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  • पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बढ़ी मुश्किलें, इस मामले में सीबीआई ने रिवीजन याचिका की दायर, इस तारीख को होगी सुनवाई….

    पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की बढ़ी मुश्किलें, इस मामले में सीबीआई ने रिवीजन याचिका की दायर, इस तारीख को होगी सुनवाई….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। सीबीआई ने उनके खिलाफ अश्लील सीडी कांड में रिवीजन याचिका दायर की है। इस याचिका पर सुनवाई 4 अप्रैल को सीबीआई की विशेष अदालत में होगी। मामले में सभी पक्षों को समन जारी करने की प्रक्रिया जारी है।

    सीबीआई ने 11 मार्च को रायपुर जिला न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए रिवीजन याचिका दाखिल की। सीबीआई ने याचिका में भूपेश बघेल को आरोपित बनाने की मांग की है और दावा किया है कि नए दस्तावेजी साक्ष्य और गवाहों के आधार पर महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं, जिससे केस की दोबारा सुनवाई जरूरी हो गई है।

    सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद भूपेश बघेल की कानूनी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। यदि विशेष अदालत सीबीआई की याचिका स्वीकार करती है, तो भूपेश बघेल को कोर्ट में पेश होना पड़ सकता है और मामले की नई सुनवाई शुरू हो सकती है।

    जानिए क्या है सेक्स सीडी कांड मामला

    छत्तीसगढ़ में सेक्स सीडी कांड का मामला अक्टूबर 2017 में आया था। इसमें दावा किया गया कि इस सेक्स सीडी कांड में तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत हैं। इसके बाद रायपुर के सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया। इस मामले में पुलिस ने दिल्ली से पत्रकार विनोद वर्मा को गिरफ्तार किया था। कांग्रेस ने इसे साजिश बताया था, जिसके बाद इस मामले में सितंबर 2018 में भूपेश बघेल की गिरफ्तारी हुई थी। भूपेश बघेल उस समय छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे। इस पूरे मामले में भूपेश बघेल पर साजिश रचने का आरोप लगा था, जिसके बाद भूपेश बघेल कोर्ट में जमानत लेने से इनकार कर दिया था। बघेल के समर्थन में छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने जगह-जगह प्रदर्शन किए थे। भूपेश बघेल की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह सभाएं की थी। 2018 में विधानसभा चुनाव हुए थे। इस विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को जीत मिली थी, जिसके बाद भूपेश बघेल राज्य के मुख्यमंत्री बने थे।

  • RBI ने सिबिल स्कोर को लेकर बनाये 5 नये नियम 26 तारीक से होंगे लागू जानिए नियम…

    RBI ने सिबिल स्कोर को लेकर बनाये 5 नये नियम 26 तारीक से होंगे लागू जानिए नियम…

    RBI ने सिबिल स्कोर को लेकर बनाये 5 नये नियम 26 तारीक से होंगे लागू जानिए नियम सिबिल स्कोर बिगड़ जाता है तो ग्राहक को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आजकल तो बैंक में जॉब के लिए भी इसे तवज्जो दी जाने लगी है, लोन के लिए तो पहले से ही इसका महत्व रहा है।

    RBI लोन नियम
    RBI लोन उपलब्ध कराने वाले बैंक, NBFC या वित्तीय संस्था को 21 दिन का समय दिया गया है। शिकायत मिलने के बाद  क्रेडिट ब्यूरो के पास 9 दिन का समय रहेगा। अगर 21 दिन में लोन देने वाली संस्था शिकायत का निपटारा नहीं करती है तो जुर्माना लोन देने वाली संस्था पर लगेगा।

    RBI के नियम
    RBI ने सिबिल स्कोर सभी का रिकॉर्ड रखना होगा और आरबीआई reserve Bank of India के नए नियमों के अनुसार क्रेडिट ब्यूरो वेबसाइट पर इन शिकायतों की संख्या दर्शानी होगी। इस नियम का पालन सख्ती से करने के लिए कहा गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने कुछ नियम और भी बनाए हैं जो 26 तारीख से लागू हो चुके हैं।

    RBI फुल क्रेडिट रिपोर्ट
    RBI क्रेडिट संस्थानों को ग्राहकों की सुविधा के लिए साल में एक बार फ्री फुल क्रेडिट रिपोर्ट दर्शाने की सुविधा देनी होगी। क्रेडिट कंपनी अपनी वेबसाइट पर इस सुविधा के लिए लिंक दे सकती है। इस लिंक के जरिये किसी भी ग्राहक को अपनी फुल क्रेडिट रिपोर्ट को जांचने में पूरी मदद मिलेगी।

    RBI लोन डिफॉल्ट घोषित
    RBI इसके लिए लोन डिफॉल्ट घोषित करने से पहले ग्राहक को इसकी जानकारी देनी होगी। आरबीआईके नए नियमों के अनुसा र बैंक किसी उपभोक्ता को डिफॉल्ट रिपोर्ट करना चाहत है तो उपभोक्ता को पहले ही मेल या फोन आदि से जानकारी देगा।

  • चुनाव आयोग ने लिया बड़ा फैसला, PAN के बाद अब Voter ID में भी होगा आधार लिंक…

    चुनाव आयोग ने लिया बड़ा फैसला, PAN के बाद अब Voter ID में भी होगा आधार लिंक…

    पैन कार्ड की तरह अब मतदाता पहचान पत्र (EPIC) को भी आधार कार्ड से जोड़ने की योजना पर चुनाव आयोग तेजी से काम कर रहा है। चुनाव आयोग इसके संबंध में अगले सप्ताह केंद्रीय गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठक करेगा। यह जानकारी चुनाव आयोग के सूत्रों ने शनिवार को दी।

    अभी तक नहीं किया दोनों डेटाबेस को लिंक

    जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 में संशोधन के बाद 2021 में मतदाता फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) के साथ आधार को जोड़ने की अनुमति दी गई। चुनाव आयोग ने स्वैच्छिक आधार पर मतदाताओं से आधार संख्या एकत्र करना शुरू कर दिया। हालांकि, अभी तक चुनाव आयोग ने दोनों डेटाबेस को लिंक नहीं किया है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची को साफ करने के लिए डुप्लिकेट पंजीकरण का पता लगाने में चुनाव आयोग की सहायता करना था। हालांकि, आधार को लिंक करना अनिवार्य नहीं था।

    चुनाव आयोग ने 18 मार्च को बुलाई बैठक

    चुनाव आयोग ने 18 मार्च को एक बैठक बुलाई। इसमेें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और चुनाव आयुक्त विवेक जोशी, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, विधायी विभाग के सचिव राजीव मणि और यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार से मुलाकात कर आधार को ईपीआईसी से जोड़ने के बारे में चर्चा करेंगे।

    टीएमसी ने उठाया था मुद्दा

    Aadhaar-EPIC linking बता दें कि यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल और अन्य राज्यों में मतदाताओं के पास एक ही ईपीआईसी संख्या होने का मुद्दा उठाया है। इसकी वजह से चुनाव आयोग को यह स्वीकार करना पड़ा है कि कुछ राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों ने ईपीआईसी संख्या जारी करते समय गलत अल्फ़ान्यूमेरिक सीरीज का इस्तेमाल किया था।

  • जनपद अध्यक्ष के पति गिरफ्तार, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई, जाने पूरा मामला….

    जनपद अध्यक्ष के पति गिरफ्तार, इस वजह से हुई बड़ी कार्रवाई, जाने पूरा मामला….

    सूरजपुर। जनपद पंचायत भैयाथान की अध्यक्ष सुलोचनी पैकरा के पति मैनेजर पैकरा को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन पर यह कार्रवाई मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर की गई है।

    दरअसल, कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें मैनेजर पैकरा मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल करते नजर आए। इस वीडियो के सामने आने के बाद भटगांव मंडल के भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने पहुंचकर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर भटगांव पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मैनेजर पैकरा को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की कार्रवाई जारी है।

  • राजधानी के इन दो अस्पतालों पर लटकी निलंबन की तलवार, इस वजह से गिर सकती है गाज, जाने पूरा मामला…..

    राजधानी के इन दो अस्पतालों पर लटकी निलंबन की तलवार, इस वजह से गिर सकती है गाज, जाने पूरा मामला…..

    रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग ने राजधानी  रायपुर के सर्वोदय अस्पताल टेस्ट ट्यूब बेबी सेंटर और डॉ. वेरोनिका यूएल क्लिनिक का लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा की है। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक ने कहा कि महिलाएं मां बनने की चाह में आईवीएफ अस्पताल जाती हैं। जहां पर उन्हें मां बनने के सुनहरे सपने दिखाकर अस्पताल द्वारा लाखों रुपये लिया जाता है। ऐसे में आयोग द्वारा शासन एवं ऑल इंडिया मेडिकल काउंसिल को अनुशंसा किया जायेगा कि ऐसे अस्पतालों पर कड़ी कार्रवाई किया जाए। जरूरत पड़ने पर इन अस्पतालों का लाइसेंस भी रद्द किया जाए।

    जानकारी के अनुसार, एक महिला ने आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी कि आईवीएफ हॉस्पिटल द्वारा उसे मातृत्व सुख का झांसा देकर लाखों रूपये लूट लिया गया। जबकि पीड़िता के 11 भ्रूणों को अस्पताल ने अपने लापरवाही के चलते नष्ट कर दिया गया। पीड़िता ने बताया कि मां बनने की चाह में उसका आईवीएफ अस्पताल में कुल 18 लाख रूपये खर्च हुआ।

    एक माह के अंदर अनावेदिका क्र. 1, आवेदिका को भ्रूण प्रत्यारोपण कर मां बनने की प्रक्रिया प्रारंभ करें।
    भ्रूण प्रत्यारोपण नहीं किये जाने की दशा में अनावेदिका क्र. 1 आवेदिका के हुए खर्च 18 लाख रुपये एवं 2,80,000 रुपये वापस करें।
    अनावेदिका क्र. 2 भी 2,80,000 रुपये की देनदारी में संयुक्त रूप से जिम्मेदार होगी।
    आयोग के द्वारा दिये गये आदेश का अनावेदिकागणों द्वारा अपालन की दशा में, उनके दोनों क्लिनिक का लाइसेंस समाप्त किये जाने की अनुशंसा ऑल इंडिया मेडिकल काउंसिल नई दिल्ली, छत्तीसगढ़ राज्य मेडिकल काउंसिल व सचिव स्वास्थ्य विभाग राज्य शासन छत्तीसगढ़ को पत्र प्रेषित किया जायेगा।

    दोनों अनावेदकगण मिलकर आवेदिका को 2,80,000 रुपये संयुक्त रूप से 1 माह के अंदर आयोग के समक्ष देवें तथा अनावेदिका क्र. 1 आवेदिका का भ्रूण प्रत्यारोपण करें, नहीं करने की दशा में 18 लाखरुपये आवेदिका को वापस करें। नहीं किए जाने की दशा में आयोग के अनुशंसा क्रमांक 4 का क्रियान्वयन के लिए पत्र आयोग की ओर से केंद्र सरकार को प्रेषित कर दिया जायेगा तथा प्रकरण का अंतिम निराकरण भी कर दिया जायेगा।

  • पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड : SIT ने कोर्ट में पेश की 1200 से अधिक पन्नों की चार्जशीट, इतने लोगों को बनाया गवाह…..

    पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड : SIT ने कोर्ट में पेश की 1200 से अधिक पन्नों की चार्जशीट, इतने लोगों को बनाया गवाह…..

    बीजापुर। पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्याकांड में विशेष जांच दल (SIT) ने 75 दिनों की जांच के बाद लगभग 1241 से अधिक पन्नों की चार्जशीट बीजापुर व्यवहार न्यायालय में पेश की है। कुल 1241 पन्ने की चार्जशीट में पुलिस ने 72 लोगों को गवाह बनाया है। चार्जशीट में 762 पन्नों का चालान और 479 पन्नों की कैश डायरी शामिल है। मामले में SIT ने साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर आरोपित सुरेश चंद्राकर, दिनेश चंद्राकर, रितेश चंद्राकर और महेंद्र रामटेके के खिलाफ यह विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार की है।

    जाने पूरा मामला

    गौरतलब है कि 1 जनवरी 2025 की रात ठेकेदार सुरेश चंद्राकर समेत चार आरोपियों ने मिलकर पत्रकार मुकेश चंद्राकर की बेरहमी से हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया था। जब अगले दिन तक मुकेश का कोई पता नहीं चला, तो बीजापुर के पत्रकारों ने कोतवाली में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और 2 जनवरी की शाम आरोपी ठेकेदार के घर के सेप्टिक टैंक से मुकेश का शव बरामद किया। महज 24 घंटे के भीतर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय 11 सदस्यीय SIT गठित की गई, जिसने घटना के हर पहलू की गहन जांच की। पुलिस ने पहले ही प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया था कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।

  • इस मामले में कोर्ट ने सरकारी अधिकारी को सुनाई 5 साल सश्रम कारावास की सजा, इतने लाख का लगाया जुर्माना…

    इस मामले में कोर्ट ने सरकारी अधिकारी को सुनाई 5 साल सश्रम कारावास की सजा, इतने लाख का लगाया जुर्माना…

    रायपुर। आय से अधिक संपत्ति मामले में विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम)  रायपुर ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग में पदस्थ अधीक्षण अभियंता मनोज सिंह ठाकुर को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतने का आदेश भी दिया गया है।

    ऐसे हुआ खुलासा

    एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 20 जुलाई 2015 को विशेष न्यायालय से तलाशी वारंट प्राप्त कर मनोज सिंह ठाकुर के रायपुर स्थित दीनदयाल नगर निवास पर छापा मारा था। इस दौरान सोने-चांदी के आभूषण, नगदी, वाहन, कीमती दस्तावेज, बैंक पासबुक और बीमा पत्रक समेत कई अहम दस्तावेज बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया कि मनोज सिंह ठाकुर और उनके परिजनों के नाम पर कुल 71 लाख 22 हजार 771 रुपये की अनुपातहीन संपत्ति दर्ज है।

    पूरी जांच और सुनवाई के बाद विशेष न्यायालय रायपुर के न्यायाधीश मधुसूदन चंद्राकर ने फैसला सुनाते हुए कहा कि –“वर्तमान समय में भ्रष्टाचार समाज की जड़ों को खोखला कर रहा है। यह देश, प्रदेश और समाज के समुचित विकास को प्रभावित करने वाला एक गंभीर अपराध है। ऐसे मामलों में कठोर दंड आवश्यक है।”

  • आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो के सम्मान में सुरता महोत्सव आयोजित….

    आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो के सम्मान में सुरता महोत्सव आयोजित….



    रायपुर। विगत दिनों आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो के सम्मान में नवा रायपुर सेक्टर-27 में पार्क में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ सादगीपूर्ण ढंग से सुरता महोत्सव का आयोजन किया गया।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्री बाबूलाल साहू एवं अन्य अतिथियों ने आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो की प्रतिमा पर फूल माला अर्पित कर पूजा-अर्चना की तथा इस अवसर पर प्रसाद वितरण किया गया।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि बाबूलाल साहू ने बताया कि आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो के बताये मार्ग पर चलने की जरूरत है तथा हम उनके उपदेशों तथा सिद्धांतों का प्रचार-प्रसार करेंगे। इस अवसर पर अध्यक्षता कर रहे बसंत उपाध्याय ने अपने उद्बोधन में बताया कि महाकवि कालिदास पंडो आदिवासी समाज के थे तथा छत्तीसगढ़ के निवासी थे। उनकी कृति मेघदूत का छत्तीसगढ़ी में अनुवाद हमारे परिवार के श्री पंडित मुकुटधर पाण्डे ने किया है। विश्व के अनेक भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। वे छत्तीसगढ़ के मृगाडांड़ के निवासी थे। यह हम छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए गौरव की बात है उन्होंने अपने ग्रंथों में आदिवासी संस्कृति तथा छत्तीसगढ़ की संस्कृति का विस्तृत वर्णन किया है। उन्होंने आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो के भौगोलिक ज्ञान तथा वैज्ञानिक क्षमता को अद्भूत बताया। उन्होंने आगे कहा कि चूंकि वह आदिवासी समाज के थे तथा छत्तीसगढ़ के निवासी थे इसलिए कुछ लोगों ने उनके खिलाफ भ्रम फैलाया है कि वे अनपढ़ थे।

    इस अवसर पर डॉ रामविजय शर्मा इतिहासकार एवं पुरातत्वविद्, रायपुर, भारत ने अपने उद्बोधन में बताया कि आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो पर मेरे द्वारा विस्तृत शोध किया गया तथा शोध पत्र कई अंतर्राष्ट्रीय जनरल में प्रकाशित हुआ। आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो का जन्म 15 नवम्बर 350 ई. को तथा निधन 15 मार्च 450 ई. को हुआ था। उनका जन्म छत्तीसगढ़ के एक छोटे से गांव पंडो आदिवासी बहुल रामायणकालीन गांव मृगाडांड़ में हुआ था। जो सरगुजा जिले के उदयपुर तहसील के अंतर्गत है। उन्होंने आगे बताया कि आदिवासी महाकवि कालीदास पंडो के विचारों तथा सिद्धांतों का भारत तथा विश्व स्तर पर प्रचार-प्रसार की आवश्यकता है। उन्होंने आगे बताया कि मेरे नेतृत्व में मेघदूत में वर्णित मेधमार्ग पर मृगाडाड़ से मान सरोवर तक सांस्कृतिक यात्रा का आयोजन किया जाएगा। ताकि आदिवासी संस्कृति तथा छत्तीसगढ़ की संस्कृति का देश-दुनिया में प्रचार-प्रसार हो सके। सांस्कृतिक यात्रा के दौरान मृगाडांड़, रतनपुर, अमरकंटक, विदिशा, उज्जैन, देवगढ़, मदसौर, कुरुक्षेत्र, हरिद्वार तथा मानसरोवर एवं अलकापुरी में सांस्कृतिक पड़ाव आयोजित किया जाएगा। तथा राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी, स्थानीय आदिवासी नृत्य तथा मेघदूत का संस्कृत में तथा पंडित मुकुटधर पाण्डेय जी द्वारा अनुवादित छत्तीसगढ़ी में मेघदूत का सस्वर पाठ का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर सभी पड़ावों में भण्डारा का भी आयोजन किया जाएगा। इसके बारे में माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी, छत्तीसगढ़ शासन से सहयोग तथा मार्गदर्शन लेकर बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा।

    इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि अनिल कुमार सिंह ने आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो के बारे में प्रचलित किंवदंति के बारे में बताया कि किस तरह कालिदास उसी डाल को काट रहे थे जिस डॉल पर बैठे थे। उन्होंने बताया कि इतना सरल स्वभाव सिर्फ आदिवासी समाज का होता है। इस अवसर पर वरिष्ठ नागरिक विमल कुमार शर्मा ने आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो के बारे में तथा उनके ग्रंथों के बारे में तथा उनके विवाह प्रसंग के बारे में विस्तृत ढंग से बताया। मंच का संचालन राजीव त्रिपाठी, वरिष्ठ सलाहकार पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री त्रिपाठी ने बताया कि आदिवासी महाकवि कालिदास पंडो पर डॉ. रामविजय शर्मा द्वारा विस्तृत शोध किया गया है जो सराहनीय है तथा आदिवासी समाज तथा छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए गौरवान्वित होने की बात है। उन्होंने उनके जन्म दिवस 15 नवम्बर पर शासकीय अवकाश घोषित करने के लिए शासन से मांग की।

    कार्यक्रम के आयोजन में सुधीर यादव, कोषाध्यक्ष अटल नगर फुटबॉल क्लब एवं श्री चंदन कुमार होटल मैनेजमेंट संस्थान का योगदान सराहनीय रहा। अंत में विश्व शांति की कामना करते हुए महोत्सव का समापन किया गया।

  • कोयला परिवहन से फैल रहे प्रदूषण के विरोध में होगा जन आंदोलन

    कोयला परिवहन से फैल रहे प्रदूषण के विरोध में होगा जन आंदोलन

    खरसिया। रेल्वे माल धक्का में कोयला के लोडिंग-अनलोडिंग के कारण शहर में फैल रहे प्रदूषण को देखते हुए यहां रेल रोको आंदोलन की चेतावनी तरुण सिंह ठाकुर ने दी है। भाजपा के नेता तरुण सिंह ठाकुर, मोनू केसरी ने कहा है कि किसी भी कीमत में खरसिया क्षेत्र के हजारों लोगों के जान से खिलवाड़ रेल अधिकारियों और अदाणी पावर को नहीं करने देंगे।

    उन्होंने कहा है कि आम लोगों के जनजीवन को खतरे में डालकर रेल्वे सिर्फ अपनी कमाई करने में लगा है। जनहित से रेल्वे को कोई सरोकार नहीं है।

    रेल्वे के उच्च अधिकारियों की मिली भगत से अडाणी के ट्रांसपोर्टर द्वारा लोगों के स्वास्थ्य से खिलावाड़ किया जा रहा है। प्रदूषण की मार झेल रहे नेखरसिया के लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हजारों लोगों के घरों के साथ मंदिर, गुरुद्वारा, गौशाला, बस स्टेशन, निस्तारी तालाब, खेती भूमि, स्कूल में तेजी से प्रदूषण फैल रहा है। लोग कोयले के इस धीमे जहरके कारण बीमारी के करीब पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा है कि शासन-प्रशासन द्वारा इसे जनहित में बंद नहीं किया जाता है तो खरसिया की जनता सड़क पर उतर कर जन आंदोलन करेगी।

  • विधानसभा में फिर गूंजा खरसिया रेलवे ओवरब्रिज का मुद्दा,सरकार ने स्वीकारा वित्त विभाग के आदेश से कार्य लंबित….

    विधानसभा में फिर गूंजा खरसिया रेलवे ओवरब्रिज का मुद्दा,सरकार ने स्वीकारा वित्त विभाग के आदेश से कार्य लंबित….

    खरसिया में रेलवे यार्ड के पास प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य एक बार फिर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। कांग्रेस शासन के दौरान 2021 में प्रशासकीय स्वीकृति मिलने और 2023 में टेंडर प्रक्रिया पूर्ण होने के बावजूद, खरसिया की जनता वर्षों से जिस रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण का इंतजार कर रही है यह परियोजना अब तक अधर में लटका हुआ है।


    विधानसभा में खरसिया विधायक उमेश पटेल द्वारा सरकार से जब इस परियोजना की स्थिति पर सवाल किया गया, तो सरकार ने स्वीकार किया कि वित्त विभाग के आदेश पर यह कार्य दिसंबर 2023 से लंबित पड़ा है।

    उमेश पटेल ने विधानसभा में उप मुख्यमंत्री (लोक निर्माण विभाग) अरुण साव से पूछा कि खरसिया यार्ड के पास रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कार्य वर्तमान में किस स्थिति में है? क्या यह कार्य प्रारंभ हुआ है? यदि नहीं, तो इसे कब तक शुरू किया जाएगा? इस परियोजना की प्रशासनिक स्वीकृति कब मिली थी, और इसे पूरा करने की क्या समय-सीमा है? इस पर उप मुख्यमंत्री का उत्तर चौंकाने वाला था। उन्होंने बताया कि ”23 दिसंबर 2021 को इस परियोजना को छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी थी और वर्तमान भाजपा सरकार के वित्त विभाग के निर्देश 42/2023 दिनांक 20.12.2023 के परिपालन में कार्य लंबित रखा गया है।’ कार्य कब प्रारंभ होगा निश्चित तिथि बताया जाना संभव नहीं है।” यहां उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि वित्त विभाग के आदेश के कारण यह परियोजना लंबित है।


    गौरतलब है कि फरवरी 2024 में भी यही प्रश्न विधानसभा में उठाया गया था, तब भी उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जवाब दिया था कि कार्य प्रक्रियाधीन है। लेकिन अब जब मार्च 2025 में उमेश पटेल ने फिर से इस मुद्दे को उठाया, तो सरकार ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि वित्त विभाग के निर्देशानुसार कार्य रोक दिया गया है।

    उपमुख्यमंत्री के उत्तर के बाद यह भी स्पष्ट हो गया कि खरसिया रेलवे ओवरब्रिज परियोजना को कांग्रेस शासनकाल में मंजूरी दी गई थी। 2021 में प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त हुई और 2023 में टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई। इसके अलावा, भू-अर्जन का कार्य भी संपन्न हो चुका था। लेकिन दिसंबर 2023 में नई सरकार बनने के बाद से यह परियोजना ठप पड़ी है।


    राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य शुरू करे सरकार – उमेश पटेल

    विधायक उमेश पटेल ने सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा सरकार विकास की राजनीति के बजाय केवल श्रेय लेने के लिए जनता को गुमराह कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार बने एक साल से अधिक हो चुका है, लेकिन अब तक निर्माण कार्य शुरू करने की कोई निश्चित तिथि नहीं दी गई।

    यह साफ दर्शाता है कि सरकार इस महत्वपूर्ण परियोजना को लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने कहा कि रेलवे ओवरब्रिज जनता की जरूरत है, लेकिन सरकार इसे राजनीति से जोड़कर विकास कार्यों में बाधा डाल रही है, जो जनता के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग की कि सरकार को राजनीतिक स्वार्थ से ऊपर उठकर इस परियोजना का कार्य तुरंत शुरू करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा सरकार अनावश्यक देरी कर केवल राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रही है, लेकिन जनता सब समझ रही है।