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  • हरियाली का प्रतीक हरेली, बच्चों को भाया गेड़ी, धूमधाम से मना, किसानों के द्वारा कृषि से संबंधित उपकरणों की पूजा की गई….

    हरियाली का प्रतीक हरेली, बच्चों को भाया गेड़ी, धूमधाम से मना, किसानों के द्वारा कृषि से संबंधित उपकरणों की पूजा की गई….



    खरसिया।  छत्तीसगढ़ में ग्रामीण व कृषकों का प्रमुख व प्रथम त्यौहार हरेली सावन के अमावस्या में मनाई जाती है। इस दिन को किसान परंपरागत तरीके से उल्लास पूर्वक अपने सभी कृषि यंत्रों की सफाई करते हुए उसकी पूजा अर्चना कर फसलों के अच्छी पैदावार की कामना करते हैं। हरियाली त्यौहार में बच्चे गेड़ी चढ़ते नजर आए व इस दिन अनेक प्रकार के गुड़ से बना व्यंजन गुचकलिया व गुड़ चीला है। इसके साथ ही किसान खेती में उपयोगी सभी औजार हल, ट्रेक्टर, कुदाल, फावड़ा, हंसिया, सब्बल, कटेली जैसे उपयोगी उपकरणों की पूजा की गई। हरेली पर्व के चलते खेती बाड़ी का काम पूरी तरह बंद रहा किसानों ने अपने कृषि उपकरणों की साफ सफाई की साथ ही उपकरणों को एक दिन का आराम दिया और उनके पारंपरिक तरीके से पूजा अर्चना की। लोक पर्व हरेली में किसानों ने अपने हलों की भी पूजा की। हरेली त्यौहार को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही ग्रामीणों ने हल अन्य कृषि औजारों को तालाब में ले जाकर धोए और आंगन में चौक बनाकर हल फावड़ा टांगी उन्नत कृषि यंत्र ट्रैक्टर, कैज व्हील आदि की पूजा अर्चना की। इस दौरान गुड़ चीला नारियल का भोग लगाया गया। पर्व को लेकर आज खेती किसानी का काम पूरी तरह बंद रहा। खरसिया नगर पालिका क्षेत्र में भी हरेली त्यौहार मनाया गया। शहरों में जिनके घर हल कृषि औजार नहीं है उन्होंने देवी देवताओं की पूजा अर्चना कर पर्व की परंपरा निभाई ठाकुरदिया निवासी कृषक गिरधारी गबेल ने कहा कि हरेली का त्यौहार छत्तीसगढ़ का पहला और महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह त्यौहार खेती-बाड़ी के कार्यों से निपटने के बाद किसानों के द्वारा कृषि औजार की पूजा की जाती है और अच्छे फसल हो उसकी कामना करते हुए हर्ष उल्लास के साथ छत्तीसगढ़ की प्रथम त्यौहार हरेली को मनाया जाता है।

  • 50 साल और शेख हसीना पर लौट आया काल! तब बेदखल हुईं तो दिल्ली बना था घर और अब…

    50 साल और शेख हसीना पर लौट आया काल! तब बेदखल हुईं तो दिल्ली बना था घर और अब…

    बांग्लादेश में वक्त का पहिया घूमकर वहीं पहुंच गया जहां 50 वर्ष पहले था। 1975 में शेख हसीना के पिता शेख मुजीब उर रहमान का सैन्य तख्तापलट हो गया था। मुजीब के साथ-साथ उनके परिवार के 18 सदस्यों का कत्लेआम हो गया था। आज शेख हसीना की सत्ता चली गई और उन्हें बांग्लादेश से बेदखल होना पड़ा है।

    दिल्ली। आधी सदी और समय का चक्र पूरा हो गया। शेख हसीना आज फिर बेघर हो गईं। बांग्लादेश में आरक्षण आंदोलन ने शेख हसीना सरकार की बलि ले ली। निवर्तमान प्रधानमंत्री को जान बचाने के लिए देश छोड़ना पड़ा है। प्रधानमंत्री आवास में अराजकता का माहौल है। लोग वहां से फर्नीचर एवं अन्य सामान कंधों पर उठाकर ले जा रहे हैं। सबसे दुखद तस्वीर शेख मुजीब उर रहमान की मूर्ति तोड़ते हुई आई। करीब 50 वर्ष पहले सैन्य तख्ता पलट में इसी मुजीब उर रहमान समेत उनके परिवार के 18 सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। मुजीब की दो बेटियां शेख हसीना और शेख रिहाना ही बच पाईं, वो भी भारत की मदद से। आज समय का चक्र पूरा हुआ तो शेख हसीना फिर भारत की शरण में हैं। 1975 में उनके पिता और बांग्लादेश के तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या के बाद भारत ने शेख हसीना को शरण दी थी।

    तब हसीना ने खो दिया था पूरा परिवार

    1975 के सैन्य तख्ता पलट में हसीना और रिहाना इसलिए बच पाईं क्योंकि दोनों 15 दिन पहले ही बांग्लादेश से निकलकर जर्मनी चली गई थीं। हसीना के पति न्यूक्लियर साइंटिस्ट थे और जर्मनी में ही थे। 30 जुलाई, 1975 की वो तारीख थी जब हसीना अपने पिता से आखिरी बार मिल पाई थीं। दो हफ्ते बाद 15 अगस्त, 1975 को हसीना को पता चला कि सैन्य तख्ता पलट में उनके पिता की हत्या हो गई। लेकिन उन्हें तब तक पता नहीं था कि पिता ही नहीं, पूरा परिवार खत्म हो चुका है। भारत की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को मुजीब परिवार की दोनों बेटियों की चिंता हुई। उन्होंने जर्मनी में अपने राजदूत हुमायूं राशिद चौधरी को हसीना के पास भेजा।

    (तस्वीर में पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के साथ शेख हसीना)

    इंदिरा गांधी ने शेख हसीना की ली थी जिम्मेदारी

    हसीना की इंदिरा गांधी से बात हुई। उन्होंने भारत में शरण लेने का फैसला किया। फिर प्लानिंग हुई कि बिना किसी को भनक लगे हसीना और रिहाना को भारत कैसे लाया जाए? आखिरकार 24 अगस्त की दोपहर शेख हसीना ने अपने पति के साथ जर्मनी के फ्रैंकफर्ट से उड़ान भरीं। भारत ने उन्हें लाने एयर इंडिया का एक विमान भेजा था। 25 अगस्त, 1975 के तड़के विमान दिल्ली पहुंच गया। उन्हें 56 रिंग रोड स्थित एक सेफ हाउस में रखा गया। उनकी असली पहचान छिपाने के लिए मिस्टर और मिसेज मजूमदार की नई पहचान दी गई। खुद प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उनका खास ख्याल रखा।

    (तस्वीर में शेख मुजीब उर रहमान और इंदिरा गांधी)

    कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली में रही थीं हसीना

    कुछ दिनों के बाद शेख हसीना को पंडारा पार्क के सी ब्लॉक स्थित तीन कमरों के एक मकान में शिफ्ट कर दिया गया। चौतरफा सुरक्षा कर्मियों का पहरा था। डिटेक्टिव भी तैनात किए गए। हसीना के साइंटिस्ट पति को नई दिल्ली स्थित परमाणु ऊर्जा आयोग में नौकरी मिल गई। वहां उन्होंने सात वर्ष काम किया। इसके साथ ही सुरक्षा के तीन नियम बना दिए गए…

    1. शेख हसीना को घर से बाहर नहीं निकलना है।

    2. उन्हें किसी को अपनी असली पहचान नहीं बतानी है।

    3. दिल्ली में किसी से भी संपर्क नहीं रखना है।

  • शिव मंदिर भगत तालाब में भव्यता से मनाई गई शिवरात्रि…

    शिव मंदिर भगत तालाब में भव्यता से मनाई गई शिवरात्रि…


    खरसिया। सावन महिने के पावन अवसर पर खरसिया में स्थित नगर के प्रसिद्ध शिव मंदिर भगत तालाब में शिवरात्रि का पर्व शिव परिवार द्वारा बडे ही धूमधाम एवं भव्यवतापूर्वक मनाया गया। इस दौरान शिव परिवार द्वारा शिवरात्रि के पावन पर्व पर देवो के देव भगवान महादेव का विशेष रूप से श्रृंगार किया गया। शाम को भजन संध्या के पश्चात् भगवान भोलेनाथ की महाआरती की गयी तथा भक्तों का प्रसाद का वितरण किया गया।



    विदित हो कि श्रावण मास भगवान शिव को अत्यधिक प्रिय है, प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी खरसिया के विभिन्न शिव मंदिरों में सावन शिवरात्रि के अवसर पर बडी संख्या में भगवान भोले शंकर के भक्तों द्वारा विशेष पूजा अर्चना की गई। इसी कडी में खरसिया के प्रसिद्ध भगत तालाब जो कि अपनी रंगीन मछ़लियों की वजह से पूरे छत्तीसगढ में मछली तालाब के नाम से प्रसिद्ध है वहां स्थित शिव मंदिर में शिव परिवार द्वारा सावन मास के शिवरात्रि के अवसर पर पूरे मंदिर को विशेष तौर पर फुलों एवं रंगीन झालरों से सजाया गया था। शिवरात्रि के पावन आवसर पर शिव मंदिर भगत तालाब में भगवान शिव के भक्तों का दिन भर तांता लगा रहा। वहीं शिव परिवार द्वारा शिव मंदिर में शिवरात्री का पर्व बडे ही धूमधाम से मनाते हुए भोले भंडारी का विषेश रूप से श्रृगांर किया गया।


    शिव मंदिर भगत तालाब में रात्रि 7 बजे से बाबा के भक्तों द्वारा भोले शंकर एवं मॉं पार्वती के भजनों से बाबा को भाव विभोर किया गया। इस दौरान बाबा भोलेनाथ के भक्त बाबा के भजनों पर मस्ती के साथ थिरकते दिखे वहीं रात्रि में शिव परिवार द्वारा देवों के देव महादेव की आरती के पश्चात  प्रसाद का वितरण किया गया। इस दौरान मंदिर के पुजारी सुरेंद्र के साथ शिवमण्ड़ल के विजय अग्रवाल, श्याम सुंदर अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, सतीष अग्रवाल, दिनदयाल अग्रवाल, दिलीप शर्मा, मुन्ना अग्रवाल, नारायण चक्रधारी, विकास कबुलपुरिया, विनोद अग्रवाल, कन्हैया राठौर, शेरू शर्मा, राधे अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल सहित महिला मण्ड़ल की शकुन्तला देवी अग्रवाल, शशिकला अग्रवाल,  मनीषा अग्रवाल, रेखा अग्रवाल, नंदिनी गोयल सहित नगर के अन्य शिवभक्त उपस्थित थे।

  • राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, कलेक्टर सहित बड़े पैमाने में कई IAS अधिकारियों के तबादले…जानिए किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी…देखिए लिस्ट….

    राज्य सरकार ने जारी किया आदेश, कलेक्टर सहित बड़े पैमाने में कई IAS अधिकारियों के तबादले…जानिए किन्हें कहां मिली जिम्मेदारी…देखिए लिस्ट….

    रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग ने आईएएस ट्रांसफर आदेश जारी किया है। देखें आदेश…..

  • वजन घटाने वाले अमेरिकी इंजेक्शन को भारत में मंजूरी:डायबिटीज के इलाज के लिए बना था; साइड इफेक्ट नहीं, पर जिंदगीभर लेना होगा….

    वजन घटाने वाले अमेरिकी इंजेक्शन को भारत में मंजूरी:डायबिटीज के इलाज के लिए बना था; साइड इफेक्ट नहीं, पर जिंदगीभर लेना होगा….

    भारत सरकार ने हाल ही में एक ऐसे इंजेक्शन के इस्तेमाल को मंजूरी दी है, जिसे वजन घटाने में कारगर बताया जा रहा है। दावा है कि यह मोटापा घटाने के ऑपरेशन यानी बैरियाट्रिक सर्जरी का बेहतर विकल्प हो सकता है।

    इस इंजेक्शन का नाम माउंजारो है। इसे अमेरिकी कंपनी इलाय लिली ने बनाया है। इसमें इस्तेमाल हुई दवा का नाम टिर्जेपेटाइड (Tirzepatide) है, जिसे टाइप-2 डायबिटीज के ट्रीटमेंट में इस्तेमाल किया जाता है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि यह 72 हफ्तों में मोटापे को 20.9% तक कम कर सकता है।वजन घटाने वाले अमेरिकी इंजेक्शन को भारत में मंजूरी:डायबिटीज के इलाज के लिए बना था; साइड इफेक्ट नहीं, पर जिंदगीभर लेना होगा

    अमेरिकी कंपनी के इस इंजेक्शन में टिर्जेपेटाइड (Tirzepatide) नाम की दवा है, जिसे टाइप-2 डायबिटीज के ट्रीटमेंट में इस्तेमाल किया जाता है। – अमेरिकी कंपनी के इस इंजेक्शन में टिर्जेपेटाइड (Tirzepatide) नाम की दवा है, जिसे टाइप-2 डायबिटीज के ट्रीटमेंट में इस्तेमाल किया जाता है।
    आम लोगों के जेहन में ये दो सवाल अक्सर आते हैं…

    जल्दी और ज्यादा पैसा कैसे कमाएं?
    अपना वजन कम कैसे करें?
    हम पहले सवाल का उत्तर नहीं दे सकते, लेकिन दूसरे सवाल का जवाब सरकार के एक फैसले से मिल सकता है। भारत सरकार ने हाल ही में एक ऐसे इंजेक्शन के इस्तेमाल को मंजूरी दी है, जिसे वजन घटाने में कारगर बताया जा रहा है। दावा है कि यह मोटापा घटाने के ऑपरेशन यानी बैरियाट्रिक सर्जरी का बेहतर विकल्प हो सकता है।

    इस इंजेक्शन का नाम माउंजारो है। इसे अमेरिकी कंपनी इलाय लिली ने बनाया है। इसमें इस्तेमाल हुई दवा का नाम टिर्जेपेटाइड (Tirzepatide) है, जिसे टाइप-2 डायबिटीज के ट्रीटमेंट में इस्तेमाल किया जाता है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि यह 72 हफ्तों में मोटापे को 20.9% तक कम कर सकता है।



    सवाल-1: माउंजारो इंजेक्शन शरीर में कैसे काम करता है?
    जवाब: इंसानी शरीर में दो हार्मोन होते हैं। पहला फोरगट (Foregut) जो शुगर लेवल बढ़ाता है और दूसरा हिंडगट (Hindgut) जो शरीर की अतिरिक्त शुगर जलाकर शुगर लेवल घटाता है। इस प्रोसेस से वजन कंट्रोल में रहता है। इस हार्मोन को GLP-1 भी कहा जाता है।

    GLP-1 हार्मोन मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस हिस्से में जाकर उसे एक्टिव करता है। इससे शरीर को भूख का अहसास कम होता है और खाने की इच्छा कम हो जाती है। इससे अतिरिक्त शुगर नहीं बनती और पहले से जमा चर्बी धीरे-धीरे कम होने लगती है।

    शरीर में हिंडगट (GLP-1) एक्टिव न हो तो फोरगट तुरंत एक्टिव होकर शुगर लेवल बढ़ाने लगता है। यह इंजेक्शन GLP-1 को एक्टिव करता है, जिससे वजन घटाने में मदद मिलती है।

    सवाल-2: इसे कौन ले सकता है, क्या डायबिटीज पेशेंट यह इंजेक्शन ले सकते हैं?
    जवाब: यह इंजेक्शन कोई भी ले सकता है। सामान्य लोगों और टाइप-2 डायबिटीज के पेशेंट्स के लिए इसकी डोज अलग-अलग होती है। वजन घटाने के लिए कम डोज दी जाती है, लेकिन इसके साथ डायबिटीज भी कंट्रोल करनी है, तो ज्यादा दवा लेनी होगी। दोनों ही कंडीशन में इंजेक्शन लेने से फायदा होगा।

    सवाल-3: कैसे पता करें कि वजन कम करने का इंजेक्शन लेने की जरूरत है?
    जवाब: अगर किसी का बॉडी मास इंडेक्स यानी BMI 32 या अधिक है, तो उसे वजन कम करने की जरूरत है। इसके लिए डॉक्टर की सलाह पर इंजेक्शन लिया जा सकता है। हालांकि पेशेंट को शरीर का ध्यान भी रखना होगा। पैदल चलना, प्रोटीन इनटेक ज्यादा और कार्बोहाइड्रेट, फैट की मात्रा कम करनी होगी।

    सवाल-4: बैरियाट्रिक सर्जरी और माउंजारो इंजेक्शन में क्या बेहतर है?
    जवाब: अगर किसी का BMI 38 से 40 है या वह अत्यधिक मोटा है तो उसे बेरियाट्रिक सर्जरी की जरूरत होती है। जो लोग सर्जरी से डरते हैं, उनके लिए इंजेक्शन अच्छा विकल्प है। हालांकि इसके रिजल्ट्स सर्जरी का मुकाबला नहीं कर सकते, लेकिन सबसे अच्छी बात यह है कि इस इंजेक्शन का कोई साइड इफेक्ट नहीं है।सवाल-5: माउंजारो इंजेक्शन लेने पर कितना खर्च आएगा?
    जवाब: भारत में माउंजारो इंजेक्शन की कीमत करीब 1500 रुपए के आसपास रहने की उम्मीद है। यह इंजेक्शन आपको हर पांच दिन में लेना होगा। यानी हर महीने 9 हजार और साल का 1 लाख 8 हजार रुपए खर्च होगा। जो व्यक्ति इंजेक्शन पर हर साल एक लाख रुपए खर्च कर सकता है, वह इंजेक्शन ले सकता है। बेरियाट्रिक सर्जरी का खर्च 3-4 लाख रुपए होता है। उसके बाद भी दवाएं लेनी होती हैं।

    सवाल-6: भारत में नया इंजेक्शन कब से मिलने लगेगा?
    जवाब: भारतीय बाजार में बिक्री के लिए किसी भी दवा या इंजेक्शन को दो संस्थाओं की मंजूरी की जरूरत होती है। पहली- केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की और दूसरी- ड्रग कंट्रोल जनरल ऑफ इंडिया।

    अमेरिकी इंजेक्शन को CDSCO की मंजूरी मिल गई है। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया की मंजूरी भी जल्द मिलने की उम्मीद है। दोनों अप्रूवल समय पर मिले, तो दिसंबर 2024 तक यह भारत में उपलब्ध हो जाएगा।

    सवाल-7: मोटापा घटाने का इंजेक्शन लेने में कौन सी सावधानियां जरूरी हैं?
    जवाब: किसी भी दवा की तरह माउंजारो इंजेक्शन को भी डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए। डॉक्टर की बताई हुई डोज में ही इसे लिया जाना चाहिए। इसमें यह भी ध्यान रखना होगा कि एक बार इंजेक्शन लेना शुरू किया, तो फिर जिंदगी भर लेना पड़ेगा। अगर इसे बंद कर देंगे तो कुछ ही समय में वजन फिर बढ़ना शुरू हो जाएगा और शरीर पहले जैसी स्थिति में आ जाएगा।

    सवाल-8: इंडियन मार्केट में वजन घटाने के लिए कौन सी दवा मौजूद है?
    जवाब: ड्यूराग्लूटाइड नाम का इंजेक्शन और सेमाग्लूटाइड नाम की टैबलेट अभी भारतीय बाजार में उपलब्ध है। दोनों ही यूरोपियन कंपनियों की बनाई हुई हैं, लेकिन अमेरिका का नया इंजेक्शन दोनों से ज्यादा असरदार बताया जा रहा है।

    अमेरिका में इंजेक्शन के अच्छे परिणाम आए हैं। यह इंजेक्शन उन लोगों के लिए बहुत उपयोगी है, जिन्हें बेरियाट्रिक सर्जरी की जरूरत नहीं है, लेकिन वे अपना वजन कम करना चाहते हैं। यह डायबिटीज को कंट्रोल करने के साथ वजन घटाने में भी मदद करता है।देश में 25 से 45 साल की 80% कामकाजी महिलाओं को मोटापा
    डॉ. अपूर्व व्यास का कहना है कि लाइफस्टाइल और खान-पान में बदलाव के कारण पुरुषों की तुलना में महिलाओं में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है। देश में 25 से 45 साल की 80% कामकाजी महिलाएं मोटापे से जूझ रही हैं। पिछले 10 साल में मोटे लोगों की संख्या बढ़ी है। तीन साल पहले एएमसी की स्टडी में कहा गया था कि 2020 की तुलना में 2022 में 15% ज्यादा बच्चे मोटापे का शिकार हैं।

    गांवों के मुकाबले शहरी लोगों में मोटापे की समस्या ज्यादा
    राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार, देश में 15 से 49 वर्ष की महिलाओं में मोटापा बढ़ा है। 13% शहरी महिलाएं और 6% ग्रामीण महिलाएं मोटापे से ग्रस्त हैं। यानी ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरी इलाकों की महिलाओं में मोटापा दो से ढाई गुना ज्यादा है। गांवों में 2% पुरुष मोटे हैं, जबकि शहर में 9% पुरुष मोटापे से ग्रस्त हैं।

  • भारतीय जनता मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष बने डिग्री लाल सिदार…

    भारतीय जनता मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष बने डिग्री लाल सिदार…


    सिदार समाज सेवक के साथ मजदूरों के मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हैं….

    रायगढ़। भारतीय जनता मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शांत प्रकाश जाटव व छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर प्रकाश अनंत जी के अनुशंसा पर डिग्री लाल सिदार खरसिया निवासी को भारतीय जनता मजदूर संघ रायगढ़ का जिला अध्यक्ष के पद पर नियुक्त किया गया। इस संघ का उद्देश्य देश में संगठित व असंगठित क्षेत्र में श्रमिकों व उनके परिवारों को कल्याण हेतु कार्य करना है।
                       ज्ञात हो कि देश में अनेक क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों का अलग अलग संगठन बना हुआ है। चाहे वह शासकीय हो या प्राइवेट सभी क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों ने अपने अधिकारों की सुरक्षा के लिए संघ बनाये गए हैं। इसी तारतम्य में रायगढ़ जिले के खरसिया में रहने वाले सक्रिय समाजसेवक व मजदूरों की आवाज को बुलंद कर शासन प्रशासन तक पहुंचाने वाले डिग्री लाल सिदार को जिला रायगढ़ मजदूर संघ का अध्यक्ष बनाया गया है। इस बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद जिला अध्यक्ष श्री सिदार ने कहा कि जो जिम्मेदारी राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष ने मुझे दी है। उसे में ईमानदारी और निष्ठा से निभाऊंगा संगठन को मजबूत करने का काम करूंगा और इस क्षेत्र में श्रमिकों के कल्याण हेतु संगठन को मजबूत और क्षेत्र में मजदूरों के हित में कार्य करने के लिए हमेशा तत्पर रहूंगा।
    भारतीय जनता मजदूर संघ देश में संगठित व असंगठित क्षेत्र में श्रमिकों व उनके परिवारों को कल्याण हेतु विभिन्न रूप में कार्य कर रहा है सरकार द्वारा श्रमिकों के लिए दी जा रही योजनाओं के बारे में कैंप लगाकर छोटी गोष्ठियां कर अवगत करना संघ का मुख्य उद्देश्य है। श्रमिक कल्याण व सहयोग हेतु संघ ने इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए सम्पूर्ण राष्ट्र में संगठन का विस्तार करने की योजना बनाई है। डिग्री लाल सिदार को जिम्मेदारी देते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष व प्रदेशाध्यक्ष ने खुशी व भरोसा किया है कि डिग्री लाल सिदार जी इस क्षेत्र में कार्य कर इस क्षेत्र से जुड़े श्रमिकों के कल्याण हेतु कार्य करने हेतु ऊर्जावान कार्यकर्ता बनकर अपने जिले के श्रमिकों को संगठन से जोड़ेगे, संगठन की राष्ट्रवादी विचारधारा को सभी सहयोगी कार्यकर्ताओं के माध्यम से जन-जन तक पहुंचाएगे।

  • वी क्लब्स खरसिया सिटी का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न,गत वर्ष क्लब ने किए थे 80 सामाजिक कार्य…

    वी क्लब्स खरसिया सिटी का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न,गत वर्ष क्लब ने किए थे 80 सामाजिक कार्य…



    खरसिया। द एसोसिएशन ऑफ वी क्लब्स ऑफ इंडिया की संस्था का शपथ ग्रहण समारोह खरसिया के स्पाइस ऑफ पंजाब होटल में संपन्न हुआ, जिसमे वी ललिता अग्रवाल ने अध्यक्ष की पद संभाली, वी अनीता शिव अग्रवाल को सचिव एवं वी सुधा अग्रवाल को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई।


    कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि एवं शपथ अधिकारी वी अर्चना मिश्रा और एरिया सचिव वी सावित्री चंद्रा के आगमन पर हुआ। एरिया ऑफिसर एवं शपथ अधिकारी वी अर्चना मिश्रा के साथ मिलकर सभी ने दीप प्रज्वलन किया तत्पश्चात ध्वज वंदना की गई। अतिथियों का श्रीफल एवं पुष्प माला से स्वागत करने के बाद क्लब के एजेंडें को सभी के सामने रखा गया जिसके तहत वी अनिता शिव अग्रवाल ने बताया कि अंधत्व मुक्ति, अक्षरज्ञान, परोपकार, एकता की परख,जरूरतमंदों की सेवा,राष्ट्रहित, राष्ट्रप्रथम, जागरूकता के कार्यक्रम आदि क्लब के मुख्य एजेंडे  है। क्लब का इस वर्ष गौ सेवा, सामाजिक सेवा, अन्नदान, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, वृद्धजनों की सेवा कार्यक्रम पर विशेष ध्यान है। उन्होनें बताया कि विगत वर्ष क्लब के द्वारा लगभग 80 सामाजिक कार्यक्रम किये गए हैं, गौरतलब है कि यह संस्था पहले लायनेस क्लब के नाम से जानी जाती थी, अब इसे वी क्लब्स में मर्ज कर दिया गया है।


    मुख्य अतिथि ने खरसिया क्लब की कार्यों की सराहना की, कार्यक्रम में पत्रकारिता के क्षेत्र में विशिष्ट भूमिका निभाने वाले खरसिया के पत्रकारगणों को श्रीफल तथा मोमेंटो प्रदान कर उनका सम्मान किया गया, तत्पश्चात राष्ट्रगान किया गया, तथा सहभोज के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। मंच संचालन वी अनिता शिव अग्रवाल के द्वारा किया गया।



    कार्यक्रम में वी ललिता अग्रवाल वी सुधा अग्रवाल वी सुनीता गर्ग वी दुर्गा अग्रवाल वी अंजू गवेल वी सपना अग्रवाल वी स्वीटी अग्रवाल वी सपना शर्मा वी मीना अरोरा वी नीता बंसल वी मंजू गर्ग वी रीटा फोटोवानी वी लता अग्रवाल वी उमा गोयल वी  शिवांगी अग्रवाल वी अनीता शिव अग्रवाल और वी मनजीत कौर सलूजा वी बीना रॉय और शैल गवेल सहित प्रेस क्लब अध्यक्ष अजय बंसल, सचिव सुनील अग्रवाल, नयनानंद वैष्णव सहित पत्रकारगण प्रह्लाद बंसल, कैलाश शर्मा के साथ महिला पत्रकार पूजा जायसवाल की उपस्थिति रही।

  • प्रत्येक श्रावणी सोमवार को होगी महाआरती – बी के शिव अग्रवाल

    प्रत्येक श्रावणी सोमवार को होगी महाआरती – बी के शिव अग्रवाल


    खरसिया। बीके शिव अग्रवाल ने बताया कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय खरसिया द्वारा खरसिया अग्रेसन भवन में प्रत्येक श्रावणी सोमवार को शाम 6.30 से 7.30 को परमात्म परिचय एव मेडिटेशन के साथ साथ महाआरती का प्रोगाम करने का निर्णय लिया गया है जिसमें ब्रम्हकुमारी माधुरी बहन ने समस्त खरसिया वासियो भक्तो से एवं शिव परमात्मा के प्रेमियो से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में परमपिता परमात्मा का संदेश सुन मेडिटेशन कर महाआरती में भाग लेकर पुण्य के भागीदार बने।

  • छात्राओं को वितरण किया गया सायकल….

    छात्राओं को वितरण किया गया सायकल….


    खरसिया। 24 जुलाई 2024 को स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय खरसिया में छत्तीसगढ़ शासन की महती योजना “सरस्वती सायकल वितरण योजना”के अंतर्गत 43 छात्राओं को निः शुल्क सायकल का वितरण किया गया । इस अवसर पर सतीश अग्रवाल (मंडल अध्यक्ष खरसिया), साहिल शर्मा महामंत्री युवा मोर्चा , मनीष रावलानी भाजयुमो जिला कार्यसमिति सदस्य एवम विद्यालय के प्राचार्य रामनिवास नागवंशी एवम शिक्षकों के साथ ही विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों की गरिमामय उपस्थिति रही। इस अवसर पर सतीश अग्रवाल द्वारा विद्यालय के छात्राओं को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं प्रदान करते हुए अध्ययन के लिए प्रेरित किया गया।

  • सावन की बरसे बदरिया, चलो बाबा की नगरियाबाबा बैद्यनाथ की अलौकिक कांवड़ यात्रा….

    सावन की बरसे बदरिया, चलो बाबा की नगरियाबाबा बैद्यनाथ की अलौकिक कांवड़ यात्रा….


    खरसिया। प्राचीन ग्रंथो एवं पुराणो में बाबा बैद्यनाथ का विशेष महत्व है और सावन के महीने में जो पैदल यात्रा कर गंगा जल चढ़ाकर बाबा को रिझाता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है। हर साल खरसिया एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रो से हजारो बोलबम भक्त अपने-अपने ग्रुप के साथ बाबा का जलाभिषेक करने देवघर जाते है और जो एक बार बाबा की यह अलौकिक यात्रा कर लेता है वह हर वर्ष बेसब्री से सावन का इंतजार करता है एवं सुल्तानगंज से देवघर की इस पैदल यात्रा में बाबा की मस्ती में झूमने लिए बेकरार रहता है। भक्तो सुल्तानगंज से बाबा बैद्यनाथ धाम की कांवड़ यात्रा विश्व में एक ऐसी अलौकिक कांवड़ यात्रा है जिसमें रोजाना लाखो लोग सावन के महीने में लगातार चलते है और बाबा को जल चढ़ाकर अपने मनोरथ पूर्ण करते है। हिन्दुस्तान में शिव भोले की कांवड़ यात्रा तो अनेक तिर्थो से प्रारम्भ होती है तथा बाबा को जल चढ़ाया जाता है किन्तु बाबा बैद्यनाथ जैसी कांवड़ यात्रा आपने न तो कही देखी होगी और न कही सुनी होगी। जीवन में एक बार अवश्य बाबा बैद्यनाथ की कांवड़ यात्रा में शामिल होवें।
    औघड़दानी भी कर रहे अपने भक्तो का बेसब्री से इंतजार
    जैसे भक्त अपने प्रभु शिवशंकर, बाबा बैजु, नीलकंठ, भूतनाथ एवं जिनके अनंत नाम है उस देवादि देव महादेव के दीदार के लिए आतुर रहते है वैसे ही श्रावण मास आते ही बाबा भोले को भी अपने भक्तो के आने इंतजार रहता है और छत्तीसगढ़ के बम भाईयों के उपर तो बाबा की विशेष कृपा रहती है।
     
    अशोक अग्रवाल (पत्रकार)- बाबा भोलेनाथ के आशीर्वाद एवं विशेष कृपा से लगातार 36वें वर्ष भी बाबा बैद्यनाथ की कांवड़ यात्रा में परिवार सहित जाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। बाबा बैद्यनाथ एवं बाबा बासुकीनाथ बोलबम कांवड़िया भक्तो के सभी मनोरथ पूर्ण करते है। बाबा की असीम कृपा से ही मुझे सब कुछ प्राप्त हुआ है तथा वर्षो बाद मुझे पुत्र रत्न की प्राप्ति भी बाबा की असीम कृपा से हुई है। बाबा बैद्यनाथ धाम की पैदल यात्रा अलौकिक यात्रा है। बाबा बैद्यनाथ जैसा धाम पुरे संसार में कही भी नही है। वहां जाने से परम आनंद की प्राप्ति होती है। फैमिली कांवड़िया संघ खरसिया की ओर से इस वर्ष भी 82 से अधिक बोल बम साथी 05 अगस्त को बाबा के दीदार के लिए रवाना होंगे।
    सुनील बंसल- वैसे तो साल के 12 महीने भगवान भोलेशंकर की पूजा अर्चना की जाती है किंतु श्रावण माह में भगवान शंकर की पूजा अर्चना को विशेष महत्व दिया गया है। मै सावन महिने में बाबा बैद्यनाथ धाम में जैसे ही कांवड़ चढ़ाता हूं मुझे पुनः सावन माह की प्रतिक्षा होने लगती है। बाबा की कृपा से इस वर्ष 38वीं कावड़ चढ़ाने का सौभाग्य मिला है।
    सुभाष पप्पू ठेकेदार- मुझे बाबा बैद्यनाथ की कांवड़ यात्रा का साल भर जुनुन रहता है। इस वर्ष 38वीं कांवड़ चढ़ाने का सौभाग्य मिला है। बाबा बैद्यनाथ की विशेष कृपा से मुझे वह सब कुछ मिला है जो मुझे और मेरे परिवार को चाहिए। बाबा के आशीर्वाद से मै परिवार सहित प्रत्येक वर्ष कांवड़ चढ़ाता हूं। बाबा से मेरी प्रार्थना है कि जीवन भर मुझे यह अवसर प्रदान करते रहें। आप सभी से मेरा आग्रह है कि एक बार बाबा की कांवड़ यात्रा का आनंद जरूर उठायें।
    रतन अग्रवाल- नवयुवक कांवड़िया संघ विगत 37 वर्षो से बाबा की नगरी बैद्यनाथ धाम जाते है और 100 कि.मी. के लगभग पैदल कांवड़ लेकर यात्रा कर बाबा भोलेनाथ को अरदास लगाते है कि बाबा भोलेनाथ हमारे खरसिया नगर की खुशहाली के लिए अपना आशीर्वाद हमेशा बनाये रखना।
    बन्टी सोनी- विगत 35 वर्षो से प्रतिवर्ष बाबा की कांवड़ उठाकर जलाभिषेक करते आ रहे है। बाबा बैद्यनाथ से यही प्रार्थना करते है बाबा नगर में सुख समृद्धि बनाये रखे एवं हमारी सभी मनोकामना पूर्ण करें।
    राजेश घन्सु- सावन आते ही मेरे मन में सेवा की भावना उत्पन्न हो जाती है और कांवड़ यात्रियों की सेवा करने का सौभाग्य प्राप्त होता है। मै सावन महिना का बेसब्रीं से इंतजार करता हूं और बाबा का दर्शन करने हम पूरी टोली के साथ बैद्यनाथ धाम जाते है।
    सौरभ मोन्टी- भोलेनाथ के आशीर्वाद से 17वें वर्ष बाबा की कांवड़ चढ़ाने का सौभाग्य मुझे मिला है एवं इस वर्ष भी बैजु कांवड़िया संघ खरसिया के 80 कांवड़ियों के साथ बाबा के दरबार पहुंचकर बाबा का जलाभिषेक करेंगे। बाबा से प्रार्थना है कि सभी कांवड़िया बंधुओ की मनोकामना पूर्ण करें।
    प्रदीप बाराद्वार- बाबा बैद्यनाथ के विशेष आशीर्वाद से इस वर्ष बाबा की 29वीं कांवड़ चढाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। बाबा की इस कांवड़ यात्रा में 100 कि.मी. पैदल चलने के बाद जब बाबा को गंगा जल चढ़ाता हूं तो जो मन में अनूभूति प्राप्त होती है उसे शब्दों में बताया नही जा सकता। मैं बाबा से प्रार्थना करता हूं की हमारी बाराद्वार नगरी से जाने वाले एवं अन्य बोल बम कांवड़िया साथियों के सभी मनोरथ पूर्ण करें।
    बसंत अग्रवाल (कांसाबेल) बिलासपुर- बाबा बैजु के आशीर्वाद से इस वर्ष बाबा को 27वीं कांवड़ चढ़ाने जा रहा हूं, और आपको यह बताना चाहता हूं की सभी के लिए सन्यासी या साधु बनना संभव नही है लेकिन 5 दिन की इस कांवड़ यात्रा में साबुन, तेल, कंघी, शीशा, गद्दा एवं अन्य सांसारिक वस्तुओं का पूर्णतः त्याग करते है और निस्वार्थ भाव से बाबा की कांवड़ चढ़ाते है और साल में यही 5 दिन हम सन्यासी वाली जिंदगी जीते है। मेरा यह मानना है की वर्ष में एक बार इस 100 कि.मी. की अकाल्पनिक पैदल यात्रा से शरीर भी स्वस्थ रहता है और मन की भी सारी दुविधाएं दुर हो जाती है।
    विधी आशीष बंसल कोरबा- मेरे ऊपर तो बाबा की हमेशा ऐसी कृपा रही की मैने जब से जन्म लिया बाबा के दरबार में जाती रही। मेरे विवाह से पूर्व मैने 12 कांवड बाबा को अर्पण की, यह उसी का प्रताप है कि मैने जैसा वर मांगा वह पाया तथा बाबा ने हमेशा मेरी झोली भरी। लेकिन कई वर्षो से बाबा का बुलावा नही आ रहा था किन्तु बाबा ने फिर से कृपा करी और विगत 2 वर्षो से मैं बाबा को कांवड़ चढ़ाने जा रही हूं। मेरी बाबा से बस अब यही प्रार्थना है की वह जीवन मे कम से कम एक बार सभी को यह अवसर प्रदान करें। 
    राखी आनंद नहाडिया रायगढ़- सावन महीना शिव जी के साथ ही शिव भक्तो के लिए भी खास होता है। इस माह में कांवड़ यात्रा का विशेष महत्व रहता है। इस कांवड यात्रा की विशेष बात यह है कि यहां भक्त ऊंच-नीच, जात-पात, अमीर-गरीब के भेदभाव से परे एक परिवार की तरह मस्ती में नाचते-गाते कब देवघर पहुंच जाते है पता ही नही चलता यह सब बाबा की कृपा और फैमिली कांवडिया संघ खरसिया का प्यार एवं सुपर मैनेजमेंट और सभी कांवडिया भाईयो का आपसी सहयोग और सामंजस्य ही होता है। फैमिली कांवडिया संघ खरसिया जैसे सुपर ग्रुप के साथ हमे 10 साल बाबा की कांवड चढ़ाने का सौभाग्य मिला। ये बाबा की विशेष कृपा है।
    निधी अभिषेक बोंदिया कोरबा- सावन आते ही बाबा बैद्यनाथ की याद आने लगती है, मैने बचपन से ही मेरे मम्मी-पापा, चाचा-चाची एवं खरसिया के बाबा भक्तो के साथ 16 कांवड चढ़ाई है, इस साल मै बाबा बैद्यनाथ की 17वीं कांवड़ चढ़ाने अपने परिवार के साथ जा रही हूं, मैने आज तक बाबा से जो मांगा वो पाया है, बाबा से प्रार्थना है की मेरी कांवड़ यात्रा को सफल करे।