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  • रायगढ़ और खरसिया में नए तहसीलदारों की तैनाती…

    रायगढ़ और खरसिया में नए तहसीलदारों की तैनाती…

    रायगढ़। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने जिले के दो महत्वपूर्ण तहसीलों में बदलाव किए हैं। रायगढ़ तहसीलदार के रूप सेवाएं दे रहे लोमस मिरी को खरसिया भेजा गया है। वहीं खरसिया तहसीलदार शिवकुमार डनसेना को रायगढ़ की कमान दी गई है। राजनीतिक परिदृश्य से देखें तो दोनों तहसीलें जिले की सबसे हॉट सीट हैं।

  • IAS सहित अधिकारियों पर हमला करने के मामले में कोर्ट का फैसला, JCB और कार से कुचलने की कोशिश करने वाले 4 आरोपियों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास…

    IAS सहित अधिकारियों पर हमला करने के मामले में कोर्ट का फैसला, JCB और कार से कुचलने की कोशिश करने वाले 4 आरोपियों को 10-10 वर्ष का सश्रम कारावास…

    रायगढ़। आईएएस अधिकारी मयंक चतुर्वेदी सहित खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों पर जेसीबी से हमला करने के 4 आरोपियों को विशेष न्यायाधीश जितेंद्र जैन ने आरोपियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अवैध उत्खनन पर कार्यवाही करने के लिए अधिकारी पहुंचे थे। घटना 12 अप्रैल 2019 के रात 12.30 बजे की है।

    रायगढ़ के तत्कालीन सहायक कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, खनिज विभाग के अधिकारियों तत्कालीन उप संचालक खनिज शिवशंकर  नाग, खनिज निरीक्षक राकेश वर्मा, घनश्याम दीवान व निलांबर यादव के साथ सारंगढ़ के टिमरलगा के आसपास अवैध उत्खनन और परिवहन की शिकायत मिलने पर जांच के लिए पहुंचे थे। आरोपियों द्वारा जांच के दौरान सहायक कलेक्टर सहित अन्य अफसरों के ऊपर जेसीबी चढ़ाने का प्रयास किया गया था, वहीं कार से भी कुचलने की भी कोशिश की गई थी। इस मामले में आरोपियों के खिलाफ  धारा 147,186 एवं धारा 149, 353, 341, 307 एवं अनुसूचित जाति एवं अनसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3 (वी) के तहत एफआईआर किया गया था।

    इस मामले में विशेष न्यायधीश जितेन्द्र कुमार जैन ने आरोपियों को 10-10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दस हजार रूपए जुर्माना भी लगाया है। जिसमें टिमरलगा निवासी आरोपी कन्हैया पटेल, हरिचरण पटेल, लोकनाथ पटेल, लालसाय निषाद को 10 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। वहीं घटना में प्रयुक्त जेसीबी, मोटर साइकिल और कार को राजसात करने के आदेश दिए गए हैं।

  • राज्य सरकार ने सभी अभियंताओं को जारी किया परिपत्र, दिए ये निर्देश….

    राज्य सरकार ने सभी अभियंताओं को जारी किया परिपत्र, दिए ये निर्देश….

    रायपुर। राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग ने नदियों पर बने पुलों के दोनों ओर अस्थाई बैरियर, रिफ्लेक्टर और साइन-बोर्ड लगाने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने मैदानी अधिकारियों को क्षतिग्रस्त पुलों की रेलिंग एवं क्रैश बैरियर का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य कराने को कहा है। उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री अरुण साव के निर्देश पर प्रमुख अभियंता ने वर्षा ऋतु में अतिवृष्टि से जान-माल की सुरक्षा और सुरक्षित यातायात के लिए सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंताओं, सभी मंडलों के अधीक्षण अभियंताओं एवं संभागीय कार्यपालन अभियंताओं को परिपत्र जारी किया है। उन्होंने सभी अधीक्षण अभियंताओं को हर 15 दिनों में अनुविभागीय अधिकारियों और कार्यपालन अभियंताओं के साथ इस संबंध में की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

    लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता के.के. पीपरी ने परिपत्र में निर्देशित किया है कि ऐसे सभी स्थानों और मार्गों जिनमें वर्षा ऋतु में आम जनता के लिए समस्या की स्थिति उत्पन्न होती है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। बारिश के दिनों में अतिवृष्टि से मार्गों पर विद्यमान नदी-नालों पर बाढ़ एवं कई स्थानों में सड़क डूबने जैसी स्थिति निर्मित होती है। इन स्थितियों में जान एवं माल की सुरक्षा तथा कार्यस्थलों पर सुरक्षित कार्य के लिए समुचित व्यवस्था किया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने ऐसे सभी स्थानों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिए हैं जहां वर्षा ऋतु के दौरान मार्ग एवं पुल के डूबने की स्थिति निर्मित होती है।

    प्रमुख अभियंता ने सभी जलमग्नी पुलों के दोनों ओर अस्थाई बैरियर, रिफ्लेक्टर और साइन-बोर्ड की व्यवस्था के निर्देश दिए हैं जिससे बाढ़ या पुल के जलमग्न होने की स्थिति में यातायात को बंद किया जा सके। जलमग्न होने वाले स्थानों के दोनों ओर आवश्यक सूचना पटल लगाकर राहगीरों को सूचित किया जाए कि मार्ग जलमग्न हो सकता है। जलमग्न होने की स्थिति में रूके। उन्होंने सभी क्षतिग्रस्त पुलों की रेलिंग एवं क्रैश बैरियर का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया है।

    विभाग द्वारा जारी परिपत्र में अतिवृष्टि वाले क्षेत्रों की लगातार समीक्षा करने तथा बाढ़ नियंत्रण के लिए टीम गठित करने को कहा गया है। जलमग्न होने की स्थिति में टीम चौबीसों घंटे काम करेगी। विभाग के कार्यपालन अभियंताओं को अतिवृष्टि की स्थिति में जिले में गठित बाढ़ नियंत्रण प्रकोष्ठ के लगातार संपर्क में रहने को कहा गया है। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर कार्यपालन अभियंता अपने अधीनस्थों के साथ तत्काल तत्परता से कार्यवाही करेंगे। प्रमुख अभियंता ने डूबान क्षेत्र में आने वाले सड़कों के आसपास संधारण के लिए पर्याप्त मटेरियल की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि मार्ग क्षतिग्रस्त होने की स्थिति में तत्काल सुधार किया जा सके।

    लोक निर्माण विभाग ने निर्माणाधीन और चौड़ीकरण के प्रगतिरत कार्यों वाले मार्गों में भी सभी आवश्यक सावधानी सूचक चिन्ह, रिफ्लेक्टिव साइन-बोर्ड, सेफ्टी रिबन्स, गार्ड स्टोन्स, चूना पोताई हुई बोरियाँ आदि की हर समय उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निर्माणाधीन पुल-पुलियों में किसी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो, इसका भी ध्यान रखने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए हैं। वर्षा ऋतु में किसी भी अप्रिय स्थित से बचने सभी शासकीय भवनों का सावधानीपूर्वक निरीक्षण करने कहा गया है। विभाग ने सभी संवेदनशील स्थानों तथा मार्गों के किलोमीटरों पर सतत व चैतन्य दृष्टि रखने के लिए उप अभियंताओं और अनुविभागीय अधिकारियों की नामजद ड्यूटी लगाकर प्रमुख अभियंता कार्यालय तथा राज्य शासन को अवगत कराने को कहा है।

  • कोलकाता मेडिकल कॉलेज मामले में हाईकोर्ट ने केस सीबीआई को सौंपा, ममता सरकार से सवाल- “समय बर्बाद हुआ तो गड़बड़ होगी, आप कैसे आश्वस्त कर सकते हैं कि गड़बड़ नहीं होगी”

    कोलकाता मेडिकल कॉलेज मामले में हाईकोर्ट ने केस सीबीआई को सौंपा, ममता सरकार से सवाल- “समय बर्बाद हुआ तो गड़बड़ होगी, आप कैसे आश्वस्त कर सकते हैं कि गड़बड़ नहीं होगी”


    पश्चिम बंगाल हाईकोर्ट ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल का बयान नहीं दर्ज करने पर ना केवल फटकार लगाई है बल्कि टिप्पणी की “वे इतने शक्तिशाली हैं कि सरकारी वकील उनका प्रतिनिधित्व कर रहा है।”


    मेडिकल छात्रा से रेप और हत्या मामला

    कोलकाता हाईकोर्ट – हम मामले को CBI को सौंपते है

    कोलकाता हाईकोर्ट ने कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में मेडिकल छात्रा के बलात्कार और हत्या मामले की जाँच सीबीआई को सौंप दी है। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार पर नाराजगी भी जताई है। हाईकोर्ट ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को लेकर भी अप्रसन्नता ज़ाहिर की। हाईकोर्ट ने इस मसले पर जारी चिकित्सकों के आंदोलन की भावना को सही बताते हुए कहा “घटना बेहद भयानक है, हम प्रेस को चुप नहीं करा सकते। डॉक्टरों को अपनी भावनाएँ व्यक्त करने

    का पूरा हक़ है।”

    राज्य से तीखे सवाल किए हाईकोर्ट ने

    कोलकाता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस टी एस शिवगनम और जस्टिस एच भट्टाचार्य की पीठ ने 9 अगस्त को 31 वर्षीय मेडिकल छात्रा के बलात्कार और हत्या मामले में दायर विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई की। हाईकोर्ट ने मेडिकल छात्रा के माता पिता से भी याचिका स्वीकार की। याचिकाओं में यह माँग थी कि, मामले को सीबीआई को ट्रांसफ़र किया जाए। राज्य की ओर से कोर्ट को आश्वस्त करने के लिए दिए तकों से हाईकोर्ट संतुष्ट नहीं हुई। राज्य की ओर कहा गया -“मामले को तेज़ी से निपटाया जा रहा है।” इस पर हाईकोर्ट ने कहा -“ऐसी आशंका है कि अगर समय बर्बाद हुआ तो कुछ गड़बड़ हो सकती है, आप कैसे आश्वस्त करते हैं कि, ऐसा नहीं होगा।”

    मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल पर हाईकोर्ट की टिप्पणी

    इस मामले को लेकर जितनी भी याचिका हाईकोर्ट में दायर हैं उन सभी में अस्पताल प्रशासक प्रिंसिपल संदीप कुमार घोष को लेकर टिप्पणियाँ हैं, और उन्हें बेहद प्रभावशाली बताया गया है। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार से इस मसले पर तीखे सवाल किए। हाईकोर्ट ने तत्कालीन प्रिंसिपल संदीप घोष को लेकर कहा -“यह समझना मुश्किल है कि, प्रिंसिपल ने इस्तीफ़ा दिया लेकिन इस्तीफ़े पर क्या आदेश हुआ। इस्तीफ़े के बाद 22 अगस्त को उन्हे एनएमसी कोलकाता का प्रिंसिपल बना दिया गया, तो फिर उन्होंने इस्तीफ़ा क्यों दिया।” याचिकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट से कहा -“जिस प्रिंसिपल ने इस्तीफ़ा दिया वह इतना शक्तिशाली है कि कोई भी उसे छू नहीं सकता।” इस पर राज्य सरकार ने कहा – “विस्तृत जाँच की गई है। सीसीटीवी में जो भी व्यक्ति दिखाई दिया है, उसके बयान दर्ज किए गए हैं। जाँच उचित तरीके से जारी है। हमने एक को गिरफ़्तार किया है।” इस पर हाईकोर्ट ने कहा – “प्रिंसिपल सभी काम करने वाले डॉक्टरों के अभिभावक हैं। अगर उन्होंने कोई सहानुभूति नहीं दिखाई तो और कौन दिखाएगा?” इसके बाद हाईकोर्ट ने कहा -“वह पहला व्यक्ति है, जिसका बयान दर्ज किया जाना चाहिए था। वह संस्था का मुखिया है और क़ानून से उपर नहीं हैं। वे सरकारी अधिकारी हो सकते हैं, लेकिन आप क्यों सुरक्षा कर रहे हैं.. वे इतने शक्तिशाली हैं कि, सरकारी वकील उनका प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। बयान ही आधार है सर! कुछ कमी है।”

    सुबह दस बजे सीबीआई को केस डायरी सौपें

    हाईकोर्ट ने पूरे मामले की जाँच सीबीआई को सौंपे जाने का फैसला देते हुए कहा है कि, सभी याचिकाओं जिनमें पीड़िता के माता पिता की याचिका भी शामिल हैं उन्होंने स्वतंत्र निकाय से जाँच कराने का निर्देश देने की माँग की है, ताकि सबूतों के साथ छेड़छाड ना हो। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से कहा- “केस डायरी और अन्य रिकॉर्ड सुबह दस बजे तक सीबीआई को सौंप दीजिए।”

    डॉक्टरों से कोर्ट ने कहा

    याचिका की सुनवाई के अंतिम दौर में जबकि कोर्ट ने सीबीआई जाँच का आदेश कर दिया, हाईकोर्ट ने चिकित्सा पेशे के सदस्यों से आंदोलन वापस लेने का आग्रह किया। हाईकोर्ट ने कहा – “हम डॉक्टरों और छात्रों तथा आर जी कर मेडिकल कॉलेज के छात्रों द्वारा व्यक्त की गई भावनाओं की सच्ची सराहना करते हैं। हालाँकि डॉक्टरों की ओर से अपने रोगियों का इलाज करना एक पवित्र दायित्व है, खासकर उन रोगियों का जो समाज के संपन्न वर्ग से नहीं बल्कि सरकारी अस्पताल में आते हैं। इसीलिए हम चिकित्सा पेशे के सदस्यों से अपील करेंगे कि, राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा करें और अपना आंदोलन वापस लें ताकि अस्पताल आने वाले लोगों को परेशानी न हो।”

  • छत्तीसगढ के कटघोरा में खुलेगी देश की पहली लीथियम खदान , लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में 10 से 2 हजार पीपीएम लीथियम कंटेन्ट की उपलब्धता…

    छत्तीसगढ के कटघोरा में खुलेगी देश की पहली लीथियम खदान , लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में 10 से 2 हजार पीपीएम लीथियम कंटेन्ट की उपलब्धता…

    छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर उनके प्रतिनिधि के रूप में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित नेशनल मिनिरल एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट की 6ठवीं गवर्निंग बॉडी मीटिंग में शामिल हुए। बैठक में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में खनिजों का दोहन और उनके उपयोग के साथ प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण पर चर्चा हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित कटघोरा क्षेत्र की भी चर्चा हुई। जिओलाजिकल सर्वे आफ इंडिया में कटघोरा के लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में लीथियम के बड़ा भंडार होने की पुष्टि हुई है।

    मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रतिनिधि के रूप में बैठक में उपस्थित रहने वाले राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जानकारी देते हुए कहा है कि कटघोरा में शीघ्र ही शुरू होने वाली लीथियम की खदान देश की पहली लीथियम खदान होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लीथियम एक अहम धातु है जिससे राज्य और देश विकास की नई दिशा की तरफ अग्रसर होंगे। उन्होंने कहा कि लीथियम खदान के शुरु हो जाने से छत्तीसगढ़ आने वाले समय में देश के अग्रणी राज्यों में से एक होगा और विकसित भारत, 2047 के योगदान में छत्तीसगढ़ के लीथियम भंडार का बड़ा योगदान होगा।

    गौरतलब है कि भारत सरकार के खान मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ सहित बिहार, गुजरात, झारखण्ड, ओडिशा, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर में स्थित 20 क्रिटिकल एंड स्ट्रेटेजिक मिनरल ब्लॉक्स का ई-नीलामी के माध्यम से आबंटन हेतु एमएसटीसी पोर्टल में एनआईटी जारी किया गया है।

    इन 20 ब्लॉक्स में से छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में स्थित कटघोरा क्षेत्र में लिथियम एंड आरईई ब्लॉक भी शामिल है। लगभग 250 हेक्टेयर क्षेत्र में जीएसआई द्वारा प्रारंभिक सर्वे में लगभग 10 पीपीएम से 2 हजार पीपीएम लिथियम कन्टेन्ट पाया गया है। ब्लॉक में रेयर अर्थ एलिमेंट की भी उपस्थिति पाई गई है। क्रिटिकल एंड स्ट्रेटेजिक मिनरल्स की आवश्यकता रिन्यूवेबल एनर्जी, रक्षा, कृषि, फार्मास्युटिकल, उच्च-तकनीकी इलेक्ट्रानिक्स, दूरसंचार, परिवहन आदि में होती है। इस खनिज के मामलों में वर्तमान में देश आयात पर निर्भर है।

  • छाल खदान से कोयला परिवहन में लगे वाहनों के थमे पहिए….

    छाल खदान से कोयला परिवहन में लगे वाहनों के थमे पहिए….

    खरसिया। छाल खदान में लोड करने वाली गाड़ियों के रास्ते अत्यंत जर्जर होने की वजह से मेन रोड धरमजयगढ़ खरसिया स्टेट हाइवे के खेदापाली से लेकर छाल घरघोड़ा चौक तक जाम लगता था जिस वजह से आज यूनियन द्वारा आम राहगीरों को होने वाली परेशानियों एम्बुलेंस एवं अन्य नागरिकों के जाम में फंसने से बहुत दिक्कत का सामना करना पड़ता था जिस वजह से आज रायगढ़ जिला ट्रेलर मालिक कल्याण संघ छाल इकाई द्वारा पूर्ण रूप से वाहनों को खड़ा कर दिया गया।

    जारी विज्ञप्ति में कहां गया है कि जब तक रोड रास्ते नहीं बनेंगे तब तक गाड़ियों का संचालन नहीं किया जाएगा। मौक़े पर एस ई सी एल के डिटी एस ई सी एल के जी एम रायगढ़ क्षेत्र एस ई सी एल के छाल उपक्षेत्रीय प्रबंधक एस ई सी एल के एरिया सेल्स ऑफिसर रायगढ़ एरिया एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में ट्रक यूनियन के साथ चर्चा हुई जिसमें यूनियन द्वारा एक ही शब्द का प्रयोग किया गया जिसमें की रोड बनाओ हम गाड़ियों का संचालन करेंगे।

    जबतक रोड रास्ते नहीं बनाया जाएगा तब तक हम अपनी गाड़ियों का संचालन नहीं करेंगे एवं ना किसी की भी गाड़ियों का संचालन नहीं करने देंगे
    डोलनारायण पटेल
    अध्यक्ष छाल इकाई RJTMKS

    रोड रास्ते ख़राब होने की वजह से हमारी गाड़ियों में अत्यंत छति हो रही है एवं खदान के रोड रास्ते सही नहीं होने की वजह से स्टेट हाइवे में जाम लग रही है जिससे आम राहगीरों एवं एम्बुलेंस में आने जाने वाले मरीजों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है
    आकाश अग्रवाल
    मिडिया प्रभारी

  • मंत्री ओपी चौधरी ने राज्य जीएसटी के जॉइंट कमिश्नर को किया निलंबित, अधिकारी पर कोचिंग सेंटर संचालक से रिश्वत मांगने का आरोप…

    मंत्री ओपी चौधरी ने राज्य जीएसटी के जॉइंट कमिश्नर को किया निलंबित, अधिकारी पर कोचिंग सेंटर संचालक से रिश्वत मांगने का आरोप…

    रायपुर। कोचिंग व्यवसायी को मानसिक प्रताडित करने और रिश्वत मांगने की शिकायत पर वित्त, वाणिज्यिक कर (जीएसटी) मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर राज्य जीएसटी के जॉइंट कमिश्नर को निलंबित किया गया है.

    बता दें कि बिलासपुर के एक कोचिंग व्यवसायी ने अधिकारी के विरूद्ध अभद्र व्यवहार, मानसिक प्रताडना व रिश्वत मांगने की शिकायत की थी. इस मामले में मंत्री चौधरी के निर्देश पर राज्य कर विभाग (राज्य जीएसटी) बिलासपुर संभाग क्रमांक-2 के संयुक्त आयुक्त दीपक गिरी को निलंबित किया गया है. मंत्री ओपी चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को राजस्व वृद्धि के लिए कार्य करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन इसके लिए व्यवसायियों को प्रताडित या परेशान करने की शिकायत को गंभीरता से लेने की चेतावनी भी दी है. मंत्री ने विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में इस प्रकार की शिकायत मिलती है तो आगे भी कठोर कार्रवाई की जाएगी.

  • छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराने की तैयारी!,आम लोगों से मांगे गए सुझाव…

    छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराने की तैयारी!,आम लोगों से मांगे गए सुझाव…

    वन नेशन वन इलेक्शन…इसकी चर्चा देश भर में हो रही है,वहीं इस पर छत्तीसगढ़ सरकार भी विचार कर रही है।जिसके चलते छत्तीसगढ़ में होने वाले आगामी नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ होने की संभावना दिखाई दे रही है।

    छत्तीसगढ़ की साय सरकार नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव एक साथ कराने की तैयारी में है। इसके लिए सरकार ने आम लोगों से ई-मेल के माध्यम से सुझाव मांगा है। अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया है।समिति को तीन बिंदुओं पर सरकार को 15 दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।



    सुझाव के लिए निर्धारित प्रारूप सामान्य प्रशासन विभाग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है। सरकार ने एक देश एक चुनाव को आधार मानते हुए इस दिशा में काम करना शुरू किया है। सरकार ने तर्क दिया है कि एक साथ चुनाव कराने से वित्तीय व मानव संसाधन की बचत होगी।


    डिप्टी सीएम अरुण साव ने भी कहा कि देश में वन नेशन-वन इलेक्शन की चर्चा हो रही है। छत्तीसगढ़ सरकार भी इसी दिशा में सोच रही है। निकाय-पंचायती चुनाव एक साथ कराए जाने को लेकर सुझाव मांगे गए हैं। राज्य सरकार ने एक कमेटी का भी गठन किया है, जो सुझावों पर विचार करके तय करेगी। म्युनिसिपल व पंचायती नियमों का भी अध्ययन करेंगे, जिसके बाद समिति की रिपोर्ट पर सरकार निर्णय करेगी।

  • छत्तीसगढ़ पीएससी घोटाला मामले में CBI ने टामन सिंह सोनवानी के घर समेत कई जगहों पर दबिश दी, कार्यवाही जारी…

    छत्तीसगढ़ पीएससी घोटाला मामले में CBI ने टामन सिंह सोनवानी के घर समेत कई जगहों पर दबिश दी, कार्यवाही जारी…


    छत्तीसगढ़ के कथित पीएससी घोटाला मामले में सीबीआई ने छत्तीसगढ़ पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी समेत कई जगहों पर दबिश दी है। अपुष्ट खबरें हैं कि सरबदा से सीबीआई की टीम किसी को अपने साथ ले गई है।

    छत्तीसगढ़ पीएससी घोटाला मामले में सीबीआई की टीम ने धमतरी के सरबदा गाँव में छापा मारा है। सीबीआई सरबदा में पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के घर पर सर्च कार्यवाही कर रही है। सीबीआई के द्वारा पीएससी मामले में ही राज्य के अन्य ईलाकों में भी छापे मारे गए हैं। सीबीआई की टीम बिलासपुर के यदुनंदन नगर भी पहुँची है जहां कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के यहाँ सर्च कार्यवाही जारी है। सीबीआई की टीम पूर्व आईएएस अमृत खलखो के यहाँ भी सर्च कार्यवाही कर रही है। अपुष्ट खबरें हैं कि सरबदा गाँव याने जामन सिंह सोनवानी के गाँव से सीबीआई टीम किसी व्यक्ति को अपने साथ ले गई है, पर वह व्यक्ति कौन है उसकी पहचान नहीं है।

    क्या है पीएससी घोटाला

    2021 में छत्तीसगढ़ पीएससी ने परीक्षाएँ ली थीं। इस भर्ती में कथित रुप से व्यापक भ्रष्टाचार के आरोप बीजेपी ने लगाए थे। बीजेपी ने आरोप लगाए कि, पीएससी की इस भर्ती में कांग्रेस से जुड़े लोगों, आईएएस आईपीएस के बच्चों और पीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के बेहद नज़दीकी रिश्तेदारों का चयन ग़लत तरीक़े से हुआ। इस आरोप को बीजेपी ने युवाओं के साथ छल के रुप में आंदोलन में बदल दिया। यह मामला विधानसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार के खिलाफ प्रमुख मुद्दों में शामिल था। चुनावी रैली में पीएम मोदी भी कांग्रेस के खिलाफ इस मामले का ज़िक्र करते थे। राज्य में सरकार बदली तो मामला सीबीआई को सौंप दिया गया। इसी मामले में सीबीआई सर्च कार्यवाही कर रही है। सीबीआई इसके पहले की तारीख़ों में भी कुछ जगहों पर सर्च कार्यवाही कर चुकी है।

  • खुद के जवाब में उलझता जा रहा है एसईसीएल प्रबंधन, विवाद गहराया, पहले अवलोकन हेतु लिखा पत्र, अब कहा-दी जा चुकी है सूचना…

    खुद के जवाब में उलझता जा रहा है एसईसीएल प्रबंधन, विवाद गहराया, पहले अवलोकन हेतु लिखा पत्र, अब कहा-दी जा चुकी है सूचना…

    कुड़ेकेला। जिले में आरटीआई एक्ट के तहत मांगी गई एक जानकारी को लेकर एसईसीएल प्रबंधन द्वारा जिस तरह का रवैया अपनाया जा रहा है वह बिलकुल भी अप्रत्याशित नहीं है। क्योंकि इस मामले में एसईसीएल प्रबंधन द्वारा पहले भी भ्रामक जानकारी का सहारा लिया गया है। एसईसीएल ने आरटीआई एक्ट के तहत लिखित जानकारी उपलब्ध कराते हुए कहा है कि परियोजना में प्रभावित राजस्व भूमि होने के कारण ग्राम पंचायत की एनओसी जरुरी नहीं है।
    अब प्रबंधन द्वारा एक अन्य मामले में जो सूचना दी गई है वह भी पूरी तरह से भ्रमित करने वाला है। आरटीआई के इस मामले में एसईसीएल प्रबंधन ने पहले पत्र लिखकर आवेदक को जानकारी उपलब्ध कराई कि वृहद जानकारी होने के कारण प्रदान किया जाना संभव नहीं है। अतः आवेदक कार्यालय में उपस्थित हो कर अवलोकन कर सकते हैं। जिसके बाद इस सूचना के लिए आवेदक द्वारा दस्तावेजों के अवलोकन हेतु दिन, तिथि और समय निर्धारित करने के लिए प्रबंधन को पत्र लिखा गया। जिसके तारतम्य में अब एसईसीएल प्रबंधन द्वारा कहा गया है कि इस मामले में आवेदक को 2 पेज की सूचना उपलब्ध करा दी गई है। इस तरह एसईसीएल प्रबंधन द्वारा खुद के भेजे गए पत्र को नकारते हुए 2 पेज की सूचना उपलब्ध करा दिए जाने की बात कही जा रही है। एसईसीएल प्रबंधन द्वारा यह सब कुछ जानबूझकर किया जा रहा है। हालांकि मैनेजमेंट ने लिखा है कि आवेदक के तिथि समय निर्धारित किए जाने संबंधी पत्र से संबंधित कोई भी जानकारी चाहते हैं तो इस कार्यालय को पूर्व सूचना देते हुए कार्यालयीन समय में आकर संबंधित दस्तावेजों का आवलोकन कर सकते हैं। बता दें कि आरटीआई एक्ट के प्रावधान के मुताबिक अवलोकन हेतु दिन समय और तिथि निर्धारित करने की जिम्मेदारी संबंधित पीआईओ की होती है।


    मामला रायगढ़ जिले के छाल एसईसीएल सब एरिया में विस्तार परियोजना से जुड़ा हुआ है। उपयोग कर्ता एजेंसी द्वारा इस एरिया के लिए अलग से प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। इस प्रोजेक्ट संबंधित कुछ जानकारी आरटीआई के तहत मांगी गई है। इस मामले में प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी, जिसमें कहा गया है कि ग्राम पंचायत की एनओसी जरुरी नहीं है, शुरू से ही विवादों में रही है। संभवतः प्रबंधन अपने ही जवाब में उलझ गया है। लेकिन इस बार एक बार फिर से प्रबंधन ने अपने द्वारा ही भेजे गए पत्र को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि इस मामले में 2 पेज की सूचना दी जा चुकी है। यह भी संभव है कि प्रबंधन अब इस पुरे मामले को ही उलझाना चाह रहा है। जिससे कि प्रोजेक्ट से संबंधित किसी भी तरह की अन्य जानकारी सार्वजानिक रूप से सामने न आ सके। हालांकि, मैनेजमेंट की ओर से भेजे गए पहले ही जवाब में यह संदेह गहराता जा रहा है कि इस मामले में अनिवार्य और विधिवत प्रक्रिया का पालन किए बिना ही प्रोजेक्ट के लिए वन मंजूरी ले ली गई है।