रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार राज्य शासन के खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा सभी जिला कलेक्टरों को उनके जिले में प्याज की उपलब्धता तथा खुदरा बाजार मूल्य की निगरानी एवं पर्यवेक्षण के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
जिला कलेक्टरों को जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य स्तरीय प्राईस मॉनिटरिंग सेल में जिलों से आवश्यक वस्तुओं के बाजार भाव के विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि विगत 01 माह में प्याज के खुदरा बाजार मूल्य में अप्रत्याशित वृद्धि परिलक्षित हो रही है। सभी जिला कलेक्टर जिले में प्याज की उपलब्धता तथा खुदरा बाजार मूल्य की निगरानी एवं पर्यवेक्षण हेतु सतत कार्यवाही सुनिश्चित करें।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा जारी निर्देशों में कहा गया है कि प्याज के थोक एवं खुदरा व्यापारियों की तत्काल बैठक लेकर जिले में प्याज की उपलब्धता एवं मांग का आंकलन कर आवश्यकता अनुसार प्याज की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। जिला स्तर पर प्याज की दैनिक आवक एवं खपत की नियमित समीक्षा की जाए। अन्य राज्यों से प्याज के आयात, परिवहन एवं भंडारण संबंधी कोई समस्या हो तो इसका तत्काल निराकरण किया जाए। थोक व्यापारियों के विक्रय स्थल पर प्रतिदिन प्याज का उपलब्ध स्टॉक एवं थोक विक्रय मूल्य की जानकारी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित कराई जाए।
कलेक्टरों को कहा गया है कि जिले में उपलब्ध प्याज के थोक एवं खुदरा बाजार भाव का प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि आम लोगों को इस संबंध में जानकारी उपलब्ध हो सके और खुदरा व्यापारी अनावश्यक अधिक मूल्य पर प्याज का विक्रय न कर सके।
इसके अतिरिक्त आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम 2020 की धारा 3 (क) के प्रावधानों के अंतर्गत कोरोना संक्रमण के दृष्टिगत स्टाक लिमिट की आवश्यकता होने पर राज्य शासन को प्रस्ताव प्रेषित किया जाए। निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उपरोक्तानुसार कार्यवाही सुसंगत अधिनियमों के अंतर्गत सुनिश्चित की जाए।
Blog
-

राज्य सरकार प्याज की उपलब्धता पर सख्त, कलेक्टरों को निगरानी का दिया आदेश…
-

छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत के निज सचिव नियुक्त हुए, सेवानिवृत्त अपर कलेक्टर अशोक कुमार धृतलहरे…
सक्ती। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत के निज सचिव बनाये गए है सेवानिवृत्त अपर कलेक्टर अशोक कुमार लहरे। विगत कई वर्षों से जांजगीर जिला में पदस्थ थे, इसलिए जांजगीर जिला सहित छत्तीसगढ़ ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं की पूरी जानकारी उन्हें है। श्री लहरे के निज सचिव बनने से शक्ति विधानसभा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचलों का समस्याओं का निराकरण तत्काल हो सकता है, इसी आशा के साथ इन्हें छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष का निज सचिव बनाया गया है। श्री लहरें जी को ऐच्छिक पद वेतनमान केडर पे × 250 विशेष वेतनमान प्रतिमाह डॉ. चरणदास महंत विधानसभा अध्यक्ष छत्तीसगढ़ की पद अवधी तक (कोटर्मिनस) अथवा आगामी आदेश तक जो भी पहले हो अस्थाई रूप से नियुक्त किया गया है।
यह जानकारी वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता एवं अधिवक्ता गिरधर जायसवाल के द्वारा दी गई। श्री धृतलहरे की इस नियुक्ति पर शक्ति विधानसभा क्षेत्र के समस्त कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा उन्हें बधाई दी गई, शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष त्रिलोकचंद जायसवाल, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष श्यामसुंदर अग्रवाल, विधायक प्रतिनिधि आनंद अग्रवाल, अमित राठौर,उगेंद्र अग्रवाल पप्पू,सुरेश अग्रवाल, पिंटू ठाकुर, भाई महबूब खान, पप्पू अग्रवाल, सुदेश शर्मा, राजेश शर्मा, मुकेश अग्रवाल डीएम, अश्वनी देवांगन,एवम सोनू कुरैशी ने बधाई दी है।
-

छत्तीसगढ़ में कोरोना के वैक्सीनेशन की तैयारी शुरू, हेल्थ वर्कर्स को पहले मौका….
छत्तीसगढ़ के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार के कहने पर छत्तीसगढ़ में कोरोना के वैक्सीनेशन यानी टीकाकरण की तैयारी प्रारंभ कर दी गई है। छत्तीसगढ़ के लिए अंशुमान मोइत्रा को सीनियर प्रोजेक्ट आफिसर और कलेक्टरों को नोडल अधिकारी बनाया गया है। हेल्थ के पूरे अमले का जिला स्तर पर टीकाकरण किया जाना है। इसके लिए स्टाफ की लिस्ट बनाई जा रही है। अभियान कैसे पूरा किया जाएगा इसके लिए फॉर्मेट तय किया गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने छत्तीसगढ़ को इस बारे में पत्र लिखा है। इसमें टीकाकरण की गाइड-लाइन भी है। एसीएस रेणु जी. पिल्ले ने कलेक्टरों के साथ टीकाकरण की तैयारी शुरू कर दी है। अब जिले में काम करने वाले नियमित कर्मचारियों व संविदा अधिकारियों-कर्मचारियों की जानकारी एचआरएमआईएस पोर्टल में 25 अक्टूबर तक अपडेट करने कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग के अलावा मेडिकल सेवा में लगे दूसरे विभागों में काम करने वाले हेल्थ वर्करों की सूची भी बनाई जा रही है।
हर कर्मचारी को मिलेगा यूजर आईडी व पासवर्ड
इस डेटा को 30 अक्टूबर को कोविड-19 वैक्सीनेशन बेनीफिशियरी मैनेजमेंट सिस्टम (सीवीबीएमएस) में अपलोड किया जाएगा। इसके लिए अलग से यूजर आईडी व पासवर्ड दिया जाएगा। इसके अलावा प्राइवेट हास्पीटल्स, स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों में काम करने वाले हेल्थ वर्कर्स की सूची भी बन रही है। इसे भी 30 अक्टूबर तक सीवीबीएमएस को भेजा जाएगा। इन्हें भी अलग से यूजर आईडी व पासवर्ड दिया जाएगा।हेल्थ अमले में राहत की सांस
प्रदेशभर में कोविड मरीजों की दिन रात देखरेख में जुटे हेल्थ अमले के लिए बड़ी राहत की खबर है कि वैक्सीनेशन का पहला मौका उन्हें दिया जा रहा है। सबसे अच्छी बात यह कि इसमें सरकारी-गैर सरकारी व सभी तरह के स्टाफ व संस्थाओं को शामिल किया गया है। मालूम हो कि केंद्र ने देश में 50 करोड़ वैक्सीन लाने का दावा किया है। इसमें से छत्तीसगढ़ को भी जरूरत के अनुसार वैक्सीन मिलने की संभावना है।ये होंगे शामिल
- मेडिकल कालेज, सुपर स्पेशलिटी हास्पिटल, सभी स्तर के अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, शहरी पीएचसी, हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर, कैंसर इंस्टीट्यूट एंड हास्पिटल, टीबी अस्पताल और क्लिनिक, डिस्पेंसरी, ट्राइबल हेल्थ सेंटर्स आदि।
- आयुष हॉस्पिटल्स और डिस्पेंसरी अस्पताल, नगरपालिका, नगर निगम, महानगर पालिका, निकायों के अस्पताल, मेटरनिटी होम, मदर एंड चाइल्ड केयर सेंटर्स, यूपीएससी, यूएचपी, अर्बन कम्युनिटी हेल्थ सेंटर्स आदि।
- जिला परिषद व पंचायतों द्वारा दी जा रही सुविधाओं
- राज्य सरकार के वे हेल्थ उपक्रम जो सूची में नहीं हैं।
हम तकनीकी मदद करेंगे : मोइत्रा
छत्तीसगढ़ के स्पेशल प्रोजेक्ट आफिसर अंशुमान मोइत्रा ने कहा कि इस अभियान में तकनीकी मदद करेंगे। तैयारियां चल रही हैं। जब भी वैक्सीन लांच होगी राज्य में काम शुरू हो जाएगा। -

डॉ राम विजय शर्मा को आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो सम्मान से नवाजा गया
चांपा। विगत दिनों डॉ विजय शर्मा शोधकर्ता, इतिहासकार, साहित्यकार, तहसीलदार, को हिंदी अखबार “प्रमुख वक्ता” द्वारा बलौदा तहसील के चांदी पहाड़ पर हनुमान मंदिर परिसर में ‘आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान डॉ राम विजय शर्मा को आदिवासी महाकवि कालिदास के विचारों तथा उद्देश्य एवं आदिवासी संस्कृति के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदर्शित किया गया। सम्मान पत्र “प्रमुख वक्ता” हिंदी अखबार के प्रधान संपादक श्री कुलवंत सिंह सलूजा के कर कमलों द्वारा प्रदर्शित किया गया, उल्लेखनीय है कि डॉ शर्मा ने आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो पर गहन शोध किया है, उनके शोध पत्र का कई अंतरराष्ट्रीय जनरल में प्रकाशन हुआ है। उन्होंने प्रमाणित किया है कि आदिवासी महाकवि कालिदास का जन्म 15 नवंबर 350 ई. को तथा निधन 15 मार्च 450 ई. को हुआ था। उनके पिता का नाम शिवदास पंडो और माता का नाम तारादेवी तथा उनका एक पुत्र था जिनका नाम भरत पंडो था। वे संस्कृत साहित्य के मूर्धन्य विद्वान थे तथा उन्होंने कई नाटकों तथा महाकाव्य की रचना की, उनके ग्रंथों में आदिवासी संस्कृति का विवरण उपलब्ध है। वे न केवल विश्वस्तरीय नाटककार तथा कवि थे, बल्कि महान आदिवासी संत भी थे। वे दया तथा प्रेम से ओतप्रोत भी थे। उन्होंने उस समय के उपेक्षित समाज यक्ष यक्षिणी को केंद्र बिंदु बनाकर मेघदूत की रचना की। उनके ग्यारह उपदेश हैं जो आदिवासी समाज के साथ-साथ सभी समाज एवं विश्व के लोगों के लिए अनुकरणीय है, उनके उपदेश ईस प्रकार हैं:-
1. जल जंगल और जमीन की रक्षा करो। 2. पहाड़ नदी और जंगल की पूजा करो। 3. बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान दो और संस्कृत शिक्षा पर सबसे अधिक ध्यान दो। 4. पत्नी को कटु वचन मत बोलो। 5. पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट मत करो। 6. पशु पक्षियों के साथ क्रूरता मत करो और उनका पालन पोषण करो। 7. आदिवासी समाज वनचर समाज की बोली भाषा की रक्षा करो। 8. गरीब आदिवासियों की सभी आदिवासी समाज मिलकर मदद करो। 9. वृद्धजनों के वचन का सम्मान करो। 10. सभी स्त्री का सम्मान करो। 11. घायल और बीमार मनुष्य और पशु पक्षियों की सेवा करो।
इस अवसर पर चांदी पहाड़ के हनुमान मंदिर और गौशाला के प्रबंधक स्वामी रामचरण दास जी एवं बाराद्वार के सामाजिक कार्यकर्ता बृज महंत को भी आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त अन्य प्रमुख व्यक्तियों को भी सम्मान पत्र दिए जाने की घोषणा की गई, जो समारोह में उपस्थित नहीं हो सके। उन्हें भारत सम्मान रायगढ़ के ब्यूरो चीफ श्री कैलाश आचार्य, श्री पुखराज यादव प्राज गरियाबंद, युवा पत्रकार श्री डिग्रिलाल जगत खरसिया, श्री गोपाल प्रसाद राठौर जांजगीर, खरसिया के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री सोम कुमार वहीदार, खरसिया के वरिष्ठ साहित्यकार श्री रामेश्वर प्रसाद राठौर, वरिष्ठ साहित्यकार श्री देवधर महंत झरना, खरसिया के पत्रकार सुनील अग्रवाल, अजय अग्रवाल, बमनिडिही के सामाजिक कार्यकर्ता श्री राजकुमार पटेल, मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुबेर सिंह बमनिडिही, सूर्य प्रताप शर्मा विधि छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय,चन्द्र प्रताप शर्मा विधि छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय,कु आस्था बल शर्मा विधि की छात्रा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर, क्रांतिदिल राय, किरण बल राय, आलोक राय, निखिल राय आदि शामिल है।
-

जब जिद्दी मकान मालिकों ने किया हिलने से इनकार, तो बनाने पड़े ऐसे मकान…
दुनिया में विकास बड़ी तेज से हो रहा है। जहां कभी खेत खलियान हुआ करते थे आज वहां बड़ी बड़ी इमारतें खड़ी हो गई हैं। हर जगह बडी तेजी से निर्माण चल रहा है। लेकिन इस विकास में अक्सर पुरानी चीजों की बलि चढ़ाई जाती है। पैसों के लालच में कुछ लोग आसानी से अपनी जमीन बिल्डरों के नाम कर देते है तो कुछ लोग मजबूरी में।

लेकिन कुछ लोग अपने घरों से इस तरह जुड़े होते है कि कोई कीमत उन्हे खरीद नहीं पाती। पैसों का लालच, जान से मारने की धमकी और ना जाने क्या-क्या सहने के बाद भी कुछ गिने चुने मकान मालिक अपने घर बिल्डरों को नहीं बेचते। आज हम ऐसे ही जिद्दी मकान मालिकों को बारें में बताने जा रहा है। जिन्हे कोई लालच कोई डर हिला नहीं पाया।
नेल हाउस

तस्वीर को देखकर लगता है कि इस घर के पास कोई धमाका हुआ होगा। जबकि ऐसा कुछ नहीं हुआ। बस इस घर के मालिक ने अपना घर बेचने से मना कर दिया। अपने घर को बचाने के लिए उस शख्स को 2 साल तक लोकल गवर्नमेंट से केस लड़ना पड़ा। घर खाली करवाने के लिए सरकार भी उसे काफी परेशान किया। घर का पानी, बिजली सब बंद कर दी गई। लेकिन इस घर के मालिक ने हार नहीं मानी। नदी से पानी लाया, मोमबत्ती से काम चलाया लेकिन घर खाली नहीं किया। और अंत मे बिल्डर को हार माननी पड़ी।
ऑस्टिन स्पृग्ग्स

घर सिर्फ ईंट पत्थर से बना मकान नहीं होता, बल्कि यादों से भरा होता है। ऐसे में किसी और के सपने को पूरा करने के लिए अपने सपनों का घर कैसे छोड़ दें। ऐसा ही किया था अमेरिका के ऑस्टिन स्पृग्ग्स ने। ऑस्टिन के घर के लिए लोग उन्हे करोड़ो रुपय देने के लिए तैयार थे लेकिन ऑस्टिन ने कभी हामी नहीं भरी। ऑस्टिन का घर खरीदने के लिए उसके सभी अरमानों को पूरा करने का वादा किया गया लेकिन ऑस्टिन अड़ा रहा। बिल्डर भी काफी जिद्दी था उसने ऑस्टिन के पास की एक जमीन खरीदकर वहाँ एक बड़ी बिल्डिंग खड़ी कर दी। जिसके बाद साल 2011 में ऑस्टिन ने अपना घर 7.5 लाख डॉलर मे बेच दिया।
मैक्सीफिल्ड

ये घर अमेरिका के फ़ेमस शहर न्यूयॉर्क में है। यहां घर खरीदना कोई आसान काम नहीं है। और जिसके पास घर है वो बेचना नहीं चाहता। यहां एक मॉल है जो बीच के हिस्से मे खाली है। उस खाली जगह में एक छोटा सा घर है। जब इस जगह पर मॉल बनाया गया, तब इस घर के मालिक को करोड़ो रुपय का ऑफर दिया गया लेकिन मालिक ने इसे साफ बेचने से मना कर दिया। बिल्डर्स ने उस खाली जगह को छोडकर बाकी जगह पर एक मॉल खड़ा कर दिया। बाद में उस घर के मालिक की दोस्ती उस कॉन्ट्रैक्टर से हो गयी और जब वो मर गए तो उसका घर कॉन्ट्रैक्टर को दे दिया गया। क्योंकि यही उस घर के मालिक की आखिरी इच्छा थी।
लुओ बौगेन

चाइना में एक सड़क को दो हिस्सों मे बाटना पड़ा। क्योंकि जिस जगह से सड़क को जाना था, वह पर एक घर बना हुआ था। 5 मंजिल का घर सड़क के बीच में आ रहा था। लेकिन घर के मालिक ने घर छोड़ने से मना कर दिया। चीन की सरकार की तरफ से भी मकान मालिक को समझाया गया लेकिन वो नहीं माने और सरकार को छुकना पड़ा।
ऑस्ट्रेलिया हाउस

ये हाउस ऑस्ट्रेलिया मे मेल्बर्न मे स्थित है। जहां एक बिल्डर ने पूरी कॉलोनी खरीद ली लेकिन ये मकान नहीं खरीद पाया। करोड़ों रुपये का लालच देने के बाद भी घर के मालिक ने घर नहीं बेचा। बिल्डर यहां पर शॉपिंग मॉल बनाना चाहता था लेकिन मकान मालिक के ज़िद्द के आगे उसकी एक ना चली।
ट्रम्प हाउस

ये तो सब जानते है कि अमेरिका के प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प का नाम दुनियाभर के बड़े बिल्डर्स में गिना जाता था। लेकिन इस मकान मालिक ने उन्हें भी मकान खाली करने से माना कर दिया था। ट्रम्प ने कई बड़े टावर बनावाये जिनमें से एक है न्यूयॉर्क मे बना ट्रम्प टावर। लेकिन वह उस टाअर के नीचे बने हुए एक घर को नहीं हटा पाये।
फ़्लाइओवर के नीचे

हंगरी का अजीबो गरीब घर जो एक फ़्लाइओवर के नीचा बना हुआ है। फ्लाइओवर बनते समय मकान मालिक ने घर हटाने के बात से साफ इंकार कर दिया। तब हंगरी की सरकरर ने उस घर के ऊपर से ही फ़्लाइओवर बना दिया। सरकार ने उन्हे बहुत समझाने की कोशिश की लेकिन वो नहीं माना। आपको ये जानकार हैरानी होगी की वहाँ मकान मालिक अपने पूरे परिवार के साथ रहते है।
रोड के बीच झोपडी

घर बड़ा हो ये छोटा भावनाएं तो एक जैसी ही होती है और इसका उदाहरण है ये रोड़ के बीच बनी झोपड़ी। चीन की सरकार भी इस झोपड़ी को नहीं हटा पाई। झोपड़ी के पास ही बड़ा पैलेस है जहां बहुत बड़े बड़े लोग काम करने आते हैं। इस झोपड़ी को हटाने का मामला कोर्ट तक पहुंचा लेकिन सरकार को हार का सामना करना पड़ा। नए घर देने की बात कही, पैसे देने की बात की, लेकिन वो झोपड़ी वाला माना ही नहीं। आज भी यह घर ऐसे ही बीच सड़क पर है।
-

छत्तीसगढ़ को दवा हब बनाने की तैयारी….
रायपुर। छत्तीसगढ़ को अब दवा हब बनाने की दिशा में पहल शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के संसदीय सचिव विनोद चंद्राकर ने खाद्य एवं औषधी विभाग को पत्र लिखकर दवा हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ने का निर्देश दिया है। इसके लिए देश-विदेश की बड़ी दवा कंपनियों से संपर्क किया जाएगा। प्रदेश में दवा उद्योग के शुरू होने से न सिर्फ हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि दवा की गुणवत्ता पर भी नियंत्रण होगा। इसके साथ ही दवाओं और खाद्य पदार्थों की जांच के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला बनाने की भी तैयारी शुरू की गई है। प्रदेश में नकली दवा के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए प्रयोगशाला एक कारगर कदम होगा।
विनोद चंद्राकर ने कहा कि छत्तीसगढ़ में दवा उद्योग में अपार संभावना है। कांग्रेस ने घोषणा पत्र में भी वादा किया था कि युवाओं को रोजगार के लिए स्थानीय स्तर पर अवसर पैदा किया जाएगा। प्रदेश में अमानक खाद्य पदार्थों और सब्जियों की जांच के लिए कोई प्रयोगशाला नहीं है। सब्जियों में रासायनिक प्रदार्थों की मात्रा का पता लगाने और सब्जियों की पैदावार को बढ़ाने के लिए स्टेरायड का इस्तेमाल किया जा रहा है। जांच लैब नहीं होने के कारण आम आदमी को हानिकारण पदार्थों का सेवन करना पड़ रहा है। नकली खोवा और अन्य सामग्री की जांच में लंबा समय लगने के कारण आरोपी बच जाते हैं। इसके साथ ही खाद्य एवं औषधी विभाग में निरीक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती और पदोन्नति के बारे में भी पत्र लिखा है। चंद्राकर ने कहा कि विभाग में पूरा अमला होने के बाद नकली और जहरीले खाद्य पदार्थों और दवाओं पर कार्रवाई में भी तेजी आएगी। -

क्या सोनमणि बोरा राजभवन और सरकार के बीच दीवार बन गए थे?
रायपुर। क्या सोनमणि बोरा राजभवन और सरकार के बीच दीवार बन गए थे, इस आशय की चर्चा प्रशासनिक हल्कों में चल रही है। जानकार बताते हैं कि विदेश से लौटने के बाद हाव भाव और तेवर कुछ इस तरह के थे कि सरकार के लोगों को रास नहीं आया और महीने भर तक बिना विभाग के रहे। चर्चा है कि आईएएस के 98 बैच के अफसर हमेशा अपनी पोस्टिंग को बाकी अफसरों की तुलना में ज्यादा महत्त्वाकांक्षी रहे। यही वजह है कि वे सत्ताधीशों के ज्यादा निकट रहने की कोशिश करते थे। राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री उनके लिए अंकल रहे, तो डॉ रमन सिंह के गृह जिले कवर्धा कलेक्टर रहते घर परिवार के लोगों से भी काफी निकटता रही।इन सब वजहों से भी उन्हें मनचाही पोस्टिंग मिलती रही। वे रायपुर, बिलासपुर जैसे बड़े जिलों के भी कलेक्टर रहे। आमतौर पर उनका कामकाज सामान्य ही रहा। लेकिन सचिव बनने के बाद जलसंसाधन विभाग जैसी अहम जिम्मेदारियां मिलती गई। अमेरिका अध्ययन अवकाश से लौटे तो सरकार बदल गई थी।नए लोगों के साथ तालमेल बिठाने में समय तो लगता ही है। बोरा ने पंचायत, जलसंसाधन और पीडब्ल्यूडी जैसे विभागों में काम करने की इच्छा जताई। वे सीएम से मिले और जलसंसाधन मंत्री रविन्द्र चौबे से मिले। सिर्फ जलसंसाधन विभाग में जूनियर अफसर अविनाश चंपावत थे इसलिए वहां संभावना ज्यादा थी लेकिन चौबे चंपावत को बदलने के पक्ष में नहीं थे ।अतएव महीने भर उन्हें खाली रहना पड़ा। बाद में उन्हें उच्च शिक्षा विभाग के साथ ही साथ पर्यटन विभाग का अतिरिक्त प्रभार मिला तो वे संतुष्ट नहीं थे। चर्चा तो यह कि उन्होंने खुद होकर राज्यपाल के सचिव बनने की इच्छा जताई थी लेकिन सरकार ने उनकी इच्छा नुसार राजभवन में पोस्टिंग तो कर दी, लेकिन बाकी विभाग उनसे ले लिया। कोरोना संक्रमण के शुरुआती दौर में उन्हें श्रम विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया, लेकिन काम से ज्यादा प्रचार भी मिलता रहा। सरकार ने उस दौरान कुछ और आई ए एस अफसरों को वहां लगाया तब कहीं जाकर व्यवस्था संभाली। राज्यपाल के सचिव के रूप में सरकार के लोग पहले के सचिव एसके जायसवाल को ज्यादा बेहतर मानते हैं। बोरा के रहते सरकार को असुविधा का सामना करना पड़ा।जब उन्होंने केन्द्र सरकार में जाने की इच्छा जताई, तो सरकार ने बिना एक पल देरी किए उन्हें अनुमति दे दी।संभव है कि पिछली सरकार के नजदीकियों के चलते अच्छी पोस्टिंग मिल जाए, लेकिन यहां उनको लेकर अच्छी धारणा नहीं बन पाई है।कम से कम उनके संसदीय कार्य मंत्रालय जैसे हल्के विभाग को देखकर ऐसा ही लगता है।
-

इन नियमों के साथ रायपुर में सामाजिक कार्यक्रमों में धुमाल एवं बैंड बजाने की अनुमति शर्तों के अधीन….
रायपुर। रायपुर जिले के अंतर्गत सामाजिक कार्यक्रमों के दौरान धुमाल और बैंड को बजाने की अनुमति शर्तों के अधीन दी गई है। अपर कलेक्टर ने इस संबंध में आदेश जारी किया है। वही आदेश के मुताबिक धुमाल व बैंड बजाने वालों की कुल संख्या 10 लोगों से ज्यादा नहीं होगी। जबकि साउंड बॉक्स बजाने की अनुमति नहीं होगी। सार्वजनिक रोड पर नहीं बजाया जा सकेगा। केवल कार्यक्रम के नियत स्थान पर बजाने की अनुमति दि गई हैं। अधिकतम समय रात्रि 10:00 बजे तक मान्य होगी।

जिस क्षेत्र में धुमाल या बैंड बजाया जाना है, उसके पूर्व क्षेत्र के थाना प्रभारी को पूर्व सूचना देना होगा। ये नियम धुमाल बैंड के बजाने वालों में सम्मिलित होने वाले समस्त व्यक्तियों की थर्मल स्क्रीनिंग कराया जाना, मास्क पहनना, समय-समय पर हैंड सैनिटाइजर का उपयोग करना, फिजिकल डिस्टेंसिंग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, व्यक्तियों के मध्य कम से कम 2 मीटर 6 फीट दूरी रखना अनिवार्य होगा।
-

मरवाही उपचुनाव में नया समीकरण’ अमित व ऋचा जोगी का नामांकन निरस्त, पत्रकार वार्ता में अमित का आरोप’ राज्य सरकार के इशारे पर कार्रवाई…
गौरेला पेंड्रा मरवाही। मरवाही उपचुनाव में आज बड़ा उलटफेर देखने में तब आया जब जेसीजे पार्टी के प्रत्याशी के नामांकन को निरस्त कर दिया गया।
मरवाही के पूर्व विधायक व जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने अपने और अपनी पत्नी ऋचा जोगी के नामांकन को निरस्त किये जाने को राज्य सरकार के इशारे पर की गई कार्रवाई बताया। इधर जोगी परिवार के दोनों प्रत्याशियों के मैदान से बाहर हो जाने के बाद एक जनपद सदस्य पुष्पा तंवर को पार्टी का बी-फॉर्म दिये जाने की संभावना जताई जा रही है। अमित जोगी ने नामांकन निरस्त किए जाने को लेकर नाराज़गी व्यक्त की है। गौरेला में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे शुरू दिन से कहते आ रहे हैं कि जिला निर्वाचन अधिकारी यहां पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष की तरह कार्य करते आ रहे हैं। आज जिस तरह से मेरा नामांकन निरस्त किया गया उससे यह साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि प्रावधान है कि यदि किसी दस्तावेज का अध्ययन करना हो तो दावेदार को समय दिया जा सकता है। हमने दो दिन का समय मांगा था जो हमें नहीं दिया गया। हमें उच्च स्तरीय छानबीन समिति के उस आदेश को पढऩे भी नहीं दिया गया, जिसमें हमारे जाति प्रमाण पत्र को निरस्त किया गया। अमित जोगी ने कहा कि वे पहले ही चुनाव लड़ने से रोकने के लिये अपनाये जा रहे हथकंडे को लेकर आशंकित थे और वे कोर्ट जा चुके हैं। निर्वाचन अधिकारी की अदालत अंतिम नहीं है वे न्याय के लिये देश की सबसे बड़ी अदालत में जा रहे हैं जरूरत पड़ी तो हम निर्वाचन को ही रद्द करायेंगे।पूर्व मुख्यमंत्री स्व. अजीत जोगी के निधन से रिक्त हुई मरवाही सीट पर अब जकांछ की ओर से कौन प्रत्याशी होगा, इस पर पार्टी की ओर से कोई खुलासा नहीं किया गया है। सूत्रों के मुताबिक जनपद सदस्य पुष्पा तंवर को पार्टी उम्मीदवारी दे सकती है। ज्ञात हो कि मरवाही में 3 नवंबर को होने वाले मतदान के लिये जमा नामांकन पत्रों की आज स्क्रूटनी गौरेला स्थित जिला निर्वाचन कार्यालय में हुई। छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस को सबसे पहला झटका तब लगा जब कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से राज्य स्तरीय जाति छानबीन समिति द्वारा दी गई रिपोर्ट के आधार पर अमित जोगी द्वारा प्रस्तुत जाति प्रमाणपत्र के शून्य होने की जानकारी दी। निर्वाचन अधिकारी ने कुछ देर समय लेने के बाद अमित जोगी का नामांकन निरस्त कर दिया। इसके बाद ऋचा जोगी का नामांकन भी रद्द कर दिया। उनका गोंड जाति प्रमाणपत्र बीते दिनों मुंगेली की सत्यापन समिति ने निलम्बित कर दिया था। निर्वाचन अधिकारी ने कहा है कि उनका नामांकन विधि सम्मत नहीं है। कांग्रेस की ओर से दलील दी गई कि निलंबित जाति प्रमाणपत्र का इस्तेमाल कर चुनाव नहीं लड़ा जा सकता। -

दुष्कर्म के आरोपी TI का नाटकीय सरेंडर, न्यायालय ने भेजा जेल, एक साल से थे फरार….
दुष्कर्म के आरोपी तत्कालीन पत्थलगांव TI ओम प्रकाश ध्रुव ने अंततः रायगढ़ जिले न्यायालय में समर्पण कर दिया। ध्रुव पर रायगढ़ के ही एक महिला के यौन शोषण का आरोप था और स्थानीय कोतवाली में उनके खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।
पत्थलगांव TI रहते हुए एक महिला को शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में अंततः फरार TI ओमप्रकाश ध्रुव ने शुक्रवार की शाम रायगढ़ कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया है। न्यायालय ने उन्हें जेल भेज दिया। बताया जाता है कि शुक्रवार को कोर्ट के करीब अंतिम समय में आत्मसमर्पण किया गया है।ध्रुव के खिलाफ रायगढ़ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी इसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। मामले की जांच का जिम्मा रायगढ़ SP संतोष कुमार सिंह को दिया गया था । लगभग साल भर फरार रहने के बाद उन्होंने सरेंडर किया है।