खिलाफ भी इसी थाने में कईं लिखित शिकायत कर चुकी है।
    चरोदा के आदर्श नगर में शुक्रवार की रात को के. सुखविंदर (40 वर्ष) पति केवी अरुण ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली थी। मृतका के पति केवी अरुण का आरोप है कि शुक्रवार की रात 8 बजे अमलेश्वर के सीएएफ की तीसरी बटालियन में उप सेनानी के पद पर पदस्थ डीएसपी अनामिका जैन श्रीवास्तव ने घर में आकर उनकी पत्नी से अपने पति के साथ अवैध संबंध होने की बात कहते हुए मारपीट की गई थी। इस दौरान महिला पुलिस अधिकारी के साथ उनकी एक सहेली भी थी। अपनी वर्दी का धौंस दिखाकर के. सुखविंदर से गाली गलौच व मारपीट किए जाने के दौरान उनके जेठ, जेठानी और बेटी भी थी। परिवारजनों और खासकर जवान बेटी के सामने चारित्रिक अपमान होने से के. सुखविंदर ने देर रात फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
    इस मामले पर आज दोपहर चरोदा वासियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर डीएसपी अनामिका जैन श्रीवास्तव पर अपराध कायम करने की मांग को लेकर भिलाई-3 थाने का घेराव कर दिया। बीच में मृतका के शव को सड़क पर रखकर चक्काजाम करने की तैयारी हो चुकी थी. लेकिन इसी बीच भिलाई-3 टीआई संजीव मिश्रा ने प्रदर्शनकारियों को चर्चा हेतु थाने में आमंत्रित कर लिया. इस दौरान सांसद प्रतिनिधि मनोज पाठक, एस वेंकट, रमना, संदीप सिंह, भाजपा मंडल अध्यक्ष दिलीप पटेल, मुकेश अग्रवाल, पूर्व पार्षद वेंकट राव आदि उपस्थित थे।
    प्रदर्शनकारियों से चर्चा के बाद मृतका के पति की लिखित शिकायत पर डीएसपी अनामिका जैन श्रीवास्तव और उनकी सहेली पायल के खिलाफ FIR NO 199 / 2020 भादवि की धारा 306,34 का मामला दर्ज किया गया। टाउनशिप के सेक्टर – 1 सड़क – 11 में रहने वाली अनामिका जैन श्रीवास्तव का ससुराल चरोदा में है। वे बेरला एसडीओपी और ICUAW मे भी भिलाई दुर्ग मे सेवाये दे चुकी है अनामिका जैन बास्केटबॉल की अच्छी खिलाडी भी रही है फिलहाल महिला उप पुलिस अधीक्षक को फरार बताया जा रहा है उनका फोन भी लगातार बंद आ रहा है।