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  • LPG सिलेंडर जल्दी खत्म हुआ तो डिस्ट्रीब्यूटर पर लगेगा जुर्माना, यहां करनी होगी शिकायत…

    LPG सिलेंडर जल्दी खत्म हुआ तो डिस्ट्रीब्यूटर पर लगेगा जुर्माना, यहां करनी होगी शिकायत…

    LPG सिलेंडर में कम गैस निकलने की शिकायत लगातार होती रहती है लेकिन अभी तक इस मामले में कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई। एजेंसी संचालक, डिस्ट्रीब्यूयर या डिलीवरी मैन के खिलाफ कभी कोई कदम नहीं उठाया गया, लेकिन अब स्थितियां बदल रही है। यदि सिलेंडर में कम गैस निकली और इसकी शिकायत उपभोक्ता फोरम या कंपनी को दिए फीडबैक में की गई तो डिस्ट्रीब्यूटर को दंडित किया जाएगा।

    उपभोक्ता संरक्षण एक्ट 2019 में साफ कहा गया है कि यदि कोई भी गैस वितरक उपभोक्ताओं के अधिकार पर डाका डालता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। नए कानून के अनुसार यदि आपका LPG Cylinder समय से पहले खत्म हो गया और डिस्ट्रीब्यूटर को की गई शिकायत पर कोई कदम नहीं उठाया गया तो आप सीधे उपभोक्ता फोरम (Consumer Forum) में शिकायत कर सकते हैं। एक महीने के अंदर आपकी शिकायत पर कार्रवाई कर ली जाएगी।

    डिस्ट्रीब्यूटर का लाइसेंस रद्द भी करने का प्रावधान:

    नए नियमों के अनुसार यदि उपभोक्ता को कम एलपीजी मिलती है तो यह गंभीर अपराध है। किसी डिस्ट्रीब्यूटर के खिलाफ लगातार शिकायत मिलने पर उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

    वजन कर नहीं देते सिलेंडर:

    उपभोक्ता को LPG Cylinder की डिलीवरी लेते समय उसका वजन चेक करके लेना चाहिए, लेकिन डिलीवरी मैन अपने साथ वजन तोलने की मशीन साथ में नहीं रखते हैं। यदि किसी उपभोक्ता ने बिना वजन के सिलेंडर लेने से इंकार किया तो ही वे उसे तोल कर देते हैं। इसके चलते रोज हजारों-लाखों उपभोक्ताओं के घर गैस सिलेंडर बिना वजन किए ही पहुंच जाता है, जिसकी वजह से बेईमानी की आशंका बढ़ जाती है।

    ऑईल मार्केटिंग कंपनियों ने सौंपा यह प्रस्ताव:

    ऑईल मार्केटिंग कंपनियों ने LPG Gas वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक प्रस्ताव पेट्रोलियम मंत्रालय को सौंपा है। इस प्रस्ताव से डिस्ट्रीब्यूटरों की कमीशन प्रणाली में बदलाव आएगा। कंपनी चाहती है कि यदि कोई एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर बेहतर सर्विस नहीं दे रहा है तो फीडबैक के आधार पर उसे दंडित किया जाना चाहिए। इसके चलते डिस्ट्रीब्यूटर के कमीशन को दो हिस्सों में बांटने की सिफारिश की गई है। इसमें कमीशन की 80 प्रतिशत राशि फिक्स और 20 प्रतिशत राशि फीडबैक के आधार पर दी जाए। अभी डिस्ट्रीब्यूटर को फिक्स्ड कमीशन के रूप में 60 रुपए मिलते हैं। अब ऑईल कंपनियां चाहती है कि वे प्राप्त फीडबैक के आधार पर डिस्ट्रीब्यूटर को रेटिंग अंक प्रदान करें और उसमें से 20 प्रतिशत राशि का हिस्सा तय किया जाए।

  • सभी स्टेशनों पर लगेगा ‘नो बिल नो पे’, रेल यात्रियों को होगा सीधा फायदा….

    सभी स्टेशनों पर लगेगा ‘नो बिल नो पे’, रेल यात्रियों को होगा सीधा फायदा….

    दिल्ली। भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए, स्टेशन के सभी स्टॉल पर ‘नो बिल नो पे’ (No Bill-No Pay) का बोर्ड लगाना अनिवार्य कर दिया है. रेलवे ने एक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कहा कि भारतीय रेल के सभी जोनों एवं मंडलों के सभी स्टेशनों पर लगे स्टालों पर ‘नो बिल नो पे’ (No Bill-No Pay) का बोर्ड प्रदर्शित करना अनिवार्य है. साथ ही साथ पीओएस (Point on sale) मशीन भी लगाना जरुरी होगा, जहां कहीं भी निर्देश के पालन में कमी पाई जाएगी उनके खिलाफ कड़ी कार्यवाई करने का प्रावधान किया जाए।

    पूर्व-मध्य रेल (ईसीआर) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने सोमवार को बताया कि भारतीय रेल ने यात्रियों की सुविधा और अधिकार में वृद्धि करते हुए सभी जोन एवं मंडल को निर्देश जारी किया गया है कि सभी स्टेशनों पर उपलब्ध स्टालों पर नो बिल-नो पे का बोर्ड प्रदर्शित करना और पीओएस मशीन की उपलब्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है. जहां कहीं भी निर्देश के पालन में कमी पाई जाएगी उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    शर्तों का पालन नहीं करने पर देना होगा जुर्माना

    मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने कहा कि स्टेशनों पर उपलब्ध सभी स्टॉल यात्रियों के भुगतान किए जाने पर उन्हें बिल देने की व्यवस्था करें और जो सुविधा प्रदाता इन शर्तों का पालन करने में असफल होते हैं उन्हें भारी जुर्माना देना होगा। उन्होंने कहा कि इस तरह से यह निर्णय यात्रियों की सुविधा की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

    पूर्व मध्य रेल भी यात्रियों की सेवा हेतु सदैव तत्पर है. पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक श्री ललित चंद्र त्रिवेदी के द्वारा सभी मंडलों दानापुर, सोनपुर, धनबाद, समस्तीपुर एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय के मंडल रेल प्रबंधको को इससे संबंधित दिशा निर्देश देते हुए इनका अनुपालन सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

    सभी डीआरएम यह सत्यापित करने या जांच करने की व्यवस्था करें कि स्टॉल पर ‘नो बिल-नो पे’ का बोर्ड लगा है कि नहीं एवं उन पर पीओएस मशीन उपलब्ध है एवं चालू रूप में है कि नहीं. यात्रियों के भुगतान किए जाने पर उन्हें बिल देने की व्यवस्था करें और जो सुविधा प्रदाता इन शर्तों का पालन करने में असफल होते हैं उन्हें भारी फाइन लगाया जाए।

  • डिप्टी कलेक्टर, एडिशनल कलेक्टर, डीएसपी, एडिशनल एसपी बदले जाएंगे, राज्य प्रशासनिक और पुलिस सेवा के अधिकारियों के ट्रांसफर की निकलेगी बड़ी लिस्ट

    डिप्टी कलेक्टर, एडिशनल कलेक्टर, डीएसपी, एडिशनल एसपी बदले जाएंगे, राज्य प्रशासनिक और पुलिस सेवा के अधिकारियों के ट्रांसफर की निकलेगी बड़ी लिस्ट

    रायपुर। राज्य प्रशासनिक सेवा और राज्य पुलिस सेवा के अफसरों के ट्रांसफर की एक बड़ी लिस्ट जल्द निकल सकती है। दोनों सेवाओं के अफसरों का ट्रांसफर कोरोना से पहले से लंबित है।
    मई में 23 जिलों के कलेक्टरों को बदलने के बाद डिप्टी कलेक्टरों और डीएसपी के ट्रांसफर की भी सरकार में कवायद हुई थी। लेकिन, अपरिहार्य कारणों के चलते सरकार ने इसे टालना बेहतर समझा।
    अब खबर है, सरकार में राप्रसे और रापुसे अधिकारियों के तबादले की फिर से तैयारी शुरू हो गई है। पहली सूची में राज्य सेवा के दोनों कैडर के 50 से अधिक अधिकारियों के नाम होंगे। इनमें दो तरह के मापदंड बनाए गए हैं। पहला, जिनका डेढ़ से दो साल का कार्यकाल पूरा हो गया हो और दूसरा, जिनके खिलाफ जनप्रतिनिधियों की शिकायतें हो। सरकार की नोटिस में ऐसे भी अधिकारी हैं, जो पिछली सरकार के समय से पोस्टेड हैं। सूची में उनके नाम भी शामिल किए जा रहे हैं।


    सूत्रों का कहना है, जिन अधिकारियों ने बस्तर में काम नहीं किया होगा, उन्हें बस्तर भेजा जाएगा। डिप्टी कलेक्टर और डीएसपी में बहुत सारे अधिकारी ऐसे हैं, जो जोर-जुगाड़ लगाकर नौकरी में ज्वाईनिंग के बाद से मैदानी इलाकों में जमे हुए हैं। ऐसे अफसरों पर सरकार की भृकुटी तन सकती है।
    अफसरों का कहना है, लिस्ट विधानसभा सत्र के पहले भी निकल सकती है या फिर उसके बाद में किसी दिन जारी हो जाएगी। ट्रांसफर की सुगबुगाहट शुरू होने के बाद राप्रसे और रापुसे के अधिकारियों की उत्सुकता बढ़ गई है। कई अधिकारी अच्छी पोस्टिंग के लिए सक्रिय हो गए हैं।

  • भूपेश कैबिनेट की अहम बैठक, वर्तमान और पूर्व विधायकों को मिला तोहफा

    भूपेश कैबिनेट की अहम बैठक, वर्तमान और पूर्व विधायकों को मिला तोहफा

    गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सरकारी आवास पर हुई कैबिनेट की बैठक में कई निर्णय लिए गए.

    रायपुर। भूपेश कैबिनेट की अहम बैठक में गुरुवार को कई बड़े फैसले हुए हैं. करीब 4 घंटे चली बैठक में 33 अहम बिंदुओं पर फैसला लिया गया. राज्य कैबिनेट ने विधायकों व पूर्व विधायकों को बड़ी सौगात दी है. राज्य सरकार ने जहां विधायकों व पूर्व विधायकों का यात्रा कूपन बढ़ा दिया है, तो वहीं पूर्व विधायकों की पेंशन भी बढ़ायी गयी है. पहले विधायकों को 4 लाख और पूर्व विधायकों को 2 लाख रुपए यात्रा कूपन मिलता था, अब ये राशि बढ़ाकर विधायकों के लिए 8 लाख और पूर्व विधायकों के लिए 4 लाख कर दी गयी है. वहीं पूर्व विधायकों के लिए पेंशन भी अब बढ़ा दी गयी है।

    वहीं निजी स्कूलों के फीस निर्धारण के लिए विधेयक विधानसभा में लाया जाएगा. मंत्रिमंडलीय उप समिति राज्य सरकार ने बनायी थी, उसके बाद जिला स्तर पर फीस नियंत्रण की कमेटी में भागीदारी को लेकर विधेयक में उल्लेख होगा. शहीद महेंद्र कर्मा स्मृति सामाजिक सुरक्षा योजना को कैबिनेट की मंजूरी दी गयी।

    छत्तीसगढ़ी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए मुख्यमंत्री के लिखे पत्र को आज कैबिनेट में अनुमोदित किया गया, साथ ही केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ी भाषा को अनुसूची में शामिल करने का अनुरोध किया गया. 16 जनवरी 2006 में ऐर्राबोर राहत शिविर में 32 ग्रामीणों की हत्या मामले में भी बड़ा फैसला लिया गया है. उस वक्त की तत्कालीन सरकार ने सिर्फ 1 लाख रुपए की सहायता राशि दी थी, अब उन्हें 4 लाख की सहायता राशि दी जाएगी. वहीं राजनीतिक दलों के कार्यालय भवन के लिए एक नीति बनायी गयी है।
    इसके अलावा छत्तीसगढ़ में सरकारी बैंक के पुनर्गठन का निर्णय लिया गया है. 5 बैंक कार्यरत हैं, बाकी अपेक्स बैक के अंतर्गत हैं. राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि महासमुंद, बालौदाबाजार, बालोद , बेमेतरा, जांजगीर और सरगुजा में नये कॉपरेटिव बैंक खुलेंगे. रिजर्व बैंक को राज्य सरकार अपना प्रस्ताव जल्द भेजेगी. प्राथमिक सहकारी बैंकों में अधिकार के बंटवारे को लेकर विधेयक को मंजूरी दी गयी है।

  • तहसीलदार के घर छापा, रिश्वत का इतना पैसा मिला कि लग गया ढेर…

    तहसीलदार के घर छापा, रिश्वत का इतना पैसा मिला कि लग गया ढेर…

    तहसीलदार पर कथित तौर पर 28 एकड़ जमीन से संबंधित किसी मामले में यह रिश्वत लेने का आरोप है. ACB ने शुक्रवार की रात तहसीलदार बलाराजू नागराजू के घर पर छापा मारा और रिश्वत की रकम के साथ उन्हें रंगे हाथ पकड़ लिया।

    हैदराबाद में एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने एक मंडल राजस्व अधिकारी को एक करोड़ 10 लाख रुपये के रिश्वत के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया. आरोपी अधिकारी को बलाराजू को घूसखोरी के आरोप में हिरासत में लिया है।

    तहसीलदार के अलावा एसीबी अधिकारियों ने एक ग्राम राजस्व अधिकारी (VRO) बी साईराज को भी छापेमारी में हिरासत में लिया है. वो मलकानगिरी जिले के मंडल मुख्यालय में तैनात थे. इसे हैदराबाद से अलग कर एक नया जिला बनाया गया था।

    एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने रिश्वत में ली गई रकम की गिनती की तो वो भी दंग रह गए. एसीबी की तरफ से यह छापा हैदराबाद के प्रमुख वाणिज्यिक और आवासीय परिसर में तहसीलदार के घर पर मारा गया था।

    एसीबी सूत्रों ने बताया कि शुक्रवार रात शुरू हुआ ऑपरेशन शनिवार को भी जारी रहेगा. इस साल की शुरुआत में दो अलग-अलग मामलों में एसीबी ने दो महिला तहसीलदार को 93 लाख रुपए और 30 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए पकड़ा था।

  • आपके बैंक के नाम से आए ईमेल तो हो जाएं सावधान! लिंक खोलते ही खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

    आपके बैंक के नाम से आए ईमेल तो हो जाएं सावधान! लिंक खोलते ही खाली हो सकता है बैंक अकाउंट

    डिजिटलीकरण के इस जमाने में ज्यादातर सेवाएं ऑनलाइन हो गई हैं। बैंकिंग से संबंधित ज्यादातर कामकाज ईमेल के जरिए हो रहे हैं। खाता खोलने से लेकर आपके खाते से हो रही हर लेनदेन की हर जानकारी आपको ईमेल से सूचित की जा रही है। किसी फ्रॉड से बचने के तौर-तरीकों की जानकारी भी बैंक आपको इन्हीं माध्यमों से दे रहे हैं।
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    ऐसे में अगर आपके ही बैंक से कोई विशेष ईमेल आएगी तो स्वाभाविक तौर पर आप भी उसे चेक किए बिना नहीं रह सकेंगे। लेकिन सावधान रहें, यह बैंक फ्रॉड का नया तरीका है, जिसे साइबर अपराधी इस समय खूब आजमा रहे हैं। ऐसे ईमेल के लिंक खोलते ही आपके खाते में जमा रकम गायब हो सकती है।


    क्यों धोखा खा रहे हैं लोग?
    दरअसल, एसबीआई हो या एचडीएफसी, एक्सिस हो या आईसीआईसीआई, सभी बैंक अपनी विशेष आईडी वाली ईमेल से ही संदेश भेजते हैं। इस आईडी के नाम में बैंक का नाम भी अवश्य जुड़ा रहता है। कंपनी का लोगो भी बहुत स्पष्ट तौर पर दिखता है। लेकिन ईमेल सर्विस प्रोवाइडिंग सर्विसेज पर आईडी बनाते समय अक्षरों के चयन पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
     
    इसी बात का लाभ उठाते हुए साइबर अपराधी बैंक के नाम के साथ कुछ अन्य अक्षरों को जोड़कर ईमेल आईडी बना लेते हैं। पहली नजर में ये बैंक के आधिकारिक मेल की तरह लगते हैं, इससे वे इन्हीं बैंकों के ग्राहकों को ईमेल भेजकर किसी योजना या फर्जी लेनदेन की जानकारी देते हैं या स्वयं ही किसी फ्रॉड से बचने की जानकारी देते हैं।

    इस जानकारी को पाने के लिए लोगों से ईमेल के नीचे दिए गए लिंक को खोलने के लिए कहा जाता है। इस लिंक में वायरस होता है, जिसे खोलते ही आपके मोबाइल या लैपटॉप की सारी जानकारी साइबर अपराधी तक पहुंच जाती है।

    कैसे बचें
    दिल्ली पुलिस के साइबर सेल के शीर्ष अधिकारी अनीश राय कहते हैं कि आप जिस भी बैंक की सेवा लेते हैं, उसकी कुछ चुनिंदा ईमेल से ही आपसे संवाद किया जाता है। आप शुरुआत में ही इन ईमेल को अपनी प्राथमिकता में शामिल कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में किसी भी अन्य मेल से जानकारी आती है तो उसे सीधे खोलने से बचें।

    यह आपके लिए नुकसानदायक हो सकता है। जरा सा भी संदेह होने पर पहले बैंक के कस्टमर केयर को फोन करके सुनिश्चित कर लें कि क्या इस तरह की जानकारी बैंक से दी गई है या नहीं? अपनी ईमेल सेवा और आवश्यक जानकारी को हमेशा डबल लॉक से सुरक्षित रखना चाहिए।

    बैंक ऐसे करते हैं सुरक्षित
    एचडीएफसी बैंक के शीर्ष अधिकारी संजय ओझा के मुताबिक, बैंक स्टेटमेंट जैसी कोई आधिकारिक जानकारी देते समय अगर लिंक्स खोलने को कहा जाता है, लेकिन यह पासवर्ड से सुरक्षित होता है। अकसर यह पासवर्ड आपकी व्यक्तिगत जानकारी से जुड़ा होता है, जिसकी सूचना आपको या बैंक को ही होती है। ऐसे में जब तक आपसे कोई बिना पासवर्ड वाली फाइल खोलने को कही जाती है, तो यह फ्रॉड हो सकती है। ऐसे मामलों में आपको सावधान रहना चाहिए।

  • मुख्य सचिव हो रहे नवंबर में रिटायर, छह महीने का एक्सटेंशन देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा, राज्य सरकार ने दिया कोरोना काल का हवाला…

    मुख्य सचिव हो रहे नवंबर में रिटायर, छह महीने का एक्सटेंशन देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा, राज्य सरकार ने दिया कोरोना काल का हवाला…

    रायपुर। राज्य के मुख्य सचिव आर पी मंडल नवंबर में रिटायर हो रहे हैं। चूंकि पिछले पांच माह का वक्त केवल कोरोनाकाल से निपटने में ही चला गया। इस बीच उनकी अगुवाई में प्रशासनिक कामकाज काफी बेहतर ढंग से हुआ। राज्य सरकार चाहती है कि उन्हे छह माह का एक्सटेंशन मिल जाए,इसके लिए प्रक्रियागत पत्र केन्द्र सरकार को भेजा जा चुका है लेकिन तय केन्द्र सरकार को करना है। हालांकि परिस्थितिजन ऐसा किया जा सकता है। जैसे कि जानकारी है गुजरात में मुख्य सचिव के साथ ऐसा हुआ है। लेकिन छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार है और केन्द्र में भाजपा की।
    नियमानुसार यूपीएससी की सहमति से केन्द्र सरकार छह माह का  एक्सटेंशन दे सकती है। राज्य में अभी अफसरों की कमी भी है। इसका भी जिक्र किया गया है,इसके चलते उम्मीद है कि एक्सटेंशन मिल सकता है लेकिन जब तक अधिकृत  रूप से आदेश नहीं हो जाता है.विकल्प के तौर पर राज्य सरकार को नए मुख्य सचिव को लेकर अपनी तैयारी करनी होगी।

    मुख्य सचिव आरपी मंडल को एक्सटेंशन देने का प्रस्ताव राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार को भेज दिया गया है. राज्य सरकार ने कोरोना काल में प्रदेश की विपरित परिस्थिति का हवाला दिया है. सीएस मंडल 30 नवंबर को सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

    जानकारी के अनुसार, 87 बैंच के आईएएस अधिकारी आरपी मंडल को छह महीने का एक्सटेंशन देने का प्रस्ताव राज्य सरकार की ओर से करीबन महीने भर पहले भेजा गया है. इसमें कोरोना काल के दौरान प्रदेश की विपरित परिस्थितियों के साथ सीनियर अफसरों की कमी का हवाला दिया गया है. राज्य सरकार एक्सटेंशन की उम्मीद लगाए हुए है, क्योंकि इसके पहले गुजरात सरकार ने राज्य के मुख्य सचिव अनिल मुकीम को छह साल एक्सटेंशन देने के लिए इसी तरह का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था, जिसे केंद्र ने मंजूर कर लिया है.
    लेकिन कुछ जानकारों का मानना है कि राज्य की कांग्रेस सरकार के लिए मंडल का एक्सटेंशन हासिल करना इतना आसान नहीं है. देश-प्रदेश में विपरित राजनीतिक स्थिति को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि केंद्र एक्सटेंशन देने में आनाकानी कर सकता है, ऐसी स्थिति में राज्य सरकार को विकल्प की तलाश करना पड़ेगा।

  • शराब के नशे में चूर होकर होश खो बैठे IG ने घर में घुसकर महिला से की बदतमीजी, हंगामा और शिकायत के बाद गिरफ्तार….

    शराब के नशे में चूर होकर होश खो बैठे IG ने घर में घुसकर महिला से की बदतमीजी, हंगामा और शिकायत के बाद गिरफ्तार….

    पंचकुला। शराब के नशे में चूर होकर होश खो बैठने वाले पुलिस के उच्चधिकारी को महिला से बदतमीजी करना बहुत भारी पड़ गया है. मामला हरियाणा में पंचकुला जिले के पिंजौर थाना क्षेत्र का है. यहाँ होमगार्ड आईजी हेमंत कलशन को महिला से बदतमीजी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।

    दरअसल हेमंत कलशन के पड़ोस में रहने वाली महिला ने आरोप लगाया है कि पुलिस अधिकारी हेमंत कलशन ने उसके घर में घुसकर उसके और उसकी बेटी के साथ बदतमीजी की है. महिला की शिकायत पर आईजी हेमंत के खिलाफ पिंजौर थाने में अपराध दर्ज किया गया. वहीं लोगों ने तत्काल गिरफ्तारी को लेकर हंगामा भी किया था।

    महिला ने बताया कि था कलशन रात करीब साढ़े 8 बजे शराब पीकर वह उसके घर के बाहर अपनी गाड़ी में आए और उसके घर की घंंटी बजाई. उसके बाद कलशन सीधे घर के अंदर घुस गए और उसकी बेटी के साथ मारपीट करने लगे. जब वह बेटी को बचाने के लिए गई तो होमगार्ड आइजी कलशन ने उसके साथ भी धक्का मुक्की व हाथापाई की. पास वाले वाले घर में रह रही महिला ने बताया कि कलशन ने उसके घर की घंटी भी बजाई. जब वह बाहर आई तो उससे भी मारपीट की गई. उसका पति बाहर आया तो उससे भी मारपीट की गई. हंगामे को देखकर मोहल्ले के लोग मौके पर इकट्ठे हो गए।

    पुलिस के मुताबिक आरोपी आईजी हेमंत को विधि-पूर्वक गिरफ्तार किया गया. हेमंत कलसन को आज ही कोर्ट में पेश किया जाना है. कालौनी पिन्जौर में भी सतेंद्र सिंह नाम के एक शख्स ने शिकायत दर्ज कराई है. सत्येंद्र सिंह का आरोप है कि कलशन ने 21 अगस्त की रात को शराब के नशे में उसके घर में घुसकर मारपीट की. पुलिस ने इस मामले में भी कलशन के खिलाफ केस दर्ज किया है. मामले की जाँच जारी है।

  • घर घर विराजे गणपति,लविका (लाड़ो) ने अपने हाथों से बनायी गणपति प्रतिमा….

    घर घर विराजे गणपति,लविका (लाड़ो) ने अपने हाथों से बनायी गणपति प्रतिमा….


    खरसिया। धर्म की नगरी खरसिया में नगर के उत्साहित बच्चों तथा युवको द्वारा विध्नहर्ता भगवान गणेश जी की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना की गई, घरों में भगवान गणेश की पूजा अर्चना कर उनका जन्म दिन भी मनाया गया जिससे नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया।


    गौरतलब है कि इस वर्ष गणेश चतुर्थी का पर्व 22 अगस्त को मनाया गया, लाॅकड़ाउन की वजह से इस वर्ष गणेश की प्रतिमाओं का निर्माण करने वाले कलाकार खरसिया नहीं पहुंच सके थे फिर भी उत्साही बच्चों तथा युवकों ने अपने हाथों से प्रतिमाएं बनाकर उनका पूजन किया। कोरोना संक्रमण की वजह से गली मोहल्लों में विराजित होने वाली प्रतिमाओं में कमी जरूर आयी है लेकिन उससे बच्चों तथा युवकों के उत्साह में कहीं कोई कमी देखने को नही मिली, और लोगों ने अपने अपने घरों में विघ्नहर्ता की प्रतिमा स्थापित कर उनका पूजन किया।

    इसी कड़ी में नगर के जवाहर कालोनी निवासी नरेन्द्र अग्रवाल की पुत्री लविका उर्फ लाड़ो अग्रवाल ने अपने भाई हनु तथा बहन रिया की सहायता से घर में ही भगवान गणेश की प्रतिमा निर्मित कर उसका पूजन किया, नरेन्द्र अग्रवाल ने बताया कि उनके बच्चों ने जो प्रतिमा बनाई है उसमें किसी प्रकार के केमिकल का प्रयोग नही किया गया है, मिट्टी तथा घरेलू रंगों का प्रयोग कर बनायी गयी प्रतिमा को स्थापित कर उसका पूजन किया जा रहा है।

    शास्त्रों के अनुसार भगवान गणेश को बुद्धि का देवता माना गया है, दीपावली के दिन भी माता लक्ष्मी जी के साथ भगवान गणेश की भी पूजा अर्चना की जाती है क्योंकी समुद्र मंथन से निकली भगवान विष्णु प्रिय लक्ष्मी धन तो दे सकती है पर उसे संभालने के लिए बुद्धि गणेश जी ही देते है।

  • कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान में सक्रिय भूमिका के लिए सुनील अग्रवाल सम्मानित

    कोरोना वायरस के खिलाफ अभियान में सक्रिय भूमिका के लिए सुनील अग्रवाल सम्मानित



    खरसिया । कोविड 19 महामारी से बचाव के लिए चलाए जा रहे अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने के साथ साथ जिला स्तर पर चलाये गए मास्क वितरण के अभियान में सहयोग के लिए नगर के पत्रकार सुनील अग्रवाल को खरसिया पुलिस ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।



    विदित हो कि पुलिस अधीक्षक रायगढ़ के द्वारा रक्षाबंधन के पावन पर्व को जन सुरक्षा अभियान से जोड़ कर ‘एक रक्षासूत्र मास्क का’ वृहद कार्यक्रम रायगढ़ जिले में चलाया गया था।

    अंतरास्ट्रीय स्तर पर इस जन-जागरूकता कार्यक्रम को ख्याति प्राप्त हुई। रायगढ़ जिले ने विश्व रिकॉर्ड कायम करते हुए इतिहास रच दिया। रायगढ़ पुलिस प्रशासन की इस पहल पर जिले के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सक्रियता से अपनी भूमिकाएं निभाईं।

    नगर के पत्रकारों, सामाजिक संगठनों ने भी पुलिस तथा जिला प्रशासन के कंधे से कंधा मिलाकर इस अभियान को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई, साथ ही वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ जंग में प्रशासन का सहयोग किया जिन्हें प्रोत्साहित करने के लिए जिला प्रशासन के द्वारा उन्हें सम्मानित किया जा रहा है इसी कड़ी में सामाजिक कार्य में सदैव तत्पर रहने वाले खरसिया पत्रकार संघ के सचिव सुनील अग्रवाल को भी पुलिस के अभियान एक रक्षासूत्र मास्क का में सक्रिय भूमिका निभाने पर खरसिया थाना प्रभारी सुम्मत राम साहू के द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया साथ ही कोरोना के खिलाफ उनके सहयोग तथा योगदान के लिए पुलिस अधीक्षक से प्रदत्त सम्मान चौकी प्रभारी नंद किशोर गौतम के द्वारा प्रदान किया गया। सुनील अग्रवाल ने इस अवसर पर जिला पुलिस एवं खरसिया पुलिस का आभार व्यक्त किया है।