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  • लोकसभा में पास हुआ, वोटर ID को आधार से जोड़ने वाला चुनाव कानून संशोधन विधेयक….

    लोकसभा में पास हुआ, वोटर ID को आधार से जोड़ने वाला चुनाव कानून संशोधन विधेयक….

    दिल्ली। लोकसभा में भारी हंगामे के बीच चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक 2021 पास हो गया. विपक्ष ने संसद में इस विधेयक की गंभीरता पर कई सवाल उठाए. कांग्रेस ने विधेयक को संसद की स्थायी समिति को भेजने की मांग भी की. वहीं संसद में केंद्रीय मंत्री ने रिजिजू ने विपक्ष के विरोध को खारिज करते हुए कहा कि आधार और वोटर कार्ड को लिंक करने से फर्जी वोटर्स पर लगाम लगेगी. इसके साथ ही वोटर्स की संख्या में भी इजाफा होगा. बता दें कि अब यह विधेयक राज्यसभा मे पेश किया जाएगा।

    इस विधेयक में आधार को मतदाता सूची से जोड़ने का प्रावधान है. यह विधेयक मतदाता सूची डेटा (वोटर कार्ड) को आधार से जोड़ने की अनुमति देता है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने भी लोकसभा में इस विधेयक पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि आधार सिर्फ निवास का प्रमाण होना है, यह नागरिकता का प्रमाण नहीं है. अगर आप मतदाताओं से आधार मांग रहे हैं, तो आपको केवल एक दस्तावेज मिल रहा है जो नागरिकता नहीं, उसका निवास बताता है. अगर सरकार ऐसा कर रही है तो आप संभावित रूप से देश में गैर-नागरिकों को वोट करने का अधिकार दे रहे हैं।

  • नहीं रहे शैलेश शर्मा, नम आँखों से नगरवासियों ने दी अंतिम बिदाई…

    नहीं रहे शैलेश शर्मा, नम आँखों से नगरवासियों ने दी अंतिम बिदाई…

    खरसिया। खरसिया के वरिष्ठ पंडित श्री रामनिवास शर्मा के सुपुत्र व खरसिया के कांग्रेस नेता गोपाल शर्मा (पत्रकार ) के बड़े भाई शैलेश शर्मा ( सल्लु ) का 16 दिसंबर को आकस्मिक निधन 50 वर्ष की उम्र में हो गया। वे अपने पीछे एक पुत्र एक पुत्री सहित भाई बन्धुओ का रोता बिलखता परिवार छोड़ चले गए। जिनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को सुबह 8.30 बजे खरसिया के मौहपाली रोड़ स्थित मुक्तिधाम में किया गया। उनके निधन से ब्राम्हण समाज एवं नगर में शोक की लहर रही। उनकी अंतिम संस्कार में सभी समाज के लोग शामिल रहे और उन्हें अश्रुपूरित नेत्रों से अंतिम विदाई दी।

    धार्मिक तथा सामाजिक कार्यक्रमों में सदैव अग्रणी रहने वाले मिलनसार युवा शैलेश शर्मा का असामयिक निधन गुरुवार की शाम करीब 6:00 बजे सड़क दुर्घटना में हो गया। बताया जा रहा है कि राष्ट्रीय राजमार्ग 49 में बानीपाथर ओवरब्रिज के समीप यह अप्रिय दुर्घटना घटित हुई। वहीं शुक्रवार को स्थानीय मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। 50 वर्ष की अल्पायु में हुए इस दुखद निधन पर हर किसी की आँखें नाम थी । नगर के बोल बम सेवा समिति , प्रेस क्लब, मारवाड़ी युवा मंच , श्याम कुटुंब सहित अन्य सामाजिक संस्थाओं तथा कांग्रेस भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई देते हुए स्वजनों को इस दुख की बेला में धैर्य प्रदान करने हेतु परमपिता से प्रार्थना की है। प्रेस क्लब खरसिया के अध्यक्ष राम नारायण सोनी तथा सचिव सुनील अग्रवाल ने सल्लू शर्मा के निधन पर शोक प्रकट करते हुए कहा कि मेरे प्रिय सल्लू शर्मा के आकस्मिक निधन का समाचार मेरे लिए अत्यंत ह्रदय विदारक तथा पीड़ादायक  है। मैं  ईश्वर से प्राथना करता हूं कि सभी चाहने वालो तथा परिजनों को इस असहनीय दुख को सहने की शक्ति प्रदान करे।

  • छत्तीसगढ़ में अब हुक्का बार संचालन पर जेल, 50 हजार जुर्माना, विधानसभा में विधेयक पारित….

    छत्तीसगढ़ में अब हुक्का बार संचालन पर जेल, 50 हजार जुर्माना, विधानसभा में विधेयक पारित….

    रायपुर। राज्य में हुक्का बार पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। बुधवार को विधानसभा ने इसके लिए संशोधन विधेयक को पास कर दिया है। अब हुक्का बार चलाना अपराध होगा। पकड़े जाने पर तीन साल तक की सजा और 50 हजार तक जुर्माना देना पड़ेगा। हुक्का पीते हुए पकड़े जाने पर पांच हजार तक जुर्माना देना पड़ेगा। विधानसभा में इस संबंध में बुधवार को ध्वनि मत से कानून पारित हुआ। विधि मंत्री मोहम्मद अकबर ने हुक्का बार पर प्रतिबंध लगाने के लिए विधेयक प्रस्तुत किया। इसके अंतर्गत हुक्का बार के साथ-साथ रेस्टोरेंट या कैफे में हुक्का बार चलाना अपराध होगा। सब इंस्पेक्टर रैंक के पुलिस या आबकारी अधिकारी इस पर कार्रवाई कर सकेंगे। साथ ही, सामान जब्त करने का अधिकार होगा। विधानसभा से पारित इस विधेयक को राज्यपाल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। वहां से अनुमति मिलने के बाद यह कानून का रूप ले लेगा।

    इस पर चर्चा के बाद ध्वनि मत से कानून पारित हो गया। इसी तरह वाणिज्यकर मंत्री टीएस सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ माल व सेवा कर संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जीएसटी कानून पारित होने के बाद कई तरह की कमियां थीं। इसे बार-बार जीएसटी कौंसिल के समक्ष रखा गया। इस पर सहमति के बाद संशोधन विधेयक लाया गया है। यह संशोधन भी ध्वनि मत से पारित किया गया। इसी तरह उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक के अंतर्गत कुलपति की आयु सीमा 70 करने और आदिम जाति कल्याण मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने ओबीसी आयोग में उपाध्यक्ष का पद स्वीकृत करने के संबंध में संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया, जो ध्वनि मत से पारित हो गया। इन राज्यों में है हुक्का बार पर रोक गुजरात, पंजाब और महाराष्ट्र में हुक्का बार पर पहले से रोक है।

  • क्या ‘मिस यूनिवर्स’ में दूसरे ग्रहों के भी लोग भाग लेते हैं?

    क्या ‘मिस यूनिवर्स’ में दूसरे ग्रहों के भी लोग भाग लेते हैं?

    मिस यूनिवर्स सोशल मीडिया पर आज ग़ज़ब ट्रेंड कर रहा है. लाज़मी भी है. पंजाब की हरनाज़ कौर संधू 2021 की मिस यूनिवर्स बन गईं. 21 साल बाद ये खिताब किसी भारतीय ने जीता है. इनसे पहले 2000 में लारा दत्ता ने ये खिताब जीता था. हरनाज़ चंडीगढ़ की रहने वाली हैं. 21 साल की हैं, तो हेडलाइन चली, “21 साल बाद मिस यूनिवर्स का ताज घर लाईं 21 साल की हरनाज़.” खबर आने के बाद ट्विटर पर ‘प्राऊड मोमेंट’ और ‘कॉन्ग्रेचुलेशन इंडिया’ जैसे ट्वीट भर-भर के आए।

    ऐसे ही ट्वीट आए थे 2018 में, जब मानुषी चिल्लर मिस वर्ल्ड जीती थीं. अब सोचने वाली बात यह है की मिस वर्ल्ड और मिस यूनिवर्स में ज़्यादा भौकाल किसका है? पब्लिक परसेप्शन तो यही है कि मिस यूनिवर्स, मिस वर्ल्ड से बड़ी तोप है. क्योंकि वर्ल्ड मतलब अपनी पृथ्वी. धरती कह लीजिए. और यूनिवर्स मतलब ब्रह्मांड. जहां धरती के अलावा अनगिनत ग्रह, उपग्रह, तारे और बहुत कुछ है. इस लॉजिक से तो मिस यूनिवर्स में अलग-अलग ग्रहों से लोग भाग लेने आते होंगे. पर ऐसा नहीं है. क्योंकि धरती के अलावा किसी और ग्रह पर जीवन होना तो दूर, उसकी संभावना पर भी आज तक प्रश्नचिह्न लगा हुआ है. तो फिर मिस यूनिवर्स का खिताब किस हिसाब से दिया जाता है।

    किसका भौकाल ज़्यादा है?

    हम स्कूल में खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेते थे तो डिस्ट्रिक्ट, ज़ोनल, स्टेट, नैशनल, इंटरनैशनल के आधार पर लेवल बंटे थे. यहां तक तो बात समझ में आती थी. लेकिन यह कौन सी प्रतियोगिता है जिसमें इंटरनैशनल भी है, वर्ल्ड भी है और यूनिवर्स भी? कंफ़्यूज़न कम नहीं था कि मिस अर्थ नाम से भी एक टाइटल है।

    मिस यूनिवर्स, मिस वर्ल्ड, मिस इंटरनैशनल और मिस अर्थ ब्यूटी प्रतियोगिताए हैं, जिनमें अलग-अलग मानकों के हिसाब से हर साल एक विजेता चुना जाता है. इसके अलावा कई देशों के भी अपने नाम से टाइटल्स हैं, जैसे मिस इंडिया, मिस यूके, मिस यूएसए।

    एक सीधी बात जानिए. बड़ा-छोटा जैसा कोई कंसेप्ट नहीं है, फ़र्क़ केवल ऑर्गनाइज़र्स का है

    क्या अलग है और क्या है एक जैसा?

    अच्छा आपको क्या लगता है. ये जो ऐसे खिताब जीतते हैं, उनको क्या मिलता है? मतलब जीके के सवाल बनने और इतिहास में नाम दर्ज कराने के अलावा? ऐसी प्रतियोगिताओं के विजेता का बक़ायदा टेन्योर होता है. प्रधानमंत्री जैसा. लेकिन 5 साल का नहीं, 1 साल का. एक अच्छा ख़ासा वेतन मिलता है. हालांकि ऑर्गनाइज़र्स नकद पुरस्कार के बारे में चुप्पी साधे रहते हैं. बताया जाता है कि मिस यूनिवर्स को न्यूयॉर्क शहर में और मिस वर्ल्ड को लंदन में एक साल के लिए अपार्टमेंट मिलता है. अपार्टमेंट में अपने एक साल के प्रवास के दौरान किराने का सामान, परिवहन और सहायकों की एक टीम, मेकअप कलाकार, हेयर आर्टिस्ट, जूते, कपड़े, गहने, स्किन केयर, पेशेवर स्टाइलिंग, पोषण जैसी तमाम सेवाएं मिलती हैं. वर्ल्ड ट्रिप भी मिलता है. मुफ़्त।

    ऐसी प्रतियोगिताओं के कई राउंड्स होते हैं. इनमें पार्टिसिपेट करने के लिए पहले नैशनल लेवल पर जीतना होता है. हर देश में इसे लेकर लोकल लेवल पर कॉम्पिटिशन होता है. जो जीतता है, वो आगे जाता है।

    द बिग 4 या बिग लीग पेजेंट्स. यानी 4 सबसे बड़ी ब्यूटी प्रतियोगिताएं. सबके अपने प्रोसेस हैं. लेकिन सब में बेसिक फ़र्क़ क्या है?

    मिस वर्ल्ड

    अगर वरिष्ठता कोई पैमाना है, तो उस हिसाब से ‘मिस वर्ल्ड’, ‘मिस यूनिवर्स’ से एक साल बड़ी है. मिस वर्ल्ड सबसे पुरानी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता है. साल 1951 में इंग्लैंड में एरिक मॉर्ले ने शुरू की थी. 2000 में मॉर्ले की मृत्यु के बाद से उनकी पत्नी जूलिया मॉर्ले इस प्रतियोगिता की प्रेसिडेंटशिप कर रही हैं।

    मिस यूनिवर्स

    इस कॉम्पिटिशन को मिस यूनिवर्स नाम का ही एक संगठन करवाता है. 1952 में प्रतियोगिता की शुरुआत कैलिफोर्निया की एक कपड़ों की कंपनी पैसिफ़िक मिल्स ने की थी. आगे चलकर ये कंपनी पेजेंट कैसर-रोथ और फिर गल्फ और वेस्टर्न इंडस्ट्रीज़ का हिस्सा बन गई. अब इसमें एक मज़े की बात ये है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 1996 से 2015 तक इस संगठन के मालिक थे. फिर 2015 में मेक्सिकन्स के बारे में भड़काऊ टिप्पणियों के बाद ब्रॉडकास्टर्स एनबीसी और यूनिविज़न को हटा दिया गया था।

    मिस इंटरनेशनल

    इसे “मिस इंटरनैशनल ब्यूटी” भी कहा जाता है. इस प्रतियोगिता को टोक्यो की द इंटरनैशनल कल्चर एसोसिएशन आयोजित करता है. मिस इंटरनैशनल पहली बार 1960 में आयोजित की गई थी. वर्तमान मिस इंटरनैशनल थाईलैंड की सीरीथॉर्न लीरामवत हैं जिन्हें 12 नवंबर 2019 को टोक्यो, जापान में ताज पहनाया गया था. कोविड पैनडेमिक की वजह से अगले इवेंट की फ़ाइनल तारीख़ तय नहीं हो पा रही है।

    मिस अर्थ

    मिस अर्थ, थोड़ा कम कन्फ़्यूज़िंग है. कम से कम जो नाम है, उसके आसपास है. ये एक सालाना अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण-थीम वाली ब्यूटी प्रतियोगिता है जो पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कराई जाती है. ये प्रतियोगिता कैरोसेल प्रोडक्शंस नाम का संगठन मिस अर्थ फाउंडेशन के माध्यम से आयोजित करता है. पहला आयोजन 2001 में किया गया था. जाहिर है बाक़ी 3 के मुक़ाबले ये कॉम्पिटिशन नया है।

    मिस यूनिवर्स बड़ा क्यों?

    पब्लिक परसेप्शन ऐसा है कि मिस यूनिवर्स सबसे बड़ा है. ये क्यों बना? एक तो बेसिक कारण है. यूनिवर्स, वर्ल्ड से बड़ा है. दूसरा ये कि नैशनल लेवल पर होने वाले राउंड्स में जीतने वाले को मिस यूनिवर्स में और रनरअप को मिस वर्ल्ड में भेजने लगे. अब इससे संदेश ये गया कि मिस वर्ल्ड को लोग हल्के में लेते हैं, इसीलिए अपने बेस्ट को वहां नहीं भेजते. और इस तरह ये परसेप्शन बन गया कि चारों ब्यूटी कॉम्पिटिशन में मिस यूनिवर्स ही सबसे बड़ा है।

  • साप्ताहिक बंद को लेकर सभी व्यापारियों के साथ एक समान व्यवहार करें प्रशासन- अशोक अग्रवाल

    साप्ताहिक बंद को लेकर सभी व्यापारियों के साथ एक समान व्यवहार करें प्रशासन- अशोक अग्रवाल

    खरसिया। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार अशोक अग्रवाल ने नगर में साप्ताहिक बंद को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण की अधिकता के दौरान जिला प्रशासन एवं अनुविभागीय अधिकारी द्वारा नगर में सप्ताह में 1 दिन व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद कराने का निर्णय लिया गया था। जिसमें बंद किस दिवस हो इसको लेकर चेंबर से पूछा गया था, इसपर चेंबर ने नगर के व्यापारियों का मतदान कराकर रविवार का दिन सुनिश्चित किया था।

    अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में बंद के दौरान नगर के बड़े व्यापारियों की दुकाने खुली रहती है, जबकि छोटे व्यापारी प्रशासन के निर्देशो का पालन करते हुए दुकाने बंद रखकर आर्थिक नुकसान उठा रहे हैं। इन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है कि यदि कोरोना संक्रमण मे पर्याप्त कमी आ चुकी है तो व्यापारियों को बंद से मुक्त किया जावें अथवा शहर के सभी व्यापारियों के साथ एक समान व्यवहार करते हुए सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान समान रूप से बंद हो प्रशासन ऐसी व्यवस्था करें। अंत में इन्होंने यह भी कहा कि यदि नगर को बंद से मुक्त करने हेतु प्रशासन को चेंबर के किसी पत्र की आवश्यकता होगी तो हम पत्र लिखने को भी तैयार है।

  • नगर में लगातार हो रही चोरियों को लेकर मंत्री उमेश पटेल ने लगाई पुलिस अधिकारियों की क्लास…

    नगर में लगातार हो रही चोरियों को लेकर मंत्री उमेश पटेल ने लगाई पुलिस अधिकारियों की क्लास…

    खरसिया। नगर में हो रही लगातार चोरियों को लेकर क्षेत्रिय विधायक एवं उच्चशिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने पुलिस अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई साथ ही चोरी की घटनाओं पर रोक लगाते हुए शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में हुई चोरी का जल्द पता लगाने का निर्देश दिया।
    उच्चशिक्षा मंत्री उमेश पटेल ने कहा कि “खरसिया में पांच जगहों पर चोरी हुई है, उसी तरह ही पडोसी जिला जांजगीर चांपा अकलतरा एवं सक्ती में भी चोरी हुई है, लेकिन खरसिया में हुई पांच जगह चोरियां से ऐसा लग रहा है कि इस चोरी की घटना को कोई बाहरी व्यक्ति अंजाम दे रहा है। खरसिया में घटित हुई इन चोरी की घटनाओं को पता लगाने हेतु अभी खरसिया के लिये अन्य थानों एवं बटालियन से 35 पुलिस वाले यहां भेजे जा रहे है, वही 35 और यहां के 20 पुलिस कर्मी कुल 55 पुलिस वाले रात के गश्ती को अनिवार्य सिर्फ खरसिया में नहीं बल्कि खरसिया के आसपास के क्षेत्र में पुलिस निरंतर गस्ती करेंगें। जब तक इन चोरी की घटनाओं का पता नहीं लग जाता तब तक लखन पटेल एडिशनल एसपी खरसिया में ही कैंप करने के लिये निर्देशित किया गया है। चोरो का पता लगाने में रायगढ एसपी स्वयं लगातार घटना पर नजर बनाए हुए हैं तथा मै भी स्वयं संपूर्ण घटनाक्रम व विवेचना पर नजर बनाये रखा हॅूं तथा लगातार अपडेट ले रहा हॅूं। मुझे ऐसी उम्मीद है कि चोर जल्द ही पकडे जायेगे।” वहीं पुलिस अधीक्षक अभिषेक मीणा ने मीडिया से बात कहते हुए कहा कि हम इन चोरी की घटनाओं के हर पहलू को लेकर जांच पड़ताल कर रहे है। छोटी से छोटी तथ्यों को बारिकी से निरीक्षण किया जा रहा है। हमें पूर्ण उम्मीद है कि जल्द चोर पुलिस के गिरफ्त में होगें, वहीं प्रेस क्लब सचिव सुनील अग्रवाल के द्वारा कप्तान को चौकी तथा थाना में बल की कमी के संबंध में अवगत कराने पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि खरसिया में पर्याप्त बल उपलब्ध कराया जायेगा और देर रात जारी आदेश में खरसिया में एक प्रधान आरक्षक तथा तीन आरक्षकों का तबादला खरसिया कर दिया गया।


    देर रात चौकी प्रभारी का तबादला
    मंत्री के साथ बैठक के बाद देर रात पुलिस कप्तान ने आदेश निकालकर चौकी प्रभारी गंगा प्रसाद बंजारे का तबादला कर दिया। चौकी क्षेत्र में बढ़ रहे चोरियों को रोकने में विफल रहने पर चौकी प्रभारी का तबादला करते हुये एसपी ने नंद किशोर गौतम को पुनः खरसिया चौकी की कमान सौंपी है।

    नन्द किशोर गौतम


    अपराधों पर अंकुश लगाने में विफल है पुलिस – सतीश अग्रवाल
    भाजपा नगर मंड़ल अध्यक्ष सतीश अग्रवाल ने कहा कि मंत्री महोदय कह रहे हैं कि पड़ोसी जिले में भी चोरी की घटनाएं बढ़ी है, सरकार के मंत्री का एैसा बयान निराशाजनक है तथा उनके बयान से यह स्पष्ट है कि अपराधों पर अंकुश लगाने में पुलिस पूरी तरह विफल है, और मंत्री पडा़ेसी जिले में हो रही चोरियों की बात कहकर अपनी पुलिस की कमियों को छुपाने का प्रयास कर रहे है। वहीं मण्ड़ल अध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि अगर चोरी के आरोपियों को शीघ्र नहीं पकड़ा गया तो भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नेतृत्व में पुलिस के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया जावेगा।

  • सिविल अस्पताल में सफलतापूर्वक करायी गयी सिजेरियन ड़िलीवरी

    सिविल अस्पताल में सफलतापूर्वक करायी गयी सिजेरियन ड़िलीवरी


    खरसिया। सिविल अस्पताल में गुरूवार को नव पदस्थ स्त्रीरोग विषेशज्ञ ड़ॉ. संजय अग्रवाल ने अस्पताल में सिजेरियन कर सुरक्षित प्रसव कराया।
    गौरतलब है कि क्षेत्र में रिफर सेंटर के नाम से प्रसिद्व खरसिया का सिविल अस्पताल का प्रभार लेने के साथ ही ड़ॉ. ड़ीपी पटेल के प्रयासों से न सिर्फ मरीजों का बेहतर उपचार हो रहा है बल्कि बीएमओ अभिषेक पटेल तथा ड़ीपी पटेल के संयुक्त प्रयासों का ही नतीजा है कि जिस अस्पताल में लोग सामान्य प्रसव कराने में संकोच करते थे वहां अब सफलतापूर्वक सिजेरियन किये जा रहे हैं। इसी तारतम्य में ग्राम तिउर निवासी 25 वर्षीय महिला, जिसका ड़िलीवरी ड़ेट 22 नवंबर को था, उसके गर्भाशय में पानी की कमी की वजह से वे सामान्य प्रसव की स्थिति में नहीं थी, जिसके बाद ड़ॉ. संजय अग्रवाल ने प्रभारी ड़ॉ. ड़ीपी पटेल से चर्चा कर सिजेरियन लिया तथा गुरूवार को महिला का सिजेरियन कर सफलतापूर्वक प्रसव कराया गया। सिविल अस्पताल प्रभारी ड़ॉ. ड़ीपी पटेल ने बताया की जच्चा बच्चा दोनों स्वस्थ है, और हमारा प्रयास है कि क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा सके।

  • आरक्षक से दुर्व्यवहार करने वाले एसपी का हुआ तबादला..2 साल वनवास काट एसपी बने आई के एलेसेला ने फिर सस्ते में अपना विकेट गंवाया..पहले भी बेतुके बयान की वजह से गंवा चुके हैं कुर्सी..

    आरक्षक से दुर्व्यवहार करने वाले एसपी का हुआ तबादला..2 साल वनवास काट एसपी बने आई के एलेसेला ने फिर सस्ते में अपना विकेट गंवाया..पहले भी बेतुके बयान की वजह से गंवा चुके हैं कुर्सी..

    2011 बैच के आईपीएस आई के एलेसेला की राज्य सरकार ने आज बलोदा बाजार एसपी से छुट्टी कर दी विदित हो कि एसपी ने कांस्टेबल को चमकाते हुए आईजी से लेकर नेताओं के बारे में बहुत कुछ कर डाला था और खुर्राट कांस्टेबल ने उसे मोबाइल में रिकॉर्ड कर वायरल कर दिया था।

    विदित हो कि छत्तीसगढ़ बनने के बाद यह पहली बार हुआ है कि कोई कांस्टेबल एसपी को निपटा दें और वह भी इस तरह से.. दरअसल यह मोबाइल युग है इसलिए कप्तानों को भी समझना चाहिए कि वह पहले वाले दिन नहीं जब सिपाही दरोगा को जो मन में आए बोल डालें । हालांकि बलोदा बाजार एसपी आज कुछ ज्यादा ही बोल गए अपने उच्च अधिकारी के साथ साथ बड़े राजनेताओं का नाम तक घसीटने लगे वाकई यह गंभीर मामला था और सुबह 9 बजे के लगभग जैसे ही है ऑडियो वायरल हुआ खबर आने लगी थी कि सरकार कार्रवाई करेगी। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सुबह 10 बजे ही एसपी को बदलने का निर्देश दे दिया था।

    विवादों से रहा है पुराना नाता

    आईपीएस इंदिरा कल्याण एलेसेला 3 मार्च 2017 को भी इसी तरह हटाए गए थे तब 27 फरवरी 2017 को एक शोरूम के कार्यक्रम में पहुंचे एसपी ने भाषण देते हुए कहा डाला था कि अगर उनका बस चले तो माओवादियों को समर्थन देने वाले लोगों को ट्रक के पहिए के नीचे कुचल दें। 2 दिन बाद उनका यह बयान वाला वीडियो वायरल हुआ और बजट सत्र में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने एसपी साहब को हटाने का आदेश कर दिया था, उसके बाद 2 साल वनवास काटने के बाद वे 2019 में फिर बलौदा बाजार के एसपी बने।

    इसी के साथ राज्य सरकार ने 4 और जिलों के एसपी का भी तबादला आदेश जारी किया है….👇👇👇

  • नहीं रहे डॉ. रतनलाल अग्रवाल अमलडीहा वाले…                

    नहीं रहे डॉ. रतनलाल अग्रवाल अमलडीहा वाले…                

         

    खरसिया। नगर की प्रतिष्ठित फर्म राम मंदिर कॉम्प्लेक्स स्थित मीनाक्षी मोबाइल के संचालक और क्षेत्र के सुप्रसिद्ध डॉ. रहे डॉ. रतनलाल अग्रवाल अमलडीहा वाले का दुखद निधन 75 वर्ष की आयु में बुधवार की शाम 7:00 बजे के लगभग हो गया। डॉक्टर रतनलाल पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे, उनके निधन के समाचार से हमालपारा, जवाहर कॉलोनी सहित नगर में शोक की लहर है। सामाजिक और धार्मिक कार्यों में अग्रणी रहने वाले डॉक्टर रतनलाल अपने पीछे धर्मपत्नी, पुत्र, पोता, पोती सहित पूरे परिवार को रोता बिलखता छोड़ परलोक सिधार गए है। 2 दिसंबर गुरुवार को इनकी अंतिम यात्रा जवाहर कालोनी स्थित निवास स्थान से निकाली गयी तथा मौहापाली स्थित स्थानीय मुक्ति धाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया।

    उनके पुत्र नरेंद्र अग्रवाल (शंटी) ने उन्हें मुखाग्नि दी।  इनके निधन से बालकराम पटेल, गिरधर गुप्ता, डॉ. आरसी अग्रवाल सहित नगर की सामाजिक संस्थाओं मारवाड़ी युवा मंच , प्रेस क्लब, गायत्री ट्रस्ट, लायंस क्लब आदि ने दुःख प्रकट करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं।

  • आईजी डीआईजी पदोन्नति सूची जारी: किसी की पदस्थापना में परिवर्तन नही..

    रायपुर। राज्य शासन ने आईजी और डीआईजी पदोन्नति सुची जारी की है। इस सुची में ख़ास यह है कि किसी के भी प्रभार में कोई परिवर्तन नहीं है।
    इनके साथ साथ तीन आईपीएस को प्रोफार्मा पदोन्नति दी गई है।