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  • लॉकडाउन को बढ़ाया तो जाएगा, लेकिन जानिए क्या खुला रहेगा, क्या नहीं खुला रहेगा…!!

    लॉकडाउन को बढ़ाया तो जाएगा, लेकिन जानिए क्या खुला रहेगा, क्या नहीं खुला रहेगा…!!

    दिल्ली। कोरोना से जंग के लिए 14 अप्रैल के बाद दो सप्ताह तक लॉकडाउन जारी रहना तय है। लेकिन, उद्योग मंत्रालय ने टेक्सटाइल, निर्माण, जेम्स एंड ज्वेलरी जैसे 15 बड़े औद्योगिक क्षेत्रों में काम शुरू करने की सिफारिश की है। साथ ही स्ट्रीट वेंडर्स को पहचानपत्र के साथ काम करने की मंजूरी देने की भी बात कही गई है। हालांकि, इस बारे में आखिरी फैसला प्रधानमंत्री के स्तर पर होना है। लॉकडाउन में छूट कोरोना संक्रमण के फैलाव, भविष्य की आशंका और एक्टिव मामलों के आधार पर मिलेगी।

    मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री निवास में मंत्रीगणों और अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मंत्रिपरिषद के सदस्य और अधिकारीगण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।

    इसके लिए पृथक से आदेश जारी किए जाएंगे, तथा इन आदेशों का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान कोविड-19 के संक्रमण से बचाव और रोकथाम के उपायों को लागू करने में सभी मंत्रीगणों के नेतृत्व में अधिकारियों-कर्मचारियों में टीम भावना के साथ सराहनीय कार्य किया है।

    उन्होंने बैठक में प्रदेश में कोरोना टेस्टिंग किट, मास्क, पीपीई किट, ग्लब्स, सेनेटाईजर, वेन्टिलेटर की उपलब्धता, आइसोलेशन वार्ड, क्वारेनटाइन सेंटर, डेडिकेटेड कोविड-19 अस्पताल ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध करने, कृषि से जुड़ी तैयारियों, पेयजल की स्थिति आदि व्यवस्थाओं की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।

    श्री बघेल ने महिलाओं एवं बच्चों को पूरक पोषण आहार, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत सूखा राशन, राशनकार्ड धारियों को दो माह का खाद्यान्न वितरण की समीक्षा की।

    उन्होंने कहा कि नक्सल प्रभावित जिलों की उचित मूल्य दुकानों में बरसात के लिए राशन का भण्डारण सुरक्षा के साथ कर लिया जाए।

    कृषि के लिए खाद एवं बीज की उपलब्धता, जरूरतमंदों, बेसहारा लोगों, श्रमिकों के लिए भोजन और राशन की व्यवस्था, गर्मियों में पेयजल की व्यवस्था, तेन्दूपत्ता तोड़ाई की तैयारियों, निराश्रितों, विकलांगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के वितरण सहित विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की।

    सरकार देश के इलाकों को राज्यों के बजाय कोरोना के संक्रमण के स्तर के हिसाब से रेड, ऑरेंज और ग्रीन जोन में बांटकर ढील संबंधी नियम तय करेगी। कोरोना के ऑरेंज और ग्रीन जोन में बाजार खोले जा सकते हैं, लेकिन समय सीमित किया जा सकता है। सरकार ने कहा है कि देश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ाने और लोगों की आमदनी शुरू करने के लिए उद्योगों में काम शुरू होना जरूरी है, लेकिन इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा।

    रेड जोन: हॉटस्पॉट वाले जिले, वहां पहले की तरह सबकुछ बंद रहेगा।
    ऑरेंज जोन: जिन जिलों में नए मरीज नहीं आ रहे, पुराने मरीज बेहद कम।
    ग्रीन जोन: संक्रमण मुक्त जिले, वहां व्यापारिक गतिविधियां शुरू होंगी।

    किस जोन में क्या छूट होगी, क्या नहीं
    हॉस्पिटिलिटी: रेड और ऑरेंज जोन में सभी होटल, रेस्त्रां, लॉज और गेस्टहाउस बंद रहेंगे। ग्रीन जोन में खुल सकते हैं।
    परिवहन: सिर्फ ग्रीन जोन में लोकल परिवहन खोलने की छूट दी जाएगी। लेकिन, रेड और ऑरेंज जोन में सार्वजनिक परिवहन नहीं चलेगा।
    उड़ान सेवा: भारत से बाहर जाने के लिए विशेष और कमर्शियल उड़ानों की ही छूट मिलेगी। चुनिंदा देशों के लिए उड़ान की सीमित छूट रहेगी।
    आबकारी मामले: शराब की दुकानें खोलने की मंजूरी होगी। इनमें कलर कोडिंग का स्तर राज्य सरकारें खुद तय करेंगी।

    इन पर पाबंदी रहेगी: सभी प्रकार के सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक और खेल संबंधी आयोजनों पर पाबंदी बनी रहेगी। सिनेमा हॉल, मॉल्स, पार्क, पर्यटन स्थल, धर्मस्थल, शिक्षण संस्थान भी नहीं खुलेंगे।

    सरकार ने कहा- कर्मचारियो के मामले में श्रम मंत्रालय स्थिति स्पष्ट करे
    अपने आदेश में सरकार ने कहा कि जिन कंपनियों में काम शुरू करने की इजाजत दी गई है, वहां का मैनेजमेंट अपने कर्मचारियों को काम पर आने के लिए कह सकता है। अगर कोई कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आता है, तो ऐसी स्थिति में बिना काम के दी जाने वाली सैलरी की जिम्मेदारी एंप्लायर पर नहीं होगी। हालांकि, सरकार ने यह भी कहा कि इस संबंध में श्रम मंत्रालय स्थिति को और स्पष्ट करे।

    बड़ी कंपनियों में 20-25% कर्मचारी ही एकसाथ काम करेंगे
    बड़ी कंपनियों में 20-25% कर्मचारियों को ही एक शिफ्ट में काम करने को कहा गया है। इसी तरह हाउसिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में तभी काम करने की अनुमति मिलेगी, जब मजदूरों को रहने की व्यवस्था कराई जाएगी। कंस्ट्रक्शन कॉन्ट्रैक्टर की पूरी जिम्मेदारी रहेगी कि वह साइट को पूरी तरह से सैनिटाइज कराएं और वहां स्वच्छता रखें। सरकार ने इंडस्ट्री को संचालित करने की इजाजत देने के बारे में गाइडलाइन जारी की है।

    1. जिन उद्योगों को काम करने की इजाजत दी जाएगी, उन्हें इन बातों का पालन करना होगा

    कर्मचारियों के लिए सिंगल एंट्री पॉइंट
    सोशल डिस्टेंसिंग के लिए पर्याप्त स्थान
    कर्मचारियों को लाने-ले जाने के लिए अलग ट्रांसपोर्ट और फैक्ट्री परिसर में उनके रहने का इंतजाम
    पूरे परिसर का बेहतर क्वालिटी के साथ सेनिटाइजेशन
    जिला और राज्य के अधिकारी उद्योगों को चलाने की इजाजत देने के साथ जरूरी इंतजामों का निरीक्षण भी करेंगे।
    2. उद्योगों को चलाने के लिए वाहनों और कर्मचारियों की आवाजाही में कोई परेशानी न हो, इसका ध्यान रखा जाएगा। कर्मचारियों और माल की आवाजाही पर निगरानी रखने वाला अमला गृह मंत्रालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन करे। इस बारे में कई परेशानियां सामने आई हैं। गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि जिन उद्योगों को चालू करने की इजाजत दी गई है, उनके कर्मचारी और माल को फ्री मूवमेंट दिया जाए।

    3. टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक मेन्यूफैक्चरिंग जैसा काम करने वाली बड़ी कंपनियों को सिंगल शिफ्ट में काम करने की इजाजत दी जा सकती है। बशर्ते उनके पास सोशल डिस्टेंसिंग और सैनिटाइजेशन की पूरी व्यवस्था हो।

    4. एक्सपोर्ट करने वाली कंपनियों और लघु उद्योगों को मिनिमम मैनपॉवर के साथ काम करने की इजाजत दी जाएगी। ऐसे उद्योगों का माल ले जाने का पास इश्यू करते समय संबंधित अधिकारी उसकी जांच कर सकेंगे और निर्यात की इजाजत दे सकेंगे।

    5. इन उद्योगों को सैनिटाइजेशन, सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा के इंतजाम करने पर न्यूनतम कर्मचारियों के साथ काम करने की इजाजत दी जा सकती है।

    भारी इलेक्ट्रिकल आइटम जैसे ट्रांसफार्मर और सर्किट व्हीकल्स
    ऑप्टिक फाइबर केबल सहित टेलीकॉम इक्विपमेंट और पुर्जे
    कंप्रेसर और कंडेनसर यूनिट
    स्टील और फेरस अलाय मिल
    स्पिनिंग और जिनिंग मिल, पावर लूम
    रक्षा और संबंधित उत्पाद बनाने वाले यूनिट
    सीमेंट प्लांट (सीमेंट का उत्पादन एक निरंतर प्रक्रिया होती है और इसे तीन शिफ्ट में संचालित किया जाता है। इसे सुरक्षा सैनिटेशन और डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने पर अनुमति दी जा सकती है)
    लकड़ी का पल्प और कागज निर्माण इकाइयां (ऐसे स्थानों पर उत्पादन शुरू किया जा सकता है जहां कोरोनावायरस के मामले कम आए हो इसके लिए राज्य सरकारों के डाटा को आधार बनाया जा सकता है)
    उर्वरक प्लांट
    पेंट और डाई उत्पादन की इकाइयां
    सभी प्रकार के खाने-पीने की वस्तुएं
    प्लास्टिक उत्पादन इकाइयां
    बीज प्रोसेसिंग इकाइयां
    ऑटो मोबाइल इकाइयां
    रत्न और आभूषण निर्माण की इकाइयां (बड़े और संगठित क्षेत्र में)
    सभी एसईजेड और विशेष आर्थिक जोन में उत्पादन की इजाजत रहेगी, लेकिन उन्हें सैनिटाइजेशन और डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा)
    6. निरंतर उत्पादन करने वाले उद्योग जैसे कि स्टील, पावर और माइनिंग को गृह मंत्रालय ने पहले ही लॉकडाउन से बाहर रखा है। ये उद्योग निरंतर काम करते रहेंगे।

    7. सभी बड़े उद्योगों में शिफ्ट को इस तरह संचालित किया जाए कि उसकी शुरुआत और आखिर में एकदम भीड़ इकट्ठी ना हो।

    8. हाउसिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर को काम करने की इजाजत दी जा सकती है, लेकिन इसके लिए उन्हें मजदूरों को साइट पर ही रहने का इंतजाम करना होगा। साथ ही ठेकेदार को सैनिटाइजेशन और डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा।

    9. छोटे और बड़े सभी तरह के मालवाहक वाहनों को कहीं भी आने-जाने की छूट होगी। संबंधित अधिकारी इन्हें राज्य के अंदर या बाहर, एक शहर से दूसरे शहर तक जाने से नहीं रोकेंगे। ऐसे वाहन खाली हो या भरे इसके बारे में अधिकारी कोई सवाल नहीं करेंगे।

    10. ऐसे सभी उद्योग जिन्हें संचालित करने की अनुमति दी गई है वह कामगारों को ड्यूटी पर बुला सकेंगे। अगर कोई मजदूर काम पर नहीं आता है, तो कंपनी या व्यक्ति उसे बिना काम के तनख्वाह देने के लिए बाध्य नहीं होगा। यह श्रम मंत्रालय की तरफ से स्पष्ट किया जाएगा।

    11. फल और सब्जी विक्रेता जैसे सभी स्ट्रीट वेंडर्स को काम करने की इजाजत दी जाएगी, ताकि लोगों के घर तक सामान पहुंचाया जा सके और इस वर्ग के सामने आने वाली नकदी की समस्या दूर की जा सके।

    12. चुनिंदा मरम्मत यूनिट को ऑपरेट करने की इजाजत होगी। इनमें छोटी इकाइयां जैसे मोबाइल , रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, टेलीविजन, प्लंबिंग, चर्मकार, प्रेस वाले, इलेक्ट्रीशियन, ऑटोमोबाइल मैकेनिक, साइकिल रिपेयर मैकेनिक को काम करने की इजाजत दी जाएगी। इन लोगों को अपने साथ आईडी कार्ड रखना होगा और वे पहले से जहां काम कर रहे थे, उसी जगह पर काम करेंगे। इससे लोगों को लॉक डाउन के दौरान जरूरी सुविधाएं मिल पाएंगी और काम करने वालों के पास से भी नकदी की समस्या दूर होगी। इन सेवाओं से किसी प्रकार की भीड़ इकट्ठी नहीं होती है ,इसलिए इन्हें काम करने दिया जा सकता है। इस तरह की मरम्मत का काम करने वाली ई कॉमर्स सेवाओं को भी ऑपरेट करने की इजाजत दी जा सकती है।

    13. रबर: रबर से बनी कई चीजें मेडिकल और हेल्थ केयर के साथ ही घरेलू कामों में इस्तेमाल होती हैं। लिहाजा, इनके उत्पादन को मंजूरी दी गई है। मैन्यूफैक्चिरिंग के दौरान सेफ्टी, सैनिटेशन और सोशल डिस्टेंसिंग के मापदंडों का पालन जरूरी होगा।
    1) प्रेशर कुकर में इस्तेमाल की जाने वाली रबर (गास्केट्स)
    2) एलपीजी यानी घरेलू गैर में इस्तेमाल होना वाला होज पाइप
    3) सर्जिकल ग्लव्स
    4) एड्हेसिव यानी चिपकाने वाली चीजें
    5) हॉस्पिटल में उपयोग की जाने वाली रबर शीट्स
    6) मेडिकल सिलिकॉन
    7) फार्मास्युटिकल स्टॉपर्स (दवाएं सुरक्षित रखने में इस्तेमाल होते हैं)
    8) लेटेक्स गुड्स यानी रबर से बनी चीजें
    9) हॉस्पिटल्स में इस्तेमाल की जाने वाली ट्रॉलियों के रबर से बने पहिए
    10) एप्रॉन्स जो रबर कोटेड हों
    11) फेस मास्क बनाने में इस्तेमाल होने वाले एड्हेसिव्स
    12) रबर के जूते और सेफ्टी शूज
    13) कैथेटर्स
    14) मेडिकल डिवाइसेज यानी उपकरण
    15) आईव्ही ट्यूब्स
    16) एनेसथेसिया बैग्स (बेहोश करने के लिए डॉक्टर इस्तेमाल करते हैं)
    17) वेंटीलेटर बेलोस (वेंटीलेटर में उपयोग किए जाने वाले स्पेशल रबर बेल्ट)
    18) रबर स्टॉपर्स (मरीज को बॉटल लगाने में उपयोग होते हैं)
    19) डेंटल सप्लाइज (रबर डैम्स, ग्लव्स, रबर थ्रेड और डेंटल बैंड्स)

    14. लकड़ी या प्लायवुड के वो जरूरी सामान जो फार्मा कंपनी और एफएमसीजी कंपनियां पैकेजिंग में इस्तेमाल करती है। इनके लिए राज्य की संबंधित संस्थाओं की मंजूरी भी जरूरी होगी।
    15. कांच और मेटल इंडस्ट्रीज को कम से कम कर्मचारियों के साथ मैन्यूफैक्चिरिंग की मंजूरी। इनमें रिसाइक्लिंग प्रोसेस शामिल होगा।
    16. बैंक और कस्टम डिजिटल डॉक्यूमेंट्स बॉन्ड्स के साथ स्वीकार कर सकेंगे। मूल दस्तावेज यानी ओरिजनल डॉक्यूमेंट्स लॉकडाउन खत्म होने के बाद पेश किए जा सकेंगे।
    17. खेती यानी एग्रीकल्चर से जरूरी सभी गतिविधियों को मंजूरी। इनमें एग्रो कैमिकल (खाद या कीटनाशक आदि) प्रोडक्शन, डिस्ट्रब्यूशन और सेल (बिक्री) शामिल हैं।

    लगभग साफ हो गया है कि कोरोना वायरस को रोकने के लिए लॉकडाउन बढ़ाया जाएगा। इसका ऐलान किसी भी वक्त हो सकता है, लेकिन इस बार आम जनता को पहले जितनी परेशानी नहीं होगी। केंद्र सरकार ने तमाम पक्षों के साथ वार्ता करते एक प्लान तैयार किया है, जिसमें शर्तों के साथ जरूरी उद्योगों और दूकानो को खुला रहने पर सहमति बनी है। उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआइआईटी) ने Lockdown बढ़ाने जाने की स्थिति में प्लान के तौर पर गृह मंत्रालय को 15 उद्योगों की सूची सौंपते हुए इन्हें कुछ शर्तों के साथ संचालन की अनुमति देने की सिफारिश की है। इसका सबसे बड़ा फायदा आम जनता के साथ गरीब वर्ग को होगा। साथ ही अर्थव्यवस्था भी चलेती रहेगी। जानिए क्या है पूरा प्लान –

    यहां मिल सकती है अनुमति

    – न्यूनतम कर्मचारियों के साथ एक शिफ्ट में काम कर सकेंगे कई अहम उद्योग

    – सीमेंट उद्योग में सुरक्षा के मानकों के साथ तीनों शिफ्ट में काम की अनुमति

    – निर्माण स्थल पर ही मजदूरों के रहने की व्यवस्था के साथ कंस्ट्रक्शन को मंजूरी

    – गलियों में ठेले लगाने वालों को अनुमति ताकि घर-घर फल-सब्जी की आपूर्ति हो

    – फ्रिज, टीवी, एसी रिपेयर करने वाले भी सुरक्षा के प्रबंध करते हुए कर सकेंगे काम

    – जरूरत को देखते हुए धोबी, बढ़ई और इलेक्ट्रीशियन के काम पर नहीं रहेगी रोक

    इसलिए जरूरी है कुछ उद्योगों का काम करना

    गृह सचिव अजय कुमार भल्ला को लिखी चिट्ठी में पत्र में डीपीआइआईटी ने कहा है कि आर्थिक स्थिति में सुधार और लोगों के हाथ में नकदी पहुंचाने के लिए कुछ आर्थिक गतिविधियों को शुरू करना जरूरी है। लॉकडाउन की अवधि और उसके नियमों पर आखिरी फैसला लेते समय इन पर ध्यान दिया जाना चाहिए।

    टीम मोदी भी यही चाहती है

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम के साथी मंत्रियों की राय भी कुछ इसी तर्ज पर आई है। कुछ दिन पहले ही कैबिनेट सहयोगियों के साथ बैठक में पीएम ने कहा था कि वे इसकी समीक्षा करें कि कैसे धीरे-धीरे लॉकडाउन से बाहर आया जा सकता है। उन्होंने इस दौरान शुरू किए जा सकने वाली औद्योगिक गतिविधियों की पहचान करने को भी कहा था।

    ..ताकि मजदूरों का चलता रहे काम

    – अगर कोई उद्योग कोरोना वायरस प्रसार से बचते हुए औद्योगिक गतिविधि को शुरू करने का ब्लू प्रिंट देता है तो उसे भी मंजूरी दी जा सकती है। लेकिन उसे यह बताना होगा कि बीमारी से बचने और किसी संक्रमण की स्थिति में इलाज के लिए क्या प्रबंध है। मसलन उसके पास संक्रमण रोकने के लिए डिसइंफेक्टेंट हो, पास में अस्पताल हो, कम से कम लोगों की मौजूदगी में कार्य हो सके।

  • एसपी ने लॉकडाउन में लापरवाही बरतने पर एएसआई समेत तीन पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

    एसपी ने लॉकडाउन में लापरवाही बरतने पर एएसआई समेत तीन पुलिसकर्मियों को किया निलंबित

    जगदलपुर। कोरोना वायरस से बचाव और रोकथाम के लिए शासन और प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है. लॉकडाउन का पालन कराने के लिए पुलिसकर्मियों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है. कार्य में लापरवाही बरतने पर एसपी ने एक थानेदार को ‘निंदा’ की सजा के साथ ही एएसआई और दो आरक्षकों को निलंबित कर दिया है।

    दरअसल बस्तर एसपी दीपक कुमार झा अचानक दरभा थाना पहुँचकर व्यवस्था का जायजा लिया. जिसमें उन्होंने पाया कि दरभा पुलिस अन्य क्षेत्रों से बस्तर आने-जाने वालों को रोक नहीं रही और पूछताछ भी नहीं कर रही है. ऐसे ही लोगों को जाने दे रही है. जिससे क्षेत्र में कोरोना वायरस का फैलने का खतरा बना हुआ है।

    इससे नाराज एसपी ने तत्काल दरभा टीआई लालजी सिन्हा को उनके सेवा पुस्तिका में ‘निंदा’ की सजा दी है. इसके साथ ही दरभा थाना में पदस्थ एएसआई भुवनेश्वर चंद्रवंशी, आरक्षक सुन्हेर सिंह मतलाम और आरक्षक जमुना ठाकुर को काम में लापरवाही बरतने पर निलंबित कर दिया है।

    बैठक में कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए लॉक डाउन बढ़ाने के मद्देनजर विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई।

    श्री बघेल ने कहा कि लॉकडाउन के संबंध में सभी मंत्रियों से महत्वपूर्ण सुझाव मिले हैं। भारत सरकार की गाइड-लाइन के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।

  • एक बच्चे की जान बचा मां के लिए रेलवे बनी मसीहा….

    एक बच्चे की जान बचा मां के लिए रेलवे बनी मसीहा….

    दिल्ली। भारतीय रेल इस देश की लाइफलाइन है। न जाने कितने लोगों के चेहरे पर रेलवे मुस्कान ले आती है। इस बार रेलवे ने जो किया है। आप सुनकर इसके प्रति सम्मान से भर उठेंगे।
    दरअसल, पूरे देश में लॉकडाउन के चलते कई चीजों की किल्लत है। इसी के चलते मुंबई के चेंबूर में रहने वाली नेहा सिन्हा ने प्रधानमंत्री को टैग करते हुए एक ट्वीट किया। जिसमें उन्होंने लिखा, ‘सर मेरा साढ़े तीन साल का बेटा ऑटिज्म और गंभीर फूड एलर्जी से पीड़ित है। वह केवल ऊंटनी के दूध और सीमित मात्रा में दालों पर जिंदा रहता है। मेरे पास लंबे समय तक रखने के लिए पर्याप्त ऊंटनी का दूध नहीं था। राजस्थान के सादरी से ऊंटनी का दूध या उसका पाउडर लाने में कृपया मेरी मदद करें।’
    ट्वीट के बाद रेलवे अधिकारी हरकत में आ गए। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य यात्री परिवहन प्रबंधक तरुण जैन ने राजस्थान से मुंबई तक फ्रोजन दूध भेजने के लिए लुधियाना से बांद्रा टर्मिनस को जाने वाली पार्सल मालगाड़ी संख्या 00902 को अजमेर के पास फालना स्टेशन पर स्टापेज न होने के बाद भी रूकवाया। इस बीच ऊंटनी का दूध सप्लाई करने वाले सप्लायर से फालना स्टेशन पर दूध पहुंचाने को बोला गया। रेलवे ने इसके लिए स्पेशल पार्सल काउंटर खोला। इसके बाद रेलवे ने बीस लीटर ऊंटनी का दूध और दूध पाउडर लेकर मालगाड़ी को मुंबई रवाना किया। इसके बाद बांद्रा रेलवे स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों की टीम ने महिला को दूध और दूध पाउडर दे दिया। रेलवे के इस कारनामे को जिसने सुना वो सिर्फ तारीफ करता रहा। उधर भावुक मां के लिए रेलवे किसी मसीहा सरीखी नजर आई।
  • अब आम आदमी को इस संकटकाल के दौरान राहत देने के लिए पूरे देश में बीस लाख सुरक्षा स्टोर शुरु करने जा रही सरकार…

    अब आम आदमी को इस संकटकाल के दौरान राहत देने के लिए पूरे देश में बीस लाख सुरक्षा स्टोर शुरु करने जा रही सरकार…

    दिल्ली। कोरोना के खिलाफ सरकार पूरी ताकत से जंग लड़ रही है। सरकार अब आम आदमी को इस संकटकाल के दौरान राहत देने के लिए पूरे देश में बीस लाख सुरक्षा स्टोर शुरु करने जा रही है। इन स्टोर को लाकडाउन के दूसरे दौर में लोगों की सहूलियत के लिए खोला जाएगा।

    दरअसल, देश भर में बीस लाख सुरक्षा स्टोर शुरू करने का मकसद कोरोना का सामुदायिक संक्रमण रोकना है। केंद्र सरकार की पूरे देश में ऐसे सुरक्षा स्टोर खोलने की योजना है। इन दुकानों में सुरक्षा के सारे उपाय किए जाएंगे और यहां आने वाले लोगों को उनके रोजमर्रा की जरूरत की सारी चीजें मुहैया कराई जाएंगी। केंद्र सरकार पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानि कि पीपीपी मॉडल के आधार पर इस योजना को लागू करने की तैयारी कर रही है।

    सरकार का उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय इस योजना को अमली जामा पहनाने में जुटा है और इस योजना को शुरू करने के लिए देश की बड़ी एफएमसीजी कंपनियों के साथ पहले दौर की बातचीत हो चुकी है। इस योजना में दुकानों को सैनिटाइज रिटेल स्टोर में बदला जाएगा। सरकार ने इस योजना में प्राइवेट फर्मों को शामिल करने का फैसला किया है। इन स्टोर में आपको राशन पानी सब मिलेगा लेकिन बेहद सतर्कता और सेहत की सुरक्षा को बरकरार रखकर सामान आपको उपलब्ध कराया जाएगा।

  • प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार सुबह 10 बजे देश को करेंगे संबोधित, ट्वीट कर दी जानकारी

    प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार सुबह 10 बजे देश को करेंगे संबोधित, ट्वीट कर दी जानकारी

    रायपुर। देश में लगातार बढ़ते जा रहे कोरोना वायरस के मामलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को एक बार फिर देश को संबोधित करेंगे. पीएम मोदी सुबह 10 बजे राष्ट्र को संबोधन देंगे. पीएमओ इंडिया ने ट्वीट कर जानकारी दी है।

    पीएम मोदी कल सुबह घोषणा करेंगे कि लॉकडाउन को आगे बढ़ाया जाना है कि नहीं. हालांकि माना जा रहा है कि वो अपने संबोधन में कुछ जरूरी चीजों में रियायत देकर देश में जारी लॉकडाउन की अवधि को बढ़ा सकते हैं. उन्होंने पिछली बार जब देश को संबोधित किया था तो 21 दिनों के लॉकडाउन का एलान किया था. इस लॉकडाउन का मंगलवार 14 अप्रैल को आखिरी दिन है।

    बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी कल देने वाले अपने संबोधन में अगले दो हफ्ते और लॉकडाउन बढ़ाने का एलान कर सकते हैं. यानी की 30 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ सकता है. माना जा रहा है कि इस बार लॉकडाउन में कुछ क्षेत्रों में ढील भी दी जा सकती है. महाराष्ट्र, तेलंगाना, पंजाब और ओडिशा ने पहले से ही 30 अप्रैल तक लॉकडाउन बढ़ा दिया है।

    बता दें कि देश भर में कोरोना 9 हजार 152 मरीज सामने आ चुके हैं. जिसमें से 308 लोगों की मौत हो गई है. वहीं 856 लोग ठीक होकर घर लौट चुके हैं।

  • एसोसिएशन की बैठक में हुआ फैसला छत्तीसगढ़ में नहीं खुलेंगे उद्योग, उद्योगपतियों ने सरकार के नियम-शर्तों पर जताई असहमति….

    एसोसिएशन की बैठक में हुआ फैसला छत्तीसगढ़ में नहीं खुलेंगे उद्योग, उद्योगपतियों ने सरकार के नियम-शर्तों पर जताई असहमति….

    रायपुर। राज्य सरकार ने रविवार को प्रदेश के तमाम उद्योगों को कुछ नियम शर्तों के आधार पर ही कारोबार चलाने का आदेश जारी किया था. जिसके बाद सोमवार को उद्योग एसोसिएशन की वीडियो कॉंफ्रेसिंग के जरिए बैठक हुई. जिसमें प्रदेश के बड़े एसोसिएशन ने यह निर्णय लिया है कि वो लॉकडाउन की अवधि में उद्योग का कारोबार चालू नहीं करेंगे।

    एसोसिएशन की बैठक में जो बातें निकलकर सामने आई है उसमें प्रमुख बाते यह रही है कि छत्तीसगढ़ राज्य माल का उत्पादन करता है, फिर उसे दिल्ली, महाराष्ट समेत अन्य राज्यों में भेजा जाता है. लेकिन लॉकडाउन की वजह से माल का ट्रांसपोर्ट नहीं हो सकेगा. जिसे लेकर सरकार की तरफ से कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किया गया है. ऐसे में माल बनाने के बाद उसका ट्रांसपोर्ट नहीं हो पाएगा. माल बनकर केवल डंप ही रह जाएगा।

    सरकार ने उद्योगों में सिर्फ 40 प्रतिशत मजदूरों से काम लिए जाने का शपथ पत्र मांगा था. इतने मजदूरों में काम नहीं होने का हवाला देते हुए एसोसिएशन ने सरकार के इस फैसले पर असहमति जताई है. इनका कहना है कि 40 प्रतिशत मजदूरों से सिर्फ मेंटेनेंश का काम ही हो सकता है. इनसे उत्पादन का काम नहीं लिया जा सकता है।

    एसोसिएशन ने बैठक में इस बात पर भी कड़ी अपत्ति जताई कि केंद्र और राज्य सरकार ने उद्योगों को लॉकडाउन के दौरान किसी भी प्रकार की राहत नहीं दी है. जिससे वो काम कर पाने अपनी असहमित जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने बैंकों को भी आढ़े हाथों लेते हुए कहा कि केंद्र सरकार से मिले निर्देशों के बाद भी बैंकों द्वारा ईएमआई काटी जा रही है।

    कई राज्यों में उद्योगों को बिजली फिक्स चार्जेस की छूट दी गई है, लेकिन छत्तीसगढ़ में इस प्रकार की कोई राहत नहीं दी गई है. बिजली को लेकर भी किसी प्रकार की छूट नहीं मिलने पर अपनी अपत्ति जाहिर की है।

    इस बैठक में वीडियो कॉंफ्रेसिंग के जरिए उरला उद्योग एसोसिएशन, रोलिंग मिल एसोसिएशन, मिनी स्टील एसोसिएशन, स्पंज आयरन एसोसिएशन समेत प्रदेश के कई छोटे-बड़े उद्योग एसोसिएशन के सदस्य शामिल रहे।

  • शराब दुकान खोले जाने को लेकर लगाई गई याचिका पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनाया फैसला…

    शराब दुकान खोले जाने को लेकर लगाई गई याचिका पर हाईकोर्ट की खंडपीठ ने सुनाया फैसला…

    रायपुर। शराब दुकान खोले जाने को लेकर लगाई गई याचिका पर हाईकोर्ट में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई हुई. जस्टिस प्रशांत मिश्रा व जस्टिस गौतम भादुड़ी की खंडपीठ ने छत्तीसगढ़ बेवरेज कारपोरेशन द्वारा गठित कमेटी को निरस्त कर दिया।

    याचिकाकर्ता ममता शर्मा ने अधिवक्ता रोहित शर्मा के माध्यम से छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नियम विरुद्ध शराब दुकानों को खोले जाने के लिए कमेटी गठित किए जाने के खिलाफ याचिका लगाई थी।

    याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि शराब दुकानें खुलती हैं, तो भीड़ होने की वजह से कोरोना वायरस फैल सकता है, इसलिए लॉक डाउन तक शराब दुकानें बंद रखी जाए।

    कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने लॉकडाउन में शराब दुकान नहीं खोलने का निर्णय लिया है, ऐसे में कमेटी अपने आप निर्योग्य हो चुकी है. मामले पर फैसला सुनाने के बाद कोर्ट ने याचिका को निराकृत कर दी है।

  • सीएम भूपेश ने बदली अपनी डीपी, मास्क पहने नजर आए….

    सीएम भूपेश ने बदली अपनी डीपी, मास्क पहने नजर आए….

    रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ में मास्क की अनिवार्यता होने के बाद अपने सभी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर मास्क वाला डीपी लगाकर लोगों को जागरूक करने की पहल की है. अब तक 17 हजार से अधिक लोगों ने फेसबुक पर इसे पंसद किया है. बघेल ने इस डीपी के साथ अपने ट्वीट संदेश में कहा है कि छत्तीसगढ़ राज्य में प्रत्येक व्यक्ति को घर से बाहर सार्वजनिक स्थानों में निकलते समय मास्क पहनना अनिवार्य है. चिकित्सकीय विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार कोविड-19 की रोकथाम और बचाव के लिए मास्क फेस कव्हर पहना आवश्यक है।

    उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में प्रत्येक व्यक्ति को अब घर से बाहर सार्वजनिक स्थानों में निकलते समय मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। राज्य सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा इस माह की 11 तारीख को मंत्रालय महानदी भवन से इस आशय का आदेश जारी किया गया है। चिकित्सकीय विशेषज्ञों द्वारा कोविड-19 के रोकथाम एवं बचाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति को मास्क-फेस कवर पहनना आवश्यक बताया गया है। यह एपिडेमिक एक्ट 1897 एवं छत्तीसगढ़ एपिडेमिक डीसीजेज कोविड-19 विनियम 2020 तथा छत्तीसगढ़ पब्लिक हेल्थ एक्ट 1949 की धारा 71 (1) के तहत अनिवार्य किया गया है। बिना मास्क-फेस कवर के घर से बाहर सार्वजनिक स्थानों पर जाना इसका उल्लंघन माना जाएगा और तदनुसार विधिक कार्यवाही की जाएगी।

    आदेश में कहा गया है कि बाजार में मिलने वाले ट्रिपल लेयर मास्क का प्रयोग किया जा सकता है. होम मेड तीन परतों वाला फेस कवर बनाया जा सकता है. इस होम मेड मास्क-फेस कवर को साबुन से सफाई से धोकर पुनः प्रयोग में लाया जा सकता है। मास्क और फेस कवर उपलब्ध ना होने की स्थिति में गमछा, रूमाल, टुपट्टा आदि का भी उपयोग फेस कवर के रूप में किया जा सकता है। बशर्ते मास्क-फेस कवर पूर्ण रूप से मुंह एवं नाक को ढकने में सक्षम हो। कभी भी उपयोग में लाया हुआ फेस कवर मुंह, नाक ढकने में प्रयुक्त होने वाला गमछा आदि का पुनः प्रयोग बिना साबुन से अच्छी तरह साफ किए नहीं किया जाना चाहिए।

  • परिवहन विभाग ने जारी किया निर्देश, लॉकडाउन में आवश्यक वस्तुओं का मार्ग पर संचालन के लिए ड्राइविंग लाइसेंस के अतिरिक्त किसी और अनुमति की आवश्यकता नहीं…

    परिवहन विभाग ने जारी किया निर्देश, लॉकडाउन में आवश्यक वस्तुओं का मार्ग पर संचालन के लिए ड्राइविंग लाइसेंस के अतिरिक्त किसी और अनुमति की आवश्यकता नहीं…

    रायपुर। कोरोना वायरस की वजह से देश में लगे लॉकडाउन के दौरान आवश्यक सामग्री लेकर आवाजाही कर रहे मालवाहक चालकों को बेवजह परेशान किया जा रहा है. ऐसी स्थिति में छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग ने तमाम कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और परिवहन अधिकारियों को नए सिरे से निर्देश जारी किया है।

    परिवहन विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह की ओर से जारी दिशा-निर्देश में केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए बताया गया कि आवश्यक और गैर-आवश्यक माल परिवहन और मालवाहकों को राज्य के भीतर और अंतरराज्यीय मार्ग पर संचालन के लिए ड्राइविंग लाइसेंस के अतिरिक्त किसी और अनुमति की आवश्यकता नहीं है. ऐसे में ड्राइविंग लाइसेंस होने पर माल लदे होने के अलावा माल नहीं लदे रहने पर भी उन्हें न रोका जाए. इसके अलावा परिवहन विभाग की ओर से मालवाहकों के ड्राइवर और क्लिनरों को उनके निवास से ट्रकों तक आने-जाने की सुविधा प्रदान की जाए।

    विभाग ने स्पष्ट किया कि यह निर्देश कोरोना वायरस की वजह से प्रतिबंधित किए गए क्षेत्र पर लागू नहीं होता. इसके अलावा वाहनों की आवाजाही के दौरान स्वच्छता और सोशल डिस्टेंसिंग के मापदंडों के कड़ाई से पालन को सुनिश्चित करने कहा है।

  • लॉकडाउन का उल्लंघन किया तो पुलिस ने 500 बार ‘मैने लॉकडाउन के नियमों का पालन नहीं किया, मैं शर्मिंदा हूं’ लिखने की सजा दी….

    लखनऊ। कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन में गंगा किनारे सैर कर रहे 10 विदेशियों को पुलिस ने ऐसी सजा दी, जिससे बच्चे भी शर्मा जाएंगे. इन विदेशियों को पुलिस ने 500 बार ‘मैने लॉकडाउन के नियमों का पालन नहीं किया, मैं शर्मिंदा हूं’ लिखने की सजा दी।

    जानकारी के अनुसार, ऋषिकेष में गंगा नदी के किनारे तपोवन क्षेत्र में अमरीका, आस्ट्रेलिया, मेक्सिको और इजराइल के कुल 10 लोग घूमते पाए गए. उत्तराखंड पुलिस ने इन्हें जब रोककर पूछा तो उन्होंने कहा कि वे लॉकडाउन का उल्लंघन नहीं कर रहे हैं, क्योंकि वे छूट दी गई अवधि में ही बाहर निकले हैं. इस पर मौके पर मौजूद सब-इंस्पेक्टर विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि छूट घूमने के लिए नहीं दी गई है, केवल जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए दी गई है।

    इसके बाद सजा के तौर पर सभी 10 विदेशियों को मौके पर ही कागज पर 500 बार ‘I did not follow the rules of lockdown so I am so sorry.’ लिखने के लिए कहा गया. विदेशियों ने भी स्थिति को देखते हुए कागज पर अपनी गलती स्वीकार करने में ही भलाई समझी।