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  • सरिया में कोरोना से भी ज्यादा हैं चर्चित एक प्रतिष्ठान? मामला गाली गलौज धक्का-मुक्की की शिकायत के साथ थाने तक पहुंचा….

    सरिया में कोरोना से भी ज्यादा हैं चर्चित एक प्रतिष्ठान? मामला गाली गलौज धक्का-मुक्की की शिकायत के साथ थाने तक पहुंचा….

    रायगढ़। लॉक डाउन के बीच बीते कुछ दिनों से रायगढ़ जिले के सरिया क्षेत्र में लॉक डाउन और कोरोना से ज्यादा एक और मामला चर्चित है। मामला उलझा है। एक मिष्ठान एवं रेस्टोरेंट प्रतिष्ठान, एक एनजीओ और नगर पंचायत अध्यक्ष के बीच। बात इतनी बढ़ गई कि मामला गाली गलौज धक्का-मुक्की की शिकायत के साथ थाने तक पहुंच गया।

    दरअसल लॉक डाउन की घोषणा होने के बाद आवश्यक वस्तु को छोड़कर लगभग सभी दुकानों को बंद करने का आदेश आया था। नगर पंचायत सरिया द्वारा भी लॉक डाउन से पहले एक आदेश जारी किया गया 19 मार्च को। इस आदेश के अनुसार सरिया नगर पंचायत क्षेत्र में वायरस की संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए हाट बाजार, चौक चौराहे में फूट चौपाटी, चाट गुपचुप, फास्ट फूड, चाट पकौड़ी तथा अन्य खाद्य वस्तुओं जो खुले या ठेला लगाकर अस्थाई निर्माण कर बेचा जाता है। अगले आदेश आने तक पूर्ण रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया था।

    यहीं से मामला शुरू होता है। मंजरी सेवा वाहिनी समिति जो कि एक स्वयंसेवी संस्था है। समिति के अध्यक्ष नरोत्तम कुमार इजारदार ने सरिया चौक स्थित प्रतिष्ठान प्रवीण स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट पर 144 के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए सरिया थाना प्रभारी और रायगढ़ जिला प्रशासन से इसकी शिकायत की। उनका आरोप था कि यह प्रतिष्ठान लॉक डाउन के नियमों का उल्लंघन करते हुए खुला है एवं इसमें बड़ा भजिया समोसा भी बेचा जा रहा है। जिसके कारण लोगों की अनावश्यक भीड़ वहां लग रही है, सोशल डिस्टेंस का पालन नहीं हो रहा है और उक्त संस्थान के खुला रहने पर अन्य संस्थानों में आक्रोश पनप रहा है।

    इस पूरे मामले में सरिया नगर पंचायत अधिकारी महेंद्र राज गुप्ता ने हमें बताया कि उक्त फर्म को दुग्ध एवं खाद्य सामग्री का वैद्य लाइसेंस प्राप्त है। किसी प्रकार के नियमों का उल्लंघन जांच में नहीं पाया गया है। छूट की अवधि दुकान का संचालन होना पाया गया है। दुग्ध बेकरी एवं अन्य सामानों की नगर पंचायत द्वारा जारी नियमों के तहत ही पार्सल सुविधा दी जाती है।

    लेकिन इस मामले में बड़ा नाटकीय मोड़ तब आता है। जब प्रवीण स्वीट्स को क्लीन चिट के बाद 10 अप्रैल की शाम को नरोत्तम इजारदार द्वारा एक सनसनीखेज आरोप लगाया जाता है। सरिया के नगर पंचायत अधिकारी महेंद्र राज गुप्ता पर। नरोत्तम ने सरिया पुलिस में अपनी लिखित शिकायत में लिखा है कि 10 अप्रैल की शाम को जब पशु औषधालय के पास वह हमेशा की तरह पौधों में पानी देने जा रहा था। तब सरिया नगर पंचायत अधिकारी महेंद्र राज गुप्ता एवं अन्य के द्वारा उनके साथ गाली-गलौज और हाथापाई की गई।

    अपनी लिखित शिकायत में उन्होंने अधिकारी के ऊपर उक्त प्रतिष्ठान के साथ सांठगांठ का आरोप भी लगाया। इसके साथ ही उन्होंने अपनी लिखित शिकायत में रायगढ़ जिले के बहुचर्चित सरिया नगर पंचायत कांड जिसमें पार्षद अरुण सराफ और नगर पंचायत अधिकारी के बीच हुए मामले का भी जिक्र किया और उस मामले में अधिकारी की शिकायत को फर्जी बताया। बहरहाल इस मामले में उनके आरोपों में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही पता चल पाएगा। लेकिन उनके अंडर ग्राउंड होने से मामला अधर में फस गया हैं।

    इन सबके बीच नरोत्तम ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो बयान भी जारी किया। जो कि काफी वायरल भी हुआ। जिसमें उन्होंने काफी सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। लेकिन उनके आरोपों में कितनी सच्चाई है यह तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

    CMO ने भी की थाने में शिकायत

    10 अप्रैल की घटना के बारे में में जब हमने सरिया नगर पंचायत अधिकारी महेंद्र राज गुप्ता से जानना चाहा तो उन्होंने बताया कि 10 अप्रैल की शाम को नरोत्तम इजारदार द्वारा बिना किसी अधिकारिक पास के लॉक डाउन का उल्लंघन करते हुए बाहर घूमते पाया गया। कारण पूछने पर उन्होंने कोई वाजिब और संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। उनके द्वारा धारा 144 और 188 के उल्लंघन की जानकारी दी गई। जिसके बाद से वह अभद्र व्यवहार करने लगे। अपने आपको किसी एनजीओ का अध्यक्ष बताते हुए हुज्जत बाजी भी की। जिसकी शिकायत हमने सरिया थाना में दर्ज कराई है।

    इस पूरे मामले की पड़ताल के दौरान एक बात और सामने आई कि एनजीओ के अध्यक्ष नरोत्तम के किसी एक करीबी रिश्तेदार का भी होटल/ढाबा व्यवसाय है। जो लॉक डाउन उनके तहत बंद है।

    बहरहाल अभी तक इस मामले में भी सरिया पुलिस की कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी है। सरिया पुलिस द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रार्थी नरोत्तम का संपर्क पुलिस से नहीं हो पा रहा है। उनका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ आ रहा है और घर पर भी नही हैं। जिसके कारण कार्रवाई अधर में लटकी है।

     

  • बिलासपुर में करोना टेस्टिंग लैब शुरू करने की पहल, आरबी लैब को अधिग्रहित करने के निर्देश….

    रायपुर।  मान. उच्च न्यायालय बिलासपुर के आदेश के परिपालन में स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिलासपुर में कोरोना टेस्टिंग लैब की स्थापना के लिए तेजी से कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। यह जानकारी आज यहां स्वास्थ्य सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह की अध्यक्षता में कोविड-19 के स्टेट कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में आयोजित बैठक में दी गई।
    स्वास्थ्य सचिव श्रीमती सिंह ने संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़ को बिलासपुर में कोविड-19 टेस्ट के लिए आरबी लेब्रोटरी को तत्काल अधिग्रहित किए जाने का आदेश जारी करने के साथ ही वहां टेस्टिंग की अनुमति हेतु भारत सरकार और एम्स रायपुर को पत्र भिजवाने के निर्देश दिए। बैठक में बिलासपुर स्थित आरबी लेब्रोटरी में उपलब्ध मानव संसाधन सहित अन्य आवश्यक उपकरण आदि के सम्बन्ध में भी चर्चा की गई। आरबी लेब्रोटरी में विशेषज्ञ चिकित्सक सहित चार लैब टेक्नीशियन, रेफ्रिजरेटर आरटीपीसीआर मशीन एवं अन्य संसाधन उपलब्ध हैं। सचिव श्रीमती सिंह ने बिलासपुर दौरे पर गए डीएमई डॉ. आदिले को आरबी लैब का मौका मुआयना करने और वहां की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट देने के भी निर्देश दिए।
    बैठक में राज्य में कोरोना संक्रमण की रोकथाम की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई ।कोरोना संक्रमण के संबंध में जानकारी एवं शिकायत हेतु टोल फ्री नंबर 104 पर प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार लक्षण वाले केसेस का कोरोना सैंपल टेस्ट कराए जाने का निर्णय लिया गया। बैठक में होम क्वारें टाइन किये गए लोगों के स्वास्थ्य की सघन एवं सतत मॉनिटरिंग और रिपोर्टिंग की भी समीक्षा की गई स्वास्थ्य सचिव ने सर्विलेंस टीम के काम एवं रिपोर्टिंग पर निगरानी रखने के लिए पृथक से एक वरिष्ठ अधिकारी की ड्यूटी लगाने हेतु सभी कलेक्टर को पत्र भेजने के निर्देश दिए।
    बैठक में जानकारी दी गई कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने सी एसआर से 20000 नग पीपीई किट प्रदान करने की सहमति दी है। इसी तरह अन्य बैंकों से भी आवश्यक सामग्री प्रदान करने हेतु सहयोग का आग्रह किया गया। बिलासपुर में स्वास्थ्य विभाग के पास उपलब्ध ट्रूू-नेट मशीन से संभावित लोगों की स्क्रीनिंग कराकर लक्षण वाले मरीजों का कोरोना टेस्ट कराने का निर्णय लिया गया।
    बैठक में रायपुर नगर निगम के विभिन्न इलाको में पीलिया के प्रकोप की रोकथाम हेतु किए जा रहे उपायों की भी समीक्षा की गई। नोडल अधिकारी ने बताया कि सभी प्रभावित इलाकों में शिविर लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है। सचिव श्रीमती सिंह ने पीलिया से बचाव हेतु प्रभावित इलाकों में नगर निगम एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के समन्वय से प्रभावी के कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में संचालक स्वास्थ्य सेवाएं नीरज बंसोड़, संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉक्टर शुक्ला सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

  • सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना टेस्ट मुफ्त किये जाने के फैसले को पलटते हुए दिया नया आदेश, गरीबों का ही हो पाएगा मुफ्त टेस्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना टेस्ट मुफ्त किये जाने के फैसले को पलटते हुए दिया नया आदेश, गरीबों का ही हो पाएगा मुफ्त टेस्ट

    बिलासपुर। सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते सभी को मुफ्त में कोरोना टेस्ट प्राइवेट लैब में कराने को लेकर दिए गए आदेश को पलटते हुए नया संशोधित आदेश दिया है कि सिर्फ गरीबों को ही प्राइवेट लैब में कोरोना टेस्ट मुफ्त में कराने की सुविधा दी जाए। दरअसल दो जजों की बेंच जस्टिस अशोक भूषण और एस. रविन्द्र भट्ट ने नया आदेश दिया कि जो लोग टेस्ट के लिए 4,500 रुपये नहीं चुका सकते हैं, सिर्फ उन्हीं को प्राइवेट लैब में मुफ्त जांच कराए जाने की सुविधा दी जानी चाहिए। उदाहरण देते हुए अदालत ने कहा कि जो लोग आयुष्मान भारत योजना के तहत योग्य हैं उन्हें तो इस टेस्ट के लिए पैसे देने की जरूरत भी नहीं है। जजों ने केन्द्र से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि अन्य श्रेणी के कमजोर तबकों के बारे में नोटिफाई करें जो बिना पैसे दिए प्राइवेट लैब में कोरोना का टेस्ट करा सकें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि “आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अलावा अन्य कम आय वर्ग की श्रेणी में आने वाले लोगों के बारे में सरकार विचार कर सकती है कि क्या उनकी मुफ्त कोविड-19 जांच की जाए और इस बारे में एक हफ्ते के अंदर गाइडलाइंस जारी करे।” इसके साथ ही, कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे केस में मुफ्त जांच का वित्तीय बोझ प्राइवेट लैब नहीं उठा पाते हैं तो ऐसे लैब की तरफ से होने वाली मुफ्त जांच पर खर्च की सरकार भरपाई करने के लिए गाइडलाइंस के साथ लेकर आए। इससे पहले, वकील शशांक देव शुद्धि की तरफ से दायर याचिका में यह कहा गया था कि सरकारी अस्पतालों में क्षमता से ज्यादा लोग पहले से ही है, ऐसी स्थिति में प्राइवेट लैब में जाने के लिए लोगों को मजबूर किया गया। इसके बाद कोर्ट ने सभी के लिए प्राइवेट लैब में मुफ्त कोरोना जांचकराने का आदेश दिया था।

    फ़िलहाल देश की गरीब जनता अपना कोरोना टेस्ट कराने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही है। इस बीच खबर आ रही है कि कानून के कई जानकार अदालत के इस फैसले को भी चुनौती देने का मन बना रहे है। उनकी दलील है कि अमीर गरीब के भेद में ना पड़ते हुए देश के सभी नागरिकों के लिए मुफ्त कोरोना टेस्ट का बंदोबस्त करना सरकार का दायित्व है।

  • कटघोरा में 2 और पॉजिटिव मरीज मिले, एक पुरूष एक महिला

    कोरबा । कटघोरा से फिर दो पॉजिटिव रिपोर्ट की खबर आई है। जिसमे ,एक पुरुष, एक महिला शामिल। पहले ही वहाँ 21 लोग कोरोना संक्रमित थे अब संख्या बढ़कर 23 ही गई है।आज स्वास्थ सचिव भी कोरबा जिले में मौजूद थे ।लगातार स्वास्थ्य विभाग द्वारा संपेलिंग भी किया जा रहा है।

  • हाई कोर्ट ने तीन दिन के भीतर बिलासपुर में कोरोना टेस्ट सेंटर खोलने कार्रवाई करने को कहा

    हाई कोर्ट ने तीन दिन के भीतर बिलासपुर में कोरोना टेस्ट सेंटर खोलने कार्रवाई करने को कहा

    बिलासपुर। कटघोरा में मिलने वाले कोरोना संक्रमितों की संख्या को देखते हुए कोर्ट ने राज्य शासन को बिलासपुर में टेस्ट सेंटर खोलने के लिए तीन दिन के अंदर आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मरकज मामले में जुड़े लोगों की पहचान व् प्रभावितों के उपचार के सम्बन्ध में वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी एवं डीजीपी को शपथ पत्र प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 17 अप्रेल को होगी।
    कोरोना वायरस के फैलाव को रोकने देश भर में लॉक डाउन किया गया है। लॉक डाउन के दौरान आमजनों की समस्या एवं प्रभावितों के उपचार जांच की व्यवस्था को हाई कोर्ट ने संज्ञान में लिया है। सभी याचिकाओं में सोमवार को जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा एवं जस्टिस गौतम भादुडी की डीबी में सुनवाई हुई। वीडियो कांफ्रेंसिग के माध्यम से महाधिवक्ता सतीश चंद्र वर्मा ने जवाब पेश कर तबलिगी जमात एवं मरकज से जुड़े लोगो की तलाश एवं पहचान किये जाने के सम्बन्ध में जानकारी दी। न्यायमित्र ने कटघोरा में कोरोना वायरस पीड़ितों के मिलने एवं उनके जांच की कोई व्यवस्था नही होने के मुद्दे को कोर्ट के समक्ष रखा। कोर्ट ने कटघोरा की स्थिति को देखते हुए शासन को बिलासपुर में तीन दिन के अंदर आवश्यक कार्रवाई कर बिलासपुर में कोरोना टेस्ट सेंटर खोलने का निर्देश दिया ताकी कोरबा, कटघोरा, जांजगीर, रायगढ़ के मरीजों की जल्दी जांच हो।कोर्ट ने स्वास्थ्य अधिकारी व् डीजीपी को मरकज मामले में शपथ पत्र पेश करने का आदेश दिया है।

  • जिले में विदेश से आये 209 में से 186 एवं अन्य राज्यों से आये 6092 में से 5676 यात्री होम आईसोलेशन में

    जिले में 13 अप्रैल तक कोई भी कोरोना के पाजिटिव मरीज नहीं
    स्वास्थ्य विभाग कर रहा है इनकी नियमित मॉनिटरिंग

     

    सुनील अग्रवाल खरसिया । जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 01 जनवरी 2020 के बाद विदेशों से कुल 209 यात्री आये हैं जिसमें सेे 186 यात्रियों का होम आईसोलेशन एवं क्वारेंटाईन की अवधि 28 दिवस पूर्ण हो चुका है। शेष 23 यात्रियों को होम आईसोलेशन में रखा गया है। इनके घरों के आस-पास 50 घरों का कम्यूनिटी सर्वेलेंस किया गया है एवं सतत् निगरानी रखी जा रही है।
    जिले में अन्य राज्य से अब तक कुल 6092 यात्री आये हैं जिसमें से 360 यात्रियों का होम आईसोलेशन की अवधि 28 दिवस पूर्ण हो चुका है। शेष 5676 यात्रियों को होम आईसोलेशन में रखा गया है एवं सतत् निगरानी की जा रही है। जिले में कुल 128 व्यक्तियों का सेम्पल संग्रहण कर जांच हेतु भेजा गया है। जिसमें से 126 व्यक्तियों का रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुआ है। शेष 2 का रिपोर्ट अप्राप्त है। वर्तमान में जिले में किसी भी व्यक्ति में कोविड-19 बीमारी के लक्षण नहीं पाये गये है एवं आज दिनांक तक कोई भी कोविड-19 के पॉजिटीव मरीज नहीं है। जिले के सभी निवासियों से अपील है कि लॉकडाउन को सफल बनाएं एवं सामाजिक दूरी के नियमों का कड़ाई से पालन करें तभी इसके प्रसार को नियंत्रित किया जा सकेगा। जिले में यदि ऐसे किसी भी प्रवासी व्यक्ति की जानकारी उन्हें प्राप्त होती है, तो टोल फ्री नम्बर 104 पर एवं अंतर्विभागीय समन्वय हेतु दोनों नम्बर 9589356700 तथा 9981811582 पर एवं जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल सूचना देवें। कोरोना संक्रमण के विरूद्ध लड़ाई में प्रशासन का सहयोग करें और अफवाहों से दूर रहें।

  • मैं हूँ कोरोना,मैं तभी तुम्हे संक्रमित करूँगा जब तुम खुद मेरे पास आओगे, मुझसे बचना है तो घर पर ही रहो

    मैं हूँ कोरोना,मैं तभी तुम्हे संक्रमित करूँगा जब तुम खुद मेरे पास आओगे, मुझसे बचना है तो घर पर ही रहो

    लॉक डाउन में लोगों को जागरूक करने खरसिया पुलिस ने अपनाया अनोखा तरीका….

    सुनील अग्रवाल खरसिया लॉक डाउन में लोगों को कोरोना वायरस के प्रति जागरूक करने के लिए पुलिस विभाग खरसिया ने अनोखा तरीका अपनाया। कोरोना वायरस का वेश धरे हुए पुलिस के दो जवानों ने आज शहर में घूम-घूम कर लॉक डाउन का पालन नही करने वाले, लापरवाही पूर्वक बिना कारण बाहर घूम रहे लोगों को संदेश दिया कि कोरोना आपसे व आपके घर से तब तक दूर रहेगा जब तक आप उसे खुद लेने घर से बाहर नही निकलेंगे। मतलब घर के बाहर निकलने से कोरोना वायरस से संक्रमित होने की संभावनाएं हर जगह मौजूद हो सकती है। यदि लोग लॉक डाउन में लापरवाही बरतेंगे, बाहर घूमेंगे, भीड़ लगायेंगे, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नही करेंगे, नियमित हाथ की सफाई नही करेंगे, तो कोरोना वायरस के संपर्क में आ सकते हैं। जिससे खुद तो संक्रमित होंगे ही, अपने घर परिवार, मोहल्ले में भी इस संक्रमण को फैलाएंगे। जो बहुत घातक सिद्ध हो सकता है। इससे बचने का सबसे बढिय़ा तरीका है अपने-अपने घरों पर बने रहें। शासन-प्रसाशन के दिशा निर्देशों का पालन करें। नियमित हाथ धोते रहें। सजग रहें, सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।

    उल्लेखनीय है कि प्रशासन और पुलिस विभाग कोरोना वायरस को लेकर लोगों में जागरूकता फैलाने लगातार मुहिम चला रहा है। जिले में लॉक डाउन का पालन करवाने स्वयं पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह, एएसपी अभिषेक वर्मा व सीएसपी अविनाश ठाकुर मोर्चा संभाले हुए हैं, वहीं खरसिया अनुविभाग में एसडीओपी पीताम्बर पटेल, नगर निरीक्षक सुम्मत राम साहू और चौंकी प्रभारी नंद किशोर गौतम अपनी टीम के साथ डटे हुए हैं। खरसिया थाना प्रभारी सम्मत राम साहू ने बताया कि वर्तमान परिदृश्य में लॉक डाउन का पालन करना क्यों इतना महत्वपूर्ण है के संबंध में लोगों को समझाईश भी दी जा रही है, इसका उल्लंघन करने पर संबंधित लोगों के ऊपर कानूनी कार्यवाही भी की जाएगी।

  • जिले में विदेश से आये 209 में से 186 एवं अन्य राज्यों से आये 6057 में से 5702 यात्री होम आईसोलेशन में… आज भी रायगढ़ जिले में कोई भी मरीज नहीं है कोरोना पॉजिटिव

    जिले में विदेश से आये 209 में से 186 एवं अन्य राज्यों से आये 6057 में से 5702 यात्री होम आईसोलेशन में… आज भी रायगढ़ जिले में कोई भी मरीज नहीं है कोरोना पॉजिटिव

    रायगढ़। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.एस.एन.केशरी ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 01 जनवरी 2020 के बाद विदेशों से कुल 209 यात्री आये हैं जिसमें सेे 186 यात्रियों का होम आईसोलेशन एवं क्वारेंटाईन की अवधि 28 दिवस पूर्ण हो चुका है। शेष 23 यात्रियों को होम आईसोलेशन में रखा गया है। इनके घरों के आस-पास 50 घरों का कम्यूनिटी सर्वेलेंस किया गया है एवं सतत् निगरानी रखी जा रही है।

    जिले में अन्य राज्य से अब तक कुल 6057 यात्री आये हैं जिसमें से 301 यात्रियों का होम आईसोलेशन की अवधि 28 दिवस पूर्ण हो चुका है। शेष 5702 यात्रियों को होम आईसोलेशन में रखा गया है एवं सतत् निगरानी की जा रही है। जिले में कुल 127 व्यक्तियों का सेम्पल संग्रहण कर जांच हेतु भेजा गया है। जिसमें से 115 व्यक्तियों का रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुआ है। शेष 12 का रिपोर्ट अप्राप्त है। वर्तमान में जिले में किसी भी व्यक्ति में कोविड-19 बीमारी के लक्षण नहीं पाये गये है एवं आज दिनांक तक कोई भी कोविड-19 के पॉजिटीव मरीज नहीं है। निजामुद्दीन से आये जमाती लोगों के निवास के इलाकों में कन्टेन्मेंट प्लान के तहत चांदनी चौक एवं छातामुड़ा में 1 कि.मी.के दायरे के लगभग 3000-3000 घरों में सर्वे कार्य कराया जा रहा है, जिसके तहत आज दिनांक तक चांदनी चौक क्षेत्र में 1765, छातामुड़ा क्षेत्र में 1091 कुल 2856 घरों का सर्वे कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जिसमें से 30 व्यक्तियों को सामान्य सर्दी-खांसी एवं 2 व्यक्तियों को सामान्य बुखार के लक्षण पाये गये। जिनकी सूची तैयार की जा रही है एवं आवश्यकता पडऩे पर सैम्पल लिया जाएगा।
    जिले के सभी निवासियों से अपील है कि लॉकडाउन को सफल बनाएं एवं सामाजिक दूरी के नियमों का कड़ाई से पालन करें तभी इसके प्रसार को नियंत्रित किया जा सकेगा। जिले में यदि ऐसे किसी भी प्रवासी व्यक्ति की जानकारी उन्हें प्राप्त होती है, तो टोल फ्री नम्बर 104 पर एवं अंतर्विभागीय समन्वय हेतु दोनों नम्बर 9589356700 तथा 9981811582 पर एवं जिले के प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल सूचना देवें। कोरोना संक्रमण के विरूद्ध लड़ाई में प्रशासन का सहयोग करें और अफवाहों से दूर रहें।

     

  • DGP के निर्देश पर चार पुलिसकर्मियों को रायपुर PHQ किया गया अटैच, 3 इंस्पेक्टर सहित 4 पर गिरी गाज….

    DGP के निर्देश पर चार पुलिसकर्मियों को रायपुर PHQ किया गया अटैच, 3 इंस्पेक्टर सहित 4 पर गिरी गाज….

    रायपुर। कोरोना ड्यूटी में गंभीर लापरवाही पर डीजीपी ने तल्ख तेवर दिखाये हैं। डीजीपी डीएम अवस्थी के निर्देश पर 3 TI समेत चार पुलिसकर्मियों को रायपुर अटैच कर दिया गया है। सभी पर लॉकडाउन के दौरान लापरवाही और लचर पुलिसिंग का आरोप था। इन सभी के खिलाफ पिछले कई दिनों से शिकायतें मिल रही थी, जिसके बाद डीजीपी ने ये कार्रवाई की है। जिन थाना प्रभारियों पर कार्रवाई की गई है उनमें लक्ष्मण केंवट निरीक्षक थाना गातापार, केसरी साहू निरीक्षक थाना बाघनदी, रमाकांत तिवारी निरीक्षक थाना चिल्फी, बृजेश सिन्हा उपनिरीक्षक थाना कूकदूर शामिल हैं।

    जिन लोगों पर गाज गिरी है, उनमें 3 इंस्पेक्टर और एक सब इंस्पेक्टर शामिल हैं। जानकारी के मुताबिक इन पुलिकर्मियों में से दो के इलाके में अवैध शराब की बिक्री की शिकायत मिली थी। लाकडाउन और शराब दुकान बंद रहने के बावजूद शराब बिक्री की शिकायत के बाद डीजीपी ने ये कार्रवाई की है।

    वहीं दो पुलिसकर्मियों ने सीमाओं को सील किये जाने में लापरवाही बरती थी। निर्देश के बावजूद इलाके में सीमा क्षेत्र के अंदर बाहर आवाजाही जारी थी, जिसके बाद ये कार्रवाई की गयी है।

  • खरसिया पुलिस ने की अवैध शराब विक्रेताओं पर कार्यवाही

    खरसिया पुलिस ने की अवैध शराब विक्रेताओं पर कार्यवाही

    खरसिया। मुखबिर द्वारा सूचना मिलने पर चौकी पुलिस ने ग्राम अंजोरी पाली में शराब का अवैध विक्रय करने वालों पर कार्यवाही करते हुए लगभग 18 लीटर शराब जप्त की है।
    गौरतलब है कि विगत कई दिनों से पुलिस को ग्राम अंजोरी पाली में अवैध रूप से शराब बिक्री किए जाने की सूचना मिल रही थी। मुखबिर की पक्की सूचना पर, खरसिया एसडीओपी पितांबर पटेल तथा थाना प्रभारी सुम्मत राम साहू के निर्देश पर चौकी प्रभारी नंदकिशोर गौतम ने अपनी टीम के साथ छापा मारकर ग्राम अंजोरिपाली निवासी चंद्रकांति राज से 3 लीटर,दल बादल सिंह सिदार से 3 लीटर, मनोज जोल्हे से 2 लीटर, तिलकराज से 3 लीटर, अघन बाई सिदार से 2 लीटर तथा वेद राम राठिया से 4.5 लीटर शराब जप्त कर आबकारी एक्ट की धारा 34(1)के तहत कार्यवाही की गई है।
    उक्त कार्यवाही में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक नंदकिशोर गौतम, सहायक उप निरीक्षक कमल राजपूत, प्रधान आरक्षक अशोक देवांगन, उमाशंकर घृतांत, आरक्षक चित्रांगद चंद्रा, महेंद्र खरे, तथा महिला आरक्षक सलीमा टोप्पो की विशेष भूमिका रही।