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  • डिजिटिलाइजेशन का नुकसान, 80% पढ़े-लिखे लोग साइबर अपराध का शिकार…

    डिजिटिलाइजेशन का नुकसान, 80% पढ़े-लिखे लोग साइबर अपराध का शिकार…

    रायपुर। देश आज भले ही तेजी से डिजिटलाइजेशन की ओर बढ़ रहा है, लेकिन ऑनलाइन संसाधन आसान होने से साइबर क्राइम भी चरम पर है. क्योंकि बदलते समय और ऑनलाइन बैंकिग संसाधनों के बीच खाताधारकों की राह आसान होने का फायदा साइबर ठग उठाते हैं. ऑनलाइन साइबर अपराध का शिकार सबसे ज्यादा युवा और पढ़े-लिखे लोग हो रहे हैं. ठग कभी केवाइसी अपडेट करने के नाम पर, तो कभी ऑफर देकर अपने झासे में लेते हैं. पुलिस भले ही जागरूकता अभियान चलाती है, लेकिन इसका असर एडवांस युवाओं में ज्यादा दिखता नहीं है. आज स्थिति यह हो गई कि घर बैठे अपराधी ऑनलाइन अपराधों को सहज तरीके से अंजाम दे रहे है. यदि आपने जामताड़ा वेब सीरीज देखी होगी, तो साइबर अपराध से भलिभांति परिचित होंगे।

    2 महीने में 92 साइबर अपराध

    बात करें छत्तीसगढ़ की राजधानी की, तो रायपुर लॉकडाउन के दौरान साइबर अपराध का एक गढ़ बनकर उभरा है. यहां पिछले 2 महीने में ऑनलाइन ठगी के 92 केस सामने आए हैं. यह संख्या बताने को काफी है कि क्राइम मास्टरों ने राजधानी को अपना नया अड्डा चुन लिया है. जब किसी राज्य में लोग आसानी से बेवकूफ बनने लगते हैं, तो इन्हीं इलाकों में ये अगला शिकार ढूंढने लगते हैं. यही वजह है कि दिनों-दिन रायपुर में ऑनलाइन अपराध के आंकड़े भी तेजी से बढ़ने लगे हैं।

    80% पढ़े-लिखे लोग हुए शिकार

    इन दो महीने में हुए 92 केसों में एटीएम फ्रॉड, ओएलएक्स फ्रॉड, पेटीएम से रिलेटेड फ्रॉड समेत कई तरह के सायबर फ्रॉड के केस शामिल है. दिलचस्प बात ये है कि जितने लोगों के साथ ठगी हुई है उसमें 80 प्रतिशत लोग पढ़े लिखे है. क्योंकि ये लोग ज्यादा सोशल साइड्स का उपयोग करते हैं और किसी न किसी तरह से ठग उन्हें अपने झासे में ले लेता है. ऐसे लोगों को गूगल से नंबर निकालकर कॉल किया जाता है और ठगी करते हैं. इसके अलावा लोन लेने के नाम पर, पेटीएम अपडेट कराने के नाम पर ओटीपी नंबर लेकर और हर बार नए-नए तरीके से अपराधी ठगी करते हैं. आज अधिकतर लोग ऑनलाइन पेमेंट करते हैं. इसलिए अपराध भी पढ़ा है. दो महीने में साइबर ठगों ने 6 लाख 13 हजार रूपए की ठगी की है. जिसमें से पुलिस ने 18 मामले में 2 लाख 81 हजार से अधिक की रकम रिफंड भी करवाया है।

    जल्द दूसरे राज्यों में जाएगी टीम

    क्राइम एडिशनल एसपी अभिषेक माहेश्वरी बताते हैं कि लॉकडाउन के कारण पुलिस की टीम दूसरे राज्यों में नहीं जा पा रही है. जैसे-जैसे स्थिति सामान्य हो रही है, टीम भी बाहर भेजना शुरु कर रहे हैं. बहुत जल्द अलग-अलग राज्यों में टीम भेजकर आरोपियों की शिनाख्त कर गिरफ्तारी की जाएगी. माहेश्वरी आगे बताते हैं कि साइबर क्राइम को लेकर लोगों को जागरूक करने का भी प्रयास किया जा रहा है. जिससे वो किसी के साथ भी अपना पर्सनल इन्फॉर्मेशन शेयर न करें. क्योंकि जैसे ही ऑप गोपनीय जानकारी सामने वाले व्यक्ति को साझा करते हैं, वो आपके खाते से पैसे निकाल लेता है।

    साल भर से पेंडिंग पड़े हैं मामले

    एसएसपी अजय यादव कहते हैं कि साइबर क्राइम की जिनती भी शिकायतें थाने में लंबित है उसकी समीक्षा करने के लिए सभी सीएसपी को निर्देश दिए गए हैं. थाने में आईं सभी शिकायतें भी सहीं पाई गई है. उन्होंने कहा कि ठगी चाहे एक रुपए की ही क्यों न हो उसमें पहले मुकदमा दर्ज करें. अभी कई केसेस मैंने देखा है कि साल भर से पेंडिंग पड़े हुए है. जिसमें लोगों ने केस रजिस्टर्ड नहीं किया है. केस रजिस्टर्ड करने के लिए निर्देश दिए गए हैं. इसके साथ ही लोगों को जागरूक करने की जरूरत है. इसके लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

    इन शहरों में बैठें हैं ठग गैंग

    एसएसपी ने आगे बताया कि कई अपराधों में यह पाया गया है कि एक ही लोकेशन से इसे ऑपरेट किया जा रहा है. ऐसे तीन-चार लोकेशन मिले है. जहां से ज्यादा ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है. झारखंड का जामताड़ा एरिया, वेस्ट बंगाल के कुछ हिस्से और राजस्थान के कुछ एरिया नए हब के रूप में डेवलप होते दिख रहे हैं. इसलिए यह तय किया गया है कि इन जगहों पर पुलिस की टीम भेजी जाएगी. हमने कुछ केस आइडेंटिफाई भी किया है।

    बिलासपुर में ‘साइबर मितान’ अभियान

    बिलासपुर जिले में भी लगातार बढ़ रहे साइबर मामलों ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है. ऐसे में लोगों का जागरूक होना बेहद जरूरी है. इसके लिए 1 सितंबर से 8 सितंबर तक ‘साइबर मितान’ जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. जिसमें पुलिस ने डोर टू डोर अभियान के तहत गांव से लेकर वार्डों में लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है।

    ठगी से बचने जागरूकता जरूरी

    पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल कहते हैं कि हमारा उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस अभियान के जरिए जागरूक करना है. जिससे लोग ठगी का शिकार न हो, क्योंकि ऑनलाइन ठगी से बचने के लिए जागरूकता ही एक मात्र उपाय है. जिले भर में ज्यादा से ज्यादा गांव, कस्बों, वार्डों तक इस अभियान के माध्यम से लोगों को जागरूक करने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए जिले के सभी थाना प्रभारी सहित पुलिस कर्मचारियों को विशेष ट्रेनिग दी गई है कि वो कैसे इस साइबर अपराध से लोगों जागरूक कर सकते हैं. जिले के लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी है और हम इसका निर्वाहन कर रहे हैं।

    कैसे बचे साइबर अपराध से ?

    साधारण सा गेम या एप भी डाउनलोड करते समय आप बिना पढे़ ही उसके नियम और शर्तो को मानते हुए बटन दबाते रहते है. यह गलत होता है. यहां तक कि वाट्सएप को भी हैक कर लिया जाता है. पलक झपकते ही आपके पैसे खाते से गायब हो सकता है. इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है. अगर किसी वेबसाइट पर कोई पॉपअप खुले और आपको कुछ आकर्षक गिफ्ट या इनाम ऑफर करे, तब आप अपनी पर्सनल जानकारी या बैंक अकाउंट नंबर या बैंक से संबंधित कोई भी जानकारी न भरें. अगर आप किसी ऑफर का लाभ लेना चाहते हैं, तो आप सीधे रिटेलर के वेबसाइट, रीटेल आउटलेट या अन्य जायज साइट से संपर्क करें. अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन आने पर किसी भी प्रकार की ओटीपी और पर्सनल जानकारी साझा न करें. आज के दौर में इंटरनेट हमारे लिए काफी महत्वपूर्ण है, लेकिन इंटरनेट पर जरा सी ना समझी स्कैमर्स को साइबर क्राइम के लिए खुला निमंत्रण देता है. अगर आप इन बातों को गौर करते हैं, तो आप साइबर क्राइम के शिकार होने से बच सकते हैं।

  • राहत:छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में दाखिला मुफ्त होगा, पैसे लिए तो कार्रवाई की जाएगी

    राहत:छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में दाखिला मुफ्त होगा, पैसे लिए तो कार्रवाई की जाएगी

    प्रदेश के सरकारी स्कूलों में दाखिला अब नि:शुल्क होगा। यहां छात्रों से किसी तरह का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। दैनिक भास्कर ने इस संदर्भ में बुधवार को एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें खुलासा किया था कि सरकारी स्कूलों में शाला विकास समिति, खेलकूद, रेडक्रास, स्काउट इत्यादि के नाम पर शुल्क लिया जा रहा है। खबर प्रकाशित होने के बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल आदेश जारी कर कहा है कि किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं वसूला जाए। संचालक लोक शिक्षण की ओर से बुधवार को नि:शुल्क दाखिले से संबंधित निर्देश जारी किया गया। इसमें संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग और जिला शिक्षा अधिकारियों को अपने-अपने संभाग और जिले के अंतर्गत शासकीय स्कूलों में छात्रों के नि:शुल्क प्रवेश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें कहा गया कि शासकीय शालाओं में प्रवेश के दौरान स्थानीय निधियों जैसे स्काउट, रेडक्रॉस, शाला विकास आदि शुल्क लिया जा रहा है। वर्तमान में समस्त शिक्षण संस्थाएं बंद हैं, इसलिए किसी भी छात्र से शिक्षण संस्थान बंद रहने तक कोई भी शुल्क नहीं लिया जाए। गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में अधिकांश छात्र निम्न वर्ग से आते हैं। कोरोना काल में कई लोगों के काम धंधे बंद है। परिजन आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर नवमीं से लेकर बारहवीं तक के एडमिशन में छात्रों पर फीस के लिए दबाव बनाया जा रहा था। शिक्षा विभाग के इस निर्देश से छात्रों को राहत मिलेगी।

  • पहली बार रेलवे में बनाया गया CEO का पद, इस अधिकारी को मिली जिम्मेदारी….

    पहली बार रेलवे में बनाया गया CEO का पद, इस अधिकारी को मिली जिम्मेदारी….

    दिल्ली। रेलवे के इतिहास में पहली बार सीईओ का पद बनाया गया है। इस पद पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन वी के यादव को तैनात किया गया है।

    वीके यादव रेलवे बोर्ड के चेयरमैन होने के साथ साथ सीईओ की भी जिम्मेदारी निभाएंगे। मंत्रिमंडल की नियुक्ति मामलों की समिति ने इस नियुक्ति की मंजूरी दे दी है। रेलवे के इतिहास में यह पहला मौका है जब रेलवे में सीईओ का पद बनाया गया है। यादव इस पद पर काम करनेवाले पहले व्यक्ति होंगे।वीके यादव को जहां रेलवे बोर्ड का चेयरमैन और सीईओ बनाया गया है वहीं प्रदीप कुमार को इन्फ्रास्ट्रक्चर, पीसी शर्मा को ट्रैक्शन एंड रोलिंग स्टॉक, पीएस मिश्रा को ऑपरेशंस एंड बिजनेस डेवलपमेंट और मंजुला रंगराजन को फाइनेंस की जिम्मेदारी देते हुए रेलवे बोर्ड का सदस्य बनाया गया है। मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति के अनुसार इसके तहत रेलवे बोर्ड में तीन पदों को समाप्त कर दिया गया है। ये पद हैं सदस्य, स्टाफ, सदस्य, इंजीनियरिंग और सदस्य, सामग्री प्रबंधन।

  • डीजीपी व्हाट्सएप्प ग्रुप के जरिये रखेंगे सभी थाना प्रभारियों पर नजर, क्राइम कंट्रोल नहीं होने पर होगी कार्रवाई….

    डीजीपी व्हाट्सएप्प ग्रुप के जरिये रखेंगे सभी थाना प्रभारियों पर नजर, क्राइम कंट्रोल नहीं होने पर होगी कार्रवाई….

    रायपुर। प्रदेश में बढ़ते अपराध को देखते हुए डीजीपी डीएम अवस्थी ने फैसला लिया है कि अब जिले के साथ ही सीधे पुलिस मुख्यालय से भी सभी थाना प्रभारियों की कार्यप्रणाली पर नजर रखेंगे. अब सभी थाना प्रभारियों को व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा जाएगा. जहां वे अपने थाना की कार्यप्रणाली, घटित अपराधों और उन पर की गई कार्रवाई की जानकारी देंगे. इस ग्रुप में स्वयं डीजीपी मॉनिटर करेंगे. अवस्थी ने यह बातें पुलिस मुख्यालय में वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये थाना प्रभारियों के लिये आयोजित कार्यशाला में कही है।

    अवस्थी ने कहा कि जो थाना प्रभारी अपराधों पर अंकुश नहीं लगाएंगे उन पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी. थाने में वही आता है जो पीड़ित होता है. पुलिस का बेसिक काम पीड़ित को न्याय दिलाना और दोषियों पर कार्रवाई करना है. महिला और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए. पुलिस थानों की कार्यप्रणाली में सुधार की आवश्यकता है. एक माह बाद थाना प्रभारियों के कामकाज की फिर से समीक्षा की जाएगी. जिसके अपराधों पर नियंत्रण ना कर पाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी और अच्छा काम करने पर थाना प्रभारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
    कार्यशाला में अवस्थी ने कहा कि थाना प्रभारियों का मुख्य कार्य अपराधों पर नियंत्रण, अपराधियों को पकड़ने के लिये बारीकी से विवेचना, कानून-व्यवस्था बनाए रखना, पुलिस और नागरिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है. नागरिकों का विश्वास जीतकर ही अच्छी पुलिसिंग की जा सकती है।

  • अब तीन महीने तक नहीं होगी कोई कार्रवाई, न ही अकाउंट होगा एनपीए, बैंक से कर्ज लेने वालों को कोरोना काल में राहत…

    अब तीन महीने तक नहीं होगी कोई कार्रवाई, न ही अकाउंट होगा एनपीए, बैंक से कर्ज लेने वालों को कोरोना काल में राहत…

    दिल्ली। कोरोना काल में बैंक का कर्ज अदा करने में परेशानी महसूस कर रहे व्यवसायियों-उद्योगपतियों को राहत मिली है. इस संबंध में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान इंडियन बैंक एसोसिएशन की ओर से याचिकाकर्ताओं को भरोसा दिलाया गया कि अगले तीन महीने तक न तो कर्ज को लेकर कोई कार्रवाई की जाएगी, और न ही उनका अकाउंट एनपीए घोषित किया जाएगा।

    कोरोना काल में बैंक से लिए गए कर्ज को अदा करने में परेशानी महसूस रहे उद्योगपतियों-व्यवसायियों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई है. मामले की ऑनलाइन हुई सुनवाई में केंद्र सरकार और आरबीआई की ओर से जहां सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा, वहीं इंडियन बैंक एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने पक्ष रखा. इनके अलावा अनेक पक्षकारों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव दत्ता, कपिल सिब्बल, संजय हेगड़े सहित अन्य अधिक्ताओं ने पक्ष रखा. इस मुद्दे पर छत्तीसगढ़ लघु एवं सहायक उद्योग संघ की ओर से याचिका लगाई गई है, जिसमें वरिष्ठ अधिवक्ता रविंद्र श्रीवास्तव व आशीष श्रीवास्तव व अन्य अधिवक्ताओं ने पैरवी की।


    अधिवक्ता आशीष श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि सुनवाई के दौरान इंडियन बैंकिंग एसोसिएशन की ओर से सुप्रीम कोर्ट के सामने याचिकाकर्ताओं को आश्वस्त किया गया कि किसी भी कर्जदारा के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. न ही किसी का भी एकाउंट एनपीए नहीं किया जाएगा. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार का पक्ष जानना चाहा. सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखने के लिए कुछ समय मांगा इस पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 10 सितंबर की तारीख तय की।

  • बड़ी खबर, किसी भी लोन पर ब्याज पर ब्याज नहीं ले सकते बैंक…

    बड़ी खबर, किसी भी लोन पर ब्याज पर ब्याज नहीं ले सकते बैंक…

    नईदिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि बैंक लोन के पुनर्गठन के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन वे कोरोना के दौरान किस्तों को स्थगित करने (मोरेटोरियम) की योजना के तहत ईएमआई भुगतान टालने के लिए ब्याज पर ब्याज लेकर ईमानदार कर्जदारों को दंडित नहीं कर सकते। जस्टिस अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्थगन अवधि के दौरान स्थगित किस्तों पर ब्याज लेने के मुद्दे पर सुनवाई के दौरान कहा कि ब्याज पर ब्याज लेना, कर्जदारों के लिए एक ‘दोहरी मार है। याचिकाकर्ता गजेंद्र शर्मा की वकील राजीव दत्ता ने कहा कि किश्त स्थगन की अवधि के दौरान भी ब्याज लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आरबीआई यह योजना लाया और हमने सोचा कि हम किश्त स्थगन अवधि के बाद ईएमआई भुगतान करेंगे, बाद में हमें बताया गया कि चक्रवृद्धि ब्याज लिया जाएगा।

    यह हमारे लिए और भी मुश्किल होगा, क्योंकि हमें ब्याज पर ब्याज देना पड़ेगा। उन्होंने आगे कहा, ‘उन्होंने (आरबीआई) बैंकों को बहुत अधिक राहत दी हैं और हमें सच में कोई राहत नहीं दी गई। साथ ही उन्होंने कहा, ‘मेरी (याचिकाकर्ता) तरफ से कोई चूक नहीं हुई है और एक योजना का हिस्सा बनने के लिए ब्याज पर ब्याज लेकर हमें दंडित नहीं किया जा सकता। दत्ता ने दावा किया कि भारतीय रिजर्व बैंक एक नियामक है और ‘बैंकों का एजेंट नहीं है तथा कर्जदारों को कोविड-19 के दौरान दंडित किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘अब सरकार कह रही है कि ऋणों का पुनर्गठन किया जाएगा। आप पुनर्गठन कीजिए, लेकिन ईमानदार कर्जदारों को दंडित न कीजिए। कॉन्फेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (क्रेडाई) की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सी ए सुंदरम ने पीठ से कहा कि किश्त स्थगन को कम से कम 6 महीने के लिए बढ़ाया जाना चाहिए।

  • पेट्रोल पंप कर्मचारी से मारपीट करने वाले टीआई सुरेंद्र स्वर्णकार का बीजापुर ट्रांसफर

    पेट्रोल पंप कर्मचारी से मारपीट करने वाले टीआई सुरेंद्र स्वर्णकार का बीजापुर ट्रांसफर

    बिलासपुर। पुलिस विभाग ने गुरुवार को जिले में पदस्थ 5 पुलिसकर्मियों का तबादला आदेश जारी किया है। जारी सूची में टीआई सुरेंद्र स्वर्णकार का भी नाम शामिल है। सुरेंद्र स्वर्णकार का तबादला बिलासपुर से बीजापुर किया गया है। बता दें कि सुरेंद्र स्वर्णकार वही थाना प्रभारी हैं, जिन्होंने मार्च महीने में टोटल लॉकडाउन के दौरान पेट्रोल पंप के कर्मचारी की पिटाई की थी।

    बता दें कोरोना संक्रमण के मामले को देखते हुए पूरे देश में लॉकडाउन लगाया गया था। इसी दौरान 26 मार्च को टीआई सुरेंद्र स्वर्णकार ने शहर के एक पेट्रोल पंप के कर्मचारी से मारपीट की थी, जिसके बाद उन्हें लाइन अटैच कर दिया गया था। वहीं अब उन्हें बीजापुर ट्रांसफर कर दिया गया है।

  • डेपुटेशन पर प्रदेश आने वाली हैं यह IPS अफसर…

    डेपुटेशन पर प्रदेश आने वाली हैं यह IPS अफसर…

    रायपुर। IPS हिमानी खन्ना के छत्तीसगढ़ प्रतिनियुक्ति का आवेदन केंद्र सरकार ने स्वीकार कर लिया है. इसके बाद IPS हिमानी खन्ना डेपुटेशन पर छत्तीसगढ़ आएंगी. उनका कार्यकाल 3 साल का होगा. केंद्र सरकार ने इसका आदेश दे दिया है. आदेश में बताया गया है कि प्रतिनियुक्ति आवेदन में व्यक्तिगत कारणों का जिक्र किया गया था।

    हिमानी खन्ना के पति विनीत खन्ना राजनांदगांव के मूल निवासी हैं। वे भी आईपीएस हैं। दोनों रायपुर में 1997 में सीएसपी रह चुके हैं। विनीत के पिता राजनांदगांव के दिग्विजय कॉलेज के प्रिंसिपल रहे हैं। संकेत हैं, विनीत भी कुछ दिन में छत्तीसगढ़ आ जाएँगे।

    जानकारी के मुताबिक IPS हिमानी गुप्ता की प्रतिनियुक्ति तीन वर्ष के लिए होगी। आदेश में उल्लेखित है कि आवेदन में व्यक्तिगत कारणों का उल्लेख है जिसके बाद आवेदन स्वीकार कर लिया गया है। आईपीएस हिमानी खन्ना 2006 बैच के IPS अफसर हैं, जबकि उनके पति विनित खन्ना भी मध्यप्रदेश कैडर के ही IPS अफसर हैं। विनित खन्ना भी 2006 बैच के ही पुलिस सेवा के अधिकारी है।

  • कोरोना मरीजों के नाम सार्वजनिक किए जाने हेतु स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र…

    कोरोना मरीजों के नाम सार्वजनिक किए जाने हेतु स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र…

    खरसिया। कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए नगर के जागरूक युवा नितिन अग्रवाल ने स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव को पत्र लिखकर कोरोना पॉजिटिव मरीजों के नाम सार्वजनिक किए जाने की माँग की है।

    नितिन अग्रवाल ने इस माँग पर तर्क देते हुए यह भी कहा है कि प्रारम्भिक समय में कोरोना पॉजिटिव व्यक्तियों की व्यक्तिगत एवं सामाजिक सुरक्षा हेतु तात्कालिक परिस्थितियों में नाम गुप्त रखा जाना आवश्यक था।किंतु वर्तमान समय में यह एक जनसामान्य का विषय बन चुका है।

    वर्तमान परिस्थितियों में नाम सार्वजनिक किया जाना इसलिए आवश्यक है कि कोरोना पॉजिटिव व्यक्ति से प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष सम्पर्क में आये व्यक्ति स्वास्थ्य लाभ ले सकें एवं अन्य लोगों को भी संक्रमित होने से रोक सकें।इसके साथ साथ नितिन अग्रवाल ने दैनिक कमाई कर अपना जीवन यापन करने वाले लोगों को निःशुल्क प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने एवं विटामिन की दवाईयां दिए जाने की माँग ई मेल के द्वारा पत्र लिखकर की है।

  • कक्षा नौ और दस के लिए पाठयक्रम में 30 प्रतिशत की कटौती….

    कक्षा नौ और दस के लिए पाठयक्रम में 30 प्रतिशत की कटौती….

    असम में माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड-एसईबीए ने कक्षा नौ और दस के लिए पाठयक्रम में तीस प्रतिशत की कटौती की है। बोर्ड के अध्‍यक्ष रमेश चन्‍द्र जैन ने कहा कि यह निर्णय कोविड 19 के कारण उत्‍पन्‍न स्थिति को देखते हुए लिया गया है। श्री जैन ने कहा कि हालांकि यह निर्णय केवल इसी शैक्षणिक सत्र के लिए मान्‍य होगा। इससे पहले असम की उच्‍चतर माध्‍यमिक शिक्षा परिषद ने कक्षा 11 और 12 के लिए इसी प्रकार का निर्णय लिया था।