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  • पेशेंट को शिफ्ट करते वक्त हॉस्पिटल के Lift में आई तकनीकी खराबी, स्ट्रेचर के साथ नीचे गिरा मरीज …

    पेशेंट को शिफ्ट करते वक्त हॉस्पिटल के Lift में आई तकनीकी खराबी, स्ट्रेचर के साथ नीचे गिरा मरीज …

    बहुमंजिला इमारतों में उपरी माले पर जाने के लिए अस्कर लोग सिढ़ी के जगह लिफ्ट का इस्तेमाल करते हैं. अगर लिफ्ट न हो तो ऊपर चढ़ने में तो इंसान की हालत ही खराब हो जाएगी. अगर किसी को जल्दी हो तो लिफ्ट बड़े काम आती है. इमरजेंसी हो और तुरंत अस्पताल पहुंचना हो तो Lift काफी काम आता है. कई बार ये लिफ्ट लोगों के लिए खतरनाक भी साबित हो जाता है

    दरअसल, एक मरीज लिफ्ट में फंस जाता है. वह स्ट्रेचर पर लेटा होता है और दो अस्पताल कर्मचारी उसे लिफ्ट से कहीं जाने की कोशिश कर रहे होते हैं, लेकिन तभी Lift में कोई तकनीकी खराबी आती है और वो अपने आप नीचे जाने लगती है. ऐसे में मरीज के साथ-साथ एक अस्पताल कर्मचारी भी लिफ्ट के अंदर फंस जाता है.

    मरीज किस तरह स्ट्रेचर पर बेहोशी की हालत में लेटा हुआ है और दो अस्पताल कर्मचारी उसे लिफ्ट के अंदर घुसाने की कोशिश करते हैं, लेकिन अभी मरीज का आधा ही शरीर Lift में घुसा था कि बिना दरवाजा बंद हुए लिफ्ट अचानक से नीचे की ओर जाने लगती है. ऐसे में अस्पताल कर्मचारी घबरा जाता है और मरीज को Lift के अंदर ही छोड़ देता है

    इस हादसे में मरीज के साथ क्या हुआ, इसके बारे में तो कोई जानकारी नहीं है, लेकिन देखने से तो लग रहा है कि मरीज के साथ कोई गंभीर हादसा नहीं हुआ होगा।

  • 80 साल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ! बीजेपी के सवाल पर सीएम बघेल ने कसा तंज, कहा – तो क्या मोदी को रिटायर करने वाले हैं?

    80 साल के राष्ट्रीय अध्यक्ष ! बीजेपी के सवाल पर सीएम बघेल ने कसा तंज, कहा – तो क्या मोदी को रिटायर करने वाले हैं?

    रायपुर। 80 साल के खड़गे को राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए खड़ा करने बीजेपी के सवाल पर सीएम भूपेश बघेल ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह और दूसरे नेताओं की उम्र कितनी है? ये लोग क्या कहना चाहते हैं, क्या मोदी को रिटायर करने वाले हैं?

    बीजेपी ने गौठान की अव्यवस्था पर भी सवाल उठाया है. इस पर मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, बीजेपी को गौ सेवा से मतलब नहीं है और गाय के नाम से वोट मांगेंगे. गौठान में हमने व्यवस्था की, वो गाय माता की सेवा करें, कौन रोक रहा है. केवल कमजोरी दिखाने के लिए जाएंगे. गौठान ग्रामीण व्यवस्था है, हमने इसे पुनर्जीवित किया है. उसमें कोई कमी खामी है तो सुधारने की पूरी गुंजाइश है, लेकिन रमन सिंह गाय के नाम से वोट मांगेंगे, भाजपा गाय के नाम से वोट मांगती है. गौ माता की सेवा नहीं करते।

    महंगाई, बेरोजगारी को लेकर पदयात्रा कर रहे राहुल गांधी
    राहुल गांधी की पदयात्रा पर सीएम ने कहा, देश में महंगाई, बेरोजगारी और सांप्रदायिक सौहार्द्र लगातार बिगड़ रहा है. इसके लिए राहुल गांधी पदयात्रा निकाले हैं. देश में जो सत्ता में बैठे हैं वह महंगाई को देखे. आम जनता का जीना दूभर हो गया है. बेरोजगारी इतना है कि लोग खाली बैठे हैं. रोजगार नहीं है, दूसरी तरफ महंगाई बढ़ रही है. आम जनता पर दोहरा मार पड़ रहा है इसी कारण से पदयात्रा कर रहे।

    रेन वाटर हार्वेस्टिंग से बढ़ा वाटर लेबल
    रेनवाटर हार्वेस्टिंग को लेकर सीएम ने कहा, रेन वाटर हार्वेस्टिंग एक तरीका है, जिससे वाटर रिचार्जिंग किया जा सकता है. 30,000 नाले को हमने वाटर रिचार्जिंग प्रोजेक्ट में लिया हुआ है. बहुत सारे नाले के रिचार्ज का काम कंप्लीट हो गया है. बहुत सारे नाले स्वीकृति हो चुकी है उस पर काम हो रहा है, जहां-जहां हम वाटर रिचार्जिंग का काम किए हैं, 7 सेंटीमीटर से लेकर के 30 सेंटीमीटर 1 साल में उसका लेबल बढ़ा है. ग्राउंडवाटर रिचार्ज के लिए हमारी सरकार का नवापुर गांव में अच्छा रिजल्ट आया है. रेन वाटर हार्वेस्टिंग होना चाहिए, क्योंकि शहर में वाटर लेवल प्रभावित हो रहा है. वाटर हार्वेस्टिंग को गंभीरता से लेना चाहिए।

  • फिर बाहर आया ‘पनामा’ जिन्न! बिना नाम लिए CM बघेल ने भाजपा पर साधा निशाना, बोले- भ्रष्टाचार के अंतर्राष्ट्रीय पितामह छत्तीसगढ़ को कर रहे बदनाम…

    फिर बाहर आया ‘पनामा’ जिन्न! बिना नाम लिए CM बघेल ने भाजपा पर साधा निशाना, बोले- भ्रष्टाचार के अंतर्राष्ट्रीय पितामह छत्तीसगढ़ को कर रहे बदनाम…

    रायपुर। सीएम भूपेश बघेल ने बिना किसी का नाम लिए भाजपा नेताओं को आड़े हाथ लिया है. उन्होंने एक पोस्ट के जरिए निशाना साधते हुए कहा है कि, भ्रष्टाचार के अंतर्राष्ट्रीय पितामह को लगता है कि मार्गदर्शक मंडल में हुई वाइल्ड कार्ड एंट्री से बाहर आने के लिए छत्तीसगढ़ को बदनाम करेंगे, लेकिन ये नहीं चलेगा।

    आगे उन्होंने कहा, कौन किसका एटीएम है, इसका प्रमाण तो देना ही पड़ेगा. वैसे नान की डायरी में नागपुर से लखनऊ तक का जिक्र है. वे किस स्वाइप मशीन से हस्तांतरित हुए थे, प्रदेश की जनता जानना चाह रही है.
    सीएम बघेल ने अपने पोस्ट में ये भी कहा, पनामा के खाते में जिनका नाम दर्ज है वह फिर छत्तीसगढ़ को बदनाम करने लगे हैं।

  • ED की कार्रवाई पर CM बघेल का बड़ा बयान…

    ED की कार्रवाई पर CM बघेल का बड़ा बयान…

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में पिछले कुछ दिनों से मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई जारी है. इस मामले को लेकर प्रदेश में सियासत भी तेज हो गई है. जांजगीर चांपा जिले से कुछ वक्त पहले रायपुर लौटे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ईडी की कार्रवाई को लेकर कहा, 40 घंटे से कार्रवाई हो रही है. ऑफिशियल बयान जारी करना चाहिए. लगातार डराने की कोशिश हो रही है, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं

    सीएम बघेल ने कहा, छत्तीसगढ़ में भाजपा की दाल नहीं गलने वाली है. मैंने पहले भी कहा है कि चुनावी दौरा होता है और इधर कार्रवाई शुरू होती है. असम में विधानसभा चुनाव के दौरान कार्रवाई हुई. झारखंड में चुनाव के दौरान कार्रवाई हुई और अब हिमांचल प्रदेश गया और कार्रवाई हो रही है. आखिर कांग्रेस शासित राज्यों में ही कार्रवाई क्यों की जा रही है ? जो सबूत के साथ शिकायत की है उन मामले पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? 

  • समीर विश्नोई की गिरफ्तारी के साथ चर्चा में उनका ट्वीट, सुप्रसिद्ध उपन्यासकार की पंक्तियों में क्या छिपा है राज…

    समीर विश्नोई की गिरफ्तारी के साथ चर्चा में उनका ट्वीट, सुप्रसिद्ध उपन्यासकार की पंक्तियों में क्या छिपा है राज…

    रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मंगलवार को छापामार कार्रवाई के बाद चार लोगों को गिरफ्तार किया है. इनमें से जिस गिरफ्तारी की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई की है. समीर विश्नोई की गिरफ्तारी के साथ ट्विटर में हाल में पोस्ट की गई सुप्रसिद्ध उपन्यासकार पाउलो कोएलो की पंक्तियां चर्चा में है.
     
     
     
     
    बता दें कि सोशल मीडिया में कम सक्रिय रहने वाले समीर विश्नोई का लंबे समय से फेसबुक पर कोई पोस्ट नजर नहीं आता है, वहीं दूसरी ओर ट्विटर पर उनका अंतिम पोस्ट 30 अगस्त का है, जिसमें उन्होंने ब्राजील के सुप्रसिद्ध उपन्यासकार पाउलो कोएलो के उपन्यास ‘द पिल्ग्रिमेज’ की पंक्तियों को उद्धत किया है. ‘अगर आप सोचते हैं कि आप सही हैं, इसलिए दुनिया भी आपसे सही करेगी, तो यह खुद को बेवकूफ बना रहे हैं. यह ठीक वैसा ही जैसे शेर आपको खाना पसंद नहीं करेगा, क्योंकि आप उसे खाना पसंद नहीं करते.’ बताते चले कि समीर विश्नोई छत्तीसगढ़ कैडर के 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं
    उत्तर प्रदेश के रहने वाले समीर विश्नोई ने वर्ष 2005 में आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक पास किया था. इसके बाद यूपीएससी की परीक्षा पास कर वर्ष 2009 में आईएएस अधिकारी नियुक्त हुए.छ्तीसगढ़ में अलग-अलग जगहों पर पदस्थापना के बाद पहली बड़ी पदस्थापना कोंडागांव कलेक्टर के तौर पर वर्ष 2016 में पदस्थ हुए थे, लेकिन महज 11 महीनों में ही उन्हें वापस रायपुर बुला लिया गया. राज्य सरकार ने माईनिंग डायरेक्टर, माईनिंग कारपोरेशन के एमडी, आईजी रजिस्ट्रेशन, जीएसटी डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.19 सितंबर को सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश में समीर बिश्नोई को प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित मार्कफेड का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था. विश्नोई के पास सीईओ छग इंफोटेक प्रमोशन सोसाइटी (चिप्स) और विशेष सचिव इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी का अतिरिक्त प्रभार बरकरार रखा गया है.

  • आईएएस समीर विश्नोई की पत्नी ने की सीएम बघेल से शिकायत, कहा- ईडी बना रही जबरन बयान देने का दबाव…

    आईएएस समीर विश्नोई की पत्नी ने की सीएम बघेल से शिकायत, कहा- ईडी बना रही जबरन बयान देने का दबाव…

    छत्तीसगढ़ में आईएएस पत्नी का लेटर सोशल मीडिया में वायरल हो गया है. आईएएस अफसर समीर विश्नोई (IAS Sameer Bishnoi) की पत्नी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल (CM Bhupesh Baghel) से मुलाकात की है. इस दौरान प्रति ने ईडी (ED) के खिलाफ शिकायत कर दी है. उन्होंने आरोप लगाया है कि बीमार पति को ईडी ने परेशान किया और सरकारी गवाह बनने के लिए दबाव डालकर दस्तावेजों में हस्ताक्षर करवाया है.

    समीर विश्नोई की पत्नी मुख्यमंत्री से मिली
    दरअसल, समीर विश्नोई को ईडी ने हिरासत में लिया तब पत्नी प्रीति बिश्नोई ने रायपुर हेलीपैड में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर एक पत्र सौंपा है. प्रीति के इस पत्र में ईडी के घर में दस्तक से लेकर ईडी दफ्तर ले जाने तक की पूरी कहानी है. इसमें प्रति ने ईडी पर कई गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने परिवार वालो की सुरक्षा और ईडी की कार्यवाही पर जांच की मांग की है.समीर विश्नोई की पत्नी का पत्र
    प्रीति ने अपने पत्र में लिखा है कि 11 अक्टूबर के सुबह 5.30 से 6.00 बजे के बीच हमारे घर की डोर बेल बजी, जिस पर मैंने दरवाजा खोला तब मैंने देखा कि लगभग 15-20 लोग हमारे घर आए हुए थे और उन लोगों ने अचानक मेरी बिना अनुमति और सहमति के हमारे घर में घुस गए. तब मैंने उन लोगों से पूछा कि आप लोग कौन हैं, तब उन लोगों द्वारा मुझे कोई जवाब नहीं दिया गया और वे लोग हमारे घर के सामान को उलट-पुलट करने लगे, उसी समय मेरे पति भी वहां आ गए. तब मेरे पति ने लोगों से पूछा कि आप लोग ये क्या कर रहे हैं, तब उनमें से एक ने कहा कि मेरा नाम ऋषि वर्मा हैं और हम लोग ई.डी. विभाग से आए हुए हैं. तब मेरे पति और मैंने लोगों से आग्रह किया कि आप किस लिए हमारे यहां आए हैं, इस बात की हमें जानकारी दें. तब मेरे पति और मेरे साथ बदतमीजी की गई. फिर मेरे पति से मोबाइल फोन ले लिया गया.

    जबरन ले जाया गया ऑफिस
    एफ.आई.आर. की कापी मांगने पर ऋषि वर्मा और उसके सहयोगियों ने कहा कि हम इसको देने के लिये बाध्य नहीं है. इसके बाद ऋषि वर्मा और उनके सहयोगियों ने मेरे पति से हमारे घर में दबाव डालकर कई दस्तावेजों पर हस्ताक्षर लिए. इसके बाद अगले दिन दिन 12 अक्टूबर को बाहर ले जाए गया. इस पर मैंने ऋषि वर्मा से आग्रह किया, कि हमारे घर में दो छोटे-छोटे बच्चे हैं, उनकी देखरेख के लिए कोई नहीं है. इस पर भी ऋषि वर्मा और उसके सहयोगियों ने हमारी कोई बात नहीं सुनी और हमें जबरन एक आफिस में ले जाया गया.

    जबरन बयान देने के लिए ईडी ने बनाया दबाव
    ईडी के ऑफिस में हम दोनों को जबरन दबाव डालते हुए कहा गया, कि आप लोगों को हम जो बात बोल रहे हैं, वैसी ही बात आपको जे.डी. सर और आहूजा सर को बयान देकर बतानी होगी और ऋषि वर्मा और उसके सहयोगियों ने हम पर जबरन तरीके से दबाव डालकर छत्तीसगढ़ के बड़े बड़े लोगों का नाम लेने के लिए कहा जा रहा था, लेकिन हम दोनों ने बयान देने से इंकार कर दिया. तब ऋषि वर्मा और उसके सहयोगियों ने कहा कि यदि आप लोग हमारे बताए अनुसार बयान नहीं दोगे, तो तुम लोगों और तुम्हारे परिवार वालों को जिंदगी भर के लिए जेल में सड़ा देंगे.

    बयान नहीं देने पर करियर बर्बाद करने का दबाव
    प्रीति ने आगे लिखा है कि “इसी बीच हेमन्त नाम के अधिकारी वहां आए जिन्होंने बताया कि वे ई.डी. के डिप्टी डायरेक्टर हैं. इसके बाद हेमन्त जी और उसके सहयोगियों द्वारा मेरे पति समीर विश्नोई को जबरन बयान देने की बात का दबाव डालकर उनका करियर बर्बाद करने की धमकी दी गयी. दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे तो झूठे मामले में परिवार वालो फंसा देंगे. जिसके बाद जबरन हस्ताक्षर करवाए गए है. डिप्टी डायरेक्टर हेमन्त जी ने भी मुझे और मेरे पति को धमकी दी कि आप लोग हमारे बताये अनुसार बयान दे दें और सरकारी गवाह बन जाए नहीं तो हम लोग आपको जेल में सड़ा देंगे. जिस पर हम लोगों ने इंकार किया.”

    बीमार पति को ईडी अफसरों ने किया परेशान
    मेरे पति ने ऋषि वर्मा और उसके सहयोगियों से निवेदन किया, कि मेरे पति लीवर सिरोसिस, माइग्रेन और बी.पी. की बीमारी से ग्रस्त हैं, इस बीमारी के संबंध में दवाइयां लेनी होती है, इसलिए उन्हें दवाइयां दी जाए, लेकिन इसके बावजूद भी ऋषि वर्मा और उसके सहयोगियों ने मेरे पति को दवाइयां नहीं दी. जिससे कि मेरे पति का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा. इसके बाद प्रति ने मुख्यमंत्री से ईडी अफसरों की कार्यवाही की जांच और परिवार वालों को सुरक्षा देने की मांग की है.

  • Chhattisgarh ED Raid: IAS और काराेबारियों से अब तक 6.5 करोड़ बरामद, ED ने शेयर की कैश, सोने-जेवरात की तस्वीरें, IAS समेत तीन 8 दिनों के लिए हिरासत में, करारे नोटों के इतने बंडल मिले की भर गई आलमारी…

    Chhattisgarh ED Raid: IAS और काराेबारियों से अब तक 6.5 करोड़ बरामद, ED ने शेयर की कैश, सोने-जेवरात की तस्वीरें, IAS समेत तीन 8 दिनों के लिए हिरासत में, करारे नोटों के इतने बंडल मिले की भर गई आलमारी…

    रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छत्तीसगढ़ में बड़ी कार्रवाई की। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कार्रवाई की जानकारी और तस्वीरें जारी कर दी है। ईडी ने तलाशी अभियान चलाया और बेहिसाब नकदी, सोना और सराफा आदि के रूप में लगभग 6.5 करोड़ रुपये जब्त किए। विशेष अदालत, पीएमएलए, रायपुर ने ईडी द्वारा गिरफ्तार किए गए 3 व्यक्तियों (1 आईएएस अधिकारी सहित) को 21.10.2022 तक पीएमएलए के तहत कोयला घोटाला मामले में 8 दिनों के लिए हिरासत में लिया है।

  • धारा 66 ए के तहत किसी भी नागरिक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता – सुप्रीमकोर्ट

    धारा 66 ए के तहत किसी भी नागरिक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता – सुप्रीमकोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को निर्देश दिया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66 ए के तहत किसी भी नागरिक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है, जिसे उसने 2015 में खत्म कर दिया था।
    रद्द की गई धारा के तहत आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वाले व्यक्ति को तीन साल तक की जेल हो सकती है और साथ ही जुर्माना लग सकता है। शीर्ष अदालत ने 24 मार्च, 2015 को यह कहते हुए प्रावधान को हटा दिया था कि जनता का जानने का अधिकार सीधे सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 ए से प्रभावित होता है।


    सभी राज्यों और पुलिस अधिकारियों को दिया निर्देश
    मुख्य न्यायाधीश यू यू ललित की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि ऐसे सभी मामलों में जहां नागरिक अधिनियम की धारा 66-ए के उल्लंघन के लिए अभियोजन का सामना कर रहे हैं, उक्त प्रावधान पर संदर्भ हटा दिया जाएगा। हम सभी पुलिस महानिदेशकों के साथ-साथ राज्यों के गृह सचिवों और केंद्र शासित प्रदेशों में सक्षम अधिकारियों को निर्देश देते हैं कि वे अपने-अपने राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों में पूरे पुलिस बल को निर्देश दें कि वे धारा 66 ए के कथित उल्लंघन के संबंध में अपराध की कोई शिकायत दर्ज न करें।
    शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि यह निर्देश केवल धारा 66ए के तहत दंडनीय अपराध के संबंध में लागू होगा और यदि संबंधित अपराध में अन्य अपराधों का भी आरोप लगाया जाता है तो केवल धारा 66ए पर संदर्भ और निर्भरता को हटा दिया जाएगा। पीठ ने कहा कि केंद्र के वकील ने धारा 66ए के तहत लंबित मामलों के संबंध में एक अखिल भारतीय स्थिति रिपोर्ट को रिकॉर्ड में रखा है। इसने देखा कि जानकारी से पता चलता है कि शीर्ष अदालत द्वारा अधिनियम की धारा 66 ए की वैधता के बारे में निर्णय लेने के बावजूद कई आपराधिक कार्यवाही अभी भी इस प्रावधान पर निर्भर करती है और नागरिक अभी भी अभियोजन का सामना कर रहे हैं।

    पीठ ने कहा, इस तरह की आपराधिक कार्यवाही हमारे विचार में श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ (मार्च 2015 के फैसले) में इस अदालत द्वारा जारी निर्देशों के सीधे तौर पर हैं और इसके परिणामस्वरूप हम ये निर्देश जारी करते हैं। ये दोहराने की आवश्यकता नहीं है कि 2000 अधिनियम की धारा 66 ए को इस अदालत ने श्रेया सिंघल बनाम भारत संघ में संविधान का उल्लंघन करने वाला पाया है और इस तरह किसी भी नागरिक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता है।

  • कार्यवाही में पूर्ण सहयोग करने की कही बात, छापेमारी पर कलेक्टर रानू साहू ने ED को लिखा पत्र…देखिए

    कार्यवाही में पूर्ण सहयोग करने की कही बात, छापेमारी पर कलेक्टर रानू साहू ने ED को लिखा पत्र…देखिए

    रायगढ़। छत्तीसगढ़ में 3 दिनों से प्रवर्तन निदेशालय के छापेमारी के दौरान कलेक्टर रानू साहू ने ईडी को पत्र लिखा है. बता दें कि बीते दिनों से प्रवर्तन निदेशालय (ED) के 40 अफसरों की टीम तीन आईएएस, पूर्व विधायक और शराब- कोल कारोबारियों के डेढ़ दर्जन ठिकानों पर जांच कर रही है। इन सभी ठिकानों से अब तक चार करोड़ की नगदी और जेवरात सीज किया गया है। इनके यहां से निवेश के साथ साथ खनन लाइसेंस से जुड़े दस्तावेज भी बड़ी संख्या में मिले हैं। इस आधार पर ईडी की टीम द्वारा आईएएस अफसर रानू साहू, उनके पति जेपी मौर्य, समीर विश्नोई और उनकी पत्नी से पूछताछ की जा रही है।यह पूछताछ ईडी डायरेक्टर संजय मिश्रा की अगुवाई में हो रही है। वही रायगढ़ कलेक्टर रानू साहू भी दो दिन के हैदराबाद दौरे के बाद रायपुर लौटीं है।

  • प्रबंधकों को नहीं दिया कमीशन, धान खरीदी से इनकार…

    प्रबंधकों को नहीं दिया कमीशन, धान खरीदी से इनकार…

    धान खरीदी की शुरुआत 1 नवंबर से शुरू होगी। इसमें अब करीब 15 दिन बचे है, लेकिन खरीदी के पहले सोसाइटी प्रबंधक और उनसे जुड़े कर्मचारियों में आक्रोश है। दरअसल सोसाइटी प्रबंधकों को पिछले साल का ही प्रोत्साहन राशि के अलावा कमीशन की राशि किसी भी सोसाइटी प्रबंधकों के खाते में जमा नहीं हुई है। ऐसे में धान खरीदी सोसाइटी प्रबंधक तैयारी कैसे करें, यह उनकी समझ में नहीं आ रहा है।

    इसे देखते हुए सोसाइटी प्रबंधकों ने अपने अपने प्राधिकृत अधिकारियों को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि वे इस साल धान की खरीदी नहीं करेंगे, कोई दूसरा विकल्प ढूंढ लें। दरअसल सोसाइटी प्रबंधकों को 31 रुपए 25 पैसा प्रति क्विंटल कमीशन मिलता है। सोसाइटी प्रबंधकों का कहना है कि इस रकम के अलावा प्रोत्साहन राशि जो 5 रुपए प्रति क्विंटल मिलती है, वह भी नहीं दिया जा सका है। जिले के सभी 143 सोसाइटियों में 0 फीसदी शार्टेज है, उन्हें ही यह रकम देनी है। सभी इसी दायरे में आ रहे हैं।

    सूखत का भी पेंच: दरअसल संग्रहण केन्द्रों में धान खरीदी के बाद 2 फीसदी सूखत मान्य होती है। यानि खरीदे गए धान की मात्रा का दो प्रतिशत कम हो तो सूखत बताकर एडजस्ट किया जाता है। ऐसे में इसमें सोसाइटी प्रबंधकों को राहत देने की मांग की जा रही है। सूखत के नाम पर काफी अधिक रकम कटौती कर दी जाती है।

    17 से करेंगे अनिश्चितकालीन हड़ताल: सेवा सहकारी समिति के सचिव युगल पटेल ने बताया कि धान सोसाइटियों में सूखत का प्रावधान करे, कमीशन की राशि जल्द उपलब्ध कराने के अलावा रकम 32 रुपए से बढ़ाकर 50 रुपए करने जैसे मांगों को लेकर 17 तारीख को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उसके बाद फिर अनिश्चितकालीन हड़ताल करने की बात कही है। सोसाइटियों को चलाने के लिए पर्याप्त फंड नहीं होने से कर्मचारियों और समिति चलाने आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    जिले में कमीशन में ही देने होंगे 20 करोड़ रुपए
    धान खरीदी की कमीशन राशि करीब 20 करोड़ रुपए है। अफसर कहते हैं इसे जल्द रिलीज किया जाएगा। प्रोत्साहन राशि भी 5 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से 2 करोड़ 85 लाख रुपए करीब दिया जाना है। रकम अपेक्स बैंक के माध्यम से सोसाइटियों के खातों में जमा होगी। पहले कमीशन की रकम ही जमा होगी, डीएमओ प्रवीण पैकरा ने बताया कि यह रकम राज्य स्तर पर जमा होनी है, कुछ दिनों में यह जमा होगी।