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  • रायगढ़ से खरसिया जा रही जीएसटी की टीम का भीषण सड़क हादसा, एक की मौत, तीन गंभीर घायल….

    रायगढ़ से खरसिया जा रही जीएसटी की टीम का भीषण सड़क हादसा, एक की मौत, तीन गंभीर घायल….

    खरसिया। रायगढ़ खरसिया एनएच 49 पर आज एक भीषण सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक जीएसटी कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना रक्सापाली-नावापारा पूर्व के मध्य के पास ढलती शाम को घटित हुई है।

    बताया जा रहा है कि जीएसटी के चार अधिकारी कार से खरसिया जा रहे थे, इसी दौरान उनकी कार और ट्रैक्टर की आमने सामने जोरदार भिड़ंत हो गई, हादसे में एक अधिकारी की मौके पर ही मौत हो गई, वही तीन गंभीर रूप से घायल है।



    मिली जानकारी के मुताबिक स्टेट जीएसटी डिपार्टमेंट रायगढ़ में क्लर्क पद पर पदस्थ शिव यादव, रजत मिश्रा, अर्जुन गुप्ता, राजकुमार पैंकरा कार पर सवार होकर रायगढ़ से खरसिया जा रहे थे। तभी शाम करीब साढ़े 7 बजे जैसे ही कार एनएच रोड पर मुरा चौक के पास पहुंची। तभी कार एकाएक ट्रैक्टर से जमकर टकरा गई। घटना से शिव यादव समेत चारों जीएसटी के कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद आसपास के लोगों की काफी भीड़ इक्ट्ठा हो गई और मामले की सूचना भूपदेवपुर पुलिस को दी गई। ऐसे में पुलिस मौके पर पहुंची और शिव यादव को अस्पताल ले जाया गया। जहां प्रांरभिक जांच के बाद डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।


    कार के सामने का हिस्सा क्षतिग्रस्त बाकी घायलों को ईलाज के लिए खरसिया अस्पताल में भेजा गया है। बताया जा रहा है कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के सामने का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं ट्रैक्टर चालक घटना के बाद मौके से फरार हो गया है।
    मामले में जांच की जा रही इस संबंध में भूपदेवपुर थाना प्रभारी सीताराम ध्रुव ने बताया कि सड़क दुर्घटना में शिव यादव की मौत हुई है और बाकी घायल है। वहीं ट्रैक्टर चालक की पतासाजी की जा रही है। फिलहाल मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है।

  • चेंबर चुनाव को टालने की कोशिश न करें सुंदरानी स्वयं चुनाव लड़कर अपनी लोकप्रियता माप लेवें : अशोक अग्रवाल

    चेंबर चुनाव को टालने की कोशिश न करें सुंदरानी स्वयं चुनाव लड़कर अपनी लोकप्रियता माप लेवें : अशोक अग्रवाल

    खरसिया। छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के आगामी चुनाव को लेकर व्यापारी एकता पैनल असमंजस में है एवं हार की प्रबल संभावना को जानते हुए उनके प्रमुख श्रीचंद सुंदरानी किसी भी प्रकार से चुनाव को टालने की कोशिश कर रहे है।

    उपरोक्त आरोप खरसिया से छत्तीसगढ़ चेंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल (पत्रकार) ने लगाते हुए बताया की अमर पारवानी एवं उनकी टीम के शानदार कार्यकाल से प्रदेश भर के व्यापारी प्रसन्न है तथा उपरोक्त चुनाव में भारी बहुमत से जय व्यापार पैनल के सभी प्रत्याशियों को विजयी बनाने मतदान तिथि का इंतजार कर रहे है।

    चेंबर के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक अग्रवाल ने यह भी कहा की जय व्यापार पैनल के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अमर पारवानी की लोकप्रियता प्रदेश के व्यापारीयो में सर-चढ़ कर बोल रही है। वही उनके सामने व्यापारी एकता पैनल को खड़े करने लिए प्रत्याशी ही नहीं मिल रहे है। इसलिए इनकी नीति किसी भी तरह से चुनाव टालने की है। अग्रवाल ने श्रीचंद सुंदरानी से आग्रह किया है की आप स्वयं प्रदेश अध्यक्ष के लिए चुनाव लड़कर अपनी लोकप्रियता माप लेवें।

    अशोक अग्रवाल ने बताया बिलासपुर संभाग के सभी जिलों में जय व्यापार पैनल के अध्यक्ष प्रत्याशी अमर पारवानी, महामंत्री अजय भसीन एवं कोषाध्यक्ष उत्तम गोलछा की आंधी चल रही है। जिसके कारण व्यापारी एकता पैनल के प्रत्याशियों की हार निश्चित है। इसलिए इस पैनल से कोई प्रत्याशी बनने को तैयार नहीं हो रहा है। देखना है व्यापारी एकता पैनल के श्रीचंद सुंदरानी अपने आप को बचाते हुए किसे प्रत्याशी बनाकर बली का बकरा बनाएंगे।

  • गोल्ड लोन लेना होगा मुश्किल, RBI कर रहा नियमों को सख्त करने की प्लानिंग…

    गोल्ड लोन लेना होगा मुश्किल, RBI कर रहा नियमों को सख्त करने की प्लानिंग…

    बीते कुछ समय में गोल्ड लोन लेने वालों की संख्या में उछाल आया है। इसकी दो प्रमुख वजह हैं। पहली, सोने की कीमतें लगातार चढ़ रही हैं, जिससे लोगों के पास रखे सोने के दाम बढ़ रहे हैं और वह इसका फायदा उठाने के लिए लोन लेकर अपनी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। दूसरी, गोल्ड लोन लेना अपेक्षाकृत सरल है। इसलिए तुरंत पैसों की जरूरत होने पर अधिकांश लोन घर में रखे सोने के इस्तेमाल को तवज्जो देते हैं। हालांकि, आने वाले दिनों में तस्वीर कुछ बदल सकती है।



    क्या है RBI की तैयारी?

    भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) गोल्ड लोन के नियमों को सख्त बनाने पर विचार कर रहा है। RBI गोल्ड लोन देने वाली संस्थाओं को कड़ी अंडरराइटिंग प्रक्रियाओं का पालन करने और फंड के अंतिम उपयोग की निगरानी करने का निर्देश दे सकता है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, RBI चाहता है कि बैंक और नॉन -बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियां यानी NBFC गोल्ड लोन लेने वालों के बैकग्राउंड की जांच बढ़ाएं और गिरवी रखे जा रहे सोने के स्वामित्व की सटीक जानकारी हासिल करें।



    50% की हुई है वृद्धि

    रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि RBI यह सुनिश्चित करना चाहता है कि संस्थाएं एक मानक प्रोटोकॉल का पालन करें और गोल्ड लोन सेक्टर में कोई भी ग्रोथ सीमा से बाहर न हो। रिजर्व बैंक की कोशिश अनैतिक व्यावसायिक प्रथाओं पर अंकुश लगाने और वित्तीय स्थिरता की रक्षा करने की है, इसलिए गोल्ड लोन के नियमों को सख्त किया जा सकता है। बता दें कि सितंबर 2024 से बैंकों के गोल्ड लोन में 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।



    मिली हैं कई खामियां

    पिछले साल सितंबर में RBI ने कहा था कि उसे गोल्ड लोन में कई अनियमितताएं मिली हैं और उसने ऋणदाताओं से कहा कि वे नियामक खामियों की पहचान करने और उन्हें दूर करने के लिए अपनी ऋण देने की प्रक्रियाओं की व्यापक समीक्षा करें। आरबीआई ने लोन सोर्सिंग और गोल्ड वैल्यूएशन के मूल्यांकन में कमियों की पहचान की है और यह पाया है कि सभी संस्थाएं मानकीकृत नियमों का पालन नहीं कर रही हैं। पिछले 12 से 16 महीनों में किए गए ऑडिट में केंद्रीय बैंक ने NBFC लेंडर्स के पोर्टफोलियो में अनियमितताएं और सोने के बदले दिए जा रहे लोन अमाउंट की निगरानी में खामियां पाईं हैं।

    RBI की है ये चिंता

    रॉयटर्स के अनुसार, बैंकों के फिनटेक एजेंट सोना इकट्ठा कर रहे थे, उसका भंडारण कर रहे थे और उसका वजन कर रहे थे, ये ऐसे काम हैं जिन्हें ऋणदाताओं (Lenders) को करना चाहिए। ऋणदाताओं ने बिना कर्जदारों को बताए सोने की नीलामी भी कर दी, जिन्होंने कर्ज नहीं चुकाया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि बैंकिंग नियामक का लक्ष्य सभी ऋणदाताओं के साथ समान व्यवहार करना है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी संस्था नियमों को दरकिनार न करे, जिसमें सोने की नीलामी और रसीदों के माध्यम से लोन दिए गए पैसे के उपयोग की निगरानी करना शामिल है।

    महिलाएं ले रहीं ज्यादा लोन

    हाल ही में आई नीति आयोग, ट्रांसयूनियन सिबिल और माइक्रोसेव कंसल्टिंग द्वारा तैयार रिपोर्ट में बताया गया है कि देश में कर्ज लेने वाली महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही है। खासकर, महिलाएं गोल्ड लोन को तवज्जो दे रही हैं। 2019 से 2024 के बीच महिलाओं में गोल्ड लोन लेने के मामले में 6% का उछाल आया है। 2024 में, महिलाओं द्वारा लिए गए कुल लोन में से 36% गोल्ड लोन थे, जबकि 2019 में यह आंकड़ा महज 19% था।



    इस वजह से बढ़ा रुझान

    गोल्ड लोन की तरफ बढ़ते रुझान के कई कारण हैं। सबसे पहला तो यही कि इसमें दूसरे लोन जितनी कागजी कार्रवाई नहीं करनी पड़ती। गोल्ड लोन हासिल करना अपेक्षाकृत सरल है। इसलिए लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए गोल्ड लेने में ज्यादा विश्वास करते हैं। इसके अलावा, सोने की चढ़ती कीमतों से भी गोल्ड लोन के प्रति रुझान बढ़ा है। क्योंकि लोगों को अपने सोने पर पहले से ज्यादा लोन मिल रहा है। वह उतने ही सोने में ज्यादा लोन लेकर अपनी ज्यादा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम हो गए हैं।

  • अब विदेशों में भी मिलेगी मुकेश अंबानी की 10 रुपए वाली कैम्पा,कोका-कोला के छूटेंगे पसीने

    अब विदेशों में भी मिलेगी मुकेश अंबानी की 10 रुपए वाली कैम्पा,कोका-कोला के छूटेंगे पसीने

    मुकेश अंबानी कि कैम्पा ने सॉफ्ट ड्रिंक मार्केट में कोका कोला और पेप्सी जैसे बड़े ब्रांड्स के पसीने छुड़ा रखे हैं. भारत में दिग्गजों को पसीने छुड़ाने के बाद अब रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपने इस सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड को इंटरनेशनल बनाने जा रहे हैं और विदेश ले जाना चाहते हैं।

    70 के दशक में जो सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड लोगों का फेवरेट था, उसका एक बार फिर भारत के मार्केट में दबदबा दिख रहा है. हम बात कर रहे हैं रिलायंस के कैंपा कोला की, जिसे मुकेश अंबानी ने नए अवतार में पेश किया है, जिसने कोका कोला और पेप्सी जैसे बड़े ब्रांड्स के पसीने छुड़ा रखे हैं. भारत में दिग्गजों को पसीने छुड़ाने के बाद अब रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी अपने इस सॉफ्ट ड्रिंक ब्रांड को इंटरनेशनल बनाने जा रहे हैं और विदेश ले जाना चाहते हैं.

    आइए जानते हैं क्या है मुकेश अंबानी का प्लान…

    क्या है मुकेश अंबानी का प्लान

    रिपोर्ट के मुताबिक, रिलायंस इंडस्ट्रीज कैम्पा कोला को मिडल ईस्ट में ले जाने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली यह कंपनी मिडल ईस्ट में भारतीय बाजार के लिए अपनी रणनीति को ऐसे समय में दोहराने की संभावना है, जब कोका-कोला और पेप्सिको कथित तौर पर अमेरिकी उत्पादों को छोड़ने के आह्वान का खामियाजा भुगत रहे हैं, क्योंकि अमेरिका ने इजरायल को विशेष रूप से गाजा में युद्ध में समर्थन दिया है. भारत से कैम्पा कोला की खेप पहले ही बहरीन के खुदरा स्टोरों तक पहुंच चुकी है और कंपनी चरणों में ओमान और सऊदी अरब जैसे और देशों को जोड़ेगी। हालांकि, RIL ने इस बारे में ईटी के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है.

    मुकेश अंबानी को कैसे होगा फायदा?
    इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में 2 अधिकारीयों के हवाले से बताया गया कि रिलायंस को उम्मीद है कि मिडल ईस्ट में स्थानीय उपभोक्ताओं द्वारा अमेरिकी उत्पादों के बहिष्कार के आह्वान से उसे लाभ होगा, क्योंकि इजरायल को अमेरिका का समर्थन मिल रहा है. हाल की रिपोर्टों में कहा गया है कि कई खाड़ी देशों में कोका-कोला और पेप्सिको की बिक्री प्रभावित हुई है, क्योंकि वहां के उपभोक्ता स्थानीय कोला या अन्य देशों के ब्रांड की ओर रुख कर रहे हैं.रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी, जो समूह के एफएमसीजी और खुदरा कारोबार का नेतृत्व करती हैं, ने 2023 की AGM के दौरान कंपनी के शेयरधारकों से कहा था कि ग्रुप की योजना कैंपा को “एशिया और अफ्रीका से शुरू करके ग्लोबल लेवल पर ले जाने की है. यानी वो कैम्पा कोला को इंटरनेशनल खिलाडी बनाना चाहते हैं.

    दिग्गजों को ऐसे दे रही हैं टक्कर
    नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय उपभोक्ता मूल्य-केंद्रित है और कैम्पा की ₹10 की कठोर कीमत, उच्च व्यापार कमीशन और सिर्फ PET बोतल स्ट्रैटेजी उनके प्रतिद्वंदियों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित कर रही है. डाबर, टाटा कंज्यूमर और वरुण बेवरेज जैसी लिस्टेड FMCG ड्रिंकिंग कंपनियां कैम्पा से दबाव भी महसूस कर रही हैं.

  • कोका कोला की कई ड्रिंक्स में जरूरत से ज्यादा केमिकल ! इन देशों में वापस मंगाए प्रोडक्ट, एक्सपर्ट बोले- यह खतरनाक…

    कोका कोला की कई ड्रिंक्स में जरूरत से ज्यादा केमिकल ! इन देशों में वापस मंगाए प्रोडक्ट, एक्सपर्ट बोले- यह खतरनाक…

    दुनियाभर में कोल्ड ड्रिंक्स के लिए मशहूर कंपनी कोका-कोला ने यूरोप के कई देशों में अपनी ड्रिंक्स को वापस मंगाने का फैसला किया है. कंपनी की मानें तो इन ड्रिंक्स में “क्लोरेट” नामक केमिकल की मात्रा ज्यादा होने के कारण ऐसा किया गया है. कंपनी ने बयान में कहा कि यह रिकॉल बेल्जियम, लक्जमबर्ग और नीदरलैंड्स में किया गया है. ब्रिटेन में केवल 5 प्रोडक्ट लाइनों को भेजा गया था और ये पहले ही बिक चुके हैं.

    रिपोर्ट्स की मानें तो कोका कोला ने जिन ड्रिंक्स को वापस मंगवाया है, उनमें कोक, फैंटा, स्प्राइट, ट्रोपिको और मिनट मेड ब्रांड शामिल हैं.

    रिपोर्ट के मुताबिक जब क्लोरीन बेस्ड डिसइंफेक्टेंट्स को वॉटर ट्रीटमेंट और फूड प्रोसेसिंग में इस्तेमाल किया जाता है, तब क्लोरेट (Chlorate) केमिकल बनता है. क्लोरेट केमिकल के ज्यादा संपर्क में आने पर कई हेल्थ प्रॉब्लम्स पैदा हो सकती हैं. खासतौर से छोटे बच्चों में इससे थायरॉयड की बीमारी हो सकती है, क्योंकि यह शरीर के हॉर्मोनल बैलेंस को प्रभावित करता है. अगर कोल्ड ड्रिंक्स में क्लोरेट की मात्रा ज्यादा हो, तो इससे मतली, उल्टी, दस्त और खून की ऑक्सीजन अब्जॉर्ब करने की क्षमता कम हो सकती है. इसका ज्यादा सेवन गंभीर खतरे पैदा कर सकता है.

    ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस की न्यूट्रिशनिस्ट कैरन ग्रेझेट का कहना है कि हमें यह सवाल करना चाहिए कि क्या हम उस केमिकल को सॉफ्ट ड्रिंक के जरिए पचाना चाहते हैं, जो पटाखे और कीटाणुनाशक जैसी बनाने में इस्तेमाल किया जाता है. कोल्ड ड्रिंक्स में भले ही इसकी मात्रा कम होती हो, लेकिन इससे नुकसान हो सकता है. इधर कोका कोला कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि उसे ब्रिटेन में किसी भी कंज्यूमर से तबीयत बिगड़ने जैसी शिकायत नहीं मिली है और उसने इस मामले में संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया है और उनके साथ सहयोग जारी रखेगा. इस मामले की जांच भी की जा रही है.यूके की फूड स्टैंडर्ड्स एजेंसी की ऐनी ग्रेवेट ने कहा कि एजेंसी कोका कोला के इस मामले की जांच कर रही है और अगर इसमें कोई अनसेफ खाद्य पदार्थ मिलेगा, तो जरूरी कदम उठा जाएंगे, ताकि इसे कोल्ड ड्रिंक्स से हटा लिया जाए. साथ ही इस बारे में कंज्यूमर्स को भी सूचना देंगे.

    फिलहाल कोका कोला कंपनी उन ड्रिंक्स को बाजार से वापस मंगवाने के लिए कदम उठा रहे हैं, जो बेची नहीं गई हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स सभी कोल्ड ड्रिंक्स को सेहत के लिए सही नहीं मानते हैं, क्योंकि इनका ज्यादा सेवन करने के कई परेशानियां पैदा हो सकती हैं.

  • वन अग्नि घटना की सूचना के लिए टोल फ्री नंबर 18002332631 जारी…

    वन अग्नि घटना की सूचना के लिए टोल फ्री नंबर 18002332631 जारी…


    वन अग्नि घटना रोकने वनमंडल रायगढ़ ने जारी की एडवाईजरी
    रायगढ़। कलेक्टर श्री कार्तिकेया गोयल के निर्देशन में वनमण्डलाधिकारी रायगढ़ वनमंडल द्वारा वन अग्नि घटना को रोकने हेतु वनक्षेत्रों में घटने वाली अग्नि घटनाओं की सूचना के लिए 24&7 टोल फ्री नम्बर 18002332631 जारी किया गया है। जिससे कि समय पर अग्नि घटनाओं के संबंध में जानकारी मिल सके एवं वनों को अग्नि से बचाया जा सकें। अग्नि सीजन में जंगल में आग लगने की घटनाएं घटित होती है, रायगढ़ वनमण्डल घने जंगल से घिरा हुआ है। वनांचल क्षेत्र में रहने वाले ग्रामीणों के लिए वनोपज संग्रहण जीविकोपार्जन का प्रमुख साधन है। ग्रामीण वनोपज संग्रह के लिए पेड़ों के नीचे आग लगाते हैं। इसी तरह दावानल के कारण जंगल में आग लगने की घटनाएं घटित होती है।


                 वनमण्डाधिकारी रायगढ़ ने जनसामान्य को सूचित करते हुए जंगलों को आग से बचाने हेतु एडवाईजरी जारी किया है। उन्होंने कहा कि जंगल के गुजरते समय बीड़ी, सिगरेट के जलते टुकड़े न फेकें। वनोपज संग्रहण के लिये पेड़ के नीचे आग न लगाएं। जंगल के भीतर आग लगाकर न छोड़ें। वन के आसपास खेतों में आग न लगाएं। वनों को अग्नि से बचाव हेतु परिक्षेत्र अधिकारियों एवं उनके अधीनस्थ परिक्षेत्र सहायक एवं परिसर रक्षकों के साथ समिति सदस्यों को ग्रामीणों के बीच वनों की अग्नि से सुरक्षा का व्यापक प्रचार-प्रसार करने आवश्यक निर्देश दिये गये हैं। जिससे वनों में घटित होने वाले अग्नि दुर्घटना को कम किया जा सकें। वनों की अग्नि सुरक्षा हेतु फायर वाचर नियुक्त किये गये हैं। जिन्हें मौके पर उपस्थित रहकर अग्नि घटना की नियमित जांच करने निर्देशित किया गया है। आग लगने के मामले को भारतीय वन अधिनियम 1972 व वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अपराध की श्रेणी में रखा गया है। यदि आग लगाते पकड़े जाने पर उक्त अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

  • उप मुख्यमंत्री प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राज्यसभा एवं रायगढ़ सांसद की गरिमामय उपस्थिति में रिकॉर्ड दूसरी बार सभी 18 वार्डों में लीड कर कमल गर्ग ने नगर पालिका अध्यक्ष पद की ली शपथ…

    उप मुख्यमंत्री प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राज्यसभा एवं रायगढ़ सांसद की गरिमामय उपस्थिति में रिकॉर्ड दूसरी बार सभी 18 वार्डों में लीड कर कमल गर्ग ने नगर पालिका अध्यक्ष पद की ली शपथ…

    कमल गर्ग के रूप में खरसिया की जनता ने विकास पुरुष को चुना है – किरण देव सिंह
    विकास के रूप में आगे बढ़ेगा खरसिया नगर, धनराशि की नहीं होगी कमी – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

    खरसिया। नगर के टाउन हॉल मैदान में हजारों गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में रिकॉर्ड दूसरी बार सभी 18 वार्डों में लीड करते हुए विजयश्री का वरण करने वाले कमल गर्ग एवं भाजपा के 15 तथा कांग्रेस के तीन पार्षदों का मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री अरुण साव प्रदेश भाजपा अध्यक्ष किरण देव सिंह राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह रायगढ़ सांसद राधेश्याम राठिया पूर्व विधायक विजय अग्रवाल जिला भाजपा अध्यक्ष अरुण धार दीवान रायगढ़ नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान वरिष्ठ भाजपा नेता गुरुपाल सिंह भल्ला श्रीकांत सोमवार गिरधर गुप्ता गोपाल शर्मा सुभाष पांडे खरसिया क्षेत्र के नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य शिखा रविंद्र गवेल सतबाई छोटेलाल पटेल बलदेव कुर्रे एवं 14 जनपद सदस्यों तथा सभी 6 मंडल अध्यक्षों की गरिमामय उपस्थिति में ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ। कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों द्वारा मां सरस्वती एवं छत्तीसगढ़ महतारी के चित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया गया एवं छत्तीसगढ़ी राज गीत अरपा पैरी के धार का गायन किया गया। तत्पश्चात अनुविभागीय अधिकारी प्रियंका वर्मा द्वारा अध्यक्ष कमल गर्ग एवं निर्वाचित सभी 18 पार्षदों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलवाई गयी। खरसिया नगर के प्रबुद्ध नागरिकों द्वारा अध्यक्ष कमल गर्ग एवं सभी 18 वार्ड पार्षदों को पगड़ी साफा पहनकर सम्मानित किया गया।

    इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने कहा कि अपने विगत कार्यकाल में खरसिया नगर में विकास के नए आयाम स्थापित करने वाले विकास पुरुष कमल गर्ग को आपने पुनः चुना है इसके लिए खरसिया नगर वासी बधाई के पात्र हैं मुझे आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास भी है की कमल गर्ग के नेतृत्व में खरसिया नगर उत्तरोत्तर विकास के पथ पर अग्रसर होता रहेगा मेरी इन्हें बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं हैं। वहीं उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कार्यकर्ता सम्मेलन में मेरे द्वारा किए गए निवेदन पर आप सभी ने अध्यक्ष के रूप में कमल गर्ग एवं भाजपा के 15 पार्षदों को विजई बनाया है इसके लिए मैं खरसिया नगर की जनता का तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूं और नगर की जनता को प्रणाम करता हूं। मैंने दो वादे किए थे उसमें आज उपस्थित होकर एक पूरा कर दिया है और मेरा दूसरा वादा है कि खरसिया नगर के विकास के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं होगी। शपथ ग्रहण के पश्चात आम जनता के लिए श्री राम मंदिर में जलपान की व्यवस्था भी की गई थी। शपथ ग्रहण समारोह को लेकर खरसिया नगर वासियों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं में प्रातः काल से ही उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा था समारोह स्थल पर प्रातः 11:00 बजे से ही हजारों की भीड़ पहुंचना शुरू हो गई थी जिसे देखते हुए नवनिर्वाचित अध्यक्ष कमल गर्ग की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।


    पूजा अर्चना और मंत्रोच्चार के साथ कमल गर्ग ने अध्यक्ष का पदभार किया ग्रहण

    शपथ ग्रहण के पश्चात कमल गर्ग ने नगर पालिका परिषद पहुंचकर विधि विधान से पूजा अर्चना कर मंत्रोच्चार के साथ पदभार ग्रहण किया एवं मीडिया से बात करते हुए कहा कि खरसिया नगर के हम सभी पार्षद और मैं स्वयं को सौभाग्यशाली समझते हैं कि देव तुल्य मतदाताओं ने हमें सेवा का अवसर देते हुए आशीर्वाद प्रदान किया है ईश्वर से मेरी यही प्रार्थना है कि हम ईमानदारी से अपनी मातृभूमि अपनी जन्मभूमि की सेवा करें और खरसिया नगर को एक विकसित साफ स्वच्छ और सुंदर शहर बनाएं नगर की जनता ने जिन अपेक्षाओं के साथ मुझ पर विश्वास करते हुए मुझे नगर पालिका अध्यक्ष के पद पर बैठाया है मैं उनके विश्वास पर खरा उतरू यही मेरा मकसद है और यही मेरी भगवान से प्रार्थना है।

  • शिवरात्रि और शिव बारात की तैयारी के लिये हुयी बैठक..शिवरात्रि की तैयारी जोरों पर..

    शिवरात्रि और शिव बारात की तैयारी के लिये हुयी बैठक..
    शिवरात्रि की तैयारी जोरों पर..


    खरसिया। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी शिवरात्रि के पवन पर्व के अवसर पर शिव बारात निकाली जायेगई जिसकी तैयारी के लिये शिव मंदिर भगत तालाब में एक बैठक रखी गयी थी, जिसमें शिव बारात के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये।



    विदित हो कि शिवभक्तों के द्वारा विगत तीन वर्षों से शिवरात्रि के अवसर पर भोले की बारात निकाली जा रही है, जिसकी तैयारी के संबंध में बैठक आयोजित कर नगरवासियों से सुझााव तथा परामर्श लेने के पश्चात इस वर्ष भी शिव बारात को धूमधाम से निकालने का निर्णय लिया गया, बैठक मे लिये निर्णय के अनुसार 26 फरवरी को शाम 4 बजे से शिव मन्दिर भगत तालाब से शिव बारात निकाली जायेगी जो गोपाल राईस मिल से होते हुये सुभाष चौंक से होते हुये नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुये वापिस शिव मन्दिर में बारात का समापन किया जायेगा, तथा शिव मन्दिर में महाआरती के बाद महा प्रसाद का वितरण किया जायेगा, शिवभक्तों के द्वारा जगह जगह पर शिवबारात का स्वागत भी किया जायेगा। शिवभक्तों के द्वारा इस वर्ष भी महाभण्ड़ारा का आयोजन किया जा रहा है। शिव बारात तथा शिवरात्रि के पर्व को भव्यता से मनाने के लिये शिव परिवार के श्यामसुन्दर अग्रवाल, विजय मिले, सुनील अग्रवाल पत्रकार, मनीष अग्रवाल, सतीष अग्रवाल, नारायण चक्रधारी, विजय द्वारका, सुरेश शम्भू, मुकेश अग्रवाल, दीनदयाल अग्रवाल, आशीष शर्मा, दिलीप शर्मा, आकाश शर्मा, मुन्ना अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, विकास कबुुलपुरिया, मोहन केशरवानी, ललित बंसल, सत्यनारायण मुर्रा, राजा अग्रवाल रोशन सहित नगर के राम सराफ, सुरेश कबुलपुरिया, राजेश घनसू, विकास अग्रवाल शारदा, आशीष गुप्ता, नीरज पिलानिया, अम्बर अग्रवाल, राजेष शर्मा इंड़स्ट्रीज, रोहन शर्मा, टीनू शर्मा, बंटी कबुलपुरिया, मोंटी चूड़ी, राकेश गर्ग, रमेश अग्रवाल, पवन अग्रवाल, मनीष मिंड़ी, शिवम अग्रवाल, सोनू पार्षद, साहिल शर्मा, शशिकला अग्रवाल, रेखा अग्रवाल सहित नगर के शिवभक्त जुटे हुये हैं।

  • 18 प्रकार के दस्तावेजों में से किसी 1 से मतदाता दे सकते है अपनी पहचान…

    18 प्रकार के दस्तावेजों में से किसी 1 से मतदाता दे सकते है अपनी पहचान…

    बिलासपुर। नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन हेतु मतदान केन्द्र पर मतदाता की पहचान स्थापित करने के लिए 18 प्रकार के दस्तावेजों को मान्य किया गया है। मतदाता को इनमें से कोई एक दस्तावेज मतदान केंद्र पर दिखाना होगा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि दस्तावेजों में क्रमशः भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रदाय किया गया मतदाता पहचान पत्र, बैंक, डाकघर फोटोयुक्त पासबुक, पासपोर्ट, आयकर पहचान-पत्र पैन कार्ड, आधार कार्ड, राज्य, केन्द्र सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम या स्थानीय निकाय अथवा अन्य निजी औद्योगिक संस्थानों द्वारा उनके कर्मचारियों को जारी किए जाने वाले फोटोयुक्त सेवा पहचान-पत्र, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, मनरेगा जॉब कार्ड, फोटोयुक्त स्वास्थ्य बीमा योजना (स्मार्ट) कार्ड, ड्रायविंग लायसेंस, स्वतंत्रता सेनानी फोटोयुक्त पहचान-पत्र, केन्द्रीय अथवा छ.ग. राज्य माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा जारी दसवीं एवं बारहवीं की फोटोयुक्त अंकसूची, बार कौंसिल द्वारा अधिवक्ताओं को जारी फोटोयुक्त परिचय-पत्र, फोटोयुक्त निःशक्तता प्रमाण-पत्र, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी वैध फोटोयुक्त राशन कार्ड, महाविद्यालय अथवा विद्यालय द्वारा जारी फोटोयुक्त छात्र पहचान-पत्र, फोटोयुक्त शस्त्र लायसेंस एवं छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर एसईसी ईआर जनरेटेड मतदाता पहचान पर्ची को मान्य किया गया है। मतदाता उपरोक्त में से कोई भी एक फोटोयुक्त पहचान-पत्र मतदान केन्द्र पर लेकर जायेगा और पीठासीन अधिकारी द्वारा पहचान स्थापित की जायेगी। छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर द्वारा ऑनलाइन जनरेटेड मतदाता पहचान पर्ची को भी मान्य किया गया है। यह पर्ची आयोग की वेबसाईट पर दिये गये लिंक से मतदाता के द्वारा डाउनलोड की जा सकती है, इसके लिए वेबसाईट सीजीएसईसी डॉट जीओवी डॉट इन में जाकर वोटर सर्च एंड प्रिंट अर्बन एवं वोटर सर्च एंड प्रिंट रूरल नामवार सर्च करके अपना मतदान केन्द्र का विवरण देख व प्रिंट कर सकते हैं।

  • महिलाओं से शारीरिक संबंध’ बनाने पर हाई कोर्ट का अहम फैसला, कहा- महिला ने संबंध बनाने की परमिशन दी हो तब फोटो-वीडियो रिकॉर्ड…?

    महिलाओं से शारीरिक संबंध’ बनाने पर हाई कोर्ट का अहम फैसला, कहा- महिला ने संबंध बनाने की परमिशन दी हो तब फोटो-वीडियो रिकॉर्ड…?

    महिलाओं से शारीरिक संबंध’ बनाने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की है। हाईकोर्ट ने कहा कि भले ही महिला ने संबंध बनाने की इजाजत दी हो तब भी उसके प्राइवेट मोमेंट का मिसयूज नहीं किया जा सकता है। एक मामले में विवाहित महिला ने आरोपी शख्स पर वीडियो दिखाकर ब्लैकमेल करने और जबरन संबंध बनाने का आरोप लगाया था।

    मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया। साथ ही अहम टिप्णी करते हुए कहा कि महिला ने संबंध बनाने की इजाजत दी हो लेकिन उसके प्राइवेट मोमेंट का मिसयूज नहीं किया जा सकता है।

    दरअसल महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे एक कोर्स में दाखिला लेने के लिए पैसे दिए थे, जिसे उसने नौकरी मिलने के बाद चुकाने का वादा किया था। FIR के मुताबिक, आरोपी ने उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और संबंध बनाने के लिए मजबूर किया। उसने जो-जो कहा सब किया। नग्न वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर आरोपी ने दो दिनों तक उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।

    महिला यानी शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने उसके पैतृक गांव के लोगों को वह वीडियो भेजकर उसे बदनाम करना शुरू कर दिया और बाद में उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर दिया।

    मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि उसकी (महिला) सहमति को किसी भी तरह से उसके अनुचित वीडियो को कैद करने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करने की सहमति के रूप में नहीं समझा जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि शारीरिक संबंध बनाने की सहमति किसी व्यक्ति के निजी क्षणों का दुरुपयोग या शोषण या उन्हें अनुचित और अपमानजनक तरीके से चित्रित करने तक सीमित नहीं है।