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  • धान परिवहन में करोड़ों का घोटाला.परिवहनकर्ता 4 कि.मी. की दूरी को 24 कि.मी. बताकर ले रहे भाड़ा….

    धान परिवहन में करोड़ों का घोटाला.परिवहनकर्ता 4 कि.मी. की दूरी को 24 कि.मी. बताकर ले रहे भाड़ा….


    खरसिया। छ.ग. शासन के द्वारा किसानों से खरीदी किए गए धान को उपार्जन केन्द्र अथवा समितियों से संग्रहण केन्द्र तक परिवहन किये जाने वाले कार्य में लगातार कई वर्षों से कुछ परिवहन ठेकेदारों के द्वारा अपना एकाधिकार बनाकर शासन को करोड़ों रुपए प्रतिवर्ष का चूना लगाने का मामला प्रकाश में आया है, जिसमें परिवहन की गयी दूरी को ज्यादा बता कर शासन की आंखों मे धूल झोंकते हुये कई वर्षों से इस गड़बड़झाले को बेखौफ अंजाम दिया जा रहा है, इस मामले में जिला विपणन अधिकारी की संलिप्तता भी प्रकाश में आई है।
    विदित हो कि शासन के द्वारा किसानों से खरीदे गये धान को समितियों में रखा जाता है जहां से संग्रहण केन्द्रों तक धान का परिवहन का कार्य करने वाले ठेकेदारों के द्वारा पिछ़ले कई वर्षों से सक्ती जांजगीर चांपा जिले में संग्रहण केन्द्र से समितियों तक की दूरी को बढ़ा कर शासन से भाड़ा लिया गया है। धान उपार्जन समिति से धान संग्रहण केंद्र में परिवहन हेतु परिवहन दर प्रतिटन प्रति किलोमीटर के अनुसार तय किया जाता है जिसके तहत 8 किलोमीटर से 15 किलोमीटर, 25 किलोमीटर, 50 किलोमीटर, 75 किलोमीटर की दूरी तक का स्लैब होता है जिसमें 15 किलोमीटर, 25 किलोमीटर में आने वाली धान समिति की दूरी बढ़ाकर 50 किलोमीटर से 75 किलोमीटर के स्लैब में कर दी जाती है ऐसे में 150 से 160 रुपए के परिवहन भाड़ा को 300 से 350 रुपए का परिवहन बिल बनाया गया है इसी प्रकार ढाई सौ रुपए अधिकतम के परिवहन भाड़ा को 500 से 550 का बिल बनाकर शासन से भाड़ा लिया गया है।
    जांजगीर चांपा जिले में 2015-16 तथा इसके पूर्व के वर्षों में परिवहन ठेकेदार से परिवहन बिल डीएमओ ऑफिस में जमा लिया जाता था जिसकी दूरी पूर्व नियोजित तरीके से बढ़ाई गई होती थी जिसे जिला विपणन अधिकारी के द्वारा पीडब्ल्यूडी विभाग से सत्यापन कर कर फर्जी भुगतान किया गया है इस तरह से इस फर्जीवाड़े में डीएमओ व पीडब्ल्यूडी विभाग प्रत्यक्ष रूप से संलिप्त है। वर्ष 2015-16 में डीएमओ विभाग जांजगीर चांपा एवं पीडब्ल्यूडी विभाग से सत्यापित दूरी का प्रमाण पत्र भी उपलब्ध है जो कि इस भारी भ्रष्टाचार को प्रमाणित करता है इस तरह वर्ष 2015-16 वह इससे पूर्व के वर्षों के परिवहन की सूक्ष्मता से जांच आवश्यक है जिससे सैकड़ो करोड़ की भ्रष्टाचार का उजागर होना तय है। वर्तमान में धान उपार्जन समितियां से समस्त संग्रहण केद्रो की दूरी को ऑनलाइन चढ़ाया गया है आधुनिक पद्धति से दूरी की नाप कर ऑनलाइन चढ़ाई गई है जिसमें भी तथाकथित परिवहन ठेकेदार शक्ति जिले में अपना एकाधिकार बनाकर अत्यधिक बढ़ाई गई दूरी का भुगतान ले रहे हैं।

    एैसे होता है पूरा खेल

    संग्रहण केन्द्रों से समितियों तक की दूरी को बढ़ाने के इस खेल में ठेकेदार सहित पूरा विभाग संलिप्त है, विभागीय अधिकारी के संरक्षण में भ्रष्ट्राचार के इस पूरे खेल को परिवहन ठेकेदारों के द्वारा बेखौफ खेला जा रहा है, जिसका ज्वलंत उदाहरण ड़भरा संग्रहण केन्द्र से सिरियागढ़ उपार्जन केंद्र का है जिसकी वास्तविक दूरी 4 किलोमीटर है जिसका 24 किलोमीटर की दूरी का परिवहन देयक बनाया जा रहा है। इसी प्रकार पूर्व में भी ड़भरा से ही आमनदूला, भदौरा, देवरघटा, अमलड़ीहा, धूरकोट, बघौत, दर्री की वास्तविक दूरी से लगभग दुगुनी दूरी का भाड़ा लिया गया है वहीं बोड़ासागर सेरो संग्रहण केन्द्र से खजुरानी, जैजैपुर, तुशार, आमगांव, कचंदा, मालखरौदा, मुक्ता, बड़े सीपत की वास्तविक दूरी से दुगुनी दूरी दर्षाकर दुगुना भाड़ा लिया गया है। आनलाईन बिल की उपलब्ध कापी के अनुसार अधिकतर समितियों की दूरी को दुगुना दर्शाकर शासन को करोड़ों का चूना अधिकारियों और परिवहन ठेकेदारों के द्वारा हर साल लगाया जा रहा है। मामले का खुलासा तब हुआ जब एक परिवहनकर्ता के द्वारा आनलाईन बिल निकाला गया और दूरी अधिक होने पर मार्कफेड़ के प्रबंध संचालक को शिकायत करते हुये अपना भुगतान नहीं लिया गया, परिवहन स्लैब की दूरी बढ़ाकर भ्रष्ट्राचार किये जाने के अलावा अच्छ़ी क्वालिटी के धान को बदलकर अमानक स्तर के धान को संग्रहण केन्द्र में जमा किये जाने की आशंका भी शिकायतकर्ता ने अपने शिकायती पत्र में व्यक्त की है, बहरहाल इस मामले में सक्ती ड़ीएमओ से चर्चा करने पर उनके द्वारा गोलमोल जवाब देते हुये कहा गया कि आप आफिस आ जाईये आपको जानकारी दे दी जायेगी, जब हमारे संवाददाता के द्वारा उनसे फोन पर ही जानकारी देने का अनुरोध किया गया तो उनके द्वारा कहा गया कि आप व्हाटसएप कर दीजिये मैं चेक करके बता दूंगी किंतु व्हाट्सएप्प करने के बाद भी उनके द्वारा इस संबंध में कोई जानकारी प्रदान नहीं की गयी।

    कहां गड़बड़ी है बता दीजिये मैं चेक करवा के बता दूंगी।
    शोभना तिवारी (जिला विपणन अधिकारी सक्ती)

  • सऊदी अरब ने भारत समेत 14 देशों के लिए वीजा पर लगाया प्रतिबंध, जानिए सऊदी को क्यों लेना पड़ा ऐसा फैसला??

    सऊदी अरब ने भारत समेत 14 देशों के लिए वीजा पर लगाया प्रतिबंध, जानिए सऊदी को क्यों लेना पड़ा ऐसा फैसला??

    भारत समेत 14 देशों के लिए सऊदी अरब से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। सऊदी अरब ने उमराह, बिजनेस और फैमिली विजिट के वीजा को लेकर 14 देशों के लोगों के लिए अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है, ये प्रतिबंध जून 2025 के मध्य तक रहेगा यानी कि हज सीजन तक। रिपोर्ट में कहा गया कि यह फैसला हज के दौरान लोगों की सेफ्टी और ओवरक्राउडिंग को लेकर लिया गया है। यह वीजा प्रतिबंध सऊदी अरब द्वारा एक साल के मल्टीपल वीजा को अनिश्चित काल के लिए सस्पेंड करने और इन 14 देशों से यात्रा को फरवरी 2025 में 30 दिनों के लिए वैलिड सिंगल एंट्री वीजा तक सीमित करने के बाद आया है।

    किस-किस देश के लोग नहीं जा सकेंगे?

    सऊदी अधिकारियों ने उमराह वीजा जारी करने की अंतिम तिथि 13 अप्रैल 2025 तय की है, यानी कि 13 अप्रैल तक हज जाने वालों को रजिस्ट्रेशन कराने का मौका दिया गया है। इसके बाद हज यात्रा खत्म होने तक इन 14 देशों के नागरिकों को इस प्रकार के कोई नए वीजा नहीं दिए जाएंगे। इस वीजा सस्पेंशन से प्रभावित देशों में कुल 14 देश हैं जिनमें अल्जीरिया, मिस्र, बांग्लादेश, इथोपिया, इंडोनेशिया, इराक, भारत, जॉर्डन, मोरक्को, नाइजीरिया, पाकिस्तान, सूडान, ट्यूनीषिया और यमन शामिल हैं

    क्यों लेना पड़ा ऐसा फैसला?

    आगे रिपोर्ट में कहा गया कि भारत समेत अन्य लिस्टेड इन देशों से कुछ लोग उमराह या विजिट वीजा पर सऊदी अरब में पहुंच चुके हैं और आधिकारिक चैनल के जरिए रजिस्ट्रेशन किए बिना हज करने के लिए तय समय से अधिक समय तक रुके हुए हैं, जिससे परेशान होकर सऊदी अरब ने ये फैसला लिया है। सऊदी अरब के अधिकारियों ने ऐसे लोगों को चेतावनी भी दी है कि बिना परमिशन के हज करने वाले या परमिटेड पीरिएड से अधिक समय तक रुकने वाले लोगों पर 5 साल तक बैन लग सकता है।

    जानकारी दे दें कि सऊदी अरब ने 2024 में हज के दौरान हुई 1200 से अधिक लोगों की मौतों के लिए बिना रजिस्ट्रेशन आए लोगों की भीड़ और भीषण गर्मी को जिम्मेदार बनाया था। कहा गया था कि इन बिना रजिस्ट्रेशन तीर्थयात्रियों तक अक्सर आवास, परिवहन और स्वास्थ्य सेवा जैसी जरूरी सुविधाएं नहीं पहुंच पाती, जिससे जोखिम और रसद संबंधी कठिनाइयां और भी बदहाल हो जाती हैं।

    सऊदी हज और उमराह मंत्रालय के अनुसार, यह फैसला एक सुरक्षित और बेहतर संगठित तीर्थयात्रियों की गारंटी देने के लिए तार्किक प्रतिक्रिया है और इसका राजनायिक चिंताओं से कोई लेना-देना नहीं है।

    लिस्ट में क्यों है भारत?

    Saudi Arabiaसऊदी अरब में भारत के कुछ नागरिकों द्वारा अनधिकृत रूप से हज करने की कोशिश करने के कारण वीजा दुरुपयोग करने के मामले दर्ज हैं। ऐसे में सऊदी अरब ने ओवर क्राउडिंग समस्या से निजात पाने के लिए भारत के नागरिकों पर भी यह बैन लगाया है, जिससे इस समस्या को कम किया जा सके।

  • CG: बिजली पर भी होगा मोबाइल जैसा रिचार्ज! छत्तीसगढ़ में जून से लागू होगी प्रीपेड मीटर व्यवस्था, रिचार्ज खत्म तो बिजली बंद

    CG: बिजली पर भी होगा मोबाइल जैसा रिचार्ज! छत्तीसगढ़ में जून से लागू होगी प्रीपेड मीटर व्यवस्था, रिचार्ज खत्म तो बिजली बंद

    रायपुर। छत्तीसगढ़ में जून से प्रीपेड स्मार्ट मीटर सिस्टम लागू होने जा रहा है, जिसके तहत उपभोक्ताओं को मोबाइल की तरह बिजली के लिए एडवांस रिचार्ज कराना होगा। यदि बैलेंस खत्म हुआ तो बिजली अपने आप कट जाएगी। फिलहाल प्रदेश में 11 लाख घरों में स्मार्ट मीटर लग चुके हैं, और साल के अंत तक सभी घरों में इसकी स्थापना पूरी कर दी जाएगी।

    केंद्र सरकार के रिवेम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के तहत ये मीटर लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में छत्तीसगढ़ देश में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है। बता दें केंद्र की इस योजना के तहत कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी उपभोक्ताओं के यहां प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।


    स्मार्ट मीटर में क्या होगा खास?

    जानकारी के मुताबिक, बिजली की मैनुअल रीडिंग की जरूरत नहीं होगी, अधिकारी स्टेशन से ही बिजली खपत की निगरानी कर सकेंगे।
    उपभोक्ताओं को रिचार्ज खत्म होने से पहले अलर्ट मैसेज मिलेगा, जिससे वे समय पर रिचार्ज कर सकें।
    यह सुविधा कृषि उपभोक्ताओं को छोड़कर सभी पर लागू होगी।

    किन शहरों में लगे सबसे ज्यादा मीटर?

    जधानी रायपुर स्मार्ट मीटर लगाने के मामले में रायपुर दो लाख 59 हजार मीटर के साथ पहले नंबर पर है। वहीं बिलासपुर में एक लाख नौ हजार स्मार्ट मीटर लग चुके हैं। इसी तरह धमतरी में 98 हजार, बलौदाबाजार में 78 हजार, महासमुंद में 82 हजार, राजनांदगांव में 67 हजार, जांजगीर चांपा में 29 हजार और कोरबा में 42 हजार स्मार्ट मीटर समेत पूरे 11 लाख प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं।

    रिचार्ज खत्म होते ही कट जाएगी बिजली
    छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के मुताबिक प्रदेश में वर्तमान में 59 लाख बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से लगभग 5 लाख 50 हजार उपभोक्ता कृषि कनेक्शन वाले हैं। इन्हें केंद्र की इस सरकार की योजना से बाहर रखा गया है। उपभोक्ता को एडवांस में रिचार्ज कराना होगा। इस मीटर के सक्रिय हो जाने के बाद उपभोक्ता रिचार्ज खत्म होते ही बिजली अपने आप कट जाएगी। रिचार्ज खत्म होने से पहले ही उपभोक्ताओं के फोन पर बैलेंस रिचार्ज का मैसेज आ जाएगा।

  • घर में खड़ी है कार, फिर भी FASTag से पैसा कट रहा, कारण पता चल गया और समाधान भी…

    घर में खड़ी है कार, फिर भी FASTag से पैसा कट रहा, कारण पता चल गया और समाधान भी…

    आपकी कार तो घर में ‘बेकार’ खड़ी है मगर FASTag से पैसे कट (false FASTag deductions) गए. एक्स्प्रेस वे तो छोड़िए आप तो महीनों से हाइवे पर भी नहीं गए मगर आपके FASTag का बैलेंस कम होते जा रहा है. अगर ऐसा कुछ आपके साथ या आपके जान-पहचान वाले के साथ हो रहा है, तो आप अकेले नहीं हैं. खड़ी हुई गाड़ी के FASTag से पैसे कट जाने से कई लोग परेशान हैं. NHAI के टोल फ्री नंबर पर बात करने से भी कोई समाधान नहीं मिल रहा. करें तो क्या करें वाला मीम याद आ रहा है.

    FASTag की बड़ी दिक्कत खत्म

    घर के अंदर या गराज में खड़ी हुई गाड़ी के FASTag से पैसे कट जाना कोई नई बात नहीं है. गाहे-बगाहे सोशल मीडिया पर कई कार मालिक अपना दुखड़ा रोते मिल ही जाते हैं. FASTag का प्रबंधन देखने वाली NHAI को टैग करके स्कैम और फर्जीवाड़े के बारे में कहते भी मिल जाएंगे. मगर होता कुछ नहीं है.

  • SBI खाता धारकों के लिए जरूरी खबर! मिनिमम बैलेंस के नए नियम लागू SBI Minimum Balance Rule 2025

    SBI खाता धारकों के लिए जरूरी खबर! मिनिमम बैलेंस के नए नियम लागू SBI Minimum Balance Rule 2025

    SBI Minimum Balance Rule 2025 भारत के सबसे बड़े और भरोसेमंद बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने 2025 में अपने मिनिमम बैलेंस नियमों में महत्वपूर्ण परिवर्तन किए हैं। ये बदलाव न केवल बैंकिंग प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए हैं बल्कि ग्राहकों की वित्तीय सुविधा को भी ध्यान में रखकर किए गए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि ये नए नियम क्या हैं और इनका आप पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

    नए नियमों का उद्देश्य और वित्तीय समावेश

    SBI ने इन नए नियमों के साथ वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा है। विशेषकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने के लिए ये बदलाव किए गए हैं। इन नियमों का मूल उद्देश्य है:

    • बैंकिंग सेवाओं को आम आदमी तक पहुंचाना
    • डिजिटल बैंकिंग को प्रोत्साहित करना
    • ग्राहकों पर अनावश्यक वित्तीय दबाव को कम करना
    • समाज के हर वर्ग के लिए बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाना

    मिनिमम बैलेंस की नई रेट्स और क्षेत्रवार विभाजन

    SBI ने जनसंख्या घनत्व और आर्थिक स्थितियों के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों के लिए अलग-अलग मिनिमम बैलेंस सीमा निर्धारित की है:

    शहरी क्षेत्र (मेट्रो और अर्बन)

    • मिनिमम बैलेंस: ₹5,000
    • इस श्रेणी में देश के प्रमुख महानगर और बड़े शहर शामिल हैं
    • विशेष सुविधाओं के साथ अधिक सेवाएं उपलब्ध

    अर्ध-शहरी क्षेत्र (सेमी-अर्बन)

    • मिनिमम बैलेंस: ₹2,000
    • छोटे शहर और कस्बों में स्थित शाखाओं के लिए
    • शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच एक संतुलित दृष्टिकोण

    ग्रामीण क्षेत्र (रूरल)

    • मिनिमम बैलेंस: ₹1,000
    • गांवों और दूरदराज के इलाकों में स्थित शाखाओं के लिए
    • वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने के लिए कम बैलेंस आवश्यकता

    यह विभाजन ग्राहकों की आर्थिक स्थिति और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के अनुरूप है, जिससे सभी वर्गों के लोग बैंकिंग सेवाओं का लाभ उठा सकें।

    पेनल्टी चार्ज: क्या नया है?

    यदि आप अपने खाते में मिनिमम बैलेंस नहीं रखते हैं, तो SBI द्वारा निर्धारित पेनल्टी चार्ज लगाया जाएगा। हालांकि, इस साल के नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं:

    • न्यूनतम पेनल्टी: ₹10 प्रति ₹1,000 की कमी पर (GST अतिरिक्त)
    • अधिकतम पेनल्टी: ₹15 प्रति ₹1,000 की कमी पर (GST अतिरिक्त)
    • पेनल्टी की गणना तिमाही आधार पर की जाती है
    • छूट: वरिष्ठ नागरिकों, छात्रों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए कम पेनल्टी

    महत्वपूर्ण बात यह है कि SBI ने पहले की तुलना में पेनल्टी चार्ज को अधिक समझदारी से लागू करने का निर्णय लिया है। अब बैंक ग्राहकों को पहले नोटिफिकेशन भेजता है और उन्हें अपने खाते में पर्याप्त धनराशि जमा करने का समय देता है।

  • राममय हुआ खरसिया नगर..उल्लास के साथ मनाया गया प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव..

    राममय हुआ खरसिया नगर..उल्लास के साथ मनाया गया प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव..


    खरसिया। खरसिया। श्री राम जानकी मंदिर खरसिया में भारत के जन-जन में बसने वाले प्रभु श्री राम जी का जन्मोत्सव भक्तिमय वातावरण में धूमधाम से मनाया गया प्रात: काल से प्रभु श्री राम के दर्शन के लिए भक्तों की अपार भीड़ लगी रही। श्री राम के भजनों के साथ श्रीराम जानकी मंदिर में प्रभु श्री राम के जन्म समय दोपहर 12 बजे श्री राम जन्मोत्सव के साथ भव्य महाआरती आरती की गई, पश्चात विशाल भंडारे पूरी सब्जी चावल रूपी प्रसाद का वितरण किया गया। संध्या 4 बजे से श्री राम जी की भव्य विशाल पालकी शोभा यात्रा धूमधाम से ढोल तासे गाजे बाजे डीजे एवं भव्य आतिशबाजी के साथ खरसिया नगर में निकाली गई प्रभु श्री राम के मनोहरी दर्शन को भक्तों की भीड़ उमड़ रही थी जो बार-बार प्रभु श्री राम के अलौकिक रूप के दर्शन कर रही थी जैसे कह रही हो एक बार देखो दिल ना भरेगा बार बार देखो फिर जी करेगा। श्री राम जानकी ट्रस्ट एवं नगर वासियों के सहयोग से आयोजित श्री राम जन्मोत्सव में सांसद राधेश्याम राठिया श्री राम जानकी मंदिर ट्रस्ट के संरक्षक वरिष्ठ गिरधर गुप्ता, गोपाल शर्मा, नगर पालिका अध्यक्ष कमल गर्ग, श्री राम जानकी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष बजरंग अग्रवाल, कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल घनसू, हनुमान अग्रवाल, ट्रस्ट के पदाधिकारी एवं सदस्य गण मंदिर के मुख्य पुजारी महंत त्रिवेणी दास सहित खरसिया नगर के प्रबुद्ध जनों, युवाओं, महिलाओं, युवतियों सहित धर्मप्रेमियों की उपस्थिति रही।

  • हम भगवाधारी है भजन और भगवा रंग में झूमेगा खरसिया…

    हम भगवाधारी है भजन और भगवा रंग में झूमेगा खरसिया…

    मशहूर गायिका शहनाज अख्तर का आगमन 12 अप्रैल को हनुमान जन्मोत्सव में

    सियाराम सखा मंडल एवं श्री हनुमान सेवा समिति द्वारा निकाली जाएगी मनोकामना अर्जी निशान यात्रा

    खरसिया। धर्म नगरी खरसिया में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हनुमान जन्मोत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया जा रहा है। सबसे प्राचीन मंदिर हनुमान जी गंज बाजार में स्थित है। 12 अप्रैल  दिन शनिवार को हनुमान जन्मोत्सव है जिसमें प्रातः 8 बजे ज्योत प्रज्वलित ,महा आरती, अखंड रामायण पाठ प्रारंभ होगा। तत्पश्चात प्रातः 9 बजे मनोकामना निशान एवं शोभा यात्रा गंज बाजार से प्रारंभ होगी जिसमें कर्मा नृत्य, भजनों के साथ भक्त निशान उठाएंगे। शाम 5 बजे बाबा का जन्मोत्सव मंदिर प्रांगण में मनाया जाएगा जिसमें उड़ीसा की गायिका स्वर्ण रेखा एवं रायगढ़ की भजन गायिका सोनल शर्मा और श्रुति झुनझुनवाला अपने भजनों से भक्तों को रिझाएंगे, तत्पश्चात रात्रि 7 बजे से गंज बाजार में सुप्रसिद्ध मशहूर भगवा रंग, मैया पांव पैजनिया, हम भगवा धारी है, महाकाल की बस्ती, लोरी सुनाए गौरा मईया , पड़ा कराए रहो पूजा , मैया की चुनर उड़ी जाए , माता है गौरा पिता है महेश जैसे सैकड़ों फेमस भजन गाने वाली गायिका शहनाज अख्तर अपने भजनों से रिझाएंगी।

    सियाराम सखा मंडल के मनोज गोयल ने बताया कि इस वर्ष भी गंज बाजार प्रांगण को भगवा रंग झंडो से , लाइट और फूलों से भव्य सजाया जा रहा है साथ ही बाबा का जन्मोत्सव बड़े ही धूम धाम से मनाया जा रहा है उन्होंने पूरे अंचल वासियों से ज्यादा से ज्यादा संख्या में शामिल होने की अपील की है। साथ ही 13 अप्रैल को दोपहर 12 बजे से भंडारे का आयोजन किया गया जो कि गंज बाजार में होगा। धर्म की नगरी खरसिया में लगातार बड़े धार्मिक आयोजन होते आ रहे है भक्तों में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। सियाराम सखा मंडल निरंतर ही बड़े धार्मिक आयोजन करते आ रहा है। मनोकामना सिद्ध हनुमान मंदिर बहुत ही प्राचीन है हर वर्ष यहां अखंड राम सप्ताह का भव्य  कीर्तन भी होता है।

  • निगम मंडल के पद घोषित,देवतुल्य कार्यकर्ताओं के संघर्ष का हुआ सम्मान…

    निगम मंडल के पद घोषित,देवतुल्य कार्यकर्ताओं के संघर्ष का हुआ सम्मान…

    राज्य सरकार ने प्रदेश के 36 निगम मंडलों पर नियुक्ति सूची जारी कर दी है। इस सूची में शामिल नामों को लेकर बीजेपी के कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया की प्रतिक्षा है, जो जिस भी स्वरुप में जब भी सामने आएगी, वह हर्ष हो या विषाद का स्वरुप पर किसी सूरत ऐसी नहीं होगी कि, वह स्वरुप या हलचल खबरों का केंद्र ना बने।

    इन्हें मिली लालबत्ती

    क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह सवन्नी, लोकेश कावड़िया को निःशक्तजन वित्त एवं विकास निगम, मोना सेन छत्तीसगढ़ राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड, गौरीशंकर श्रीवास उपाध्यक्ष राज्य केश शिल्पी कल्याण बोर्ड, शालिनी राजपूत समाज कल्याण बोर्ड, चंद्रकांति वर्मा उपाध्यक्ष समाज कल्याण बोर्ड, वर्णिका शर्मा राज्य बाल संरक्षण आयोग, राकेश पांडेय खादी ग्रामोद्योग बोर्ड, शंभूनाथ चक्रवर्ती माटीकला बोर्ड, सौरभ सिंह खनिज

    विकास निगम, अमरजीत छाबड़ा राज्य अल्पसंख्यक आयोग, सुरेंद्र बेसरा अंत्यव्यसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम, जितेंद्र साहू तेलघानी विकास बोर्ड, प्रफुल्ल विश्वकर्मा लौह शिल्पकार विकास बोर्ड, प्रह्लाद रजक रजककार विकास बोर्ड, ध्रुव कुमार मिर्धा चर्म शिल्पकार बोर्ड, शशांक शर्मा संस्कृति परिषद, भरत लाल भटियारा मछुआ कल्याण बोर्ड, लखन लाल धीवर उपाध्यक्ष मछुआ कल्याण बोर्ड, राजा पांडेय पाठ्यपुस्तक निगम, राजीव अग्रवाल स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड, नीलू वर्मा पर्यटन मंडल, सुरेश कुमार चंद्रवंशी राज्य कृषक कल्याण परिषद, चंद्रहास चंद्राकर बीज एवं कृषि विकास निगम, संदीप शर्मा राज्य खाद्य आयोग, चंदूलाल साहू राज्य भंडार गृह निगम, अनुराग सिंहदेव गृह निर्माण मंडल, केदार नाथ गुप्ता राज्य सहकारी दुग्ध मर्यादित, संजय श्रीवास्तव स्टेट सिविल सप्लाईज (नागरिक आपूर्ति), नंदकुमार साहू नंदें साहू रायपुर विकास प्राधिकरण, रामप्रताप सिंह कर्मकार कल्याण मंडल, योगेशदत्त मिश्रा श्रम कल्याण मंडल, राम सेवक पैकरा राज्य वन विकास निगम, श्रीनिवास राव मद्दी राज्य वित्त आयोग, दीपक महस्के मेडिकल सर्विस कार्पोरेशन लिमिटेड और विकास मरकाम आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधि पादप बोर्ड।

    जो संघर्ष के साझेदार क्या वो सत्ता के हिस्सेदार ?

    इस लिस्ट में जिनके नाम हैं, और जो ओहदे उन्हें हासिल हुए हैं, उन के साथ यह याद करने में कोई दिक्कत नहीं होगी कि, विपक्ष के दौर में इनमें से कौन, कौन से संघर्ष में किस कदर शामिल थे। बीते कांग्रेस कार्यकाल में जबकि सीधे सड़क की लड़ाई लड़ने वालों में जो नाम थे, लालबत्ती की यह लिस्ट यदि उसका नतीजा है, और संगठन ने ऐसे संघर्ष के साझीदारों की मुकम्मल पहचान करते हुए उन्हें नवाज़ा है और यह स्थान देते हुए सत्ता का साझीदार बनाया है तो देवतुल्य कार्यकर्ता को हर्षित मुदित पुलकित होना चाहिए। लेकिन क्या यही पूर्ण सत्य है, यह तो देवतुल्य कार्यकर्ता ही बताएगा, लेकिन कब बताता है और किस तरह बताता है यह देखने की बात होगी।

  • कज़ाख अधिकारियों की संपत्ति का विवरण सार्वजनिक किया गया था…

    कज़ाख अधिकारियों की संपत्ति का विवरण सार्वजनिक किया गया था…

    बिलासपुर। जस्टिस यशवंत वर्मा के आवास में आग लगने की घटना के बाद पूरे देश में न्यायिक सेवा के अधिकारियों के प्रतिबंध को लेकर विवाद और चर्चा चल रही है। इस मामले में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्व सीजे यतींद्र सिंह ने सरकुलररिलीज कर सभी सरकारी अधिकारियों के आवास का विवरण सार्वजनिक रूप से दिया था। इससे संबंधित विश्वनीयता लाभ। उनके संस्कार के बाद कहा गया सरकरोल भी गायब हो गया। अगर देश भर में इसे लागू किया जाता है तो जस्टिस वर्मा का कथित प्रकरण नहीं होता है।
    छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के अंतर्गत पूरे प्रदेश में उच्च स्तरीय संवैधानिक सेवा में सार्वजानिक न्यायाधीशों को भी सभी अपनी सम्पतियों को सार्वजनिक करना होता है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश यतींद्र सिंह ने अपने पद पर रहते हुए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों को सार्वजनिक रूप से लागू कर दिया था. हाल ही में दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश यशवंत वर्मा का मामला सामने आया और बाद में विधि क्षेत्र में इस बात की फिर से चर्चा हो रही है

    पिछले माह ही दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश वर्मा के घर पर करीब 20 लाख के नोट मिले थे, जिसमें एक कमरे में एक कमरा खाली कर दिया गया था। नोट मिले थे। जांच के तरीके और नियम यह समिति खुद तय करती है

  • छत्तीसगढ़ – 10 हजार की रिश्वत लेते ASI मनोज मिश्रा गिरफ्तार , ACB की कार्यवाही

    छत्तीसगढ़ – 10 हजार की रिश्वत लेते ASI मनोज मिश्रा गिरफ्तार , ACB की कार्यवाही

    कोरबा। हरदीबाजार थाने में पदस्थ एक एएसआई को एसीबी की टीम ने 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। एएसआई बोलेरो वाहन मालिक को डीजल चोरी के झूठे आरोप में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपए की मांग कर रहा था। जिसकी शिकायत वाहन स्वामी ने बिलासपुर एसीबी की टीम से की थी। जिसके बाद एसीबी की टीम ने एएसआई को रिश्वत लेते धरदबोचा।

    सूत्रों के मुताबिक,  पंचराम चौहान निवासी केसला द्वारा एसीबी  बिलासपुर में लिखित शिकायत की गई थी कि उसके पास एक बोलेरो वाहन है। कुछ दिन पहले थाना हरदीबाजार में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक मनोज मिश्रा रात करीब 1 बजे उनके केसला गांव स्थित घर पर आया था और बोला कि तुम्हारी बोलेरो गाड़ी से डीजल चोरी का कार्य होता है। गाड़ी को थाने ले चलो जिस पर वह गाड़ी को लेकर थाने के लिए निकला था जो बीच रास्ते में मनोज मिश्रा द्वारा गाड़ी को कार्यवाही से बचाने के एवज में 50 हजार रुपए की मांग की गई।

    पंचराम द्वारा उतना पैसा देने की क्षमता न होना बोलने पर अनावेदक द्वारा गाड़ी को अपने पास रखवा लिया गया। दूसरे दिन सुबह मनोज मिश्रा द्वारा पंचराम के वाहन को वापस कर दिया गया और कहा गया कि पैसे की व्यवस्था जल्द कर लेना। पंचराम मनोज मिश्रा को रिश्वत की रकम नहीं देना चाहता था बल्कि रिश्वत लेते हुए मनोज मिश्रा को पकड़वाना चाहता था, जिस पर शिकायत का सत्यापन कराने पर शिकायत सही पाए जाने से मनोज मिश्रा को पकड़ने की योजना एसीबी द्वारा बनाई गई।

    थाना परिसर में पकड़ा गया एएसआई

    शनिवार को पंचराम को मनोज मिश्रा सहायक उप निरीक्षक के पास मांगी गई रिश्वत रकम में से 10 हजार रुपए को देने के लिए भेजा गया। थाना कोतवाली के परिसर में पंचराम से रिश्वत की रकम 10 हजार रुपए को लेते हुए मनोज मिश्रा को एसीबी की टीम द्वारा रिश्वत रकम सहित पकड़ लिया। सहायक उप निरीक्षक मनोज मिश्रा के विरुद्ध धारा 7 विरुद्ध धारा 7 पीसी एक्ट 1988 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।