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  • CG हाईकोर्ट जस्टिस को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस : सुनवाई में देरी पर जताई नाराजगी…

    CG हाईकोर्ट जस्टिस को सुप्रीम कोर्ट का नोटिस : सुनवाई में देरी पर जताई नाराजगी…

    रायपुर. बिलासपुर हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत आवेदन में प्रस्तुत अंतरिम आवेदन को लगातार खारिज करने और ड्यू कोर्स में डाले जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जताई है. इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस दीपक तिवारी को जुडीशियल नोटिस जारी किया है. इसमें एक अंतरिम जमानत आवेदन की सुनवाई में देरी को लेकर नाराजगी जताई गई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि छोटे केस को जल्द निपटाने चाहिए.

    दरअसल, राजनांदगांव जिले के छुईखदान के पटवारी तुलसीराम पर उसके भांजे लोकेश कुमार ने उसकी जमीन हड़पने का आरोप लगाया था. इस मामले की शिकायत लोकेश ने पुलिस से की थी. इसके बाद पुलिस ने पटवारी के खिलाफ धारा 420 के तहत केस दर्ज किया था, मगर पटवारी ने गिरफ्तारी से बचने लोवर कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था.

    वहीं लोवर कोर्ट से याचिका खारिज होने के बाद पटवारी ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी. साथ ही अंतरिम जमानत आवेदन भी लगाया था. इस अंतरिम जमानत आवेदन में सरकारी कर्मचारी होने के नाते अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई तक अपनी बेल की मांग की थी, इस पर जस्टिस दीपक तिवारी की बेंच को सुनवाई करनी थी. इस पर सुनवाई करते हुए दीपक तिवारी ने अंतरिम जमानत आवेदन खारिज कर दिया और कहा कि नंबर आने पर ( ड्यू कोर्स) सुनवाई होगी.





    जस्टिस दीपक ने यह भी कहा कि ये मामला कोई महत्वपूर्ण मामला नहीं है, जिस पर तुरंत सुनवाई की जा सके. इसके बाद पटवारी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. फिर सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई हुई और पटवारी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी. इसके साथ ही शासन से जवाब मांगा था. बाद में पटवारी की अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में जस्टिस रजनी दुबे की बेंच में सुनवाई हुई. सुनवाई करते हुए कोर्ट ने उसे अग्रिम जमानत भी दे दी थी. दोनों जगह से राहत मिलने के बाद पटवारी वापस सुप्रीम कोर्ट केस वापस लेने गया था. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस अजय रस्तोगी और जस्टिस बी.वी नागरथ्ना की बेंच ने जस्टिस दीपक तिवारी को जुडीशियल नोटिस करने फैसला लिया है.

  • गुब्बारे में हवा भरने के दौरान हादसा, एक युवक का पैर कटकर अलग हुआ, एक की हालत गंभीर, मची अफरा तफरी…

    गुब्बारे में हवा भरने के दौरान हादसा, एक युवक का पैर कटकर अलग हुआ, एक की हालत गंभीर, मची अफरा तफरी…

    शहर के नटवर स्कूल में गुब्बारे में हवा भरने के दौरान हादसा हुआ। गैस सिलेंडर फटने से एक युवक का पैर शरीर से अलग हो गया। दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल है। मामले में जिला  प्रशासन और पुलिस की टीम जांच में लगी है। 

    जानकारी के मुताबिक अग्रसेन महोत्सव तैयारी के लिये  लिए नटवर स्कूल के ग्राउंड में तैयारियां चल रही है। शनिवार सुबह गुब्बारे वालों को एक हजार गुब्बारे भरने का ऑर्डर मिला था। गुब्बारे में गैस डालने के लिए सुशील पटेल बेहरापाली और सुरेश चौहान छुहीपाली नटवर स्कूल प्रांगण के भीतर चले गए। 

    गुब्बारे में गैस डालने के दौरान ही लगभग 2.30 बजे अचानक सिलेंडर फट गया। हादसे में सुशील पटेल का पैर अलग हो गया। वहीं सुरेश को भी गंभीर चोट आई। मामले की सूचना के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए मेकाहारा में भर्ती कराया गया है। मामले में जिला प्रशासन और पुलिस की टीम जांच में लगी हुई है।

  • विशाल भंडारे के साथ श्री राम कथा का हुआ समापन हजारों लोगों ने किया भंडारे का प्रसाद ग्रहण….

    विशाल भंडारे के साथ श्री राम कथा का हुआ समापन हजारों लोगों ने किया भंडारे का प्रसाद ग्रहण….

     

    खरसिया। सियाराम सखा मंडल द्वारा आयोजित ९ दिवसीय श्री राम कथा का समापन विशाल भंडारे के साथ किया गया जिसमे खरसिया नगर तथा आसपास के क्षेत्र के हजारों लोगों ने भंडारे का प्रसाद ग्रहण किया।
    श्री राम कथा के अंतिम दिन की कथा में राजन महाराज द्वारा प्रभु श्री राम के हाथों रावण वध के बारे में बताया गया, राम सीता मिलन व श्री राम ने विभीषण को दिए वचन को पूरा करते हुए विभीषण का राज्याभिषेक करवाया उसको लंका का राजा बनवाकर अपना वचव पूरा किया। श्री राम माता सीता भाई लक्ष्मण सहित सभी लोग अयोध्या वापस आ गए, अयोध्या में श्री राम का राज्याभिषेक हुआ पूरी अयोध्या को दीपकों से सजाया गया था आज अयोध्या में दीपावली मनाई गई यहाँ का उत्सव देखने लायक था श्री राम के राज्याभिषेक को देखने स्वर्ग लोक के देवता भी आज अयोध्या में मौजूद थे।                                     

    भंडारे का प्रसाद श्री राम भक्त राजू सपोसवाल की तरफ से लगाया गया था। इतने बड़े और भव्य आयोजन में यह खास बात रही की मुख्य आयोजन करता में सियाराम सखा मंडल के अलावा किसी का भी नाम नहीं था जो काबिले तारीफ रही। आज के समय में जहाँ लोग छपास रोग से ग्रसित हैं और कुछ अच्छा काम करने से पहले उसका बखान करने में लगे रहते हैं वहीँ सियाराम सखा मंडल के युवाओं के द्वारा बिना किसी आडम्बर में इस विशालायोजन को भव्य रूप से सम्पन कराया गया जिसकी नगर भर में प्रशंशा हो रही है। श्री राम कथा के समापन के बाद सियाराम सखा मंडल ने श्रीराम कथा के आयोजन में प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी धर्मप्रेमी, राम भक्त श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया व साथ ही उन सभी श्रोता गणों का भी आभार व्यक्त किया जो प्रदेश भर से दूर दूर से रामकथा का श्रवणपान करने खरसिया आये थे।

  • युवाओं में धर्म के प्रति आई है जागृति – राजन जी महाराज

    युवाओं में धर्म के प्रति आई है जागृति – राजन जी महाराज

    पूज्य राजन जी महाराज ने की नगर के पत्रकारों से वार्ता

    खरसिया। हिंदुस्तान में हिंदुत्व की बात करनी पढ़ती है यह दुख की बात है यह हमारे रक्त में होना चाहिए यह हमारे व्यवहार में होना चाहि। हम हिंदू हैं उसके लिए जीना मरना चाहिए भले ही राजनीतिक परिक्षेत्र में कुछ भी हो जो हिंदुस्तान में रहता है वह हिंदू कहलाता है हिंदू कोई धर्म नहीं है। धर्म उसे कहा जाता है जिसके आदि और अंत का पता नहीं होत। आज सनातन ही हिंदुओं का धर्म है और उस को बढ़ाना चाहिए और इसे बढ़ाने के लिए कुछ लोगों की मुख्य भूमिका है जैसे पत्रकार अदाकार चित्रकार गीतकार नीतिकार यह सभी समाज के स्तंभ है और इनकी बातों को समाज सुनता है और उनका अनुशरण करता ह। हम धर्म को किस प्रकार बढ़ाए यह हम सभी का कर्तव्य है। सियाराम सखा मंडल द्वारा आयोजित विशाल रामकथा के वक्ता पूज्य राजन जी महाराज ने उक्त बातें खजारसिया के पत्रकारों को पत्रकार वार्ता के दौरान कही। खरसिया के श्रोताओं की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि खरसिया के लोगों के भक्ति भाव को देखकर ऐसा लग रहा है कि मानो उनके प्रवचन खरसिया में नहीं बल्कि अयोध्या में हो रहे है।

     

    पूज्य राजन जी महाराज ने आगे कहा की युवाओं में धर्म के प्रति जागृति आई है इसका कारण यह है कि पहले से ही युवाओं में बचपन से ही धर्म के बीज उनकी आत्मा में पड़े हुए थे आज भजन एवं कीर्तन के माध्यम से उन बीजों में भक्ति रूपी जल पढ़ने पर अब वे अंकुरण हो रहे हैं इससे युवाओं में धर्म की और आस्था आने लगी है और यह अंकुरण अब वृक्ष के रूप में तैयार हो रहा है अतः धर्म के प्रति युवाओं का आकर्षण एक अच्छी बात है। उन्होंने बताया की जहां अधिक श्रोता होते हैं वहां वक्ता को आनंद आता है रसिक श्रोता जहां होता है वहां आनंद का भंडार होता है। श्रोताओं का भाव आंखों से दिखता है उसकी व्याख्या नहीं की जा सकती। स्थानीय कन्या विवाह भवन में आयोजित इस प्रेस वार्ता में नगर के पत्रकारगण तथा सियाराम सखा मंडल के सदस्यों ने पूज्य राजन जी महगाराज का सान्निध्य प्राप्त किया तथा श्री राम कथा से सम्बंधित चर्चाएं की गयी।

  • मुख्यमंत्री आज खरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चपले और लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुंजेमुरा में आम जनता से करेंगे भेंट मुलाकात

    मुख्यमंत्री आज खरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चपले और लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुंजेमुरा में आम जनता से करेंगे भेंट मुलाकात

    खरसिया में रोड शो और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि मंडल से भी करेंगे मुलाकात

    खरसिया। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल 13 सितंबर को अपने भेंट मुलाकात कार्यक्रम के तहत रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा खरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चपले तथा लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कुंजे मुरा में आम जनता से मुलाकात कर शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति का फीडबैक लेंगे और उनकी समस्याओं की सुनवाई करेंगे। मुख्यमंत्री खरसिया में रोड शो के पश्चात वहां विभिन्न समाज एवं संगठनों के पदाधिकारियों से मुलाकात कर सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

    जारी किए गए दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 13 सितंबर को लैलूंगा मैं सुबह 10:00 बजे से अधिकारियों की समीक्षा बैठक के बाद विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन करेंग। मुख्यमंत्री इसके बाद हेलीकॉप्टर से लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम जमूरा पहुंचेंगे और वहां 11:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक आम जनता से मुलाकात करेंग। मुख्यमंत्री वहां से खरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चपले आएंगे और वहां दोपहर 1:15 बजे से 2:30 बजे तक आम जनता से भेंट मुलाकात करने के बाद ग्राम नंदेली जाएंगे मुख्यमंत्री नंदेली में स्वर्गीय श्री नंद कुमार पटेल एवं स्वर्गीय श्री दिनेश पटेल की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंग। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल शाम 4:00 बजे से 5:00 बजे तक खरसिया में आयोजित रोड शो के कार्यक्रम में शामिल होंगे उसके पश्चात् शाम 6:30 बजे से 8:30 बजे तक खरसिया में विभिन्न समाज एवं संगठनों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करेंग। मुख्यमंत्री के रात्रि विश्राम की व्यवस्था खरसिया में की गयी है।

  • श्री राम के जन्म पर ऐसा लगा पूरा स्वर्ग लोक ही अयोध्या आ गया हो : राजन महाराज

    श्री राम के जन्म पर ऐसा लगा पूरा स्वर्ग लोक ही अयोध्या आ गया हो : राजन महाराज

    खरसिया। सियाराम सखा मंडल के युवाओं ने विशाल संगीतमय श्री राम कथा का आयोजन 7 सितंबर से 15 सितंबर दोपहर 3 से 6 तक खरसिया के टाउन हॉल मैदान में करवाया जा रहा है। श्री राम कथा का श्रवणपान कथा व्यास पूज्य श्री राजन जी महाराज के श्री मुख से हो रही है।
    आज कथा के तीसरे दिन राजन जी महाराज ने रावण के अत्याचारो के बारे मे बताते हुए आगे कहाँ रावण ने अपने सौतेले भाई कुबेर के ऊपर चढ़ाई कर युद्ध किया और कुबेर से पुष्पक विमान जीत लिया इसी, तरह रावण का आतंक दिनप्रतिदिन बढ़ने लगा ऋषि-मुनियों साधु संतो को बहुत परेशान करने लगा साधु संत यज्ञ करते तो रावण उनके यज्ञ को भंग कर देता यज्ञ को सफल नहीं होने देता उनके बाल पकड़कर घसीट कर उनको भयानक यातना देता था। रावण और असुरों की यातना से पृथ्वी में हाहाकार मच गया था तब ऋषि-मुनियों और देवताओं लोग मिलकर भगवान विष्णु की स्तुति करने लगे थोड़ी देर बाद आकाशवाणी हुई और कहां मैं जल्द ही अवतार लूंगा मेरा जन्म पृथ्वी लोक में सूर्यवंश में होगा। इसी तरह अन्य देव देवताओं लोग भी अलग-अलग रूप धारण कर पृथ्वी पर जाएंगे, ब्रह्मा जी जामवंत बनेंगे भगवान शंकर हनुमान बनेंगे सूर्य नारायण देव सुग्रीव का रूप धारण करेंगे देवलोक के राजा इंद्र बाली बनेंगे विश्वकर्मा भगवान नल और नील बनेंगे इसके बाद सभी देवताओं लोग भगवान के अवतार के पूर्व ही पृथ्वी पर आकर भगवान की प्रतीक्षा करने लगे।

    राजन महाराज ने आगे बताया धर्म ध्वजा को धारण किए राजा दशरथ के मन में कई दिनों से चल रहा था कि आगे कैसा होगा मेरे पास पुत्र नहीं है इसी गिलानी को लेकर राजा दशरथ अपने गुरु के पास गए गुरुदेव को अपनी व्यथा बताई गुरुदेव ने कहा आप धीरज धारण कीजिए आपके पास एक नहीं चार पुत्र होंगे चारों महान प्रतापी होंगे वह भक्तों के भगवान होने वाले हैं राजा दशरथ के गुरु वशिष्ठ ने कहा श्रृंगी ऋषि जी से यज्ञ करवाइए, यज्ञ आरंभ हुआ यज्ञ कुंड से स्वयं अग्नि शरण भगवान प्रकट हुए अपने हाथों में प्रसाद लेकर उन्होंने राजा दशरथ को प्रसाद दिया और कहा बराबर बराबर से तीनों रानियों को यह प्रसाद खिला देना भगवान 12 माह तक पेट में रहे, और जैसे ही शुभ शुभ लग्न नजदीक आया पूरी अयोध्या को सजाया गया मानो देवी देवताओं भी आज अयोध्या में आ गए हो चारों तरफ बहुत ही हर्ष का माहौल था ऋषि मुनि देवी-देवताओं बहुत ही खुश नजर आ रहे थे जैसे ही जन्म का समय आया दोपहर 12:00 बजे भगवान राम का जन्म हुआ सभी लोग स्तुति करने लगे खुशियां मनाने लगे हर कोई भगवान के बाल रूप को देखना चाहता था। आज राम जन्म की कथा में हजारों लोग उपस्थित होकर भगवान राम के जन्मोत्सव का आनंद लिया।

  • UPSC परीक्षा पास करने के बाद कैसे होता है IAS-IPS की रैंक का निर्धारण, जानिए इसका ख़ास फार्मूला…

    UPSC परीक्षा पास करने के बाद कैसे होता है IAS-IPS की रैंक का निर्धारण, जानिए इसका ख़ास फार्मूला…

    UPSC अर्थात यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन, संघ लोक सेवा आयोग द्वारा प्रतिवर्ष एक विशेष परीक्षा आयोजित कराई जाती है, जिसे हम आम भाषा में सिविल सर्विस एग्जाम कहते हैं। इस परीक्षा पास करना हर अभ्यर्थी के लिए एक सपने जैसा होता है, क्योंकि ये परीक्षा देश की सर्वाधिक कठिन व महत्त्वपूर्ण परीक्षाओं में से एक है। प्रतिवर्ष हजारों की तादाद में छात्र-छात्राएँ यह एग्जाम देते हैं। इस परीक्षा का परिणाम घोषित होने पर हर वर्ष टॉप करने वाले और अच्छी रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की खबरें सारे न्यूज़पेपर और मीडिया में छाई होती है।

    उन हजारों प्रतिभागियों में से कुछ सौ प्रतिभागी ही इसकी प्री परीक्षा में सेलेक्ट हो पाते हैं, फिर उसके बाद मेंस एग्जाम व इंटरव्यू पास करके कुछ चुनिंदा उम्मीदवार ही IAS अथवा IPS बन पाते हैं। असल में उनका सलेक्शन रैंक के आधार पर होता है। पर क्या आप जानते हैं कि यूपीएससी (UPSC Exam) परीक्षा में ये रैंक कैसे डिसाइड की जाती है? कौन-सी रैंक प्राप्त करने पर IAS और IPS कैडर मिलता है? तो चलिए आज हम आपको IAS-IPS कैडर के सलेक्शन किए जाने के फार्मूले को सिंपल तरीके से समझाते हैं कि यह रैंक आख़िर कैसे निर्धारित की जाती है…

    24 सर्विसेज के लिए होता है चयन

    UPSC में रैंक का निर्धारण कैसे होता है ये जानकारी देने से पहले आपको बता दें कि यह परीक्षा उत्तीर्ण करके उम्मीदवार सिविल सेवाओं में चुने जाते हैं, अर्थात इसमें कुल 24 सेवाओं हेतु प्रतिभागियों का सलेक्शन किया जाता है। ये चौबीस सर्विसेज दो कैटेगरी में डिवाइड की जाती है, उनमें से फर्स्ट होती है, ऑल इंडिया सर्विसेज (All India Services) , जिसमें IAS (इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विसेज) व IPS (इंडियन पुलिस सर्विसेज) भी शामिल हैं। इस कैटेगरी में जिन लोगों का सिलेक्शन होता है, उन्हें राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों का कैडर मिलता है। दूसरी कैटेगरी की सर्विस होती है, सेंट्रल सर्विसेज (Central Services) , जिसके अंतर्गत Group A और Group B की सेवाएँ शामिल होती हैं।

    Group A के अंतर्गत इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) , इंडियन सिविल एकाउंट्स सर्विस, इंडियन रेवेन्यू सर्विस (इनकम टैक्स वाली पोस्ट्स) , इंडियन रेलवे सर्विस (IRTS और IRPS) तथा इंडियन इनफार्मेशन सर्विस (IIS) इत्यादि सेवाएँ शामिल होती हैं। Group B के अंतर्गत आर्म्ड फोर्सेज हेडक्वार्टर्स सिविल सर्विस, पुडुचेरी सिविल सर्विस, दिल्ली एंड अंडमान निकोबार आइलैंड सिविल तथा पुलिस सर्विस इत्यादि सेवाएँ शामिल होती हैं।

    पहले होंगे प्रीलिम्स एग्जाम

    UPSC में आपको 2 एग्जाम देने होते हैं। इसमें से पहले होते हैं प्रीलिम्स यानी प्रीलिमिनरी एग्जाम। ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद आप प्रीलिम्स एग्जाम दे सकते हैं। इस परीक्षा में 2-2 घंटे के दो पेपर लिए जाते हैं। पहले पेपर के मार्क्स के आधार पर ही उनकी कटऑफ तैयार होती है, जो दूसरा एग्जाम दे सकते हैं। फिर दूसरा पेपर यानी CSAT एक क्वालीफाइंग पेपर होता है, जिसे क्वालीफाई करने के लिए आपको कम से कम 33 प्रतिशत मार्क्स लाने होते हैं।

    फिर एक बात का ध्यान रखना आवश्यक होता है कि अगर पहले पेपर में आप ने कट ऑफ क्लियर कर लिया, पर दूसरे पेपर में आप पास नहीं हो पाते हैं, तो आपका प्रीलिम्स क्लियर नहीं माना जाएगा। अतः मेंस परीक्षा से पहले आपको यह दोनों पेपर पास करना ज़रूरी है। बता दें कि ये दोनों पेपर एक ही दिन दो अलग-अलग शिफ्ट्स में लिए जाते हैं।

    अब देने होते हैं मेंस एग्जाम…

    प्रीलिम्स क्लियर करने के बाद देने होते हैं मेंस एग्जाम। इसमें आपके पूरे साल की पढ़ाई काम आ जायेगी। कहा जाए तो ये एग्जाम पास करना प्रतिभागियों के लिए काफ़ी बड़ी चुनौती होती है। इसमें सर्वप्रथम 2 पेपर भाषा के होते हैं, जो क्वालिफाइंग पेपर होते हैं अर्थात इन दोनों पेपर्स में ही आपको 33 प्रतिशत मार्क्स लाना आवश्यक होता है। यद्यपि इन पेपर्स के मार्क्स मेरिट लिस्ट में काउंट नहीं किए जाते हैं। इनमें आपको तीन-तीन घंटे का समय मिलता है। यह दो लैंग्वेज के होते हैं एक इंडियन / रीजनल लैंग्वेज तथा दूसरी इंग्लिश लैंग्वेज।

    फिर होता है एक निबंध का पेपर, जिसमें आपको 3 घंटे में दो निबंध लिखने होते हैं। यह दोनों ही निबंध आपको अलग-अलग विषयों पर लिखने होते हैं, हालांकि आपको विकल्प दिए जाते हैं उसमें से आप अपनी पसंद का विषय चुनकर निबंध लिख सकते हैं। इसके बाद 4 सामान्य ज्ञान के पेपर होते हैं, जिनमें से प्रत्येक के लिए 3 घंटे का समय मिलता है। वैसे एक दिन में 2 से अधिक पेपर हो नहीं सकते हैं, इसलिए टाइमटेबल उसी के अनुसार बनाया जाता है।

    अब अंत में होता है ऑप्शनल पेपर यानी वैकल्पिक विषय। ऑप्शन पेपर में दो पेपर होते हैं-Paper 1 व Paper 2. यह ऐसा विषय होता है जो आपको ख़ुद को अपने लिए चुनना होता है। बता दें कि मेंस एग्जाम में लैंग्वेज पेपर्स को छोड़ अन्य सभी पेपर्स के मार्क्स जुड़कर फिर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। कुल मिलाकर देखा जाए तो 5-7 दिन में ये सारे 27 घंटे के एग्जाम समाप्त हो जाते हैं। एग्जाम के बीच में सन्डे अथवा नेशनल हॉलिडे का को पेपर की छुट्टी रहती है। ये एग्जाम होने के बाद मेंस का परिणाम आ जाता है।

    मेंस के बाद इंटरव्यू

    अगर आप मेंस में पास हो जाते हैं, तो अब आपको पर्सनेलिटी टेस्ट देने के-के लिए एक फॉर्म भरना होता है, तभी आपका पर्सनैलिटी टेस्ट लिया जाता है। इस फॉर्म को DAF यानी डिटेल एप्लीकेशन फार्म कहते हैं, जिसमें आपके द्वारा भरी गयी इन्फॉर्मेशन के आधार पर ही इंटरव्यू में आपसे प्रश्न पूछे जाते हैं। इस एप्लीकेशन फॉर्म में आपकी हॉबीज, बैकग्राउंड व शिक्षा के बारे में भी पूछा जाता है, फिर एग्जामिनर आपसे इनसे जुड़े सवाल भी करता है। इंटरव्यू देने के बाद ही आपका पूरा रिजल्ट बनता है और इसी के आधार पर आपको रैंकिंग दी जाती है।

    कैसे निर्धारित होती हैं रैंकिंग…?

    रैंकिंग असल में वैकेंसी पर आधारित होती है यानी किस वर्ष किसी पद के लिए कितनी वैकेंसीज़ निकलती हैं तथा इसके अलावा विभिन्न कैटेगिरी जैसे जनरल कैटेगरी, SC, ST, OBC व EWS में जितने उम्मीदवारों ने जो भी विकल्प सलेक्ट किया है, उसी पर रैंकिंग निर्भर करती है। साथ ही आपने मेन परीक्षा का आवेदन फॉर्म भरते वक़्त अपनी पहली प्रेफरेंस जैसे IAS, IFS अथवा IPS जो भी भरा होता है, उसे भी ध्यान में रखा जाता है। फिर मेरिट लिस्ट तैयार होती है। इस लिस्ट में जिनके सबसे ज़्यादा मार्क्स आते हैं, उन्हें IAS और IFS रैंक दी जाती है। फिर इसी लिस्ट के अनुसार घटते हुए मार्क्स के साथ अन्य सभी पोस्ट एलॉट की जाती है।

    हाँ लेकिन ऐसा भी ज़रूरी नहीं होता है कि यदि सिविल सेवाओं में 100 पद रिक्त हैं और मान लीजिए उनमें से 30 पोस्ट IAS के लिए खाली हैं, तो लिस्ट में टॉप के 30 उम्मीदवारों को ही IAS पोस्ट मिलेगी, क्योंकि यह भी सम्भव है कि उन टॉप 30 उम्मीदवारों में से कुछ लोगों की प्रेफरेंस दूसरी हो, जैसे वे IAS की बजाय IPS या IRS बनना चाहते हों।

    फिर ऐसी परिस्थितियों में मेरिट में कुछ पीछे रहने वाले प्रतिभागियों, जिन्होंने अपना प्रेफरेंस IAS रखा होता है, उन्हें भी यह पोस्ट एलॉट हो सकती है। इस प्रकार थोड़ी कम रैंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को भी उच्च सेवाओं के लिए चुना जा सकता है। जैसे यदि जनरल कैटेगरी में IAS के लिए 70 वैकेंसी हैं, तो लिस्ट में टॉप पर आए 90 या 95 तक की रैंक वाले कैंडिडेट भी जनरल कैटेगरी से IAS पोस्ट हासिल कर सकते हैं और यही फॉर्मूला IPS, IFS तथा दूसरी सारी सिविल सेवाओं पर भी लागू होगा।

    रैंकिंग के लिए होता है तगड़ा कम्पीटिशन

    प्रतिवर्ष UPSC में वैकेंसीज की संख्या भिन्न-भिन्न होती है। जैसे यदि वर्ष 2005 में 457 वैकेंसी थीं तो 2014 में बढ़कर 1364 हो गईं थीं, लेकिन वैकेंसी के साथ ही साथ परीक्षा देने वाले प्रतिभागियों की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई। हर वर्ष सिविल सेवाओं में वैकेंसी के मुताबिक ही मेंस परीक्षा व इंटरव्यू देने वालों की संख्या निर्धारित होती है।

    उदाहरण के लिए, यदि 100 पदों के लिए वैकेंसी है, तो इसके लिए लगभग 12-13 गुना प्रतिभागियों को मेन एग्जाम देने हेतु सलेक्ट किया जाएगा। फिर उनमें से 250 उम्मीदवार इंटरव्यू राउंड के लिए सलेक्ट होंगे और फिर उन्हीं में से चयनित होकर फाइनल रैंक की लिस्ट बनाई जाएगी। वैसे यह केवल एक उदाहरण है, ताकि आपको अंदाजा हो सके कि रैंकिंग के लिए कितनी अधिक प्रतिस्पर्धा होती है।

  • 20 साल के पट्टे पर लोगों को मिलेगा मालिकाना हक, राज्यपाल की भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक को मंजूरी

    20 साल के पट्टे पर लोगों को मिलेगा मालिकाना हक, राज्यपाल की भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक को मंजूरी

    रायपुर-राज्यपाल अनुसुइया उइके ने छत्तीसगढ़ भू – राजस्व संहिता संशोधन विधेयक 2022 पर हस्ताक्षर कर दिए हैं । इसके साथ ही यह संशोधन लागू हो गया है । इस संशोधन के बाद अब सरकारी जमीन के पट्टेधारियों को जमीन का मालिकाना हक मिलेगा । इसके लिए यह शर्त होगी कि जिस दिन से पट्टा दिया गया है , उस तारीख से 20 साल की अवधि पूरी हो ।

    राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान 5 जुलाई को यह संशोधन विधेयक प्रस्तुत किया था । उन्होंने विधानसभा में बताया था कि शासकीय पट्टे पर दी गई जमीन के भूमि धारकों को भूमि स्वामी का अधिकार दिए जाने के उद्देश्य से यह संशोधन किया जा रहा है , जिससे संबंधित जमीन या उस पर बनी परिसंपत्ति के आधार पर बैंक से कर्ज या अन्य वित्तीय लाभ प्राप्त हो सकेगा । साथ ही , खरीदी – बिक्री भी बिना किसी दिक्कत के हो पाएगा ।

    यह भी जानना जरूरी … संशोधन विधेयक के मुताबिक ऐसा व्यक्ति जिसे राज्य सरकार , कलेक्टर या आबंटन अधिकारी द्वारा जमीन का आबंटन भूमि स्वामी अधिकार में छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता ( संशोधन ) अधिनियम 1992 के लागू होने के बाद किया गया है , ऐसे आबंटन की तारीख से ऐसी जमीन के संबंध में भूमि स्वामी समझा जाएगा और उन समस्त अधिकारों और दायित्वों के अध्याधीन होगा , जो इस संहिता द्वारा उसके अधीन किसी भूमि स्वामी को प्रदत्त और उस पर अधिरोपित किए गए हैं , लेकिन ऐसा कोई भी व्यक्ति पट्टे या आबंटन की तारीख से 10 वर्ष की अवधि के भीतर ऐसी जमीन को अंतरित नहीं करेगा ।

  • सायरस मिस्त्री के निधन के बाद सरकार ने उठाया ये बड़ा कदम, परिवहन मंत्री गडकरी ने लागू किया ये नियम

    नई दिल्ली। हाल ही में टाटा संस के पूर्व चेयरमैन सायरस मिस्त्री का सोमवार को एक भीषण कार एक्सीडेंट में निधन हो गया था। इस हादसे में पीछे बैठे सायरस मिस्त्री के अलावा एक और व्यक्ति का निधन हो गया था। इस हादसे की जांच में पता चला था कि पीछे बैठे दोनों व्यक्तियों ने सीट बेल्ट नहीं पहनी थी। उनकी कार भी काफी तेज स्पीड में थी जिसकी वजह से दोनों आगे की तरफ फेंका दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।

    वहीँ इस हादसे में सामने की तरफ बैठे दोनों लोगों को गहरी चोटें आई थी लेकिन सीट बेल्ट पहनने की वजह से उनकी जान बच गई और उनका एयर बैग खुल गया। इस हादसे के बाद केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने एलान किया कि अब कार के पीछे सवार लोगों को भी सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं किया तो उन्हें फाइन भरना होगा।

    गडकरी ने बताया कि जिस तरह कार में आगे बैठे पैसेंजर के सीट बेल्ट नहीं लगाने पर अलार्म बजता है, ऐसा ही सिस्टम अब पिछली सीट पर बैठे पैसेंजर के लिए भी होगा। इसके लिए कार कंपनियों को निर्देश दिया जाएगा।

  • कैसी होगी पृथ्वी पर ली गई आख़िरी Selfie ? AI ने बनाई पृथ्वी के आख़री इंसानों की तस्वीरें…

    AI last selfie on earth

    कुदरत का कानून है- जो बना है वो एक दिन नष्ट होगा. इसी कुदरत के कानून को ही सभी धर्म के लोग अपने-अपने हिसाब से मोडिफ़ाई कर लेते हैं. इसका सीधा अर्थ ये भी है कि पृथ्वी का भी अंत होगा. गौरतलब है कि हम इंसान अपनी गतिविधियों से अंत के प्रति तेज़ी से कदम बढ़ा रहे हैं. पृथ्वी के आखिरी पल कैसे होंगे या हम इंसान कैसे दिखेंगे, ये ख्याल भी कई लोगों के मन में और खासकर विज्ञान में रूचि रखने वालों के मन में आया ही होगा. AI ने इस सवाल का जवाब ढूंढ लिया है.