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  • पुलिस चौकी में SP के प्रवेश पर रोक, कारण जानकर हो जाएंगे हैरान…

    पुलिस चौकी में SP के प्रवेश पर रोक, कारण जानकर हो जाएंगे हैरान…

    महासमुंद। जिले के दूरस्थ अंचल के पुलिस चौकी बुंदेली में SP के प्रवेश पर रोक है। चौकिए नहीं जनाब ! दरअसल पुलिस चौकी में SP (पुलिस अधीक्षक) के प्रवेश पर रोक नहीं है। यहां एसपी (सरपंच पति) (SP ban into these police station) के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। क्यों ऐसा किया गया है, जानते हैं पुलिस के जाबांज से। लंबे अर्से तक क्राइम स्क्वायड का हिस्सा रहे एएसआई विकास शर्मा इस पुलिस चौकी के प्रभारी हैं। वे जब से इस दूरस्थ अंचल के पुलिस चौकी में पदस्थ हुए हैं, नित नए-नए प्रयोग से सुर्खियों में हैं। कभी ग्रामीणों को महुआ बेचने-खरीदने के लिए रजिस्टर रखने की समझाइश देते हैं।

    तो कभी मछुआरा बनकर शराब की तस्करी रोकने छापामारी करते हैं। बच्चों को गुटखा का लत छुड़ाने के लिए कॉपी-किताब बांटते हैं। इस बीच पता चला कि ग्रामीणों की समस्या लेकर महिला सरपंच पुलिस के पास नहीं आते हैं। उनकी जगह सरपंच पति (SP ban into these police station) खुद को एसपी (सरपंच पति) का रौब दिखाते हुए पुलिस चौकी आते हैं। पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी को इससे झटका लग रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए विकास शर्मा ने नोटिस चस्पा करवा दिया है।

    महिला सशक्तिकरण के लिए

    विकास का कहना है कि महिलाओं को वोट देकर ग्रामीण अपना जनप्रतिनिधि चुनते हैं। लेकिन, बाद में पूरे काम-काज का जिम्मा या तो उनके पति देखते हैं या फिर उनका देवर या ससुर। ऐसे में जिस मकसद से महिलाओ की भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो पाती है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने उन्होंने एक नया प्रयोग किया है।

    एसपी के प्रवेश पर इसलिए रोक

    महासमुंद जिले के बुंदेली चौकी प्रभारी विकाश शर्मा ने अनूठा पहल करते हुए चौकी में एक नोटिस चस्पा किया है। जिसमें लिखा है “कृपया सरपंच पति बताकर चौकी में प्रवेश न करें। लोगों की समस्या के लिए चुने हुए जनप्रतिनिधि ही प्रवेश करें।” इस नोटिस से आस-पास के उन पंचायतों में हलचल मच गई है। जहां पर अधिकांश पंचायतों में महिला सरपंच हैं। और क्षेत्र में एसपी (सरपंच पति) का दबदबा है।

    आगे आएं महिलाएं

    चौकी प्रभारी विकास शर्मा का कहना है कि बहुत बार ऐसे अवसर आए जब लोग चौकी पहुंच कर खुद को एसपी बताते हैं। और एसपी का अर्थ पूछने पर सरपंच पति कहते हैं। यह चुने हुए महिलाओं के अधिकार का हनन है। उन्हें प्रशासनिक कामकाज में आगे आने का मौका ही नहीं मिल पाता है। इसलिए ऐसा किया गया है कि महिलाओं में जागरूकता आए। उन्होंने निवेदन किया कि लोगों की समस्याओं के लिए चुने हुए जनप्रतिनिधि ही खुद आगे आएं। अपने पति को न भेजें।

  • राधे माँ कोई संत नहीं, राधे माँ के बिग बॉस शो पर आने को लेकर अखाड़ा परिषद का तंज…

    राधे माँ कोई संत नहीं, राधे माँ के बिग बॉस शो पर आने को लेकर अखाड़ा परिषद का तंज…

    दिल्ली। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने एक बयान जारी किया है जिसमे कहा गया कि राधे मां कोई संत नहीं है और न ही तो उन्हें धर्म की कोई जानकारी है। हाल ही में बिग बॉस 14 के लॉन्चिंग शो में देखा गया था। जिसके बाद से उनकी काफी चर्चा की जा रही है। वैसे तो राधे मां शो में बतौर कंटेस्टेंट नजर नहीं आ रही हैं, मगर कहा जा रहा है की बिगबॉस के घर में उनका आना-जाना लगा रहेगा. उन्हें कई ख़ास मौकों पर घर में एंट्री दी जाएगी. लेकिन राधे मां का खुद को इस रियलिटी शो से जोड़ना अखाड़ा परिषद को पसंद नहीं आया जिसके बाद अब उनके सिद्धांतों पर ही सवाल खड़े कर दिए गए हैं।
    जानकारी के अनुसार अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष नरेंद्र गिरी ने निशाना साधते हुए कहा है की राधे मां कोई संत नहीं है, और न तो वे किसी भी अखाड़े से जुड़ी हैं. पहले उन्हें जूना अखड़ा की तरफ से महामंडलेश्वर की उपाधि दी गई थी, मगर जब उनके असल रंग सामने आए फिर उन्हें वहां से निकाल दिया गया।

    इसके साथ हे कहा की उन्हें धर्म की कोई जानकारी नहीं है. वे बस नाच-गाना ही कर सकती हैं. क्योंकि अब उन्हें ABAP से अलग कर दिया गया है, तो ऐसे में उन्हें किसी भी रियलिटी शो में भाग लेने की इजाजत हो गई है.बता दे शो शुरू होने से पहले ऐसे कयास लगाए गए थे कि राधे मां बतौर कंटेस्टेंट शो का हिस्सा रहगे. फिर पता चला कि वे सिर्फ एक हफ्ते के लिए आ रही हैं. लेकिन अब बताया गया है कि राधे मां को बतौर गेस्ट शो में बुलाया जाएगा. वे बीच-बीच में आ कर कंटेस्टेंट्स से रूबरू होती रहेंगी।

  • सोशल मीडिया में ग्रुप बनाकर नाबालिग देख रहे पोर्न, दुष्कर्म की 80 फीसदी घटनाओं की वजह यही….

    सोशल मीडिया में ग्रुप बनाकर नाबालिग देख रहे पोर्न, दुष्कर्म की 80 फीसदी घटनाओं की वजह यही….

    छत्तीसगढ़ का बलरामपुर जिला इन दिनों दुष्कर्म की घटनाओं की वजह सुर्खियों पर है। इस बीच बलरामपुर चाइल्ड लाइन फाउंडेशन के सामने पिछले नौ महीने में ऐसे कई केस आए जिसमें मोबाइल फोन से अश्लील सामग्री देखकर टीनएज के लड़के ही नहीं लड़कियां भी गलत रास्ते में जा रही हैं। दुष्कर्म के 80 फीसदी मामलों में नाबालिग पोर्न देखकर घटना को अंजाम दे रहे हैं। कमेटी के काउंसलरों ने ऐसे कई बच्चों की काउंसिल की है जिसमें पता चला है कि वे पोर्न साइट पर वीडियो देखकर छेड़छाड़ व दुष्कर्म की घटनाओं के लिए प्रेरित हो रहे हैं। वहीं एक ऐसा भी मामला सामने आया जिसमें स्कूली लड़कियां सोशल मीडिया में ग्रुप बनाकर पोर्न वीडियो देखती थीं। उनकी काउंसलिंग कर उनका ग्रुप बंद कराया गया। हालांकि इस मामले को पंजीकृत नहीं किया गया। इसका खुलासा एक स्कूल में आयोजित ओपन हाउस प्रोग्राम में हुआ था। चाइल्ड लाइन फाउंडेशन का सभी ब्लाॅकों में पदाधिकारी हैं, जो नाबालिग बच्चों के साथ होने वाली घटनाओं और उन्हें रोकने के लिए काम करती हैं। उनके काउंसलरों से दैनिक भास्कर ने बात की तो खुलासा हुआ है कि लॉकडाउन के बाद परिजनों ने बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन दिया है। लेकिन कई बच्चे उसका दुरुपयोग कर रहे हैं। वे इंटरनेट की वजह से अपोजिट सेक्स को जानने के लिए अश्लील वेबसाइट देख रहे हैं और इसके एडिक्ट होने के साथ ही दुष्कर्म जैसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इसके अलावा ऐसे भी कई केस आए हैं, जिसमें वे एक दूसरे को अश्लील सामग्री भेजते हैं। इसकी शिकायत पर बच्चों की काउंसिलिंग की गई है। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी परिजनों को नहीं है। बच्चों की काउंसलिंग करने वाले काउंसलरों का कहना है कि माता पिता सीधे तौर पर इसकी शिकायत करने से हमसे भी हिचकिचाते हैं और कहा जाता है कि बच्चा मोबाइल फोन पर पासवर्ड डालकर रखता है और मोबाइल पर व्यस्त रहता है, लेकिन जब ऐसे केस पर बच्चे की काउंसलिंग करते हैं तो पोर्न साइट देखने की हिस्ट्री मिलती है। काउंसलर राहुल मिश्रा ने बताया कि नाबालिग के साथ दुष्कर्म की कई ऐसी घटनाएं होती हैं जिसके लिए पोर्न वीडियो जिम्मेदार हैं।

    मोबाइल में एप्स और फोल्डर लॉक कर स्कूली बच्चे देखते थे पोर्न
    बलरामपुर जिले में लॉकडाउन से पहले एक स्कूल में आयोजित ओपन हाउस प्रोग्राम में चाइल्ड लाइन की टीम के सामने अभिभावकों ने बताया कि उनके बच्चे मोबाइल में फोल्डर बनाकर उसे लॉक रखते हैं। कई एप्स भी लॉक रहते हैं। इस पर उन बच्चों की काउंसलिंग की गई तो हाई स्कूल के इन छात्रों ने बताया कि वे पोर्न वीडियो रखते हैं, इसलिए लॉक रखते हैं। इस पर काउंसलिंग की गई।

    आरोपी ने कबूल किया, अश्लील वीडियो देखकर उसने किया दुष्कर्म
    बलरामपुर में एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले वाले नाबालिग आरोपी से पूछताछ में पता चला कि उसने अश्लील वीडियो देखकर बलात्कार की घटना को अंजाम दिया। ऐसे मामलों की जांच करने वाले अधिकारी कहते हैं कि कई मामलों में पोर्न वीडियो देखकर दुष्कर्म के लिए प्रेरित होने का पता चलता है लेकिन वे इसे रिकॉर्ड में दर्ज नहीं करते हैं।

    अश्लील मैसेज भेजकर ऑनलाइन हो रही छेड़छाड़
    यह भी खुलासा हुआ है कि नाबालिगों के हाथ में मोबाइल होने के कारण वे ऑनलाइन अश्लील मैसेज, फोटो और वीडियो शेयर कर छेड़छाड़ कर रहे हैं। लड़कियां इसका विरोध नहीं कर पाती हैं और कई बार गलत सही का समझ नहीं होने के कारण धीरे धीरे दुष्कर्म जैसी घटनाओं का शिकार हो रही हैं।

    दुष्कर्म की घटनाओं में मोबाइल फोन भी है एक बड़ा कारण
    “दुष्कर्म और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं के लिए मोबाइल फोन भी एक बड़ा कारण है। जागरूकता की बेहद जरूरत है। पिछले कुछ दिनों में हमारे जिले में नाबालिगों के साथ हुई दुष्कर्म की घटनाएं गंभीर है। बहुत दिनों से पुलिस के साथ बैठक नहीं हुई है। इसमें अभिभावकों को जागरूक रहने की जरूरत है।”
    -अनिल गुप्ता, सीडब्ल्यूसी, अध्यक्ष, बलरामपुर

  • महाराज अग्रसेन जयंती का सादगी पूर्ण आयोजन सराहनीय – सुनील अग्रवाल

    महाराज अग्रसेन जयंती का सादगी पूर्ण आयोजन सराहनीय – सुनील अग्रवाल

    खरसिया। कुल प्रवर्तक महाराज अग्रसेन के आदर्शों को प्रासंगिक बताते हुए पत्रकार संघ के सचिव सुनील अग्रवाल ने कहा कि खरसिया़ की अग्रसेन जयंती की भव्यता ऐतिहासिक रही है। कोरोना संकट की वजह से इस वर्श समाज के वरिष्ठ जनो ने जयंती को सादगी पूर्ण रूप से मनाने का निर्णय लिया है जो सराहनीय है। आयोजन समिति ने डिजिटल जयंती हेतु ऑन लाइन कार्यक्रम आयोजित किये है इन आयोजनों में समाज के लोग शामिल होकर महाराज अग्रसेन जयन्ती में अपनी सहभागिता दर्ज करा रहे है।

    अग्र समाज का गौरवशाली इतिहास

    अग्रवाल समाज के आराध्य महाराज अग्रसेन की जयंती सादगी पूर्ण मनाये जाने के निर्णय को स्वागतेय बताते हुए सुनील अग्रवाल ने बताया की महाराज अग्रसेन की तपस्या से प्रसन्न होकर माँ लक्ष्मी ने उन्हे दर्शन देकर नया राज्य बनाने का निर्देश दिया उस नये राज्य का नाम अग्रेयगण या अग्रोदय रखा गया उसी जगह पर अग्रोदय की राजधानी अग्रोहा की स्थापना की गई। यह जगह आज के हरियाणा के हिसार के पास हैं आज भी यह स्थान अग्रवाल समाज के लिए पांचवे धाम के रूप में पूजा जाता है, वर्तमान में अग्रोहा विकास ट्रस्ट ने बहुत सुंदर मन्दिर, धर्मशालाएं आदि बनाकर यहां आने वाले लोगो के लिए सुविधायें जुटा दी है। २४ सितंबर १९७६ में भारत सरकार द्वारा २५ पैसे का डाक टिकट महाराजा अग्रसेन के नाम पर जारी कर महाराजा अग्रसेन को भारत सरकार द्वारा सम्मानित किया गया। सन १९९५ में भारत सरकार ने दक्षिण कोरिया से ३५० करोड़ रूपये में एक विशेष तेल वाहक पोत (जहाज) खरीदा, जिसका नाम महाराजा अग्रसेन रखा गया। राष्ट्रीय राजमार्ग -१० का आधिकारिक नाम महाराजा अग्रसेन पर है। दिल्ली कनॉट प्लेस के पास हैली रोड में स्थित अग्रसेन बावली ६० मीटर लम्बी व १५ मीटर चैड़ी है जहां पुरातत्वीय स्थल और अवशेष अधिनियम १९५८ के तहत भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण की देखरेख में हैं। सन २०१२ में भारतीय डाक अग्रसेन की बावली पर डाक टिकट भी जारी किया गया है। ऐसे आराध्य देव की जयन्ती सादगी पूर्ण तरीके से मनाए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुये सुनील अग्रवाल ने कहा कि इस वर्श कोरोना महामारी के संक्रमण को देखते हुये इस रोग से बचना व बचाना पहली प्राथमिकता होनी चाहिए जिसका पालन करते हुये खरसिया नगरवासियों के द्वारा अग्रसेन जयंती को सादगी पूर्ण ढ़ंग से मनाया जा रहा है जो एक सराहनीय पहल होने के साथ साथ अन्य समाज के लिये एक आदर्श भी प्रस्तुत करेगा, सुनील अग्रवाल ने अपील की है कि अग्रसेन जयंती के दिन अपने अपने घरों के बाहर दीपक जरूर प्रज्वलित करें।

  • पुलिस विभाग में थोक में तबादले

    पुलिस विभाग में थोक में तबादले

    रायपुर। राज्य के अलग अलग जिलों में पदस्थ पुलिस अधिकारियों सहित 27 पुलिसकर्मियों को एंटी करप्शन ब्यूरों में पदस्थ किया गया है। जारी लिस्ट में एडिशनल एसपी, डीएसपी, निरीक्षक, एसआई, एएसआई सहित कई पुलिसकर्मियों के नाम शामिल है।

  • Microsoft ने एंड्रॉयड फोन यूजर्स को दी चेतावनी, जानिए क्या है मामला

    Microsoft ने एंड्रॉयड फोन यूजर्स को दी चेतावनी, जानिए क्या है मामला

    दिल्ली। अमेरिकी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने एंड्रॉयड यूजर्स को बड़ी चेतावनी दी है. कंपनी ने एक नए रैनसमवेयर का पता लगाया है जो एंड्रॉयड स्मार्टफोन को टारगेट कर रहा है. यह रैनसमवेयर मैलिशस एंड्रॉयड ऐप्स में छिपा रहता है और ऑनलाइन फोरम और वेबसाइट के जरिए फैल रहा है. कंपनी ने कहा है कि किसी वेबसाइट से ऐप्स डाउनलोड करते समय सावधानी बरतें।

    स्क्रीन को कर देता है लॉक

    कंपनी ने बताया कि यह रैनसमवेयर एंड्रॉयड यूजर्स को फोन स्क्रीन को ऐक्सिस करने से रोकता है. यह डिवाइस को इनक्रिप्ट नहीं करता. यह स्क्रीन को एक संदेश के साथ फ्रीज कर देता है. यह ‘कॉल’ नोटिफिकेशन का फायदा उठाते हुए इनकमिंग कॉल के समय सक्रिय हो जाता है. इसके अलावा यूजर जब होम बटन या रीसेंट ऐप बटन दबाता है तो स्क्रीन लॉक हो जाती है।

    ब्लॉक कर देता है डिवाइस का एक्सिस
    माइक्रोसॉफ्ट ने कहा, ”ज्यादातर एंड्रॉयड रैनसमवेयर से अलग यह नया थ्रेट फाइल्स को इनक्रिप्ट करके उनके एक्सिस को ब्लॉक नहीं करता. बल्कि यह रैनसमवेयर स्क्रीन पर मैसेज के साथ डिवाइस का एक्सिस ही ब्लॉक कर देता है. यह स्क्रीन हर विंडो में दिखती है, यानी यूजर फोन में कुछ और कर ही नहीं सकता. स्क्रीन पर एक थ्रेट मैसेज होता है और रैनसम को पैसे चुकाने के दिशा-निर्देश रहते हैं।”

    माइक्रोसॉफ्ट ने दी थी चेतावनी, हैकर्स के निशाने पर है अमेरिकी चुनाव
    हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने एक चेतावनी जारी कर कहा था कि रूस, चीन और ईरान से संबंध रखने वाले हैकर्स अमेरिका में आगामी राष्ट्रपति चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं. कंपनी के मुताबिक, ये हैकर्स चुनावी प्रक्रिया से जुड़े लोगों और समूहों की जासूसी कर रहे हैं. माइक्रोसॉफ्ट का दावा है कि साल 2016 के राष्ट्रपति चुनावों में चुनाव प्रचार को प्रभावित करने वाले रूसी हैकर्स ग्रुप एक बार फिर से एक्टिव हो गए हैं।

  • वाड्रफनगर घटना मामले में सरकार की बड़ी कार्रवाई, एसडीओपी और थाना प्रभारी निलंबित….

    वाड्रफनगर घटना मामले में सरकार की बड़ी कार्रवाई, एसडीओपी और थाना प्रभारी निलंबित….

    सरकार ने वाड्रफनगर मामले में कड़ा एक्शन लेते हुए वहां के एसडीओपी और रघुनाथपुर थाना के थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया है। विपक्ष द्वारा इस मामले में लगातार हमला किया जा रहा था और सरकार पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया जा रहा था। मुख्यमंत्री बुधवार को प्रदेश की कानून व्यवस्था के मसले पर गृह विभाग की बैठक ले रहे हैं। बैठक से पहले मुख्यमंत्री के निर्देश पर कार्रवाई की गई है।
    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज गृह विभाग की बैठक के पहले एक बड़ी कार्रवाई करते हुए महिला संबंधी अपराधों की विवेचना में लापरवाही बरतने पर वाड्रफनगर के एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल और थाना प्रभारी रघुनाथनगर जाॅन प्रदीप लकड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के तत्काल बाद पुलिस महानिदेशक डी.एम. अवस्थी द्वारा इस संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय सरगुजा रखा गया है।

    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा महिलाओं के विरूद्ध अपराधों की रोकथाम के लिए प्राथमिकता और पूरी गंभीरता से कार्य करने के निर्देश पूर्व में ही दिए गए है। मुख्यमंत्री ने गत दिनों छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र लिखकर यौन अपराधों से संबंधित प्रकरणों की शीघ्र सुनवाई के लिए सभी जिलों में आवश्यक संख्या में फास्ट ट्रैक कोर्ट अधिसूचित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने इसके लिए राज्य शासन की ओर से सभी आवश्यक सहयोग देने की सहमति भी दी है।

  • लोन मोरेटोरियम पर आम आदमी को बड़ी राहत, 15 नवंबर तक नहीं लगेगा ब्‍याज पर ब्‍याज…

    लोन मोरेटोरियम पर आम आदमी को बड़ी राहत, 15 नवंबर तक नहीं लगेगा ब्‍याज पर ब्‍याज…

    सुप्रीम कोर्ट ने लोन मोरेटोरियम मामले पर कहा कि इस सुविधा का फायदा लेने वाले लोगों को 15 नवंबर तक ब्‍याज पर ब्‍याज नहीं देना होगा. साथ ही कहा कि 15 नवंबर तक किसी का लोन अकाउंट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट घोषित नहीं किया जाएगा।

    दिल्‍ली। सुप्रीम कोर्ट ने लोन मोरेटोरियम मामले पर आम आदमी को बड़ी राहत दी है. शीर्ष अदालत ने कहा कि मोरेटोरियम सुविधा का फायदा लेने वाले लोगों को 15 नवंबर 2020 तक ब्‍याज पर ब्‍याज नहीं देना होगा. साथ ही कहा कि 15 नवंबर तक किसी का लोन अकाउंट नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) घोषित नहीं किया जा सकता क्‍योंकि हमने इस पर रोक लगा रही है. इससे पहले सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया व बैंकों के वकील हरीश साल्‍वे ने मामले की सुनवाई टालने का आग्रह किया. इसके बाद मामले की सुनवाई 2 नवंबर तक टाल दी गई है।

    केंद्र को 2 नवंबर तक स्‍कीम पर सर्कुलर जारी करने का निर्देश

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार को ब्‍याज पर ब्‍याज माफी स्‍कीम को जल्‍द से जल्‍द लागू करना चाहिए. इसके लिए केंद्र को एक महीने का वक्त क्यों चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने साथ ही कहा कि अगर सरकार इस पर फैसला ले लेगी तो हम तुरंत आदेश पारित कर देंगे. इस पर सॉलीसीटर जनरल ने कहा कि सभी लोन अलग-अलग तरीके से दिए गए हैं. इसलिए सभी से अलग-अलग तरीके से निपटना होगा. फिर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि ब्याज पर ब्याज माफी स्‍कीम को लेकर 2 नवंबर तक सर्कुलर लाया जाए. इस पर सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि सरकार 2 नवंबर तक ब्‍याज पर ब्‍याज माफी स्‍कीम को लेकर सर्कुलर जारी कर देगी।

    क्या है मामला- कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पूरे देश में लॉकडाउन लगाया था. उस समय उद्योग धंधे पूरी तरह बंद थे. इसीलिए कारोबारियों और कंपनियों के लिए कई मुश्किलें खड़ी हो गई. कई लोगों की नौकरियां चली गईं. ऐसे में लोन की किस्तें चुकाना मुश्किल था. ऐसे में रिजर्व बैंक ने लोन मोरेटोरियम की सहूलियत दी थी. यानी लोन पर किस्तें टाल दी गई थीं. किसी लोन पर मोरेटोरियम का लाभ लेते हुए किस्त नहीं चुकाई तो उस अवधि का ब्याज मूलधन में जुड़ जाएगा. यानी अब मूलधन+ब्याज पर ब्याज लगेगा. इसी ब्याज पर ब्याज का मसला सुप्रीम कोर्ट में है।

    पिछली सुनवाई में क्या हुआ- इसके पहले 5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने इससे जुड़े सभी हलफनामों को 12 अक्‍टूबर तक दाखिल करने का समय दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से कोविड-19 के मद्देनजर लोन रीस्‍ट्रक्‍चरिंग पर केवी कामथ सम‍ित‍ि की सिफारिशों के साथ इसे लेकर जारी विभिन्‍न तरह के नोटिफिकेशन और सर्कुलर जमा करने को कहा था. सरकार ने 2 करोड़ रुपये तक के लोन पर चक्रवृद्धि ब्‍याज माफ करने पर सहमति जताई है. उसने इसका बोझ खुद वहन करने का फैसला किया है।

  • सब्जियां बिगाड़ सकती हैं आपकी सेहत! FSSAI की रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा, MP में 25 फीसदी तो CG में 13.6 फीसदी नमूने जांच में फेल

    सब्जियां बिगाड़ सकती हैं आपकी सेहत! FSSAI की रिपोर्ट में चौकाने वाला खुलासा, MP में 25 फीसदी तो CG में 13.6 फीसदी नमूने जांच में फेल

    रायपुर। आप जिन सब्जियों को सेहत का खजाना मानकर खा रहे हैं कहीं वो आपकी सेहत तो नहीं बिगाड़ रहा है…ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि कि फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड अथ़ॉरिटी ऑफ इंडिया के सर्वे में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है..जिसमें ये बात सामने आई है कि देश में उगाई और बनाई जा रही करीब 9 फीसदी सब्जियों में लेड और कैडमियम जैसे हैवी मेटल्स की मात्रा, तय मात्रा से 2 से तीन गुना तक ज्यादा है।

    इनमें सबसे खतरनाक स्थिति मध्यप्रदेश की है…जहां सब्जियों के 25 फीसदी नमूनों में हैवी मेटल्स की घातक मात्रा पाई गई है। वहीं छत्तीसगढ़ में 13.6 फीसदी नमूनों में ये बात सामने आई है। आपको आसान भाषा में आगाह करें तो लेड और कैडमियम की घातक मात्रा आपको किडनी और किडनी की गंभीर बीमारियां दे सकती हैं। गंदे पानी और कीटनाशकों के ज्यादा इस्तेमाल ने इन सब्जियों जहरीला बना दिया है।

    FSSAI की रिपोर्ट में इन चीजों का खुलासा हुआ है —
    – देश में उपजाई और बेची जा रही 9.21% सब्जियों में लेड और कैडमियम
    – 9.21% सब्जियों में तय सीमा से हैवी मात्रा में लेड और कैडमियन
    – देश को पांच जोन में बांटकर किया गया अध्ययन
    – पत्ते वाली, फल वाली और जमीन के अंदर होने वाली सब्जियों की जांच
    – तीन किस्म की सब्जियों के 3323 नमूनों की जांच
    – सब्जियों के 306 नमूने यानि 9.21% फेल
    – मध्यप्रदेश में सबसे खतरनाक स्थिति
    – MP में सब्जियों के 25% नमूनों में हैवी मेटल्स की घातक मात्रा
    – MP में टमाटर में तय सीमा से 6 गुना ज्यादा लेड
    – MP में भिंडी में तय सीमा से 10 गुना ज्यादा लेड
    – भोपाल, इंदौर, सतना और जबलपुर से लिए गए थे 260 नमूने
    – छत्तीसगढ़ में 13.6% नमूने जांच में फेल

    कितनी प्रतिशत सब्जियां हुई फेल यहां देखिए
    मध्यप्रदेश 25.4%
    छत्तीसगढ़ 13.6%
    बिहार 10.6%
    गुजरात 8.7%
    चंडीगढ़ 8.2%
    महाराष्ट्र 6.9%
    राजस्थान 6.1%
    पंजाब 5.5%
    दिल्ली 2.4%
    हरियाणा 1.6%

  • लोन मोरेटोरियम पर अब और राहत नहीं, SC में केंद्र सरकार ने बताई वजह

    लोन मोरेटोरियम पर अब और राहत नहीं, SC में केंद्र सरकार ने बताई वजह

    लोन की EMI भुगतान टालने यानी मोरेटोरियम के मामले में अब सरकार और ज्‍यादा राहत देने के मूड में नहीं है. दरअसल, केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दिया है. इस हलफनामे में साफतौर पर कहा गया है कि सरकार ने विभिन्न सेक्टर्स को पर्याप्त राहत पैकेज दिया है. मौजूदा महामारी के बीच अब यह संभव नहीं है कि इन सेक्टर्स को और ज्यादा राहत दी जाए.

    वित्तीय नीतियों के मामले में हस्तक्षेप न करे कोर्ट

    इसके साथ ही केंद्र सरकार ने इस बात पर भी जोर दिया कि सुप्रीम कोर्ट वित्तीय नीतियों के मामले में हस्तक्षेप न करे. केंद्र ने ये भी कहा कि जनहित याचिका के माध्यम से क्षेत्र विशेष के लिए राहत की मांग नहीं की जा सकती. केंद्र सरकार के हलफनामे के मुताबिक 2 करोड़ तक के लोन के लिए ब्याज पर ब्‍याज (चक्रवृद्धि ब्याज) माफ करने के अलावा कोई और राहत राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और बैंकिंग क्षेत्र के लिए हानिकारक है.

    आपको बता दें कि बीते दिनों केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि 2 करोड़ रुपये तक के एमएसएमई, एजुकेशन, होम, कंज्यूमर, ऑटो लोन पर लागू चक्रवृद्धि ब्याज को माफ किया जाएगा. इसके अलावा क्रेडिट कार्ड बकाया पर भी ये ब्याज वसूली नहीं की जाएगी. लेकिन इसके बाद शीर्ष अदालत ने विभिन्न क्षेत्रों में उधारकर्ताओं के लिए राहत पर विचार करने के लिए सरकार को एक हफ्ते का वक्त दिया था.

    सुप्रीम कोर्ट ने की थी सख्त टिप्पणी
    बीते अगस्त महीने में सुप्रीम कोर्ट ने मोरेटोरियम मामले में केंद्र सरकार पर सख्त टिप्पणी की थी. कोर्ट ने कहा था कि केंद्र सरकार रिजर्व बैंक के पीछे छुपकर अपने को बचाए नहीं, इस बारे में हलफनामा दाखिल कर अपना रुख स्पष्ट करे. सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को फटकार लगाते हुए कहा था कि आप सिर्फ व्यापार में दिलचस्पी नहीं ले सकते. लोगों की परेशानियों को भी देखना होगा.  आपको यहां बता दें कि मोरेटोरियम के ब्याज पर ब्याज को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी.