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  • कविता मामले में इमरान प्रतापगढ़ी पर दर्ज FIR रद्द, सुप्रीम कोर्ट बोला- कविता, कला और व्यंग्य जीवन को समृद्ध करता है…

    कविता मामले में इमरान प्रतापगढ़ी पर दर्ज FIR रद्द, सुप्रीम कोर्ट बोला- कविता, कला और व्यंग्य जीवन को समृद्ध करता है…

    कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी को सुप्रीम कोर्ट से महत्वपूर्ण राहत मिली है. शीर्ष अदालत ने सोशल मीडिया पर एक कविता साझा करने के मामले में उनके खिलाफ दर्ज FIR को खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि “कविता, कला और व्यंग्य जीवन को समृद्ध बनाते हैं. अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता समाज के लिए अत्यंत आवश्यक है. पुलिस को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करनी चाहिए.” यह निर्णय जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने सुनाया.

    सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया है कि निर्णय लेते समय मजबूत और स्पष्ट दृष्टिकोण वाले व्यक्तियों के मानकों का उपयोग किया जाना चाहिए, न कि उन लोगों के मानकों का जो कमजोर हैं और हर स्थिति को खतरे या आलोचना के रूप में देखते हैं. यदि पुलिस मौलिक अधिकारों की सुरक्षा में असफल होती है, तो अदालतों का दायित्व है कि वे हस्तक्षेप करें और इन अधिकारों की रक्षा करें. विचारों का सम्मान और उनकी सुरक्षा आवश्यक है, क्योंकि विचारों और दृष्टिकोण की स्वतंत्रता अभिव्यक्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में यह स्पष्ट किया है कि संविधान के तहत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर उचित सीमाएं लगाई जा सकती हैं, लेकिन ये सीमाएं नागरिकों के अधिकारों का दमन करने के लिए अनुचित और काल्पनिक नहीं होनी चाहिए. कविता, नाटक, संगीत और व्यंग्य जैसे कला के विभिन्न रूप मानव जीवन को अधिक अर्थपूर्ण बनाते हैं, और इसलिए लोगों को इन माध्यमों के जरिए अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उपयोग करने का अधिकार होना चाहिए.

    जस्टिस अभय एस ओक की अध्यक्षता वाली पीठ ने इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ गुजरात के जामनगर में दर्ज मामले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा रद्द कर दिया है. 3 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने इमरान की याचिका पर सुनवाई पूरी कर निर्णय सुरक्षित रखा था. इससे पहले, गुजरात हाई कोर्ट ने 17 जनवरी को कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी की याचिका को खारिज कर दिया था.

    गुजरात के जामनगर में इमरान प्रतापगढ़ी के खिलाफ एक एडिटेड वीडियो के साथ उत्तेजक गाना पोस्ट करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है. कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने इस मामले में दावा किया है कि गुजरात पुलिस ने उनके खिलाफ जानबूझकर FIR दर्ज की है. इस FIR में कहा गया है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इमरान द्वारा साझा की गई 46 सेकंड की वीडियो क्लिप में उन पर फूलों की वर्षा की जा रही थी, जबकि बैकग्राउंड में एक आपत्तिजनक गाना बज रहा था. आरोप है कि इस गाने के बोल उत्तेजक, राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक और धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले हैं.

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने निर्णय में यह स्पष्ट किया कि भले ही कई लोग दूसरों के विचारों से असहमत हों, फिर भी विचारों की अभिव्यक्ति के अधिकार का सम्मान और सुरक्षा आवश्यक है. साहित्य, जिसमें कविता, नाटक, फ़िल्म, व्यंग्य और कला शामिल हैं, लोगों के जीवन को अधिक अर्थपूर्ण बनाता है.

  • बुरे फंसे लालू यादव, चारा घोटाले में गबन हुए 950 करोड़ की वसूली के लिए कोर्ट जाएगी बिहार सरकार…

    बुरे फंसे लालू यादव, चारा घोटाले में गबन हुए 950 करोड़ की वसूली के लिए कोर्ट जाएगी बिहार सरकार…

    राजद सुप्रीमो लालू यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. दरअसल बिहार सरकार ने बहुचर्चित चारा घोटाले में गबन हुए 950 करोड़ की वसूली के लिए कोर्ट जाने की तैयारी में है. सरकार CBI और इनकम टैक्स विभाग से बातचीत कर घोटाले की राशि सरकारी खजाने में वापस लाने के प्रयास करेगी. इसके लिए वह सीबीआई और इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से भी बातचीत करेगी.

    डिप्टी सीएम और सह वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि, हम हर संभव उपाय कर रहे हैं, ताकि यह राशि बिहार के खजाने में वापस आ सके. जरूरत पड़ी तो कोर्ट जाएंगे, जांच एजेंसियों से बात करेंगे. सरकार के इस निर्णय के बाद बिहार की राजनीतिक में सियासी पारा बढ़ना तय माना जा रहा है.

    हम ने फैसले का किया समर्थन
    बिहार सरकार के इस पहल का मांझी की पार्टी हम ने सराहना किया है. पार्टी के प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने कहा है कि, चारा घोटाले का पैसा हर हाल में सरकारी खजाने में लौटना चाहिए. सिर्फ जेल और बेल के खेल से काम नहीं चलने वाला है. यह खेल भ्रष्टाचारी लोग खेलते हैं, जो जनता के बीच रहनुमा बनने का ढोंग करते हैं और सरकारी पैसे को लूटकर जनता को गुमराह करते हैं. बिहार सरकार की इस दिशा में उठाए जा रहे कदम वाकई बधाई के पात्र हैं.

    राजद के खेल से जनता वाकिफ- हम
    लालू परिवार पर निशाना साधते हुए हम प्रवक्ता ने कहा कि, यह परिवार भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है और पीढ़ी दर पीढ़ी इसमें लिप्त रहा है. ये लोग जनता की सहानुभूति पाने के लिए कभी जाति का कार्ड खेलते हैं, तो कभी खुद को मासूम साबित करने का नाटक करते हैं. लेकिन अब इनके खेल से जनता वाकिफ है. चाहे चारा घोटाले की रकम हो या किसी अन्य घोटाले की, हर हाल में वह पैसा जनता के खजाने में वापस आना चाहिए.

    बिहार का सबसे बड़ा घोटाला है चारा घोटाला
    चारा घोटाला बिहार का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार वाला कांड है. इसमें पशुपालन विभाग के नाम पर सरकारी खजाने से फर्जी बिलों के जरिए करीब 950 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई. इसे ही चारा घोटाला नाम दिया गया. यह घोटाला 1996 में तब सामने आया, जब चाईबासा के उपायुक्त अमित खरे ने पशुपालन विभाग के दफ्तरों पर छापा मारा और फर्जी दस्तावेजों का खुलासा किया. इसमें नकली पशुओं और चारा आपूर्ति के बहाने कोषागार यानी सरकारी खजाने से पैसे निकाले गए. मुख्य आरोपी लालू प्रसाद यादव (जो उस समय बिहार के मुख्यमंत्री थे) सहित कई नेता, अधिकारी और आपूर्तिकर्ता शामिल थे. लालू यादव चारा घोटाला के पांच मामलों में सजायाफ्ता हैं.

  • खरसिया में भक्त माता कर्मा की 1009 वीं जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया…

    खरसिया में भक्त माता कर्मा की 1009 वीं जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया…

    भक्त माता कर्मा के डाक टिकिट विमोचन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया गया

    खरसिया। साहू समाज की गौरव आराध्य देवी,भक्त माता कर्मा जी की 1009 वीं जयंती बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
    सर्व प्रथम माता कर्मा जी के तैलय चित्र पर पुष्प माता पहनाकर, नारियल अर्पित कर धूप,दीप दिखाकर आरती की गई और भगवान श्री कृष्ण जी का प्रमुख भोग खिचड़ी का भोग लगाया गया और खिचड़ी का प्रसाद वितरण किया गया। इस पावन अवसर पर साहू समाज के सभी सदस्य उपस्थित हुऐ और पूजन अर्चना कर साहू समाज और साथ ही सर्व समाज, संपूर्ण जगत के कल्याण की कामना की गई।
            माता कर्मा दिवस के पावन अवसर पर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के कर कमलों से माता कर्मा की डाक टिकिट का विमोचन किया गया, जो कि सभी के लिये गौरव का विषय है जिसके लिये यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया और सभी प्रदेश वासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दिया गया।
          अवसर पर साहू समाज के प्रेमलाल साहू (पूर्व पार्षद), अशोक साहू, अनिल साहू, सुनील साहू, डॉक्टर ईश्वर साहू, सुरेश साहू, रवि साहू, बिज्जु साहू, शशि साहू (पूर्व एल्डरमैन), बसंत साहू, अमित साहू (युवा भाजपा नेता), श्रीमती लक्ष्मीदेवी साहू (पूर्व अध्यक्ष नगर पालिका खरसिया), अनिता साहू, सृष्टि साहू, दिव्या साहू, स्वाति साहू, सिमरन साहू व साहू समाज की सभी स्वजातीय महिलाएं, पुरुष बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

  • जस्टिस यशवंत को लेकर कॉलेजियम का अहम फैसला…

    जस्टिस यशवंत को लेकर कॉलेजियम का अहम फैसला…

    दिल्ली हाईकोर्ट में पदस्थ जस्टिस यशवंत वर्मा को कॉलेजियम ने वापस इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजने की सिफारिश की है। बीस मार्च और 24 मार्च को दो चरणों में हुई बैठक के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने यह प्रस्ताव सार्वजनिक किया है। कॉलेजियम ने इस सिफारिश के लिए किसी कारण का उल्लेख नहीं किया है। यहां यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि, इलाहाबाद हाईकोर्ट के बार एसोसिएशन ने जस्टिस यशवंत वर्मा को इलाहाबाद भेजे जाने पर जस्टिस यशवंत वर्मा का विरोध करने की बात कही है।

    क्या मामला है

    जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास पर आगजनी की घटना हुई थी। बचाव कार्य के दौरान बड़ी मात्रा में कैश मिलने की बात सामने आई। जले नोटों के बंडल की तस्वीरें भी सामने आई थी। इस प्रकरण के बाद से जस्टिस यशवंत वर्मा चर्चाओं में थे।

    भारत के मुख्य न्यायाधीश ने बनाई जांच समिति

    चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया संजीव खन्ना ने इस केस में जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की जिसकी अध्यक्षता पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्सिट शील नागू कर रहे हैं। कमेटी में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जी.एस. संधावालिया और कर्नाटक हाई कोर्ट की जज जस्टिस अनु शिवरामन भी शामिल हैं. इसकी रिपोर्ट अभी प्रतीक्षित है।

    सुबह ही न्यायिक कार्य से अलग किए गए जस्टिस यशवंत वर्मा

    कॉलेजियम के फ़ैसले के पहले सुबह दिल्ली हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय से जारी बयान में बताया गया था कि, जस्टिस यशवंत वर्मा से त्वरित प्रभाव से न्यायिक कार्य वापस लिया जाता है। इस बयान के पीछे चीफ जस्टिस संजीव खन्ना के उस निर्देश का संदर्भ दिया गया जिसमें कि, उन्होंने यह निर्देशित किया था कि, जब तक कोई फैसला नहीं आ जाता तब तक उन्हें कोई भी न्यायिक कार्य न सौंपे। दिल्ली हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल के द्वारा जारी बयान के पहले, सोमवार की कॉज लिस्ट में जस्टिस यशवंत वर्मा को डिविज़न नंबर तीन के प्रमुख के रूप में दर्शाया गया था।

  • एक चोर द्वारा तांबा युक्त केबल तार चुराते पकड़ाने पर बीजेपी ने सोशल मीडिया साइट पर भूपेश बघेल को लक्ष्य कर लिखा है – “चोर कोई हो बख्शा नहीं जाएगा।”

    एक चोर द्वारा तांबा युक्त केबल तार चुराते पकड़ाने पर बीजेपी ने सोशल मीडिया साइट पर भूपेश बघेल को लक्ष्य कर लिखा है – “चोर कोई हो बख्शा नहीं जाएगा।”

    दुर्ग पुलिस ने एक ऐसे चोर को पकड़ा है जो खेतों में बोर के लिए बिछाए तार को चुराता था। इस चोर ने पाटन विधायक भूपेश बघेल के खेत से भी तांबा युक्त केबल तार चुरा लिया था। इस चोर के पकड़ाने की सूचना देने वाली खबर की कटिंग लगाते हुए हुए बीजेपी छत्तीसगढ़ ने अपने अधिकृत ‘एक्स’ हैंडल पर भूपेश बघेल की ही मौज ले ली है, साथ ही संदेश भी देने की कवायद की है।

    बीजेपी ने लिखा – चोर कोई हो बख्शा नहीं जाएगा

    बीजेपी छत्तीसगढ़ की ओर से कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पाटन विधायक भूपेश बघेल को टैग कर लिखा गया है -“सुशासन की सरकार में चोर कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। समझे भूपेश जी!”

    जनवरी में हुई थी भूपेश के खेत में चोरी

    प्राप्त जानकारी के अनुसार बीते 30-31 जनवरी की दरमियानी रात भूपेश बघेल के सिकोलाखार के खेतों में पानी देने के लिए पाईप को बिछाकर बोर लगाया गया था। इसके लिए बहुत लंबा केबल वायर भी लगाया गया था। अज्ञात चोर ने केबल वायर के साथ सब्बल और ड्रम भी चोरी कर लिया था।

    ताँबे के फेर में होती थी चोरी

    बीते 22 मार्च को पुलिस ने संदेह के आधार पर मनोहर मार्कंडेय को पकड़ा। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि, भूपेश बघेल के खेत सहित पाटन और अमलेश्वर के कई गांव में केबल चोरी करता है। मनोहर ने बताया कि, तार से कॉपर निकाल कर वह बेच देता था। पुलिस ने चोरी का माल खरीदने वाले देवेंद्र देवांगन नामक व्यवसायी को भी गिरफ्तार किया है।

  • भ्रष्टाचारी जज यशवंत वर्मा से वापस लिए गए न्यायिक कार्य, दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया सर्कुलर…

    भ्रष्टाचारी जज यशवंत वर्मा से वापस लिए गए न्यायिक कार्य, दिल्ली हाईकोर्ट ने जारी किया सर्कुलर…

    दिल्ली हाईकोर्ट में पदस्थ जस्टिस यशवंत वर्मा को कॉलेजियम ने वापस इलाहाबाद हाईकोर्ट भेजने की सिफारिश की है। बीस मार्च और 24 मार्च को दो चरणों में हुई बैठक के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने यह प्रस्ताव सार्वजनिक किया है। कॉलेजियम ने इस सिफारिश के लिए किसी कारण का उल्लेख नहीं किया है। यहां यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि, इलाहाबाद हाईकोर्ट के बार एसोसिएशन ने जस्टिस यशवंत वर्मा को इलाहाबाद भेजे जाने पर जस्टिस यशवंत वर्मा का विरोध करने की बात कही है।

    क्या मामला है

    जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित आधिकारिक आवास पर आगजनी की घटना हुई थी। बचाव कार्य के दौरान बड़ी मात्रा में कैश मिलने की बात सामने आई। जले नोटों के बंडल की तस्वीरें भी सामने आई थी। इस प्रकरण के बाद से जस्टिस यशवंत वर्मा चर्चाओं में थे।

    भारत के मुख्य न्यायाधीश ने बनाई जांच समिति

    चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया संजीव खन्ना ने इस केस में जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की जिसकी अध्यक्षता पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्सिट शील नागू कर रहे हैं। कमेटी में हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस जी.एस. संधावालिया और कर्नाटक हाई कोर्ट की जज जस्टिस अनु शिवरामन भी शामिल हैं. इसकी रिपोर्ट अभी प्रतीक्षित है।

    सुबह ही न्यायिक कार्य से अलग किए गए जस्टिस यशवंत वर्मा

    कॉलेजियम के फ़ैसले के पहले सुबह दिल्ली हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल कार्यालय से जारी बयान में बताया गया था कि, जस्टिस यशवंत वर्मा से त्वरित प्रभाव से न्यायिक कार्य वापस लिया जाता है। इस बयान के पीछे चीफ जस्टिस संजीव खन्ना के उस निर्देश का संदर्भ दिया गया जिसमें कि, उन्होंने यह निर्देशित किया था कि, जब तक कोई फैसला नहीं आ जाता तब तक उन्हें कोई भी न्यायिक कार्य न सौंपे। दिल्ली हाईकोर्ट रजिस्ट्रार जनरल के द्वारा जारी बयान के पहले, सोमवार की कॉज लिस्ट में जस्टिस यशवंत वर्मा को डिविजन नंबर तीन के प्रमुख के रूप में दर्शाया गया था।

  • ग्राम दर्रामुड़ा की बेटियों ने किया कमाल : नेमिका राठिया और टीया पटेल का नवोदय विद्यालय में चयन…

    ग्राम दर्रामुड़ा की बेटियों ने किया कमाल : नेमिका राठिया और टीया पटेल का नवोदय विद्यालय में चयन…



    खरसिया। जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया है, जिसमें खरसिया के ग्राम दर्रामुड़ा की दो होनहार बच्चियों ने शानदार सफलता हासिल की है। मुरलीधर राठिया की बेटी नेमिका राठिया और तेज प्रकाश पटेल की बेटी टीया पटेल ने अपनी मेहनत और लगन से इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त कर नवोदय विद्यालय में स्थान बनाया है। यह न केवल इन बच्चियों के परिवारों के लिए बल्कि पूरे ग्राम दर्रामुड़ा के लिए गर्व और खुशी का क्षण है। गांव के लोग इस सफलता को बड़ी उपलब्धि मानते हुए दोनों बच्चियों और उनके परिवारों को बधाई और शुभकामनाएं दे रहे हैं।

    इस सफलता के पीछे इन बच्चियों की कड़ी मेहनत, माता-पिता का सहयोग और शिक्षकों का मार्गदर्शन रहा है। नवोदय विद्यालय जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में प्रवेश पाना आसान नहीं होता, लेकिन नेमिका और टीया ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि संकल्प और परिश्रम हो तो कोई भी मंजिल मुश्किल नहीं होती। इस उपलब्धि से प्रेरित होकर अब ग्राम के अन्य बच्चे भी नवोदय विद्यालय की तैयारी के लिए प्रेरित होंगे। ग्रामवासियों का मानना है कि यह सफलता आगे भी शिक्षा के क्षेत्र में दर्रामुड़ा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक होगी।

    इस अवसर पर ग्राम दर्रामुड़ा के प्रतिष्ठित जनप्रतिनिधियों और युवाओं ने भी अपनी खुशी जाहिर की। युवा नेता मुकेश पटेल, उपसरपंच कुश पटेल, पंच त्रिलोचन पटेल, पंच जनक राम निषाद, लव पटेल, टेकलाल पटेल, गिरीश राठिया, भूषण निषाद, देवानंद पटेल, हितेश पटेल, महेश्वर पटेल, कृष्णचंद पटेल, सोनू पटेल, पवन पटेल, नील कुमार पटेल, विजय पटेल, घनश्याम पटेल समेत अन्य ग्रामीणों ने दोनों बच्चियों को बधाई दी और उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। ग्रामवासियों का कहना है कि यह सफलता पूरे गांव के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और आगे भी दर्रामुड़ा के बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में नाम रोशन करेंगे।

  • रायगढ़ में बिक्री 2500 रुपए वर्गफुट की दर पर, रजिस्ट्री 600 रुपए के रेट से…

    रायगढ़ में बिक्री 2500 रुपए वर्गफुट की दर पर, रजिस्ट्री 600 रुपए के रेट से…

    रायगढ़ में दर्जन भर निजी कॉलोनियां आकार ले रही हैं। कहीं पर भी रेट 2000 रुपए वर्गफुट से कम नहीं है। जमीन की खरीदी और प्लॉट की रजिस्ट्री दरें इससे कहीं कम हैं। कई बिल्डर तो प्लॉट का पैसा 2500 रुपए वर्गफुट की दर से ले रहे हैं लेकिन रजिस्ट्री 600 रुपए की दर पर हो रही है। संपत्ति की गाइडलाइन दरों को कम रखने का असली फायदा बिल्डर उठा रहे हैं। मनमाने तरीके से कीमतें तय की जा रही हैं। रायगढ़ में वर्तमान में कम से कम दर्जन भर नई कॉलोनियां निर्माणाधीन हैं। छातामुड़ा, सहदेवपाली, जूट मिल, मेडिकल कॉलेज रोड, पंडरीपानी, बोईरदादर, गोवर्धनपुर, भगवानपुर, खैरपुर और अमलीभौना क्षेत्रों में ये कॉलोनियां काटी जा रही हैं।

    पड़ताल की गई तो किसी भी कॉलोनी में भूखंड की कीमत 1500 रुपए प्रति वर्गफुट की दर से कम नहीं है। रायगढ़ में आवासीय कॉलोनी परिसर में प्लॉट की अधिकतम कीमत 7100 रुपए प्रति वर्गफुट है। जब इन क्षेत्रों की गाइडलाइन दरें देखी गईं तो पता चला कि यहां तो 500-600 रुपए प्रति वर्गफुट सरकारी रेट है। इस दर पर स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन शुल्क लिया जाता है। मतलब सरकार को राजस्व तो 500 रुपए प्रति वर्गफुट पर ही मिलता है। जबकि बिल्डर इसकी कीमत पांच गुना अधिक वसूलता है। जमीन खरीदी की दर तो प्रति एकड़ के हिसाब से होती है। यह बहुत बड़ा घपला है जिसमें ब्लैक मनी धड़ल्ले से निवेश कराई जा रही है। जिनके पास ब्लैक मनी खपाने का कोई तरीका नहीं है, वे किसी बिल्डर को देकर इन्वेस्ट करवा रहे हैं। यही वजह है कि दूसरे प्रदेशों के कारोबारी भी छग में निवेश कर रहे हैं।


    पुरानी गाईडलाईन को लागू करने का खेल
    छग में 2017 के बाद से गाइडलाइन दरें नहीं बढ़ाई गई हैं। 2018 में कांग्रेस सरकार आई तो दरों में 30 प्रश की कटौती कर दी। मतलब जमीनों की कीमतें और कम हो गईं। भाजपा सरकार ने इसे खत्म कर दिया, लेकिन गाइडलाइन दरें 2017 वाली ही हैं। आखिर दरें नहीं बढ़ाने के पीछे किसको फायदा पहुंचाने का खेल हो रहा है। दरें नहीं बढऩे की वजह से महंगी प्रॉपर्टीज भी कौडिय़ों के दाम पर मिल जाती हैं। 2017 से 2025 तक जमीनों की कीमतें दस गुना बढ़ गई हैं लेकिन सरकारी रेट वही का वही है।

    70 प्रश हिस्सा कैश में
    रायगढ़ में सभी बिल्डर जमकर ब्लैक मनी कूट रहे हैं। कोई भी व्यक्ति जब इनसे कोई प्लॉट या मकान खरीद रहा है तो सरकारी दरों पर भुगतान उसे चैक में दिखाया जा रहा है। मतलब 1200 वर्गफुट प्लॉट की गाइडलाइन दर से कीमत अगर 4 लाख रुपए होती है तो उतनी रकम चैक से ले रहे हैं। लेकिन सौदा तो 24 लाख में हुआ है। अब यह बाकी का 20 लाख कैश में या किसी और रूप में लिया जाता है।

  • आश्रय गृह में नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की संदिग्ध मौत! प्रशासन की नाकामी या सुनियोजित साजिश?” कलेक्टर ने दिए जाँच के आदेश…

    आश्रय गृह में नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की संदिग्ध मौत! प्रशासन की नाकामी या सुनियोजित साजिश?” कलेक्टर ने दिए जाँच के आदेश…

    जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता ने बालिका आश्रय गृह में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। यह घटना प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को उजागर करती है।

    कैसे हुई यह दर्दनाक घटना?
    जानकारी के अनुसार, पीड़िता आस्ता थाना क्षेत्र की रहने वाली थी। कुछ दिन पहले उसने जशपुर थाना पहुंचकर दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस ने आरोपी नाबालिग को हिरासत में लेकर बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया। चूंकि पीड़िता की मां नहीं थी और पिता मानसिक रूप से अस्वस्थ थे, इसलिए उसे आश्रय गृह में रखा गया था।

    मंगलवार सुबह जब कर्मियों ने बाथरूम का दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। जबरन दरवाजा खोला गया, तो देखा कि पीड़िता फांसी के फंदे पर झूल रही थी। यह खबर आग की तरह फैली और पूरे इलाके में सनसनी मच गई।

    प्रशासन की लापरवाही या साजिश?

    इस मामले में प्रशासन पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं—
    आश्रय गृह में सुरक्षा इंतजाम क्यों नाकाफी थे?
    क्या पीड़िता मानसिक दबाव में थी या फिर उसे आत्महत्या के लिए उकसाया गया?
    क्या आश्रय गृह में उसके साथ कोई और अपराध तो नहीं हुआ?
    घटना के बाद आनन-फानन में महिला चिकित्सा अधिकारियों की विशेष टीम ने पोस्टमार्टम किया और शव परिजनों को सौंप दिया।
    कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश, मगर क्या मिलेगा न्याय?
    मामले की गंभीरता को देखते हुए जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने एसडीएम ओंकार यादव के नेतृत्व में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं। हालांकि, सवाल उठता है कि क्या यह जांच पीड़िता को न्याय दिला पाएगी या फिर यह भी प्रशासन की खानापूर्ति बनकर रह जाएगी?

    राजनीतिक बवाल, विपक्ष हमलावर : इस दर्दनाक घटना को लेकर राजनीतिक दलों ने सरकार पर हमला बोल दिया है। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शर्मा ने कहा, “यह प्रशासन की नाकामी का सबसे बड़ा उदाहरण है। एक नाबालिग, जिसे न्याय मिलना चाहिए था, उसने खुद की जान ले ली। क्या सरकार सो रही है?”

    न्याय की मांग, क्या होगी कार्रवाई?
    अब सवाल यह है कि क्या इस घटना में दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी? क्या सरकार और प्रशासन बाल संरक्षण की व्यवस्थाओं को सुधारेंगे, या फिर यह मामला भी दूसरी घटनाओं की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा? यह सिर्फ आत्महत्या नहीं, बल्कि सिस्टम पर तमाचा है!

  • ICICI बैंक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज, गहनों की अवैध नीलामी का लगा आरोप, जाने पूरा मामला….

    ICICI बैंक के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज, गहनों की अवैध नीलामी का लगा आरोप, जाने पूरा मामला….

    रायपुर। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर (छ.ग.) भारती कुलदीप के आदेशानुसार आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड गोल्ड लोन विभाग के सक्षम प्राधिकारी के खिलाफ आपराधिक न्यास भंग (धारा 409 भादवि) का मामला दर्ज किया गया है। यह मामला रायपुर के देवेंद्र निवासी अंकित अग्रवाल की शिकायत पर सिविल लाईन थाने में दर्ज किया गया है, जिसमें बैंक पर उनके सोने के गहनों की अवैध नीलामी का आरोप लगाया गया है। ये लोन करीब 14 लाख रुपए का लिया गया था।

    शिकायतकर्ता अंकित अग्रवाल के मुताबिक उन्होंने बैंक से गोल्ड लोन लिया था और इसके लिए अपनी माता, पत्नी और भाभी के सोने के जेवर बैंक में गिरवी रखे थे। कोविड-19 महामारी के दौरान आर्थिक संकट के चलते कुछ समय तक किश्तों का भुगतान नहीं हो सका, लेकिन बाद में उन्होंने समय-समय पर ब्याज और मूलधन का भुगतान किया।

    हालांकि, बैंक ने बिना किसी पूर्व सूचना के उनके गहनों की नीलामी कर दी। शिकायतकर्ता का कहना है कि बैंक ने आरबीआई के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया और तय अवधि से पहले ही गहने नीलाम कर दिए। इतना ही नहीं, बैंक द्वारा किए गए अनुबंध पर उनके हस्ताक्षर तक मौजूद नहीं थे, बल्कि बैंक के किसी अधिकारी ने फर्जी हस्ताक्षर किए थे।

    शिकायतकर्ता की याचिका पर सुनवाई के बाद न्यायालय ने थाना सिविल लाइन, रायपुर को आदेश दिया कि वह इस मामले में विधिवत अपराध पंजीबद्ध कर जांच करे और अंतिम प्रतिवेदन न्यायालय में प्रस्तुत करे। न्यायालय के आदेश के बाद थाना सिविल लाइन में आईसीआईसीआई बैंक लिमिटेड के गोल्ड लोन विभाग और अन्य संबंधित अधिकारियों के खिलाफ धारा 409, 417, 418, 420, 465, और 192 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया है।