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  • महादेव सट्टा ऐप से जुड़े विजय अग्रवाल के तार… 70 लाख कैश जब्त… जयपुर में सौरभ की शादी में शामिल होने पर ईडी की नजर में आए…

    महादेव सट्टा ऐप से जुड़े विजय अग्रवाल के तार… 70 लाख कैश जब्त… जयपुर में सौरभ की शादी में शामिल होने पर ईडी की नजर में आए…

    भिलाई। रेलवे के ठेकेदार और दुर्ग के होटल व्यवसायी विजय अग्रवाल के निवास, होटल, उनके केशियर और उनके बड़े भाई के घर दिल्ली में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की अलग-अलग टीम ने मंगलवार को छापेमारी की. इस कार्रवाई से व्यापारियों में हड़कंप मच गया. जानकारी के मुताबिक ईडी की टीम ने विजय अग्रवाल के निवास से 70 लाख रुपए नकद, मोबाइल और अन्य दस्तावेज जब्त किया है. मनी लॉड्रिंग के तहत यह कार्रवाई की जा रही है.

    मंगलवार को सुबह 6 बजे दो गाड़ियों में ईडी के अधिकारी दुर्ग में दीपक नगर निवासी होटल व्यवसायी विजय अग्रवाल के घर पहुंचे. जानकारी के मुताबिक सुरक्षा में तैनात गार्ड को ईडी की टीम ने आई कार्ड दिखाया, तब उन्हें घर के अंदर जाने दिया. अधिकारियों ने परिवार के सदस्यों से जांच में सहयोग करने को कहा और दस्तावेजों की जांच-पड़ताल शुरू की. इसके बाद होटल सागर और उसके मैनेजर के घर टीम पहुंची. तीनों स्थानों पर जांच की. जानकारी मिली है कि ईडी ने 70 लाख रुपए कैश, मोबाइल और दस्तावेज जब्त किए है. ईडी की कार्रवाई देर शाम तक चली.

    जानकारी मिली है कि ईडी की यह कार्रवाई मनी लॉड्रिंग के तहत की जा रही है. महादेव सट्टा ऐप की काली कमाई को सौरभ आहुजा इधर से उधर करता है. इसी क्लू के अधार पर ईडी की टीम ने सौरभ आहुजा की शादी स्थल जयपुर में रेड मारी थी. उस दौरान सौरभ आहुजा भाग गया था. ईडी की टीम ने उसके आयोजन में शामिल होने वाले सभी मेहमानों से पूछताछ की. वहां विजय अग्रवाल भी मौजूद था. बताया जाता है कि वहीं से ईडी को अग्रवाल के तार महादेव सट्टा ऐप की रकम को इधर से उधर करने वालों से जुड़ने का क्लू मिला.

    कई व्यवसायी पहुंचे थे जयपुर
    सूत्रों से जानकारी मिली है कि सौरभ आहुजा की शादी में भिलाई दुर्ग से करीब दर्जन भर व्यापारी भी जयपुर गए थे. ईडी की कार्रवाई की भनक लगते ही भिलाई और दुर्ग के ये व्यापारी भाग निकले. लेकिन ईडी के हाथ उनके जयपुर में उपस्थिति के फुटेज लगे है. उन सभी के व्यापारियों के ठिकानों पर ईडी की रेड पड़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है.

  • पति-पत्नी की चोरी-छिपे कॉल रिकॉर्डिंग को भी माना जाएगा सबूत, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला…

    पति-पत्नी की चोरी-छिपे कॉल रिकॉर्डिंग को भी माना जाएगा सबूत, सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला…

    सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने पति-पत्नी से जुड़े एक मामले में महत्वपूर्ण निर्णय दिया है. न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि विवाह से संबंधित कार्यवाही में बिना अनुमति के की गई फोन वार्तालाप की रिकॉर्डिंग (Call Recording)को सबूत के रूप में मान्यता दी जाएगी. इसके साथ ही, अदालत ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के उस आदेश को भी खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि बिना सहमति के कॉल रिकॉर्ड करना निजता का उल्लंघन है.

    जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि कुछ दलीलें प्रस्तुत की गई थीं, जिनमें यह चिंता जताई गई थी कि ऐसे सबूतों को स्वीकार करने से घरेलू सद्भावना और विवाह संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, साथ ही यह पति-पत्नी के बीच जासूसी को भी बढ़ावा देगा. इस संदर्भ में, उन्होंने एविडेंस एक्ट की धारा 122 के मूल उद्देश्य के उल्लंघन की बात की.

    बेंच ने स्पष्ट किया कि ऐसा तर्क स्वीकार्य नहीं है. यदि विवाह में यह स्थिति उत्पन्न हो गई है कि पति या पत्नी एक-दूसरे की जासूसी कर रहे हैं, तो यह स्वयं एक टूटे हुए रिश्ते का संकेत है और यह दर्शाता है कि दोनों के बीच विश्वास की कमी है.

    इस मामले की शुरुआत बठिंडा के एक फैमिली कोर्ट में हुई, जहां पति को पत्नी के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग वाली सीडी का उपयोग करने की अनुमति दी गई. इसके बाद, पत्नी ने इस निर्णय को हाईकोर्ट में चुनौती दी, यह कहते हुए कि ये रिकॉर्डिंग उसकी सहमति के बिना की गई हैं, जिससे उसके निजता के अधिकार का उल्लंघन होता है.

    उच्च न्यायालय ने एक महिला की याचिका को स्वीकार करते हुए फैमिली कोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया. न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐसी रिकॉर्डिंग को मान्यता देना उचित नहीं है. इसके बाद, पति ने उच्च न्यायालय के इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. वकील ने तर्क दिया कि निजता के अधिकार को अन्य अधिकारों और मूल्यों के साथ संतुलित किया जाना चाहिए.

  • मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों की बल्ले-बल्ले, अब मोबाइल बिल और रिचार्ज का खर्च उठाएगी सरकार…

    मुख्यमंत्री, मंत्रियों और अधिकारियों की बल्ले-बल्ले, अब मोबाइल बिल और रिचार्ज का खर्च उठाएगी सरकार…

    दिल्ली में BJP की सरकार बनने के बाद, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को सरकारी आवास आवंटित कर दिए गए हैं. अब दिल्ली सरकार ने एक नई योजना की घोषणा की है, जिसके तहत मुख्यमंत्री और मंत्रियों को लाखों रुपये की कीमत के मोबाइल फोन सरकारी धन से खरीदने की सुविधा प्रदान की जाएगी. यह कदम एक तरह से उन्हें मुफ्त में मोबाइल फोन उपलब्ध कराने के समान है. यह योजना प्रतिपूर्ति के आधार पर कार्य करेगी, जिसमें मुख्यमंत्री और मंत्रियों को अपने मोबाइल फोन खरीदने पर दिल्ली सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के अनुसार धन वापस किया जाएगा.

    1 लाख 50 हजार रुपये तक की प्रतिपूर्ति
    दिल्ली सरकार के प्रशासनिक विभाग ने 9 जुलाई को एक आदेश जारी किया है, जिसके अनुसार मुख्यमंत्री को मोबाइल फोन खरीदने पर 1 लाख 50 हजार रुपये तक की प्रतिपूर्ति की जाएगी. इसका मतलब यह है कि यदि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता 1 लाख 50 हजार रुपये या उससे कम मूल्य का मोबाइल फोन खरीदती हैं, तो वे बिल जमा करने के बाद पूरी राशि दिल्ली सरकार से अपने खाते में प्राप्त कर सकेंगी.

    2 साल में एक बार ही मिलेगी सुविधा
    दिल्ली सरकार के मंत्रियों को 1 लाख 25 हजार रुपये या उससे कम कीमत का मोबाइल फोन खरीदने पर, फोन की लागत का भुगतान दिल्ली सरकार द्वारा बिल जमा करने के बाद प्रतिपूर्ति के रूप में किया जाएगा. इस आदेश के अनुसार, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को मोबाइल फोन की खरीद पर प्रतिपूर्ति केवल दो साल में एक बार ही मिलेगी, जिसका अर्थ है कि वे दो साल में एक बार सरकारी धन का उपयोग कर लाखों रुपये का लाभ उठा सकेंगे.

    मोबाइल फोन रिप्लेस करवाया जा सकता है
    आदेश के अनुसार, यदि मोबाइल फोन में कोई तकनीकी समस्या आती है और उसकी मरम्मत की लागत फोन की कुल कीमत का 50 प्रतिशत से अधिक होती है, तो उस स्थिति में मोबाइल फोन को प्रत्येक मामले के आधार पर बदला जा सकता है. यह नियम दिल्ली में 2013 से लागू है, लेकिन उस समय मुख्यमंत्री के लिए मोबाइल फोन की खरीद पर सरकार केवल 50 हजार रुपये की प्रतिपूर्ति करती थी, जबकि मंत्रियों के लिए यह राशि 45 हजार रुपये थी.

    मुख्यमंत्री के लिए लिमिट 3 गुना और मंत्रियों के लिए 2.8 गुना
    मुख्यमंत्री के लिए मोबाइल खरीद की सीमा को तीन गुना बढ़ा दिया गया है, जबकि मंत्रियों के लिए यह सीमा 2.8 गुना बढ़ाई गई है. इस नए आदेश के अनुसार, यदि फोन की मरम्मत की लागत उसकी कुल कीमत का 50 प्रतिशत से अधिक है, तो उसे बदला जा सकता है. इसके अलावा, दिल्ली सरकार के निर्देशों के तहत, मुख्य सचिव भी 1 लाख रुपये तक के मोबाइल फोन को मुफ्त में खरीदने की प्रतिपूर्ति योजना का लाभ उठा सकेंगे, जिससे यह लाभ केवल मुख्यमंत्री और मंत्रियों तक सीमित नहीं रहेगा.

    दिल्ली सरकार उठाएगी महीने भर का बिल
    प्रमुख सचिव की वेतन राशि 80 हजार रुपये, सचिव की 75 हजार रुपये, विशेष सचिव की 60 हजार रुपये, और मंत्रियों के सचिव की 50 हजार रुपये निर्धारित की गई है. दिल्ली सरकार के निर्देशों के अनुसार, मुख्यमंत्री और मंत्रियों को मोबाइल फोन तो प्रदान नहीं किया जाएगा, लेकिन उनके द्वारा उपयोग किए जाने वाले सिम का मासिक बिल दिल्ली सरकार द्वारा वहन किया जाएगा.

    हर महीने 6500 रुपये और Tax
    मुख्य सचिव के लिए मोबाइल रिचार्ज, ब्रॉडबैंड और अन्य खर्चों की अधिकतम सीमा हर महीने 6500 रुपये और टैक्स निर्धारित की गई है. इसी प्रकार, प्रमुख सचिव के लिए यह सीमा 6000 रुपये और टैक्स, सचिव के लिए 5500 रुपये और टैक्स, तथा मंत्री के निजी सचिव के लिए 5000 रुपये और टैक्स रखी गई है.

  • ‘नफरत फैलाने वाले कंटेंट बर्दाश्त नहीं’, सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया

    ‘नफरत फैलाने वाले कंटेंट बर्दाश्त नहीं’, सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच को लेकर केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया

    हेट स्पीच को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने चिंता जाहिर की है. सुप्रीम कोर्ट ने हेट स्पीच मामले में केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि नफरत फैलाने वाले कंटेंट पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए. हेट स्पीच बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ दी गई वजाहत खान की याचिका पर सुनवाई की.

    ‘हेट स्पीच बड़ा खतरा, इसे रोकना होगा’
    न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज फ्रांसिस विस्वनाथन की बेंच की बेंच हेट स्पीच को लेकर दी गई याचिका पर सुनवाई की. कोर्ट ने कहा कि हेट स्पीच फैलाने के मामले में पुलिस को स्वत: संज्ञान लेकर FIR दर्ज करनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए. कोर्ट ने कहा, ‘हेट स्पीच बड़ा खतरा बनता जा रहा है, इसे रोकना होगा.

    हेट स्पीच रोकनी जरूरी, लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी बरकरार रहे’
    वजाहत खान नाम के शख्स की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि सोशल मीडिया पर नफरती भाषणों पर रोक लगना जरूरी है लेकिन अभिव्यक्ति की आजादी भी बरकरार रहनी चाहिए. हमको लोगों के अभिव्यक्ति के आजादी के अधिकार को भी समझना होगा.

    मीडिया पर भी नाराजगी जाहिर की
    कोर्ट ने नफरती कंटेंट को लेकर मीडिया के रोल पर भी नाराजगी जाहिर की. कोर्ट ने कहा कि ये टीवी एंकरों की जिम्मेदारी है कि नफरत फैलाने वाले भाषणों को रोकें. सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे IPC की धारा 153A, 153B, 295A और 505 के तहत स्वत: संज्ञान लेकर कार्रवाई करें.

  • बिलासपुर PWD सब इंजीनियर चीटिंग केस में CBI जांच की मांग, दीपक बैज ने कहा- युवाओं के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा…

    बिलासपुर PWD सब इंजीनियर चीटिंग केस में CBI जांच की मांग, दीपक बैज ने कहा- युवाओं के भविष्य पर मंडरा रहा खतरा…

    छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में PWD के सब इंजीनियर परिक्षा में नकल का मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है. इस मामले ने छत्तीसगढ़ में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर एक बार फिर सवालिया निशान लगा दिया है. बिलासपुर के सरकंडा में PWD सब इंजीनियर परीक्षा में बेहद हाई टेक अंदाज में नकल की धरपकड़ के बाद अब प्रदेश की राजनीति में हाई वोल्टेज ड्रामा भी शुरु हो गया है. इस मामले में PCC चीफ दीपक बैज ने CBI जांच की मांग की है.

    CBI जांच की मांग
    PCC चीफ दीपक बैज ने इस मामले में CBI जांच की मांग करते हुए कहा- ‘सरकार बड़ा दावा करती थी हमारी सरकार बनने के बाद UPSC के तर्ज पर छत्तीसगढ़ में परीक्षा आयोजित करेंगे, लेकिन मुन्ना भाई की एंट्री होने के बाद छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है. इस मामले में सरकार अभी तक गंभीर नहीं है और ना ही अभी तक कोई कार्रवाई हुई है. सिर्फ FIR के बाद छोड़ दिया गया है. जिस तरह से घटना हुई है वह बहुत गंभीर घटना है. इस मामले की CBI से जांच करानी चाहिए.’

    परीक्षा रद्द करने की मांग
    छत्तीसगढ़ में PSC परीक्षा में धांधली को लेकर सियासी बवाल अभी थमा भी नहीं है. अब PWD की परीक्षा में नकल का मामला सामने आ गया है. बिलासपुर के सरकंडा में पीडब्ल्यूडी सब इंजीनियर की परीक्षा में बेहद हाई टेक अंदाज में नकल का प्रकरण सामने आया है. नकल के इस मामले ने प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता और सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस मामले का खुलासा NSUI कार्यकर्ताओं ने किया इसलिए मामले में हाई वोल्टेज ड्रामा भी हुआ और अब NSUI ने पूरे प्रदेश में आंदोलन का ऐलान कर दिया है.

    परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल
    NSUI ने भी इस मामले की CBI जांच की मांग की है. साथ ही परीक्षा को रद्द करने की मांग भी की जा रही है. बता दें कि छत्तीसगढ़ में पहले भी परीक्षा में नकल और अनियमितता के मामले सामने आते रहे हैं. PSC के मामले में तो बड़ी गड़बड़ी सामने आई और जमकर बवाल भी हुआ. लेकिन PWD परीक्षा में जिस अंदाज में नकल की गई, उसने परीक्षा की विश्वसनीयता के साथ ही सुरक्षा पर भी सवाल उठा दिए हैं.

  • जल जीवन मिशन पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में भारी हंगामा: खर्च, उपलब्धि और आंकड़ों पर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने…

    जल जीवन मिशन पर छत्तीसगढ़ विधानसभा में भारी हंगामा: खर्च, उपलब्धि और आंकड़ों पर पक्ष-विपक्ष आमने-सामने…

    रायपुर। प्रश्नकाल में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जल जीवन मिशन का मामला उठाते हुए इस मिशन को फेल होने का आरोप लगाया। डिप्टी सीएम और विभागीय मंत्री अरुण साव ने कहा, हमने 10 लाख नल कनेक्शन दिया है। इस पर विपक्ष के विधायकों ने गलत जानकारी देने की बात कही और जवाब से असंतुष्ट विपक्ष के विधायकों ने सदन से वॉक आउट किया।
    इससे पहले जल जीवन मिशन मामले को लेकर सदन में जमकर हंगामा हुआ। पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर नारेबाजी हुई। भारी हंगामे पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को हस्तक्षेप करना पड़ा। डॉ. रमन सिंह ने कहा, प्रश्नकाल को बाधित नहीं किया जाता। आसंदी की मर्यादा का ध्यान रखें। प्रश्नकाल में हंगामा करना उचित नहीं है। पूरा देश छत्तीसगढ़ विधानसभा की कार्यवाही को देखता है। सदस्यों को आपस में देखकर बात नहीं करनी चाहिए। आसंदी की ओर देख कर बात करनी चाहिए। आसंदी की मर्यादाओं का पालन हम सभी को करना होगा।
    प्रश्नकाल में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जल जीवन मिशन का मामला उठाते हुए पूछा कि साल 2022-23, 23-24 और 24-25 में कितनी राशि खर्च हुई? लक्ष्य के विरुद्ध कितने घरों में पानी पहुंच पाया? बघेल ने कहा, कई जिलों में कम राशि खर्च की गई। वहीं कई जिलों में दूसरे जिलों के मुकाबले बहुत कम घरों में पानी पहुंचा है।
    सवाल के जवाब में डिप्टी सीएम और विभागीय मंत्री अरुण साव ने कहा, अब तक साल 2022-23 से 15 हजार 45 करोड़ मतलब 57 प्रतिशत राशि खर्च हुआ है। 31 लाख 16 हजार 398 घरों में नल से पानी दे रहे हैं। 3 हजार 836 गांवों में पूरी तरह नल से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। राशि का भुगतान काम के प्रोग्रेस के मुताबिक किया जाता है इसलिए अलग-अलग जिलों में अलग-अलग स्थिति है। 49 लाख से ज्यादा घरों में नल कनेक्शन के जरिए पानी पहुंचाना है। देरी से काम शुरू हुआ है।
    भूपेश बघेल ने कहा, डबल इंजन की सरकार में सिर्फ 3 हजार 500 करोड़ रुपये योजना पर खर्च हुआ। सिर्फ 57 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल हुआ है। इस पर अरुण साव ने कहा, साल 2023 के आखिर तक 36 लाख परिवारों तक नल का कनेक्शन दिखाया गया, सिर्फ आंकड़े दिखाने के लिए ये किया गया। हमने जो वेरिफिकेशन किया तो पता चला कि सिर्फ 21 लाख घरों में पानी जा रहा था, बाकी 15 लाख में सिर्फ नल लगाया गया था। आपने समय पर काम किया होता तो ये हालात नहीं बनते। आपकी सरकार ने बगैर पानी के नल टोटी लगाए।
    भूपेश बघेल ने कहा, 21 लाख घरों में हमने पानी दिया। अब तक 31 लाख घरों में पानी पहुंच रहा कह रहे हैं, मतलब करीब 2 साल में डबल इंजन की सरकार ने सिर्फ 10 लाख घरों में नल से पानी दिया। ये भी सही है या आंकड़ेबाजी है? नल से पानी नहीं मिलने के मामले पर सदन में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। पक्ष-विपक्ष के बीच नोक-झोंक हुई। विपक्षी विधायकों ने झूठा आंकड़ा बताने का आरोप लगाते हुए कहा, कई जिलों में पानी तक नहीं मिल रहा।
    नेता प्रतिपक्ष डॉ। चरणदास महंत ने कहा, 20 महीने की सरकार में सिर्फ 7 प्रतिशत काम हुआ है, जबकि हमने अपनी सरकार के दौरान करीब 74 प्रतिशत काम किया है। फिर ज्यादा काम किसने किया? इस पर अरुण साव ने कहा, हमने 10 लाख नल कनेक्शन पानी के साथ दिया। भूपेश बघेल ने कहा, 7 महीने में कितने नल कनेक्शन दिए और कितनी राशि खर्च की। अरुण साव ने कहा, 10 लाख नल कनेक्शन दिया है। इस पर विपक्ष के विधायकों ने गलत जानकारी देने की बात कही। जवाब से असंतुष्ट विपक्ष के विधायकों ने सदन से वॉक आउट किया।

  • महेश साहू के प्रयास से हुआ मदनपूर में बोर खनन….

    महेश साहू के प्रयास से हुआ मदनपूर में बोर खनन….

    खरसिया । नील सरोवर पार मदनपुर खरसिया में स्वीकृत बोर खनन कार्य का शुभारंभ छाया विधायक महेश साहू ने ग्राम पंचायत मदनपुर के जनप्रतिनिधियों और श्री मदनेश्वर नाथ महादेव सेवा समिति के सदस्यों की उपस्थिति में किया।

    विदित हो कि श्री मदनेश्वर नाथ महादेव सेवा समिति के सदस्यों ने छाया विधायक महेश साहू से नील सरोवर पार मदनपुर में बोर खनन की मांग की थी जिस पर उन्होंने तत्परता दिखाते हुए रायगढ़ लोकसभा क्षेत्र के सांसद राधेश्याम राठिया को इस मांग से अवगत कराया, संवेदनशील सांसद ने अधिकारियों को निर्देशित कर उक्त स्थल में बोर खनन कराने की बात कही। 13 जुलाई को उक्त बोर खनन कार्य का शुभारंभ छाया विधायक महेश साहू ने ग्राम पंचायत मदनपुर के उप सरपंच धनेश्वर गबेल और श्री मदनेश्वर नाथ महादेव सेवा समिति के सदस्यों की उपस्थिति में नारियल फोड़कर किया।

    इस अवसर पर डॉक्टर डनसेना, उत्तरा जायसवाल, चन्द्रकिशोर राठौर, उमेश चौहान, अजय राठौर, डमरू जायसवाल, राहुल देव, मनोज डनसेना, नरेंद्र डनसेना (बंटू), मंझला यादव, प्रवीण चतुर्वेदी, इंद्रदेव सिदार, भरत निषाद, ओमप्रकाश राठौर, रामायण बंजारा, ओंकार चौहान, धीरज चौहान, भुनेश्वर साहू, मोनू साहू सहित बड़ी संख्या में मदनपुर के नागरिकगण उपस्थित थे।

  • नवीन का सुयश, प्रथम प्रयास में बने सीए…

    नवीन का सुयश, प्रथम प्रयास में बने सीए…

    खरसिया। नगर के प्रतिष्ठित समाजसेवी स्व. भगतराम अग्रवाल के पौत्र एवं शहर की जानी मानी हस्ती स्व. नटवर पांडे के सुपुत्र नवीन अग्रवाल अपने पहले प्रयास में ही सीए फाइनल एग्जाम क्लियर कर सीए बन गए है। नवीन शुरू से ही होनहार छात्र रहे है। इन्होंने अपनी 12वीं तक की पढ़ाई खरसिया में रहकर ही पूरी की तथा उसके पश्चात रायपुर में रहकर कड़ी मेहनत एवं लगन से यह मुकाम हासिल करते हुए अपने माता-पिता सहित परिवार का नाम रोशन किया।

    सीए नवीन ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपनी माता, बड़ी बहन सहित मित्रो एवं परिजनों को दिया है। नवीन ने बताया उनकी माताजी एवं बड़ी बहन ने हमेशा उन्हें भरपूर सहयोग किया जिनकी बदौलत आज वो इस मुकाम पर पहुंच पाएं है। सीए नवीन अग्रवाल की इस चमकीली सफलता से तिगड़नीया परिवार सहित पूरे नगर में हर्ष की लहर है।

  • कोर्ट ने सख्त सख्त फैसला सुनाया, एक ही परिवार के 12 हत्यारोपियों को मिली उम्रकैद की सजा, इस जघन्य अपराध में पूरा परिवार शामिल था…

    कोर्ट ने सख्त सख्त फैसला सुनाया, एक ही परिवार के 12 हत्यारोपियों को मिली उम्रकैद की सजा, इस जघन्य अपराध में पूरा परिवार शामिल था…

    सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले की अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। जहां एक जघन्य हत्याकांड में हुए जमीनी विवाद में कोर्ट ने एक ही परिवार के 12 सदस्यों को एक साथ रहने का फैसला सुनाया है। साल 2022 में हुए निर्मम हत्याकांड में सभी चतुर्थों को हत्या, आपराधिक शडयंत्र और सामूहिक हमलों का दोषी करार देते हुए अदालत ने सख्त फैसला सुनाया।

    बता दें वर्ष 2022 में जिले के चंदौरा थाना क्षेत्र के ग्राम समाज में एक ही परिवार के 12 सदस्यों ने मृत हिरदलराम राजवाड़े की हत्या की निर्ममतापूर्वक तरीके से हत्या को अंजाम दिया था। करीब 3 साल बाद कोर्ट ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए सभी 12 क्लासिक्स के लिए एलायंस की सजा सुनाई।



    अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉमिक सिंह चौहान की अदालत ने सभी 12 हत्यारोपियों की हत्या, आपराधिक साजिश और सामूहिक हमलों का दोषी करार दिया। विशेष रूप से यह है कि सभी बुनियादी ढांचे एक ही परिवार से हैं, जिनमें पांच महिलाएं भी शामिल हैं, जिनकी उम्र 24 से 65 वर्ष के बीच है।

    हत्या 24 जून 2022 को हुई थी जब एक जमीन के सीमांकन के लिए गांव जा रहे मृतक हिरदलराम राजवाड़े की हत्यारोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से हमलाकर पीट-पीटकर की हत्या कर दी थी। मृतक की जमीन बैगासाय आयरनर नामक व्यक्ति से थी, जिस पर उसके रिश्तेदारों का अवैध कब्जा था।


    अभियोजन पक्ष की ओर से अतिरिक्त लोक अभियोजक कृष्ण कुमार सागर ने प्रभावशाली ढंग से पैरवी की। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध सिर्फ पूर्व निर्धारित नहीं था, बल्कि समाज की शांति और न्याय व्यवस्था के लिए भी गहरा खतरा था। सभी आपराधिक साजिशों में शामिल थे, उनसे पता चला कि हत्या जैसे आपराधिक कांड के लिए वे जुड़े हुए हैं।

  • छत्तीसगढ़ के मैनपाट में प्राकृतिक पानी बहता देख चकित हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, कहा- यहां दिख रहा है प्रकृति का चमत्कार……

    छत्तीसगढ़ के मैनपाट में प्राकृतिक पानी बहता देख चकित हुए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, कहा- यहां दिख रहा है प्रकृति का चमत्कार……

    रायपुर। भाजपा के प्रशिक्षण शिविर में माइकल-विधायकों के प्रशिक्षण दल मैनपाट से मध्य केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने समुद्र तटीय जल स्थलों की यात्रा की। समुद्र तट पर नाव के साथ उन्होंने पुलिस कैप्टन की गाड़ी में बैठकर इस स्थल के अजूबे को स्वयं अनुभव किया। उन्होंने कहा कि मैंने जीवन में पहली बार पानी नीचे से ऊपर की ओर देखा है।

    पानी का अनुभव के बाद केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मीडिया से चर्चा में कहा कि अद्भुत है अपना छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य से भरा हुआ है। लेकिन प्रकृति का चमत्कार यहां भी दिख रहा है। पानी नीचे से ऊपर बह रहा है, इसका साइंटिफिक रिजन क्या है, यह देखना है। लेकिन यह अद्भुत है। यहां भ्रमण आते रहते हैं, इसे विशेष रूप से विकसित और प्रचारित किया जाना चाहिए, ताकि चमत्कार लोग अपनी नजरों से देख सकें।



    उन्होंने कहा कि हमने कागज की नाव ठीक भी देखी, यहां का पानी चमत्कारिक है। छत्तीसगढ़ सरकार इसे विकसित कर रही है। यहां पर्यटन पर्यटन पर्यटन पर्यटन स्थल। छत्तीसगढ़ सरकार हर क्षेत्र में बहुत बेहतर काम कर रही है, पर्यटन क्षेत्र में रोजगार बढ़ाने का निरंतर प्रयास जारी है।

    वायुमंडलीय जल भ्रमण के दौरान शिवराज सिंह ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से भी मुलाकात की। इस पर उन्होंने कहा कि महिलाएं मजदूरी कर रही हैं। हम लखपति दीदी बने रह रहे हैं। अभी अभियान चल रहा है। किसी की नजर में फूल ना हो, किसी को हाथ फैलाना ना पड़े, छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना तो चल रही है, लखपति बहन अभियान भी चलाएंगे।


    मंत्री ने मॉर आवास मोर अधिकार 2018 की सूची में मोर आवास, मोर अधिकार को लेकर चर्चा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने चुनाव के वादे पूरे करते हुए मोर आवास मोर अधिकार 2018 की सूची में शामिल किया है। आने वाले समय में सर्वे कर और पात्र निकालेंगे। छत्तीसगढ़ के गरीब भाई-बहनों को और मकान बताएं।

    कृषि मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उन्नत खेती की अनंत संभावना है। यहां बीजी का उत्पादन और भेला, कौन से उपयोगी हो सकता है, कलाकारों की टीम को यहां काम दिया जाएगा। मैदानी क्षेत्र का संरचनात्मक निर्माण कम है, उसे कैसे बढ़ाया जाए उस पर भी हम काम करेंगे।

    कृषि मंत्री के पद पर मिली जिम्मेदारी मेरा सौभाग्य प्रधानमंत्री के साथ काम करने का अवसर मिला है। इसी जिम्मेदारी में आकर्षक हूं. पार्टी ने जो काम किया है, वही करेंगे शिवराज सिंह चौहान।

    बीजेपी के ट्रेनिंग कैम्प की चर्चा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बीजेपी ट्रेनिंग का काम करती है. कार्यकर्ता का आचरण व्यवहार, अपने क्षेत्र में कितना बेहतर काम करें, इसकी ट्रेनिंग भी उन्हें दी जा रही है। सरकार की मंजूरी का प्रचार-प्रसार कैसे करें, यह काम हो रहा है। व्यावसायिक और शास्त्रीय दोनों सिद्धांत यहां पर वैश्वीकृत विषय और व्यावसायिक विषय रखे गए हैं, जिसका लाभ न्यूनतम और नमूना होगा, और स्टूडियो के साथ काम कर सस्ता होगा। केवल विशिष्टता और विशिष्टता का नहीं, अलग-अलग विशिष्टता का प्रशिक्षण हम कभी-कभी करते हैं।