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  • धूमधाम से मनाया जाएगा राणी सती दादी का मेहंदी उत्सव

    धूमधाम से मनाया जाएगा राणी सती दादी का मेहंदी उत्सव


    खरसिया । धर्म नगरी खरसिया के छपरी गंज स्थित झुंझनु वाली दादी राणी सती मंदिर में दादी जी का मेहंदी उत्सव बड़ी धुमधाम से राणी सती सेवा समिति द्वारा 23 एवं 24 नवंबर दो दिन मनाया जावेगा। राणी सती सेवा समिति के अमोल अग्रवाल (भुरू) ने बताया कि दादी भक्तों के लिए मेहंदी उत्सव के अवसर पर दो दिवसीय उत्सव दादी सती मंदिर में मनाने की तैयारी जोरो से चल रही है। 23 नवंबर शनिवार को दादी जी की मेहंदी उत्सव का कार्यक्रम शाम 4 रखा गया है जिसमे खरसिया के प्रसिद्ध भजन गायक अभिषेक अग्रवाल द्वारा किया जाएगा वही रतजगा रात्रि 8 बजे एवमं 24 नवंबर को चुंदड़ी चूड़ा सिंगार सुबह 10 बजे, आरती पूजन व छप्पन भोग सुबह 11 बजे लगाया जाएगा इसके पश्चात भंडारे का प्रसाद दोपहर 12-30 बजे से प्रारम्भ होगा उसके बाद गोंदिया की प्रसिद्ध मंगल पाठ गायिका बरखा छितरका आएगी।

    दादी जी के मंगल पाठ में भक्तों के लिए बैठने की विशेष व्यवस्था समिति द्वारा की गई है। दादी राणी सती जी के मंदिर को रंग बिरंगी विद्युत झालरो से सजाया गया है। श्री झुंझनु वाली राणी सती धर्मादा ट्रस्ट व राणी सती सेवा समिति के सभी लोग कार्यक्रम को भव्यता देने में दिन रात लगे हुए है।

  • छत्तीसगढ़ में आंखफोड़वा कांड-2… सरकारी मोतियाबिंद ऑपरेशन में 10 मरीज हुए अंधे… डॉक्टर नर्स सस्पेंड…

    छत्तीसगढ़ में आंखफोड़वा कांड-2… सरकारी मोतियाबिंद ऑपरेशन में 10 मरीज हुए अंधे… डॉक्टर नर्स सस्पेंड…

    रायगढ़। छत्तीसगढ़ में एक और आंखफोड़वा कांड हो गया है। ये हम नहीं कह रहे बल्कि कांग्रेस ने सोशल मीडिया में पोस्ट कर सरकार पर आरोप लगाया।

    दरअसल, छत्तीसगढ़ में मोतियाबिंद के गलत ऑपरेशन से 10 आदिवासी बुजुर्गों को दिखना बंद हो गया है। 22 अक्टबूर को दंतेवाड़ा जिला अस्पताल में 20 लोगों का ऑपरेशन हुआ था। सर्जरी के बाद 10 बुजुर्गों को आंख में खुजली, दर्द और ना दिखने की शिकायत हुई।

    आनन-फानन में दंतेवाड़ा के सरकारी डॉक्टर्स ने मरीजों को 24 अक्टूबर को रायपुर के अंबेडकर हॉस्पिटल रेफर कर दिया। इसके बाद रविवार को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी अस्पताल पहुंचे और मरीजों का हाल-चाल जाना तब मामला गरमा गया।

    वहीं अब सर्जरी करने वाली डॉ गीता नेताम, ममता वेदे स्टाफ नर्स और दीप्ति टोप्पो नेत्र सहायक अधिकारी को सस्पेंड किया गया है। इधर कांग्रेस ने भी इसे बड़ी लापरवाही बताते हुए अपनी जांच टीम गठित कर दी है। कांग्रेस ने इसे अंखफोड़वा कांड पार्ट 2 बताया है। यहां बता दें कि 2011 में भी सरकारी मोतियाबिंद ऑपरेशन में गलत इलाज से 40 से ज्यादा लोगों की रोशनी चली गई थी।

    सोशल मीडिया पर प्रदेश कांग्रेस ने इसे अंखफोड़वा कांड पार्ट-2 बताया है।

  • रायपुर में AC फटने से बिल्डिंग में लगी आग : भाजपा नेता के भाई समेत दो लोगों की मौत…

    रायपुर में AC फटने से बिल्डिंग में लगी आग : भाजपा नेता के भाई समेत दो लोगों की मौत…

    राजधानी रायपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है जहां कल 26 अक्टूबर, शनिवार की देर शाम एक बिल्डिंग में आग लगने के कारण भाजपा नेता के भाई समेत दो लोगों की मौत हो गई है। यह हादसा एसी के फटने से हुआ है। घटना देवेंद्र नगर थाना क्षेत्र में हुई है। मौके पर पुलिस अधिकारी भी पहुंच चुके हैं। बताया गया है कि आग से कुछ और लोग भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं।

    बताया जा रहा है कि, एसी के फटने से कमरे में धुआं भर गया, जिससे अंदर मौजूद लोगों की दम घुटने से मौत हुई। ब्लास्ट की तीव्रता इतनी थी कि खिड़की के कांच तक टूट गए। दमकल कर्मियों ने अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा। मृतकों की पहचान आरिफ मंजूर खान (48) और मशरत खान (26) के रूप में हुई है।आरिफ मंजूर खान एक इवेंट ऑर्गेनाइज़र थे, जिन्होंने रायपुर और प्रदेश के अन्य हिस्सों में फैशन शो और अन्य कार्यक्रमों का आयोजन किया। उनके बड़े भाई मखमूर खान छत्तीसगढ़ भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश महामंत्री हैं।

    स्थानीय पार्षद बंटी होरा ने बताया कि सेक्टर-1 में एक रेसिडेंशियल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स है, जहां ऑटोमेशन आर्ट कंपनी का कार्यालय स्थित है। इसी दफ्तर में ब्लास्ट हुआ। ब्लास्ट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि खिड़की के शीशे टूटकर गिर गए। हादसे के समय दफ्तर में एक महिला और एक पुरुष मौजूद थे।

    जब फायरकर्मी मौके पर पहुंचे, तो कमरे में धुआं भरा हुआ था। उन्होंने तुरंत अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया। सीएसपी सिविल लाइन अजय कुमार ने बताया कि दफ्तर दूसरी मंजिल पर स्थित है, जहां आग लगने की सूचना मिली थी।

  • डॉ. राम विजय शर्मा के शोध एवं खोज पर आधारित अमर शहीद कांतिवीर चिंतु देहारी (हल्बा) की प्रतिमा का अनावरण

    डॉ. राम विजय शर्मा के शोध एवं खोज पर आधारित अमर शहीद कांतिवीर चिंतु देहारी (हल्बा) की प्रतिमा का अनावरण


    कोलर विगत दिनों नवरात्रि के पावन अवसर पर मौजा कोलर तहसील अंतागढ़ जिला उत्तर बस्तर कांकेर में डॉ. राम विजय शर्मा शोधकर्ता एवं इतिहासकार छ.ग. के शोध एवं खोज पर आधारित अमर शहीद कांतिवीर चिंतु देहारी (हल्बा) जी की आदमकद प्रतिमा का निर्माण छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया गया जिसका अनावरण अंतागढ़ के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक श्री विक्रमदेव उसेंडी के कर कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर माननीय विक्रम उसेंडी जी ने कहा की आज नवरात्रि के पावन अवसर पर अमर शहीद कांतिकारी चिंतु देहारी (हल्बा) की प्रतिमा का अनावरण कर हम गौरवान्वित है। इस प्रतिमा का अनावरण और पहले होना चाहिए था। हम पूरे आदिवासी समाज शोधकर्ता एवं इतिहास कार डॉ. राम विजय शर्मा के प्रति आभारी हैं कि उन्होने शोधकर हमे बताया कि चिंतु देहारी (हल्बा) 1910 ई. के भूमकाल स्वतंत्रता आंदोलन के कोलर परगना के नायक थे। उन्होने ताड़पत्र ग्रंथों की रचना की थी, जिसका इंडिया टूडे में प्रकाशन हुआ। उनके नाती दलपत सिंह देहारी हैं जिन्होंने हमसे कई बार मुलाकात कर चिंतु देहारी (हल्बा) जी के बारे में बताये तथा प्रतिमा स्थापित कराने में महती योगदान हैं। इस अवसर पर उन्होने कोलर में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए रू. 20 लाख की घोषण की जिसका नामकरण कांतिवीर अमर शहीद चिंतु देहारी (हल्बा) जी के नाम पर होगा। उन्होने लाईब्रेरी स्थापना की भी घोषणा की।

    इस अवसर पर शोधकर्ता एवं इतिहास कार डॉ. राम विजय शर्मा ने कहा की 1910 ई. का भूमकाल स्वतंत्रता आंदोलन का भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण स्थान है उन्होने आगे बताया की भारत की शायद ही कोई आंदोलन इतना व्यापक एवं सुनियोजित तरीके से संचालित किया गया। इसके नेतृत्वकर्ता बस्तर रियासत के भूतर्पूव दीवान लाल कालेंद्र सिंह थे। इस आंदोलन का संचालन ताडौकी के रानी डोंगरी पहाडी से पूरे बस्तर में किया गया। कांति के सभी बड़े-बडे नेता रानी डोंगरी पहाडी पर जमा होते थे तथा रणनीति बनाते थे। रानी डोंगरी पहाडी पर जाने के लिए सुरंग से रास्ता था, जिससे अंग्रेजो को पता नहीं चलता था। पहाड़ी पर ही दंतेश्वरी माई का मंदिर था। रानी डोंगरी पहाडी पर चिंतु हल्बा, दीना मरार, ताड़ोकी के बघेल जी, मासबरस के राजू मुरिया तथा कोदा गाँव के लुला मुरिया आदि आम की टहनी में लालमिर्च बांधते थे तथा भोर होते संपूर्ण बस्तर में भेज दिया जाता था, जिससे कांतिकारी आंदोलन के जमा होते थे, यह एक प्रकार का निमंत्रण पत्र था। डॉ. शर्मा ने 1910 ई. का बस्तर का भूमकाल स्वतंत्रता आंदोलन को भारत का सबसे सुनियोजित एवं व्यापक आंदोलन घोषित किया।

    इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि एवं अंतागढ़ के पूर्व विधायक श्री मंतुराम पवार जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शोधकर्ता एवं इतिहासकार डॉ. राम विजय शर्मा का हम सभी आदिवासी समाज ऋणि है जिन्होंने कोलर के अमर शहीद चिंतु हल्बा के बारे में खोज किया एवं आदिवासी समाज को जागृत्त किया। कोलर का एक किसान का लड़का चिंतु हब्ला जी का छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रतिमा का स्थापना किया जाना कोलर के किसानों का सम्मान है। उन्होने कोलर के हायर सेंकेंड्री स्कूल का नामांतरण अमर शहीद चिंतु देहारी हल्बा के नाम पर किये जाने की अपील की।

    इस अवसर पर आदिवासी युवा नेता तथा जनपद पंचायत अंतागढ़ के अध्यक्ष श्री बद्री गावडे जी ने बताया कि हम लोग डॉ. राम विजय शर्मा के साथ एवं डॉ. लिलेश साहू के साथ जंगल जंगल जाकर अंतागढ़ अंचल के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बारे में खोज किया। उन्होने जल जंगल जमीन पर आदिवासियों के हितो की रक्षा करने की बात बताई तथा शासन से उनके हितों की रक्षा के लिए कदम उठाये जाने की मांग की उन्होंने आगे कहा कि अमर शहीद चिंतु हल्बा जी के बलिदान को कोलर परगना की जनता कभी भुल नहीं पायेगी।

    इस अवसर पर चिंतु हल्बा देहारी जी के नाती दलपत सिंह देहारी ने बताया की अंग्रेजो के शोषण के खिलाफ मेरे दादा जी अमर शहीद चिंतु हल्बा जी थे तथा कोलर परगना के कांति के नायक थे। वे ताडपत्र ग्रंथों की रचना दिन भर उपवास रहकर बरगद के पेड क नीचे बैठकर लिखते थे। उनकी प्रतिमा के निर्माण के लिए उन्होने छत्तीसगढ शासन का आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर सभा की अध्यक्षता कर रही कोलर सरपंच श्रीमती तारावती बघेल ने बताया कि अमर शहीद चिंतु हल्बा जी की प्रतिमा के स्थापना से कोलर परगना के किसानों का सम्मान बढ़ा है तथा चिंतु हल्बा जी के कृति को बढ़ाने के लिए पूरा ग्राम पंचायत कृत संकल्प है।

    इस अवसर पर नारायणपुर के लोक साहित्यकार श्री भागेश्वर पात्र ने बताया की चिंतु हल्बा जी का जन्म 03 अक्टूबर 1880 को हुआ था। उनके पिता का नाम श्री रघुनाथ हल्बा था, वे जल जंगल जमीन के मुद्दों को लेकर अंग्रेजो के खिलाफ कोलर परगना के आदिवासियों को संगठित किया था।

    इस अवसर पर कोलर परगना के परगना मांझी मेहतु राम दरों, 18 गढ़ हल्बा महासभा बडें डोंगर के अध्यक्ष श्री लतेल राम नाईक, श्री शिव कुमार पात्र संरक्षक 18 गढ़ हल्बा महासभा बड़े डोंगर, श्री इंद्र प्रसाद बघेल कोषाध्यक्ष 18 गढ़ हल्बा महासभा बड़े डोंगर, श्री पीलानाथ बेलसरिया, श्री उमेश राम बघेल परगना हिकमी कोलर, श्री दलपत सिंह देहारी, चिंतु देहारी का नाती, श्री ब्रम्हानंद नेगी गढ़ अध्यक्ष कोलर, श्री सुमेश राम बघेल, श्री डिगेश देहारी तथा कोलर परगना 84 गाँव के आदिवासी समाज तथा अन्य समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहकर प्रतिमा अनावरण महोत्सव को सफल बनायें।

  • खत्‍म होगी डॉलर की दादागिरी! भारत-रूस और चीन ने मिलकर बनाया प्‍लान, अमेरिका की सबसे बड़ी ताकत में लगाई सेंध….

    खत्‍म होगी डॉलर की दादागिरी! भारत-रूस और चीन ने मिलकर बनाया प्‍लान, अमेरिका की सबसे बड़ी ताकत में लगाई सेंध….

    दिल्‍ली। रूस के कजान में चल रहे ब्रिक्‍स सम्‍मेलन में इस बार ‘पूरब बनाम पश्चिम’ के मुद्दे को खासतौर से हवा दी गई. दुनिया की 3 बड़ी आर्थिक शक्तियां जब एक मंच पर पहुंचीं तो पूरे पश्चिम की निगाहें इसी तरफ लगी रही. सम्‍मले में भारत, रूस और चीन ने अमेरिका को सीधे तौर पर व्‍यापारिक चुनौती देने का संकेत भी दे दिया है. ब्रिक्‍स में शामिल देशों ने आपसी कारोबार के लिए अब डॉलर के बजाय स्‍थानीय मुद्रा में लेनदेन करने की बात कही है. इसका मतलब है कि भारत इन देशों से डॉलर के बजाय रुपये में लेनदेन कर सकेगा. अभी ग्‍लोबल ट्रेड में ज्‍यादातर ट्रांजेक्‍शन डॉलर में ही होता है.

    ब्रिक्स देशों ने बुधवार को व्यापार बढ़ाने और स्थानीय मुद्राओं में वित्तीय निपटान की व्यवस्था बनाने पर सहमति जताई. साथ ही स्वतंत्र रूप से काम करने वाला सीमापार निपटान और डिपॉजिटरी बुनियादी ढांचे की व्यावहारिकता का अध्ययन करने और ब्रिक्स पुनर्बीमा कंपनी पर भी सहमति व्यक्त की. सदस्य देशों के नेताओं ने 21वीं सदी में नव विकास बैंक को एक नये प्रकार के बहुपक्षीय विकास बैंक (एमडीबी) के रूप में विकसित करने पर भी सहमति जताई और ब्रिक्स के नेतृत्व वाले बैंक की सदस्यता को बढ़ाने का समर्थन किया.

    क्‍या है ब्रिक्‍स के घोषणा पत्र में
    16वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद जारी घोषणापत्र में कहा गया है कि सदस्य देश कामकाज के स्तर पर स्थिरता बनाये रखने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचा क्षेत्र में संयुक्त गतिविधियों की संभावना तलाशेंगे. ब्रिक्स नेताओं ने 21वीं सदी में मानव जीवन के सभी पहलुओं की तेज गति वाली डिजिटलीकरण प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त की और विकास के लिए डेटा की महत्वपूर्ण भूमिका और इस मुद्दे के समाधान के लिए ब्रिक्स के भीतर जुड़ाव को तेज करने की जरूरत बताई.

    एक मंच पर तीन बड़े नेता
    शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग सहित ब्रिक्स देशों के शीर्ष नेताओं ने भाग लिया. ब्रिक्‍स ने कहा, हम व्यापार बाधाओं को कम करने और गैर-भेदभावपूर्ण पहुंच के सिद्धांत पर तैयार तेज, कम लागत वाले, कुशल, पारदर्शी, सुरक्षित और समावेशी सीमापार भुगतान उत्पादों के व्यापक लाभ को समझते हैं. हम ब्रिक्स देशों और उनके व्यापारिक भागीदारों के बीच वित्तीय लेनदेन में स्थानीय मुद्राओं के उपयोग का स्वागत करते हैं.

    नया बैंकिंग नेटवर्क बनाएंगे
    ब्रिक्स नेताओं ने समूह के भीतर ‘कॉरेसपॉन्डेंट बैंकिंग नेटवर्क’ को मजबूत करने और ब्रिक्स सीमापार भुगतान पहल (बीसीबीपीआई) के अनुरूप स्थानीय मुद्राओं में निपटान को सक्षम बनाने की बात कही, जो स्वैच्छिक और गैर-बाध्यकारी है. ब्रिक्स में पहले ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल थे. अब पांच अतिरिक्त सदस्यों मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात को भी इसमें शामिल किया गया है.

    गवर्नर और वित्‍तमंत्री बनाएंगे रणनीति
    नेताओं ने ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंकों के गवर्नर को स्थानीय मुद्राओं, भुगतान उत्पादों और मंचों के मुद्दे पर चर्चा जारी रखने का काम सौंपा. अपने सदस्य देशों के बुनियादी ढांचे और सतत विकास को बढ़ावा देने में नव विकास बैंक (एनडीबी) की भूमिका को पहचानते हुए ब्रिक्स नेताओं ने 2022-2026 के लिए एनडीबी की सामान्य रणनीति को पूरा करने के लिए कॉरपोरेट संचालन और परिचालन को प्रभावी बनाने को लेकर सुधार का समर्थन किया.

  • अवैध उत्खन्न की कवरेज पर पहुंचे पत्रकारों को जान से मरने की दी धमकी, पुलिस ने राजधानी के दो रेत माफियाओं के खिलाफ दर्ज की FIR…

    अवैध उत्खन्न की कवरेज पर पहुंचे पत्रकारों को जान से मरने की दी धमकी, पुलिस ने राजधानी के दो रेत माफियाओं के खिलाफ दर्ज की FIR…

    गरियाबंद। फिंगेश्वर तहसील में स्थिर बोरिद घाट में शनिवार की रात 2 बजे माइनिंग टीम ने रात के अंधेरे में रेत की चोरी पर कार्यवाही करने पहुंची थी। इसी दौरान राजधानी के रेत माफिया अरविंद और राजीव ने कवरेज के लिए माइनिंग अधिकारियों के साथ गए पत्रकारों को हाईवा में कुचलने और जान से मारने की धमकी दी। पत्रकारों ने आज पाण्डुका थाना पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। पत्रकारों की शिकायत पर पुलिस ने रायपुर कोतवाली क्षेत्र में रहने वाले रेत माफिया अरविंद और राजीव के खिलाफ बीएनएस की धारा 296, 35(3), 3(5) के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है।

    बता दें कि पिछले एक माह से राजधानी के रेत माफिया बोरिद के खदान में रात को चेन माउंटेन लेकर रेत की अवैध खनन कर रहे थे। ऊंची पहुंच बताकर अफसरों को भी मंत्री का धौंस देते रहे। लेकिन बीती रात माइनिंग विभाग ने माफियाओं के दो चेन माउंटेन सील कर दिए, साथ ही 3 हाईवा को भी जब्त किया। कार्रवाई से बौखलाए माफियाओं ने पत्रकारों के साथ न केवल बदसलूकी की, बल्कि उन्हें हाईवा में कुचलने की धमकी भी दे डाली। रात को ही पत्रकारों का पीछा किया जा रहा था, जिससे अपनी जान बचाने के लिए पत्रकारों ने रात को पाण्डुका थाना में शरण ली।

    थाना प्रभारी पवन वर्मा ने इस मामले में कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा है कि आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है और आगे विधिवत कार्यवाही की जाएगी।

  • डॉ. राम विजय शर्मा के शोध एवं खोज पर आधारित अमर शहीद कांतिवीर चिंतु देहारी (हल्बा) की प्रतिमा का अनावरण…

    डॉ. राम विजय शर्मा के शोध एवं खोज पर आधारित अमर शहीद कांतिवीर चिंतु देहारी (हल्बा) की प्रतिमा का अनावरण…


    कोलर। विगत दिनों नवरात्रि के पावन अवसर पर मौजा कोलर तहसील अंतागढ़ जिला उत्तर बस्तर कांकेर में डॉ. राम विजय शर्मा शोधकर्ता एवं इतिहासकार छ.ग. के शोध एवं खोज पर आधारित अमर शहीद कांतिवीर चिंतु देहारी (हत्या) जी की आदमकद प्रतिमा का निर्माण छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया गया जिसका अनावरण अंतागढ़ के पूर्व मंत्री एवं वर्तमान विधायक श्री विकमदेव उसेंडी के कर कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर माननीय विकम उसेंडी जी ने कहा की आज नवरात्रि के पावन अवसर पर अमर शहीद कांतिकारी चिंतु देहारी (हल्या) की प्रतिमा का अनावरण कर हम गौरवान्वित है। इस प्रतिमा का अनावरण और पहले होना चाहिए था। हम पूरे आदिवासी समाज शोधकर्ता एवं इतिहास कार डॉ. राम विजय शर्मा के प्रति आभारी है कि उन्होने शोधकर हमे बताया कि चिंतु देहारी (हत्या) 1910 ई. के भूमकाल स्वतंत्रता आंदोलन के कोलर परगना के नायक थे। उन्होने ताड़पत्र ग्रंथों की रचना की थी, जिसका इंडिया टूडे में प्रकाशन हुआ। उनके नाती दलपत सिंह देहारी हैं जिन्होंने हमसे कई बार मुलाकात कर चिंतु देहारी (हल्बा) जी के बारे में बताये तथा प्रतिमा स्थापित कराने में महती योगदान हैं। इस अवसर पर उन्होने कोलर में सामुदायिक भवन के निर्माण के लिए रू. 20 लाख की घोषण की जिसका नामकरण कांतिवीर अमर शहीद चिंतु देहारी (हल्बा) जी के नाम पर होगा। उन्होने लाईब्रेरी स्थापना की भी घोषणा की।

    इस अवसर पर शोधकर्ता एवं इतिहास कार डॉ. राम विजय शर्मा ने कहा की 1910 ई. का भूमकाल स्वतंत्रता आंदोलन का भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण स्थान है उन्होने आगे बताया की भारत की शायद ही कोई आंदोलन इतना व्यापक एवं सुनियोजित तरीके से संचालित किया गया। इसके नेतृत्वकर्ता बस्तर रियासत के भूतपूँव दीवान लाल कालेंद्र सिंह थे। इस आदोलन का संचालन ताडोकी के रानी डोंगरी पहाड़ी से पूरे बस्तर में किया गया। कांति के सभी बड़े-बडे नेता रानी ढोंगरी पहाडी पर जमा होते थे तथा रणनीति बनाते थे। रानी डोंगरी पहाडी पर जाने के लिए सुरंग से रास्ता था, जिससे अंग्रेजो को पता नहीं चलता था। पहाडी पर ही दंतेश्वरी माई का मंदिर था। रानी डोंगरी पहाडी पर चिंतु हल्बा, दीना मरार, ताड़ोकी के बघेल जी. मासबरस के राजू मुरिया तथा कोदा गाँव के लुला मुरिया आदि आम की टहनी में लालमिर्च बांधते थे तथा भोर होते संपूर्ण बस्तर में भेज दिया जाता था, जिससे कांतिकारी आंदोलन के जमा होते थे, यह एक प्रकार का निमंत्रण पत्र था। डॉ. शर्मा ने 1910 ई.का बस्तर का भूमकाल स्वतंत्रता आंदोलन को भारत का सबसे सुनियोजित एवं व्यापक आंदोलन घोषित किया।

    इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि एवं अंतागढ़ के पूर्व विधायक श्री मंतुराम पवार जी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि शोधकर्ता एवं इतिहासकार डॉ. राम विजय शर्मा का हम सभी आदिवासी समाज ऋणि है जिन्होंने कोलर के अमर शहीद चिंतु हल्बा के बारे में खोज किया एवं आदिवासी समाज को जागृत किया। कोलर का एक किसान का लड़का चिंतु हग्ला जी का छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रतिमा का स्थापना किया जाना कोलर के किसानों का सम्मान है। उन्होने कोलर के हायर सेंकेंड्री स्कूल का नामांतरण अमर शहीद चिंतु देहारी हल्बा के नाम पर किये जाने की अपील की।

    इस अवसर पर आदिवासी युवा नेता तथा जनपद पंचायत अंतागढ़ के अध्यक्ष श्री बद्री गावडे जी ने बताया कि हम लोग डॉ. राम विजय शर्मा के साथ एवं डॉ. लिलेश साहू के साथ जंगल जंगल जाकर अंतागढ़ अंचल के आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के बारे में खोज किया। उन्होने जल जंगल जमीन पर आदिवासियों के हितों की रक्षा करने की बाल बताई तथा शासन से उनके हितों की रक्षा के लिए कदम उठाये जाने की मांग की उन्होंने आगे कहा कि अमर शहीद चिंतु हल्बा जी के बलिदान को कोलर परगना की जनता कभी बुल नहीं पायेगी।

    इस अवसर पर चिंतु हल्बा देहारी जी के नाती दलपत सिंह देहारी ने बताया की अंग्रेजो के शोषण के खिलाफ मेरे दादा जी अमर शहीद चिंतु हल्बा जी थे तथा कोलर परगना के कांति के नायक थे। वे ताडपत्र ग्रंथों की रचना दिन भर उपवास रहकर बरगद के पेठ क नीचे बैठकर लिखते थे। उनकी प्रतिमा के निर्माण के लिए उन्होने छत्तीसगढ़ शासन का आभार व्यक्त किया।

    इस अवसर पर सभा की अध्यक्षता कर रही कोलर सरपंच श्रीमती तारावती बघेल ने बताया कि अमर शहीद चिंतु हल्बा जी की प्रतिमा के स्थापना से कोलर परगना के किसानों का सम्मान बढ़ा है तथा चिंतु हल्बा जी के कृति को बढ़ाने के लिए पूरा ग्राम पंचायत कृत संकल्प है।

    इस अवसर पर नारायणपुर के लोक साहित्यकार श्री मागेश्वर पात्र ने बताया की चिंतु हल्बा जी का जन्म 03 अक्टूबर 1880 को हुआ था। उनके पिता का नाम श्री रघुनाथ हल्बा था, वे जल जंगल जमीन के मुद्दों को लेकर अंग्रेजो के खिलाफ कोलर परगना के आदिवासियों को संगठित किया था।

    इस अवसर पर कोलर परगना के परगना मांझी मेहतु राम दर्रो, 18 गढ़ हल्बा महासभा बड़े डोंगर के अध्यक्ष श्री लतेल राम नाईक, श्री शिव कुमार पात्र संरक्षक 18 गढ़ हल्बा महासभा बड़े डोंगर, श्री इंद्र प्रसाद बघेल कोषाध्यक्ष 18 गढ़ हल्बा महासभा बड़े डोंगर, श्री पीलानाथ बेलसरिया, श्री उमेश राम बघेल परगना हिकमी कोलर, श्री दलपत सिंह देहारी, चिंतु देहारी का नाती, श्री ब्रम्हानंद नेगी गढ़ अध्यक्ष कोलर, श्री सुमेश राम बघेल, श्री डिगेश देहारी तथा कोलर परगना 84 गाँव के आदिवासी समाज तथा अन्य समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहकर प्रतिमा अनावरण महोत्सव को सफल बनायें।

  • भारत ने लॉन्च किया देश का चौथा परमाणु मिसाइल पनडुब्बी, समुद्र में दुश्मनों के उड़ाएगा होश…

    भारत ने लॉन्च किया देश का चौथा परमाणु मिसाइल पनडुब्बी, समुद्र में दुश्मनों के उड़ाएगा होश…

    समुद्र में भारत की शक्तियों में और इजाफा हो गया है। भारत ने अपने दुश्मनों को दूर रखने के लिए समुद्र में अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। इस सप्ताह विशाखापत्तनम शिप बिल्डिंग सेंटर (SBC) में देश की चौथी परमाणु ऊर्जा संचालित बैलिस्टिक मिसाइल (SSBN) पनडुब्बी लॉन्च की गई है। भारत की दूसरी SSBN INS अरिघाट को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 29 अगस्त, 2024 को कमीशन किया था, जबकि तीसरी SSBN INS अरिधमान को अगले साल कमीशन किया जाएगा। इससे पहले 9 अक्टूबर को सुरक्षा कैबिनेट समिति (CCS) ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में किसी भी दुश्मन को दूर रखने के लिए दो परमाणु ऊर्जा संचालित मारक क्षमता वाले पनडुब्बियों के निर्माण की मंजूरी दी थी। यह भारतीय नौसेना की योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। चौथे SSBN का कोड नाम S4* है और इसे 16 अक्टूबर को लॉन्च किया गया है। इसके एक दिन पहले ही रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तेलंगाना के विकाराबाद जिले के दामागुंडम इलाके में भारतीय नौसेना की रणनीतिक एसेट्स की कमान, नियंत्रण और संचार के लिए लो फ्रीक्वेंसी नेवल स्टेशन का उद्घाटन किया था।नए लॉन्च हुए S4 SSBN लगभग 75% स्वदेशी है और यह 3,500 किलोमीटर रेंज के K-4 परमाणु बैलिस्टिक मिसाइलों से लैस है जिसे वर्टिकल लॉन्चिंग सिस्टम के जरिए दागा जा सकता है। इस श्रेणी के पहले INS अरिहंत को 750 किमी रेंज की K-15 परमाणु मिसाइलों से लैस किया जा सकता है। INS अरिहंत और INS अरिघाट दोनों ही पहले से ही समुद्र में भारत के दुश्मनों पर नजर रख रहे हैं। इनका साथ देने के लिए रूसी अकुला क्लास की परमाणु ऊर्जा से चलने वाली एक मारक क्षमता वाली पनडुब्बी 2028 में लीज पर भारतीय नौसेना में शामिल होने वाली है।भारत ने लीज पर की गई पहली परमाणु हमलावर पनडुब्बी INS चक्र का नाम S1 रखा था। INS अरिहंत का नाम S2, INS अरिघाट का नाम S3, INS अरिधमान का नाम S4 रखा गया।

    नई लॉन्च की गई पनडुब्बी अपनी श्रेणी की आखिरी पनडुब्बी है जिसे S4 नाम दिया गया है हालांकि औपचारिक नाम की घोषणा अभी नहीं की गई है।

    सरकार ने भारतीय नौसेना के लिए तीसरे विमानवाहक पोत की तुलना में परमाणु हमला और बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों को प्राथमिकता दी है। सरकार ने इस साल दिसंबर में शुरू होने वाली छठी डीजल अटैक कलवरी श्रेणी की पनडुब्बी आईएनएस वाग्शीर के साथ पारंपरिक पनडुब्बी निरोध की दिशा में भी काम किया है। इस बीच सरकार फ्रांस की नौसेना की मदद से मझगांव डॉकयार्ड में तीन और उन्नत डीजल अटैक पनडुब्बियों के निर्माण को आगे बढ़ाएगी। पिछले साल से हर महीने हिंद महासागर में 10-11 पीएलए युद्धपोतों और 2025-26 में लंबी दूरी की गश्त की उम्मीद के साथ रणनीतिक पनडुब्बियां भारत की रक्षा करने और हिंद महासागर क्षेत्र में अहम भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।

  • भगवा हुआ BSNL का लोगो!

    भगवा हुआ BSNL का लोगो!

    कनेक्टिंग इंडिया की जगह, कनेक्टिंग भारत होगा स्लोगन!

    24 साल बाद BSNL ने अपने लोगो और स्लोगन में बदलाव किया है।

    नए LOGO के साथ 7 नई सर्विस, मिलेगा हाई स्पीड इंटरनेट।

    सरकारी टेलीकॉम कंपनी BSNL जल्द ही अपनी 4G सर्विस भी पूरे देश में लॉन्च करने वाला है और 5G सर्विस पर भी BSNL तेजी से काम कर रहा है।

  • मोहापाली, तहसील खरसिया में अमृत सरोवर योजना के तहत SECL सीएसआर द्वारा तालाब विकास का सफल कार्यान्वयन…

    मोहापाली, तहसील खरसिया में अमृत सरोवर योजना के तहत SECL सीएसआर द्वारा तालाब विकास का सफल कार्यान्वयन…


    साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत मोहापाली, तहसील खरसिया, में अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत तालाब विकास परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा किया है। यह परियोजना जल संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे स्थानीय समुदाय को कई लाभ मिल रहे हैं।

    अमृत सरोवर योजना का मुख्य उद्देश्य देशभर में जल संरक्षण को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में तालाबों के विकास के माध्यम से जल संकट से निपटना है। SECL द्वारा इस परियोजना के लिए आवश्यक वित्तीय सहायता प्रदान की गई, जिसके तहत तालाब की खुदाई,और जल संचयन की सुविधाओं को विकसित किया गया। इस तालाब से न केवल जल का संचयन हो रहा है, बल्कि इसका उपयोग सिंचाई,  और अन्य कृषि गतिविधियों में भी हो रहा है।

    इस परियोजना के सफल कार्यान्वयन से स्थानीय समुदाय को सतत् विकास का लाभ मिल रहा है। SECL के CSR विभाग ने इसे एक आदर्श परियोजना के रूप में स्थापित किया है, जिससे जल संरक्षण और ग्रामीण विकास की दिशा में बड़े पैमाने पर काम किया जा सकता है। डॉ. हेमन्त शरद पांडे, महाप्रबंधक एसईसीएल, रायगढ़ क्षेत्र के कुशल मार्गदर्शन में SECL रायगढ़ क्षेत्र द्वारा CSR मद से मिशन अमृत सरोवर के तहत रायगढ़ जिले की विभिन्न तहसीलों में 11 तालाबों के विकास कार्यों के लिए जिला प्रशासन-रायगढ़ को 77.53 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही हे।