खरसिया नगर के प्रतीक गोयल को मिला छत्तीसगढ़ साइंटिस्ट ऑफ द ईयर का अवार्ड…

Written by

in




रायपुर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में 19th छत्तीसगढ़ यंग साइंटिस्ट कांग्रेस का आयोजन हुआ। जिसमे अलग अलग जगह से यंग साइंटिस्ट एकत्रित हुए। जिसमे 20 विभिन्न क्षेत्रों में युवा रिसर्चर्स ने छत्तीसगढ़ एवम देश को और सशक्त बनाने हेतु अपने अपने नवाचार पूरे देश से आए आईआईटी एवम एनआईटी के प्रोफेसर्स के सामने प्रस्तुत किया।

प्रतीक अभी छत्तीसगढ़ एवम देश में स्थापित अनेक लोह और इस्पात उद्योग से जो स्टील स्लैग निकलता है उसका उपयोग भविष्य में गिट्टी के रूप में कैसे किया जाए जिससे स्लैग से होने वाले पर्यावरण प्रदूषण और गिट्टी के लिए खनिज संसाधनों का दोहन कम किया जा सके पर कार्य कर रहे है। दूसरी ओर ये फ्लाई एश (राखड़) की सहायता से सीमेंट का भी विकल्प निकालने पर भी रिसर्च कर रहे है। उन्होंने बताया कि 1 टन सीमेंट के उत्पादन में लगभग 1 टन कार्बन डाइऑक्साइड गैस का उत्सर्जन होता है क्योंकि सीमेंट में लगने वाले चुना को 1450 डिग्री तापमान से प्रोसेस कर सीमेंट निर्माण किया जाता है जिससे पर्यावरण को काफी नुकसान होता है ये समय अब दूर नही की घर बनाने में अब सीमेंट के साथ कोई और विकल्प से घर निर्माण किया जा सकेगा। उनका यह कार्य विश्व में प्रख्यात पत्रिका (ऑस्ट्रेलियन जर्नल ऑफ स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग) में प्रकाशित भी हुआ है। इनकी यही रिसर्च प्रतिभा के  लिए ये सम्मान आईआईटी भिलाई के डायरेक्टर प्रो. राजीव प्रकाश, सीजीकॉस्ट के डायरेक्टर जनरल एस एस बजाज, सीएसवीटीयू के वाइस चांसलर प्रो. एम के वर्मा और एनआईटी रायपुर के डायरेक्टर प्रो. एन वी रामना राव के हाथो से मिला।

यह पूरा कार्यक्रम एनआईटी रायपुर और छत्तीसगढ़ काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के द्वारा आयोजित किया गया। प्रतीक अभी भोपाल में अपनी रिसर्च में अध्यनरत है वे यूनिवर्सिटी टीचिंग डिपार्टमेंट (सीएसवीटीयू) भिलाई से सिविल इंजीनियरिंग में पीएचडी कर रहे है। प्रतीक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने इष्ट देव, गुरु, प्रोफेसर, और माता पिता को दिया।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More posts